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सोमवार, 25 अप्रैल 2011

उसकी सुनो!

मैं एक किशोर को जानता हूँ जिसके पास एक पुरानी कार है जिसे वह ठीक करने का प्रयास कर रहा है। इस किशोर का पिता एक अनुभवी कार मैकिनिक है और अपने पुत्र की सहायता करने को तैयार है। लेकिन इस किशोर को अपने पिता की सलाह पसंद नहीं आती, वह अपने मित्रों की ही सुनता है जो कार ठीक करने के बारे में उतना ही जानते हैं जितना वह स्वयं जानता है।

यह मुझे पतरस की याद दिलाता है; प्रभु यीशु मसीह अपने साथ प्रार्थना करने के लिए याकूब, यूहन्ना और पतरस को पहाड़ पर लेकर गए। कुछ देर में उन तीनों चेलों को तो नींद आ गई और वे सो गए, किंतु प्रभु प्रार्थना में लगे रहे। पिता परमेश्वर से प्रार्थना करते करते प्रभु का दिव्य तेज चमकने लगा तथा मूसा और एलियाह उससे बातें करने उस पहाड़ पर उतर आए। इतने में पतरस की आँख खुल गई और इस अद्भुत दृश्य से भावाभिभूत होकर उसने वहाँ मूसा, एलियाह और प्रभु यीशु के लिए तीन मण्डप बनाने का प्रस्ताव रखा। तब वहाँ परमेश्वर की वाणी पभु यीशु के संदर्भ में सुनाई दी, "...यह मेरा पुत्र और मेरा चुना हुआ है, इस की सुनो" (लूका ९:३५)।

मूसा व्यवस्था का प्रतीक था जो अपना कार्य कर चुकी थी, एलियाह भविष्यवाणीयों का प्रतीक था जो पूरी हो रहीं थीं और अब उनके साथ परमेश्वर का जीवित वचन प्रभु यीशु था और उन्हें यीशु की बात सुननी तथा माननी थी।

परमेश्वर की वह आज्ञा "उसकी सुनो" आज भी हमारे जीवनों के लिए है, किंतु उस किशोर की तरह हम अपने स्वर्गीय पिता की सुनने के बजाए संसार की व्यर्थ आवाज़ें ही सुनना पसन्द करते हैं। परमेश्वर प्रभु यीशु मसीह द्वारा इस संसार से बातें कर रहा है, उसका लिखित वचन बाइबल संसार के लिए उसका आधिकारिक संदेश है। बाइबल की शिक्षाओं के विरुद्ध किसी अन्य सलाह का पालन करना निराशा और दुख को आमंत्रित करना है।

प्रभु यीशु परमेश्वर का दिव्य पुत्र है - उसकी सुनो! - डेव एगनर


जीवित वचन को जानना ही लिखित वचन को समझने की कुंजी है।

और उस बादल में से यह शब्‍द निकला, कि यह मेरा पुत्र और मेरा चुना हुआ है, इस की सुनो। - लूका ९:३५


बाइबल पाठ: मरकुस ९:१-८

Mar 9:1 और उस ने उन से कहा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो यहां खड़े हैं, उन में से कई ऐसे हैं, कि जब तक परमेश्वर के राज्य को सामर्थ सहित आता हुआ न देख लें, तब तक मृत्यु का स्‍वाद कदापि न चखेंगे।
Mar 9:2 छ: दिन के बाद यीशु ने पतरस और याकूब और यूहन्ना को साथ लिया, और एकान्‍त में किसी ऊंचे पहाड़ पर ले गया, और उन के साम्हने उसका रूप बदल गया।
Mar 9:3 और उसका वस्‍त्र ऐसा चमकने लगा और यहां तक अति उज्ज़वल हुआ, कि पृथ्वी पर कोई धोबी भी वैसा उज्ज़वल नहीं कर सकता।
Mar 9:4 और उन्‍हें मूसा के साथ एलिय्याह दिखाई दिया, और वे यीशु के साथ बातें करते थे।
Mar 9:5 इस पर पतरस ने यीशु से कहा, हे रब्‍बी, हमारा यहां रहना अच्‍छा है: इसलिये हम तीन मण्‍डप बनाएं; एक तेरे लिये, एक मूसा के लिये, और एक एलिय्याह के लिये।
Mar 9:6 क्‍योंकि वह न जानता या, कि क्‍या उत्तर दे इसलिये कि वे बहुत डर गए थे।
Mar 9:7 तब एक बादल ने उन्‍हें छा लिया, और उस बादल में से यह शब्‍द निकला, कि यह मेरा प्रिय पुत्र है उस की सुनो।
Mar 9:8 तब उन्‍होंने एकाएक चारों ओर दृष्‍टि की, और यीशु को छोड़ अपने साथ और किसी को न देखा।

एक साल में बाइबल:
  • २ शमूएल २१-२२
  • लूका १८:२४-४३

रविवार, 24 अप्रैल 2011

नए जीवन की ज़िम्मेदारी

ईस्टर के अगले दिन अखबार की सुर्खियाँ थीं "सारे संसार ने मसीह का पुनरुत्थान मनाया"; और उसी मुख्यपृष्ठ पर अन्य समाचार संसार में विभिन्न स्थानों पर चल रहे युद्ध, जातिवाद की हिंसा, संघर्ष एवं मृत्यु के थे। इन सब निराशाजनक समाचारों को पढ़कर मुझे लगा, "यह सब परसपर कितना विरोधी है!" समाचार सुर्खियाँ बताती हैं कि संसार मसीह का पुनरुत्थान मना रहा है, लेकिन शेष पृष्ठ दर्षा रहा है कि कैसे संसार के लोग मसीह के पुनरुत्थान से मिलने वाले अनुग्रह, शांति और आशीश को व्यर्थ कर रहे हैं। संसार भर के वो करोड़ों लोग जो ईस्टर के दिन चर्च जाकर मसीह के पुनरुत्थान का पर्व मनाते हैं, उनमें से अधिकांश्तः अपने जीवनों द्वारा इस एतिहासिक तथ्य को और उसके आत्मिक अभिप्राय को दर्शाते ही नहीं हैं।

कई बार हम मसीह में अपने विश्वास को दर्शाने के बाहरी हाव-भाव तो दिखाते हैं, लेकिन मसीह के साथ अपने जोड़े जाने के अर्थ को जी कर नहीं दिखाते। रोमियों के नाम अपनी पत्री के ६ अध्याय में पौलुस बताता है कि हम मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ा दिये गए हैं और अब पाप के लिए मर गए हैं, लेकिन हम मसीह के साथ जीवित भी किए गए हैं कि हम एक नया जीवन जी कर दिखाएं। इसलिए वह अपनी एक अन्य पत्री में कहता है, "सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। पृथ्वी पर की नहीं परन्‍तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ।" (कुलिस्सियों ३:१, २)

मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाए जाने के कारण अब हमें यह सौभाग्य है कि हम उसके लिए जिएं भी। ऐसा करके हम मसीह के पुनरुत्थान से मिली आशीश और सामर्थ के लिए उसे अपना आभार प्रगट करते हैं। - रिचर्ड डी हॉन


जिस सामर्थ ने मसीह की कब्र को खोल दिया, वही सामर्थ हमारे लिए जीवन की भरपूरी के द्वार भी खोलती है।

...जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मरे हुओं में से जिलाया गया, वैसे ही हम भी नए जीवन की सी चाल चलें। - रोमियों ६:४


बाइबल पाठ: रोमियों ६:१-१३

Rom 6:1 सो हम क्‍या कहें क्‍या हम पाप करते रहें, कि अनुग्रह बहुत हो?
Rom 6:2 कदापि नहीं, हम जब पाप के लिये मर गए तो फिर आगे को उस में क्‍यों कर जीवन बिताएं?
Rom 6:3 क्‍या तुम नहीं जानते, कि हम जितनों ने मसीह यीशु का बपतिस्मा लिया तो उस की मृत्यु का बपतिस्मा लिया?
Rom 6:4 सो उस मृत्यु का बपतिस्मा पाने से हम उसके साथ गाड़े गए, ताकि जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मरे हुओं में से जिलाया गया, वैसे ही हम भी नए जीवन की सी चाल चलें।
Rom 6:5 क्‍योंकि यदि हम उस की मृत्यु की समानता में उसके साथ जुड़ गए हैं, तो निश्‍चय उसके जी उठने की समानता में भी जुड़ जाएंगे।
Rom 6:6 क्‍योंकि हम जानते हैं कि हमारा पुराना मनुष्यत्‍व उसके साथ क्रूस पर चढ़ाया गया, ताकि पाप का शरीर व्यर्थ हो जाए, ताकि हम आगे को पाप के दासत्‍व में न रहें।
Rom 6:7 क्‍योंकि जो मर गया, वह पाप से छूटकर धर्मी ठहरा।
Rom 6:8 सो यदि हम मसीह के साथ मर गए, तो हमारा विश्वास यह है, कि उसके साथ जीएंगे भी।
Rom 6:9 क्‍योंकि यह जानते हैं, कि मसीह मरे हुओं में से जी उठकर फिर मरने का नहीं, उस पर फिर मृत्यु की प्रभुता नहीं होने की।
Rom 6:10 क्‍योंकि वह जो मर गया तो पाप के लिये एक ही बार मर गया, परन्‍तु जो जीवित है, तो परमेश्वर के लिये जीवित है।
Rom 6:11 ऐसे ही तुम भी अपने आप को पाप के लिये तो मरा, परन्‍तु परमेश्वर के लिये मसीह यीशु में जीवित समझो।
Rom 6:12 इसलिये पाप तुम्हारे मरणहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के अधीन रहो।
Rom 6:13 और न अपने अंगो को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जान कर परमश्‍ेवर को सौंपो, और अपने अंगो को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो।

एक साल में बाइबल:
  • २ शमूएल १९-२०
  • लूका १८:१-२३

शनिवार, 23 अप्रैल 2011

उम्मीद का जीवन

जब यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के काले दिन का अन्त हुआ, तो ऐसा लगा कि सबसे अनोखे जीवन का अन्त हो गया। कुछ वर्षों से मसीह ने अपने चेलों और लोगों की भीड़ को अपनी शिक्षाओं और आश्चर्यकर्मों की विलक्षणता द्वारा अचंभित कर रखा था। लेकिन क्रूस पर चढ़ाए गए यीशु ने न तो क्रूस से बचना चाहा और न ही क्रूस से उतर आना चाहा, और अब उसकी मृत्यु हो चुकी थी। अब उससे कोई उम्मीद रखना व्यर्थ लग रहा था।

लेकिन पुनरुत्थान की उस पहली सुबह उम्मीद फिर से जाग उठी। सूर्योदय के कुछ ही समय के बाद मरियम मगदलीनी ने यीशु के चेलों, पतरस और युहन्ना को बताया कि उसने तथा उसकी साथियों ने यीशु की कब्र को खाली पाया। चित्रकार यूजीन बर्नेन्ड ने पतरस और युहन्ना को इस समचार के सुनने के पश्चात कब्र दौड़ कर यीशु की कब्र पर जाते हुए चित्रित किया है। बर्नेन्ड के चित्र में उन दोनो के चेहरों पर उभरते मनोभावों को दर्शाया गया है। दोनो के चेहरों पर परसपर विरोधाभास वाले भावे दिखाई देते हैं - वेदना तथा राहत, दुख तथा अचंभा, निराशा तथा अचरज; उनकी निगाहें उत्सुकता से आगे की ओर लगीं हुई हैं, और उनके झुके हुए शरीर खाली कब्र और जीवित उद्धारकर्ता की ओर हमारा ध्यान खींचते हैं।

मसीह यीशु आज भी जीवित है, तथा आज भी अपने अनुयायियों के जीवन में उद्धार का आश्चर्यकर्म करता है। परन्तु हम में से कई आज भी ऐसे अपने दिन बिताते हैं जैसे वह अभी भी कब्र में ही हो।

कितना भला हो कि हम उम्मीद से भरकर और खाली कब्र के आगे उस जीवित मसीह की ओर अपनी निगाहें लगाएं जो हमें अपने पुनरुत्थान की शक्ति से भर सकता है। - डेव एग्नर


कलवरी का बलिदान पुनरुत्थान द्वारा विजेता हो गया।

तब पतरस और वह दूसरा चेला निकल कर कब्र की ओर चले। और दोनों साथ साथ दौड़ रहे थे, परन्‍तु दूसरा चेला पतरस से आगे बढ़कर कब्र पर पहिले पहुंचा। - यूहन्ना २०:३, ४


बाइबल पाठ: यूहन्ना २०:१-१०

Joh 20:1 सप्‍ताह के पहिले दिन मरियम मगदलीनी भोर को अंधेरा रहते ही कब्र पर आई, और पत्थर को कब्र से हटा हुआ देखा।
Joh 20:2 तब वह दौड़ी और शमौन पतरस और उस दूसरे चेले के पास जिस से यीशु प्रेम रखता था आकर कहा, वे प्रभु को कब्र में से निकाल ले गए हैं और हम नहीं जानतीं, कि उसे कहां रख दिया है।
Joh 20:3 तब पतरस और वह दूसरा चेला निकल कर कब्र की ओर चले।
Joh 20:4 और दोनों साथ साथ दौड़ रहे थे, परन्‍तु दूसरा चेला पतरस से आगे बढ़कर कब्र पर पहिले पहुंचा।
Joh 20:5 और झुककर कपड़े पड़े देखे: तौभी वह भीतर न गया।
Joh 20:6 तब शमौन पतरस उसके पीछे पीछे पहुंचा और कब्र के भीतर गया और कपड़े पड़े देखे।
Joh 20:7 और वह अंगोछा जो उसके सिर से बन्‍धा हुआ या, कपड़ों के साथ पड़ा हुआ नहीं परन्‍तु अलग एक जगह लपेटा हुआ देखा।
Joh 20:8 तब दूसरा चेला भी जो कब्र पर पहिले पहुंचा था, भीतर गया और देखकर विश्वास किया।
Joh 20:9 वे तो अब तक पवित्र शास्‍त्र की वह बात न समझते थे, कि उसे मरे हुओं में से जी उठना होगा।
Joh 20:10 तब ये चेले अपने घर लौट गए।

एक साल में बाइबल:
  • २ शमूएल १६-१८
  • लूका १७:२०-३७

शुक्रवार, 22 अप्रैल 2011

वैध वसीयत

एडिनबर्ग के रौबी फ्लोकहार्ट नामक एक सुसमाचार प्रचारक ने प्रभु यीशु की मत्यु और पुनरुत्थान को समझाने के लिए दो आपबीति कहानियाँ सुनाईं।

रौबी की मित्रता एक ऐसे कैदी से हुई जिसे मृत्युदण्ड दिया गया था। जब उस कैदी का अपनी वसीयत बनाने का समय आया तो जो भी थोड़ा सा पैसा उसके पास था, उसने रौबी के नाम कर दिया। इसके कुछ समय पश्चात कैदी को मृत्युदण्ड से क्षमा मिल गई, इसलिए उसकी बनाई हुई वाचा कार्यान्वित नहीं हुई; रौबी ने कहा, "क्योंकि वो जीवित रहा, इसलिए मुझे वसीयत से कुछ नहीं मिला।"

रौबी ने उसके नाम वसीयत करने वाले एक दूसरे व्यक्ति के बारे में बताया। इस वसीयत से भी उसे कुछ नहीं मिला, क्योंकि वसीयत बनाने वाले की मृत्यु के पश्चात कोई कपटी वकील आया और सब कुछ हड़प कर गया। रौबी ने कहा, "यदि मेरा मित्र जीवित होता तो निश्चित करता कि उसके मित्र रौबी को कुछ मिले; किंतु क्योंकि वह मर चुका था इसलिए अब अपनी वसीयत का सही रीति से निभाया जाना वह सुनिश्चित नहीं कर सकता था।"

प्रभु यीशु, नई वाचा का महान वाचाकर्ता निसन्देह मरा, इसलिए उसके रक्त द्वारा प्रमाणित उसकी अनमोल वाचा वैध है और लागू है। प्रायश्चित के लिए यीशु की मृत्यु के कारण उसने हम सब के लिए अनन्त उद्धार को हासिल कर लिया है।

लेकिन वह कब्र में पड़ा नहीं रहा, तीसरे दिन वह फिर जी उठा। आज वह जीवित है तथा सुनिश्चित करता है कि उसकी वाचा पूर्ण रूप से निभायी जाए। उसका जीवित होना इस बात की गारंटी है कि उसकी नई वाचा में जिन आशीशों की प्रतिज्ञा दी गई है वे उसे अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता मानने वाले प्रत्येक विश्वासी को सम्पूर्णतया प्राप्त होंगी।

मसीह की मृत्यु उसकी वाचा के लागू होने को सुनिश्चित करती है; उसका पुनरुत्थान हमारे अमूल्य मीरास की गारंटी है। - पौल वैन गोर्डर


केवल एक जीवित उद्धारकर्ता ही मरते संसार को बचा सकता है।

क्‍योंकि जहां वाचा बान्‍धी गई है वहां वाचा बान्‍धने वाले की मृत्यु का समझ लेना भी अवश्य है। - इब्रानियों ९:१६


बाइबल पाठ: इब्रानियों ९:१६-२८

Heb 9:16 क्‍योंकि जहां वाचा बान्‍धी गई है वहां वाचा बान्‍धने वाले की मृत्यु का समझ लेना भी अवश्य है।
Heb 9:17 क्‍योंकि ऐसी वाचा मरने पर पक्की होती है, और जब तक वाचा बान्‍धने वाला जीवित रहता है, तब तक वाचा काम की नहीं होती।
Heb 9:18 इसी लिये पहिली वाचा भी बिना लोहू के नहीं बान्‍धी गई।
Heb 9:19 क्‍योंकि जब मूसा सब लोगों को व्यवस्था की हर एक आज्ञा सुना चुका, तो उस ने बछड़ों और बकरों का लोहू लेकर, पानी और लाल ऊन, और जूफा के साथ, उस पुस्‍तक पर और सब लोगों पर छिड़क दिया।
Heb 9:20 और कहा, कि यह उस वाचा का लोहू है, जिस की आज्ञा परमेश्वर ने तुम्हारे लिये दी है।
Heb 9:21 और इसी रीति से उस ने तम्बू और सेवा के सारे सामान पर लोहू छिड़का।
Heb 9:22 और व्यवस्था के अनुसार प्राय: सब वस्‍तुएं लोहू के द्वारा शुद्ध की जाती हैं और बिना लोहू बहाए क्षमा नहीं होती।
Heb 9:23 इसलिये अवश्य है, कि स्‍वर्ग में की वस्‍तुओं के प्रतिरूप इन के द्वारा शुद्ध किए जाएं पर स्‍वर्ग में की वस्‍तुएं आप इन से उत्तम बलिदानों के द्वारा।
Heb 9:24 क्‍योंकि मसीह ने उस हाथ के बनाए हुए पवित्र स्थान में जो सच्‍चे पवित्र स्थान का नमूना है, प्रवेश नहीं किया, पर स्‍वर्ग ही में प्रवेश किया, ताकि हमारे लिये अब परमेश्वर के साम्हने दिखाई दे।
Heb 9:25 यह नहीं कि वह अपने आप को बार बार चढ़ाए, जैसा कि महायाजक प्रति वर्ष दूसरे का लोहू लिये पवित्रस्थान में प्रवेश किया करता है।
Heb 9:26 नहीं तो जगत की उत्‍पत्ति से लेकर उस को बार बार दुख उठाना पड़ता पर अब युग के अन्‍त में वह एक बार प्रगट हुआ है, ताकि अपने ही बलिदान के द्वारा पाप को दूर कर दे।
Heb 9:27 और जैसे मनुष्यों के लिये एक बार मरना और उसके बाद न्याय का होना नियुक्त है।
Heb 9:28 वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ और जो लोग उस की बाट जोहते हैं, उन के उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप के दिखाई देगा।

एक साल में बाइबल:
  • २ शमूएल १४-१५
  • लूका १७:१-१९

गुरुवार, 21 अप्रैल 2011

पिता के प्रेम का दर्द

वियतनाम युद्ध के समय, सन १९६८ अमरीकी नौसेना के कमान एडमिरल एल्मो ज़ुम्वौल्ट ने संभाली। अमरीकी सेना के सैनिकों के हताहत होने को कम करने के लिए उन्होंने जल मार्गों के किनारों पर एक रासायनिक Agent Orange छिड़कने का आदेश दिया, जिससे जल तट पर वनस्पति मर गई और शत्रु के सैनिकों के छुप कर हमला बोलने के रास्ते बन्द हो गए।

उन जल मार्गों पर गश्त करने वाली नौसेना की नौकाओं में से एक की कमान एडमिरल एल्मो के २१ वर्षीय पुत्र के हाथ में थी। विडंबना यह हुई कि उस छिड़के हुए रासायनिक के संपर्क में आने के कारण उनके पुत्र को एक घातक किस्म का कैंसर हो गया। पिता और पुत्र दोनो यह जानते थे कि कैंसर का कारण वह रासायनिक ही है। यह एक हृदय विदारक कहानी है एक पिता की जिसके एक निर्णय का दुख उसके पुत्र को उठाना पड़ा, किंतु दोनो ही का यह मानना था कि उस समय रासायनिक छिड़कवाए जाने का वह निर्णय सही था।

मानव जाति के लिए पाप और मृत्यु पर विजय प्राप्त करने के लिए परमेश्वर पिता ने जान-बूझ कर एक ऐसा निर्णय लिया जिसके कारण उसके एकमात्र और प्रीय पुत्र को बयान से बाहर कष्ट और दुख उठाने पड़े। मानव जाति को उसके बलिदान द्वारा उद्धार दिलवाने के निर्णय के बाद पिता को अपने निर्दोष और निष्कलंक पुत्र का भीड़ द्वारा ठ्ठा उड़ाये जाने, कोड़ों की मार खाने और क्रूस पर हाथों और पैरों में कीलों द्वारा ठोके जाने का दर्दनाक दृश्य देखना और सहना पड़ा। परमेश्वर पिता को खामोशी से बर्दाशत करना पड़ा जब समस्त मानव जाति के पाप उसके निष्पाप पुत्र पर लाद दिये गए और वह दीन और नम्र पुत्र जिसने सदा सबका भला चाहा और किया, वर्णन से बाहर पीड़ा और तिरिस्कार से होकर गुज़रा।

ऐसे में यीशु के प्रति हमारी कृतघन्ता पिता परमेश्वर के दुख को और बढ़ा देती है। उसके अद्भुत बलिदान के लिए हमें सदा उसका कृतज्ञ और धन्यवादी रहना चाहिए तथा साधारण विश्वास के साथ उसके क्रूस पर किए गए कार्य को ग्रहण कर के उद्धार स्वीकर करना चाहिए। - मार्ट डी हॉन


परमेश्वर के प्रेम का सच्चा माप यही है कि उसके प्रेम को कभी मापा नहीं जा सकता।

तब उन्‍होंने उसे क्रूस पर चढ़ाया... - मत्ती २७:३५


बाइबल पाठ: मत्ती २७:२७-५०

Mat 27:27 तब हाकिम के सिपाहियों ने यीशु को किले में ले जाकर सारी पलटन उसके चहुं ओर इकट्ठी की।
Mat 27:28 और उसके कपड़े उतार कर उसे किरिमजी बागा पहिनाया।
Mat 27:29 और काटों को मुकुट गूंथकर उसके सिर पर रखा, और उसके दाहिने हाथ में सरकण्‍डा दिया और उसके आगे घुटने टेक कर उसे ठट्ठे में उड़ाने लगे, कि हे यहूदियों के राज नमस्‍कार।
Mat 27:30 और उस पर थूका और वही सरकण्‍डा लेकर उसके सिर पर मारने लगे।
Mat 27:31 जब वे उसका ठट्ठा कर चुके, तो वह बागा उस पर से उतार कर फिर उसी के कपड़े उसे पहिनाए, और क्रूस पर चढ़ाने के लिये ले चले।
Mat 27:32 बाहर जाते हुए उन्‍हें शमौन नाम एक कुरेनी मनुष्य मिला, उन्‍होंने उसे बेगार में पकड़ा कि उसका क्रूस उठा ले चले।
Mat 27:33 और उस स्थान पर जो गुलगुता नाम की जगह अर्थात खोपड़ी का स्थान कहलाता है पहुंचकर।
Mat 27:34 उन्‍होंने पित्त मिलाया हुआ दाखरस उसे पीने को दिया, परन्‍तु उस ने चख कर पीना न चाहा।
Mat 27:35 तब उन्‍होंने उसे क्रूस पर चढ़ाया और चिट्ठियां डाल कर उसके कपड़े बांट लिए।
Mat 27:36 और वहां बैठ कर उसका पहरा देने लगे।
Mat 27:37 और उसका दोषपत्र, उसके सिर के ऊपर लगाया, कि यह यहूदियों का राजा यीशु है।
Mat 27:38 तब उसके साथ दो डाकू एक दाहिने और एक बाएं क्रूसों पर चढ़ाए गए।
Mat 27:39 और आने जाने वाले सिर हिला हिला कर उस की निन्‍दा करते थे।
Mat 27:40 और यह कहते थे, कि हे मन्‍दिर के ढाने वाले और तीन दिन में बनाने वाले, अपने आप को तो बचा; यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो क्रूस पर से उतर आ।
Mat 27:41 इसी रीति से महायाजक भी शास्‍त्रियों और पुरिनयों समेत ठट्ठा कर करके कहते थे, इस ने औरों को बचाया, और अपने को नहीं बचा सकता।
Mat 27:42 यह तो इस्राएल का राजा है। अब क्रूस पर से उतर आए, तो हम उस पर विश्वास करें।
Mat 27:43 उस ने परमेश्वर का भरोसा रखा है, यदि वह इस को चाहता है, तो अब इसे छुड़ा ले, क्‍योंकि इस ने कहा था, कि मैं परमेश्वर का पुत्र हूं।
Mat 27:44 इसी प्रकार डाकू भी जो उसके साथ क्रूसों पर चढ़ाए गए थे उस की निन्‍दा करते थे।
Mat 27:45 दोपहर से लेकर तीसरे पहर तक उस सारे देश में अन्‍धेरा छाया रहा।
Mat 27:46 तीसरे पहर के निकट यीशु ने बड़े शब्‍द से पुकारकर कहा, एली, एली, लमा शबक्तनी अर्थात हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्‍यों छोड़ दिया?
Mat 27:47 जो वहां खड़े थे, उन में से कितनों ने यह सुन कर कहा, वह तो एलिय्याह को पुकारता है।
Mat 27:48 उन में से एक तुरन्‍त दौड़ा, और स्‍पंज लेकर सिरके में डुबोया, और सरकण्‍डे पर रख कर उसे चुसाया।
Mat 27:49 औरों ने कहा, रह जाओ, देखें, एलिय्याह उसे बचाने आता है कि नहीं।
Mat 27:50 तब यीशु ने फिर बड़े शब्‍द से चिल्ला कर प्राण छोड़ दिए।

एक साल में बाइबल:
  • २ शमूएल १२-१३
  • लूका १६

बुधवार, 20 अप्रैल 2011

केवल यीशु द्वारा

यदि कोई मनुष्य जो तैरना न जानता हो और गहरे पानी में गिर पड़े तथा सहायता के लिए पुकारे तो आप क्या करेंगे? क्या आप उसकी ओर एक पुस्तक फेंकेंगे जो तैरने के पाठ सरलता से सिखाती हो? क्या आप उसे प्रोत्साहित करने के लिए कोई प्रवचन सुनाएंगे? क्या आप भी पानी में कूदकर उसे कहेंगे कि मेरा अनुसरण करो, जैसा मैं कर रहा हूँ, वैसा ही करते रहो और मैं तुम्हें तैरना सिखा दूँगा? इनमें से कोई भी कार्य उस डूबते हुए मनुष्य को नहीं बचा पाएंगे। उस डूबते हुए मनुष्य को किसी पुस्तक की शिक्षाओं की या किसी उत्साहवर्धक प्रवचन की या तैरना सीखने के उपायों की आवश्यक्ता नहीं है। उसे एक बचाने वाला चाहिए, कोई ऐसा जो जहाँ और जिस स्थिति में वह है वहीं से हाथ बढ़ाकर उसे पकड़ ले और उन जानलेवा परिस्थितियों से खींच ले तथा सुरक्षित बाहर निकाल लाए।

हमारी पाप के दलदल में धंसी ज़िंदगी को भी ऐसे ही बचाने वाले की आवश्यक्ता है। बाइबल बताती है कि "सबने पाप किया" (रोमियों ३:२३), और "पाप की मज़दूरी मृत्यु है" (रोमियों ६:२३)। इस संसार में जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति पाप से ग्रसित है और विनाश की ओर अग्रसर है। हम अपने आप को धर्म पुस्तकों के ज्ञान द्वारा, अथवा और बेहतर धार्मिकता के कार्य करके या किसी अन्य मनुष्य का अनुसरण करके बचा नहीं सकते क्योंकि इनमें से कोई भी मार्ग पाप का नाश नहीं कर सकता। हमारी एकमात्र आशा मसीह यीशु ही है जिसने पाप के डंक को तोड़कर पाप के दलदल में फंसी मनुष्य जाति को बाहर निकालने के लिए अपने बड़े अनुग्रह में पापियों की ओर अपने हाथ बढ़ाए हैं, कि वह उन्हें खींच कर बाहर निकाल ले।

बाइबल बताती है कि, "क्‍योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है" (लूका १९:१०)। वह उन सबका उद्धार करता है जो उसपर विश्वास करते हैं। जैसे डूबते हुए को अपने बचाने वाले के हाथों में अपने आप को विश्वास के साथ सौंप देना होता है, हम पापियों को भी पाप से निकलने के लिए अपने आप को विश्वास के साथ प्रभु यीशु के हाथों में सौंप देना है। - रिचर्ड डी हॉन


मसीह में विश्वास का अर्थ है उद्धार।

यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया... - १ तिमुथियुस १:१५


बाइबल पाठ: रोमियों ५:१-१०

Rom 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें।
Rom 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्‍ड करें।
Rom 5:3 केवल यही नहीं, बरन हम क्‍लेशों में भी घमण्‍ड करें, यही जान कर कि क्‍लेश से धीरज,
Rom 5:4 ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्‍पन्न होती है।
Rom 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्‍योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।
Rom 5:6 क्‍योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा।
Rom 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्‍तु क्‍या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे।
Rom 5:8 परन्‍तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।
Rom 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहु के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्‍यों न बचेंगे?
Rom 5:10 क्‍योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्‍यों न पाएंगे?

एक साल में बाइबल:
  • २ शमूएल ९-११
  • लूका १५:११-३२

मंगलवार, 19 अप्रैल 2011

यीशु के बहाए लहु द्वारा

युद्ध में बुरी तरह घायल और मृत्यु के निकट एक सैनिक के साथ एक महिला प्रार्थना कर रही थी कि एक नर्स वहाँ पहुंची और सैनिक से कहने लगी, "तुम्हें अपने पापों की चिंता करने की आवश्यक्ता नहीं है; जो भी अपने प्राण अपने देश पर न्योछावर कर सकता है, वह गलत नहीं हो सकता।" सैनिक मुस्कुराया और बोला, "यह बात सही नहीं है। मैं जब युद्ध भूमि में घायल पड़ा था, तब मैं जानता था कि मैं जो कुछ अपनी मातृभूमि के लिए कर सकता था, मैंने किया है, लेकिन इस विचार ने मुझे परमेश्वर के सामने अपना हिसाब देने का साहस नहीं दिया। मुझे ज्ञात था कि मैं मर कर न्याय का सामना नहीं कर पाऊंगा। लेकिन इस महिला ने मुझे यह समझने में सहायता करी है कि यीशु ने मेरे समस्त पापों के लिए दण्ड उठा लिया है और मुझे पापों से क्षमा कर दिया है, अब मैं मरने से नहीं डरता।"

उस नर्स ने कुछ बुरा तो नहीं कहा, परन्तु जो कहा वह अज्ञानता में कहा। सैनिक ने सुसमाचार के मर्म को समझ लिया - यीशु हमारे पापों के लिए मरा। कलवरी के क्रूस पर प्रभु यीशु की मृत्यु हमारे स्थान पर थी - जहाँ हमें होना था, वह चला गया; हम अधर्मियों के स्थान पर वह धर्मी मरा तथा वही हमारे अनन्त उद्धार की एकमात्र आशा है।

एक कवि ने लिखा: "हे यीशु, वो पापों का बोझ था जिसने तेरे सिर को झुका दिया,/ मेरे पाप तुझे उठाने पड़े;/ तूने मेरा बोझ उठा लिया और मेरे संति मर गया,/ अपने प्राण मेरे प्राण के लिए बलिदान कर दिये,/ तेरा लहु बलिदान बन कर बह गया!/ अपने अनुग्रह से तूने मुझे बचा लिया।"

हमें आवश्यक्ता है कि हम बार बार रुक कर प्रभु यीशु का धन्यवाद करें कि उसने हमारे पापों के दण्ड को अपने उपर लिया और हमारे लिए अपने प्राण दिये।

केवल उसने ही यह किया और केवल वह ही यह कर सकता था। - पौल वैन गौर्डर


स्वर्ग का जायज़ प्रवेशपत्र केवल यीशु के लहु से ही हस्ताक्षरित है।

परन्तु वह हमारे ही अपराधों के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी... - यशायाह ५३:५


बाइबल पाठ: यशायाह ५३

Isa 53:1 जो समाचार हमें दिया गया, उसका किस ने विश्वास कया? और यहोवा का भुजबल किस पर प्रगट हुआ?
Isa 53:2 क्योंकि वह उसके साम्हने अंकुर की नाईं, और ऐसी जड़ के समान उगा जो निर्जल भूमि में फूट निकले; उसकी न तो कुछ सुन्दरता थी कि हम उसको देखते, और न उसका रूप ही हमें ऐसा दिखाई पड़ा कि हम उसको चाहते।
Isa 53:3 वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना।
Isa 53:4 निश्चय उस ने हमारे रोगों को सह लिया और हमारे ही दु:खों को उठा लिया, तौभी हम ने उसे परमेश्वर का मारा-कूटा और दुर्दशा में पड़ा हुआ समझा।
Isa 53:5 परन्तु वह हमारे ही अपराधो के कारण घायल किया गया, वह हमारे अधर्म के कामों के हेतु कुचला गया; हमारी ही शान्ति के लिये उस पर ताड़ना पड़ी कि उसके कोड़े खाने से हम चंगे हो जाएं।
Isa 53:6 हम तो सब के सब भेड़ों की नाईं भटक गए थे, हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।
Isa 53:7 वह सताया गया, तौभी वह सहता रहा और अपना मुंह न खोला; जिस प्रकार भेड़ वध होने के समय वा भेड़ी ऊन कतरने के समय चुपचाप शान्त रहती है, वैसे ही उस ने भी अपना मुंह न खोला।
Isa 53:8 अत्याचार करके और दोष लगाकर वे उसे ले गए, उस समय के लोगों में से किस ने इस पर ध्यान दिया कि वह जीवतों के बीच में से उठा लिया गया; मेरे ही लोगों के अपराधों के कारण उस पर मार पड़ी।
Isa 53:9 और उसकी कब्र भी दुष्टों के संग ठहराई गई, और मृत्यु के समय वह धनवान का संगी हुआ, यद्यपि उस ने किसी प्रकार का अपद्रव न किया था और उसके मुंह से कभी छल की बात नहीं निकली थी।
Isa 53:10 तौभी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले, उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी।
Isa 53:11 वह अपने प्राणों का दु:ख उठाकर उसे देखेगा और तृप्त होगा; अपने ज्ञान के द्वारा मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा।
Isa 53:12 इस कारण मैं उसे महान लोगों के संग भाग दूंगा, और, वह सामर्थियों के संग लूट बांट लेगा; क्योंकि उसने अपना प्राण मृत्यु के लिये उण्डेल दिया, वह अपराधियों के संग गिना गया तौभी उस ने बहुतों के पाप का बोझ उठ लिया, और, अपराधियों के लिये बिनती करता है।

एक साल में बाइबल:
  • २ शमूएल ६-८
  • लूका १५:१-१०