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Tuesday, January 31, 2012

साथ

   चन्द्रमा पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों पर बनी एक लघु फिल्म In the Shadow of the Moon में १९७२ में चांद पर भेजे गए अपोलो १६ यान के यात्री चार्ली ड्यूक की कहानी भी है। चार्ली और उसके साथ एक और अंतरिक्ष यात्री को चांद की सतह पर उतारा गया और वे तीन दिन तक वहां से चांद की चट्टानें एकत्रित करते रहे और प्रयोग करते रहे, फिर सुरक्षित वापस पृथ्वी पर लौट आए।

   बाद में चार्ली का आत्मिक परिवर्तन हुआ। चार्ली ने बताया कि एक मित्र ने उसे एक बाइबल अध्ययन में आमंत्रित किया; उस सभा के बाद चार्ली ने प्रभु यीशु से प्रार्थना करी, "मैं अपना जीवन आप को सौंपता हूं, यदि आप वास्तविक हैं तो मेरे जीवन में आईए।" इस प्रार्थना के बाद चार्ली ने एक अद्भुत शांति अपने अन्दर महसूस करी। यह अनुभव इतना गहरा और गंभीर था कि चार्ली अपने जीवन की यह घटना दूसरों के साथ बांटने लगा। अब चार्ली लोगों को बताने लगा कि "चांद पर मेरा चलना और रहना तीन दिन का ही था, और यह बहुत रोमांचकारी था; लेकिन परमेश्वर के साथ मेरा रहना और चलना अनन्तकाल का रोमांच है।"

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें एक और व्यक्ति के बारे में बताती है जो इस पृथ्वी पर रहते हुए भी परमेश्वर के साथ रहा और चला: "और हनोक परमेश्वर के साथ साथ चलता था; फिर वह लोप हो गया क्योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया" (उत्पत्ति ५:२४)। परमेश्वर के साथ हनोक का रहना और चलना इतना घनिष्ठ था कि परमेश्वर उसे सीधे ही अनन्तता में ले गया: "विश्वास ही से हनोक उठा लिया गया, कि मृत्यु को न देखे, और उसका पता नहीं मिला; क्‍योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया था, और उसके उठाए जाने से पहिले उस की यह गवाही दी गई थी, कि उस ने परमेश्वर को प्रसन्न किया है" (इब्रानियों ११:५)।

   चार्ली और हनोक, दोनो ही के जीवन से हम सीख सकते हैं कि मसीही विश्वासी के लिए जीवन यात्रा कैसी भी हो, उसका और परमेश्वर का साथ अनन्तकाल का है। - डेनिस फिशर


प्रतिदिन परमेश्वर की ज्योति में चलकर अनन्तकाल के लिए अपना लक्ष्य सुनिश्चित रखिए।

और हनोक परमेश्वर के साथ साथ चलता था; फिर वह लोप हो गया क्योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया। - उत्पत्ति ५:२४

बाइबल पाठ: इब्रानियों ११:१-६
Heb 11:1  अब विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है।
Heb 11:2  क्‍योंकि इसी के विषय में प्राचीनों की अच्‍छी गवाही दी गई।
Heb 11:3  विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्‍टि की रचना परमेश्वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्‍तुओं से बना हो।
Heb 11:4  विश्वास ही से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्वर के लिये चढ़ाया; और उसी के द्वारा उसके धर्मी होने की गवाही भी दी गई: क्‍योंकि परमेश्वर ने उस की भेंटों के विषय में गवाही दी; और उसी के द्वारा वह मरने पर भी अब तक बातें करता है।
Heb 11:5  विश्वास ही से हनोक उठा लिया गया, कि मृत्यु को न देखे, और उसका पता नहीं मिला; क्‍योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया था, और उसके उठाए जाने से पहिले उस की यह गवाही दी गई थी, कि उस ने परमेश्वर को प्रसन्न किया है।
Heb 11:6  और विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है, क्‍योंकि परमेश्वर के पास आनेवाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है, और अपने खोजने वालों को प्रतिफल देता है।
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन २५-२६ 
  • मत्ती २०:१७-३४

Monday, January 30, 2012

परदे के पीछे

   पास्टर और लेखक इर्विन लुटज़र ने लिखा: "जैसे ही परदा आपके प्रवेश के लिए खुलेगा और आप उस परदे के पीछे पहुंचेंगे, उसी क्षण आप या तो मसीह यीशु द्वारा स्वागत का आनन्द अनुभव करेंगे या अपने उस विनाश की पहली झलक देखेंगे, जैसा आपने कभी कल्पना भी नहीं किया होगा। दोनो ही हाल में आपका अनन्तकालीन भविष्य निर्धारित हो चुका होगा और फिर कभी किसी हाल नहीं बदल सकेगा।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल के लूका रचित सुसमाचार में एक ऐसी ही घटना का छोटा सा ब्यान है जहां दो व्यक्ति उस परदे के पीछे, अपने अनन्तकालीन भविष्य के लिए पहुंचने वाले हैं। जब प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाया गया तो उनके साथ दो डाकू भी क्रूस पर चढ़ाए गए। मरकुस रचित सुसमाचार में दिए विविरण में, आरंभ में, वे दोनो ही क्रूस पर से प्रभु यीशु की निन्दा और भर्त्सना कर रहे थे (मरकुस १५:३२)।

   कुछ समय बाद, जब उन दोनो में से एक ने प्रभु यीशु की खराई और स्वयं अपनी पापमय दशा की ओर ध्यान किया, तब उस का मन बदला, और उसने दूसरे डाकू को डांटा। फिर उसने प्रभु यीशु से विनती करी कि जब वह अपने राज्य में आए तो उसकी सुधि ले। ये छोटी सी विनती उसके पश्चाताप और प्रभु यीशु में साधारण सच्चे विश्वास की सूचक थी। प्रभु यीशु ने उससे कहा, "...मैं तुझ से सच कहता हूं कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा" (लूका २३:४३)। उस पश्चातापी डाकू के लिए उद्धार तत्काल था, उसी क्षण उसका अनन्तकाल का भविष्य निरधारित हो गया। अब उसे सुनिश्चित था कि वह अनन्तकाल कहां व्यतीत करेगा - प्रभु यीशु के साथ स्वर्ग में।

   अपने पापी होने का एहसास करना और पश्चाताप के साथ प्रभु यीशु में विश्वास करके अपना जीवन उसे समर्पित कर देना निर्धारित कर देता है कि हम अनन्तकाल कहां व्यतीत करेंगे; जब हमारे लिए परदा खुलेगा और हम परदे के पीछे लिए जाएंगे, तो हम कहां पहुंचेंगे। - मार्विन विलियम्स


आज प्रभु यीशु पर विश्वास करके अपना कल सुनिश्चित कर लें।

उस ने उस से कहा, मैं तुझ से सच कहता हूं कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा। - लूका २३:४३

बाइबल पाठ: लूका २३:३९-४३
Luk 23:39  जो कुकर्मी लटकाए गए थे, उन में से एक ने उस की निन्‍दा करके कहा; क्‍या तू मसीह नहीं तो फिर अपने आप को और हमें बचा।
Luk 23:40  इस पर दूसरे ने उसे डांटकर कहा, क्‍या तू परमेश्वर से भी नहीं डरता तू भी तो वही दण्‍ड पा रहा है।
Luk 23:41  और हम तो न्यायानुसार दण्‍ड पा रहे हैं, क्‍योंकि हम अपने कामों का ठीक फल पा रहे हैं; पर इस ने कोई अनुचित काम नहीं किया।
Luk 23:42  तब उस ने कहा, हे यीशु, जब तू अपने राज्य में आए, तो मेरी सुधि लेना।
Luk 23:43  उस ने उस से कहा, मैं तुझ से सच कहता हूं कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन २३-२४ 
  • मत्ती २०:१-१६

Sunday, January 29, 2012

दौड़

   संसार में कम ही लोग हैं जो स्पिरिडौन ल्युइस को जानते हैं, किंतु ग्रीस देश में वह भली-भांति जाना जाता है। यह १८९६ में ग्रीस के एथेंस शहर में आयोजित ओलंपिक खेलों में जो हुआ था, उस के कारण है। उस वर्ष इन खेलों में ग्रीस ने अच्छा प्रदर्शन किया था और किसी भी अन्य देश के मुकाबले अधिक पदक जीते थे। किंतु ग्रीस के लिए सर्वाधिक गर्व का जो कारण रहा था वह थी उन खेलों में पहली बार सम्मिलित करी गई मैरॉथन - लंबी दूरी की दौड़। विश्व भर से १७ खिलाड़ियों ने ४० किलोमीटर (२४.८ मील) दौड़ने की इस प्रतियोगिता में भाग लिया, लेकिन जीत का सेहरा बंधा एक साधारण से मज़दूर स्पिरिडौन ल्युइस के सिर पर। उसके इस प्रयास के लिए वह ग्रीस के राजा द्वारा सम्मानित किया गया और एक राष्ट्र-नायक बन गया।

   पौलुस प्रेरित ने भी दौड़ में भाग लेने के चित्रण को मसीही जीवन की व्याख्या के लिए प्रयोग किया है। पौलुस ने अपनी पत्री १ कुरिन्थियों ९:२४ में चुनौती दी कि मसीही विश्वासी केवल दौड़ में भाग लेने वाले ही न बनें वरन जीतने के उद्देश्य से दौड़ें: "क्‍या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्‍तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो।" पौलुस की केवल यह कथनी ही नहीं थी, यह उसके जीवन में उसकी करनी भी थी। अपनी अन्तिम पत्री में उसने लिखा: "मैं अच्‍छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है" (२ तिमुथियुस ४:७)। अपनी इस ज़िम्मेवारी को भली भांति पूरा कर लेने के पश्चात वह जानता था कि परमेश्वर की ओर से "भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं" (२ तिमुथियुस ४:८)। परमेश्वर से मिलने वाले इस मुकुट के रोमांच से वह अपने जीवन के अंतिम क्षणों में भी अपने प्रतिफल की लालसा और आनन्द से भरा हुआ था।

   पौलुस के समान, इस पृथ्वी पर की अपनी जीवन दौड़ जीतने और अपने राजाधिराज परमेश्वर को प्रसन्न करने के उद्देश्य से दौड़ें। - बिल क्राउडर

मसीही जीवन की दौड़ थोड़ी सी दूरी की तेज़ दौड़ नहीं वरन लंबी दूरी और धैर्य की दौड़ है।

क्‍या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्‍तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो। - १ कुरिन्थियों ९