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शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2017

बचाना


   फिल्म Man of Steel सन 2013 में प्रदर्श्न के लिए आई; यह फिल्म अलौकिक सामर्थ रखने वाले काल्पनिक पात्र सूपरमैन पर आधारित है, जिसकी कहानी पर बनी कई फिल्में पहले भी आ चुकी हैं। इस नई फिल्म में असाधारण स्पेशल-इफ़ेक्ट हैं और इसकी कहानी का एक्शन अविरल चलता रहता है। इसलिए यह फिल्म संसार भर में बहुत लोकप्रीय हुई और संसार भर में लोग इसे देखने के लिए सिनेमा घरों की ओर आकर्षित हुए। कुछ का कहना था कि इस फिल्म का आकर्षण उसमें प्रयुक्त अनूठी टेक्नौलोजी था; जबकि कुछ अन्य यह मानते थे कि सूपरमैन की कहानी के आकर्षण ने इसे इतना लोकप्रीय बनाया।

   इस फिल्म की नायिका, लोइस लेन की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री एमी एडम्स का सूपरमैन के प्रति आकर्षण के बारे में मानना है कि यह आकर्षण एक मूलभूत मानवीय आकांक्षा के कारण है - बचाए जाने की आकांक्षा। एमी ने कहा: "कौन यह नहीं मानना चाहेगा कि ऐसा एक व्यक्ति है जो हमें हर परिस्थिति में बचा सकता है, हमें हम से भी बचा सकता है?"

   यह बड़ा अद्भुत प्रश्न है; और इसका उत्तर है कि इस संसार में हमें हर परिस्थिति तथा हमें हमसे भी बचाने वाला व्यक्ति पहले ही आ चुका है, और उसका नाम है प्रभु यीशु मसीह। प्रभु यीशु के जन्म, जीवन, सेवकाई, मृत्यु और पुनरुत्थान तथा उसके जगत का उद्धारकर्ता होने के बारे में परमेश्वर के वचन बाइबल में प्राचीन काल से अनेकों भविष्यवाणियाँ दर्ज की गईं। उनके जन्म से संबंधित एक भविष्यवाणी में जिब्राइल नामक स्वर्गदूत द्वारा प्रभु यीशु के सांसारिक पिता यूसुफ से कही गई बात थी: "वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा" (मत्ती 1:21)।

   बाइबल की भविष्यवाणियों के अनुसार प्रभु यीशु संसार में आए और अपने बलिदान तथा पुनरुत्थान द्वारा समस्त संसार के सभी मनुष्यों के लिए पापों की क्षमा तथा उद्धार का मार्ग बना कर उपलब्ध कर दिया। बचाए जाने की आकांक्षा जो सभी मनुष्यों के हृदयों में बनी रहती है, उसकी पूर्ति अन्ततः केवल प्रभु यीशु मसीह में ही होती है; क्योंकि यीशु नाम का अर्थ है "प्रभु बचाने वाला", और हमें बचाना उसके संसार में आने का उद्देश्य था। - बिल क्राउडर


यीशु का नाम और काम एक ही हैं - हमें बचाना।

क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत, युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। - यशायाह 9:6

बाइबल पाठ: मत्ती 1:18-25
Matthew 1:18 अब यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार से हुआ, कि जब उस की माता मरियम की मंगनी यूसुफ के साथ हो गई, तो उन के इकट्ठे होने के पहिले से वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गई। 
Matthew 1:19 सो उसके पति यूसुफ ने जो धर्मी था और उसे बदनाम करना नहीं चाहता था, उसे चुपके से त्याग देने की मनसा की। 
Matthew 1:20 जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्‍वप्‍न में दिखाई देकर कहने लगा; हे यूसुफ दाऊद की सन्तान, तू अपनी पत्‍नी मरियम को अपने यहां ले आने से मत डर; क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है। 
Matthew 1:21 वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा। 
Matthew 1:22 यह सब कुछ इसलिये हुआ कि जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था; वह पूरा हो। 
Matthew 1:23 कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “परमेश्वर हमारे साथ”। 
Matthew 1:24 सो यूसुफ नींद से जागकर प्रभु के दूत की आज्ञा अनुसार अपनी पत्‍नी को अपने यहां ले आया। 
Matthew 1:25 और जब तक वह पुत्र न जनी तब तक वह उसके पास न गया: और उसने उसका नाम यीशु रखा।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 9-11
  • मरकुस 5:1-20


शुक्रवार, 18 मार्च 2016

सुगन्ध


   कुछ सुगन्ध अविस्मर्णीय होती हैं। अभी हाल की बात है, मेरे पति की शेविंग क्रीम समाप्त होने को थी। मैंने कहा, "मैं कुछ खरीद लाऊँगी"; उन्होंने अपनी शेविंग क्रीम दिखाते हुए पूछा, "तुम यह वाली ही लाना; मुझे इसकी सुगन्ध बहुत पसन्द है - मेरे पिता भी सदा यही प्रयोग करते थे।" मैं यह सुनकर मुस्कुराई और मुझे अपने साथ घटी वह घटना स्मरण हो आई जब अचानक ही कहीं से मुझे उस शैम्पू की सुगन्ध आई थी जो मेरे बचपन में मेरी माँ मेरे बाल धोने के लिए प्रयोग करती थीं और उस सुगन्ध से मैं अपने बचपन की यादों में चली गई थी। मेरे और मेरे पति के अन्दर, सुगन्ध के कारण, एक भावनात्मक प्रतिक्रिया हुई थी और हम उन लोगों की सुखद यादों में चले गए थे जो हमारे प्रीय थे।

   ऑलिवर वेन्डल होम्स ने कहा था, "यादें, कलपनाएं, बीती भावनाएं और भावनात्मक प्रतिक्रियाएं किसी भी अन्य माध्यम की अपेक्षा सुगन्ध के द्वारा अधिक सरलता से जागृत हो जाती हैं।"

   इसलिए, कैसा रहे यदि हमारे जीवन ऐसे हों जो सुगन्ध के समान लोगों को हमारे प्रभु परमेश्वर की ओर आकर्षित करें? परमेश्वर के वचन बाइबल में 2 कुरिन्थियों 2:15 में प्रेरित पौलुस लिखता है: "क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं।" अर्थात हमारे जीवन की सुगन्ध ना केवल परमेश्वर को भाने वाली हो, वरन उससे अन्य लोग भी परमेश्वर की ओर आकर्षित होने पाएं, ना कि हमारे कारण लोग परमेश्वर से दूर हों। हम मसीही विश्वासी जो प्रभु यीशु के बलिदान के महत्व को जानते और समझते हैं, हमारे पास यह सुअवसर है कि हम संसार में मसीह यीशु की सुगन्ध बनकर जीवन व्यतीत करें, मसीह यीशु के गुण और चरित्र को औरों को स्मरण कराते रहने के माध्यम बनें।

   मसीह यीशु की समानता में होने की मीठी सुगन्ध, जगत के उद्धारकर्ता की ओर लोगों को आकर्षित करने का अत्यन्त प्रभावी माध्यम बन सकता है। - सिंडी हैस कैसपर


जब हम परमेश्वर के साथ-साथ चलते हैं तो अपने पीछे एक ऐसी मोहक सुगन्ध छोड़ जाते हैं जो दूसरों को मसीह यीशु का अनुसरण करने के लिए प्रेरित करती है।

और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया। - इफिसियों 5:2

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 2:12-17
2 Corinthians 2:12 और जब मैं मसीह का सुसमाचार, सुनाने को त्रोआस में आया, और प्रभु ने मेरे लिये एक द्वार खोल दिया। 
2 Corinthians 2:13 तो मेरे मन में चैन न मिला, इसलिये कि मैं ने अपने भाई तितुस को नहीं पाया; सो उन से विदा हो कर मैं मकिदुनिया को चला गया। 
2 Corinthians 2:14 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। 
2 Corinthians 2:15 क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं। 
2 Corinthians 2:16 कितनों के लिये तो मरने के निमित्त मृत्यु की गन्‍ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है? 
2 Corinthians 2:17 क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं। 

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 32-34
  • मरकुस 15:26-47


शनिवार, 13 अक्टूबर 2012

पोशाक


   एक मसीही मठ के निवासी माइकल सेंट जैक्स ने Hemispheres पत्रिका को दिए गए साक्षात्कार में बताया कि उनकी विशिष्ट पोशाक देखकर लोग उनकी ओर आकर्षित होते हैं। मठ की ओर से यह बाध्य नहीं है कि वे इस पोशाक को पहनें; पहनना या ना पहनना उनका अपना निर्णय है, किंतु वे और मठ के अनेक अनुयायी इसे पहनते हैं क्योंकि इससे लोग उनके साथ बातें करने के लिए आते हैं, मन खोलकर अपने अन्दर की बातें बताते हैं, ऐसी बातें जो वे किसी अन्य के साथ कभी नहीं बांटते। बिलकुल अनजान लोग अपने बीते जीवन की गलतियां स्वीकार कर के पूछते हैं कि क्या परमेश्वर उन्हें क्षमा करेगा? माइकल और उसके साथ के अन्य मठ अनुयायियों की पोशाक ने उन्हें लोगों के लिए सुगम्य बना दिया है। आज के समय में जब किसी जानकार या संबंधी के पास जाकर मन की बात करना भी लोगों को कठिन लगता है, और हम संसार में एक दूसरे से अपने आप को अलग रखने का एक ’कवच’ सा पहने चलते रहते हैं, एक पोशाक से मिली यह सुगमता एक अद्भुत बात है।

   प्रभु यीशु के विषय में हम परमेश्वर के वचन बाइबल में पाते हैं कि वह जहां कहीं भी जाते थे, हर तरह के लोग उनके पास बड़ी सहजता से आते थे। लोग प्रभु के पास आते थे कि उनसे सीखें, सहायता प्राप्त करें, बीमारियों से चंगाई पाएं, आत्मियता पाएं और क्षमा प्राप्त करें। जब समाज के कुछ अगुवों ने प्रभु यीशु की इस बात के लिए आलोचना करी कि वे महसूल लेने वालों और पापियों के साथ संगति रखता है तो "यीशु ने यह सुनकर, उन से कहा, भले चंगों को वैद्य की आवश्यकता नहीं, परन्‍तु बीमारों को है: मैं धमिर्यों को नहीं, परन्‍तु पापियों को बुलाने आया हूं" (मरकुस २:१७)।

   हम जो प्रभु यीशु के अनुयायी हैं, हमसे परमेश्वर का वचन कहता है कि "प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाषाओं को पूरा करने का उपाय ना करो" (रोमियों १३:१४)। आज हमारे आस-पास के लोग हमें किस रूप में जानते हैं - अलग रहने वाले या मिलनसार और सुगम्य? यदि आज हमारे कार्यों और व्यवहार ने हमें ऐसा व्यस्त कर दिया है कि हमारे पास लोगों के लिए समय नहीं है, हम उनके साथ बैठकर बात नहीं कर सकते, उन्हें शांति और सांत्वना नहीं दे सकते तो हमें अपने बारे में गंभीरता से सोचने और जांचने की आवश्यक्ता कि क्या वास्तव में हमने मसीह यीशु को पहन लिया है? क्या वह वाकई हमारी पोशाक है?

   यदि जगत का उद्धारकर्ता प्रभु यीशु वास्तव में हमारी पोशाक होगा तो लोग हमारी ओर आकर्षित होंगे, सहजता के साथ हमसे बातें करने पाएंगे, अपने मन के बोझ हमारे साथ बांट कर हलके करने पाएंगे और अपने प्रभु के समान हम भी उन्हें वह शांति देने पाएंगे जिसकी उन्हें आवश्यक्ता है। - डेविड माइक्कैसलैंड


दूसरों की सहायता के लिए उपलब्ध रहना मसीह यीशु को आदर देता है।

यीशु ने यह सुनकर, उन से कहा, भले चंगों को वैद्य की आवश्यकता नहीं, परन्‍तु बीमारों को है: मैं धमिर्यों को नहीं, परन्‍तु पापियों को बुलाने आया हूं। - मरकुस २:१७

बाइबल पाठ: मरकुस २:१३-१७
Mar 2:13  वह फिर निकल कर झील के किनारे गया, और सारी भीड़ उसके पास आई, और वह उन्‍हें उपदेश देने लगा। 
Mar 2:14   जाते हुए उस ने हलफई के पुत्र लेवी को चुंगी की चौकी पर बैठे देखा, और उस से कहा, मेरे पीछे हो ले। 
Mar 2:15  और वह उठकर, उसके पीछे हो लिया: और वह उसके घर में भोजन करने बैठे; क्‍योंकि वे बहुत से थे, और उसके पीछे हो लिये थे। 
Mar 2:16  और शास्‍त्रियों और फरीसियों ने यह देखकर, कि वह तो पापियों और चुंगी लेने वालों के साथ भोजन कर रहा है, उसक चेलों से कहा; वह तो चुंगी लेने वालों और पापियों के साथ खाता-पीता है! 
Mar 2:17  यीशु ने यह सुनकर, उन से कहा, भले चंगों को वैद्य की आवश्यकता नहीं, परन्‍तु बीमारों को है: मैं धमिर्यों को नहीं, परन्‍तु पापियों को बुलाने आया हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ४१-४२ 
  • १ थिस्सलुनीकियों १

मंगलवार, 25 अक्टूबर 2011

आकर्षण

   एक व्यक्ति अपने मित्र से मिलने उसके शहर गया। मित्र ने उसे अपने शहर का एक सुन्दर भवन दिखाया, किंतु उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई। उसकी खामोशी से निराश हो कर मित्र ने पूछा, "क्या यह भवन तुम्हें सुन्दर नहीं लगा?" उसने उत्तर दिया, "नहीं, क्योंकि मैं रोम के भवन देख कर आ रहा हूँ।" क्योंकि वह रोम के भव्य भवन देख चुका था, इसलिए मित्र के शहर के भवन उनके सामने उसे फीके प्रतीत हुए और उसे उन भवनों में कोई रुचि नहीं हुई।

   प्रसिद्ध प्रचारक स्पर्जन ने इस कहानी पर टिप्पणी करते हुए कहा, "हे मसीही विश्वासी, यदि संसार तुम्हें अपने दृश्यों और संभावनाओं द्वारा आकर्षित करता है, तो स्वर्ग के उस दर्शन के समक्ष जो तुम्हें दिया गया है, और जिसे तुम विश्वास द्वारा कभी भी पुनः देख सकते हो, संसार के उन दृश्यों और प्रलोभनों को तुच्छ जानो।"
   जिन विश्वासियों ने परमेश्वर के वचन में विश्वास द्वारा स्वर्ग का स्वाद चख लिया है, और मसीह यीशु में होकर मिलने वाली स्वर्गीय आशीशों को जान लिया है, वे इस संसार के प्रलोभनों से आकर्षित नहीं होते। वे संसार के खोखलेपन और व्यर्थ आकर्षणों की सत्यता को पहचानते हैं और उनसे प्रभावित नहीं होते।

   खरी और अनन्त मूल्य की बातों को पहचान कर वे संसार की क्षणिक और नशवर बातों के लिए कहते हैं, "यह संसार ले लो, और मुझे यीशु दे दो।" - रिचर्ड डी हॉन

यदि मसीह हमें आकर्षित करता है तो संसार हमारा ध्यान भंग नहीं कर सकता।

तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्‍तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है। - १ युहन्ना २:१५
 
बाइबल पाठ: १ युहन्ना २:१२-१७
    1Jn 2:12  हे बालको, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि उसके नाम से तुम्हारे पाप क्षमा हुए।
    1Jn 2:13  हे पितरों, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि जो आदि से है, तुम उसे जानते हो: हे जवानों, मैं तुम्हें इसलिये लिखता हूं, कि तुम ने उस दुष्‍ट पर जय पाई है: हे लड़कों मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि तुम पिता को जान गए हो।
    1Jn 2:14  हे पितरों, मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि जो आदि से है तुम उसे जान गए हो: हे जवानो, मैं ने तुम्हें इसलिये लिखा है, कि बलवन्‍त हो, और परमेश्वर का वचन तुम में बना रहता है, और तुम ने उस दुष्‍ट पर जय पाई है।
    1Jn 2:15  तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्‍तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है।
    1Jn 2:16  क्‍योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्‍ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्‍तु संसार ही की ओर से है।
    1Jn 2:17  और संसार और उस की अभिलाषाएं दोनों मिटते जाते हैं, पर जो परमेश्वर की इच्‍छा पर चलता है, वह सर्वदा बना रहेगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यर्मियाह ६-८ 
  • १ तिमुथियुस ५