ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

सक्षम लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सक्षम लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 19 अक्टूबर 2020

सहायता

 

         सन 2017 में हार्वे नामक चक्रवाधी समुद्री तूफ़ान से पूर्वी टेक्सास प्रांत में विनाशकारी बाढ़ आ गई। वर्षा के प्रचंड प्रहार से हज़ारों लोग अपने अपने घरों में ही फंसे रह गए, बाढ़ के पानी से बाहर न निकल पाने के कारण। ऐसे में अनेकों नागरिक प्रांत तथा देश के अन्य भागों से अपनी नावों को लेकर आए और लोगों की सहायता की, उन्हें बाहर निकालने में सहायक हुए। इन लोगों को “टेक्सास नेवी” का नाम दिया गया।

         इन साहसी एवं उदार लोगों का यह कार्य परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन 3:27 का स्मरण करवाता है, जो हमें निर्देश देता है कि हम औरों की यथासंभव सहायता करें, जब भी हमें अवसर मिले। उन लोगों के पास आवश्यकता में पड़े लोगों की सहायता करने के लिए अपनी नावों को लगा देने की सामर्थ्य थी, और उन्होंने यही किया भी।  उनका यह कार्य उनके पास उपलब्ध संसाधनों का दूसरों की सहायता और भलाई में उपयोग करने की चाह को दिखाता है।

         हम सदा ही अपने आप को हमारे सामने आई आवश्यकता के सक्षम अनुभव नहीं करते हैं; अकसर हम यह सोचकर निष्क्रिय हो जाते हैं कि हमारे पास उस कार्य के योग्य कौशल, अनुभव, संसाधन, या समय नहीं है जिससे हम सहायता कर सकें। इसलिए परिस्थिति आने पर हम अपने आप को एक किनारे कर लेते हैं, बिना उसे किसी महत्व का समझे, जो हमारे पास है और जिससे हम किसी और की सहायता कर सकते हैं।

         “टेक्सास नेवी” के वह लोग न तो पानी को चढ़ने से रोक सकते थे, और न ही सरकारी सहायता लाए जाने के लिए कोई कानून बना सकते थे। परन्तु उनके पास जो कुछ भी था, उन्होंने उसे ही अपने लोगों की सहायता के लिए प्रयोग किया। हमारे पास उपलब्ध संसाधन चाहे जो भी हों, हम समय और आवश्यकता के अनुसार उनका प्रयोग लोगों की सहायता के लिए करें। - कर्स्टन होल्मबर्ग

 

परमेश्वर अपने लोगों की सहायता अन्य लोगों के द्वारा ही करता है।


इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ। - गलातियों 6:10

बाइबल पाठ: नीतिवचन 3:21-31

नीतिवचन 3:21 हे मेरे पुत्र, ये बातें तेरी दृष्टि की ओट न होने पाएं; खरी बुद्धि और विवेक की रक्षा कर,

नीतिवचन 3:22 तब इन से तुझे जीवन मिलेगा, और ये तेरे गले का हार बनेंगे।

नीतिवचन 3:23 और तू अपने मार्ग पर निडर चलेगा, और तेरे पांव में ठेस न लगेगी।

नीतिवचन 3:24 जब तू लेटेगा, तब भय न खाएगा, जब तू लेटेगा, तब सुख की नींद आएगी।

नीतिवचन 3:25 अचानक आने वाले भय से न डरना, और जब दुष्टों पर विपत्ति आ पड़े, तब न घबराना;

नीतिवचन 3:26 क्योंकि यहोवा तुझे सहारा दिया करेगा, और तेरे पांव को फन्दे में फंसने न देगा।

नीतिवचन 3:27 जिनका भला करना चाहिये, यदि तुझ में शक्ति रहे, तो उनका भला करने से न रुकना।

नीतिवचन 3:28 यदि तेरे पास देने को कुछ हो, तो अपने पड़ोसी से न कहना कि जा कल फिर आना, कल मैं तुझे दूंगा।

नीतिवचन 3:29 जब तेरा पड़ोसी तेरे पास बेखटके रहता है, तब उसके विरुद्ध बुरी युक्ति न बान्धना।

नीतिवचन 3:30 जिस मनुष्य ने तुझ से बुरा व्यवहार न किया हो, उस से अकारण मुकद्दमा खड़ा न करना।

नीतिवचन 3:31 उपद्रवी पुरुष के विषय में डाह न करना, न उसकी सी चाल चलना;

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 56-58
  • 2 थिस्सलुनीकियों 2

गुरुवार, 30 जनवरी 2020

सक्षम और उपलब्ध



      जिस समय मुझे पता चला कि मेरी माँ को कैंसर है, उस समय मेरे पति काम पर बाहर गए हुए थे। मैंने यह बताने के लिए उन्हें एक सन्देश भेजा और फिर अपने मित्रों तथा परिवार जनों से संपर्क करने लगी, उन्हें बताने और उनसे प्रार्थना की सहायता का निवेदन करने के लिए; किन्तु कोई भी उपलब्ध नहीं था। थरथराते हुए हाथों से अपने चहरे को ढांपते हुए मैं सुबकने लगी और परमेश्वर से कहने लगी, “परमेश्वर मेरी सहायता कीजिए।” उस समय में जब मैं बिलकुल अकेली थी, मैंने एक आश्वासन अनुभव किया कि परमेश्वर मेरे साथ है और मुझे शान्ति दे रहा है।

      मैंने प्रभु परमेश्वर का धन्यवाद किया जब मेरे पति घर आए तथा औरों से भी प्रोत्साहन के समाचार आने लगे। परन्तु फिर भी उन अकेले पलों में परमेश्वर की शांत करने वाली उपस्थिति जो मैंने अनुभव की थी, उससे मैं आश्वस्त हुई कि परमेश्वर सहजता से उपलब्ध है और मैं उस पर भरोसा रख सकती हूँ, जब भी और जहां भी मुझे उसकी सहायता की आवश्यकता हो।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार, भजन 46 में कहता है कि परमेश्वर हमारा शरणस्थान है, ऊंचा गढ़, और भरोसेमंद सहायक है (पद 1)। जब हमें ऐसा लगे कि हम अराजकता से घिरे हुए हैं, या, हम जिसे स्थिर समझे हुए थे वह हमारे चारों ओर ढहता जा रहा है, तब भी हमें भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है (पद 2-3)। परमेश्वर कभी लड़खड़ाता नहीं है (पद 4-7)। उसकी सामर्थ्य प्रगट एवं प्रभावी है (पद 8-9)। हमारा सदा संभालने वाला हमें अपने अपरिवर्तनीय चरित्र के द्वारा आश्वस्त करता है (पद 10)। हमारा प्रभु, हमारा सुरक्षित शरणस्थान, सदा हमारे साथ बना रहता है (पद 11)।

      प्रभु ने अपने अनुयायियों को एक दूसरे के साथ बने रहने और सहायता तथा प्रोत्साहित करने का दायित्व दिया है। परन्तु साथ ही वह यह भी आश्वासन देता है कि हमारी हर परिस्थिति के लिए वह सदा उपलब्ध और सक्षम है। वह न केवल अपने अनुयायियों के द्वारा वरन अपनी व्यक्तिगत उपस्थिति के द्वारा भी हमें शान्ति देता है। - जोशील डिक्सन

परमेश्वर हमारे सहायता के लिए सदा उपलब्ध और सक्षम है।

यहोवा के भय मानने से दृढ़ भरोसा होता है, और उसके पुत्रों को शरणस्थान मिलता है। - नीतिवचन 14:26

बाइबल पाठ: भजन 46
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई।
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psalms 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है।
Psalms 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है!
Psalms 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!
Psalms 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 23-24
  • मत्ती 20:1-16



शुक्रवार, 27 सितंबर 2019

वस्त्र



      शरद ऋतु के लिए खरीदे गए एक वस्त्र पर से उसकी कीमत का लेबल हटाते हुए मेरा ध्यान उस लेबल की पिछली ओर लिखी हुई बात पर गया। वस्त्र को बनाने वालों ने लिखा था, “चेतावनी: इस अद्भुत वस्त्र को पहिनने के पश्चात आप बाहर जाना एवँ रहना चाहेंगे।” मैं उनकी बात को पढ़कर मुस्कुराया। यदि ऋतु के अनुसार ठीक से वस्त्र पहिनें हों तो व्यक्ति कठोर मौसम में भी सुरक्षित रह सकता है।

      यही सिद्धांत हमारे आत्मिक जीवन में भी लागू होता है। प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी होने के नाते, प्रभु ने हमें जीवन के प्रत्येक ‘मौसम’ के लिए आवश्यक उचित ‘वस्त्र’ अपने वचन बाइबल में प्रदान किए हैं। कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी पत्री में प्रेरित पौलुस उन्हें लिखता है, “इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो” (कुलुस्सियों 3:12-13)।

      जो वस्त्र परमेश्वर उपलब्ध करवाता है, जैसे कि करुणा, भलाई, दीनता, और नम्रता, वे हमें सक्षम करते हैं कि हम विरोध, और आलोचना का सामना धैर्य, क्षमा, और प्रेम के साथ करें। जीवन की आँधी-तूफानों में उन ‘वस्त्रों’ से हमें स्थिर बने रहने की शक्ति मिलती है।

      जब हम घर, स्कूल, या कार्यस्थल पर विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हैं, तो जो “वस्त्र” परमेश्वर हमें पहिनने के लिए कहता है, वे हमारी सुरक्षा करते हैं, और हमें सक्षम करते हैं कि हम सकारात्मक प्रभाव डाल सकें। परमेश्वर के मार्गदर्शन के अनुसार ‘वस्त्र’ पहिनने से हमारे लिए मौसम तो नहीं बदलता है, परन्तु वे वस्त्र हमें उस मौसम को सहने और उसमें सुरक्षित रहने की क्षमता प्रदान करते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड

भलाई वह तेल है जो जीवन से घर्षण को दूर करता है।

वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो। - रोमियों 13:14

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:8-17
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है।
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है।
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं के समान जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो।
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलातियों 6



शनिवार, 2 जून 2018

भरोसा


   जबसे उसने मुझे यह बताया थी कि वह माँ बनने वाली है, मैं अपनी सहेली के लिए बहुत प्रसन्न थी! हम दोनों ने साथ-साथ मिलकर बच्चे के जन्म होने तक दिनों की गिनती की थी। परन्तु जब प्रसव के समय बच्चे को दिमागी क्षति हुई तो मेरा हृदय टूट गया, और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कैसे प्रार्थना करूँ। मैं बस इतना जानती थी कि मुझे किस से प्रार्थना करनी है – अपने पिता परमेश्वर से, क्योंकि जब हम उसे पुकारते हैं तब वह हमारी सुनता है।

   मैं जानती थी कि परमेश्वर आश्चर्यकर्म कर सकता है। उसने याईर की बेटी को मुर्दों में से जिलाया था (लूका 8:49-55) और ऐसा करते समय उसने उस लड़की के शरीर से उस रोग को भी चँगा किया था जिस के कारण उसकी मृत्यु हुई थी। इसलिए मैं ने प्रार्थना की कि वह मेरी सहेली के बच्चे को भी चंगाई प्रदान करे।

   परन्तु यदि परमेश्वर चंगाई न दे तो? मैं सोच में थी। चंगाई देने के लिए वह सक्षम तो है। क्या वह परवाह भी करता है? मुझे क्रूस पर प्रभु यीशु द्वारा उठाए गए दुःख और पीड़ा का स्मरण आया, और उसका स्पष्टीकरण कि “परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा” (रोमियों 5:8)। फिर मुझे अय्यूब के प्रश्न स्मरण आए और कैसे उसने अपने आस-पास की सृष्टि में परमेश्वर की बुद्धिमता को देखना सीखा था (अय्यूब 38-39)।

   धीरे-धीरे मुझे एहसास हुआ कि परमेश्वर कैसे हमारे जीवनों की बारीकियों में हमें अपने निकट बुलाता है। परमेश्वर के अनुग्रह में, मैंने और मेरी सहेली ने साथ-साथ यह सीखा कि प्रभु को पुकारना और उस पर भरोसा रखना क्या होता है – चाहे परिणाम जो कुछ भी हो। - पो फैंग चिया


जब जीवन आपको नीचे धकेल दे, 
तब आप प्रार्थना करने की सर्वोत्तम स्थिति में होते हैं।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: इब्रानियों 4:14-16
Hebrews 4:14 सो जब हमारा ऐसा बड़ा महायाजक है, जो स्‍वर्गों से हो कर गया है, अर्थात परमेश्वर का पुत्र यीशु; तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहे।
Hebrews 4:15 क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला।
Hebrews 4:16 इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 17-18
  • यूहन्ना 13:1-20