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सोमवार, 29 जून 2020

प्रेम में चलना


     मैंने और मेरे बच्चों ने एक नई दैनिक बात आरम्भ की है, प्रत्येक रात्रि को सोने जाने के समय, हम रंगीन पेंसिलें लेते हैं, एक मोमबत्ती जलाते हैं, और परमेश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमें अपनी ज्योति से मार्गदर्शन प्रदान करे। फिर हम अपनी कॉपियाँ निकाल कर उसमें दो प्रश्नों के उत्तर को या तो लिखते हैं या उनके चित्र बनाते हैं। वे प्रश्न हैं, आज मैंने प्रेम कब और कैसे दिखाया? और, आज मैंने प्रेम दिखाने के अवसर का कब और कैसे उपयोग नहीं किया?

     मसीही जीवन का एक महत्वपूर्ण व्यवहार है अपने पड़ौसियों से प्रेम दिखाना, और यह आरम्भ से ही है (2 यूहन्ना 1:5)। यूहन्ना अपनी दूसरी पत्री में मंडली को यही बात लिख रहा था, कि वे परमेश्वर के आज्ञाकारी होकर, एक दूसरे से प्रेम करें (2 यूहन्ना 1:5-6)। उसकी सभी पत्रियों में प्रेम यूहन्ना का प्रीय विषय रहा है। वह कहता है कि वास्तविक प्रेम को व्यवहार में प्रगट करना यह व्यक्त करने का एक तरीका है कि हम परमेश्वर की उपस्थिति में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, और सत्य के हैं। जब मैं और मेरे बच्चे इन प्रश्नों पर विचार करते हैं, तो हम पाते हैं कि हमारे जीवनों में प्रेम को प्रगट करना सामान्य, साधारण बातों द्वारा होता है, जैसे कि, अपना छाता किसी के साथ साझा करना, किसी उदास जन को प्रोत्साहित करना, किसी के पसंद का भोजन बना कर परोसना, आदि। इसी प्रकार से, प्रेम व्यक्त करने के अवसरों का उपयोग न करना भी ऐसे ही व्यावाहारिक होता है, जैसे कि, कानाफूसी करना, किसी वस्तु को साझा करने से इनकार करना, किसी अन्य की आवश्यकताओं की चिंता किए बिना, अपनी ही इच्छाओं को पूरा करना, आदि।

     प्रत्येक रात्रि को इन बातों पर ध्यान देने के द्वारा, हम दिन के समय में इनके प्रति और उसके प्रति जो परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमें दिखा और सिखा रहा है, अधिक सचेत और संवेदनशील रहने पाते हैं। अपने जीवनों में, पवित्र आत्मा की सहायता से हम प्रेम में चलाना सीख रहे हैं (2 यूहन्ना 1:6)। - एमी पीटरसन

 

मैं आज प्रेम कैसे दिखा सकता हूँ?


क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें। - 1 यूहन्ना 3:11

बाइबल पाठ: 2 यूहन्ना 1:1-6

2 यूहन्ना 1:1 मुझ प्राचीन की ओर से उस चुनी हुई श्रीमती और उसके लड़के बालों के नाम जिन से मैं उस सच्चाई के कारण सत्य प्रेम रखता हूं, जा हम में स्थिर रहती है, और सर्वदा हमारे साथ अटल रहेगी।

2 यूहन्ना 1:2 और केवल मैं ही नहीं, वरन वह सब भी प्रेम रखते हैं, जो सच्चाई को जानते हैं।

2 यूहन्ना 1:3 परमेश्वर पिता, और पिता के पुत्र यीशु मसीह की ओर से अनुग्रह, और दया, और शान्‍ति, सत्य, और प्रेम सहित हमारे साथ रहेंगे।

2 यूहन्ना 1:4 मैं बहुत आनन्‍दित हुआ, कि मैं ने तेरे कितने लड़के-बालों को उस आज्ञा के अनुसार, जो हमें पिता की ओर से मिली थी सत्य पर चलते हुए पाया।

2 यूहन्ना 1:5 अब हे श्रीमती, मैं तुझे कोई नई आज्ञा नहीं, पर वही जो आरम्भ से हमारे पास है, लिखता हूं; और तुझ से बिनती करता हूं, कि हम एक दूसरे से प्रेम रखें।

2 यूहन्ना 1:6 और प्रेम यह है कि हम उस की आज्ञाओं के अनुसार चलें: यह वही आज्ञा है, जो तुम ने आरम्भ से सुनी है और तुम्हें इस पर चलना भी चाहिए।     

 

एक साल में बाइबल: 

  • अय्यूब 14-16
  • प्रेरितों 9:22-43


बुधवार, 27 मई 2020

व्यवाहरिक प्रेम



     मेरे पति को एक महीने के लिए काम से बाहर जाना पड़ा, और उन के जाने लगभग तुरंत बाद ही मेरे घर, मेरे काम, और मेरे बच्चों से संबंधित कार्यों ने मझे अभिभूत कर दिया। मुझे एक लेख लिख कर देना था, जिसकी समय सीमा सिर पर थी; आँगन की घास काटने वाली मशीन में कुछ खराबी आ गई; मेरे बच्चे जो उन दिनों स्कूल की छुट्टी के कारण घर पर थे, ऊब का व्याकुल हो रहे थे। मैं अकेली इन सब बातों का एक साथ ख्याल कैसे कर पाती?

     लेकिन तभी मुझे पता चल गया कि मैं अकेली नहीं हूँ। हमारे चर्च से मित्र लोग मेरी सहायता करने के लिए आगे आए। जौश ने घर आकर घास काटने वाली मशीन को ठीक कर दिया। जॉन हम सब के लिए दोपहर का भोजन बना कर ले आया। कैसीड्डी ने कपड़ों की धुलाई करने में मेरी सहायता की। एबी ने मेरे बच्चों को अपने बच्चों के साथ समय बिताने और खेलने के लिए अपने घर बुला लिया, जिस से मुझे अपना लेख लिख कर भेजने के लिए समय मिल जाए। परमेश्वर ने उन सभी मित्रों में हो कर कार्य किया और मेरी आवश्यकताओं को पूरा कर दिया। वे सभी मिलकर परमेश्वर के वचन बाइबल में रोमियों 12 में वर्णित समुदाय का सजीव चित्रण थे। उनका प्रेम निष्कपट था (पद 9), उन्होंने केवल अपनी ही नहीं वरन औरों की आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा (पद 10), और मेरी आवश्यकता के समय में मेरी सहायता की, और आतिथ्य दिखाया (पद 13)।

     उस प्रेम के कारण जो मेरे मित्रों ने मुझ से दिखाया, मैं “आशा में आनन्दित” और एक महीने तक अकेले ही घर चलाने के “क्लेश में स्थिर” (पद 12) रह सकी। मसीह में मेरे भाई और बहन, जैसा एक मित्र कहता है “परमेश्वर की सदेह सहायता” बन गए। उन्होंने मुझे वह सच्चा व्यवहारिक प्रेम दिखाया जो हमें सभी को दिखाना चाहिए, विशेष कर हम मसीही विश्वासियों के समुदाय में परस्पर दिखाना चाहिए (गलातियों 6:10)। मेरा प्रयास है कि मैं भी उन के समान ही व्यवहारिक प्रेम को दिखा सकूँ।

ऐसा कौन है जिस के लिए मैं आज “परमेश्वर की सदेह सहायता” बन सकता हूँ?

इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ। - गलतियों 6:10

बाइबल पाठ: रोमियों 12:9-18
रोमियों 12:9 प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई मे लगे रहो।
रोमियों 12:10 भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर दया रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो।
रोमियों 12:11 प्रयत्न करने में आलसी न हो; आत्मिक उन्माद में भरो रहो; प्रभु की सेवा करते रहो।
रोमियों 12:12 आशा मे आनन्दित रहो; क्लेश मे स्थिर रहो; प्रार्थना मे नित्य लगे रहो।
रोमियों 12:13 पवित्र लोगों को जो कुछ अवश्य हो, उस में उन की सहायता करो; पहुनाई करने मे लगे रहो।
रोमियों 12:14 अपने सताने वालों को आशीष दो; आशीष दो श्राप न दो।
रोमियों 12:15 आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो; और रोने वालों के साथ रोओ।
रोमियों 12:16 आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो।
रोमियों 12:17 बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो।
रोमियों 12:18 जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 10:1-23



शनिवार, 29 जून 2019

सहायता



      मेरी एक सहेली अपनी कार से किराने की दूकान तक जा रही थी, और उसका ध्यान मार्ग के किनारे चलती हुई एक महिला की ओर गया; मेरी सहेली के मन में विचार आया कि उसे उस महिला की सहायता करनी चाहिए और उसने उस महिला को अपनी कार में बैठाकर उसे उसके गंतव्य तक पहुँचाने की पेशकश की। मेरी सहेली को यह सुनकर दुःख हुआ कि उस महिला के पास बस में जाने के लायक पैसे नहीं थे इसलिए वह उस गर्म और उमस भरे वातावरण में कई मील पैदल चलने के लिए मजबूर थी। अब न केवल वह वापस अपने घर की लंबी यात्रा कर रही थी वरन वह सुबह चार बजे अपने काम पर पहुँचने के लिए भी ऐसे ही पैदल चलकर पहुँची थी।

      उस महिला को अपनी कार में बैठाकर मेरी सहेली ने परमेश्वर के वचन बाइबल में याकूब द्वारा उसकी पत्री में लिखी बात को व्यवहारिक करके दिखाया कि मसीही विश्वासियों को अपने विश्वास को अपने कर्मों के द्वारा जी कर दिखाना चाहिए: “वैसे ही विश्वास भी, यदि कर्म सहित न हो तो अपने स्‍वभाव में मरा हुआ है” (याकूब 2:17)। याकूब यह भी चाहता था कि चर्च के लोग विधवाओं और अनाथों का भी ध्यान रखें (याकूब 1:27), और वे मात्र शब्दों द्वारा नहीं वरन प्रेम के व्यवहार और कार्यों द्वारा अपने विश्वास को प्रगट करें।

      हमें प्रभु यीशु मसीह में विश्वास के द्वारा उद्धार मिला है, किन्ही कर्मों के द्वारा नहीं; और हम औरों से प्रेम का व्यवहार करके, उनकी आवश्यकताओं में उनकी सहायता करके अपने विश्वास को जी कर दिखाते हैं। मेरी सहेली के समान हम भी अपनी जीवन यात्रा में उनके प्रति अपनी आँखों को खुला रखें जिन्हें हमारी सहायता की आवश्यकता है, और उनकी सहायता करके अपने मसीही विश्वास को व्यवहारिक करें। - एमी बाउचर पाई


हम भले कर्मों के द्वारा अपने विश्वास को जी कर दिखाते हैं।

और मसीह यीशु में न खतना, न खतनारिहत कुछ काम का है, परन्तु केवल विश्वास, जो प्रेम के द्वारा प्रभाव करता है। - गलातियों 5:6

बाइबल पाठ: याकूब 2:14-26
James 2:14 हे मेरे भाइयों, यदि कोई कहे कि मुझे विश्वास है पर वह कर्म न करता हो, तो उस से क्या लाभ? क्या ऐसा विश्वास कभी उसका उद्धार कर सकता है?
James 2:15 यदि कोई भाई या बहिन नगें उघाड़े हों, और उन्हें प्रति दिन भोजन की घटी हो।
James 2:16 और तुम में से कोई उन से कहे, कुशल से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्‍त रहो; पर जो वस्तुएं देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्हें न दे, तो क्या लाभ?
James 2:17 वैसे ही विश्वास भी, यदि कर्म सहित न हो तो अपने स्‍वभाव में मरा हुआ है।
James 2:18 वरन कोई कह सकता है कि तुझे विश्वास है, और मैं कर्म करता हूं: तू अपना विश्वास मुझे कर्म बिना तो दिखा; और मैं अपना विश्वास अपने कर्मों के द्वारा तुझे दिखाऊंगा।
James 2:19 तुझे विश्वास है कि एक ही परमेश्वर है: तू अच्छा करता है: दुष्टात्मा भी विश्वास रखते, और थरथराते हैं।
James 2:20 पर हे निकम्मे मनुष्य क्या तू यह भी नहीं जानता, कि कर्म बिना विश्वास व्यर्थ है?
James 2:21 जब हमारे पिता इब्राहीम ने अपने पुत्र इसहाक को वेदी पर चढ़ाया, तो क्या वह कर्मों से धामिर्क न ठहरा था?
James 2:22 सो तू ने देख लिया कि विश्वास ने उस के कामों के साथ मिल कर प्रभाव डाला है और कर्मों से विश्वास सिद्ध हुआ।
James 2:23 और पवित्र शास्त्र का यह वचन पूरा हुआ, कि इब्राहीम ने परमेश्वर की प्रतीति की, और यह उसके लिये धर्म गिना गया, और वह परमेश्वर का मित्र कहलाया।
James 2:24 सो तुम ने देख लिया कि मनुष्य केवल विश्वास से ही नहीं, वरन कर्मों से भी धर्मी ठहरता है।
James 2:25 वैसे ही राहाब वेश्या भी जब उसने दूतों को अपने घर में उतारा, और दूसरे मार्ग से विदा किया, तो क्या कर्मों से धामिर्क न ठहरी?
James 2:26 निदान, जैसे देह आत्मा बिना मरी हुई है वैसा ही विश्वास भी कर्म बिना मरा हुआ है।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 14-16
  • प्रेरितों 9:22-43