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बुधवार, 8 जून 2011

परमेश्वर सदा हमारे साथ है

एक व्यक्ति ने दूसरे से पूछा, "आप क्यों कहते हैं कि परमेश्वर हर जगह विद्यमान है, मुझे तो यहाँ कहीं कोई परमेश्वर नहीं दिखाई दे रहा?" पहले ने कहा, "महोदय, आप ज़रा अपनी आँखें बन्द कीजिए, मैं अभी यहीं आपको परमेश्वर का आभास करवाए देता हूँ।" दूसरे ने जैसे ही आँखें बन्द करीं, पहले ने कसकर उसके मूँह पर एक तमाचा मार दिया। पहला भिन्ना कर बोला, "यह क्या किया?" दूसरे ने बड़े भोलेपन से पूछा, "क्यों, क्या हुआ?" पहला बोला, "आपने मुझे तमाचा मारा।" पहले ने फिर प्रश्न किया, "क्या आपने देखा कि मैंने तमाचा मारा है?" दूसरे ने झल्लाकर कहा, "देखा नहीं तो क्या हुआ, अनुभव तो किया; अभी भी तेज़ दर्द हो रहा है।" पहले ने कहा, "महोदय बस यही बात आपको समझानी थी, परमेश्वर चाहे दिखाई न भी दे, हम उसे महसूस अवश्य कर सकते हैं। ऐसा कोई स्थान नहीं है जहाँ परमेश्वर उपस्थित न हो।"

परमेश्वर के सर्वविद्यमान होने का गुण एक मसीही विश्वासी के लिए आशा और प्रोत्साहन का स्त्रोत है। बहुत साल पहले प्रचारक थोमस चाल्मर्स ने लिखा, "जब मैं मार्ग पर चल रहा होता हूँ, तो परमेश्वर मेरे साथ चल रहा होता है। अगर मैं मित्र मंडली में आकर उस की उपस्थिति को भूल भी जाता हूँ, तब भी वह मुझे छोड़ नहीं देता। रात्रि के पलों में जब मेरी आँखें बन्द होती हैं और मेरी आत्मा बेसुध होती है, तब भी उसकी कभी न ऊँघने वाली निगाहें मुझ पर बनी रहती हैं। मैं चाहे जहाँ चला जाऊँ, मैं उसकी उपस्थिति से दूर नहीं हो सकता। वह सदा मेरा मार्गदर्शन करता है, मेरी देखभाल करता है, मेरी रक्षा करता है।"

हम मसीही विश्वासीयों के लिए यह निश्चित है कि हम कहीं भी जाएं, परमेश्वर सदैव हमारे साथ चलता है, हमारी अगुवाई करता है, हमारी सहायता करता है, हमें सांत्वना देता है और आशीष देता है। हम इस बात में निश्चित और सन्तुष्ट रह सकते हैं कि चाहे अन्देखा हो, परन्तु परमेश्वर सदा हमारे साथ है। - डेव एग्नर


प्रश्न यह नहीं है कि "परमेश्वर कहाँ है?" वरन प्रश्न यह है कि "परमेश्वर कहाँ नहीं है?"

यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं ऐसा परमेश्वर हूँ, जो दूर नहीं, निकट ही रहता हूँ? फिर यहोवा की यह वाणी है, क्या कोई ऐसे गुप्त स्थानों में छिप सकता है, कि मैं उसे न देख सकूं? क्या स्वर्ग और पृथ्वी दोनों मुझ से परिपूर्ण नहीं हैं? - यिर्मयाह २३:२३, २४


बाइबल पाठ: भजन १३९:१-१२

Psa 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
Psa 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
Psa 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है।
Psa 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।
Psa 139:5 तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है।
Psa 139:6 यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है, यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।
Psa 139:7 मैं तेरे आत्मा से भागकर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?
Psa 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है!
Psa 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़कर समुद्र के पार जा बसूं,
Psa 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
Psa 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा,
Psa 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी, क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल:
  • २ इतिहास ३०-३१
  • यूहन्ना १८:१-१८

मंगलवार, 7 जून 2011

अनुग्रह की भुजाएं

एक स्त्री जो बहुत कठिन परिस्थितियों से होकर निकल रही थी प्रचारक हिनसन के पास आयी और अपनी परेशानी बताकर कहने लगी कि, "मुझे बड़ा डर है कि मैं कहीं गिर न पड़ूँ।" प्रचारक हिनसन ने उससे कहा, "अच्छा, तो फिर आप गिर क्यों नहीं जातीं?" स्त्री ने पूछा, "यदि मैं गिरी तो कहाँ जाऊंगी?" प्रचारक ने सरल भाव से उत्तर दिया, "आप परमेश्वर की अनन्त बाहों में गिरेंगी। वह सदा अपनी बाहें अपने बच्चों के नीचे फैलाए रहता है, और मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि यदि आप उसकी बाहों में गिरेंगे तो यह तय है कि फिर उन बाहों के घेरे के बाहर कहीं नहीं गिर सकते।"

जब मैं व्यवस्थाविवरण ३३ पढ़ रहा था तो मुझे एडा हैबरशौअन द्वारा लिखा एक पुराना भजन स्मरण आया, "जब मुझे भय हो कि मैं गिर जाऊँगी, तब मसीह मुझे थाम लेगा; जब शैतान मुझ पर प्रबल होना चाहे, तब मसीह मुझे थाम लेगा।"

एक मसीही विश्वासी अपने परमेश्वर पिता की कभी न क्षय होने वाली सामर्थ में निशचिंत होकर आश्रय ले सकता है। परमेश्वर हमें अपने इस संरक्षण का निश्च्य याशायाह ४१:१० में देता है, जहाँ वह कहता है कि, "मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा।" हमारे प्रभु यीशु ने हमारे लिए प्रार्थना करी, "हे पवित्र पिता, अपने उस नाम से जो तू ने मुझे दिया है, उन की रक्षा कर, कि वे हमारी नाई एक हों" (युहन्ना १७:११) - और उसकी प्रार्थना का कभी इन्कार नहीं होगा।

हमारे प्रभु ने हमें परमेश्वर पिता के हाथों में सुरक्षित रखे जाने के लिए सौंप दिया है। अब यदि हम लड़खड़ा कर गिरें भी, तौ भी परमेश्वर के अनन्त अनुग्रह की भुजाओं में ही गिरेंगे। - डेव एग्नर


जब हम ऐसी परिस्थिति में पहुँचें जहाँ परमेश्वर के अलावा और कोई रास्ता न हो, तो हम पाएंगे कि परमेश्वर के अलावा हमें किसी और रास्ते की आवश्यक्ता भी नहीं है।

अनादि परमेश्वर तेरा गृहधाम है, और नीचे सनातन भुजाएं हैं। वह शत्रुओं को तेरे साम्हने से निकाल देता, और कहता है, उनको सत्यानाश कर दे। - व्यवस्थाविवरण ३३:२७

बाइबल पाठ: भजन २७:१-६

Psa 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है, मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं?
Psa 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
Psa 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरूद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरूद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशिचित रहूंगा।
Psa 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा, कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।
Psa 27:5 क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा, अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।
Psa 27:6 अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा और उसका भजन गाऊंगा।

एक साल में बाइबल: २ इतिहास २८-२९ यूहन्ना १७

सोमवार, 6 जून 2011

परमेश्वर - हमारी ढाल

मैं एक अंतरिक्ष संग्रहालय देखने गया, और वहँ रखे उन अंतरिक्ष कैप्सूलों को देखकर अचंभित हुआ जिनमें अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष यात्रा करके वापस आते थे। इन कैप्सूलों पर लगे ताप प्रतिरोधक ढाल की ओर मेरा ध्यान आकर्षित हुआ। विशेष रीति और वस्तुओं से बनाए गए और परत के उपर परत करके लगाए गए ये ताप प्रतिरोधक ही थे जिन्होंने कैप्सूल के अन्दर बैठे अंतरिक्ष यात्रियों को जल कर भस्म होने से बचाए रखा, जब उनका अंतरिक्ष यान पुनः धरती के वायुमण्डल में प्रवेश करके नीचे उतरता था और वायुघर्षण से यान का बाहरी तापमान अत्यंत उच्च हो जाता था। यदि यह रक्षक ढाल न होती तो अंतरिक्ष यात्रा से लौट पाना भी संभव नहीं होता।

लेकिन एक और रक्षक ढाल है जो मुझे इससे भी अधिक आश्चर्य में डालती है - पृथ्वी को घेरे हुए विशाल चुम्बकीय क्षेत्र की ढाल, जिसे वैज्ञानिक हीलियोस्फीयर कहते हैं और जो पृथ्वी और उस पर बसने वाले प्राणियों को अत्याधिक उर्जामय बाह्य अंतरिक्ष से आने वाली किरणों cosmic rays द्वारा होने वाले नुकसान से बचाए रखती है। यदि यह हीलियोस्फीयर की ढाल न हो तो ये किरणें पृथ्वी तक पहुँच जाएं और तब पृथ्वी पर जीवन संभव ही नहीं है।

जब मैं अंतरिक्ष यात्रियों की ताप प्रतिरोधक ढाल और पृथ्वी की हीलियोस्फीयर ढाल के बारे में सोच रहा था तो मुझे एक और ढाल का ध्यान आया, जो हर परिस्थिति के लिए सबसे उत्तम और कारगर ढाल है - स्वयं परमेश्वर। दाउद ने अपने भजन में लिखा, "यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का गढ़ है" (भजन १८:२)। दाउद जानता था कि परमेश्वर ही है जो उसे विरोधी संसार में सुरक्षित रख सकता है, और उसने परमेश्वर की इस अद्भुत सुरक्षा को अपने जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में सदैव अनुभव किया।

दाउद के समान हम भी अपना विश्वास उस जीवते परमेश्वर पर रख सकते हैं और उसकी सुरक्षा को अनुभव कर सकते हैं। चाहे शैतान हमारा कितना भी विरोध करे और संसार हमारा कैसा भी बैरी हो, हमारा प्रभु सदैव हमारा रक्षक बना रहता है। जब कभी हमें परिस्थितियों से घबराहट हो, या यह लगे कि हमारे विरोधी अति प्रबल हैं, तो यह वास्तविकता हमें सांत्वना और शांति देती है कि हमारी सुरक्षा की ढाल, हमारा प्रभु परमेश्वर, संसार या शैतान से कहीं अधिक बलवंत है और उनके द्वारा किये जाने वाले किसी भी प्रहार से हमारी रक्षा भली भांति कर सकता है। - डेव एग्नर


जीवन की आँधियों के विरुद्ध नहीं वरन जीवन की आँधियों में परमेश्वर हमारी सिद्ध सुरक्षा रहता है।

यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का गढ़ है। - भजन १८:२



बाइबल पाठ: भजन १८:१-६

Psa 18:1 हे परमेश्वर, हे मेरे बल, मैं तुझ से प्रेम करता हूं।
Psa 18:2 यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का गढ़ है।
Psa 18:3 मैं यहोवा को जो स्तुति के योग्य है पुकारूंगा, इस प्रकार मैं अपने शत्रुओं से बचाया जाऊंगा।
Psa 18:4 मृत्यु की रस्सियों से मैं चारो ओर से घिर गया हूं, और अधर्म की बाढ़ ने मुझ को भयभीत कर दिया;
Psa 18:5 पाताल की रस्सियां मेरे चारो ओर थीं, और मृत्यु के फन्दे मुझ पर आए थे।
Psa 18:6 अपने संकट में मैं ने यहोवा परमेश्वर को पुकारा, मैं ने अपने परमेश्वर को दोहाई दी। और उस ने अपने मन्दिर में से मेरी बातें सुनी। और मेरी दोहाई उसके पास पहुंचकर उसके कानों में पड़ी।

एक साल में बाइबल:
  • २ इतिहास २५-२७
  • यूहन्ना १६

रविवार, 5 जून 2011

आत्म रक्षा से परे

न्यू यॉर्क शहर के एक निष्ठुर इलाके में पलने बढ़ने के कारण दो भाईयों, जैफ और जैरी मौनरो को अत्म रक्षा प्रणालियों में दिल्चस्पी हुई। उन्हों ने निरस्त्र युद्ध कला सीखी और उसमें पारंगत हो गए और १९७८ में उन्होंने Kung Fu सिखाने का एक स्कूल आरंभ किया। फिर इन भाइयों ने अपने इलाके को अपराध से बचाए रखने के लिए अपना एक दल बनाया। कुछ समय पश्चात उनका दल और एक अन्य ऐसा ही दल मिल गए और इस तरह विख्यात Guardian Angels (सुरक्षा दूत) संस्था की स्थापना हुई।

एक दिन उनके इस सुरक्षा दूत दल का एक सदस्य जैरी के समीप आया, अपनी ऊंगुली उसकी तरफ ऐसे तानी मानो पिस्तौल हो और बोला, "तुम कुंग फू में तो बहुत अच्छे हो, लेकिन - ठाँए" - जैसे उसपर गोली चला दी हो। जैरी तुरंत उसका आशय समझ गया - उसकी आत्म रक्षा की कुशलता बन्दूक की गोली के सामने कुछ भी नहीं थी। तब एक दुसरे सदस्य ने जैरी से पूछा, "मान लो कि किसी दिन गश्त लगाते हुए तुम गोली से उड़ा दिये जाते हो, तब अपनी मृत्युओप्राँत का अनन्तकाल कहाँ बिताओगे?"

जैरी ने माना कि उसने इस के बारे में कभी नहीं सोचा था। उसने यह घटना अपने भाई जैफ को बताई और दोनो भाइयों को बोध हुआ कि उन्हें अपने जीवनों में परमेश्वर की आवश्यक्ता है। आज जैफ और जैरी मसीही विश्वासी हैं, और वे अपनी कुंग फू कला के प्रदर्शन के द्वारा लोगों को उस अंतिम, उतकृष्ठ और सर्वोच सुरक्षा के बारे में बताते हैं, जिसका वर्णन दाउद ने भजन ५९ में किया।

आज के समाज में हम अति असुरक्षित हैं। सूक्षम ’वायरस’ से लेकर परमाणु आस्त्रों तक से, किसी वस्तु द्वारा कभी भी हमें भारी नुकसान पहुँचाया जा सकता है। हमें परमेश्वरीय सुरक्षा की, परमेश्वर पर सदा ही निर्भर रहने की घोर आवश्यक्ता है क्योंकि वो ही संकट में हमारी ढाल और हमारी सुरक्षा है। - मार्ट डी हॉन


परमेश्वर के लोगों को यह विशेषाधिकार है कि जब मुसीबत उनके दरवाज़े पर दस्तक दे, तब वे बेझिझक परमेश्वर के दरवाज़े पर दस्तक दे सकते हैं।

क्योंकि तू मेरा ऊंचा गढ़ है, और संकट के समय मेरा शरणस्थान ठहरा है। - भजन ५९:१६

बाइबल पाठ: भजन ५९

Psa 59:1 हे मेरे परमेश्वर, मुझ को शत्रुओं से बचा, मुझे ऊंचे स्थान पर रखकर मेरे विरोधियों से बचा,
Psa 59:2 मुझ को बुराई करने वालों के हाथ से बचा, और हत्यारों से मेरा उद्वार कर।
Psa 59:3 क्योंकि देख, वे मेरी घात में लगे हैं; हे यहोवा, मेरा कोई दोष वा पाप नहीं है, तौभी बलवन्त लोग मेरे विरूद्ध इकट्ठे होते हैं।
Psa 59:4 वह मुझ निर्दोष पर दौड़ दौड़कर लड़ने को तैयार हो जाते हैं। मुझ से मिलने के लिये जाग उठ, और यह देख!
Psa 59:5 हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, हे इस्राएल के परमेश्वर सब अन्यजाति वालों को दण्ड देने के लिये जाग; किसी विश्वासघाती अत्याचारी पर अनुग्रह न कर।
Psa 59:6 वे लागे सांझ को लौट कर कुत्ते की नाईं गुर्राते हैं, और नगर के चारों ओर घूमते हैं। देख वे डकारते हैं,
Psa 59:7 उनके मुंह के भीतर तलवारें हैं, क्योंकि वे कहते हैं, कौन सुनता है?
Psa 59:8 परन्तु हे यहोवा, तू उन पर हंसेगा; तू सब अन्य जातियों को ठट्ठों में उड़ाएगा।
Psa 59:9 हे मेरे बल, मुझे तेरी ही आस होगी क्योंकि परमेश्वर मेरा ऊंचा गढ़ है।
Psa 59:10 परमेश्वर करूणा करता हुआ मुझ से मिलेगा, परमेश्वर मेरे द्रोहियों के विषय मेरी इच्छा पूरी कर देगा।
Psa 59:11 उन्हें घात न कर, न हो कि मेरी प्रजा भूल जाए; हे प्रभु, हे हमारी ढाल! अपनी शक्ति से उन्हें तितर बितर कर, उन्हें दबा दे।
Psa 59:12 वह अपने मुंह के पाप, और ओठों के वचन, और शाप देने, और झूठ बोलने के कारण, अभिमान में फंसे हुए पकड़े जाएं।
Psa 59:13 जलजलाहट में आकर उनका अन्त कर, उनका अन्त कर दे ताकि वे नष्ट हो जाएं तब लोग जानेंगे कि परमेश्वर याकूब पर, वरन पृथ्वी की छोर तक प्रभुता करता है।
Psa 59:14 वे सांझ को लौट कर कुत्ते की नाईं गुर्राएं, और नगर के चारों ओर घूमें।
Psa 59:15 वे टुकड़े के लिये मारे मारे फिरें, और तृप्त न होने पर रात भर वहीं ठहरे रहें।
Psa 59:16 परन्तु मैं तेरी सामर्थ का यश गाऊंगा, और भोर को तेरी करूणा का जय जयकार करूंगा। क्योंकि तू मेरा ऊंचा गढ़ है, और संकट के समय मेरा शरणस्थान ठहरा है।
Psa 59:17 हे मेरे बल, मैं तेरा भजन गाऊंगा, क्योंकि हे परमेश्वर, तू मेरा ऊंचा गढ़ और मेरा करूणामय परमेश्वर है।

एक साल में बाइबल:
  • २ इतिहास २३-२४
  • यूहन्ना १५

शनिवार, 4 जून 2011

हम अकेले नहीं

न्यू यॉर्क शहर की भूमिगत रेल में दो युवकों ने रेल गाड़ी के अन्दर सोया हुआ प्रतीत होने वाले और अमीर दिखने वाले व्यक्ति को लूटने का प्रयास किया। जैसे ही उन्होंने यह वारदात अन्जाम दी, मानो रेल का सारा डिब्बा सजीव हो उठा। वह सोया हुआ प्रतीत होने वाला व्यक्ति चोरों को फंसाने के लिए था, और जिन मुसाफिरों ने बिजली की तेज़ी से उन चोरों पर हमला किया और उन्हें पकड़ लिया वे सब पुलिस कर्मी थे जिन्हें आम यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल के डिब्बों में तैनात किया गया था। यद्यपि ये यात्रि दिखने वाले पुलिस कर्मी विदित नहीं थे, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के लिए वे तत्पर और तैयार वहीं उपस्थित थे।

ऐसी ही सुरक्षा की एक तसवीर हम २ राजा ६ अध्याय में पढ़ते हैं। इस्त्राएल को अरामी सेना ने युद्ध के लिए घेर रखा था, लेकिन परमेश्वर का भविष्यद्वक्ता एलीशा बिलकुल निश्चिंत था। जब एलीशा के दास ने अरामियों को लेकर अपनी चिंता एलीशा पर प्रकट करी तो एलीशा ने परमेश्वर से प्रार्थना करी और परमेश्वर ने उस दास की आँखें खोलीं जिससे वह वहाँ चारों ओर विद्यमान अग्निमय रथों और घोड़ों वाली स्वर्गदूतों की सेना को देखने पाया जो अरामी सेना से इस्त्राएल की सुरक्षा के लिए परमेश्वर ने तैनात कर रखी थी।

परमेश्वरीय संरक्षण केवल किताबों में लिखी कहानी नहीं है। परमेश्वर की इच्छा पूरी करने वाले उसके विश्वासियों को आज भी उसका भरपूर संरक्षण उपलबद्ध है; और हम निश्चिंत इस सुरक्षा में विश्वास कर सकते हैं, और निडर होकर शत्रु शैतान का सामना कर सकते हैं। अस्त्य और अविश्वास की सेनाओं के विरुद्ध चाहे यह युद्ध कितना भी विषम क्यों न हो, हमें परमेश्वर पर अपना भरोसा नहीं छोड़ना है, क्योंकि जैसा एलीशा ने अपने दास से कहा: " मत डर; क्योंकि जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं" (२ राजा ६:१६)। मार्ट डी हॉन


जब परमेश्वर हमारे साथ हो और उसकी बाहें हमें संभाले हुए हों तो किसी भी परिस्थिति का सामना करने में कोई झिझक नहीं।

जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं। - २ राजा ६:१६


बाइबल पाठ: २ राजा ६:८-२३

2Ki 6:8 ओर अराम का राजा इस्राएल से युद्ध कर रहा था, और सम्मति करके अपने कर्मचारियों से कहा, कि अमुक स्थान पर मेरी छावनी होगी।
2Ki 6:9 तब परमेश्वर के भक्त ने इस्राएल के राजा के पास कहला भेजा, कि चौकसी कर और अमुक स्थान से होकर न जाना क्योंकि वहां अरामी चढ़ाई करनेवाले हैं।
2Ki 6:10 तब इस्राएल के राजा ने उस स्थान को, जिसकी चर्चा करके परमेश्वर के भक्त ने उसे चिताया था, भेजकर, अपनी रक्षा की और इस प्रकार एक दो बार नहीं वरन बहुत बार हुआ।
2Ki 6:11 इस कारण अराम के राजा का मन बहुत घबरा गया; सो उस ने अपने कर्मचारियों को बुलाकर उन से पूछा, क्या तुम मुझे न बताओगे कि हम लोगों में से कौन इस्राएल के राजा की ओर का है? उसके एक कर्मचारी ने कहा, हे मेरे प्रभु ! हे राजा ! ऐसा नहीं,
2Ki 6:12 एलीशा जो इस्राएल में भविष्यद्वक्ता है, वह इस्राएल के राजा को वे बातें भी बताया करता है, जो तू शयन की कोठरी में बोलता है।
2Ki 6:13 राजा ने कहा, जाकर देखो कि वह कहां है, तब मैं भेजकर उसे पकड़वा मंगाऊंगा। और उसको यह समाचार मिला कि वह दोतान में है।
2Ki 6:14 तब उस ने वहां घोड़ों और रथों समेत एक भारी दल भेजा, और उन्होंने रात को आकर नगर को घेर लिया।
2Ki 6:15 भोर को परमेश्वर के भक्त का टहलुआ उठा और निकल कर क्या देखता है कि घोड़ों और रथों समेत एक दल नगर को घेरे हुए पड़ा है। और उसके सेवक ने उस से कहा, हाय ! मेरे स्वामी, हम क्या करें?
2Ki 6:16 उस ने कहा, मत डर; क्योंकि जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं।
2Ki 6:17 तब एलीशा ने यह प्रार्थना की, हे यहोवा, इसकी आंखें खोल दे कि यह देख सके। तब यहोवा ने सेवक की आंखें खोल दीं, और जब वह देख सका, तब क्या देखा, कि एलीशा के चारों ओर का पहाड़ अग्निमय घोड़ों और रथों से भरा हुआ है।
2Ki 6:18 जब अरामी उसके पास आए, तब एलीशा ने यहोवा से प्रार्थना की कि इस दल को अन्धा कर डाल। एलीशा के इस वचन के अनुसार उस ने उन्हें अन्धा कर दिया।
2Ki 6:19 तब एलीशा ने उन से कहा, यह तो मार्ग नहीं है, और न यह नगर है, मेरे पीछे हो लो; मैं तुम्हें उस मनुष्य के पास जिसे तुम ढूंढ़ रहे हो पहुंचाऊंगा। तब उस ने उन्हें शोमरोन को पहुंचा दिया।
2Ki 6:20 जब वे शोमरोन में आ गए, तब एलीशा ने कहा, हे यहोवा, इन लोगों की आंखें खोल कि देख सकें। तब यहोवा ने उनकी आंखें खोलीं, और जब वे देखने लगे तब क्या देखा कि हम शोमरोन के मध्य में हैं।
2Ki 6:21 उनको देखकर इस्राएल के राजा ने एलीशा से कहा, हे मेरे पिता, क्या मैं इनको मार लूं? मैं उनको मार लूं?
2Ki 6:22 उस ने उत्तर दिया, मत मार। क्या तू उनको मार दिया करता है, जिनको तू तलवार और धनुष से बन्धुआ बना लेता है? तू उनको अन्न जल दे, कि खा पीकर अपने स्वामी के पास चले जाएं।
2Ki 6:23 तब उस ने उनके लिये बड़ी जेवनार की, और जब वे खा पी चुके, तब उस ने उन्हें विदा किया, और वे अपने स्वामी के पास चले गए। इसके बाद अराम के दल इस्राएल के देश में फिर न आए।

एक साल में बाइबल:
  • २ इतिहास २१-२२
  • यूहन्ना १४

शुक्रवार, 3 जून 2011

निराशा में भी आशा

अंग्रेज़ी कवि एलिक्ज़ैंडर पोप ने लिखा, "आशा मनुष्य के अन्दर सदा उत्पन्न होती रहती है, क्योंकि मनुष्य धन्य होने के लिए ही सृजा गया है।" किंतु जब आशा जाती रहे तो मनुष्य क्या करे, किसकी ओर मुड़े?

एक अस्पताल के निर्देशक ने अपने साथ बीती घटना बताई: कैंसर से ग्रसित एक जवान व्यक्ति हर बार की तरह अपना इलाज लेने उसके अस्पताल में आया। उस दिन एक नया चिकित्सक बैठा था; उस विकित्सक ने बेपरवाही और कुछ बेरहमी से उस युवक से कहा - "तुम जानते हो न कि तुम इस साल भर भी ज़िन्दा नहीं रहने वाले हो।" अपना इलाज लेने के बाद लौटते हुए वह जवान अस्पताल के निर्देशक के पास आया और रो पड़ा; रोते हुए वह बोला, "उस डॉक्टर ने मेरी आशा मुझसे छीन ली।" निर्देशक ने कहा, "ठीक बात है, उसने ऐसा किया तो है; अब यह समय है कि कोई नई आशा खोजी जाए।"

इस घटना पर टिप्पणी करते हुए लुइस स्मीड्स ने लिखा, "जब आशा समाप्त हो जाए तो क्या उसे फिर से जगाया जा सकता है? जब परिस्थिति बिलकुल निराशाजनक हो तो क्या कोई आशा रखी जा सकती है? ये वे प्रश्न हैं जो हमें अनन्त काल की आशा की ओर मोड़ देते हैं, क्योंकि मसीही विश्वास में आशा किसी "संभव" पर नहीं वरन परमेश्वर की अटल प्रतिज्ञाओं पर है।" क्योंकि न परमेश्वर का अन्त हो सकता है, न उसकी भलाई और उसकी प्रतिज्ञाओं का, इसलिए मसीही विश्वास में आशा का भी कोई अन्त संभव नहीं; क्योंकि परमेश्वर आशा का दाता है (रोमियों १५:१३) इसलिए हर निराशा में भी मसीही विश्वासी की आशा वर्तमान रहती है।

जब हमारी आशा परमेश्वर और हमें पाप तथा मृत्यु से छुड़ाने वाले उसके पुत्र हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह पर आधारित है, तो कवि एलिक्ज़ैंडर पोप द्वारा उपरोक्त कही बात एक सदा विद्यमान वास्तविकता बन जाती है; हम हर निराशा में भी धन्य होते हैं। आशा का दाता हमारा परमेश्वर तब भी हम में आशा को प्रवाहित करता रहता है जब हमारी अपनी सारी आशा समाप्त हो जाती है। - डेनिस डी हॉन


परमेश्वर पर अपने विश्वास द्वारा ही हम अपनी हर परिस्थिति को संभाल पाते हैं।

धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिस ने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। - यर्मियाह १७:७

बाइबल पाठ: यर्मियाह १७:५-८

Jer 17:5 यहोवा यों कहता है, श्रापित है वह पुरुष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है।
Jer 17:6 वह निर्जल देश के अधमूए पेड़ के समान होगा और कभी भलाई न देखेगा। वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा।
Jer 17:7 धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिस ने परमेश्वर को अपना आधार माना हो।
Jer 17:8 वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।

एक साल में बाइबल:
  • २ इतिहास १९-२०
  • यूहन्ना १३:२१-३८

गुरुवार, 2 जून 2011

प्रशंसा की आवश्यक्ता

केन को उसके मित्र ने अपने घर भोजन पर बुलाया। भोजन तो बहुत बढ़िया था किंतु भोजन के बाद परोसा गया मिष्ठान इतना अच्छा नहीं था; लेकिन फिर भी केन को उस मिष्ठान की तारीफ करने के लिए कुछ अच्छा मिल गया और उसने तारीफ करी भी।

अगली बार जब केन अपने मित्र के घर भोजन पर आया तो फिर से भोजनोपरांत वैसा ही मिष्ठान परोसा गया, और इस बार यह मिष्ठान भोजन के समान ही लाजवाब था। केन बिना किसी भी प्रकार का एक भी शब्द कहे, परोसा हुआ सब कुछ खाता गया। अन्ततः उसके मित्र की पत्नी से रहा नहीं गया और वह बोल उठी, "पिछली बार जो मिष्ठान मैंने परोसा था, मैं स्वयं उससे शर्मिंदा थी, लेकिन आप ने उसकी तारीफ करी; इस बार जो मिष्ठान मैंने परोसा है, शायद उससे अच्छा मैंने इसे कभी नहीं बनाया, लेकिन आप ने उसके विष्य में कुछ भी नहीं कहा?" केन ने उत्तर दिया, "इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि आज जो आपने परोसा है वह लाजवाब है, और जो पिछली बार परोसा था वह इतना अच्छा नहीं था। चाहे प्रशंसा का कारण आज हो, लेकिन प्रशंसा की आवश्यक्ता तो उसी दिन थी।"

लोगों के साथ हमारे सबंध कुछ इसी तरह हैं - कुछ लोगों को अधिक प्रशंसा की आवश्यक्ता होती है, कुछ को कम। यदि कोई चीज़ वास्तव में बुरी है तो झूठे ही उसे भला कहने या उसकी प्रशंसा करना गलत है। लेकिन किसी व्यक्ति में कितनी भी त्रुटि अथवा अपूर्णता क्यों न हो, हम उसमें कोई न कोई प्रशंसा के योग्य गुण पा सकते हैं।

एक कुचला हुआ सरकण्डा या लौ रहित धुंआ देती हुई बाती किस काम की हो सकती है? कुचला सरकण्डा तो अपने आप ही सीधा नहीं रह सकता, वह किसी दूसरे को क्या सहारा देगा; धुंआ देती बाती से दीवार काली और साँस में धुंए की बेचैनी ही मिल सकती है, लेकिन प्रभु यीशु के लिए कहा गया, "यह मेरा सेवक है, जिसे मैं ने चुना है, मेरा प्रिय, जिस से मेरा मन प्रसन्न है: मैं अपना आत्मा उस पर डालूंगा और वह अन्यजातियों को न्याय का समाचार देगा। वह न झगड़ा करेगा, और न धूम मचाएगा, और न बाजारों में कोई उसका शब्‍द सुनेगा। वह कुचले हुए सरकण्‍डे को न तोड़ेगा, और धूआं देती हुई बत्ती को न बुझाएगा, जब तक न्याय को प्रबल न कराए। और अन्यजातियां उसके नाम पर आशा रखेंगी। " - मती १२:१८-२१

हमारे चारों ओर निराशा से भरे लोग हैं। मसीही विश्वासी होने के कारण हमारी यह ज़िम्मादारी है कि अपने प्रभु के समान हम न किसी को तुच्छ जाने और न किसी का तिरिस्कार करें, इन कुचले हुए सरकंडों और धुंआ देती बातियों को भी उभारें। हमारा जरा सा प्रयास, एक सकरात्मक रवैया और थोड़ी सी प्रशंसा ऐसे हतोत्साहित लोगों को भी प्रोत्साहन देने में सक्षम है।

निराश लोगों में भी प्रशंसा के कारण खोजिए, समाज को इसकी बहुत आवश्यक्ता है।

जिस किसी के चेहरे पर आपको मुस्कान दिखाई न दे, उसे अपनी मुस्कान दे दीजिए।

उदास मन दब जाता है, परन्तु भली बात से वह आनन्दित होता है। - नीतिवचन १२:२५


बाइबल पाठ: नीतिवचन १२:१७-२८

Pro 12:17 जो सच बोलता है, वह धर्म प्रगट करता है, परन्तु जो झूठी साक्षी देता, वह छल प्रगट करता है।
Pro 12:18 ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोचविचार का बोलना तलवार की नाई चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।
Pro 12:19 सच्चाई सदा बनी रहेगी, परन्तु झूठ पल ही भर का होता है।
Pro 12:20 बुरी युक्ति करने वालों के मन में छल रहता है, परन्तु मेल की युक्ति करने वालों को आनन्द होता है।
Pro 12:21 धर्मी को हानि नहीं होती है, परन्तु दुष्ट लोग भारी विपत्ति में डूब जाते हैं।
Pro 12:22 झूठों से यहोवा को घृणा आती है परन्तु जो विश्वास से काम करते हैं, उन से वह प्रसन्न होता है।
Pro 12:23 चतुर मनुष्य ज्ञान को प्रगट नहीं करता है, परन्तु मूढ़ अपने मन की मूढ़ता ऊंचे शब्द से प्रचार करता है।
Pro 12:24 कामकाजी लोग प्रभुता करते हैं, परन्तु आलसी बेगारी में पकड़े जाते हैं।
Pro 12:25 उदास मन दब जाता है, परन्तु भली बात से वह आनन्दित होता है।
Pro 12:26 धर्मी अपने पड़ोसी की अगुवाई करता है, परन्तु दुष्ट लोग अपनी ही चाल के कारण भटक जाते हैं।
Pro 12:27 आलसी अहेर का पीछा नहीं करता, परन्तु कामकाजी को अनमोल वस्तु मिलती है।
Pro 12:28 धर्म की बाट में जीवन मिलता है, और उसके पथ में मृत्यु का पता भी नहीं।

एक साल में बाइबल:
२ इतिहास १७-१८
यूहन्ना १३:१-२०