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Friday, May 31, 2019

प्रार्थना



      किन्तसुगी एक प्राचीन जापानी कला है, टूटे हुए चीनी-मिट्टी के बर्तनों की मरम्मत करने की। इस मरम्मत के कार्य में राल या धूना के साथ सोने की धूल मिलाकर टूटे हुए टुकड़ों को आपस में जोड़ा जाता है और उनके बीच की दरारों को भरा जाता है, जिससे एक बहुत असाधारण और मजबूत जोड़ बनता है। इस कला के द्वारा मरम्मत को छुपाया नहीं जाता है वरन उस टूटेपन को एक सुन्दर कलाकृति में परिवर्तित कर दिया जाता है।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि यदि हम अपने किसी पाप के प्रति वास्तव में पश्चातापी होते हैं तो परमेश्वर भी हमारे उस टूटेपन की कदर करता है। जब दाऊद ने बतशेबा के साथ व्यभिचार का पाप किया और उसके पति को मरवाने का षडयंत्र रचा, तो नातान नबी ने उसे उसका पाप स्मरण करवाया, और दाऊद ने पश्चाताप किया। इसके बाद दाऊद द्वारा की गई प्रार्थना हमें अंतःदृष्टि प्रदान करती है कि यदि हम पाप कर बैठें तो परमेश्वर हम से क्या चाहता है: “क्योंकि तू मेलबलि से प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता। टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता” (भजन 51:16-17)।

      जब हमारा हृदय किसी पाप को लेकर टूटता है, तो परमेश्वर प्रभु यीशु द्वारा कलवारी के क्रूस पर दिए गए बलिदान से मिलने वाली अमूल्य क्षमा से उस टूटेपन को जोड़ता और भरता है। जब हम अपने आप को उसके सामने दीन करते हैं तो वह हमें प्रेम सहित स्वीकार करता है, और उसके साथ हमारा संबंध बहाल हो जाता है।

      परमेश्वर कितना दयालु है! वह हम से एक दीन और नम्र हृदय चाहता है, जिससे वह अपनी करुणा की सुन्दरता से हमें सुधार और संवार सके। बाइबल की एक अन्य प्रार्थना: “हे ईश्वर, मुझे जांच कर जान ले! मुझे परख कर मेरी चिन्ताओं को जान ले! और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर!” (भजन 139:23-24) आज हमारी भी प्रार्थना हो। - जेम्स बैंक्स


ईश्वरीय पश्चाताप से परम आनन्द की प्राप्ति होती है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: भजन 51
Psalms 51:1 हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।
Psalms 51:2 मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर!
Psalms 51:3 मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।
Psalms 51:4 मैं ने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
Psalms 51:5 देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।
Psalms 51:6 देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है; और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
Psalms 51:7 जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।
Psalms 51:8 मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वह मगन हो जाएं।
Psalms 51:9 अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
Psalms 51:10 हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।
Psalms 51:11 मुझे अपने साम्हने से निकाल न दे, और अपने पवित्र आत्मा को मुझ से अलग न कर।
Psalms 51:12 अपने किए हुए उद्धार का हर्ष मुझे फिर से दे, और उदार आत्मा देकर मुझे सम्भाल।
Psalms 51:13 तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे।
Psalms 51:14 हे परमेश्वर, हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर, मुझे हत्या के अपराध से छुड़ा ले, तब मैं तेरे धर्म का जयजयकार करने पाऊंगा।
Psalms 51:15 हे प्रभु, मेरा मुंह खोल दे तब मैं तेरा गुणानुवाद कर सकूंगा।
Psalms 51:16 क्योंकि तू मेलबलि से प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता।
Psalms 51:17 टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।
Psalms 51:18 प्रसन्न हो कर सिय्योन की भलाई कर, यरूशलेम की शहरपनाह को तू बना,
Psalms 51:19 तब तू धर्म के बलिदानों से अर्थात सर्वांग पशुओं के होमबलि से प्रसन्न होगा; तब लोग तेरी वेदी पर बैल चढ़ाएंगे।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 13-14
  • यूहन्ना 12:1-26



Thursday, May 30, 2019

क्षमा



      मेरे साथ प्रति सप्ताह प्रार्थना करने वाली मेरी सहेली से मैं एक अन्य मित्र के बारे में बात कर रही थी कि कैसे उसके गलत निर्णय और चुनाव उसे पाप में और गहरा लिए जा रहे थे। मेरी सहेली ने मेरे हाथ के ऊपर हाथ रखते हुए कहा, “आओ हम अपने लिए प्रार्थना करें।” मैंने भौंहें सिकोड़ते हुए पूछा, “अपने लिए?” उसने कहा “हाँ! क्या तुम ही नहीं कहती हो कि हमें प्रभु यीशु को पवित्रता का मानक बनाना चाहिए; इसलिए हमें अपने पापों की तुलना औरों के पापों के साथ नहीं करनी चाहिए।” मैंने उत्तर दिया, “यह सत्य है, और दुखदायी भी। मेरा आलोचनात्मक व्यवहार और आत्मिक घमण्ड करने का पाप उसके पाप से कम या अधिक नहीं है।” मेरी सहेली ने आगे कहा, “तुम्हारे उस मित्र के बारे में ऐसे बातें करने के द्वारा हम बकवाद कर रहे हैं; और यह भी...” और मैंने सिर झुका कर उसका वाक्य पूरा किया, “पाप है।” फिर मैंने अपनी सहेली से अनुरोध किया, “कृपया हम सब के लिए प्रार्थना करो।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, लूका 18 अध्याय में प्रभु यीशु ने एक दृष्टांत दिया, दो व्यक्तियों के बारे में जो प्रार्थना करने के लिए परमेश्वर के मंदिर पर आए, किन्तु उनकी प्रार्थनाएं बिलकुल भिन्न थीं (पद 9-14)। उन दोनों में से एक फरीसी, अर्थात धार्मिक अगुआ था, और उसकी प्रार्थना उस दूसरे व्यक्ति, जो एक चुंगी लेने वाला था, के साथ उसके जीवन की तुलना थी। हम भी उस फरीसी के समान औरों के साथ अपने जीवन की तुलना करने के छलावे में फंस सकते हैं। तब हम अपने बारे में घमण्ड करने लगते हैं और ऐसे जीने लगते हैं मानो दूसरों का न्याय करने और उन्हें बदलने का अधिकार हमारे पास है।

      परन्तु जब पवित्रता के जीवन के लिए हम प्रभु यीशु को अपना मानक और उदाहरण बनाते हैं, तब हम स्वयं प्रभु की भलाई का अनुभव करते हैं; और जैसे उस चुंगी लेने वाले ने कहा, परमेश्वर के अनुग्रह के लिए हमारी आवश्यकता भी बढ़ जाती है। जब हम प्रभु के प्रेम भरे अनुग्रह और क्षमा का व्यक्तिगत रीति से अनुभव करते हैं, तो हम सदा के लिए बदल जाते हैं, और फिर किसी आलोचना को नहीं वरन उस क्षमा को औरों तक पहुँचाने वाले बन जाते हैं। - जोशील डिक्सन


जब प्रभु के अनुग्रहपूर्ण दया की हमारी गहरी आवश्यकता का हमें बोध होता है, 
तब ही हम औरों के प्रति भी उस दया को प्रदर्शित करने पाते हैं।

इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा। - मत्ती 6:14-15

बाइबल पाठ: लूका 18:9-14
Luke 18:9 और उसने कितनो से जो अपने ऊपर भरोसा रखते थे, कि हम धर्मी हैं, और औरों को तुच्‍छ जानते थे, यह दृष्‍टान्‍त कहा।
Luke 18:10 कि दो मनुष्य मन्दिर में प्रार्थना करने के लिये गए; एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेने वाला।
Luke 18:11 फरीसी खड़ा हो कर अपने मन में यों प्रार्थना करने लगा, कि हे परमेश्वर, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि मैं और मनुष्यों के समान अन्‍धेर करने वाला, अन्यायी और व्यभिचारी नहीं, और न इस चुंगी लेने वाले के समान हूं।
Luke 18:12 मैं सप्‍ताह में दो बार उपवास करता हूं; मैं अपनी सब कमाई का दसवां अंश भी देता हूं।
Luke 18:13 परन्तु चुंगी लेने वाले ने दूर खड़े हो कर, स्वर्ग की ओर आंखें उठाना भी न चाहा, वरन अपनी छाती पीट-पीटकर कहा; हे परमेश्वर मुझ पापी पर दया कर।
Luke 18:14 मैं तुम से कहता हूं, कि वह दूसरा नहीं; परन्तु यही मनुष्य धर्मी ठहराया जा कर अपने घर गया; क्योंकि जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा, वह छोटा किया जाएगा; और जो अपने आप को छोटा बनाएगा, वह बड़ा किया जाएगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 10-12
  • यूहन्ना 11:30-57



Wednesday, May 29, 2019

आदर



      अमेरिका के वॉशिंगटन शहर में स्थित सैनिकों के आर्लिंग्टन राष्ट्रीय कब्रिस्तान के सैनिक द्वारपालों के ड्यूटी बदलने के समय की सादगीपूर्ण और गंभीर प्रक्रिया ने सदैव ही मुझे प्रभावित किया है। बड़ी सावधानी से रची गई वह ड्यूटी बदलने की प्रक्रिया कब्रिस्तान में दफनाए गए उन अनजाने सैनिकों के प्रति एक मार्मिक श्रद्धांजलि है, जिनके नाम और बलिदान केवल “परमेश्वर को ही ज्ञात हैं।” उतना ही मार्मिक होता है लोगों के चले जाने के पश्चात भी ड्यूटी पर तैनात उन सैनिकों द्वारा लगातार चहल-कदमी करते रहना। एक ओर से दूसरी ओर, और फिर वापस लौटना, हर घंटे, हर दिन, बिना रुके, चाहे मौसम कितना भी ख़राब क्यों न हो।

      सितंबर 2005 में जब एक बहुत तीव्र चक्रवाधी तूफ़ान, इसाबेल, वॉशिंगटन की ओर बढ़ रहा था तो उन ड्यूटी देने वाले सैनिकों से कहा गया कि वे तूफ़ान की तीव्रता के समय सुरक्षित स्थानों पर जा सकते हैं। किन्तु किसी को अचंभा नहीं हुआ जब किसी भी सैनिक ने ड्यूटी से हटने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उस भयानक तूफ़ान में भी वे अपने दिवंगत साथियों द्वारा दिए गए बलिदान के आदर में डटे रहे।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु द्वारा मत्ती  6:1-6 में दी गई शिक्षाओं की बुनियाद में, मेरा मानना है कि, प्रभु की इच्छा है कि हम मसीही विश्वासी निरन्तर उसके प्रति निःस्वार्थ समर्पण के साथ जीवन जीते रहें। निःसंदेह बाइबल हमें भले कार्यों और पवित्र जीवन के लिए कहती है, परन्तु इन्हें प्रभु परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारिता और उपासना के कार्य होना है (पद 4-6), न कि आत्म-प्रशंसा और अपनी ख्याति के लिए किए गए गढ़ी हुई धार्मिकता के कार्य (पद 2)। प्रेरित पौलुस ने इस जीवन-पर्यन्त विश्वासयोग्यता के जीवन की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रभु यीशु द्वारा हमारे लिए दिए गए अपने जीवन के बलिदान के आदर में हमें अपने शरीरों को जीवित बलिदान करके परमेश्वर को अर्पित करना है (रोमियों 12:1)।

      होने दें कि हमारे व्यक्तिगत और सार्वजनिक समय प्रभु परमेश्वर के प्रति हमारे आदर और संपूर्ण समर्पण को दिखाने वाले हों। - रैंडी किल्गोर


हम जितना अधिक मसीह यीशु की सेवा करेंगे, उतनी ही कम अपनी सेवा करेंगे।

इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। - रोमियों 12:1

बाइबल पाठ: मत्ती  6:1-6
Matthew 6:1 सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे।
Matthew 6:2 इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके।
Matthew 6:3 परन्तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए।
Matthew 6:4 ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।
Matthew 6:5 और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े हो कर प्रार्थना करना उन को अच्छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके।
Matthew 6:6 परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 11:1-29



Tuesday, May 28, 2019

साथ



      मेरी माँ जीवन भर बहुत अनुशासित और तरतीब से रहने वाली रहीं थीं, अब वे अस्पताल के बिस्तार पर वृद्धावस्था के कारण क्षीण होकर लेटी हुई थीं, उन्हें साँस लेना भी कठिन हो रहा था। उनके कमरे की खिड़की की दूसरी ओर वसंत ऋतु का लुभावना, जीवंत दिन था, जो उनकी हालत के बिलकुल विपरीत प्रतीत हो रहा था।

      हम चाहे भावनात्मक रीति से कितनी भी तैयारी कर लें, लेकिन अंतिम विदाई की कठोर वास्तविकता के लिए कभी भी पूर्णतः तैयार नहीं हो सकते हैं। मैं सोच रहा था कि मृत्यु भी कितना बड़ा अनादर है। मैनें अपना ध्यान खिड़की के बाहर चिड़ियों को भोजन देने के लिए रखे गए दाना डालने के पात्र पर लगाया, एक छोटी चिड़िया पास आकर दाना चुगने लगी थी। उसे देख कर तुरंत ही मेरे मन में परमेश्वर के वचन बाइबल का एक परिचित वाक्य आया: “क्या पैसे मे दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती” (मत्ती 10:29)। प्रभु यीशु ने यह बात अपने शिष्यों से तब कही थी जब उसने उन्हें यहूदिया में प्रचार करने के लिए भेजा था, परन्तु इस बात का सिद्धांत आज हम मसीही विश्वासियों पर भी उतना ही लागू होता है। प्रभु ने अपने अनुयायियों से आगे कहा है, “डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो” (पद 31)।

      मेरी माँ ने अपना शरीर कुछ हिलाया और आँखें खोलकर, अपने बचपन की कुछ स्मृतियों के ध्यान में, अपनी माँ के विषय कहा, “मुती का देहांत हो गया है!” मेरी पत्नि ने सहमति जताते हुए उत्तर दिया, “हाँ! वे अब प्रभु यीशु के पास हैं।” एक अनिश्चितता के भाव के साथ माँ ने आगे अपने भाई और बहन के विषय पूछा, “और जॉयस तथा जिम?” मेरी पत्नि ने उत्तर दिया, “हाँ, वे भी प्रभु यीशु के पास हैं। हम भी शीघ्र ही उनके साथ प्रभु के पास जाएँगे।”

      मेरी माँ ने शान्ति से प्रत्युत्तर दिया, “प्रतीक्षा करना कठिन है।” – टिम गुस्ताफ्सन


स्वर्ग की भोर से पहले, मृत्यु अंतिम अन्धकार है।

यहोवा के भक्तों की मृत्यु, उसकी दृष्टि में अनमोल है। - भजन 116:15

बाइबल पाठ: मत्ती 10:28-33
Matthew 10:28 जो शरीर को घात करते हैं, पर आत्मा को घात नहीं कर सकते, उन से मत डरना; पर उसी से डरो, जो आत्मा और शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है।
Matthew 10:29 क्या पैसे मे दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती।
Matthew 10:30 तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं।
Matthew 10:31 इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो।
Matthew 10:32 जो कोई मनुष्यों के साम्हने मुझे मान लेगा, उसे मैं भी अपने स्‍वर्गीय पिता के साम्हने मान लूंगा।
Matthew 10:33 पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्कार करेगा उस से मैं भी अपने स्‍वर्गीय पिता के साम्हने इन्कार करूंगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 4-6
  • यूहन्ना 10:24-42



Monday, May 27, 2019

उपयोगी



      शब्द दुष्क्रियात्मक  का अर्थ होता है वह जो टूटा हुआ है, सही रीति से कार्य नहीं कर रहा है, या जिस उद्देश्य के लिए उसे बनाया गया उसे नहीं कर रहा है। यह व्यक्तियों, पारस्परिक संबंधों, संस्थाओं, और सरकारों पर भी लागू होता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री का आरंभ आत्मिक रीति से दुष्क्रियात्मक दशा में पड़ी मानवता के विवरण के साथ किया है (1:18-32)। हम सभी परमेश्वर के प्रति इस बलवाई मानवता का भाग हैं: “सब भटक गए हैं, सब के सब निकम्मे बन गए, कोई भलाई करने वाला नहीं, एक भी नहीं...इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं” (रोमियों 3: 12, 23)।

      लेकिन हमारे लिए अच्छा समाचार यह है कि “परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं। उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे” (रोमियों 3:24-25)। जब हम प्रभु यीशु मसीह को अपने जीवनों में आमंत्रित करते हैं, और प्रभु परमेश्वर के अनुग्रह से हमें दी जाने वाली पापों की क्षमा और नए जीवन की पेशकश को स्वीकार कर लेते हैं, तो हम वह व्यक्ति बनने के मार्ग पर चल निकलते हैं जो होने के लिए उसने हमने सृजा था। इस मार्ग पर आते ही हम सिद्ध तो नहीं हो जाते हैं, परन्तु सिद्धता की ओर बढ़ने लग जाते हैं, तथा टूटे एवँ दुष्क्रियात्मक नहीं रह जाते हैं।

      प्रभु यीशु को अपना उद्धारकर्ता ग्रहण करने पर हम में आकर निवास करने वाले पवित्र-आत्मा के द्वारा हम निरन्तर परमेश्वर का आदर करने, उसके आज्ञाकारी होने की सामर्थ्य प्राप्त करते जाते हैं, जिससे फिर “तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो। और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ। और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है” (इफिसियों 4:22-24), और प्रभु परमेश्वर के लिए उपयोगी हो जाते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड


मसीह यीशु की निकटता में बढ़ने से 
हम उसके उस उद्देश्य की पूर्ति के लिए जीने वाले हो जाते हैं, 
जिसके लिए उसने हमें सृजा है।

क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया। - इफिसियों 2:10

बाइबल पाठ: रोमियों 3: 10-26
Romans 3:10 जैसा लिखा है, कि कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं।
Romans 3:11 कोई समझदार नहीं, कोई परमेश्वर का खोजने वाला नहीं।
Romans 3:12 सब भटक गए हैं, सब के सब निकम्मे बन गए, कोई भलाई करने वाला नहीं, एक भी नहीं।
Romans 3:13 उन का गला खुली हुई कब्र है: उन्होंने अपनी जीभों से छल किया है: उन के होठों में सापों का विष है।
Romans 3:14 और उन का मुंह श्राप और कड़वाहट से भरा है।
Romans 3:15 उन के पांव लोहू बहाने को फुर्तीले हैं।
Romans 3:16 उन के मार्गों में नाश और क्लेश हैं।
Romans 3:17 उन्होंने कुशल का मार्ग नहीं जाना।
Romans 3:18 उन की आंखों के साम्हने परमेश्वर का भय नहीं।
Romans 3:19 हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे।
Romans 3:20 क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है।
Romans 3:21 पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की वह धामिर्कता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं।
Romans 3:22 अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं।
Romans 3:23 इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं।
Romans 3:24 परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं।
Romans 3:25 उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे।
Romans 3:26 वरन इसी समय उस की धामिर्कता प्रगट हो; कि जिस से वह आप ही धर्मी ठहरे, और जो यीशु पर विश्वास करे, उसका भी धर्मी ठहराने वाला हो।

एक साल में बाइबल:  
  • 2 इतिहास 1-3
  • यूहन्ना 10:1-23



Sunday, May 26, 2019

मार्गदर्शक


      मैं अपने प्रथम तेज़ बहती उथली नदी पर रबर की नौका में यात्रा करने के अभियान के आरंभ का आनन्द ले रहा था, कि मुझे आगे नदी में तीव्र धारा की गर्जन का शब्द सुनाई दिया। मेरे अन्दर तुरंत ही बहुतायत से अनिश्चितता, भय, और असुरक्षा के भाव एक साथ उठने लगे। उस तीव्र धारा से होकर निकलना बहुत रोमांचक था, हम हाथों से कसकर नौका को पकड़े हुए बैठे थे। और अचानक ही सब शान्त हो गया, हमारी नौका के चालाक और गाईड ने हमें सुरक्षित उस भयावह बहाव के पार निकाल लिया था। अब हमें अगली तीव्र धारा प्रवाह की प्रतीक्षा थी।

      हमारे जीवनों में होने वाले परिवर्तन ऐसे भयावह और रोमांचक अनुभवों के समान हो सकते हैं। जीवन के एक पड़ाव से दूसरे की ओर अपरिहार्य और अप्रत्याशित अनुभव में लिए चलते हैं – कॉलेज से जीविका कमाने की ओर, एक कार्य से दूसरे में परिवर्तन के समय, माता-पिता के साथ रहने से अकेले या जीवन साथी के साथ रहने के अनुभव, जीविका कमाने से सेवा-निवृत्ति पाने के अनुभव, जवानी से वृद्धावस्था के अनुभव – सभी में अनिश्चितता तथा असुरक्षा का भाव बना रहता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए इतहास के सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तनों में से एक था पुराने नियम में दिया गया सुलेमान का अपने पिता दाऊद की गद्दी पर आसीन होना। निःसंदेह सुलेमान भी भविष्य की अनिश्चितता के बारे में आशंका से भरा होगा। उसके पिता दाऊद ने उसे परामर्श दिया, “फिर दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान से कहा, हियाव बान्ध और दृढ़ हो कर इस काम में लग जा। मत डर, और तेरा मन कच्चा न हो, क्योंकि यहोवा परमेश्वर जो मेरा परमेश्वर है, वह तेरे संग है; और जब तक यहोवा के भवन में जितना काम करना हो वह न हो चुके, तब तक वह न तो तुझे धोखा देगा और न तुझे त्यागेगा” (1 इतिहास 28:20)।

      हम सबके जीवनों में ऐसे परिवर्तनों के अवसर अवश्य ही आएँगे। परन्तु हम मसीही विश्वासियों को यह आश्वासन है कि जब परमेश्वर हमारे साथ है, तो हम कभी अकेले या असहाय नहीं हैं। जीवन की तीव्र धरा के भयावह अनुभवों में जब हम अपने मार्गदर्शक प्रभु परमेश्वर पर अपनी दृष्टि लगाए रहते हैं, उसके वचन के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ते रहते हैं, तो वह हमें सुरक्षित पार निकाल लाता है। - जो स्टोवैल


परिवर्तन की तीव्र धारा में प्रभु परमेश्वर हमारा मार्गदर्शक रहता है।

इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा। - यहोशू 1:7-8

बाइबल पाठ: 1 इतिहास 28:9-20
1 Chronicles 28:9 और हे मेरे पुत्र सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा।
1 Chronicles 28:10 अब चौकस रह, यहोवा ने तुझे एक ऐसा भवन बनाने को चुन लिया है, जो पवित्रस्थान ठहरेगा, हियाव बान्धकर इस काम में लग जा।
1 Chronicles 28:11 तब दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान को मन्दिर के ओसारे, कोठरियों, भण्डारों अटारियों, भीतरी कोठरियों, और प्रायश्चित के ढकने से स्थान का नमूना,
1 Chronicles 28:12 और यहोवा के भवन के आंगनों और चारों ओर की कोठरियों, और परमेश्वर के भवन के भण्डारों और पवित्र की हुई वस्तुओं के भण्डारों के, जो जो नमूने ईश्वर के आत्मा की प्रेरणा से उसको मिले थे, वे सब दे दिए।
1 Chronicles 28:13 फिर याजकों और लेवियों के दलों, और यहोवा के भवन की सेवा के सब कामों, और यहोवा के भवन की सेवा के सब सामान,
1 Chronicles 28:14 अर्थात सब प्रकार की सेवा के लिये सोने के पात्रों के निमित्त सोना तौलकर, और सब प्रकार की सेवा के लिये चान्दी के पात्रें के निमित्त चान्दी तौलकर,
1 Chronicles 28:15 और सोने की दीवटों के लिये, और उनके दीपकों के लिये प्रति एक एक दीवट, और उसके दीपकों का सोना तौलकर और चान्दी के दीवटों के लिये एक एक दीवट, और उसके दीपक की चान्दी, प्रति एक एक दीवट के काम के अनुसार तौलकर,
1 Chronicles 28:16 ओर भेंट की रोटी की मेजों के लिये एक एक मेज का सोना तौलकर, और चान्दी की मेजों के लिये चान्दी,
1 Chronicles 28:17 और चोखे सोने के कांटों, कटोरों और प्यालों और सोने की कटोरियों के लिये एक एक कटोरी का सोना तौलकर, और चान्दी की कटोरियों के लिये एक एक कटोरी की चान्दी तौलकर,
1 Chronicles 28:18 और धूप की वेदी के लिये तपाया हुआ सोना तौलकर, और रथ अर्थात यहोवा की वाचा का सन्दूक ढांकने वाले और पंख फैलाए हुए करूबों के नमूने के लिये सोना दे दिया।
1 Chronicles 28:19 मैं ने यहोवा की शक्ति से जो मुझ को मिली, यह सब कुछ बूझ कर लिख दिया है।
1 Chronicles 28:20 फिर दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान से कहा, हियाव बान्ध और दृढ़ हो कर इस काम में लग जा। मत डर, और तेरा मन कच्चा न हो, क्योंकि यहोवा परमेश्वर जो मेरा परमेश्वर है, वह तेरे संग है; और जब तक यहोवा के भवन में जितना काम करना हो वह न हो चुके, तब तक वह न तो तुझे धोखा देगा और न तुझे त्यागेगा।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 इतिहास 28-29
  • यूहन्ना 9:24-41


Saturday, May 25, 2019

ईर्ष्या



      मेरे पुत्र और बहु को संध्या के समय कहीं बाहर जाना था, उनकी सहायता के लिए, उनकी अनुपस्थिति में, मैं अपने पोतों की देखभाल करने के लिए उनके घर रहने के लिए सहर्ष सहमत हो गई। शाम को उनके घर पहुँचने और बच्चों को गले लगाकर उन से मिलने के बाद मैं उनसे बातचीत करने लगी। मैंने उन से जानना चाहा कि उन्होंने बीते सप्ताहान्त क्या-क्या किया। तीन वर्षीय छोटे पोते नें बड़े उत्साह के साथ बताया कि कैसे उसे अपने चाचा-चाची के साथ एक रात बिताने को मिली थी, जहाँ उसने आईसक्रीम खाई, झूले पर झूला और एक फिल्म भी देखी। इसके बाद पाँच वर्षीय बड़े पोते की बारी थी। जब मैंने उससे पूछा कि उसने सप्ताहान्त पर क्या किया तो उसने नीरसता से कहा कहा कि वह कैम्पिंग के लिए गया था। फिर मैंने पूछा कि क्या उसे कैम्पिंग में मज़ा आया, तो उसने उदासीन भाव के साथ अपने छोटे भाई की ओर संकेत करते हुए उत्तर दिया, “उतना नहीं!”

      मेरा बड़ा पोता सँसार भर के लोगों को सदियों से प्रभावित कर रहे ईर्ष्या के भाव का अनुभव कर रहा था। उसने जब अपने छोटे भाई से अपने चाचा के साथ समय बिताए गए समय और आनन्द के बारे में सुना तो तुरंत ही वह उस आनन्द के बारे में भूल गया जो उसने अपने पिता के साथ कैम्पिंग करते हुए अनुभव किया था।

      हम सभी ईर्ष्या के शिकार हो सकते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रजा के द्वारा की जा रही दाऊद की प्रशंसा को सुनकर राजा शाउल ईर्ष्या से भर गया और दाऊद के विरोध में हो गया; वह इतना क्रोधित हुआ कि दाऊद को मारने के प्रयास करने लगा।

      औरों से तुलना करने का विचार और व्यवहार मूर्खतापूर्ण तथा विनाशक होता है। अवश्य ही किसी न किसी के पास कुछ ऐसा होगा जो हमारे पास नहीं है, या उसने ऐसे अनुभवों के आनन्द पाए होंगे जो हमने नहीं पाए। परन्तु परमेश्वर हमें पहले ही उन लोगों से भिन्न अनेकों अन्य आशीषें और आनन्द प्रदान कर चुका है, जिनमें इस जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति तथा मसीही विश्वासियों को प्रभु यीशु में अनन्त जीवन की आशीष सम्मिलित हैं। जब हम किसी अन्य मनुष्य पर ध्यान केंद्रित करने के स्थान पर प्रभु परमेश्वर पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं, उसके द्वारा हमें प्रदान की गई आशीषों को लेकर उसके प्रति कृतज्ञ एवँ धन्यवादी रहते हैं, तो हम ईर्ष्या में पड़ने से बचे रहते हैं। - एलीसन कीडा


ईर्ष्या का समाधान परमेश्वर के प्रति धन्यवादी रहना है।

शान्त मन, तन का जीवन है, परन्तु मन के जलने से हड्डियां भी जल जाती हैं। - नीतिवचन 14:30

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 18:5-15
1 Samuel 18:5 और जहां कहीं शाऊल दाऊद को भेजता था वहां वह जा कर बुद्धिमानी के साथ काम करता था; और शाऊल ने उसे योद्धाओं का प्रधान नियुक्त किया। और समस्त प्रजा के लोग और शाऊल के कर्मचारी उस से प्रसन्न थे।
1 Samuel 18:6 जब दाऊद उस पलिश्ती को मारकर लौटा आता था, और वे सब लोग भी आ रहे थे, तब सब इस्राएली नगरों से स्त्रियों ने निकलकर डफ और तिकोने बाजे लिये हुए, आनन्द के साथ गाती और नाचती हुई, शाऊल राजा के स्वागत में निकलीं।
1 Samuel 18:7 और वे स्त्रियां नाचती हुइ एक दूसरी के साथ यह गाती गईं, कि शाऊल ने तो हजारों को, परन्तु दाऊद ने लाखों को मारा है।
1 Samuel 18:8 तब शाऊल अति क्रोधित हुआ, और यह बात उसको बुरी लगी; और वह कहने लगा, उन्होंने दाऊद के लिये तो लाखों और मेरे लिये हजारों को ठहराया; इसलिये अब राज्य को छोड़ उसको अब क्या मिलना बाकी है?
1 Samuel 18:9 तब उस दिन से भविष्य में शाऊल दाऊद की ताक में लगा रहा।
1 Samuel 18:10 दूसरे दिन परमेश्वर की ओर से एक दृष्ट आत्मा शाऊल पर बल से उतरा, और वह अपने घर के भीतर नबूवत करने लगा; दाऊद प्रति दिवस के समान अपने हाथ से बजा रहा था। और शाऊल अपने हाथ में अपना भाला लिये हुए था;
1 Samuel 18:11 तब शाऊल ने यह सोचकर, कि मैं ऐसा मारूंगा कि भाला दाऊद को बेधकर भीत में धंस जाए, भाले को चलाया, परन्तु दाऊद उसके साम्हने से दो बार हट गया।
1 Samuel 18:12 और शाऊल दाऊद से डरा करता था, क्योंकि यहोवा दाऊद के साथ था और शाऊल के पास से अलग हो गया था।
1 Samuel 18:13 शाऊल ने उसको अपने पास से अलग कर के सहस्रपति किया, और वह प्रजा के साम्हने आया जाया करता था।
1 Samuel 18:14 और दाऊद अपनी समस्त चाल में बुद्धिमानी दिखाता था; और यहोवा उसके साथ साथ था।
1 Samuel 18:15 और जब शाऊल ने देखा कि वह बहुत बुद्धिमान है, तब वह उस से डर गया।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 इतिहास 25-27
  • यूहन्ना 9:1-23



Friday, May 24, 2019

समान



      कहते हैं सँसार में हम सब के समान एक व्यक्ति और होता है; वह हम से संबंधित तो नहीं होगा किन्तु देखने में हमारे समान दिखेगा। मेरे समान दिखने वाला संगीत की दुनिया का एक प्रसिद्ध कलाकार है। जब मैं उसका एक संगीत समारोह देखने गया, तो मध्यांतर के समय मुझे देखना लोगों को बहुत रोचक और मनोरंजक लगा। परन्तु मेरी और उसकी समानता बस दिखाई देने तक ही है। मैं उसके समान न तो गिटार बजा सकता हूँ और न ही गा सकता हूँ।

      आप किस के समान दिखाई देते हैं? इस प्रश्न पर विचार करते समय, परमेश्वर के वचन बाइबल में 2 कुरिन्थियों 3:18 पर भी थोड़ा मनन करें, जहाँ प्रेरित पौलुस ने लिखा है कि हम मसीही विश्वासी अंश-अंश करके प्रभु यीशु के स्वरूप में ढाले जा जा रहे हैं। जब हम अपने जीवनों से प्रभु यीशु को आदर देने के प्रयास करते हैं तो हमारे जीवनों का एक उद्देश्य होना चाहिए कि उसके स्वरूप का आदर करें, उसे अपना लें। इसका यह अर्थ नहीं है कि हमें दाढ़ी उगा लेनी चाहिए और चप्पल पहनकर रहना चाहिए। वरन, इसका अर्थ है कि हम पवित्र आत्मा की सहायता तथा प्रेरणा से अपने जीवनों में मसीह यीशु के समान गुणों को प्रदर्शित करें। उदाहरण के लिए, हमें प्रभु यीशु के समान व्यवहार में दीन, चरित्र से प्रेम रखने वाला, दयालुता में दीन-हीन लोगों का साथ देने वाला होना चाहिए। हमें प्रभु यीशु के समान दिखना और जीवन जीना चाहिए।

      जब हम अपनी दृष्टि प्रभु यीशु पर लगाए हुए उसकी महिमा के विषय मनन करते हैं, हम उसकी समानता में अधिकाधिक रूपांतरित होते जाते हैं। यह कितना अद्भुत होगा कि लोग हमें देखकर कहें, मुझे आप में प्रभु यीशु की समानता दिखाई देती है। - डेव ब्रैनन


मसीह के अनुयायियों में प्रेम वह पारिवारिक गुण है जो दिखाई देना चाहिए।

तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं। - 1 कुरिन्थियों 11:1

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 3:17-4:2
2 Corinthians 3:17 प्रभु तो आत्मा है: और जहां कहीं प्रभु का आत्मा है वहां स्‍वतंत्रता है।
2 Corinthians 3:18 परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं।
2 Corinthians 4:1 इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते।
2 Corinthians 4:2 परन्तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्तु सत्य को प्रगट कर के, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 इतिहास 22-24
  • यूहन्ना 8:28-59



Thursday, May 23, 2019

प्रतिनिधि



      उस कार पर परमेश्वर के विरोध में लगे स्टिकर्स ने एक विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर का ध्यान आकर्षित किया। वह प्रोफ़ेसर कभी स्वयँ भी नास्तिक हुआ करता था, और उसने सोचा कि कार का मालिक परमेश्वर में विश्वास करने वालों को उत्तेजित और क्रुद्ध करना चाहता था। प्रोफ़ेसर ने स्पष्ट किया, “क्रोध के द्वारा नास्तिक अपनी नास्तिकता को तर्कसंगत जताना चाहता है”; और फिर उन्होंने सचेत किया, “अधिकाँशतः इस क्रोध के प्रत्युत्तर में उसे फिर क्रोध ही मिलता है।”

      मसीही विश्वास में आने की अपनी यात्रा के बारे में याद करते हुए उन्होंने अपने एक मसीही विश्वासी मित्र की उनके प्रति चिन्ता का ध्यान किया। उस मित्र ने उन्हें निमंत्रण दिया कि वे मसीह के सत्य पर विचार करें; प्रोफ़ेसर ने कहा, “मेरे मित्र के उस आग्रह में कोई क्रोध की अभिव्यक्ति नहीं थी।” प्रोफ़ेसर अपने मित्र के उस तीव्र आग्रह में निहित वास्तविक आदर और नम्रता को कभी नहीं भुला सका।

      मसीह यीशु में विश्वास करने वाले बहुधा अपमानित अनुभव करते हैं जब और लोग मसीह यीशु पर विश्वास नहीं लाते हैं। परन्तु अपने इस तिरिस्कार के प्रति स्वयं प्रभु यीशु की क्या प्रतिक्रिया होती है? पृथ्वी पर अपनी सेवकाई के दिनों में प्रभु यीशु को लगातार धमकियों और घृणा का सामना करना पड़ा था, परन्तु उन्होंने कभी इसे व्यक्तिगत रीति से नहीं लिया, इस व्यवहार के कारण अपने ईश्वरत्व पर कभी संदेह नहीं होने दिया। एक बार जब वे अपने शिष्यों के साथ जा रहे थे और एक गाँव के लोगों ने उन्हें आने नहीं दिया तो उनके दो शिष्य, यूहन्ना और याकूब ने तुरंत प्रतिक्रिया में उस गाँव को भस्म करने की इच्छा व्यक्त की, “हे प्रभु; क्या तू चाहता है, कि हम आज्ञा दें, कि आकाश से आग गिरकर उन्हें भस्म कर दें” (लूका  9:54)। लेकिंन प्रभु यीशु यह नहीं चाहते थे, और उन्होंने उन शिष्यों को इस प्रतिक्रिया के लिए उलाहना दिया (पद 55)। यह इसलिए क्योंकि परमेश्वर ने प्रभु यीशु को जगत के नाश के लिए नहीं वरन उसे बचाने के लिए भेजा था (यूहन्ना 3:17)।

      यह हमारे लिए चकित होने वाली बात हो सकती है कि परमेश्वर को हमारी आवश्यकता उसका बचाव करने के लिए कदापि नहीं है। वह चाहता है कि हम उसके प्रतिनिधि बनकर सँसार के सामने उसके गुणों, उसके प्रेम और क्षमा के सुसमाचार को प्रगट करें। परमेश्वर का प्रतिनिधि बनकर, उसे सँसार के सामने रखने में समय, परिश्रम, संयम, धैर्य और प्रेम की आवश्यकता होती है। - टिम गुस्ताफसन


प्रभु यीशु मसीह का बचाव करने की सर्वोत्तम विधि है उसके समान जीवन जी कर दिखाना।

परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए। - यूहन्ना 3:17

बाइबल पाठ: लूका 9:51-56
Luke 9:51 जब उसके ऊपर उठाए जाने के दिन पूरे होने पर थे, जो उसने यरूशलेम को जाने का विचार दृढ़ किया।
Luke 9:52 और उसने अपने आगे दूत भेजे: वे सामरियों के एक गांव में गए, कि उसके लिये जगह तैयार करें।
Luke 9:53 परन्तु उन लोगों ने उसे उतरने न दिया, क्योंकि वह यरूशलेम को जा रहा था।
Luke 9:54 यह देखकर उसके चेले याकूब और यूहन्ना ने कहा; हे प्रभु; क्या तू चाहता है, कि हम आज्ञा दें, कि आकाश से आग गिरकर उन्हें भस्म कर दे।
Luke 9:55 परन्तु उसने फिरकर उन्हें डांटा और कहा, तुम नहीं जानते कि तुम कैसी आत्मा के हो।
Luke 9:56 क्योंकि मनुष्य का पुत्र लोगों के प्राणों को नाश करने नहीं वरन बचाने के लिये आया है: और वे किसी और गांव में चले गए।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 इतिहास 19-21
  • यूहन्ना 8:1-27



Wednesday, May 22, 2019

परमेश्वर



      मेरी सहेली, राएली, ने कहा, “परमेश्वर पलक के समान है,” और मैंने अचरज से पलकें झपकाईं – यह कहने से उसका क्या अर्थ हो सकता था? मैंने कहा, ज़रा समझाओ तो! हम दोनों साथ मिलकर परमेश्वर के वचन बाइबल से परमेश्वर के आश्चर्यजनक शब्द-चित्रों के विषय अध्ययन कर रहे थे। इस अध्ययन में हमने बाइबल में परमेश्वर के गुणों को अनेकों असामान्य रूपों में देखा, जैसे कि एक जच्चा माँ के समान (यशायाह 42:14), या एक मधुमक्खी पालने वाले के समान (यशायाह 7:18); परन्तु जो राएली ने कहा वह मेरे लिए बिलकुल नया था। समझाने के लिए राएली ने मुझे बाइबल में व्यवस्थाविवरण 32 देखने के लिए कहा, जहाँ मूसा परमेश्वर द्वारा उसके लोगों की देखभाल करने के लिए उसकी स्तुति करता है। उस अध्याय का 10 पद बताता है कि परमेश्वर अपने लोगों की अपनी आँख की पुतली के समान रक्षा करता है।

      आँख की पुतली की रखवाली हमारी आँखों की पलकें करती हैं। परमेश्वर उन्हीं रक्षक पलकों के समान है जो कोमल आँख की हर समय सुरक्षा करता रहता है। पलक आँख को खतरे से बचाती है, झपकने के द्वारा आँख में आने वाली धूल या गंदगी को साफ़ कर देती है; आँख में पसीना नहीं जाने देती है; आँख को स्वस्थ और स्वच्छ रखने के लिए गीला बनाए रखती है; और आँख को आराम देने के लिए बन्द हो जाती है।

      पलक के रूप में परमेश्वर के इस चित्रण पर विचार करते हुए मैं परमेश्वर की बहुत धन्यवादी हुई उन सभी रूपकों के लिए जिनके द्वारा हम हमारे प्रति उसके प्रेम को समझने पाते हैं। जब हम रात में अपनी आँखें बन्द करते हैं, और प्रातः को उन्हें खोलते हैं, तब हम परमेश्वर का ध्यान करके, हमें कोमल देखभाल और सुरक्षा देने के लिए उसका धन्यवाद करें, परमेश्वर की आराधना और उपासना करें। - एमी पीटरसन


जब आप पलक झपकाएं तो सुरक्षा प्रदान करने के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करें।

अपने आंखो की पुतली के समान सुरक्षित रख; अपने पंखों के तले मुझे छिपा रख – भजन 17:8

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 32:1-12
Deuteronomy 32:1 हे आकाश, कान लगा, कि मैं बोलूं; और हे पृथ्वी, मेरे मुंह की बातें सुन।
Deuteronomy 32:2 मेरा उपदेश मेंह के समान बरसेगा और मेरी बातें ओस के समान टपकेंगी, जैसे कि हरी घास पर झीसी, और पौधों पर झडिय़ां।
Deuteronomy 32:3 मैं तो यहोवा नाम का प्रचार करूंगा। तुम अपने परमेश्वर की महिमा को मानो!
Deuteronomy 32:4 वह चट्टान है, उसका काम खरा है; और उसकी सारी गति न्याय की है। वह सच्चा ईश्वर है, उस में कुटिलता नहीं, वह धर्मी और सीधा है।
Deuteronomy 32:5 परन्तु इसी जाति के लोग टेढ़े और तिर्छे हैं; ये बिगड़ गए, ये उसके पुत्र नहीं; यह उनका कलंक है।
Deuteronomy 32:6 हे मूढ़ और निर्बुद्धि लोगों, क्या तुम यहोवा को यह बदला देते हो? क्या वह तेरा पिता नहीं है, जिसने तुम को मोल लिया है? उसने तुम को बनाया और स्थिर भी किया है।
Deuteronomy 32:7 प्राचीनकाल के दिनों को स्मरण करो, पीढ़ी पीढ़ी के वर्षों को विचारो; अपने बाप से पूछो, और वह तुम को बताएगा; अपने वृद्ध लोगों से प्रश्न करो, और वे तुझ से कह देंगे।
Deuteronomy 32:8 जब परमप्रधान ने एक एक जाति को निज निज भाग बांट दिया, और आदमियों को अलग अलग बसाया, तब उसने देश देश के लोगों के सिवाने इस्राएलियों की गिनती के अनुसार ठहराए।
Deuteronomy 32:9 क्योंकि यहोवा का अंश उसकी प्रजा है; याकूब उसका नपा हुआ निज भाग है।
Deuteronomy 32:10 उसने उसको जंगल में, और सुनसान और गरजने वालों से भरी हुई मरूभूमि में पाया; उसने उसके चंहु ओर रहकर उसकी रक्षा की, और अपनी आंख की पुतली के समान उसकी सुधि रखी।
Deuteronomy 32:11 जैसे उकाब अपने घोंसले को हिला हिलाकर अपने बच्चों के ऊपर ऊपर मण्डलाता है, वैसे ही उसने अपने पंख फैलाकर उसको अपने परों पर उठा लिया।।
Deuteronomy 32:12 यहोवा अकेला ही उसकी अगुवाई करता रहा, और उसके संग कोई पराया देवता न था।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 इतिहास 16-18
  • यूहन्ना 7:28-53



Tuesday, May 21, 2019

गुण



      व्यंग्य-चित्र बनाने वाले कलाकार सार्वजनिक स्थानों पर अपना चित्र बनाने का सामान लगाकर उन लोगों के व्यंग्य-चित्र बना देते हैं जो इसके लिए उनका पारिश्रमिक देने को तैयार होते हैं। उनके चित्र हमारा मनोरंजन करते हैं, क्योंकि वे हमारे शारीरिक गुणों में से एक या दो को ऐसा बढ़ाकर दिखाते है कि हम पहचाने तो जाएँ परन्तु हास्यासपद भी लगें।

      किन्तु परमेश्वर का व्यंग्य-चित्र, अर्थात उसके केवल कुछ गुणों को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाना, हास्यास्पद नहीं होता है। ऐसा करने से परमेश्वर की एक विकृत छवि लोगों के सामने आती है, जिसे फिर वे सरलता से नकार देते हैं या जिसका तिरिस्कार कर देते हैं। जो परमेश्वर को केवल एक क्रोधी और ज़ोर जमाने वाले न्यायी के समान प्रस्तुत करते हैं, वे फिर सरलता से किसी ऐसे की ओर बहक जाते हैं जिसमें उन्हें दयालुता प्रतीत होती है। जो परमेश्वर को एक नरम-दिल दादाजी के समान देखते हैं, वे उसके न्यायी तथा दायित्व का निर्वाह करने पर बल देने वाला होने का इन्कार कर देते हैं। जो परमेश्वर को एक बुद्धिमत्ता का विचार मात्र समझते हैं, न कि एक जीवित, प्रेमी व्यक्तित्व, उन्हें फिर कोई अन्य विचार अधिक आकर्षक लगने लग जाता है। जिन्हें परमेश्वर एक मित्र समान प्रतीत होता है, वे उसे फिर किसी अन्य अधिक अच्छे लगने वाले मानवीय मित्र के लिए छोड़ देते हैं।

      परमेश्वर को उसके किसी एक या दो गुणों के द्वारा नहीं वरन उसके संपूर्ण व्यक्तित्व और गुणों के अनुसार जानना और मानना है। परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल में हमारे लिए अपने गुणों और व्यक्तित्व को प्रगट किया है। उसने अपने आप को दयालु और करुणामय, किन्तु साथ ही दोषी को दण्डित करने वाला न्यायी परमेश्वर भी बताया (निर्गमन 34:6-7)।

      जब हम परमेश्वर में अपने विश्वास को व्यावाहारिक करते हैं, तो हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम परमेश्वर के कुछ ही गुणों को, उन्हें जो हमें पसन्द हैं, प्रगट करने वाले न हों, वरन उसे उसकी संपूर्णता में प्रस्तुत करें। - जूली एैकरमैन लिंक


परमेश्वर परमेश्वर ही है।

कि यहोवा कोप करने में धीरजवन्त और अति करूणामय है, और अधर्म और अपराध का क्षमा करनेवाला है, परन्तु वह दोषी को किसी प्रकार से निर्दोष न ठहराएगा, और पूर्वजों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों, और पोतों, और परपोतों को देता है। - गिनती 14:18

बाइबल पाठ: निर्गमन 34:1-9
Exodus 34:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, पहिली तख्तियों के समान पत्थर की दो और तख्तियां गढ़ ले; तब जो वचन उन पहिली तख्तियों पर लिखे थे, जिन्हें तू ने तोड़ डाला, वे ही वचन मैं उन तख्तियों पर भी लिखूंगा।
Exodus 34:2 और बिहान को तैयार रहना, और भोर को सीनै पर्वत पर चढ़कर उसकी चोटी पर मेरे साम्हने खड़ा होना।
Exodus 34:3 और तेरे संग कोई न चढ़ पाए, वरन पर्वत भर पर कोई मनुष्य कहीं दिखाई न दे; और न भेड़-बकरी और गाय-बैल भी पर्वत के आगे चरते पाएं।
Exodus 34:4 तब मूसा ने पहिली तख्तियों के समान दो और तख्तियां गढ़ी; और बिहान को सवेरे उठ कर अपने हाथ में पत्थर की वे दोनों तख्तियां ले कर यहोवा की आज्ञा के अनुसार पर्वत पर चढ़ गया।
Exodus 34:5 तब यहोवा ने बादल में उतर के उसके संग वहां खड़ा हो कर यहोवा नाम का प्रचार किया।
Exodus 34:6 और यहोवा उसके साम्हने हो कर यों प्रचार करता हुआ चला, कि यहोवा, यहोवा, ईश्वर दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य,
Exodus 34:7 हजारों पीढिय़ों तक निरन्तर करूणा करने वाला, अधर्म और अपराध और पाप का क्षमा करने वाला है, परन्तु दोषी को वह किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा, वह पितरों के अधर्म का दण्ड उनके बेटों वरन पोतों और परपोतों को भी देने वाला है।
Exodus 34:8 तब मूसा ने फुर्ती कर पृथ्वी की ओर झुककर दण्डवत की।
Exodus 34:9 और उसने कहा, हे प्रभु, यदि तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर हो तो प्रभु, हम लोगों के बीच में हो कर चले, ये लोग हठीले तो हैं, तौभी हमारे अधर्म और पाप को क्षमा कर, और हमें अपना निज भाग मान के ग्रहण कर।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 इतिहास 13-15
  • यूहन्ना 7:1-27



Monday, May 20, 2019

मार्ग



      कैलिफोर्निया के सैंटा बारबरा शहर में एक मार्ग है जिसका बड़ा विचित्र नाम है – “सैल्सीप्यूडेस”, जिसका अर्थ होता है, ‘जा सकते हो तो जाओ’। जब पहले पहल इस मार्ग का नाम रखा गया तब वह एक दलदली इलाके कि किनारे पर स्थित था, जिसमें से कभी-कभी पानी शहर के अन्दर को भर आता था। वहाँ रहने वाले सपैनिश भाषाई निवासियों ने यह नाम एक चेतावनी की रूप में रखा था, जिससे उस मार्ग से होकर निकलने वाले उस दलदल के प्रति सचेत रहें।

      परमेश्वर का वचन बाइबल भी हमें सचेत करती है कि पाप और परिक्षा के “गलत मार्ग” से बचकर रहें: “दुष्टों की बाट में पांव न धरना, और न बुरे लोगों के मार्ग पर चलना। उसे छोड़ दे, उसके पास से भी न चल, उसके निकट से मुड़ कर आगे बढ़ जा” (नीतिवचन 4:14-15)। परन्तु पवित्र-शास्त्र केवल इतना ही नहीं कहता है कि ‘बच सकते हो तो बच जाओ’, वरन बाइबल हमें आश्वस्त करती है: “तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको” (1 कुरिन्थियों 10:13), और सही मार्ग भी दिखाती है।

      परमेश्वर की प्रतिज्ञा, कि वह हमें हमारी सामर्थ्य से बाहर परिक्षा में नहीं पड़ने देगा उत्साहवर्धक है। जब परिक्षा हम पर आती है और हम परमेश्वर की ओर मुड़ते हैं, तो हमें आश्वासन है कि वह उस से बच कर रहने में हमारी सहयाता करने के लिए सदा तत्पर रहता है।

      बाइबल हमें प्रभु यीशु के विषय दृढ़ आश्वासन देती है, “क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला” (इब्रानियों 4:15)। प्रभु यीशु हमें प्रत्येक प्रलोभन और परीक्षा से बचाकर निकालने का मार्ग जानता है, और जब हम विश्वास तथा समर्पण के साथ उसके पास जाते हैं तो वह हमने सही मार्ग दिखाता भी है – वही सच्चा और सही जीवन मार्ग भी है। - जेम्स बैंक्स


हम जब भी परीक्षाओं में पड़ते हैं, परमेश्वर की सहायता हमारे लिए उपलब्ध रहती है।

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 10: 1-13
1 Corinthians 10:1 हे भाइयों, मैं नहीं चाहता, कि तुम इस बात से अज्ञात रहो, कि हमारे सब बाप दादे बादल के नीचे थे, और सब के सब समुद्र के बीच से पार हो गए।
1 Corinthians 10:2 और सब ने बादल में, और समुद्र में, मूसा का बपितिस्मा लिया।
1 Corinthians 10:3 और सब ने एक ही आत्मिक भोजन किया।
1 Corinthians 10:4 और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चट्टान से पीते थे, जो उन के साथ-साथ चलती थी; और वह चट्टान मसीह था।
1 Corinthians 10:5 परन्तु परमेश्वर उन में के बहुतेरों से प्रसन्न न हुआ, इसलिये वे जंगल में ढेर हो गए।
1 Corinthians 10:6 ये बातें हमारे लिये दृष्‍टान्‍त ठहरी, कि जैसे उन्होंने लालच किया, वैसे हम बुरी वस्‍तुओं का लालच न करें।
1 Corinthians 10:7 और न तुम मूरत पूजने वाले बनों; जैसे कि उन में से कितने बन गए थे, जैसा लिखा है, कि लोग खाने-पीने बैठे, और खेलने-कूदने उठे।
1 Corinthians 10:8 और न हम व्यभिचार करें; जैसा उन में से कितनों ने किया: एक दिन में तेईस हजार मर गये ।
1 Corinthians 10:9 और न हम प्रभु को परखें; जैसा उन में से कितनों ने किया, और सांपों के द्वारा नाश किए गए।
1 Corinthians 10:10 और न तुम कुड़कुड़ाएं, जिस रीति से उन में से कितने कुड़कुड़ाए, और नाश करने वाले के द्वारा नाश किए गए।
1 Corinthians 10:11 परन्तु यें सब बातें, जो उन पर पड़ी, दृष्‍टान्‍त की रीति पर भी: और वे हमारी चितावनी के लिये जो जगत के अन्‍तिम समय में रहते हैं लिखी गईं हैं।
1 Corinthians 10:12 इसलिये जो समझता है, कि मैं स्थिर हूं, वह चौकस रहे; कि कहीं गिर न पड़े।
1 Corinthians 10:13 तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 इतिहास 10-12
  • यूहन्ना 6:45-71



Sunday, May 19, 2019

तैयार



      बच्चों के पालन-पोषण से संबंधित अनेकों वेब-साईट्स पर एक वाक्याँश लिखा हुआ मिलता है, “बच्चे को मार्ग के लिए तैयार कीजिए, न कि मार्ग को बच्चे के लिए।” कहने का अभिप्राय है कि बजाए बच्चे के मार्ग से सभी कठिनाइयों और बाधाओं को निकालने का प्रयास करने के, हमें बच्चों को ऐसे बड़ा करना है कि वे उन सभी कठिनाइयों और बाधाओं का सामना करते हुए मार्ग पर सफलतापूर्वक आगे बढ़ते रहने वाले बन जाएँ। हमें उन्हें जीवन की परिस्तिथियों का सामना करना और उनपर विजयी होना सिखाना चाहिए।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने लिखा, “उन्हे हम उनकी सन्तान से गुप्त न रखेंगें, परन्तु होनहार पीढ़ी के लोगों से, यहोवा का गुणानुवाद और उसकी सामर्थ और आश्चर्यकर्मों का वर्णन करेंगें। उसने तो याकूब में एक चितौनी ठहराई, और इस्त्राएल में एक व्यवस्था चलाई, जिसके विषय उसने हमारे पितरों को आज्ञा दी, कि तुम इन्हे अपने अपने लड़के बालों को बताना; कि आने वाली पीढ़ी के लोग, अर्थात जो लड़के बाले उत्पन्न होने वाले हैं, वे इन्हे जानें; और अपने अपने लड़के बालों से इनका बखान करने में उद्यत हों, जिस से वे परमेश्वर का आसरा रखें” (भजन 78:4-6)। ऐसा करने का उद्देश्य है कि वे “ईश्वर के बड़े कामों को भूल न जाएं, परन्तु उसकी आज्ञाओं का पालन करते रहें” (पद 7)।

      उस प्रबल आत्मिक प्रभाव के विषय विचार कीजिए जो औरों के आत्मिक जीवनों से हमारे जीवन पर हुआ – उनके व्यवहार और जीवन शैली के द्वारा। उनके कथन और आचरण ने हमारे ध्यान को खींचा, और हमारे अन्दर भी उनके समान प्रभु यीशु का अनुयायी होने की लालसा जागृत की।

      यह एक अद्भुत विशेषाधिकार और दायित्व है कि हम मसीही विश्वासी अगली पीढ़ी के लोगों से परमेश्वर के वचन और योजनाओं को बाँटें, उन्हें प्रभु यीशु मसीह और उसमें लाए गए विश्वास के द्वारा पापों की क्षमा तथा उद्धार के सुसमाचार के बारे में बताएँ। उनके जीवन मार्ग में आगे चाहे जो भी आए, हम प्रभु परमेश्वर के वचन और सामर्थ्य से उन्हें निर्भीक और दृढ़ होकर प्रत्येक परिस्तिथि का सामना करने के लिए तैयार करें। - डेविड मैक्कैस्लैंड

अपने जीवन की कथनी और करनी के द्वारा 
लोगों को प्रभु यीशु मसीह का अनुयायी बनने
 और जीवन मार्ग पर अग्रसर रहने के लिए तैयार करें।

इसलिये हे मेरे पुत्र, तू उस अनुग्रह से जो मसीह यीशु में है, बलवन्‍त हो जा। और जो बातें तू ने बहुत गवाहों के साम्हने मुझ से सुनी हैं, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों। - 2 तिमुथियुस 2:1-2

बाइबल पाठ: भजन 78:1-8
Psalms 78:1 हे मेरे लोगों, मेरी शिक्षा सुनो; मेरे वचनों की ओर कान लगाओ!
Psalms 78:2 मैं अपना मूंह नीतिवचन कहने के लिये खोलूंगा; मैं प्राचीन काल की गुप्त बातें कहूंगा,
Psalms 78:3 जिन बातों को हम ने सुना, और जान लिया, और हमारे बाप दादों ने हम से वर्णन किया है।
Psalms 78:4 उन्हे हम उनकी सन्तान से गुप्त न रखेंगें, परन्तु होनहार पीढ़ी के लोगों से, यहोवा का गुणानुवाद और उसकी सामर्थ और आश्चर्यकर्मों का वर्णन करेंगें।
Psalms 78:5 उसने तो याकूब में एक चितौनी ठहराई, और इस्त्राएल में एक व्यवस्था चलाई, जिसके विषय उसने हमारे पितरों को आज्ञा दी, कि तुम इन्हे अपने अपने लड़के बालों को बताना;
Psalms 78:6 कि आने वाली पीढ़ी के लोग, अर्थात जो लड़के बाले उत्पन्न होने वाले हैं, वे इन्हे जानें; और अपने अपने लड़के बालों से इनका बखान करने में उद्यत हों, जिस से वे परमेश्वर का आसरा रखें,
Psalms 78:7 और ईश्वर के बड़े कामों को भूल न जाएं, परन्तु उसकी आज्ञाओं का पालन करते रहें;
Psalms 78:8 और अपने पितरों के समान न हों, क्योंकि उस पीढ़ी के लोग तो हठीले और झगड़ालू थे, और उन्होंने अपना मन स्थिर न किया था, और न उनकी आत्मा ईश्वर की ओर सच्ची रही।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 इतिहास 7-9
  • यूहन्ना 6:22-44



Saturday, May 18, 2019

साफ



      मेरे बच्चे जब छोटे ही थे तो वह बाहर हमारे घर के बगीचे में खेला करते थे, जो इंग्लैण्ड के मौसम के कारण बहुधा गीला ही रहता था। इस कारण वे खेलते हुए कीचड़ और मिट्टी से गंदे हो जाते थे। उनके तथा अपने घर के फर्श की भलाई के लिए मैं उनके घर में घुसते समय दरवाज़े पर ही उनके कपड़े उतार कर उन्हें तौलियों में लपेट देती थी और फिर नहाने के लिए ले जाती थी। स्नानघर में दुलार, पानी और साबुन से उनकी सफाई हो जाती थी और वे शीघ्र ही मैले से स्वच्छ हो जाते थे।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि ज़कर्याह को परमेश्वर से एक दर्शन प्राप्त हुआ, जिसमें यहोशू महायाजक को उसने मैले वस्त्रों में, जो पाप और गलत कार्यों के प्रतीक थे, देखा (ज़कर्याह 3:3)। परन्तु परमेश्वर ने उसके वे मैले वस्त्र उतरवाकर उसे साफ़ वस्त्र पहनावाए (पद 3:5)। उसके वे साफ़ वस्त्र यह दिखाते हैं कि परमेश्वर ने उसके पापों को उसपर से हटा दिया था।

      आज हम भी, प्रभु यीशु मसीह में लाए गए विश्वास और उससे मिलने वाली पापों की क्षमा के द्वारा, परमेश्वर द्वारा साफ किए जा सकते हैं। प्रभु यीशु के द्वारा कलवारी के क्रूस पर दिए गए अपने बलिदान और उसके मृतकों में से पुनरुत्थान के द्वारा हम अपने पापों की गन्दगी से धोकर साफ़ किए जाते हैं, और परमेश्वर की सन्तान बनाए जाते हैं, तथा हमें प्रभु में धार्मिकता के वस्त्र पहिनाए जाते हैं। फिर हम हमारे पापों, वे चाहे जो भी रहे हों, के कारण नहीं पहचाने जाते हैं, परन्तु परमेश्वर की सन्तान के रूप में जाने और पहचाने जाते हैं; हम स्वच्छ और साफ़ हो जाते हैं।

      यदि आपने अभी तक ऐसा नहीं किया है तो परमेश्वर से मांगिए कि वह आपको प्रभु यीशु मसीह में विश्वास और पापों की क्षमा के द्वारा पाप की गन्दगी से साफ़ करे, और उन आपको प्रभु यीशु मसीह में धार्मिकता के साफ़ वस्त्रों को पहिना दे। - एमी बाउचर पाई


पापों के दाग को केवल प्रभु यीशु ही धोकर साफ़ कर सकता है।

मैं यहोवा के कारण अति आनन्दित होऊंगा, मेरा प्राण परमेश्वर के कारण मगन रहेगा; क्योंकि उसने मुझे उद्धार के वस्त्र पहिनाए, और धर्म की चद्दर ऐसे ओढ़ा दी है जैसे दूल्हा फूलों की माला से अपने आप को सजाता और दुल्हिन अपने गहनों से अपना सिंगार करती है। - यशायाह 61:10

बाइबल पाठ: ज़कर्याह 3
Zechariah 3:1 फिर उसने यहोशू महायाजक को यहोवा के दूत के साम्हने खड़ा हुआ मुझे दिखाया, और शैतान उसकी दाहिनी ओर उसका विरोध करने को खड़ा था।
Zechariah 3:2 तब यहोवा ने शैतान से कहा, हे शैतान यहोवा तुझ को घुड़के! यहोवा जो यरूशलेम को अपना लेता है, वही तुझे घुड़के! क्या यह आग से निकाली हुई लुकटी सी नहीं है?
Zechariah 3:3 उस समय यहोशू तो दूत के साम्हने मैला वस्त्र पहिने हुए खड़ा था।
Zechariah 3:4 तब दूत ने उन से जो साम्हने खड़े थे कहा, इसके ये मैले वस्त्र उतारो। फिर उसने उस से कहा, देख, मैं ने तेरा अधर्म दूर किया है, और मैं तुझे सुन्दर वस्त्र पहिना देता हूं।
Zechariah 3:5 तब मैं ने कहा, इसके सिर पर एक शुद्ध पगड़ी रखी जाए। और उन्होंने उसके सिर पर याजक के योग्य शुद्ध पगड़ी रखी, और उसको वस्त्र पहिनाए; उस समय यहोवा का दूत पास खड़ा रहा।
Zechariah 3:6 तब यहोवा के दूत ने यहोशू को चिता कर कहा,
Zechariah 3:7 सेनाओं का यहोवा तुझ से यों कहता है: यदि तू मेरे मार्गों पर चले, और जो कुछ मैं ने तुझे सौंप दिया है उसकी रक्षा करे, तो तू मेरे भवन का न्यायी, और मेरे आंगनों का रक्षक होगा; और मैं तुझ को इनके बीच में आने जाने दूंगा जो पास खड़े हैं।
Zechariah 3:8 हे यहोशू महायाजक, तू सुन ले, और तेरे भाईबन्धु जो तेरे साम्हने खड़े हैं वे भी सुनें, क्योंकि वे मनुष्य शुभ शकुन हैं: सुनो, मैं अपने दास शाख को प्रगट करूंगा।
Zechariah 3:9 उस पत्थर को देख जिसे मैं ने यहोशू के आगे रखा है, उस एक ही पत्थर के ऊपर सात आंखें बनी हैं, सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, देख मैं उस पत्थर पर खोद देता हूं, और इस देश के अधर्म को एक ही दिन में दूर कर दूंगा।
Zechariah 3:10 उसी दिन तुम अपने अपने भाईबन्धुओं को दाखलता और अंजीर के वृक्ष के नीचे आने के लिये बुलाओगे, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।

एक साल में बाइबल:  
  • 1 इतिहास 4-6
  • यूहन्ना 6:1-21