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रविवार, 24 दिसंबर 2017

भेद


   चार्ल्स डिकन्स की प्रसिद्ध कहानी, A Christmas Carol के आरंभ में, कहानी के मुख्य पात्र, एबेनेज़र स्क्रूज, के बारे में कुछ रहस्य है। वह इतनी नीच प्रवृत्ति का क्यों है? वह ऐसा स्वार्थी कैसे बन गया? फ़िर धीरे-धीरे, जब क्रिसमस से संबंधित आत्माएं, स्क्रूज को उसकी ही जीवन कहानी से होकर लिए चलती हैं, तो बातें स्पष्ट होने लगती हैं। हम स्क्रूज के जीवन की उन परिस्थितियों और उनके प्रभावों को देखते हैं जिन्होंने उसे एक आनन्दित युवक से स्वार्थी और कन्जूस व्यक्ति बना दिया। हम उसके एकाकीपन और व्यथा को देखने पाते हैं। जैसे-जैसे उससे संबंधित रहस्य खुलता जाता है, हम स्क्रूज की स्थिति से वापस बहाल होने के मार्ग को भी देखते हैं। औरों की भलाई के लिए चिन्ता करना स्क्रूज को आत्म-केंद्रित अन्धकार में से निकालकर एक नए आनन्द में ले आता है।

   लेकिन स्क्रूज के जीवन के इस भेद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण और जटिल वह भेद है जिसका परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने उल्लेख किया है: "और इस में सन्‍देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्‍वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया" (1 तिमुथियुस 3:14-16)। विलक्षण; असाधारण! परमेश्वर "शरीर में प्रगट हुआ।"

   क्रिसमस का भेद यही है कि परमेश्वर पूर्णतः परमेश्वर रहते हुए भी, पूर्णतः मनुष्य कैसे बन गया? यह मानवीय समझ-बूझ से बाहर की बात है, परन्तु परमेश्वर की सिद्ध बुद्धिमता में, यह युगों से बनी हुई योजना थी। जो यीशु मसीह क्रिसमस के मनाए जाने के समय एक शिशु, एक बालक दिखाई देता है, वही शरीर में अवतरित परमेश्वर है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर ने हम मनुष्यों के साथ अपना डेरा इस लिए किया, 
जिससे हम उसके साथ उसके घर में रह सकें।

क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत, युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। - यशायाह 9:6

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 3:14-16
1 Timothy 3:14 मैं तेरे पास जल्द आने की आशा रखने पर भी ये बातें तुझे इसलिये लिखता हूं। 
1 Timothy 3:15 कि यदि मेरे आने में देर हो तो तू जान ले, कि परमेश्वर का घर, जो जीवते परमेश्वर की कलीसिया है, और जो सत्य का खंभा, और नेव है; उस में कैसा बर्ताव करना चाहिए। 
1 Timothy 3:16 और इस में सन्‍देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्‍वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया।

एक साल में बाइबल: 
  • हब्क्कूक 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 15


सोमवार, 6 मार्च 2017

रहस्य


   सैलिनियों के लिए इंगलैण्ड के सबसे लोकप्रीय आकर्षणों में से एक है स्टोनहेंज में लगे हुए पत्थर के विशाल स्तंभ। बड़ी चट्टानों के ये टुकड़े एक बड़े रहस्य का स्त्रोत भी हैं। हर साल अनेकों लोग स्टोनहेंज आते हैं कि इन्हें देखें, उनके अन्दर कौतुहल होता है कि इन्हें क्यों खड़ा किया गया और इन्हें किसने खड़ा किया? इंजीनियरिंग की इस विलक्षण उपलब्धि को करने वाला कौन है और यह चमत्कार उसने कैसे करा? परन्तु सैलानियों को उन खामोश पत्थरों से इन प्रश्नों का कोई उत्तर नहीं मिलता है और यह रहस्य बना ही रहता है।

   पवित्रशास्त्र इससे भी बड़े एक रहस्य के बारे में बताता है - यह तथ्य कि परमेश्वर हमारे बीच में मनुष्य बनकर रहा। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने लिखा: "और इस में सन्‍देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्‍वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया" (1 तिमुथियुस 3:16)। प्रभु यीशु मसीह के जीवन का यह संक्षिप्त अवलोकन, अर्थात भक्ति का यह भेद, अपने आप में विलक्षण है। परन्तु इस सृष्टि के सृष्टिकर्ता ने संसार में आकर मानव रूप में रहना और अपनी रचना के लिए बलिदान होना क्यों स्वीकार कर लिया, यह रहस्य नहीं है, क्योंकि बाइबल बताती है, "परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा" (रोमियों 5:8) - हमारे प्रति परमेश्वर का महान प्रेम ही भक्ति के इस भेद के पीछे है और समस्त मानव जाति के लिए क्रूस पर दिए गए प्रभु यीशु के बलिदान ने इसे सब पर प्रगट कर दिया है। - बिल क्राउडर


प्रभु यीशु कैसे मनुष्य बने यह तो रहस्य हो सकता है, 
परन्तु परमेश्वर का प्रेम रहस्य नहीं है।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-11
Romans 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। 
Romans 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें। 
Romans 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। 
Romans 5:4 ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। 
Romans 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है। 
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। 
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। 
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। 
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? 
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? 
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 1-2
  • मरकुस 10:1-31