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गुरुवार, 19 मार्च 2020

समय



      संसार के उत्तरी गोलार्ध में आज बसंत ऋतु का पहला दिन है, और दक्षिणी गोलार्ध में यह पतझड़ का पहला दिन है। आज के दिन सूर्य भूमध्य रेखा पर सीधा चमकता है और सारे संसार में दिन और रात लगभग समान समय के होते हैं। बहुत से लोगों के लिए नए मौसम महत्वपूर्ण होते हैं। वे मौसम बदलने के दिन गिनते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि नया समय कुछ नया और अच्छा लेकर आएगा। हो सकता है कि, यदि आप उत्तरी गोलार्ध में हैं तो शरद ऋतु की समाप्ति और बसंत तथा ग्रीष्म ऋतु के आगमन की प्रतीक्षा में हों; या यदि दक्षिणी गोलार्ध में हैं, तो ग्रीष्म ऋतु के अंत और पतझड़ तथा शरद ऋतु के आगमन की प्रतीक्षा में हों।

      इसी प्रकार से हमारे जीवनों के समय भी बदलते रहते हैं, और इन परिवर्तनों का मौसम के साथ कोई लेना-देना नहीं होता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में सभोपदेशक पुस्तक का लेखक हमें बताता है कि आकाश के नीचे प्रत्येक कार्य के लिए एक समय निर्धारित है – परमेश्वर के द्वारा निर्धारित समय, जिसमें हम अपना जीवन काल व्यतीत करते हैं (3:1-11)।

      मूसा ने अपने जीवन के नए समय के बारे में कहा, जब वह इस्राएलियों को जंगल से कनान तक लेकर आया, और अब उसे उनका नेतृत्व यहोशू को सौंपना था (व्यवस्थाविवरण 31:2)। पौलुस को रोम में घर में बंदी बना कर रखे जाने के समय अकेलेपन के समय का सामना करना पड़ा – उसने मिलने वालों के आने के लिए प्रार्थना की, साथ ही यह भी पहचाना कि परमेश्वर उसके साथ बना हुआ था (2 तीमुथियुस 4:17)।

      हमारे जीवनों में समय कुछ भी चल रहा हो, हमें सदा परमेश्वर के धन्यवादी रहना चाहिए, उसकी महानता, सहायता, और संगति के सदा हमारे साथ बने रहने लिए। - डेव ब्रैनन

हर समय परमेश्वर में आनंदित रहने का समय है।

प्रभु में सदा आनन्‍दित रहो; मैं फिर कहता हूं, आनन्‍दित रहो। - फिलिप्पियों 4:4

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 3:1-11
सभोपदेशक 3:1 हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है।
सभोपदेशक 3:2 जन्म का समय, और मरण का भी समय; बोने का समय; और बोए हुए को उखाड़ने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:3 घात करने का समय, और चंगा करने का भी समय; ढा देने का समय, और बनाने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:4 रोने का समय, और हंसने का भी समय; छाती पीटने का समय, और नाचने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:5 पत्थर फेंकने का समय, और पत्थर बटोरने का भी समय; गले लगाने का समय, और गले लगाने से रुकने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:6 ढूंढ़ने का समय, और खो देने का भी समय; बचा रखने का समय, और फेंक देने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:7 फाड़ने का समय, और सीने का भी समय; चुप रहने का समय, और बोलने का भी समय है;
सभोपदेशक 3:8 प्रेम का समय, और बैर करने का भी समय; लड़ाई का समय, और मेल का भी समय है।
सभोपदेशक 3:9 काम करने वाले को अधिक परिश्रम से क्या लाभ होता है?
सभोपदेशक 3:10 मैं ने उस दु:ख भरे काम को देखा है जो परमेश्वर ने मनुष्यों के लिये ठहराया है कि वे उस में लगे रहें।
सभोपदेशक 3:11 उसने सब कुछ ऐसा बनाया कि अपने अपने समय पर वे सुन्दर होते है; फिर उसने मनुष्यों के मन में अनादि-अनन्त काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, तौभी काल का ज्ञान उत्पन्न किया है, वह आदि से अन्त तक मनुष्य बूझ नहीं सकता।

एक साल में बाइबल: 
  • यहोशू 1-3
  • मरकुस 16



शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

वस्त्र



      शरद ऋतु के लिए खरीदे गए एक वस्त्र पर से उसकी कीमत का लेबल हटाते हुए मेरा ध्यान उस लेबल की पिछली ओर लिखी हुई बात पर गया। वस्त्र को बनाने वालों ने लिखा था, “चेतावनी: इस अद्भुत वस्त्र को पहिनने के पश्चात आप बाहर जाना एवँ रहना चाहेंगे।” मैं उनकी बात को पढ़कर मुस्कुराया। यदि ऋतु के अनुसार ठीक से वस्त्र पहिनें हों तो व्यक्ति कठोर मौसम में भी सुरक्षित रह सकता है।

      यही सिद्धांत हमारे आत्मिक जीवन में भी लागू होता है। प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के नाते, प्रभु ने हमें जीवन के प्रत्येक ‘मौसम’ के लिए आवश्यक उचित ‘वस्त्र’ अपने वचन बाइबल में प्रदान किए हैं। कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी पत्री में प्रेरित पौलुस उन्हें लिखता है, “इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो” (कुलुस्सियों 3:12-13)।

      जो वस्त्र परमेश्वर उपलब्ध करवाता है, जैसे कि करुणा, भलाई, दीनता, और नम्रता, वे हमें सक्षम करते हैं कि हम विरोध, और आलोचना का सामना धैर्य, क्षमा, और प्रेम के साथ करें। जीवन की आँधी-तूफानों में उन ‘वस्त्रों’ से हमें स्थिर बने रहने की शक्ति मिलती है।

      जब हम घर, स्कूल, या कार्यस्थल पर विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हैं, तो जो “वस्त्र” परमेश्वर हमें पहिनने के लिए कहता है, वे हमारी सुरक्षा करते हैं, और हमें सक्षम करते हैं कि हम सकारात्मक प्रभाव डाल सकें। परमेश्वर के मार्गदर्शन के अनुसार ‘वस्त्र’ पहिनने से हमारे लिए मौसम तो नहीं बदलता है, परन्तु वे वस्त्र हमें उस मौसम को सहने और उसमें सुरक्षित रहने की क्षमता प्रदान करते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड

भलाई वह तेल है जो जीवन से घर्षण को दूर करता है।

वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो। - रोमियों 13:14

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:8-17
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है।
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलातियों 6



शनिवार, 26 फ़रवरी 2011

कठिन परीक्षा की घड़ी

मौसम की जानकारी देने वाले ने अपने नक्शे को दिखाते हुए कहा "मुझे भय है कि स्थिति सुधरने से पहले और कठिन होगी।" उसकी यह भविष्यवाणी इस्त्राएल की प्रजा का चित्रण करती है, जब वे मिस्त्र के दासत्व से निकलने की बाट जोह रहे थे और परमेश्वर ने उनकी रिहाई की योजना बना रखी थी। लेकिन उनके लिये परिस्थितियां तेज़ी से बिगड़ने लगीं थीं। सताव और शोष्ण की तेज़ हवाएं अब भीष्ण तूफान का रूप ले रहीं थीं। कुछ समय पहले वे लोग बड़े उत्साह से अपनी रिहाई की बातें करते थे; परन्तु उनके लिये वही मूसा जो उनकी रिहाई का योजनाकार था, अब उनके दुखों का कारण बन गया था। फिरौन की नज़रों में यदि दासों के पास आज़ादी के स्वपन देखने का समय था, तो उनके पास बहुत अधिक समय था; इसलिये फिरौन ने उनके काम का बोझ बढ़ा दिया और काम के लिये आवश्यक सामग्री देना बन्द कर दिया और उनसे कहा कि अपनी सामग्री आप अर्जित करो, लेकिन काम में कोई कमी नहीं होगी, और उनके अगुवों की पिटाई करवाई। मूसा भी इस्त्राएलियों की इस दुर्दशा से विसमित होकर परमेश्वर के सामने स्पष्टिकरण के लिये विलाप करने लगा।

लेकिन समय ने दिखा दिया कि परमेश्वर की योजना में कोई बाधा नहीं थी। लोगों की वह भीड़ मिस्त्र की दासता से सदा के लिये निकलने के लिये तैयार करी जा रही थी, और सब कुछ समयबद्ध हो रहा था। परमेश्वर ने जान बूझकर हालात को सुधरने से पहले बिगड़ने दिया ताकि वे अपने विश्वास की परीक्षा द्वारा परमेश्वर की सामर्थ को देख सकें और उसपर अपने विश्वास को दृढ़ कर सकें।

यह घटना हमारे लिये एक शिक्षा और सांत्वना का स्त्रोत है। जब संसार हम पर चढ़ा चला आता है, और परिस्थितियां कठिन होती लगती हैं, हम इस बात द्वारा शांति पा सकते हैं कि हमारी स्थिति का निर्देशक संसार नहीं, वरन संसार पर प्रभुता करने वाला परमेश्वर है। - मार्ट डी हॉन


भोर से पहले ही रात सबसे अंधेरी होती है।

जो अपने ऊपर भरोसा रखता है, वह मूर्ख है; और जो बुद्धि से चलता है, वह बचता है। - नीतिवचन २८:२६


बाइबल पाठ: निर्गमन ६:१-८

तब यहोवा ने मूसा से कहा, अब तू देखेगा कि मैं फिरौन से क्या करूंगा; जिस से वह उनको बरबस निकालेगा, वह तो उन्हें अपने देश से बरबस निकाल देगा।
और परमेश्वर ने मूसा से कहा, कि मैं यहोवा हूं।
मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर के नाम से इब्राहीम, इसहाक, और याकूब को दर्शन देता था, परन्तु यहोवा के नाम से मैं उन पर प्रगट न हुआ।
और मैं ने उनके साथ अपनी वाचा दृढ़ की है, अर्थात कनान देश जिस में वे परदेशी होकर रहते थे, उसे उन्हें दे दूं।
और इस्राएली जिन्हें मिस्री लोग दासत्व में रखते हैं उनका कराहना भी सुनकर मैं ने अपनी वाचा को स्मरण किया है।
इस कारण तू इस्राएलियों से कह, कि मैं यहोवा हूं, और तुम को मिस्रियों के बोझों के नीचे से निकालूंगा, और उनके दासत्व से तुम को छुड़ाऊंगा, और अपनी भुजा बढ़ाकर और भारी दण्ड देकर तुम्हें छुड़ा लूंगा,
और मैं तुम को अपनी प्रजा बनाने के लिये अपना लूंगा, और मैं तुम्हारा परमेश्वर ठहरूंगा और तुम जान लोगे कि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं जो तुम्हें मिस्रियों के बोझों के नीचे से निकाल ले आया।
और जिस देश के देने की शपथ मैं ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब से खाई थी उसी में मैं तुम्हें पहुंचा कर उसे तुम्हारा भाग कर दूंगा। मैं तो यहोवा हूं।

एक साल में बाइबल:
  • गिनती १५-१६
  • मरकुस ६:१-२९