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मंगलवार, 14 जुलाई 2020

छिपा


     मैं एक स्थानीय चर्च में अतिथि-उपदेशक हो कर सन्देश दे रहा था, और मेरा विषय था परमेश्वर के समक्ष अपने टूटेपन को प्रस्तुत करना और वह चंगाई जो वह देना चाहता है उससे प्राप्त करने की एक सच्ची कहानी। सन्देश के बाद प्रार्थना के साथ समाप्त करने से पहले, उस चर्च के पास्टर ने  खड़े हो कर और उपस्थित लोगों को गंभीरता से देखते हुए कहा, “आप का पास्टर होने के नाते, मेरा यह सौभाग्य है कि मैं आप से सप्ताह के दौरान मिलता हूँ और आपके टूटेपन की हृदय विदारक कहानियों को सुनता हूँ। और फिर सप्ताहांत में आकर आराधना सभा के समय मुझे दुःख के साथ आप लोगों को अपनी पीड़ाओं को छुपाते हुए देखना पड़ता है।”

     मेरा हृदय उन छिपी हुई पीड़ाओं को लेकर, जिन्हें चंगा करने के लिए प्रभु परमेश्वर आया था, दुखता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों की पत्री का लेखक परमेश्वर के वचन को जीवित और कार्यकारी बताता है। सामान्यतः इस शब्द “वचन” को बाइबल के लिए प्रयुक्त किया गया समझा जाता है, परन्तु यह इस से भी बढ़कर है। प्रभु यीशु ही परमेश्वर का जीवित वचन हैं (यूहन्ना 1:1-2,14)। वह हमारे विचारों और व्यवहारों का आंकलन करता है – और फिर भी हम से प्रेम करता है।

     प्रभु यीशु ने अपना बलिदान इस लिए दिया जिस से हमें हर समय, हर बात के लिए परमेश्वर के समक्ष उपस्थित होने का मार्ग मिल सके। यद्यपि हम सब यह जानते हैं कि आपस में हर किसी के साथ अपनी हर बात को साझा नहीं किया जा सकता है, लेकिन हम यह भी जानते हैं कि चर्च एक ऐसा स्थान है जहाँ हम जो मसीह यीशु के अनुयायी, तथा अपने टूटेपन के लिए परमेश्वर के क्षमा पाए हुए लोग हैं, बिना ग्लानि के रह सकते हैं। चर्च को वह स्थान होना चाहिए जहाँ “तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो” (गलातियों 6:2)।

     आज आप औरों से क्या छिपा रहे हैं? क्या आप उसे परमेश्वर से भी छुपाने का प्रयास कर रहे हैं? परमेश्वर हमें मसीह यीशु में होकर देखता है, और हमारी हर बात को जानता है, फिर भी हम से प्रेम करता है। क्या आप उस से छिपाते रहेंगे, या उस से अपने मन की बात कहकर, उसके प्रेम और चंगाई को प्राप्त कर लेंगे? – एलिसा मॉर्गन

 

परमेश्वर, प्रेमी पिता के समान, हमें देखता है।


जो अपने अपराध छिपा रखता है, उसका कार्य सफल नहीं होता, परन्तु जो उन को मान लेता और छोड़ भी देता है, उस पर दया की जायेगी। - नीतिवचन 28:13

बाइबल पाठ: इब्रानियों 4:12-13

इब्रानियों 4:12 क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग कर के, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है।

इब्रानियों 4:13 और सृष्‍टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है वरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरदा हैं।    

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 10-12
  • प्रेरितों 19:1-20


सोमवार, 13 जुलाई 2020

जानता


     क्या परमेश्वर मेरे बारे में जानता था जब मैं उस रात अपने गाँव जाने के लिए 100 मील की यात्रा गाड़ी चलाकर कर रहा था? मैं जिस हाल में था, उसे ध्यान में रखते हुए, उत्तर इतना सीधा नहीं है। मुझे तेज़ बुखार था, सिर बहुत दर्द कर रहा था। मैंने प्रार्थना की, “प्रभु मैं जानता हूँ कि आप मेरे साथ हैं, परन्तु मैं पीड़ा में पड़ा हूँ!”

     थका हुआ और कमज़ोर, मैंने गाड़ी एक छोटे से गाँव के पास सड़क के किनारे कर के खड़ी कर दी। दस मिनिट के बाद मुझे आवाज़ सुनाई दी; “हैलो; क्या तुम्हें किसी सहायता की आवश्यकता है?” उस निकट के गाँव का एक आदमी अपने साथियों के साथ आकर मुझ से बात कर रहा था। उनकी उपस्थिति मुझे अच्छी लगी। जब उन्होंने मुझे अपने गाँव का नाम बताया, तो मैं चकित रह गया; वहां की स्थानीय भाषा में वह नाम था ‘ना मि न’याला’ जिसका अर्थ होता है, “राजा मेरे बारे में जानता है”। मैं इस गाँव के पास से होकर दर्जनों बार गुज़रा था, परन्तु कभी वहाँ रुका नहीं था। लेकिन उस दिन प्रभु ने उस गाँव के नाम के द्वारा मुझे आश्वस्त किया, कि राजा, अर्थात वह, मेरे साथ था जब मैं अस्वस्थ अवस्था में सड़क के किनारे अकेला खड़ा हुआ था। इस सबसे प्रोत्साहित होकर मैं निकट के दवाखाने तक गया।

     हम जब अपने दैनिक कार्यों में, विभिन्न स्थानों पर और विभिन्न परिस्थितियों में, लगे होते हैं, परमेश्वर हमारे बारे में सब जानता है, चाहे हमारे हाल कैसे भी हों (भजन 139:1-4, 7-12)। वह हमें कभी नहीं छोड़ता और न कभी त्यागता है, और न ही वह कभी इतना व्यस्त होता है कि हमारे अनदेखी कर दे। हम चाहे किसी कठिनाई अथवा समस्या में हों, चाहे “अन्धकार” या “रात्रि” में हों (पद 11-12), हम उसकी दृष्टि से कभी ओझल नहीं होते हैं। यह सत्य हमें बहुत आशा और आश्वासन देता है, और हमें हमारे सृष्टिकर्ता, और मार्गदर्शक प्रभु की स्तुति और आराधना करने के लिए प्रेरित करता है, क्योंकि हमारा प्रभु हमें हर परिस्थिति में, हर समय जानता है। - लॉरेंस दर्मानी

 

हम चाहे जहाँ भी हों, प्रभु हमारे बारे में जानता है।


क्योंकि मनुष्य के मार्ग यहोवा की दृष्टि से छिपे नहीं हैं, और वह उसके सब मार्गों पर ध्यान करता है। -  नीतिवचन 5:21

बाइबल पाठ: भजन 139:1-4  

भजन संहिता 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।।

भजन संहिता 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।

भजन संहिता 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है।

भजन संहिता 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो।      

 

एक साल में बाइबल: भजन 7-9; प्रेरितों 18


सोमवार, 18 नवंबर 2019

छिपे



      छोटे बच्चे ‘लुका-छिपी’ खेलते हैं, एक दूसरे से छुपते हैं और एक दूसरे को ढूँढ़ते हैं। कभी-कभी उन्हें यह लगता है कि अपनी आँखें बंद कर लेने से वे औरों की दृष्टि से भी छिप गए हैं – क्योंकि वे औरों को नहीं देख सकते हैं, इसलिए अन्य भी उन्हें नहीं देख पा रहे हैं। उनकी यह बात बड़ों को चाहे कितनी भी भोली और मूर्खतपूर्ण लगे, परन्तु व्यसक भी परमेश्वर के साथ बहुधा यही करते हैं। जब हम वयस्कों की इच्छा कुछ ऐसा करने की होती है जिसे हम जानते हैं कि वह गलत है, तो हो सकता है कि हम परमेश्वर को नज़रन्दाज़ करके अपनी इच्छा को पूरा करें, मानो हमारे उसे नज़रन्दाज़ कर देने से परमेश्वर उस बात से अनभिज्ञ ही रहेगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भविष्यद्वक्ता यहेजकेल ने इस सत्य को परमेश्वर द्वारा उसे दिए गए दर्शन में होकर, जो परमेश्वर ने उसे बाबुल में निर्वासित हुए अपने लोगों के लिए दिया था, पहचाना। परमेश्वर ने यहेजकेल से पूछा, “हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ने देखा है कि इस्राएल के घराने के पुरनिये अपनी अपनी नक्काशी वाली कोठरियों के भीतर अर्थात अन्धियारे में क्या कर रहे हैं? वे कहते हैं कि यहोवा हम को नहीं देखता; यहोवा ने देश को त्याग दिया है” (यहेजकेल 8:12)।

      परमेश्वर से कुछ छिपा नहीं रहता है, और यहेजकेल का दर्शन इस बात का प्रमाण था। परन्तु फिर भी, चाहे उन्होंने पाप किया था, परमेश्वर ने अपने पश्चातापी लोगों को आशा प्रदान की, एक नई प्रतिज्ञा के द्वारा, “मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा” (यहेजकेल 36:26)।

      हमारे लिए, परमेश्वर ने हमारे पाप के कारण आई बर्बादी के निवारण के लिए कलवारी के क्रूस पर अपनी कोमल करुणा में होकर प्रावधान प्रदान किया, मसीह यीशु के बलिदान के द्वारा हमारे पाप के सम्पूर्ण दण्ड को हमारे लिए चुका दिया। मसीह यीशु में होकर परमेश्वर न केवल हमें एक नया आरंभ देता है, वरन जब हम उसका अनुसरण करते हैं तो वह हमारे अन्दर अपना कार्य करके हमारे हृदयों को परिवर्तित करता है, अपने अनुरूप करता है।

      परमेश्वर कितना भला है! जब हम पाप में खोए और उससे छिपे हुए थे, तब भी वह प्रभु यीशु में होकर हमारे निकट आया, हमें ढूँढ़ने और हमारा उद्धार करने के लिए (लूका 19:10; रोमियों 5:8)। - जेम्स बैंक्स

परमेश्वर हमें पूरी तरह से जानता है...और पूरी तरह से हमें प्रेम भी करता है।

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया। - 1 पतरस 1:3

बाइबल पाठ: यहेजकेल 8
Ezekiel 8:1 फिर छठवें वर्ष के छठवें महीने के पांचवें दिन को जब मैं अपने घर में बैठा था, और यहूदियों के पुरनिये मेरे साम्हने बैठे थे, तब प्रभु यहोवा की शक्ति वहीं मुझ पर प्रगट हुई।
Ezekiel 8:2 और मैं ने देखा कि आग का सा एक रूप दिखई देता है; उसकी कमर से नीचे की ओर आग है, और उसकी कमर से ऊपर की ओर झलकाए हुए पीतल की झलक सी कुछ है।
Ezekiel 8:3 उसने हाथ सा कुछ बढ़ा कर मेरे सिर के बाल पकड़े; तब आत्मा ने मुझे पृथ्वी और आकाश के बीच में उठा कर परमेश्वर के दिखाए हुए दर्शनों में यरूशलेम के मन्दिर के भीतर, आंगन के उस फाटक के पास पहुचा दिया जिसका मुंह उत्तर की ओर है; और जिस में उस जलन उपजाने वाली प्रतिमा का स्थान था जिसके कारण द्वेष उपजता है।
Ezekiel 8:4 फिर वहां इस्राएल के परमेश्वर का तेज वैसा ही था जैसा मैं ने मैदान में देखा था।
Ezekiel 8:5 उसने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, अपनी आंखें उत्तर की ओर उठा कर देख। सो मैं ने अपनी आंखें उत्तर की ओर उठा कर देखा कि वेदी के फाटक की उत्तर की ओर उसके प्रवेश स्थान ही में वह डाह उपजाने वाली प्रतिमा है।
Ezekiel 8:6 तब उसने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू देखता है कि ये लोग क्या कर रहे हैं? इस्राएल का घराना क्या ही बड़े घृणित काम यहां करता है, ताकि मैं अपने पवित्र स्थान से दूर हो जाऊं; परन्तु तू इन से भी अधिक घृणित काम देखेगा।
Ezekiel 8:7 तब वह मुझे आंगन के द्वार पर ले गया, और मैं ने देखा, कि भीत में एक छेद है।
Ezekiel 8:8 तब उसने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, भीत को फोड़; तो मैं ने भीत को फोड़कर क्या देखा कि एक द्वार है
Ezekiel 8:9 उसने मुझ से कहा, भीतर जा कर देख कि ये लोग यहां कैसे कैसे और अति घृणित काम कर रहे हैं।
Ezekiel 8:10 सो मैं ने भीतर जा कर देखा कि चारों ओर की भीत पर जाति जाति के रेंगने वाले जन्तुओं और घृणित पशुओं और इस्राएल के घराने की सब मूरतों के चित्र खिंचे हुए हैं।
Ezekiel 8:11 और इस्राएल के घराने के पुरनियों में से सत्तर पुरुष जिन के बीच में शापान का पुत्र याजन्याह भी है, वे उन चित्रों के साम्हने खड़े हैं, और हर एक पुरुष अपने हाथ में घूपदान लिये हुए है; और धूप के धूएं के बादल की सुगन्ध उठ रही है।
Ezekiel 8:12 तब उसने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ने देखा है कि इस्राएल के घराने के पुरनिये अपनी अपनी नक्काशी वाली कोठरियों के भीतर अर्थात अन्धियारे में क्या कर रहे हैं? वे कहते हैं कि यहोवा हम को नहीं देखता; यहोवा ने देश को त्याग दिया है।
Ezekiel 8:13 फिर उसने मुझ से कहा, तू इन से और भी अति घृणित काम देखेगा जो वे करते हैं।
Ezekiel 8:14 तब वह मुझे यहोवा के भवन के उस फाटक के पास ले गया जो उत्तर की ओर था और वहां स्त्रियाँ बैठी हुई तम्मूज के लिये रो रही थीं।
Ezekiel 8:15 तब उसने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ने यह देखा है? फिर इन से भी बड़े घृणित काम तू देखेगा।
Ezekiel 8:16 तब वह मुझे यहोवा के भवन के भीतरी आंगन में ले गया; और वहां यहोवा के भवन के द्वार के पास ओसारे और वेदी के बीच कोई पच्चीस पुरुष अपनी पीठ यहोवा के भवन की ओर और अपने मुख पूर्व की ओर किए हुए थे; और वे पूर्व दिशा की ओर सूर्य को दण्डवत कर रहे थे।
Ezekiel 8:17 तब उसने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ने यह देखा? क्या यहूदा के घराने के लिये घृणित कामों का करना जो वे यहां करते हैं छोटी बात है? उन्होंने अपने देश को उपद्रव से भर दिया, और फिर यहां आकर मुझे रिस दिलाते हैं। वरन वे डाली को अपनी नाक के आगे लिये रहते हैं।
Ezekiel 8:18 इसलिये मैं भी जलजलाहट के साथ काम करूंगा, न मैं दया करूंगा और न मैं कोमलता करूंगा; और चाहे वे मेरे कानों में ऊंचे शब्द से पुकारें, तौभी मैं उनकी बात न सुनूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 8-10
  • इब्रानियों 13