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शनिवार, 12 दिसंबर 2020

उत्तर

 

          मेरे एक सहकर्मी ने मुझ से कहा कि उसे नहीं लगता था कि वह यीशु का अनुयायी होने के योग्य है। वह अपने आरामदेह, आत्मकेंद्रित जीवन का वर्णन कर रहा था, और मैं सुन रहा था। उसने स्वीकार किया कि वह अपने जीवन से संतुष्ट नहीं है, और कहा, “समस्या यह है कि मैं बहुत प्रयास करता हूँ कि अच्छा बनूँ, औरों की देखभाल भी किया करूं, परन्तु मेरे यह प्रयास कुछ कार्य नहीं कर रहे हैं। मुझे लगता है कि जो मैं करना चाहता हूँ वह तो नहीं करने पाता हूँ, परन्तु जो नहीं करना चाहता हूँ, वही करता रहता हूँ।”

          फिर उसने बड़े भरोसे तथा आशा के साथ मुझ से पूछा, “तुम्हारे जीवन का क्या रहस्य है?” मैंने भी बड़ी सच्चाई और गंभीरता से उत्तर दिया, “मेरा रहस्य यह है कि मेरा कोई रहस्य नहीं है! मैं भी परमेश्वर की धार्मिकता के स्तर के अनुसार जीवन जीने में उतना ही अयोग्य और अक्षम हूँ, जितने कि तुम हो, और इसी लिए हमें प्रभु यीशु की आवश्यकता है।”

          फिर मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल में से उसे रोमियों 7:15 दिखाया, जहाँ पर पौलुस ठीक वही बात कहता है जो उसने अपने बारे में मुझ से कही थी। प्रेरित पौलुस द्वारा कहे गए ये हताशा के शब्द उन सभी के मनों को छूते हैं जो परमेश्वर के पास आने के लिए पर्याप्त ‘मात्रा’ में भला तो होना चाहते हैं, परन्तु हो नहीं पाते हैं; वे चाहे मसीही विश्वासी हों अथवा नहीं। संभव है कि ये शब्द आपके भी हृदय को छूते हैं। यदि ऐसा है तो पौलुस का यह कथन कि हमारे उद्धार तथा परिणामस्वरूप जीवन में आने वाले परिवर्तनों का कर्ता प्रभु यीशु है (7:25-8:2) आपको अवश्य ही रोमांचित करेगा। प्रभु यीशु ने हमारे लिए पहले ही वह सब कर के दे दिया है जो हमें उन बातों से मुक्त होने के लिए चाहिए, जिनके कारण हम अपने आप से परेशान रहते हैं।

          परमेश्वर तथा हमारे मध्य की दीवार, अर्थात, पाप की दीवार, हमारे द्वारा कुछ भी किए जाने के बिना ही, हमारे लिए प्रभु यीशु मसीह ने हटा दी है। परमेश्वर हम सभी का उद्धार, और पवित्र आत्मा के द्वारा हम में परिवर्तन और हमारी उन्नति चाहता है। वह हमारी आत्मा के द्वार पर खटखटाता है। उसके इस खटखटाने का उत्तर दीजिए, क्योंकि जीवन की हर बात के लिए वह ही उत्तर है। - रैंडी किलगोर

 

प्रभु यीशु के बिना, उद्धार और आत्मिक उन्नति, हमारी पहुँच के बाहर हैं।


वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहचान लें। क्योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात मसीह यीशु जो मनुष्य है। - 1 तीमुथियुस 2:4-5

बाइबल पाठ: रोमियों 7:14-25

रोमियों 7:14 क्योंकि हम जानते हैं कि व्यवस्था तो आत्मिक है, परन्तु मैं शारीरिक और पाप के हाथ बिका हुआ हूं।

रोमियों 7:15 और जो मैं करता हूं, उसको नहीं जानता, क्योंकि जो मैं चाहता हूं, वह नहीं किया करता, परन्तु जिस से मुझे घृणा आती है, वही करता हूं।

रोमियों 7:16 और यदि, जो मैं नहीं चाहता वही करता हूं, तो मैं मान लेता हूं, कि व्यवस्था भली है।

रोमियों 7:17 तो ऐसी दशा में उसका करने वाला मैं नहीं, वरन पाप है, जो मुझ में बसा हुआ है।

रोमियों 7:18 क्योंकि मैं जानता हूं, कि मुझ में अर्थात मेरे शरीर में कोई अच्छी वस्तु वास नहीं करती, इच्छा तो मुझ में है, परन्तु भले काम मुझ से बन नहीं पड़ते।

रोमियों 7:19 क्योंकि जिस अच्छे काम की मैं इच्छा करता हूं, वह तो नहीं करता, परन्तु जिस बुराई की इच्छा नहीं करता वही किया करता हूं।

रोमियों 7:20 परन्तु यदि मैं वही करता हूं, जिस की इच्छा नहीं करता, तो उसका करने वाला मैं न रहा, परन्तु पाप जो मुझ में बसा हुआ है।

रोमियों 7:21 सो मैं यह व्यवस्था पाता हूं, कि जब भलाई करने की इच्छा करता हूं, तो बुराई मेरे पास आती है।

रोमियों 7:22 क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं।

रोमियों 7:23 परन्तु मुझे अपने अंगों में दूसरे प्रकार की व्यवस्था दिखाई पड़ती है, जो मेरी बुद्धि की व्यवस्था से लड़ती है, और मुझे पाप की व्यवस्था के बन्धन में डालती है जो मेरे अंगों में है।

रोमियों 7:24 मैं कैसा अभागा मनुष्य हूं! मुझे इस मृत्यु की देह से कौन छुड़ाएगा?

रोमियों 7:25 मैं अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं: निदान मैं आप बुद्धि से तो परमेश्वर की व्यवस्था का, परन्तु शरीर से पाप की व्यवस्था का सेवन करता हूँ।

 

एक साल में बाइबल: 

  • होशे 9-11
  • प्रकाशितवाक्य 3

बुधवार, 30 सितंबर 2020

एकता

 

         एक दिन जब मैं काम से वापस घर आया तो मुझे सड़क से अन्दर घर तक आने वाले मार्ग के किनारे ऊँची एड़ी वाली जूतियों का जोड़ा रखा हुआ दिखाई दिया। मैं अपने में निश्चित था कि वे जूतियाँ किसकी थीं; यह मानते हुए कि वे मेरी बेटी ही की होंगी, मैंने उन्हें उठाकर गैराज के अन्दर रख लिया, कि जब हमारी बेटी लीसा दोबारा घर आएगी, तो उसे दे दूँगा। लेकिन जब मैंने लीसा को यह बताने के लिए फोन किया, तो उसने कहा कि वे उसकी जूतियाँ नहीं थीं! हमारे परिवार में और किसी ने भी उन जूतियों को अपना नहीं कहा; इसलिए मैंने उन्हें बाहर निकाल कर वापस वहीं रख दिया, जहाँ वे मुझे मिली थीं। अगले दिन, वे जूतियाँ गायब हो चुकी थीं। रहस्यमय!

         क्या आप जानते हैं कि परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने भी अपनी पत्रियों में एक रहस्य के बारे में लिखा है? किन्तु जिस रहस्य की बात वह करता है, वह किसी जासूसी कथानक से बहुत भिन्न है। उदाहरण के लिए, इफिसियों 3 अध्याय में, पौलुस ने एक ऐसे रहस्य के बारे में लिखा जो इससे पहले के समयों में मनुष्यों पर प्रकट नहीं किया गया था (पद 5)। यह रहस्य था कि पहले के समयों में परमेश्वर ने अपने आप को इस्राएल के द्वारा प्रकट किया था; और अब वह अपने आप को प्रभु यीशु मसीह में होकर प्रगट कर रहा था और साथ ही अब गैर-यहूदी अन्यजाति लोगों के लिए भी इस्राएल के साथ ईश्वरीय मीरास में सम्मिलित हो पाने का मार्ग खुल गया था।

         इस बात के अभिप्रायों पर ध्यान कीजिए: जो कोई भी प्रभु यीशु मसीह में विश्वास करेगा, उसे अपना निज उद्धारकर्ता स्वीकार करेगा, वह बिना किसी भिन्नता या भेद-भाव के सभी के साथ मिलकर परमेश्वर से प्रेम कर सकता है, उसकी सेवा कर सकता है, उसके राज्य में निवास कर सकता है। हम सभी परमेश्वर के पास स्वतंत्रता और भरोसे के साथ निःसंकोच आ सकते हैं (पद 12)। और चर्च की एकता में होकर संसार परमेश्वर की बुद्धिमत्ता और भलाई को देखने पाएगा (पद 10)।

         प्रभु यीशु मसीह के अनुग्रह में होकर हमें मिले हमारे इस उद्धार के लिए परमेश्वर की स्तुति और आराधना हो। इससे हमारे लिए एकता का रहस्य खुल गया है, कि अब प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास के द्वारा संसार के सभी लोग, वे चाहे किसी भी स्थान या कैसी भी पृष्ठभूमि के क्यों न हों, सभी एकता में आ गए हैं। - डेव ब्रैनन

 

मसीह में एकता, दीवारों को गिरा देती है और चर्च की उन्नति करती है।


परमेश्वर की उस कलीसिया के नाम जो कुरिन्थुस में है, अर्थात उन के नाम जो मसीह यीशु में पवित्र किए गए, और पवित्र होने के लिये बुलाए गए हैं; और उन सब के नाम भी जो हर जगह हमारे और अपने प्रभु यीशु मसीह के नाम की प्रार्थना करते हैं। हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे। - 1 कुरिन्थियों 1:2-3

बाइबल पाठ: इफिसियों 3:1-12

इफिसियों 3:1 इसी कारण मैं पौलुस जो तुम अन्यजातियों के लिये मसीह यीशु का बन्‍धुआ हूं

इफिसियों 3:2 यदि तुम ने परमेश्वर के उस अनुग्रह के प्रबन्‍ध का समाचार सुना हो, जो तुम्हारे लिये मुझे दिया गया।

इफिसियों 3:3 अर्थात यह, कि वह भेद मुझ पर प्रकाश के द्वारा प्रगट हुआ, जैसा मैं पहिले संक्षेप में लिख चुका हूं।

इफिसियों 3:4 जिस से तुम पढ़ कर जान सकते हो, कि मैं मसीह का वह भेद कहां तक समझता हूं।

इफिसियों 3:5 जो और और समयों में मनुष्यों की सन्तानों को ऐसा नहीं बताया गया था, जैसा कि आत्मा के द्वारा अब उसके पवित्र प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं पर प्रगट किया गया है।

इफिसियों 3:6 अर्थात यह, कि मसीह यीशु में सुसमाचार के द्वारा अन्यजातीय लाग मीरास में साझी, और एक ही देह के और प्रतिज्ञा के भागी हैं।

इफिसियों 3:7 और मैं परमेश्वर के अनुग्रह के उस दान के अनुसार, जो उसकी सामर्थ्य के प्रभाव के अनुसार मुझे दिया गया, उस सुसमाचार का सेवक बना।

इफिसियों 3:8 मुझ पर जो सब पवित्र लोगों में से छोटे से भी छोटा हूं, यह अनुग्रह हुआ, कि मैं अन्यजातियों को मसीह के अगम्य धन का सुसमाचार सुनाऊं।

इफिसियों 3:9 और सब पर यह बात प्रकाशित करूं, कि उस भेद का प्रबन्‍ध क्या है, जो सब के सृजनहार परमेश्वर में आदि से गुप्त था।

इफिसियों 3:10 ताकि अब कलीसिया के द्वारा, परमेश्वर का नाना प्रकार का ज्ञान, उन प्रधानों और अधिकारियों पर, जो स्वर्गीय स्थानों में हैं प्रगट किया जाए।

इफिसियों 3:11 उस सनातन मनसा के अनुसार, जो उसने हमारे प्रभु मसीह यीशु में की थी।

इफिसियों 3:12 जिस में हम को उस पर विश्वास रखने से हियाव और भरोसे से निकट आने का अधिकार है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 9-10
  • इफिसियों 3


बुधवार, 30 अक्टूबर 2019

खोज



      कार्टून चरित्र “पीनट” के रचियता चार्ल्स शुल्टज़ के मसखरेपन और अन्तःदृष्टि से मैं सदा आनन्दित होता आया हूँ। उनके द्वारा बनाए गए कार्टूनों में से मेरे सबसे पसन्दीदा कार्टून में से एक चर्च में जवान लोगों के संबंध में था। उस कार्टून में एक जवान लड़का परमेश्वर के वचन बाइबल को पकडे हुए, फोन पर अपने मित्र को कह रहा है, “मुझे लगता है कि मैंने पुराने नियम के रहस्यों को समझने की ओर पहला कदम बढ़ा लिया है...मैंने उसे पढ़ना आरंभ कर दिया है!”

      बाइबल में भजन 119 परमेश्वर के वचन को समझने और उसकी सामर्थ्य को प्रतिदिन अनुभव करते रहने के लिए भजन के लेखक की भूख की अभिव्यक्तियों से भरा पड़ा है। वह कहता है, “अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है” (पद 97)। इस लालसा भरे प्रयास के कारण वह बुद्धिमत्ता, समझ और परमेश्वर की आज्ञाकारिता में बने रहना में बढ़ता जाता है (पद 98-100)।

      बाइबल में रहस्यों को समझने का कोई जादूई सूत्र नहीं दिया गया है। यह करने की प्रक्रिया मस्तिष्क के कार्य से भी बढ़कर है; जो हम पढ़ते हैं उसके प्रति हमसे प्रत्युत्तर मांगती है। जबकि कुछ खण्ड हमारे लिए असमंजस से भरे हो सकते हैं, फिर भी जिन सत्यों को हम स्पष्टतः समझने पाते हैं, हमें उन्हें अपनाना और उनका पालन करना चाहिए; और प्रभु परमेश्वर से कहना चाहिए, “तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुंह में मधु से भी मीठे हैं! तेरे उपदेशों के कारण मैं समझदार हो जाता हूं, इसलिये मैं सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूं” (पद 103-104)।

      परमेश्वर के वचन में खोज की एक अद्भुत यात्रा हमारी प्रतीक्षा कर रही है। - डेविड मैक्कैस्लैंड

परमेश्वर के वचन को रोज पढ़ने और और उसका पालन करने के प्रति समर्पण 
उसके प्रेम और सामर्थ्य को समझने की हमारी दैनिक यात्रा का आरंभ है।

तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है; उस से भोले लोग समझ प्राप्त करते हैं। - भजन 119:130

बाइबल पाठ: भजन 119:97-105
Psalms 119:97 अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है।
Psalms 119:98 तू अपनी आज्ञाओं के द्वारा मुझे अपने शत्रुओं से अधिक बुद्धिमान करता है, क्योंकि वे सदा मेरे मन में रहती हैं।
Psalms 119:99 मैं अपने सब शिक्षकों से भी अधिक समझ रखता हूं, क्योंकि मेरा ध्यान तेरी चितौनियों पर लगा है।
Psalms 119:100 मैं पुरनियों से भी समझदार हूं, क्योंकि मैं तेरे उपदेशों को पकड़े हुए हूं।
Psalms 119:101 मैं ने अपने पांवों को हर एक बुरे रास्ते से रोक रखा है, जिस से मैं तेरे वचन के अनुसार चलूं।
Psalms 119:102 मैं तेरे नियमों से नहीं हटा, क्योंकि तू ही ने मुझे शिक्षा दी है।
Psalms 119:103 तेरे वचन मुझ को कैसे मीठे लगते हैं, वे मेरे मुंह में मधु से भी मीठे हैं!
Psalms 119:104 तेरे उपदेशों के कारण मैं समझदार हो जाता हूं, इसलिये मैं सब मिथ्या मार्गों से बैर रखता हूं।
Psalms 119:105 तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 20-21
  • 2 तिमुथियुस 4



रविवार, 24 दिसंबर 2017

भेद


   चार्ल्स डिकन्स की प्रसिद्ध कहानी, A Christmas Carol के आरंभ में, कहानी के मुख्य पात्र, एबेनेज़र स्क्रूज, के बारे में कुछ रहस्य है। वह इतनी नीच प्रवृत्ति का क्यों है? वह ऐसा स्वार्थी कैसे बन गया? फ़िर धीरे-धीरे, जब क्रिसमस से संबंधित आत्माएं, स्क्रूज को उसकी ही जीवन कहानी से होकर लिए चलती हैं, तो बातें स्पष्ट होने लगती हैं। हम स्क्रूज के जीवन की उन परिस्थितियों और उनके प्रभावों को देखते हैं जिन्होंने उसे एक आनन्दित युवक से स्वार्थी और कन्जूस व्यक्ति बना दिया। हम उसके एकाकीपन और व्यथा को देखने पाते हैं। जैसे-जैसे उससे संबंधित रहस्य खुलता जाता है, हम स्क्रूज की स्थिति से वापस बहाल होने के मार्ग को भी देखते हैं। औरों की भलाई के लिए चिन्ता करना स्क्रूज को आत्म-केंद्रित अन्धकार में से निकालकर एक नए आनन्द में ले आता है।

   लेकिन स्क्रूज के जीवन के इस भेद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण और जटिल वह भेद है जिसका परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने उल्लेख किया है: "और इस में सन्‍देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्‍वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया" (1 तिमुथियुस 3:14-16)। विलक्षण; असाधारण! परमेश्वर "शरीर में प्रगट हुआ।"

   क्रिसमस का भेद यही है कि परमेश्वर पूर्णतः परमेश्वर रहते हुए भी, पूर्णतः मनुष्य कैसे बन गया? यह मानवीय समझ-बूझ से बाहर की बात है, परन्तु परमेश्वर की सिद्ध बुद्धिमता में, यह युगों से बनी हुई योजना थी। जो यीशु मसीह क्रिसमस के मनाए जाने के समय एक शिशु, एक बालक दिखाई देता है, वही शरीर में अवतरित परमेश्वर है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर ने हम मनुष्यों के साथ अपना डेरा इस लिए किया, 
जिससे हम उसके साथ उसके घर में रह सकें।

क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत, युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। - यशायाह 9:6

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 3:14-16
1 Timothy 3:14 मैं तेरे पास जल्द आने की आशा रखने पर भी ये बातें तुझे इसलिये लिखता हूं। 
1 Timothy 3:15 कि यदि मेरे आने में देर हो तो तू जान ले, कि परमेश्वर का घर, जो जीवते परमेश्वर की कलीसिया है, और जो सत्य का खंभा, और नेव है; उस में कैसा बर्ताव करना चाहिए। 
1 Timothy 3:16 और इस में सन्‍देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्‍वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया।

एक साल में बाइबल: 
  • हब्क्कूक 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 15


सोमवार, 6 मार्च 2017

रहस्य


   सैलिनियों के लिए इंगलैण्ड के सबसे लोकप्रीय आकर्षणों में से एक है स्टोनहेंज में लगे हुए पत्थर के विशाल स्तंभ। बड़ी चट्टानों के ये टुकड़े एक बड़े रहस्य का स्त्रोत भी हैं। हर साल अनेकों लोग स्टोनहेंज आते हैं कि इन्हें देखें, उनके अन्दर कौतुहल होता है कि इन्हें क्यों खड़ा किया गया और इन्हें किसने खड़ा किया? इंजीनियरिंग की इस विलक्षण उपलब्धि को करने वाला कौन है और यह चमत्कार उसने कैसे करा? परन्तु सैलानियों को उन खामोश पत्थरों से इन प्रश्नों का कोई उत्तर नहीं मिलता है और यह रहस्य बना ही रहता है।

   पवित्रशास्त्र इससे भी बड़े एक रहस्य के बारे में बताता है - यह तथ्य कि परमेश्वर हमारे बीच में मनुष्य बनकर रहा। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा: "और इस में सन्‍देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्‍वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया" (1 तिमुथियुस 3:16)। प्रभु यीशु मसीह के जीवन का यह संक्षिप्त अवलोकन, अर्थात भक्ति का यह भेद, अपने आप में विलक्षण है। परन्तु इस सृष्टि के सृष्टिकर्ता ने संसार में आकर मानव रूप में रहना और अपनी रचना के लिए बलिदान होना क्यों स्वीकार कर लिया, यह रहस्य नहीं है, क्योंकि बाइबल बताती है, "परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा" (रोमियों 5:8) - हमारे प्रति परमेश्वर का महान प्रेम ही भक्ति के इस भेद के पीछे है और समस्त मानव जाति के लिए क्रूस पर दिए गए प्रभु यीशु के बलिदान ने इसे सब पर प्रगट कर दिया है। - बिल क्राउडर


प्रभु यीशु कैसे मनुष्य बने यह तो रहस्य हो सकता है, 
परन्तु परमेश्वर का प्रेम रहस्य नहीं है।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-11
Romans 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। 
Romans 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें। 
Romans 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। 
Romans 5:4 ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। 
Romans 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है। 
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। 
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। 
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। 
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? 
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? 
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 1-2
  • मरकुस 10:1-31


रविवार, 8 फ़रवरी 2015

रहस्यमय सत्य


   कभी कभी जब अनन्त और असीमित परमेश्वर अपने विचारों को नाशमान एवं सीमित मनुष्यों तक पहुँचाता है तो वह रहस्यमय लगता है। उदाहरण के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन की पुस्तक में एक गंभीर पद है जिससे उत्तर कम और प्रश्न अधिक जन्म लेते हैं: "यहोवा के भक्तों की मृत्यु, उसकी दृष्टि में अनमोल है" (भजन 116:15)। मैं इस बात पर विचार करता और विस्मय के साथ अपना सिर हिलाता हूँ, कि यह कैसे हो सकता है? मैं तो पृथ्वी की आँखों तथा दृष्टिकोण से देखता हूँ और मुझे यह समझना बहुत कठिन होता है कि मेरी 17 वर्षीय पुत्री मेलिस्सा के एक कार दुर्घटना में आक्समिक मारे जाने, या किसी अन्य जन के अपने किसी प्रीय जन को खो देने में भला क्या "अनमोल" हो सकता है?

   इस रहस्य से पर्दा उठना तब आरंभ होता है जब हम इस बात पर विचार करते हैं कि जो परमेश्वर के लिए अनमोल है वह केवल सांसारिक आशीषों तक ही सीमित नहीं है; यह पद परमेश्वर के स्वर्गीय दृष्टिकोण को लेकर लिखा गया है। परमेश्वर के वचन के एक और भाग, भजन 139:16 से मैं समझने पाता हूँ कि मेलिस्सा का परमेश्वर के पास स्वर्ग में आना अपेक्षित था, परमेश्वर उसके आने की बाट जोह रहा था, और यह उसके लिए अनमोल था। इसे ऐसे समझिए, जब हमारे बच्चे किसी दूर स्थान पर कुछ समय बिता कर लौट कर आते हैं, तो उन्हें वापस अपने पास, अपने साथ देखने का सुख और आनन्द कैसा अद्भुत होता है, कितना अनमोल होता है। ऐसे ही परमेश्वर भी अपने बच्चों के वापस घर आने से आनन्दित होता है और यह आनन्द उसके लिए भी अनमोल है।

   जब एक मसीही विश्वासी के लिए मौत आती है, तब वास्तव में परमेश्वर स्वर्ग में उसका स्वागत अपनी बाहें खोलकर अपनी उपस्थिति में कर रहा होता है। प्रीय जनों से पृथ्वी पर बिछुड़ने के दुख में भी हम इस बात से सांत्वना ले सकते हैं कि यह परमेश्वर की दृष्टि में अनमोल है। - डेव ब्रैनन


एक स्थान का सूर्यास्त, दूसरे स्थान का सूर्योदय होता है।

धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिये जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिये उठा लिया गया कि आने वाली आपत्ति से बच जाए - यशायाह 57:1

बाइबल पाठ: यूहन्ना 17:20-26
John 17:20 मैं केवल इन्‍हीं के लिये बिनती नहीं करता, परन्तु उन के लिये भी जो इन के वचन के द्वारा मुझ पर विश्वास करेंगे, कि वे सब एक हों। 
John 17:21 जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूं, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिये कि जगत प्रतीति करे, कि तू ही ने मुझे भेजा। 
John 17:22 और वह महिमा जो तू ने मुझे दी, मैं ने उन्हें दी है कि वे वैसे ही एक हों जैसे की हम एक हैं। 
John 17:23 मैं उन में और तू मुझ में कि वे सिद्ध हो कर एक हो जाएं, और जगत जाने कि तू ही ने मुझे भेजा, और जैसा तू ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही उन से प्रेम रखा। 
John 17:24 हे पिता, मैं चाहता हूं कि जिन्हें तू ने मुझे दिया है, जहां मैं हूं, वहां वे भी मेरे साथ हों कि वे मेरी उस महिमा को देखें जो तू ने मुझे दी है, क्योंकि तू ने जगत की उत्‍पत्ति से पहिले मुझ से प्रेम रखा। 
John 17:25 हे धामिर्क पिता, संसार ने मुझे नहीं जाना, परन्तु मैं ने तुझे जाना और इन्‍होंने भी जाना कि तू ही ने मुझे भेजा। 
John 17:26 और मैं ने तेरा नाम उन को बताया और बताता रहूंगा कि जो प्रेम तुझ को मुझ से था, वह उन में रहे और मैं उन में रहूं।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 4-5
  • मत्ती 24:29-51