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Wednesday, October 31, 2012

शुद्ध और पवित्र


   कहते हैं कि २० सेकेंड तक साबुन-पानी से हाथ धोने से हाथों पर से सभी कीटाणु धुल जाते हैं। किंतु यह स्वच्छता सदा बनी नहीं रहती; थोड़ी देर में इधर-उधर छूने और कार्य करने से फिर से हाथ गन्दे हो जाते हैं, कीटाणु हाथों पर आ जाते हैं और फिर उन्हें हटाने और हाथों को पुनः स्वच्छ करने के लिए पहले के समान ही फिर से हाथ धोने पड़ते हैं।

   बाइबल के पुराने नियम के काल में, अपने पापों के प्रायश्चित के लिए लोगों को बार बार और प्रति वर्ष कुछ भेंट तथा बलिदान चढ़ाने होते थे। किंतु बलिदान का लहु उनके पापों को सदा के लिए दूर नहीं करता था (इब्रानियों १०:११)। केवल प्रभु यीशु के अमूल्य बलिदान और लहू में ही यह क्षमता है। अब इस नए नियम और अनुग्रह के काल में इन बलिदानों की कोई आवश्यक्ता नहीं रह गई है क्योंकि प्रभु यीशु के एक बलिदान और बहाए गए पवित्र लहू के द्वारा पापों की क्षमा का कार्य सबके लिए और सदा के लिए पूर्णतः संपन्न हो गया है। प्रभु यीशु का यह बलिदान और क्षमा का कार्य:

१. एक ही बार के लिए था -  वह पशुओं के बलिदान के समान नहीं है जिनका बार बार प्रति वर्ष बलिदान चढ़ाना पड़ता था (इब्रानियों १०:१-३, १०)।

२. वह हमें सभी पापों से पुरी तरह से शुद्ध और पवित्र करता है - जबकि पशुओं का बलिदान यह स्मरण मात्र कराता था कि एक निर्दोष पशु किसी दोशी मनुष्य के स्थान पर मारा जा रहा है, किंतु वह पशु उस मनुष्य के पापों को धो नहीं सकता था, उन्हें मिटा नहीं सकता था (इब्रानियों १०:३-६, ११)।

   किंतु अब "उस ने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्‍हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है" (इब्रानियों १०:१४)। केवल प्रभु यीशु में मिलने वाली पापों की क्षमा के द्वारा ही हम पापों से संपूर्णतः शुद्ध और पवित्र हो सकते हैं। अब हमें पापों की क्षमा के लिए अपने किसी प्रकार के प्रयासों या बलिदानों की आवश्यक्ता नहीं है। अब केवल पश्चाताप के साथ प्रभु यीशु से पापों की क्षमा मांगने और उसे अपना उद्धारकर्ता स्वीकार करने ही की आवश्यक्ता है। - सिंडी हैस कैस्पर


प्रभु यीशु के लहु की सामर्थ प्रत्येक पाप के हर दाग़ को धो डालने में सक्षम है।

क्‍योंकि अनहोना है, कि बैलों और बकरों का लोहू पापों को दूर करे। - इब्रानियों १०:४

बाइबल पाठ: इब्रानियों १०:१-१८
Heb 10:1  क्‍योंकि व्यवस्था जिस में आने वाली अच्‍छी वस्‍तुओं का प्रतिबिम्ब है, पर उन का असली स्‍वरूप नहीं, इसलिये उन एक ही प्रकार के बलिदानों के द्वारा, जो प्रति वर्ष अचूक चढ़ाए जाते हैं, पास आने वालों को कदापि सिद्ध नहीं कर सकतीं। 
Heb 10:2  नहीं तो उन का चढ़ाना बन्‍द क्‍यों न हो जाता? इसलिये कि जब सेवा करने वाले एक ही बार शुद्ध हो जाते, तो फिर उन का विवेक उन्‍हें पापी न ठहराता। 
Heb 10:3  परन्‍तु उन के द्वारा प्रति वर्ष पापों का स्मरण हुआ करता है। 
Heb 10:4  क्‍योंकि अनहोना है, कि बैलों और बकरों का लोहू पापों को दूर करे। 
Heb 10:5   इसी कारण वह जगत में आने समय कहता है, कि बलिदान और भेंट तू ने न चाही, पर मेरे लिये एक देह तैयार किया। 
Heb 10:6   होम-बलियों और पाप-बलियों से तू प्रसन्न नहीं हुआ। 
Heb 10:7 &nb