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गुरुवार, 16 जून 2011

वचन से शुद्धता

एक स्त्री ने अपने पापों की क्षमा माँगकर प्रभु यीशु मसीह को अपना निज उद्धारकर्ता ग्रहण किया और मसीही विश्वासी बन गई। जिस व्यक्ति के द्वारा उसने प्रभु यीशु मसीह और उद्धार के बारे में जाना था वह उसके पास नियमित बाइबल अध्ययन के लिए आने लगी। कुछ ही समय में उसे बाइबल सिखाने वाला व्यक्ति उससे बहुत निराश हो गया क्योंकि जो कुछ भी वह सिखाता था, वह स्त्री उसे जल्द ही भूल जाती थी। एक दिन शिक्षक ने अपनी छात्रा से व्याकुल होकर उससे कहा, "कभी कभी मैं सोचता हूँ कि तुम्हें कुछ सिखाने से क्या लाभ; तुम तो सब जल्द ही भूल जाती हो। तुम मुझे छलनी की याद दिलाती हो, जैसे छलनी में जितना भी पानी डाला जाए, वह सब उसमें से होकर निकल जाता है, उसमें रुकता नहीं; ऐसे ही मैं जो कुछ तुम्हारे दिमाग में डालने का प्रयास करता हूँ, वह सब कहीं बाहर बह जाता है, तुम्हारे अन्दर बिलकुल भी नहीं रुकता।" छात्रा ने तुरंत सहज भाव से अपने शिक्षक को उत्तर दिया, "यह सही है कि मैं आप के द्वारा सिखाई गई हर बात याद नहीं रख पाती। लेकिन जैसे छलनी में से होकर बहता पानी चाहे उसके भीतर न रुके तो भी पानी के बहने से छलनी साफ हो जाती है, वैसे ही जो भी आप मुझे बाइबल में से सिखाते हैं वह मेरे जीवन को स्वच्छ बनाता है और मुझे इस स्वच्छता की बहुत आवश्यक्ता है। मैं बाइबल से मिलने वाली इसी स्वच्छता के लिए आपके पास बार बार आती रहती हूँ।"

इस नई मसीही विश्वासी ने जो कुछ उसे सिखाया गया, सभी याद तो नहीं रखा, लेकिन बाइबल की सच्चाईयाँ जैसे जैसे उसके जीवन और दिमाग़ से होकर निकलती रहीं, वह उनकी शुद्ध करने वाली सामर्थ को अनुभव करती रही और यह शुद्धता का अनुभव उसे और नए अनुभव के लिए प्रेरित करता रहा। परमेश्वर के वचन बाइबल में मन और जीवन को शुद्ध करने की सामर्थ है। एक जयवन्त मसीही जीवन जीने का सबसे अचूक मार्ग है प्रतिदिन बाइबल की शिक्षाओं से अपने आप को स्व्च्छ करना। जब हम परमेश्वर के वचन बाइबल को नियमित रूप से पढ़ते हैं, उसकी बातों पर मनन करते हैं और उनका पालन करते हैं तो यह वचन हमारे मन-ध्यान-विचारों और जीवन को शुद्ध और स्वच्छ बनाता है।

यह आवश्यक है कि हम प्रतिदिन परमेश्वर के वचन के साथ पाए जाएं, परन्तु इससे भी कहीं अधिक आवश्यक है कि परमेश्वर का वचन प्रतिदिन हममें बहुतायत से निवास करता पाया जाये। तभी इस वचन का शुद्ध करने का कार्य हमारे जीवनों में प्रभावी होगा और सब के समक्ष विदित भी होगा। - रिचर्ड डी हॉन


यदि हम परमेश्वर के वचन का अध्ययन करते रहेंगे तो उसका शुद्ध करने का कार्य भी हमारे जीवनों में होता रहेगा।

तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो। - यूहन्ना १५:३


बाइबल पाठ: यूहन्ना १५:१-७

Joh 15:1 सच्‍ची दाखलता मैं हूं और मेरा पिता किसान है।
Joh 15:2 जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले।
Joh 15:3 तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो।
Joh 15:4 तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
Joh 15:5 में दाखलता हूं: तुम डालियां हो, जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्‍योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।
Joh 15:6 यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है और लोग उन्‍हें बटोर कर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं।
Joh 15:7 यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।

एक साल में बाइबल:
  • नहेम्याह ४-६
  • प्रेरितों २:२२-४७

बुधवार, 15 जून 2011

बन्दूक, नशीले पदार्थ और बाइबल

एक मिशनरी महिला, विदेशों में हुए अपने अनुभवों का वर्णन कर रही थी। उसने अपने एक ऐसे देश में सीमा पार करने के अनुभव को बताया जहाँ के निवासियों को कोई भी धर्म मानने की स्वतंत्रता नहीं थी। सीमा चौकी पर तैनात अधिकारी ने प्रवेश की अनुमति देने से पहले उससे पूछा, "क्या आपके पास बन्दूक, नशीले पदार्थ या बाइबल में से कुछ भी है?"

उन्हें यह लगा होगा की बन्दुक और नशीले पदार्थों के सामान बाइबल भी उनके लिए खतरनाक हो सकती हैवे सीमा प्रहरी शायद बाइबल के इब्रानियों ४:१२ (क्‍योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव और आत्मा को, और गांठ गांठ और गूदे गूदे को अलग करके, आर पार छेदता है, और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है) को जानने वाले रहे होंगे!

क्योंकि बाइबल प्रत्येक असत्य को उजागर करके नष्ट करने की क्षमता रखती है, इसलिए अत्याचार और क्रूरता से लोगों पर राज करने या उन्हें काबू में रखने के प्रयास करने वाले उससे डरते हैं। बाइबल ऐसे लोगों की सामर्थ और नियंत्रण के खोखलेपन को प्रगट करके लोगों को वह देती है, जो कोई भी सरकार कभी नहीं दे सकती, विशेष कर नास्तिक कम्युनिस्ट सरकार तो कभी भी नहीं - उन्मुक्त मानव आत्मा, मन में आशा और जीवन में शाँति की भरपूरी। इसी लिए किसी कम्युनिस्ट शासन को यह बन्दूक और नशीले पदार्थों के समान खतरनाक लगती है।

भजन ११९ में भजनकार ने अपने जीवन में परमेश्वर के वचन के कुछ सामर्थी प्रभावों को बताया: वचन उसे जिलाता है (पद २५); सम्भालता है (पद २८); सत्य का मार्ग दिखाता है (पद ३०); हिम्मत बढ़ाता है (पद ३२)। भजनकार को तो केवल पुराने नियम का भी थोड़ा ही भाग उपलब्ध था, शेष लिखा जा रहा था और संकलित भी नहीं हुआ था, लेकिन परमेश्वर के वचन का यह थोड़ा भाग ही उसके जीवन में अद्भुत परिवर्तन और सामर्थ के लिए काफी था।

आज हमारे पास पूरी बाइबल आसानी से अपनी ही भाषा में उपलब्ध है। यह संपूर्ण संकलित बाइबल परमेश्वर द्वारा दिया गया अपना सिद्ध तथा संपूर्ण प्रकाशन है। जब हम विश्वास के साथ इस अद्भुत और सामर्थी पुस्तक के सन्देश को ग्रहण कर के उस पर मनन और उनका पालन करते हैं तो अपने जीवनों में इसके प्रभाव को स्पष्ट अनुभव कर सकते हैं क्योंकि परमेश्वर का आत्मा जो प्रत्येक विश्वासी के अन्दर निवास करता है, इसे प्रत्येक विश्वासी के लिए सजीव और प्रभावकारी बना देता है।

बन्दूक, नशीले पदार्थ और बाइबल, तीनों ही अति प्रतापी और प्रभावकारी हैं, लेकिन केवल बाइबल ही है जो असत्य को प्रकट करके उसका नाश करती है और सत्य को स्थिर करती तथा बढ़ाती है और जीवन को सही दिशा में ले चलती है। - डेनिस डी हॉन


शैतान के भण्डार का कोई भी शस्त्र परमेश्वर की आत्मा की तलवार, परमेश्वर का वचन - बाइबल, का कभी नाश नहीं कर सकता।

क्‍योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव और आत्मा को, और गांठ गांठ और गूदे गूदे को अलग करके, आर पार छेदता है, और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है। - इब्रानियों ४:१२


बाइबल पाठ: भजन ११९:२५-३२

Psa 119:25 मैं धूल में पड़ा हूं, तू अपने वचन के अनुसार मुझ को जिला!
Psa 119:26 मैं ने अपनी चालचलन का तुझ से वर्णन किया है और तू ने मेरी बात मान ली है; तू मुझ को अपनी विधियां सिखा!
Psa 119:27 अपने उपदेशों का मार्ग मुझे बता, तब मैं तेरे आशचर्यकर्मों पर ध्यान करूंगा।
Psa 119:28 मेरा जीवन उदासी के मारे गल चला है, तू अपने वचन के अनुसार मुझे सम्भाल!
Psa 119:29 मुझ को झूठ के मार्ग से दूर कर और करूणा करके अपनी व्यवस्था मुझे दे।
Psa 119:30 मैं ने सच्चाई का मार्ग चुन लिया है, तेरे नियमों की ओर मैं चित्त लगाए रहता हूं।
Psa 119:31 मैं तेरी चितौनियों में लौलीन हूं, हे यहोवा, मेरी आशा न तोड़!
Psa 119:32 जब तू मेरा हियाव बढ़ाएगा, तब मैं तेरी आज्ञाओं के मार्ग में दौडूंगा।

एक साल में बाइबल:
  • नहेम्याह १-३
  • प्रेरितों २:१-२१

मंगलवार, 14 जून 2011

एक पुस्तक, प्रत्येक के लिए

प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के बाद, मसीही विश्वास के आरंभिक समय से ही, मसीही विश्वासी, मसीह में पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार को स्थान स्थान पर मौखिक रुप से बताते रहे क्योंकि तब बाइबल के यह खंड लिखे जा रहे थे और आज के समान संकलित तथा छपे हुए रूप में उपलब्ध नहीं थे। किंतु उस सीमित रूप में भी, संचार व्यवस्था की कमी होते हुए भी, परमेश्वर का वचन अपना कार्य करता रहा, लोगों के मन और जीवन परिवर्तित करता रहा। तब से लेकर आज तक, हर पीढ़ी के मसीही विश्वासी, जहाँ जहाँ गए - चाहे अपने विश्वास के कारण मिले सताव और खदेड़े जाने के कारण, अथवा अपनी यात्रा में, वे परमेश्वर का वचन लोगों को बताते, सुनाते और बाँटते चले गए। उन्होंने परमेश्वर के वचन और उद्धार के सुसमाचार का खुलेआम भी प्रचार किया और गुपचुप रूप में भी किया। लेकिन परमेश्वर का वचन जहाँ भी बोया गया, वहाँ उसने जड़ पकड़ी और लोगों के जीवन में परमेश्वर के उद्धार, मन परिवर्तन और अद्भुत शाँति का फल लाया।

मसीही विश्वास के संसार के प्रत्येक भाग में, मसीही विश्वासियों पर आए हर सताव, प्रताड़ना और झूठे दोषारोपण के बावजूद, बहुतायत से पनपने और बढ़ते चले जाने का एकमात्र कारण है परमेश्वर के वचन की अद्भुत जीवन बदल देने वाली सामर्थ। यदि इस वचन पर विश्वास करने वालों ने इस सामर्थ को स्वतः अपने जीवन में अनुभव न किया होता, तो उनके पास कोई कारण नहीं था कि इतने दुख उठाते हुए भी वे इस वचन का प्रचार और प्रसार पिछले २००० वर्षों से आज तक करते चले आएं।

लेखक हेनरी वैन डाईक ने इस पुस्तकों में सर्वश्रेष्ठ पुस्तक, बाइबल, के प्रभाव को कुछ ऐसे व्यक्त किया है: "यह पूर्व देश में जन्मी, पूर्वी शैली और प्रतीकों को अपनाया, किंतु बाइबल संसार के हर स्थान में ऐसे घुलमिल जाती है मानो वह उसी क्षेत्र ही की हो; हर देश में यह सहजता से अपनों को पा लेती है। यह संसार की प्रत्येक भाषा में बोलना जानती है; यह संसार में हर प्रकार के और हर परिस्थिति में पड़े मनुष्य के हृदय से बात कर सकती है। यह राजा - महाराजाओं के महलों में जाकर उन्हें समझाती है कि वे परमेश्वर की ओर से नियुक्त प्रजा की देख भाल करने के लिए परमेश्वर के सेवक मात्र ही हैं और रंक की झोपड़ी में जाकर उसे ढाढ़स देती है कि वह राजाओं के राजा सर्वश्क्तिमान परमेश्वर पिता की सन्तान हैं।"

राजधिकरियों, आम लोगों और रंकों ने बाइबल पढ़कर इसके सन्देश पर विश्वास किया है। उनके विश्वास द्वारा देशों में बदलाव आया और संसकृतियों में उन्न्ति हो गई। जब हम बाइबल को पढ़ते हैं, इसके सन्देश पर मनन करते हैं और उसे अपने जीवन में लागू करते हैं तो यह हमारे जीवनों को बदल देती है। इसे पढ़ने और समझने के लिए आप को किसी विशेष भाषा/समुदाय/जाति/वर्ग/शिक्षित स्तर का होना आवश्यक नहीं है। अनपढ़ भी इसके सन्देश को केवल सुनने से ही वही लाभ पा सकता है जो कोई पढ़ा लिखा पढ़ने से पा सकता है क्योंकि परमेश्वर का आत्मा स्वयं इस पुस्तक को अपने प्रत्येक विश्वास करने वालों को सिखाता समझाता है।

बाइबल, एक पुस्तक, प्रत्येक के लिए - क्या आपने इसे पढ़कर देखा है? - डेव एग्नर


बाइबल, बैंक के समान तभी उपयोगी होती है जब वह खुली हुई हो।

क्‍योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन सामर्थ और पवित्र आत्मा, और बड़े निश्‍चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे। और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्‍द के साथ वचन को मानकर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे। - १ थिस्सलुनीकियों १:५, ६


बाइबल पाठ: भजन ११९:४१-४८

Psa 119:41 हे यहोवा, तेरी करूणा और तेरा किया हुआ उद्धार, तेरे वचन के अनुसार, मुझ को भी मिले;
Psa 119:42 तब मैं अपनी नामधराई करने वालों को कुछ उत्तर दे सकूंगा, क्योंकि मेरा भरोसा, तेरे वचन पर है।
Psa 119:43 मुझे अपने सत्य वचन कहने से न रोक क्योंकि मेरी आशा तेरे नियमों पर है।
Psa 119:44 तब मैं तेरी व्यवस्था पर लगातार, सदा सर्वदा चलता रहूंगा;
Psa 119:45 और मैं चौड़े स्थान में चला फिरा करूंगा, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों की सुधि रखी है।
Psa 119:46 और मैं तेरी चितौनियों की चर्चा राजाओं के साम्हने भी करूंगा, और संकोच न करूंगा;
Psa 119:47 क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं के कारण सुखी हूं, और मैं उन से प्रीति रखता हूं।
Psa 119:48 मैं तेरी आज्ञाओं की ओर जिन में मैं प्रीति रखता हूं, हाथ फैलाऊंगा और तेरी विधियों पर ध्यान करूंगा।

एक साल में बाइबल:
  • एज़्रा ९-१०
  • प्रेरितों १

सोमवार, 13 जून 2011

मसीही समाज

दूसरे विश्वयुद्ध के समय, सन १९४५ में एक पत्रकार क्लैरैंस हॉल अमरिकी सेना के साथ साथ जापान के ओकिनावा क्षेत्र में चल रहा था। उस क्षेत्र का दौरा करते हुए वह और उसकी जीप का चालक एक छोटे शहर में पहुँचे जो उनके समक्ष मसीही समाज का एक उतकृष्ट उदहरण था। पत्रकार ने अपने विवरण में लिखा, "हमने ओकिनावा के अन्य गाँव और कसबे देख रखे थे, सब जगह निराश में डूबे और जीवन से हारे हुए लोग ही मिलते थे। उन सब की तुलना में यह छोटा सा शहर ऐसे लग रहा था मानो कूड़े के ढेर पर हीरा चमक रहा हो। उस शहर में हर जगह हमारा स्वागत मुसकुराते चेहरों और आदर पूर्वक किये गए अभिवादन ने किया। गर्व के साथ वहाँ के वृद्ध लोगों ने अपने साफ सुथरे घर, अपने लहलहाते खेत, अपने अनाज के भण्डार स्थान हमें दिखाए, और अपनी बहुमूल्य चीनी बनाने की मिल भी दिखाई।"

उस शहर में पत्रकार हॉल ने कोई शराबी नहीं देखा, वहाँ कोई कारावास नहीं था और वह समाज तलाक से अन्जान था। कारण ढूँढने पर पता चला कि लगभग ३० वर्ष पूर्व एक मसीही प्रचारक वहाँ आया था, उसके प्रचार से वहाँ के दो वृद्ध लोग मसीही विश्वासी बन गए और वह प्रचारक उन्हें जापानी भाषा में बाइबल की एक प्रति देकर चला गया। उन दोनो नए विश्वासियों ने बाइबल को पढ़ा, उसकी शिक्षाओं को माना तथा उनका पलन किया और फिर वे अपने शहर के लोगों में मसीही जीवन का प्रदर्शन और प्रचार करने लगे। यह सुनकर पत्रकार हॉल के जीप चालक ने टिप्पणी करी, "तो यह परिणाम है केवल एक बाइबल और मसीह के समान जीवन व्यतीत करने का प्रयत्न करने वाले केवल दो बुज़ुर्गों के जीवन का।"

परमेश्वर के वचन की महान सामर्थ मसीह पर विश्वास द्वारा लोगों को पापों की क्षमा और उद्धार तक पहुँचाती है और उन्हें मसीह की समानता में बढ़ने को अग्रसर करती है। मसीह की समानता में आए ये लोग एक विशेष समाज बन जाते हैं; वे एक दूसरे से प्रेम रखते हैं, एक दूसरे को परमेश्वर की निकटता में रहने को उभारते रहते हैं और एक साथ मिलकर परमेश्वर की सेवा में लगे रहते हैं।

हम मसीही विश्वासियों को सदैव इस प्रयास और प्रार्थना में लगे रहना चाहिए कि लोग हमारे जीवनों और हमारे समाज में मसीह के प्रतिरूप को देख सकें और हम संसार के लिए परमेश्वर द्वारा प्रदान किए गए उद्धार की सामर्थ को केवल प्रचार करने वाले ही नहीं, वरन प्रदर्शित करने वाले लोग हों। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

संसार की पतित अवस्था को उन्नत मसीही समाज की अत्यंत आवश्यक्ता है।

पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी, याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिस ने तुम्हें अन्‍धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। - १ पतरस २:९


बाइबल पाठ: प्रेरितों के काम ४:३२-३७

Act 4:32 और विश्वास करने वालों की मण्‍डली एक चित्त और एक मन के थे यहां तक कि कोई भी अपनी सम्पति अपनी नहीं कहता था, परन्‍तु सब कुछ साझे का था।
Act 4:33 और प्रेरित बड़ी सामर्थ से प्रभु यीशु के जी उठने की गवाही देते रहे और उन सब पर बड़ा अनुग्रह था।
Act 4:34 और उन में कोई भी दरिद्र न था, क्‍योंकि जिन के पास भूमि या घर थे, वे उन को बेच बेचकर, बिकी हुई वस्‍तुओं का दाम लाते, और उसे प्ररितों के पांवों पर रखते थे।
Act 4:35 और जैसी जिसे आवश्यकता होती थी, उसके अनुसार हर एक को बांट दिया करते थे।
Act 4:36 और यूसुफ नाम, कुप्रुस का एक लेवी था जिसका नाम प्रेरितों ने बरनबास अर्थात शान्‍ति का पुत्र रखा था।
Act 4:37 उस की कुछ भूमि थी, जिसे उस ने बेचा, और दाम के रूपये लाकर प्रेरितों के पांवों पर रख दिए।

एक साल में बाइबल:
  • एज़्रा ६-८
  • यूहन्ना २१

रविवार, 12 जून 2011

अदृश्य सामर्थ

एक बाइबल वितरक माईकल बिलेस्टर दूसरे विश्व युद्ध से थोड़ा पहले पोलैण्ड के एक छोटे से कसबे में पहुँचा। वह बाइबल की एक प्रति वहाँ के एक निवासी को देकर चला गया। उस व्यक्ति ने बाइबल को पढ़ा और पापों से पश्चाताप किया और प्रभु यीशु को अपना व्यक्तिगत उद्धारकर्ता ग्रहण कर लिया। इस नए विश्वासी ने बाइबल की वह प्रति एक अन्य व्यक्ति को दी, और उसके साथ भी यही हुआ, फिर उस नए विश्वासी ने वह प्रति किसी और को दी। बाइबल पढ़ने, पाप के लिए कायल होने, मसीही विश्वास में आने और फिर किसी और को बाइबल पढ़ने के लिए दिये जाने का यह सिलसिला उस कसबे में चलता रहा और उस एक बाइबल के द्वारा २०० लोग मसीही विश्वास में आ गए।

१९४० में बिलेस्टर उस कसबे में वापस आया, और विश्वासियों का यह समूह परमेश्वर की आराधना के लिए एकत्रित हुआ। उन्होंने बिलेस्टर से अनुरोध किया कि वह उन्हें बाइबल से कोई सन्देश दे। बिलेस्टर ने सुझाव दिया कि क्यों न उपस्थित लोगों में से जिन्हें याद हों, वे अपनी स्मरण शक्ति से बाइबल के पद सबको सुनाएं। कुछ देर के आपसी विचार विमर्श के बाद उपस्थित समूह में से एक व्यक्ति खड़ा हुआ और बिलेस्टर से बोला, "क्षमा कीजिए, शायद हमारे सुनने में कोई गलती हुई है; आप ने बाइबल के पद सुनाने के लिए कहा है या अध्याय?"

उस कसबे के लोगों ने अपनी एकमात्र बाइबल से केवल कुछ चुनिन्दा पद ही याद नहीं किए थे, वरन पूरे अध्याय याद कर रखे थे और कुछ ने पूरी पुस्तकें ही याद कर लीं थीं। उनमें से १३ लोगों को मत्ती और लूका रचित सुसमाचार और उत्पत्ती की आधी पुस्तक याद थी। एक अन्य व्यक्ति को पूरा भजन संहिता याद था। बिलेस्टर द्वारा दी गई बाइबल - परमेश्वर के जीवते वचन की उस एक प्रति ने, लोगों को पापों के लिए कायल करने और उनके मन और जीवन परिवर्तित करने का अपना कार्य कर दिखाया था।

जो लोग परमेश्वर के वचन बाइबल को अति सामन्य समझते हैं, वे उसमें विद्यमान परमेश्वर की सामर्थ से अनजान हैं। बाइबल की सामर्थ को जानने के लिए उसे नियमित रूप से पढ़िए, उसे अपने हृदय में बसा लीजिए और उसके निर्देषों का पालन कीजिए।

भजनकार के समान परमेश्वर के वचन को अपने हृदय में बसा लीजिए, क्योंकि परमेश्वर का वचन मनुष्य के मन में जड़ पकड़ता है और जीवन में परमेश्वर की धार्मिकता का फल लाता है। - पौल वैन गोर्डर


बाइबल का सही स्थान आपकी अलमारी नहीं, आपका हृदय है।

मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरूद्ध पाप न करूं। - भजन ११९:११


बाइबल पाठ: भजन ११९:९-१६

Psa 119:9 जवान अपनी चाल को किस उपाय से शुद्ध रखे? तेरे वचन के अनुसार सावधान रहने से।
Psa 119:10 मैं पूरे मन से तेरी खोज मे लगा हूं, मुझे तेरी आज्ञाओं की बाट से भटकने न दे!
Psa 119:11 मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरूद्ध पाप न करूं।
Psa 119:12 हे यहोवा, तू धन्य है, मुझे अपनी विधियां सिखा!
Psa 119:13 तेरे सब कहे हुए नियमों का वर्णन, मैं ने अपने मुंह से किया है।
Psa 119:14 मैं तेरी चितौनियों के मार्ग से, मानों सब प्रकार के धन से हर्षित हुआ हूं।
Psa 119:15 मैं तेरे उपदेशों पर ध्यान करूंगा, और तेरे मार्गों की ओर दृष्टि रखूंगा।
Psa 119:16 मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा और तेरे वचन को न भूलूंगा।

एक साल में बाइबल:
  • एज़्रा ३-५
  • यूहन्ना २०

शनिवार, 11 जून 2011

दर्पण

जटिल आपसी समस्याओं के कारण एक परिवार विभाजित हो गया। पारिवारिक उथल पुथल से परेशान उनका एक बेटा किसी अन्य के साथ रहने चला गया, और कुछ समय में वह उसे ही अपना घर समझने लगा। एक दिन टेलिविज़न पर खोए हुए बच्चों से संबंधित कार्यक्रम देखते समय हुए उसने अपनी तस्वीर को पहचाना और अपने असली परिवार की जनकारी देखी, तब उसे एहसास हुआ कि उसका वास्तविक परिवार और घर कहीं और है। उसने यह बात अपनी आया को बताई, आया ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और कुछ समय के बाद वह बेटा अपने वासत्विक घर में अपने परिवार के साथ था।

यह घटना पढ़ कर मुझे बाइबल में २ राजा २२ अध्याय में वर्णित योशिय्याह राजा की याद आई। योशिय्याह एक भला राजा था, परमेश्वर का भय मानता था और वह अपने तथा अपने राज्य के आत्मिक जीवन के संबंध में निश्चिंत था कि वे सही मार्ग पर हैं। उसने परमेश्वर के भवन की सफाई करवाने के लिए पुरोहितों से कहा और उन्हें सफाई के समय वहाँ परमेश्वर के लिखित वचन की एक प्रति मिली। पुरोहित परमेश्वर के वचन की प्रति को योशिय्याह राजा के पास लाया और उसे परमेश्वर का वचन पढ़कर सुनाया। जब योशिय्याह ने परमेश्वर का वचन सुना और उसके समक्ष अपने आप को जाँचा तब उसे एहसास हुआ कि वह और उसकी प्रजा वास्तव में परमेश्वर से कितने दूर हैं और उसकी आज्ञाओं के उल्लंघन में जीवन व्यतीत कर रहे हैं - उनके पाप ने उन्हें परमेश्वर से दूर कर रखा है। योशिय्याह राजा ने अपनी वास्तविक दशा से व्यथित हो कर अपने कपड़े फाड़ डाले और पश्चाताप किया और परमेश्वर की नबी के पास भेजकर परमेश्वर की इच्छा पता करवाई तथा परमेश्वर की ओर लौट आया। योशिय्याह के साथ साथ उसकी प्रजा ने भी पश्चाताप किया और परमेश्वर की ओर मन फिराया (२ राजा २३)। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि योशिय्याह राजा और उसकी प्रजा ने अपने वास्तविक स्वरूप को परमेश्वर के वचन के दर्पण में देखा और पहचाना कि उनकी वास्तविक स्थिति वह नहीं थी जिसे वे मान कर बैठे हुए थे।

यही बात कई बार हमारे व्यक्तिगत जीवन में भी होती है, हम मान लेते हैं कि हम आत्मिक रूप से ठीक हैं और अपनी इन्हीं भावनाओं के आधार पर चलते रहते हैं, जबकि हमारे जीवन में छुपा हुआ पाप हमें परमेश्वर से दूर किये हुए होता है। परमेश्वर ने अपना वचन बाइबल हमें इसलिए दिया कि एक दर्पण के समान वह हमें हमारी वास्तविक दशा दिखा सके। जब हम सच्चे मन से बाइबल को पढ़ने लगते हैं तो वास्तव में हम बाइबल को नहीं पढ़ रहे होते, बाइबल हमें पढ़ती है, हम पर हमारी असलियत प्रगट कर देती है और हमें बोध होता है कि हमारी वास्तविक दशा क्या है।

जहाँ कहीं परमेश्वर हमें हमारे पाप का बोध कराए, हमें उस बात के लिए पश्चाताप और परमेश्वर से क्षमा याचना करके अपने संबंध परमेश्वर से सही कर लेने चाहिएं। तब ही हम अपने सही स्थान पर लौट सकते हैं और बने रह सकते हैं। - मार्ट डी हॉन


कोई भी अन्य पुस्तक हमारे ज्ञानवर्धन के लिए हो सकती है; किंतु पाप से मन परिवर्तन के लिए केवल बाइबल ही सक्षम है।

व्यवस्था की उस पुस्तक की बातें सुनकर राजा ने अपने वस्त्र फाड़े। - २ राजा २२:११


बाइबल पाठ: २ राजा २२:८-२०

2Ki 22:8 और हिलकिय्याह महायाजक ने शापान मंत्री से कहा, मुझे यहोवा के भवन में व्यवस्था की पुस्तक मिली है; तब हिलकिय्याह ने शापान को वह पुस्तक दी, और वह उसे पढ़ने लगा।
2Ki 22:9 तब शापान मंत्री ने राजा के पास लौटकर यह सन्देश दिया, कि जो चान्दी भवन में मिली, उसे तेरे कर्मचारियों ने थैलियों में डाल कर, उनको सौंप दिया जो यहोवा के भवन में काम कराने वाले हैं।
2Ki 22:10 फिर शपान मंत्री ने राजा को यह भी बता दिया, कि हिलकिय्याह याजक ने उसे एक पुस्तक दी है। तब शपान उसे राजा को पढ़कर सुनाने लगा।
2Ki 22:11 व्यवस्था की उस पुस्तक की बातें सुनकर राजा ने अपने वस्त्र फाड़े।
2Ki 22:12 फिर उस ने हिलकिय्याह याजक, शापान के पुत्र अहीकाम, मीकायाह के पुत्र अकबोर, शापान मंत्री और असाया नाम अपने एक कर्मचारी को आज्ञा दी,
2Ki 22:13 कि यह पुस्तक जो मिली है, उसकी बातों के विष्य तुम जाकर मेरी और प्रजा की और सब सहूदियों की ओर से यहोवा से पूछो, क्योंकि यहोवा की बड़ी ही जलजलाहट हम पर इस कारण भड़की है, कि हमारे पुरखाओं ने इस पुस्तक की बातें न मानी कि कुछ हमारे लिये लिखा है, उसके अनुसार करते।
2Ki 22:14 हिलकिय्याह याजक और अहीकाम, अकबोर, शापान और असाया ने हुल्दा नबिया के पास जाकर उस से बातें की, वह उस शल्लूम की पत्नी थी जो तिकवा का पुत्र और हर्हस का पोता और वस्त्रों का रखवाला था, (और वह स्त्री यरूशलेम के नये टोले में रहती थी) ।
2Ki 22:15 उस ने उन से कहा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, कि जिस पुरुष ने तुम को मेरे पास भेजा, उस से यह कहो,
2Ki 22:16 यहोवा यों कहता है, कि सुन, जिस पुस्तक को यहूदा के राजा ने पढ़ा है, उसकी सब बातों के अनुसार मैं इस स्थान और इसके निवासियों पर विपत्ति डाला चाहता हूँ।
2Ki 22:17 उन लोगों ने मुझे त्याग कर पराये देवताओं के लिये धूप जलाया और अपनी बनाई हुई सब वस्तुओं के द्वारा मुझे क्रोध दिलाया है, इस कारण मेरी जलजलाहट इस स्थान पर भड़केगी और फिर शांत न होगी।
2Ki 22:18 परन्तु यहूदा का राजा जिस ने तुम्हें यहोवा से पूछने को भेजा है उस से तुम यों कहो, कि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा कहता है।
2Ki 22:19 इसलिये कि तू वे बातें सुनकर दीन हुआ, और मेरी वे बातें सुनकर कि इस स्थान और इसके निवासियों देखकर लोग चकित होंगे, और शाप दिया करेंगे, तू ने यहोवा के साम्हने अपना सिर नवाया, और अपने वस्त्र फाड़कर मेरे साम्हने रोया है, इस कारण मैं ने तेरी सुनी है, यहोवा की यही वाणी है।
2Ki 22:20 इसलिये देख, मैं ऐसा करूंगा, कि तू अपने पुरखाओं के संग मिल जाएगा, और तू शांति से अपनी कबर को पहुंचाया जाएगा, और जो विपत्ति मैं इस स्थान पर डाला चाहता हूँ, उस में से तुझे अपनी आखों से कुछ भी देखना न पड़ेगा। तब उन्होंने लौटकर राजा को यही सन्देश दिया।

एक साल में बाइबल:
  • एज़्रा १, २
  • यूहन्ना १९:२३-४२

शुक्रवार, 10 जून 2011

सुरक्षा

सुरक्षा के अनेक स्वरूप होते हैं। खतरा आने पर खरगोश अपने बिल में और हिरन झाड़ियों में छिप जाता है; डर कर एक छोटा बच्चा अपने पिता की टाँगों से लिपटकर, तो युद्ध में एक सैनिक तोपखाने के बचावी हमले में अपने आप को सुरक्षित अनुभव करता है। लेकिन खतरे का आभास होने पर एक मसीही विश्वासी को क्या करना चाहिए? उसकी सुरक्षा क्या है?

जब दाउद ने भजन ३१ लिखा था तब वह जानता था कि उसके लिए परिस्थितियाँ ठीक नहीं हैं। वह कमज़ोर, थका हुआ और दुख में था; उसका दिल टूट चुका था। उसके शत्रु उसका पीछा कर रहे थे और उसके मित्र उसे छोड़ कर भाग चुके थे। दाउद शरीर और सामर्थ में कमज़ोर तो था लेकिन असहाय और असुरक्षित नहीं था। वह जानता था कि परमेश्वर ही उसकी सुरक्षा का सर्वोत्तम स्थान है और परमेश्वर से उसके सही संबंध ही उसकी सुरक्षा की सही और सबसे कारगर नीति हैं। उसने अपनी सुरक्षा परमेश्वर में ही ढूँढी। जैसे जब किसी धौंस देने वाले बदमाश के आगे एक बच्चा अपने बड़े भाई को सहायता के लिए पुकाराता है, दाउद ने परमेश्वर को पुकारा। क्योंकि दाउद परमेश्वर की संगति में रहता था, उसने अपने आप को उसी की सुरक्षा में छुपा लिया जो उससे कभी न बदलने वाले प्रेम से प्रेम रखता था और पहले भी अनेक बार उसकी सहायता कर चुका था।

दाउद के समान क्या हम भी परमेश्वर में अपनी सुरक्षा को खोजने के लिए ऐसे ही तत्पर रहते हैं? परमेश्वर सदैव विश्वासयोग्य है; वह दाउद के लिए छिपने का सुरक्षित स्थान था, वह हमारे लिए भी मुसीबत में छिपने का सुरक्षित स्थान है। - मार्ट डी हॉन


मसीही विश्वासी की सुरक्षा खतरे की अनुपस्थिति से नहीं वरन उसके साथ परमेश्वर की उपस्थिति से है।

क्योंकि तू मेरे लिये चट्टान और मेरा गढ़ है इसलिये अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई कर, और मुझे आगे ले चल। - भजन ३१:३


बाइबल पाठ: भजन ३१:१-१६
Psa 31:1 हे यहोवा मेरा भरोसा तुझ पर है, मुझे कभी लज्जित होना न पड़े? तू अपने धर्मी होने के कारण मुझे छुड़ा ले!
Psa 31:2 अपना कान मेरी ओर लगा कर तुरन्त मुझे छुड़ा ले!
Psa 31:3 क्योंकि तू मेरे लिये चट्टान और मेरा गढ़ है इसलिये अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई कर, और मुझे आगे ले चल।
Psa 31:4 जो जाल उन्होंने मेरे लिये बिछाया है उस से तू मुझ को छुड़ा ले, क्योंकि तू ही मेरा दृढ़ गढ़ है।
Psa 31:5 मैं अपनी आत्मा को तेरे ही हाथ में सौंप देता हूं; हे यहोवा, हे सत्यवादी ईश्वर, तू ने मुझे मोल लेकर मुक्त किया है।
Psa 31:6 जो व्यर्थ वस्तुओं पर मन लगाते हैं, उन से मैं घृणा करता हूं परन्तु मेरा भरोसा यहोवा ही पर है।
Psa 31:7 मैं तेरी करूणा से मगन और आनन्दित हूं, क्योंकि तू ने मेरे दु:ख पर दृष्टि की है, मेरे कष्ट के समय तू ने मेरी सुधि ली है,
Psa 31:8 और तू ने मुझे शत्रु के हाथ में पड़ने नहीं दिया; तू ने मेरे पांवों को चौड़े स्थान में खड़ा किया है।
Psa 31:9 हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं।
Psa 31:10 मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, ओर मेरी हडि्डयां घुल गईं।
Psa 31:11 अपने सब विरोधियों के कारण मेरे पड़ोसियों में मेरी नामधराई हुई है, अपने जान पहिचान वालों के लिये डर का कारण हूं; जो मुझ को सड़क पर देखते है वह मुझ से दूर भाग जाते हैं।
Psa 31:12 मैं मृतक की नाई लोगों के मन से बिसर गया, मैं टूटे बासन के समान हो गया हूं।
Psa 31:13 मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना, चारों ओर भय ही भय है! जब उन्होंने मेरे विरूद्ध आपस में सम्मति की तब मेरे प्राण लेने की युक्ति की।
Psa 31:14 परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है।
Psa 31:15 मेरे दिन तेरे हाथ में है, तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सताने वालों के हाथ से छुड़ा।
Psa 31:16 अपने दास पर अपने मुंह का प्रकाश चमका; अपनी करूणा से मेरा उद्धार कर।

एक साल में बाइबल:
  • २ इतिहास ३४-३६
  • यूहन्ना १९:१-२२