बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Thursday, February 28, 2019

सरल और सहज



      वाशिंगटन पोस्ट नामक समाचार पत्र में छपे एक लेख में कुछ तकनीकी विद्वानों द्वारा मानव जीवन को अमर करने के प्रयासों के विषय बताया गया; इस परियोजना पर काम करने वाले इसके लिए अरबों खर्च करने को तैयार हैं।

      परन्तु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि यह प्रभु यीशु मसीह द्वारा दो हज़ार वर्ष पहले ही संभव कर दिया गया है। प्रभु यीशु ने कहा, “यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा। और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?” (यूहन्ना 11:25-26)। प्रभु यीशु मसीह ने यह प्रतिज्ञा दी कि जो कोई उनपर विश्वास करेगा उसका कभी, किसी भी पारिस्थित में अन्त नहीं होगा। इसे थोड़ा स्पष्ट कर दें – हमारे शरीर मर सकते हैं, और मर भी जाएंगे; परन्तु हमारा वह भाग जो हमारे विचार, विवेक, बुद्धि, स्मरण और स्मृतियों, प्रेम आदि से संबंधित है, जो हमारा वास्तविक भीतरी मनुष्यत्व है, जिसे हम “मैं” कहते हैं वह कभी नहीं मरेगा – वह सदा प्रभु के साथ स्वर्ग में रहेगा।

      और सबसे अच्छी बात यह है कि ऐसे अनन्त जीवन को प्राप्त करने के लिए केवल उसे परमेश्वर के उपहार के रूप में स्वीकार भर करना है, इसके लिए अपना कोई कार्य या प्रयास नहीं करना है, अपने आप को इसके योग्य जताने या बनाने के लिए कुछ भी नहीं करना है, केवल प्रभु यीशु से अपने पापों की क्षमा माँग कर, अपना जीवन उसे समर्पित कर देना है, और प्रत्युत्तर में उससे यह अविनाशी, आशीषित जीवन उपहार स्वरूप स्वीकार कर लेना है।

      कुछ लोग कहते हैं कि इतनी बड़ी बात इतनी सरल और सहज कैसे हो सकती है? मेरा उत्तर है, जैसा बाइबल में लिखा है, यदि परमेश्वर ने हमसे हमारे जन्म लेने से भी पहले प्रेम किया और यह चाहा कि हम उसके साथ सदा काल के लिए स्वर्ग में रहें, तो वह ऐसा होना कठिन क्यों बनाएगा; इसे सरल और सहज क्यों नहीं रखेगा?


मसीह यीशु ने मृत्यु के अँधेरे द्वार को अनन्त जीवन के ज्योतिर्मय द्वार से बदल दिया है।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: यूहन्ना 11:17-27
John 11:17 सो यीशु को आकर यह मालूम हुआ कि उसे कब्र में रखे चार दिन हो चुके हैं।
John 11:18 बैतनिय्याह यरूशलेम के समीप कोई दो मील की दूरी पर था।
John 11:19 और बहुत से यहूदी मारथा और मरियम के पास उन के भाई के विषय में शान्‍ति देने के लिये आए थे।
John 11:20 सो मारथा यीशु के आने का समचार सुनकर उस से भेंट करने को गई, परन्तु मरियम घर में बैठी रही।
John 11:21 मारथा ने यीशु से कहा, हे प्रभु, यदि तू यहां होता, तो मेरा भाई कदापि न मरता।
John 11:22 और अब भी मैं जानती हूं, कि जो कुछ तू परमेश्वर से मांगेगा, परमेश्वर तुझे देगा।
John 11:23 यीशु ने उस से कहा, तेरा भाई जी उठेगा।
John 11:24 मारथा ने उस से कहा, मैं जानती हूं, कि अन्‍तिम दिन में पुनरुत्थान के समय वह जी उठेगा।
John 11:25 यीशु ने उस से कहा, पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूं, जो कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा।
John 11:26 और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?
John 11:27 उसने उस से कहा, हां हे प्रभु, मैं विश्वास कर चुकी हूं, कि परमेश्वर का पुत्र मसीह जो जगत में आनेवाला था, वह तू ही है।  


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 20-22
  • मरकुस 7:1-13



Wednesday, February 27, 2019

ज्योति



      यूनानी दार्शनिक प्लेटो (c.427 – c.348 ईसा पूर्व) ने मानव हृदय के अँधेरे भाग पर ज्योति चमकाने का एक अनूठा मार्ग लिया। उसने एक कहानी बनाई, कि एक भूकंप के कारण किसी पहाड़ के निकट की एक कब्र खुल गई और उसमें छिपी एक सुनहरी अंगूठी एक चरवाहे को दिखाई दी। उस चरवाहे को यह भी पता चला कि उस अंगूठी में एक करिशमाई ताकत भी है – उसे पहनने वाला अपनी इच्छानुसार अदृश्य भी हो सकता है। अदृश्यता की बात करते हुए प्लेटो ने एक प्रश्न उठाया, “यदि लोगों को पकड़े जाने और दण्ड भुगतने का भय न हो, तो क्या वे बुरा अथवा गलत करने से अपने आप को रोकेंगे?”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह ने ऐसे ही एक विचार को भिन्न दिशा दी। वहाँ, प्रभु यीशु मसीह ने, जिसे अच्छा चरवाहा भी कहा गया है, ऐसे हृदयों की बात की जो अपने किए को छुपाए रखने के लिए अन्धकार में छिपे रहते हैं (यूहन्ना 3:19-20)। वह बात को छिपाए रखने की हमारी इच्छा की ओर हमारा ध्यान में हमें दोषी ठहराने के लिए नहीं खींच रहे हैं, परन्तु हमें उनमें होकर मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के विषय बताने के लिए ऐसा कर रहे हैं (पद 17)। हमारे हृदय का चरवाहा होने के कारण, वह हमारे मानवीय हृदय और स्वभाव की सबसे बुरी स्थिति को उजागर करते हैं, यह प्रमाणित करने के लिए कि फिर भी परमेश्वर पिता हम से कितना प्रेम करते हैं (पद 16)।

      परमेश्वर अपने अनुग्रह में हमें पाप के अन्धकार से निकलकर उसकी ज्योति में चलने का निमंत्रण देता है, जिससे हम उसके साथ अनन्तकाल तक आशीषित जीवन व्यतीत कर सकें। - मार्ट डीहान


प्रभु यीशु की ज्योति आने पर पाप का अन्धकार मिट जाता है।

और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके। - 2 कुरिन्थियों 4:4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 3: 16-21
John 3:16 क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।
John 3:17 परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए।
John 3:18 जो उस पर विश्वास करता है, उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु जो उस पर विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहर चुका; इसलिये कि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया।
John 3:19 और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे।
John 3:20 क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए।
John 3:21 परन्तु जो सच्चाई पर चलता है वह ज्योति के निकट आता है, ताकि उसके काम प्रगट हों, कि वह परमेश्वर की ओर से किए गए हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 17-19
  • मरकुस 6:30-56



Tuesday, February 26, 2019

संपूर्ण पहुँच



      कुछ वर्ष पहले, मेरे एक मित्र ने मुझे निमंत्रण दिया कि मैं उसके साथ एक व्यवासायिक गोल्फ स्पर्धा में दर्शक बनकर चलूं। ऐसी स्पर्धा में जाने का यह मेरा प्रथम अवसर था, और मुझे कुछ पता नहीं था कि क्या होगा। वहाँ पहुँचने पर मुझे आश्चर्य हुआ जब हमें उपहार, उस स्थान की जानकारी और गोल्फ के मैदान के नक़्शे दिए गए। लेकिन सबसे बढ़कर बात थी कि हमें खेल के सबसे विशेष स्थान में अति विशिष्ट लोगों के लिए लगे तम्बू में प्रवेश मिला जहाँ न केवल बैठने की व्यवस्था थी, वरन मुफ्त भोजन भी था। मैं उस तम्बू में कभी अपने आप से प्रवेश प्राप्त नहीं कर सकता था। यह कर पाना मेरे उस मित्र के कारण संभव हुआ, जिसने मुझे वहाँ की सभी बातों के लिए संपूर्ण पहुँच प्रदान करवाई।

      यदि हम केवल अपने ही भरोसे और प्रयासों पर होते तो हम परमेश्वर से सदा ही दूर रहते। परन्तु प्रभु यीशु ने हमारे पाप के दण्ड को अपने ऊपर ले लिया, और उसमें होकर हमें परमेश्वर तक पहुँच और उसका अनन्त जीवन मिलता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस प्रेरित ने लिखा, “ताकि अब कलीसिया के द्वारा, परमेश्वर का नाना प्रकार का ज्ञान, उन प्रधानों और अधिकारियों पर, जो स्‍वर्गीय स्थानों में हैं प्रगट किया जाए” (इफिसियों 3:10)। इस ज्ञान से अब यहूदियों और अन्यजातियों का मसीह में परस्पर मेल करवा दिया और प्रभु में होकर परमेश्वर तक पहुँचने का मार्ग बनाकर दे दिया; “जिस में हम को उस पर विश्वास रखने से हियाव और भरोसे से निकट आने का अधिकार है” (पद 12)।

      हम जब प्रभु यीशु में विश्वास लाते हैं, हमें सबसे महान पहुँच मिलती है – परमेश्वर तक संपूर्ण पहुँच, जो हमसे प्रेम करता है और हमारे साथ संबंध में रहना चाहता है। - बिल क्राउडर


मसीह यीशु के क्रूस के कारण हम परमेश्वर के मित्र बन सकते हैं।

पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो। क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। - इफिसियों 2:13-14

बाइबल पाठ: इफिसियों 3: 6-13
Ephesians 3:6 अर्थात यह, कि मसीह यीशु में सुसमाचार के द्वारा अन्यजातीय लोग मीरास में साझी, और एक ही देह के और प्रतिज्ञा के भागी हैं।
Ephesians 3:7 और मैं परमेश्वर के अनुग्रह के उस दान के अनुसार, जो उसकी सामर्थ के प्रभाव के अनुसार मुझे दिया गया, उस सुसमाचार का सेवक बना।
Ephesians 3:8 मुझ पर जो सब पवित्र लोगों में से छोटे से भी छोटा हूं, यह अनुग्रह हुआ, कि मैं अन्यजातियों को मसीह के अगम्य धन का सुसमाचार सुनाऊं।
Ephesians 3:9 और सब पर यह बात प्रकाशित करूं, कि उस भेद का प्रबन्‍ध क्या है, जो सब के सृजनहार परमेश्वर में आदि से गुप्‍त था।
Ephesians 3:10 ताकि अब कलीसिया के द्वारा, परमेश्वर का नाना प्रकार का ज्ञान, उन प्रधानों और अधिकारियों पर, जो स्‍वर्गीय स्थानों में हैं प्रगट किया जाए।
Ephesians 3:11 उस सनातन मनसा के अनुसार, जो उसने हमारे प्रभु मसीह यीशु में की थी।
Ephesians 3:12 जिस में हम को उस पर विश्वास रखने से हियाव और भरोसे से निकट आने का अधिकार है।
Ephesians 3:13 इसलिये मैं बिनती करता हूं कि जो क्‍लेश तुम्हारे लिये मुझे हो रहे हैं, उनके कारण हियाव न छोड़ो, क्योंकि उन में तुम्हारी महिमा है।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 15-16
  • मरकुस 6:1-29



Monday, February 25, 2019

संपूर्ण


      परमेश्वर के वचन बाइबल का एक पात्र, कालिब संपूर्ण मन से परमेश्वर का काम करने वाला व्यक्ति था। मिस्र के दासत्व से इस्राएल के निकलने के पश्चात जब प्रतिज्ञा किए हुए देश के विषय जानकारी लेने के लिए बारह लोगों के दल को कनान देश में टोह लेने के लिए भेजा गया तो उनमें यहोशू और कालिब भी थे। उस दल ने आकर मूसा और इस्राएल की मण्डली को देश के विषय बताया, और लोगों को घबरा दिया। किन्तु कालिब ने कहा “पर कालेब ने मूसा के साम्हने प्रजा के लोगों को चुप कराने की मनसा से कहा, हम अभी चढ़ के उस देश को अपना कर लें; क्योंकि नि:सन्देह हम में ऐसा करने की शक्ति है” (गिनती 13:30), और यहोशू ने भी उसका साथ दिया। किन्तु शेष दस सदस्यों ने कहा कि उनके सफल होने की संभावन बहुत कम है, और केवल बाधाओं को ही देखा (पद 31-33)।

      उन दस लोगों के द्वारा औरों को हताश करने के कारण इस्राएली परमेश्वर के विरुद्ध बड़बड़ाने  लगे, जिसके परिणामस्वरूप इस्राएलियों को चालीस वर्ष की जंगल की यात्रा झेलनी पड़ी। किन्तु कालेब ने कभी हार नहीं मानी, और उसके विषय परमेश्वर की गवाही थी, “मेरे दास कालिब के साथ और ही आत्मा है, और उसने पूरी रीति से मेरा अनुकरण किया है, मैं उसको उस देश में जिस में वह हो आया है पहुंचाऊंगा, और उसका वंश उस देश का अधिकारी होगा” (गिनती 14:24)। इस घटना के पैंतालीस वर्ष पश्चात, परमेश्वर ने कालिब को, 85 वर्ष की आयु में, हेब्रोन नगर दिया क्योंकि “...वह इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का पूरी रीति से अनुगामी था” (यहोशू 14:14)।

      इसके सदियों बाद एक व्यवस्थापक ने प्रभु यीशु मसीह से पूछा, “हे गुरू; व्यवस्था में कौन सी आज्ञा बड़ी है?” और प्रभु यीशु मसीह का उत्तर था, “तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख। बड़ी और मुख्य आज्ञा तो यही है” (मत्ती 22:35-38)।

      हम आज भी कालिब के जीवन से प्रोत्साहन प्राप्त करते हैं, परमेश्वर के प्रति उसके भरोसे के द्वारा; उस परमेश्वर के प्रति जो हमारे संपूर्ण प्रेम, भरोसे और समर्पण के योग्य है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


मसीह यीशु के प्रति समर्पण प्रति दिन की बुलाहट है।

और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। - कुलुस्सियों 3:23

बाइबल पाठ: गिनती 13:26-32; 14:20-24
Numbers 13:26 और पारान जंगल के कादेश नाम स्थान में मूसा और हारून और इस्त्राएलियों की सारी मण्डली के पास पहुंचे; और उन को और सारी मण्डली को संदेशा दिया, और उस देश के फल उन को दिखाए।
Numbers 13:27 उन्होंने मूसा से यह कहकर वर्णन किया, कि जिस देश में तू ने हम को भेजा था उस में हम गए; उस में सचमुच दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, और उसकी उपज में से यही है।
Numbers 13:28 परन्तु उस देश के निवासी बलवान हैं, और उसके नगर गढ़ वाले हैं और बहुत बड़े हैं; और फिर हम ने वहां अनाकवंशियों को भी देखा।
Numbers 13:29 दक्षिण देश में तो अमालेकी बसे हुए हैं; और पहाड़ी देश में हित्ती, यबूसी, और एमोरी रहते हैं; और समुद्र के किनारे किनारे और यरदन नदी के तट पर कनानी बसे हुए हैं।
Numbers 13:30 पर कालेब ने मूसा के साम्हने प्रजा के लोगों को चुप कराने की मनसा से कहा, हम अभी चढ़ के उस देश को अपना कर लें; क्योंकि नि:सन्देह हम में ऐसा करने की शक्ति है।
Numbers 13:31 पर जो पुरूष उसके संग गए थे उन्होंने कहा, उन लोगों पर चढ़ने की शक्ति हम में नहीं है; क्योंकि वे हम से बलवान हैं।
Numbers 13:32 और उन्होंने इस्त्राएलियों के साम्हने उस देश की जिसका भेद उन्होंने लिया था यह कहकर निन्दा भी की, कि वह देश जिसका भेद लेने को हम गये थे ऐसा है, जो अपने निवासियों निगल जाता है; और जितने पुरूष हम ने उस में देखे वे सब के सब बड़े डील डौल के हैं।
Numbers 14:20 यहोवा ने कहा, तेरी बिनती के अनुसार मैं क्षमा करता हूं;
Numbers 14:21 परन्तु मेरे जीवन की शपथ सचमुच सारी पृथ्वी यहोवा की महिमा से परिपूर्ण हो जाएगी;
Numbers 14:22 उन सब लोगों ने जिन्होंने मेरी महिमा मिस्र देश में और जंगल में देखी, और मेरे किए हुए आश्चर्यकर्मों को देखने पर भी दस बार मेरी परीक्षा की, और मेरी बातें नहीं मानी,
Numbers 14:23 इसलिये जिस देश के विषय मैं ने उनके पूर्वजों से शपथ खाई, उसको वे कभी देखने न पाएंगे; अर्थात जितनों ने मेरा अपमान किया है उन में से कोई भी उसे देखने न पाएगा।
Numbers 14:24 परन्तु इस कारण से कि मेरे दास कालिब के साथ और ही आत्मा है, और उसने पूरी रीति से मेरा अनुकरण किया है, मैं उसको उस देश में जिस में वह हो आया है पहुंचाऊंगा, और उसका वंश उस देश का अधिकारी होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 12-14
  • मरकुस 5:21-43


Sunday, February 24, 2019

भरोसा



      सन 2002 में अपनी सत्रह वर्षीय पुत्री मेलिस्सा को एक कार-दुर्घटना में खो देने के इतने वर्ष बाद भी, मैं कभी-कभी अपने आप को “क्या होता यदि...” के विचारों में खोया हुआ पाता हूँ। इस दुःख में यह सोचना सरल होता है कि जून महीने के उस दुखद दिन की घटनाओं में यदि कुछ बातों को पुनःव्यवस्थित कर दिया जाता तो मेलिस्सा आज भी हमारे साथ होती।

      किन्तु वास्तविकता में, “क्या होता यदि...” में हमारे लिए रहना अच्छा नहीं है। वह स्थान पछतावे, अनुमान लगाने, और निराशा का स्थान है। यद्यपि दुःख वास्तविक है और उसका शोक बना रहता है, परन्तु यदि हम उस स्थिति में बने रहें जो वास्तविकता की स्थिति है, तो इससे जीवन हमारे लिए बेहतर होगा और यह परमेश्वर को भी आदर देगा।

      वास्तविकता की स्थिति में रहने से हम आशा, प्रोत्साहन, और शान्ति प्राप्त करते हैं। हमारे पास एक निश्चित आशा है (1 थिस्सलुनीकियों 4:13) – इस आश्वासन से – क्योंकि मेलिस्सा प्रभु यीशु मसीह से प्रेम करती थी इसलिए अब वह एक ऐसे स्थान पर है जो “बहुत ही अच्छा है” (फिलिप्पियों 1:23)। हमारे साथ समस्त शान्ति के परमेश्वर की उपस्थिति है “हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है” (2 कुरिन्थियों 1:3); जो “..हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक” (भजन 46:1); और अन्य मसीही विश्वासियों से मिलने वाला प्रोत्साहन है।

      हम सभी, जीवन की त्रासदियों से बच कर रहना चाहते हैं। परन्तु जब हम कठिन परिस्थितियों का सामना करें तो हमारी सबसे उत्तम सहायता परमेश्वर पर भरोसा रखने के द्वारा होती है। - डेव ब्रैनन


हमारी सबसे महान आशा परमेश्वर पर भरोसा रखने से है।

हे भाइयों, हम नहीं चाहते, कि तुम उनके विषय में जो सोते हैं, अज्ञान रहो; ऐसा न हो, कि तुम औरों के समान शोक करो जिन्हें आशा नहीं। - 1 थिस्सलुनीकियों 4:13

बाइबल पाठ: भजन 46:1-7
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।।
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई।
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 9-11
  • मरकुस 5:1-20



Saturday, February 23, 2019

दौड़



      मेरे सबसे पसंदीदा टेलिविज़न प्रोग्रामों में से एक है The Amazing Race जो वास्तविकता में होने वाली एक प्रतिस्पर्धा दौड़ का प्रसारण है। इस रियालिटी शो में दस जोड़ों को विदेश भेजा जाता है जहाँ उन्हें ट्रेन, बस, टैक्सी, बाईक्स, और पैदल यात्रा करके एक से दूसरे स्थान तक पहुँचाना होता है, जहाँ से उन्हें फिर उससे अगले स्थान के लिए निर्देश मिलते हैं। दौड़ का उद्देश्य है कि एक जोड़ा अन्य सभी से पहले अंतिम स्थान पर पहुँचे, और जीतने वाले को दसलाख अमेरिकी डॉलर ईनाम में मिलते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने मसीही जीवन की तुलना भी एक दौड़ से की, और कहा कि वह अब तक समापन रेखा तक नहीं पहुँचा है, वरन दौड़ को पूरा करने में प्रयासरत है – “हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह ईनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है” (फिलिप्पियों 3:13-14)।

      पौलुस ने बीते समय की अपनी असफलताओं के दोष-बोध को उसे अपनी इस दौड़ में दौड़ने से बाधित नहीं करने दिया; और न ही उसने अपनी वर्तमान सफलताओं को उसे इस दौड़ में ढीला पड़ने दिया। वह बस मसीह यीशु की समानता में ढलते जाने की इस दौड़ में निरन्तर प्रयास करता रहा।

      हम सभी मसीही विश्वासी पौलुस के समान इस दौड़ में हैं। अपनी असफलताओं या सफलताओं के बावजूद, हम मसीह यीशु की समानता में ढलते जाने के उस अंतिम लक्ष्य की ओर बढ़ने में लगे रहें। हम किसी सांसारिक ईनाम के लिए नहीं दौड़ रहे हैं, वरन मसीह यीशु के साथ अनन्त काल के लिए रहने और आनदित होने के ईनाम के लिए दौड़ रहे हैं। - मारविन विलियम्स


मसीह यीशु का अनुसरण करते रहने को कभी छोड़ न दें।

मैं अच्छी कुश्‍ती लड़ चुका हूं मैं ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है, मैं ने विश्वास की रखवाली की है। भविष्य में मेरे लिये धर्म का वह मुकुट रखा हुआ है, जिसे प्रभु, जो धर्मी, और न्यायी है, मुझे उस दिन देगा और मुझे ही नहीं, वरन उन सब को भी, जो उसके प्रगट होने को प्रिय जानते हैं। - 2 तिमुथियुस 4:7-8

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों  3:12-21
Philippians 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।
Philippians 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ।
Philippians 3:14 निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।
Philippians 3:15 सो हम में से जितने सिद्ध हैं, यही विचार रखें, और यदि किसी बात में तुम्हारा और ही विचार हो तो परमेश्वर उसे भी तुम पर प्रगट कर देगा।
Philippians 3:16 सो जहां तक हम पहुंचे हैं, उसी के अनुसार चलें।
Philippians 3:17 हे भाइयो, तुम सब मिलकर मेरी सी चाल चलो, और उन्हें पहिचान रखो, जो इस रीति पर चलते हैं जिस का उदाहरण तुम हम में पाते हो।
Philippians 3:18 क्योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं, जिन की चर्चा मैं ने तुम से बार बार की है और अब भी रो रोकर कहता हूं, कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं।
Philippians 3:19 उन का अन्‍त विनाश है, उन का ईश्वर पेट है, वे अपनी लज्ज़ा की बातों पर घमण्‍ड करते हैं, और पृथ्वी की वस्‍तुओं पर मन लगाए रहते हैं।
Philippians 3:20 पर हमारा स्‍वदेश स्वर्ग पर है; और हम एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहां से आने ही बाट जोह रहे हैं।
Philippians 3:21 वह अपनी शक्ति के उस प्रभाव के अनुसार जिस के द्वारा वह सब वस्‍तुओं को अपने वश में कर सकता है, हमारी दीन-हीन देह का रूप बदलकर, अपनी महिमा की देह के अनुकूल बना देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 7-8
  • मरकुस 4:12-41



Friday, February 22, 2019

सिद्ध



      मुझे प्रभु यीशु द्वारा दी गई शिक्षाओं में परमेश्वर के सिद्ध आदर्शों और परमेश्वर के सिद्ध अनुग्रह में विरोधाभास प्रतीत होता था। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु ने कभी परमेश्वर के आदर्शों के स्तर को कम नहीं किया। प्रभु ने अपने शिष्यों से कहा, “इसलिये चाहिये कि तुम सिद्ध बनो, जैसा तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता सिद्ध है” (मत्ती 5:48)। उन्होंने व्यवस्था में सबसे बड़ी आज्ञा के विषय पूछने वाले व्यवस्थापक से कहा “उसने उस से कहा, तू परमेश्वर अपने प्रभु से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख” (मत्ती 22:37)। प्रभु परमेश्वर की इन आज्ञाओं को कोई भी कभी भी पूर्णतः नहीं निभाने पाया है।

      किन्तु यही प्रभु यीशु बड़ी कोमलता से सँसार के सभी लोगों को अपना अनुग्रह प्रदान करता है। उन्होंने व्यभिचार में पकड़ी गई स्त्री को, क्रूस पर उनके साथ चढ़ाए गए और पश्चाताप करने वाले एक डाकू को, अपने उस शिष्य को भी जिसने उनका तीन बार इन्कार किया था, शाऊल (पौलुस) को जो कि मसीही विश्वासियों को सताने के लिए जाना जाता था, अपने अनुग्रह में क्षमा किया। प्रभु का अनुग्रह सिद्ध है, सभी के लिए उनके सभी पापों के लिए है, उनके लिए भी जिन्होंने प्रभु को क्रूस पर ठोका था, “हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहें हैं” (लूका 23:34)।

      वर्षों तक मैं प्रभु के सिद्ध आदर्शों के समक्ष, अपने आप को प्रभु के सर्वथा अयोग्य समझता था; मैंने प्रभु के सिद्ध अनुग्रह पर कभी विचार ही नहीं किया था। एक बार जब मैंने इस दोहरी सिद्धता के सन्देश को समझ लिया, तो मैंने प्रभु यीशु के जीवन और शिक्षाओं का पुनरवलोकन करने पर पाया कि उनके अनुग्रह का सन्देश उनके संपूर्ण जीवन और शिक्षाओं में विद्यमान है।

      प्रभु यीशु का यह सिद्ध अनुग्रह सँसार के उस प्रत्येक आशाहीन, ज़रूरतमंद, टूटे हुए व्यक्ति के लिए जो अपने आप से पाप पर विजयी होने में असमर्थ होना स्वीकार करता है, और सहायता के लिए प्रभु की ओर हाथ बढ़ाता है, उन्हें अपना हाथ थमा देता है, सदा उपलब्ध है।

      प्रभु का सिद्ध अनुग्रह हम सभी के लिए उपलब्ध है। - फिलिप येन्सी


प्रभु यीशु ने व्यवस्था की सिद्ध अनिवार्यताओं को पूरा कर दिया, 
जिससे हम उसके अनुग्रह की सिद्ध शान्ति का आनन्द ले सकें।

क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है। और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे। - इफिसियों 2:8-9

बाइबल पाठ: मत्ती 5:43-48; यूहन्ना 8:9-11
Matthew 5:43 तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था; कि अपने पड़ोसी से प्रेम रखना, और अपने बैरी से बैर।
Matthew 5:44 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो।
Matthew 5:45 जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है।
Matthew 5:46 क्योंकि यदि तुम अपने प्रेम रखने वालों ही से प्रेम रखो, तो तुम्हारे लिये क्या फल होगा? क्या महसूल लेने वाले भी ऐसा ही नहीं करते?
Matthew 5:47 और यदि तुम केवल अपने भाइयों ही को नमस्‍कार करो, तो कौन सा बड़ा काम करते हो? क्या अन्यजाति भी ऐसा नहीं करते?
Matthew 5:48 इसलिये चाहिये कि तुम सिद्ध बनो, जैसा तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता सिद्ध है।

John 8:9 परन्तु वे यह सुनकर बड़ों से ले कर छोटों तक एक एक कर के निकल गए, और यीशु अकेला रह गया, और स्त्री वहीं बीच में खड़ी रह गई।
John 8:10 यीशु ने सीधे हो कर उस से कहा, हे नारी, वे कहां गए? क्या किसी ने तुझ पर दंड की आज्ञा न दी।
John 8:11 उसने कहा, हे प्रभु, किसी ने नहीं: यीशु ने कहा, मैं भी तुझ पर दंड की आज्ञा नहीं देता; जा, और फिर पाप न करना।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 4-6
  • मरकुस 4:1-20



Thursday, February 21, 2019

सन्देश



      बॉस्टन शहर की नॉर्थईस्टर्न विश्वविद्यालय का ‘वायरल टेक्स्ट्स प्रोजेक्ट’ इस बात का अध्ययन कर रहा है कि सन 1800 में छापी गई लेख सामग्री समाचारपत्रों – जो उस समय के ‘सोशल मीडिया’ थे, के द्वारा कैसे प्रसारित हुई। ‘सोशल मीडिया’ पर किसी बात का ‘वायरल’ होने से अभिप्राय होता है उसे थोड़े ही समय में बहुत अधिक बार देखा अथवा सुना अथवा पढ़ा गया हो। उस समय में यदि कोई लेख 50 या अधिक बार पुनः छापा जाता था तो उसे ‘वायरल’ समझा जाता था। स्मिथसोनियन पत्रिका में लिखते हुए, ब्रिट पीटरसन ने ध्यान किया कि उन्नीसवीं सदी का एक लेख जिसमें प्रभु यीशु मसीह के अनुयायियों में से कौन-कौन से उनके मसीही विश्वास के लिए घात किए गए थे, कम से कम 110 भिन्न प्रकाशनों में प्रकाशित हुआ था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि जब प्रेरित पौलुस ने थिस्सलुनीके के मसीही विश्वासियों को पत्री लिखी तो उसमें प्रभु यीशु मसीह के लिए साहस और आनंद के साथ साक्षी देने के लिए उनकी प्रशंसा की। पौलुस ने उन्हें लिखा, “क्योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और अखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं” (1 थिस्सलुनीकियों 1:8)। इन लोगों में होकर, जिनके जीवन प्रभु यीशु द्वारा बदल दिए गए थे, सुसमाचार का सन्देश ‘वायरल’ हो गया। कठिनाइयों और सताव के बावजूद वे लोग अपने जीवन में आए इस आनन्द और परिवर्तन के प्रति शान्त नहीं रह सके।

      हम मसीह यीशु में होकर मिलने वाली पापों की क्षमा और अनन्त जीवन के वरदान की साक्षी अपने करुणामय हृदयों, सहायता के लिए बढ़े हाथों, और ईमानदारों शब्दों के प्रयोग के द्वारा सँसार के समक्ष रखते हैं। प्रभु यीशु मसीह में क्षमा और उद्धार का सुसमाचार सन्देश हमारे तथा हमारे संपर्क में आने वाले लोगों के जीवनों में परिवर्तन लाता है। यह सुसमाचार संदेश हमारे द्वारा सदा वायरल होता रहे, जीवनों को परिवर्तित करता रहे। - डेविड मैक्कैस्लैंड


सुसमाचार से बढ़कर कोई सन्देश नहीं है – इसे फैलाते रहें।

यीशु ने उन के पास आकर कहा, कि स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है। इसलिये तुम जा कर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ और उन्हें पिता और पुत्र और पवित्रआत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। और उन्हें सब बातें जो मैं ने तुम्हें आज्ञा दी है, मानना सिखाओ: और देखो, मैं जगत के अन्‍त तक सदैव तुम्हारे संग हूं। - मत्ती 28:18-20

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 1: 1-10
1 Thessalonians 1:1 पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्‍सलुनिकियों की कलीसिया के नाम जो परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु मसीह में है। अनुग्रह और शान्‍ति तुम्हें मिलती रहे।
1 Thessalonians 1:2 हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
1 Thessalonians 1:3 और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
1 Thessalonians 1:4 और हे भाइयो, परमेश्वर के प्रिय लोगों हम जानतें हैं, कि तुम चुने हुए हो।
1 Thessalonians 1:5 क्योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन सामर्थ और पवित्र आत्मा, और बड़े निश्‍चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
1 Thessalonians 1:6 और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे।
1 Thessalonians 1:7 यहां तक कि मकिदुनिया और अखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने।
1 Thessalonians 1:8 क्योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और अखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं।
1 Thessalonians 1:9 क्योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्हारे पास हमारा आना कैसा हुआ; और तुम कैसे मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरे ताकि जीवते और सच्चे परमेश्वर की सेवा करो।
1 Thessalonians 1:10 और उसके पुत्र के स्वर्ग पर से आने की बाट जोहते रहो जिसे उसने मरे हुओं में से जिलाया, अर्थात यीशु की, जो हमें आने वाले प्रकोप से बचाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 1-3
  • मरकुस 3



Wednesday, February 20, 2019

आग्रह



      यह ईर्ष्या करने योग्य वृक्ष था। वह नदी के किनारे उगा हुआ था, उसे मौसम, झुलसा देने वाली गर्मी, या अनिश्चित भविष्य के विषय चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं थी। नदी के द्वारा उसे पोषण और ठंडक मिलती थी, वह अपने दिन को सूर्य की ओर अपनी टहनियों को फैलाए हुई बिताता था, अपनी जड़ों से धरती को थामे रहता था, अपने पत्तों द्वारा हवा को स्वच्छ करता रहता था, और जिसे भी छाया की आवश्यकता होती थी उसका अपनी छाया में स्वागत करता था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इसकी तुलना में यिर्मयाह नबी ने एक झाड़ी के बारे में लिखा (यिर्मयाह 17:6)। जब वर्षा समाप्त हो जाती और सूर्य की गर्मी धरती को सुखा कर धूल उड़ाने लगते, तो वह झाड़ी भी मुरझा जाती, उससे कभी किसी को न तो छाया और न ही फल प्राप्त होता था।

      नबी एक फलते-फूलते वृक्ष की एक मुरझाने वाली झाड़ी से तुलना क्यों करेगा? वह परमेश्वर की ओर से अपने लोगों को स्मरण करवा रहा था कि उनके मिस्र की गुलामी से निकलने के बाद से क्या हो गया था। चालीस वर्ष की जंगल की यात्रा में वे नदी के किनारे लगाए गए वृक्ष के समान रहे थे (2:4-6)। परन्तु प्रतिज्ञा किए हुए देश में आ जाने के पश्चात, अपनी समृद्धि और सुख-शान्ति में वे अपनी ही कहानी भूल बैठे थे; वे परमेश्वर की बजाए अपने आप और अपने ही बनाए हुए देवताओं पर निर्भर होने लग गए थे (पद 7-8), यहाँ तक कि सहायता के लिए वापस मिस्र को जाने को भी तियार थे (42:14)।

      इसलिए परमेश्वर ने यिर्मयाह के द्वारा इस्राएल के अपने लोगों से आग्रह किया कि वे उसी पर भरोसा बनाए रखें, और उस वृक्ष के समान बनें; न कि उस झाड़ी के समान। - मार्ट डीहान


हम अपने अच्छे दिनों में, परेशानियों के दिनों में सीखे गए पाठों को स्मरण रखें।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: यिर्मयाह 17:5-10
Jeremiah 17:5 यहोवा यों कहता है, श्रापित है वह पुरुष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है।
Jeremiah 17:6 वह निर्जल देश के अधमूए पेड़ के समान होगा और कभी भलाई न देखेगा। वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा।
Jeremiah 17:7 धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिसने परमेश्वर को अपना आधार माना हो।
Jeremiah 17:8 वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।
Jeremiah 17:9 मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देने वाला होता है, उस में असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है?
Jeremiah 17:10 मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जांचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसकी चाल-चलन के अनुसार अर्थात उसके कामों का फल दूं।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 26-27
  • मरकुस 2



Tuesday, February 19, 2019

अनुग्रह



      मेक्सिको में कोई भी उत्सव पिनाटा के बिना नहीं मनाया जा सकता है। पिनाटा मिट्टी या गत्ते का बना एक पात्र होता है जिसमें टॉफियां और अन्य मिट्ठाइयाँ रखी हुई होती हैं, और बच्चे उसे एक डंडे से मारकर तोड़ने तथा उन टॉफियों और मिट्ठाइयों को पाने का प्रयास करते हैं।

      सोलहवीं शताब्दी में भिक्षुओं ने पिनाटा को मेक्सिको के मूल निवासियों को शिक्षा देने के लिए प्रयोग करना आरंभ किया था। उनके पिनाटा सात कोनों वाले सितारों के जैसे होते थे, जो सात घातक पापों के प्रतीक थे। पिनाटा को मारना बुराई के विरुद्ध संघर्ष को दिखाता था, और एक बार पिनाटा के टूटने पर उसके अन्दर की मिट्ठाइयाँ निकल पड़ती थीं तो लोग उन्हें घर लेजा सकते थे, विश्वास को रखने के उपहार के स्मृति के रूप में।

      बुराई के एक प्रतीक को मारना और तोड़ना, सांकेतिक रीति से संभव हो सकता है, किन्तु वास्तविकता में हम मनुष्य पाप और शैतान को अपनी सामर्थ्य और युक्तियों से नहीं हरा सकते हैं। न ही परमेश्वर इस प्रतीक्षा में है कि हम अपने प्रयासों से बुराई को हराएं और वह हम पर कृपा करे। परमेश्वर के वचन बाइबल में इफिसियों की पत्री हमें सिखाती है कि “क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है” (इफिसियों 2:8)। हमें पाप से संघर्ष करके उसे हारने का प्रयास करने की आवश्यकता नहीं है, मसीह यीशु ने हमारे लिए यह कर दिया है।

      पिनाटा से निकलने वाली टॉफियों और मिट्ठाइयों के लिए बच्चे आपस में लड़ भी पड़ते हैं, परन्तु परमेश्वर के उपहार और वरदान सभी मसीही विश्वासियों के लिए बिना किसी संघर्ष के उपलब्ध रहते हैं – “हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है” (इफिसियों 1:3)। प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करने और उससे अपने पापों की क्षमा मांगकर अपना जीवन उसे समर्पित करने से हमें पापों की क्षमा, छुटकारा, लेपालकपन, नया जीवन, आनन्द, प्रेम, और अन्य बहुत सी आशीषें मिलती हैं।

      हमें ये आशीषें विश्वास को रखने और विश्वास में दृढ़ होने के कारण, हमारे किन्हीं कर्मों के कारण नहीं मिलती हैं; वरन वे सभी आशीषें मसीह यीशु में लाए गए विश्वास के परिणामस्वरूप परमेश्वर के अनुग्रह के द्वारा हमारे उद्धार के साथ ही हमें मिल जाती हैं। आत्मिक आशीषें केवल परमेश्वर के अनुग्रह के द्वारा, उस अनुग्रह के द्वारा जिसके हम योग्य नहीं थे, विश्वास लाने से मिलती हैं। - कीला ओकोआ


हमने अनुग्रह द्वारा उद्धार पाया है। 
अब उस अनुग्रह से मिलने वाली आशीषों का भी आनन्द उठाते हैं।

परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। - यूहन्ना 1:12

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10
Ephesians 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।
Ephesians 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है।
Ephesians 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
Ephesians 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया।
Ephesians 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 25
  • मरकुस 1:23-45



Monday, February 18, 2019

ज्योति



      अपने अस्तित्व से ही अफ्रीका के रवाण्डा देश में स्थित मसीही सेवकाई का एक केन्द्र, जिसका नाम “Lighthouse (प्रकाशस्तंभ)” है, छुटकारे को दर्शाता है। यह उस भूमि पर स्थित है जहाँ 1994 में हुए जातिवाद पर आधारित नरसंहार के समय राष्ट्रपति का भव्य घर था। परन्तु यह नया भवन अब मसीहियों द्वारा ज्योति और आशा का प्रकाशस्तंभ होने के लिए बनाया गया है। वहाँ पर एक बाइबल शिक्षण संस्थान स्थित है जहाँ से नई पीढ़ी के लिए मसीही अगुवे प्रशिक्षित किए जाते हैं, और साथ ही वहाँ के समाज के लिए उस भवन में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उपयोगी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उस नरसंहार की राख में से नया जीवन निकल कर आया है। जिन्होंने Lighthouse (प्रकाशस्तंभ) को बनाया है वे प्रभु यीशु को अपनी आशा और छुटकारे का स्त्रोत मानते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में आया है कि जब प्रभु यीशु नासरत के आराधनालय में गए, तो उन्होंने यशायाह नबी की पुस्तक से पढ़ा, और घोषणा की, कि परमेश्वर की प्रसन्नता की घोषणा के लिए अभिषिक्त जन वे ही हैं (लूका 4:14-21)। वे कुचले हुओं को छुटकारा और क्षमा देने के लिए आए थे। प्रभु यीशु में हम राख में से सुंदरता को निकलकर आते हुए देखते हैं (यशायाह 61:3)।

      हम जब कबीलों और जनजातियों के परस्पर लड़ाई के कारण हुए नरसंहार में मारे गए पाँच लाख से भी अधिक लोगों के बारे में सोचते हैं तो यह हमारे मन-मस्तिष्क को झकझोर देने वाला होता है, और हम समझ नहीं पाते हैं कि उसके विषय हम क्या कहें। परन्तु फिर भी हम यह जानते हैं कि प्रभु परमेश्वर ऐसी क्रूरताओं और अत्याचारों से छुटकारा दे सकता है – चाहे यहाँ पृथ्वी पर, अथवा स्वर्ग में। वह जो शोक के स्थान पर हर्ष का तेल हमें दे सकता है, वही हमारे सबसे अंधकारमय पलों में आशा के ज्योति भी लेकर आता है। - एमी बाउचर पाई


प्रभु यीशु हमारी सबसे अंधकारमय परिस्थिति में भी आशा की ज्योति दें के लिए आए थे।

तब यीशु ने फिर लोगों से कहा, जगत की ज्योति मैं हूं; जो मेरे पीछे हो लेगा, वह अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा। - यूहन्ना 8:12

बाइबल पाठ: यशायाह 61:1-6
Isaiah 61:1 प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिये भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूं; कि बंधुओं के लिये स्वतंत्रता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूं;
Isaiah 61:2 कि यहोवा के प्रसन्न रहने के वर्ष का और हमारे परमेश्वर के पलटा लेने के दिन का प्रचार करूं; कि सब विलाप करने वालों को शान्ति दूं
Isaiah 61:3 और सिय्योन के विलाप करने वालों के सिर पर की राख दूर कर के सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर कर के हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो।
Isaiah 61:4 तब वे बहुत काल के उजड़े हुए स्थानों को फिर बसाएंगे, पूर्वकाल से पड़े हुए खण्डहरों में वे फिर घर बनाएंगे; उजड़े हुए नगरों को जो पीढ़ी पीढ़ी में उजड़े हुए हों वे फिर नये सिरे से बसाएंगे।
Isaiah 61:5 परदेशी आ खड़े होंगे और तुम्हारी भेड़-बकरियों को चराएंगे और विदेशी लोग तुम्हारे चरवाहे और दाख की बारी के माली होंगे;
Isaiah 61:6 पर तुम यहोवा के याजक कहलाओगे, वे तुम को हमरो परमेश्वर के सेवक कहेंगे; और तुम अन्यजातियों की धन-सम्पत्ति को खाओगे, उनके वैभव की वस्तुएं पाकर तुम बड़ाई करोगे।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 23-24
  • मरकुस 1:1-22



Sunday, February 17, 2019

कल



      मुझे खुला नीला आकाश देखना अच्छा लगता है। आकाश हमारे महान सृष्टिकर्ता की अतिउत्तम कृतियों का एक सुन्दर भाग है जिसे हमें आनन्द प्रदान करने के लिए दिया गया है। कल्पना कीजिए कि वायुयान चालक उसके दृश्य को कितना पसन्द करते होंगे। वे उड़ने के लिए खुले आकाश का वर्णन करने के लिए उड़ान से संबंधित अनेकों अभिव्यक्तियों का प्रयोग करते हैं, जिनमें से मेरी पसंदीदा अभिव्यक्ति है “आप कल तक देख सकते हैं।”

      “कल को देखना” हमारी दृष्टि से परे है। कभी-कभी तो हम वह भी नहीं देख या समझ पाते हैं जो जीवन आज हमारी ओर भेज रहा है; हम हमारे आज के साथ भी संघर्ष करते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि “और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है” (याकूब 4:14)।

      परन्तु भविष्य को लेकर हमारी यह सीमित दृष्टि किसी चिंता का कारण नहीं है। वरन इसके ठीक विपरीत, क्योंकि हम मसीही विश्वासी उस परमेश्वर में विश्वास करते हैं जो हमारे कल को भली-भांति देख सकता है, इसलिए हम यह भी विश्वास करते हैं कि उसे यह भी पता है कि कल की चुनौतियों का सामना करने के लिए किन बातों की आवश्यकता होगी। प्रेरित पौलुस यह जानता था। इसीलिए उसने हमें आशापूर्णा शब्दों के द्वारा प्रोत्साहित किया: “क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं” (2 कुरिन्थियों 5:7)।

      जब हम परमेश्वर पर हमारे आज के दिन तथा हमारे अनदेखे कल की बातों के लिए भरोसा रखते हैं, तो फिर हमें जीवन द्वारा हमारी ओर भेजी जाने वाली किसी भी परिस्थिति के विषय चिन्तित होने की आवश्यकता नहीं है। हम बस अपने परमेश्वर पिता के साथ चलते रहें, क्योंकि वह जानता है कि कल क्या होगा; और वह हमारे कल की प्रत्येक परिस्थिति के लिए सामर्थी एवँ बुद्धिमान है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर आरंभ से ही अन्त तक देख लेता है।

सो कल के लिये चिन्‍ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्‍ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है। - मत्ती 6:34

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:1-9
2 Corinthians 5:1 क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है।
2 Corinthians 5:2 इस में तो हम कराहते, और बड़ी लालसा रखते हैं; कि अपने स्‍वर्गीय घर को पहिन लें।
2 Corinthians 5:3 कि इस के पहिनने से हम नंगे न पाए जाएं।
2 Corinthians 5:4 और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कराहते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, वरन और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए।
2 Corinthians 5:5 और जिसने हमें इसी बात के लिये तैयार किया है वह परमेश्वर है, जिसने हमें बयाने में आत्मा भी दिया है।
2 Corinthians 5:6 सो हम सदा ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं और यह जानते हैं; कि जब तक हम देह में रहते हैं, तब तक प्रभु से अलग हैं।
2 Corinthians 5:7 क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं।
2 Corinthians 5:8 इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं।
2 Corinthians 5:9 इस कारण हमारे मन की उमंग यह है, कि चाहे साथ रहें, चाहे अलग रहें पर हम उसे भाते रहें।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 21-22
  • मत्ती 28



Saturday, February 16, 2019

निपुण



      नोआ प्यूरिफोए ने अपने कार्य का आरंभ तीन टन मलबे के साथ किया। उस मलबे को लॉस एन्जिल्स के वॉट्स इलाके में 1965 में हुए दंगों के बाद एकत्रित किया गया था। टूटी हुई साईकिल के पहियों, गेंदों, ख़राब टायरों, पुराने टी.वी. सेटों – ऐसी वस्तुएँ जो अब उपयोगी नहीं रहीं थें – उन सब से उसने और उसके एक साथी ने मिलकर ऐसी प्रतिमाएं और कृतियाँ बनाईं जो आधुनिक समाज में लोगों को तिरीस्कृत कर देने की प्रवृत्ति के विषय प्रबल सन्देश देती हैं। एक पत्रकार ने श्री प्युरिफोए को “कबाड़खाना निपुण” कहकर संबोधित किया।

      प्रभु यीशु के समय में, बहुत से लोगों की धारणा थी कि जिन्हें बीमारियाँ या शारीरिक विकार हैं वे पापी हैं जिन्हें परमेश्वर द्वारा दण्ड दिया जा रहा है। उन्हें तिरीस्कृत और उपेक्षित रखा जाता था। परमेश्वर के वचन बाइबल में आया है कि जब प्रभु यीशु और उनके शिष्य एक अंधे व्यक्ति से मिले तो शिष्यों ने इसी धारणा के अन्तर्गत प्रभु से प्रश्न किया, और प्रभु ने शिष्यों से कहा कि उस व्यक्ति की वह दशा किसी पाप के कारण नहीं थी, वरन परमेश्वर की सामर्थ्य प्रगट करने का एक अवसर थी। जब उस अंधे व्यक्ति ने प्रभु यीशु के निर्देशों का पालन किया तो वह देखने लग गया।

      जब धर्म के अधिकारियों ने उस व्यक्ति से उसकी चंगाई के बारे में प्रश्न किए तो उसका सीधा सा उत्तर था, “मैं नहीं जानता कि वह पापी है या नहीं: मैं एक बात जानता हूं कि मैं अन्‍धा था और अब देखता हूं” (पद 25)।

      प्रभु यीशु आज भी सँसार के सबसे निपुण रचनाकार हैं, जो पाप और सांसारिकता से बिगड़े हुए लोगों को सुधार और संवार कर, अपने लिए उपयोगी नई कृतियाँ बना देते हैं। आप जैसे भी हैं, प्रभु यीशु के पास आ जाईए, उसे अपना जीवन समर्पित कर दीजिए, और उसके निर्देशों के अनुसार अपने जीवन को संवार लीजिए। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु जीवन को नया कर देने में निपुण हैं।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: यूहन्ना 9:1-11
John 9:1 फिर जाते हुए उसने एक मनुष्य को देखा, जो जन्म का अन्‍धा था।
John 9:2 और उसके चेलों ने उस से पूछा, हे रब्बी, किस ने पाप किया था कि यह अन्‍धा जन्मा, इस मनुष्य ने, या उसके माता पिता ने?
John 9:3 यीशु ने उत्तर दिया, कि न तो इस ने पाप किया था, न इस के माता पिता ने: परन्तु यह इसलिये हुआ, कि परमेश्वर के काम उस में प्रगट हों।
John 9:4 जिसने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आनेवाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता।
John 9:5 जब तक मैं जगत में हूं, तब तक जगत की ज्योति हूं।
John 9:6 यह कहकर उसने भूमि पर थूका और उस थूक से मिट्टी सानी, और वह मिट्टी उस अन्धे की आंखों पर लगाकर।
John 9:7 उस से कहा; जा शीलोह के कुण्ड में धो ले, (जिस का अर्थ भेजा हुआ है) सो उसने जा कर धोया, और देखता हुआ लौट आया।
John 9:8 तब पड़ोसी और जिन्हों ने पहले उसे भीख मांगते देखा था, कहने लगे; क्या यह वही नहीं, जो बैठा भीख मांगा करता था?
John 9:9 कितनों ने कहा, यह वही है: औरों ने कहा, नहीं; परन्तु उसके समान है: उसने कहा, मैं वही हूं।
John 9:10 तब वे उस से पूछने लगे, तेरी आंखें क्योंकर खुल गईं?
John 9:11 उसने उत्तर दिया, कि यीशु नाम एक व्यक्ति ने मिट्टी सानी, और मेरी आंखों पर लगाकर मुझ से कहा, कि शीलोह में जा कर धो ले; सो मैं गया, और धोकर देखने लगा।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 19-20
  • मत्ती 27:51-66



Friday, February 15, 2019

पाप



      चार-वर्षीय छोटे एलियास की माँ ने देखा कि वह बिल्ली के नवजात बच्चों के पास से भागकर जा रहा है; एलियास की माँ ने उसे उन बच्चों को छूने से मना किया था। माँ ने पूछा, “क्या तुम ने बिल्ली के उन बच्चों को छूआ है?” उसने बड़ी सच्चाई दिखाते हुए कहा, “नहीं तो!” तो माँ ने एक और प्रश्न किया, “क्या वे मुलायम थे?” एलियास बोल उठा, “हाँ! और काले वाले ने म्याऊँ भी बोला!”

      एक बच्चे के विषय हम इस दोगलेपन को लेकर मुस्कुराते हैं; परन्तु एलियास की यह दशा” हम सभी मनुष्यों की दशा है। चार वर्ष के बच्चे को कोई झूठ बोलना नहीं सिखाता है; यह उसकी स्वाभाविक प्रतिक्रया होती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने अपने पाप को स्वीकार करते हुए लिखा, “देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा” (भजन 51:5)। प्रेरित पुलुस कहता है, “इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया” (रोमियों 5:12); और यह निराशाजनक समाचार सभी पर लागू होता है, चाहे कोई राजा हो या बालक, आप हों या मैं।

      परन्तु सभी के लिए पर्याप्त आशा है! पौलुस ने लिखा, “और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ” (रोमियों 5:20)।

      परमेश्वर इस प्रतीक्षा में नहीं रहता है कि हम गलती करें और वह दण्ड देने के लिए हम पर टूट पड़े। परमेश्वर तो अनुग्रह, क्षमा, और बहाली के कार्य में लगा रहता है। हमें यह पहचानने की आवश्यकता है कि हमारे पाप न तो प्यारा लगने वाले होते हैं और न ही क्षमा करने योग्य; परन्तु यह परमेश्वर का अनुग्रह ही है कि वह हमें क्षमा करता है। इसलिए आज और अभी, समय रहते हम उसके पास पश्चाताप के साथ आएँ और प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास लाकर, उससे पापों की क्षमा प्राप्त करके। - टिम गुस्ताफ्सन


सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं। - रोमियों 8:1

बाइबल पाठ:रोमियों 5:12-21
Romans 5:12 इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया।
Romans 5:13 क्योंकि व्यवस्था के दिए जाने तक पाप जगत में तो था, परन्तु जहां व्यवस्था नहीं, वहां पाप गिना नहीं जाता।
Romans 5:14 तौभी आदम से ले कर मूसा तक मृत्यु ने उन लोगों पर भी राज्य किया, जिन्हों ने उस आदम के अपराध के सामान जो उस आने वाले का चिन्ह है, पाप न किया।
Romans 5:15 पर जैसा अपराध की दशा है, वैसी अनुग्रह के वरदान की नहीं, क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध से बहुत लोग मरे, तो परमेश्वर का अनुग्रह और उसका जो दान एक मनुष्य के, अर्थात यीशु मसीह के अनुग्रह से हुआ बहुतेरे लागों पर अवश्य ही अधिकाई से हुआ।
Romans 5:16 और जैसा एक मनुष्य के पाप करने का फल हुआ, वैसा ही दान की दशा नहीं, क्योंकि एक ही के कारण दण्ड की आज्ञा का फैसला हुआ, परन्तु बहुतेरे अपराधों से ऐसा वरदान उत्पन्न हुआ, कि लोग धर्मी ठहरे।
Romans 5:17 क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कराण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्म रूपी वरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थात यीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्त जीवन में राज्य करेंगे।
Romans 5:18 इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्ड की आज्ञा का कारण हुआ, वैसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ।
Romans 5:19 क्योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे।
Romans 5:20 और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ।
Romans 5:21 कि जैसा पाप ने मृत्यु फैलाते हुए राज्य किया, वैसा ही हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा अनुग्रह भी अनन्त जीवन के लिये धर्मी ठहराते हुए राज्य करे।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 17-18
  • मत्ती 27:27-50



Thursday, February 14, 2019

प्रेम



      जब ओंटारियो के वेल्लैंड नगर में अनेकों स्थानों पर गुलाबी रंग के “मैं तुम से प्रेम करता हूँ” लिखे हुए दिखाई देने लगे तो स्थानीय पत्रकार मेरिएन फर्त ने इसकी पड़ताल करने का निर्णय लिया। किन्तु उसकी खोजबीन का कुछ परिणाम नहीं निकला। कुछ सप्ताह के बाद कुछ नए लेख दिखाई देने लगे जिन पर समय और तिथि के साथ एक स्थानीय उद्यान का पता लिखा हुआ था।

      नगर के जिज्ञासु लोगों की भीड़ के संग मेरिएन भी निर्धारित दिन और समय पर उस उद्यान में पहुँची। वहाँ उसे एक पुरुष मिला जिसने अपना चेहरा चुतराई से छिपा रखा था। उसके अचरज की कल्पना कीजिए जब उस पुरुष ने मेरिएन को फूलों का गुलदस्ता दिया और उससे विवाह करने का प्रस्ताव किया। वह रहस्यमय पुरुष मेरिएन का प्रेमी, रेयान सेंट डेनिस था; और मेरिएन ने सहर्ष उसका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

       अपनी प्रेमिका के प्रति रेयान सेंट डेनिस का प्रेम-प्रगटीकरण कुछ अजीब एवं आवश्यकता से अधिक नाटकीय प्रतीत हो सकता है, परन्तु हमारे प्रति परमेश्वर के प्रेम की अभिव्यक्ति अद्भुत और विलक्षण से ज़रा भी कम नहीं है। परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है, “जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं” (1 यूहन्ना 4:9)।

      प्रेम प्रगट करने के लिए एक दूसरे को दिए जाने लाल या गुलाबी गुलाब के फूल के समान प्रभु यीशु केवल प्रेम का प्रतीक मात्र ही नहीं हैं। वे वह दिव्य मनुष्य हैं जिन्होंने समस्त मानव जाति के लिए अपने प्राण बलिदान किए जिससे जो कोई भी उनपर विश्वास कर के पापों की क्षमा प्राप्त करता है वह उद्धार तथा परमेश्वर के साथ अनन्तकाल के लिए उसकी सन्तान होने का संबंध प्राप्त करता है। और फिर परमेश्वर के प्रेम से किसी मसीही विश्वासी को कभी कोई पृथक नहीं कर सकता है (रोमियों 8:39)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


क्योंकि परमेश्वर ने अपने पुत्र को हमारे बचाए जाने के लिए भेजा, इससे हम हमारे प्रति उसके प्रेम की महानता को जान सकते हैं।

परन्तु जितनों ने उसे [प्रभु यीशु को] ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। - यूहन्ना 1:12

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 4: 7-16
1 John 4:7 हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है; और परमेश्वर को जानता है।
1 John 4:8 जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है।
1 John 4:9 जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं।
1 John 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उसने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा।
1 John 4:11 हे प्रियो, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए।
1 John 4:12 परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।
1 John 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्योंकि उसने अपने आत्मा में से हमें दिया है।
1 John 4:14 और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता कर के भेजा है।
1 John 4:15 जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।
1 John 4:16 और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उसको हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 15-16
  • मत्ती 27:1-26