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Thursday, February 28, 2013

समस्या तथा समाधान


   बचपन में टेलिविज़न पर दिखाए जाने वाले कार्टूनों में से मेरा प्रीय था टॉम टेरिफिक। जब भी टॉंम को किसी समस्या का सामना करना होता था तो वह अपनी सोचने वाली टोपी पहन कर अपने अद्भुत कुत्ते, माईटी मैनफ्रैड के साथ समस्या का विशलेषण करने और हल ढूंढने बैठ जाता। अधिकांशतः यही मिलता कि टॉम की समस्याओं का स्त्रोत उसका सबसे बड़ा शत्रु क्रैब्बी एपलटन ही होता था। मुझे आज तक समरण है कि उन कार्यक्रमों में क्रैब्बी एपलटन के लिए कहा जाता था - भीतरी गहराईयों तक सड़ा हुआ।

   वास्तविकता यह है कि हम सब कि दशा भी क्रैब्बी एपलटन की दशा के समान ही है - अपने अपने पाप और पाप स्वभाव के कारण अपनी भीतरी गहराईयों तक सड़े हुए। परमेश्वर के वचन बाइबल में रोमियों के नाम प्रेरित पुलुस द्वारा लिखित पत्री में मनुष्य की दशा के लिए लिखा गया है: "जैसा लिखा है, कि कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं। कोई समझदार नहीं, कोई परमेश्वर का खोजने वाला नहीं" (रोमियों ३:१०-११)। हमारे पापों और पाप स्वभाव ने हमें परमेश्वर से दूर तथा परमेश्वर के पवित्रता के सिद्ध स्तर के अनुसार जीवन व्यतीत करने में अक्षम कर दिया है।

   मनुष्यों के पापों के दण्ड को अपने ऊपर उठाकर उनको पाप स्वभाव पर विजयी करने तथा अपनी पवित्रता मनुष्यों तक पहुँचाने के लिए परमेश्वर ने अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह को संसार में भेजा। कलवरी के क्रूस पर दिए अपने बलिदान और मृतकों में से पुनरुत्थान के द्वारा प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति के लिए पापों की क्षमा, उद्धार तथा परमेश्वर से मेल-मिलाप कर लेने का मार्ग दे दिया है जो सबको परमेश्वर की ओर से उसके अनुग्रह में सेंत-मेंत उपलब्ध है: "परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं" (रोमियों ३:२४)।

   प्रभु यीशु आया ताकि हम जो भीतरी गहराईयों तक पाप में सड़े हुए हैं, उन्हें एक नई सृष्टि बना दे: "सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं" (२ कुरिन्थियों ५:१७); यह पाप स्वभाव से रहित नए हृदय के साथ नया जन्म पाने के समान है। अपनी भलाई और अनुग्रह में परमेश्वर ने प्रभु यीशु में होकर हमारी पाप की समस्या का समाधान दे दिया है ताकि हम भीतरी गहराईयों तक शुद्ध और पवित्र हो सकें तथा उसके पवित्रता के सिद्ध स्तर के अनुसार जीवन व्यतीत करने में सक्षम हो सकें।

   परमेश्वर द्वारा दिए गए समाधान को स्वीकार करना और अपने जीवन में लागू करना अब स्वेच्छा से किया गया आपका अपना निर्णय है। - बिल क्राउडर


पाप में पड़े मनुष्य को नई शुरूआत नहीं नया हृदय चाहिए।

क्योंकि मैं जानता हूं, कि मुझ में अर्थात मेरे शरीर में कोई अच्छी वस्तु वास नहीं करती, इच्छा तो मुझ में है, परन्तु भले काम मुझ से बन नहीं पड़ते। - रोमियों ७:१८

बाइबल पाठ: रोमियों ३:१०-२५
Romans 3:10 जैसा लिखा है, कि कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं।
Romans 3:11 कोई समझदार नहीं, कोई परमेश्वर का खोजने वाला नहीं।
Romans 3:12 सब भटक गए हैं, सब के सब निकम्मे बन गए, कोई भलाई करने वाला नहीं, एक भी नहीं।
Romans 3:13 उन का गला खुली हुई कब्र है: उन्होंने अपनी जीभों से छल किया है: उन के होठों में सापों का विष है।
Romans 3:14 और उन का मुंह श्राप और कड़वाहट से भरा है।
Romans 3:15 उन के पांव लोहू बहाने को फुर्तीले हैं।
Romans 3:16 उन के मार्गों में नाश और क्लेश हैं।
Romans 3:17 उन्होंने कुशल का मार्ग नहीं जाना।
Romans 3:18 उन की आंखों के साम्हने परमेश्वर का भय नहीं।
Romans 3:19 हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे।
Romans 3:20 क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है।
Romans 3:21 पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की वह धामिर्कता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं।
Romans 3:22 अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं।
Romans 3:23 इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं।
Romans 3:24 परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।
Romans 3:25 उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे।
Romans 3:26 वरन इसी समय उस की धामिर्कता प्रगट हो; कि जिस से वह आप ही धर्मी ठहरे, और जो यीशु पर विश्वास करे, उसका भी धर्मी ठहराने वाला हो।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती २०-२२ 
  • मरकुस ७:१-१३

Wednesday, February 27, 2013

प्रशंसा का गुलदस्ता


   कोरी टैन बूम (१८९२-१९८३) दूसरे विश्व-युद्ध के कैदी शिविरों में घोर अमानवीय व्यवहार और अति कठिन परिस्थितियों में से जीवित बच निकलने वाली मसीही विश्वासी महिला थीं जो इन कटु अनुभवों के बाद एक विश्व-विख्यात वक्ता बनीं। उनकी प्रचार सभाओं में हज़ारों लोग आते थे जहाँ वे बताती थी कि कैसे उन्होंने मसीह यीशु में मिली पापों की क्षमा द्वारा अपने आताताईयों को क्षमा करने की सामर्थ पाई और अब उनके मन में उन आताताईयों के प्रति कोई द्वेष या बदले की भावना या किसी प्रकार कि कोई भी अन्य दुर्भावना नहीं है। जैसे मसीह यीशु ने उनके पाप क्षमा किए हैं उन्होंने भी अपने सताने वालों को क्षमा कर दिया है। ऐसा कर पाने का सारा श्रेय वे अपने तथा जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु को ही देती थीं। उनकी हर एक सभा के बाद लोग उनको घेर लेते थे और उनके ईश्वरीय स्वभाव के कारण उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा करते और उन्हें बताते कि कैसे कोरी के जीवन से मिले प्रोत्साहन द्वारा उन लोगों को मसीही विश्वास का जीवन बिताने में सहायता मिली। कोरी जब अपने होटल के कमरे में लौटतीं तो अपने घुटनों पर आकर लोगों से मिली इन सभी प्रशंसा और धन्यवाद को परमेश्वर को अर्पित कर देतीं। उनका कहना था कि यह उनकी ओर से परमेश्वर को भेंट किया गया ’प्रशंसा का गुलदस्ता’ होता था।

   परमेश्वर पिता ने हम सभी मसीही विश्वासियों को एक दूसरे कि सेवा में प्रयोग करने के लिए कुछ वरदान दिए हैं (१ पतरस ४:१०), कि "...जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है" (१ पतरस ४:११)। हमारे पास दूसरों को देने या उनकी सेवा में लगाने के लिए ऐसा कुछ भी नहीं है जो पहले परमेश्वर से हमें प्राप्त ना हुआ हो (१ कुरिन्थियों ४:७), और किसी के लिए कुछ कर पाने की शारीरिक क्षमता भी हमें परमेश्वर से ही मिलती है; इसलिए किसी के लिए कुछ कर पाने से मिलने वाली प्रशंसा और महिमा पर वास्तव में उसी का हक है।

   हम कोरी के उदाहरण से परमेश्वर के प्रति समर्पण, आज्ञाकारिता और संसार के प्रति नम्रता तथा क्षमाशीलता सीख सकते हैं और उन के समान ही जब किसी से हमें किसी बात के लिए कोई प्रशंसा मिले तो उस प्रशंसा को ’प्रशंसा के गुलदस्ते’ के रूप में परमेश्वर को अर्पित कर सकते हैं, क्योंकि सारी महिमा का वास्तविक हकदार परमेश्वर ही है। - ऐने सेटास


परमेश्वर के प्रति धन्यवादी मन में खिलने वाला सर्वोत्तम पुष्प उसकी प्रशंसा ही है।

...जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है। - १ पतरस ४:११

बाइबल पाठ: १ पतरस ४:७-११
1 Peter 4:7 सब बातों का अन्‍त तुरन्त होने वाला है; इसलिये संयमी हो कर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।
1 Peter 4:8 और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है।
1 Peter 4:9 बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो।
1 Peter 4:10 जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों की नाईं एक दूसरे की सेवा में लगाए।
1 Peter 4:11 यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानों परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती १७-१९ 
  • मरकुस ६:३०-५६

Tuesday, February 26, 2013

आशावान


   मर्ले ट्रैविस द्वारा लिखित और टेनिसी अर्नी फोर्ड द्वारा रिकॉर्ड किया गया गीत "स्किस्टीन टन्स" १९५० के दशक के मध्य में अमेरिका में बहुत लोकप्रीय हुआ था, क्योंकि उस समय के लोगों ने इस गीत में अपनी दशा को देखा। यह गीत कोयले की खान में काम करने वाले मज़दूर का विलाप था जो परिस्थितियों में फंसा हुआ था और चाहे जितनी भी मेहनत करे, अपनी परिस्थितियों को बदलने में और कोयला कंपनी के चंगुल से निकल पाने में असमर्थ था। उन दिनों में कोयला खानों में काम करने वाले मज़दूर कोयला कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए घरों ही में रहते थे और कंपनी द्वारा चलाई जा रही दुकानों से ही अपनी आवश्यकता का सामान खरीद सकते थे क्योंकि उनका वेतन उन्हें कंपनी की पर्चीयों के रूप में दिया जाता था जो कंपनी की दुकानों पर ही वैध होती थीं। इस गीत में मज़दूर विलाप करते हुए कहता है कि यदि मुझे स्वर्ग से भी बुलावा आए तो मैं नहीं जा पाऊँगा क्योंकि मेरे प्राण की मालिक भी कंपनी ही है।

   इस गीत में लिखी गई घोर निराशा को समझने के द्वारा हम उन इस्त्राएलियों के मनों के भाव को समझ सकते हैं जो ४०० वर्ष से मिस्त्र की गुलामी झेल रहे थे। जब मूसा ने उन इस्त्राएलियों को बताया कि परमेश्वर उन्हें गुलामी से छुड़ाने पर है तो वे इस बात पर विश्वास नहीं कर सके क्योंकि उनके मन गुलामी के अत्याचारों के कारण बेचैन थे (निर्गमन ६:९)। लेकिन जो इसत्राएली अपने लिए कर पाने में असमर्थ थे, उअनके लिए वह परमेश्वर ने कर दिखाया, और चमत्कारिक रीति से उन्हें मिस्त्र की गुलामी से छुड़ा लिया। इस्त्राएल का परमेश्वर के सामर्थ से इस प्रकार दासत्व से छुड़ाया जाना प्रभु यीशु द्वारा मनुष्यों को पाप से मिलने वाले छुटकारे का प्रतिरूप था, एक ऐसा छुटकारा जो कोई भी मनुष्य अपने आप अपनी किसी भी सामर्थ अथवा प्रयास से कभी प्राप्त नहीं कर सकता: "क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे?" (रोमियों ५:६, ९)

   जब जीवन अपने सब से निचले स्तर पर हो और संसार में कहीं कोई आशा नज़र नहीं आ रही हो, परिस्थितियों से पार पाने का कोई मार्ग सूझ नहीं पड़ता हो, मसीही विश्वासी तब भी आशावान रह सकते हैं क्योंकि हमारे परमेश्वर पिता का अद्भुत अनुग्रह हमारे साथ सदा बना रहता है और वह उन्हें हर परिस्थिति में सुरक्षित रखने और उससे पार निकाल लाने में सक्षम और विश्वासयोग्य है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


जिसकी आशा सच्चे और जीवते परमेश्वर पर है वह कभी आशारहित नहीं है।

इस कारण तू इस्राएलियों से कह, कि मैं यहोवा हूं, और तुम को मिस्रियों के बोझों के नीचे से निकालूंगा, और उनके दासत्व से तुम को छुड़ाऊंगा, और अपनी भुजा बढ़ाकर और भारी दण्ड देकर तुम्हें छुड़ा लूंगा - निर्गमन ६:६

बाइबल पाठ: निर्गमन ६:१-१३
Exodus 6:1 तब यहोवा ने मूसा से कहा, अब तू देखेगा कि मैं फिरौन ने क्या करूंगा; जिस से वह उन को बरबस निकालेगा, वह तो उन्हें अपने देश से बरबस निकाल देगा।।
Exodus 6:2 और परमेश्वर ने मूसा से कहा, कि मैं यहोवा हूं।
Exodus 6:3 मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर के नाम से इब्राहीम, इसहाक, और याकूब को दर्शन देता था, परन्तु यहोवा के नाम से मैं उन पर प्रगट न हुआ।
Exodus 6:4 और मैं ने उनके साथ अपनी वाचा दृढ़ की है, अर्थात कनान देश जिस में वे परदेशी हो कर रहते थे, उसे उन्हें दे दूं।
Exodus 6:5 और इस्राएली जिन्हें मिस्री लोग दासत्व में रखते हैं उनका कराहना भी सुनकर मैं ने अपनी वाचा को स्मरण किया है।
Exodus 6:6 इस कारण तू इस्राएलियों से कह, कि मैं यहोवा हूं, और तुम को मिस्रियों के बोझों के नीचे से निकालूंगा, और उनके दासत्व से तुम को छुड़ाऊंगा, और अपनी भुजा बढ़ाकर और भारी दण्ड देकर तुम्हें छुड़ा लूंगा,
Exodus 6:7 और मैं तुम को अपनी प्रजा बनाने के लिये अपना लूंगा, और मैं तुम्हारा परमेश्वर ठहरूंगा; और तुम जान लोगे कि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं जो तुम्हें मिस्रियों के बोझों के नीचे से निकाल ले आया।
Exodus 6:8 और जिस देश के देने की शपथ मैं ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब से खाई थी उसी में मैं तुम्हें पहुंचाकर उसे तुम्हारा भाग कर दूंगा। मैं तो यहोवा हूं।
Exodus 6:9 और ये बातें मूसा ने इस्राएलियों को सुनाईं; परन्तु उन्होंने मन की बेचैनी और दासत्व की क्रूरता के कारण उसकी न सुनी।।
Exodus 6:10 तब यहोवा ने मूसा से कहा,
Exodus 6:11 तू जा कर मिस्र के राजा फिरौन से कह, कि इस्राएलियों को अपने देश में से निकल जाने दे।
Exodus 6:12 और मूसा ने यहोवा से कहा, देख, इस्राएलियों ने मेरी नहीं सुनी; फिर फिरौन मुझ भद्दे बोलने वाले की क्योंकर सुनेगा?
Exodus 6:13 और यहोवा ने मूसा और हारून को इस्राएलियोंऔर मिस्र के राजा फिरौन के लिये आज्ञा इस अभिप्राय से दी कि वे इस्राएलियों को मिस्र देश से निकाल ले जाएं।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती १५-१६ 
  • मरकुस ६:१-२९