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बुधवार, 11 मई 2011

प्रभावी प्रार्थना

बालक जेसन द्वारा हुई गलती के लिए उसकी माँ ने उसे उसके कमरे में भेज दिया। कुछ देर अके बाद जेसन कमरे से बाहर माँ के पास वापस आ गया और बोला, "मैं अपने किए के बारे में विचार कर रहा था, और फिर मैंने प्रार्थना करी।" उसकी माँ को उसके इस व्यवहार से बहुत प्रसन्नता हुई, और उसे और प्रोत्साहित करने के लिए माँ ने जेसन से कहा, "यह तो बहुत अच्छी बात है। यदि तुम परमेश्वर से मांगोगे कि तुम्हें अच्छा बनाए, तो अवश्य ही वह ऐसा करेगा।" जेसन ने उत्तर दिया, "लेकिन मैंने प्रार्थना अपने अच्छे बनने के लिए थोड़े ही करी; मैंने परमेश्वर से मांगा कि वह मुझे सहने में तुम्हारी सहायता करे!"

जेसन की इस प्रार्थना के समान प्रार्थनाएं सामानयता करी जाती हैं। अधिकांशतः लोग यह स्वीकार करना नहीं चाहते कि वे किसी समस्या का कारण हो सकते हैं, इसलिए लोग अक्सर यही प्रार्थना करते हैं कि परमेश्वर संबंधित लोगों और परिस्थितियों को बदल दे। ऐसी प्रार्थनाएं समस्या के मुख्य कारण - हमारे अपने मन की दशा, को नज़रंदाज़ करके अन्य गैरज़रूरी बातों पर ध्यान केंद्रित करती हैं। अपनी परिस्थितियों के लिए प्रार्थना करना तब ही प्रभावी हो सकता है जब हम पहले अपने मन की दशा को ठीक से आँक कर उसे सही कर लें।

दाउद की प्रार्थना के भजन, भजन ५१ में, दाउद ने सर्वप्रथम अपने लिए परमेश्वर से दया की याचना करी (पद १)। फिर उसने अपने पाप का अंगीकार किया (पद ३), तब उसने परमेश्वर से स्वच्छ हृदय मांगा और अपने उद्धार के आनन्द की बहाली की प्रार्थना करी (पद १०,१२)। व्यभिचार और हत्या के अपने घिनौने पापों को मान लेने के लिए दाउद ने कोई बहाने नहीं बनाए।

परमेश्वर चाहता है कि जब हम उससे प्रार्थना करें तो हम पूरी ईमानदारी के साथ उसके पास आएं। इसके लिए हमें संघर्ष करना पड़ सकता है, क्योंकि ऐसी ईमानदारी से किया हुआ स्वयं विशलेषण और फिर उसका अंगीकार कठिन और दुखदायी होता है, लेकिन प्रभावी प्रार्थना की यही एकमात्र विधि है। - डेनिस डी हॉन


परमेश्वर ऐसों को भी क्षमा करने को सदा तैयार रहता है जो इस क्षमा के कदापि योग्य नहीं हैं।

मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है। - भजन ५१:३


बाइबल पाठ: भजन ५१:१-१७

Psa 51:1 हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।
Psa 51:2 मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर!
Psa 51:3 मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।
Psa 51:4 मैं ने केवल तेरे ही विरूद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
Psa 51:5 देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।
Psa 51:6 देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है, और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
Psa 51:7 जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा, मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।
Psa 51:8 मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वे मगन हो जाएं।
Psa 51:9 अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
Psa 51:10 हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।
Psa 51:11 मुझे अपने साम्हने से निकाल न दे, और अपने पवित्र आत्मा को मुझ से अलग न कर।
Psa 51:12 अपने किए हुए उद्धार का हर्ष मुझे फिर से दे, और उदार आत्मा देकर मुझे सम्भाल।
Psa 51:13 तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे।
Psa 51:14 हे परमेश्वर, हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर, मुझे हत्या के अपराध से छुड़ा ले, तब मैं तेरे धर्म का जयजयकार करने पाऊंगा।
Psa 51:15 हे प्रभु, मेरा मुंह खोल दे तब मैं तेरा गुणानुवाद कर सकूंगा।
Psa 51:16 क्योकि तू मेलबलि में प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता, होमबलि से भी तू प्रसन्न नहीं होता।
Psa 51:17 टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है, हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा १३-१४
  • यूहन्ना २

मंगलवार, 10 मई 2011

सुधार की विधि

हमारे माता-पिता दो तरह से हमें सुधारते हैं; जब कोई बालक उद्दण्ड अथवा अनाज्ञाकारी होता है, तो उनका एक टेढ़ी नज़र से देखना बालक को उनकी नाराज़गी का सन्देश पहुँचा देता है। बालक जैसे ही अपने आप को सुधार लेता है, माता-पिता की टेढ़ी नज़र, प्यार की नज़र बन जाती है। लेकिन यदि बालक उनके टेढ़ी नज़र के सन्देश को नज़रंदाज़ करके अपनी उद्दण्डता या अनाज्ञाकारिता में बना रहे, तो फिर माता-पिता को उसे सुधारने के लिए कठोर कदम उठाने पड़ते हैं।

दाउद भी ऐसे ही अनुभव से होकर गुज़रा और भजन ३२ में उसने अपने अनुभव और उनसे मिली शिक्षाएं वर्णित करी हैं। उसके पाप के कारण दाउद पर परमेश्वर का हाथ बहुत भारी हुआ, और उस बोझ के तले उसे अपनी हड्डियाँ गलती हुई लगीं और उसके जीवन की तरावट सूख गई; उसने बत्शीबा से अपने व्यभिचार और उसके पति उरीयाह की हत्या करवाने के पाप को मान लिया (पद ३,४,५)। परमेश्वर से क्षमा याचना करने और पश्चाताप करने से परमेश्वर का भारी हाथ उस पर से हट गया, दाउद ने अपने आप को एक नया मनुष्य अनुभव किया और अपने आप को आशा से कहीं आधिक आशीशित पाया। इसलिए वह प्रत्येक उस विश्वासी से, जो किसी कारणवश पाप में गिर जाए, आग्रह करता है कि ऐसा होते ही तुरंत क्षमा की प्रार्थना कर ले (पद ६)।

दाउद ने कहा कि परमेश्वर हमारी अगुवाई अपनी आँख से करेगा, फिर आगे पद ९ में लिखा कि "तुम घोड़े और खच्चर के समान न बनो जो समझ नहीं रखते, उनकी उमंग लगाम और बाग से रोकनी पड़ती है, नहीं तो वे तेरे वश में नहीं आने के।" दाउद का तात्पर्य था कि परमेश्वर के पास हमें अपने पास वापस लौटा लाने के दो तरीके हैं - आँख से या लगाम और नकेल से।

यदि हम कभी भी पाप में पड़ें तो परमेश्वर चाहता है कि जैसे ही हमें पाप का बोध हो, हम तुरंत ही उस पाप का अंगीकार करके उसके लिए क्षमा माँग लें। वह नहीं चाहता कि हम नासमझ जानवरों के समान बनें जिन्हें लगाम और नकेल लगा कर ही सीधा रखा जा सकता है। परमेश्वर का हमारे प्रति प्रेम हमें कभी पाप में बने रहने नहीं देगा, वह हमें अवश्य ही सुधारेगा; लेकिन उसके सुधार की विधि हम पर निर्भर करती है; परमेश्वर तो अपनी नज़र के इशारे से ही हमें सुधारना चाहता है, परन्तु आवश्यक्ता पड़ने पर वह लगाम और नकेल का भी प्रयोग करने से नहीं हिचकिचाता। - डेनिस डी हॉन


हम परमेश्वर के जितना निकट बने रहते हैं, उतना ही स्पष्ट हम उसके मार्गदर्शन को देख-समझ पाते हैं।

मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा। तुम घोड़े और खच्चर के समान न बनो जो समझ नहीं रखते, उनकी उमंग लगाम और बाग से रोकनी पड़ती है, नहीं तो वे तेरे वश में नहीं आने के। - भजन ३२:८,९


बाइबल पाठ: भजन ३२

Psa 32:1 क्या ही धन्य है वह जिसका अपराध क्षमा किया गया, और जिसका पाप ढ़ापा गया हो।
Psa 32:2 क्या ही धन्य है वह मनुष्य जिसके अधर्म का यहोवा लेखा न ले, और जिसकी आत्मा में कपट न हो।
Psa 32:3 जब मैं चुप रहा तब दिन भर कहरते कहरते मेरी हडि्डयां पिघल गई।
Psa 32:4 क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई।
Psa 32:5 जब मैं ने अपना पाप तुझ पर प्रगट किया और अपना अधर्म न छिपाया, और कहा, मैं यहोवा के साम्हने अपने अपराधों को मान लूंगा तब तू ने मेरे अधर्म और पाप को क्षमा कर दिया।
Psa 32:6 इस कारण हर एक भक्त तुझ से ऐसे समय में प्रार्थना करे जब कि तू मिल सकता है। निश्चय जब जल की बड़ी बाढ़ आए तौभी उस भक्त के पास न पहुंचेगी।
Psa 32:7 तू मेरे छिपने का स्थान है, तू संकट से मेरी रक्षा करेगा, तू मुझे चारों ओर से छुटकारे के गीतों से घेर लेगा।
Psa 32:8 मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा।
Psa 32:9 तुम घोड़े और खच्चर के समान न बनो जो समझ नहीं रखते, उनकी उमंग लगाम और बाग से रोकनी पड़ती है, नहीं तो वे तेरे वश में नहीं आने के।
Psa 32:10 दुष्ट को तो बहुत पीड़ा होगी परन्तु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह करूणा से घिरा रहेगा।
Psa 32:11 हे धर्मियों यहोवा के कारण आनन्दित और मगन हो, और हे सब सीधे मन वालों आनन्द से जयजयकार करो!

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा १०-१२
  • यूहन्ना १:२९-५१

सोमवार, 9 मई 2011

आकर्षण

किसी ४० फुट लम्बी और ४५ टन वज़न की व्हेल मछली से कुछ करवाना आसान नहीं है, चाहे वह उसकी भलाई ही के लिए क्यों न हो। यह निष्कर्ष था उन भली मनसा वाले लोगों का जो एक व्हेल मछली को वापस समुद्र में भेजने का प्रयास कर रहे थे। एक व्हेल मछली कैलिफोर्निया के समुद्र तट पर खुलते नदी के मुहाने से होकर नदी में मुड़ गई और नदी ही में ७० मील अन्दर तक चली गई। नदी के सीमित वातावरण से उसे वापस खुले समुद्र की ओर मोड़ने के प्रयासों को वह ३ सप्ताह से भी अधिक तक विफल करती रही। आखिरकार समुद्री जीवों के विशेषज्ञों ने उसे उसी की जाति की और व्हेल मछलियों के भोजन करती हुई आवाज़ों को रिकॉर्ड करके उसे सुनाया, और वह व्हेल उन आवाज़ों की ओर आकर्षित हुई, तब वे वैज्ञानिक उन आवाज़ों को सुनाते हुए समुद्र की ओर बढ़े तथा वह व्हेल भी उनके पीछे पीछे समुद्र में फिर से पहुँच गई।

किसी अच्छी वस्तु को प्राप्त करने का आकर्षण मनुष्यों पर भी कार्य करता है। परमेश्वर अपने लोगों के जीवन आकर्षक बनाता है जिससे जो लोग परमेश्वर को नहीं जानते वे उनकी ओर आकर्षित हों, तथा परमेश्वर का आत्मा उन्हें उनके पापों के लिए कायल करे, और वे भी वही पाने के लालायित हों जो वे विश्वासियों में देखते हैं। राजा दाउद ने जब पश्चाताप किया और उसका आनन्द उसे वापस मिला तब वह लोगों को परमेश्वर की ओर ला सका ( भजन ५१:१२, १३)। पतरस की पहली पत्री में हम पढ़ते हैं कि एक विश्वासी पत्नि अपने अविश्वासी पति को अपनी नम्रता और दीनता से प्रभु की ओर ला सकती है (१ पतरस ३:४)।

प्रेम, आनन्द और शान्ति जैसे आकर्षक गुण उनमें मिलते हैं जो परमेश्वर की भलाई पर निर्भर रहते हैं। इन्हें और ऐसे ही अन्य गुणों के आकर्षण से लोग संसार की सीमाओं से निकलकर परमेश्वर के अनुग्रह के समुद्र में स्वच्छंद रह सकते हैं, जो सभी लोगों को प्रभु यीशु में विश्वास करने से सेंतमेंत उपलब्ध है। - मार्ट डी हॉन


उद्धार के मधुर गीत गाने वाले औरों को भी उद्धारकर्ता के निकट खींच लाते हैं।

अपने किए हुए उद्धार का हर्ष मुझे फिर से दे, और उदार आत्मा देकर मुझे सम्भाल। तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे। - भजन ५२:१२, १३


बाइबल पाठ: भजन ५२:७-१३

Psa 51:7 जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा, मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।
Psa 51:8 मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वे मगन हो जाएं।
Psa 51:9 अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
Psa 51:10 हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।
Psa 51:11 मुझे अपने साम्हने से निकाल न दे, और अपने पवित्र आत्मा को मुझ से अलग न कर।
Psa 51:12 अपने किए हुए उद्धार का हर्ष मुझे फिर से दे, और उदार आत्मा देकर मुझे सम्भाल।
Psa 51:13 तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे।

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा ७-९
  • युहन्ना १:१-२८

रविवार, 8 मई 2011

नया गीत

नई चीज़ें आकर्षक होती हैं - हम नए समाचारों में ही रुचि रखते हैं, नया अखबार पढ़ते है पुराना नहीं, आपसी बातचीत में सामन्यतः नई घटनाओं की चर्चा होती है, खेल के नए आंकड़ों की चर्चा करते हैं, आदि।

यही बात परमेश्वर और हमारे संबंधों पर भी लागू होती है, परमेश्वर सदा हमारे लिए क्या क्या करता रहता है, उसके नए कार्यों का बोध हमें सदा रहना चाहिए। भजनकार ने परमेश्वर के अद्भुत कार्यों के ताज़ा एहसास की महत्वपूर्णता को पहचाना और कहा कि हमें सदा परमेश्वर की स्तुति में उसके नए नए कामों के वर्णन का नया गीत गाते रहना चाहिए। परमेश्वर ने जो कुछ बीते समय में भी हमारे लिए किया है, उसका भी एक ताज़ा एहसास हमारी स्तुति में रहना चाहिए। भजनकार ने आगे कहा कि परमेश्वर के नियंत्रण में सारी सृष्टि, वातावरण, आपसी संबंध और मनुष्य के प्रत्येक अनुभव हैं। जो उससे प्रेम रखते हैं, उनके प्रति वह अपनी विशेष देखभाल रखता है।

परमेश्वर के अनुग्रह की सामर्थ का सुसमाचार हमारे ’नए जन्म’ के साथ ही समाप्त नहीं हो गया। भजन ९६ के भजनकार के समान हम भी परमेश्वर के नित नए कार्यों से आनन्दित रह सकते हैं, क्योंकि परमेश्वर आज भी हमारे जीवनों में नए नए कार्य करता रहता है। उसके इन नए कार्यों को पहचानने के लिए हमें उसके साथ अपने संबंधों को ताज़ा रखना होगा, उसके साथ जो इस सदा बदलते संसार में भी स्थिर बना रहता है और प्रत्येक चीज़ को अपने नियंत्रण में रखता है।

परमेश्वर की हस्तकला सृष्टि और मनुष्यों में उसके गीतों द्वारा विदित है। - मार्ट डी हॉन


जो परमेश्वर की आशीशों का बोध रखता है, उसका हृदय सदा परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ बना रहता है।

यहोवा के लि्ये एक नया गीत गाओ, हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा के लिये गाओ! यहोवा के लिये गाओ, उसके नाम को धन्य कहो; दिन दिन उसके किए हुए उद्धार का शुभसमाचार सुनाते रहो। - भजन ९६:१, २


बाइबल पाठ: भजन ९६

Psa 96:1 यहोवा के लिये एक नया गीत गाओ, हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा के लिये गाओ!
Psa 96:2 यहोवा के लिये गाओ, उसके नाम को धन्य कहो, दिन दिन उसके किए हुए उद्धार का शुभसमाचार सुनाते रहो।
Psa 96:3 अन्य जातियों में उसकी महिमा का, और देश देश के लोगों में उसके आश्चर्यकर्मों का वर्णन करो।
Psa 96:4 क्योंकि यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है; वह तो सब देवताओं से अधिक भय योग्य है।
Psa 96:5 क्योंकि देश देश के सब देवता तो मूरतें ही हैं, परन्तु यहोवा ही ने स्वर्ग को बनाया है।
Psa 96:6 उसके चारों और विभव और ऐश्वर्य है, उसके पवित्र स्थान में सामर्थ्य और शोभा है।
Psa 96:7 हे देश देश के कुलों, यहोवा का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ्य को मानो!
Psa 96:8 यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट लेकर उसके आंगनों में आओ!
Psa 96:9 पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत करो, हे सारी पृथ्वी के लोगों उसके साम्हने कांपते रहो!
Psa 96:10 जाति जाति में कहो, यहोवा राजा हुआ है! और जगत ऐसा स्थिर है, कि वह टलने का नहीं; वह देश देश के लोगों का न्याय सीधाई से करेगा।
Psa 96:11 आकाश आनन्द करे, और पृथ्वी मगन हो, समुद्र और उस में की सब वस्तुएं गरज उठें;
Psa 96:12 मैदान और जो कुछ उस में है, वह प्रफुल्लित हो, उसी समय वन के सारे वृक्ष जयजयकार करेंगे।
Psa 96:13 यह यहोवा के साम्हने हो, क्योंकि वह आने वाला है। वह पृथ्वी का न्याय करने को आने वाला है, वह धर्म से जगत का, और सच्चाई से देश देश के लोगों का न्याय करेगा।

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा १९-२१
  • यूहन्ना ४:१-३०

शनिवार, 7 मई 2011

कलाकार का स्पर्ष

स्टूआर्ट होल्डन ने एक पुरानी हवेली के बारे में लिखा कि उस हवेली के एक कमरे की दीवारें विभिन्न विख्यात कलाकारों के बनाए रेखाचित्रों से भरी हुई थीं। यह सिलसिला शुरू हुआ था जब एक विख्यात कलाकार लॉर्ड लैण्डसीर उस हवेली में मेहमान थे। उस हवेली के एक कमरे की दीवार पर शरबत गिर जाने से भद्दा निशान रह गया था। एक दिन जब हवेली के लोग बाहर गए हुए थे तो लैंडसीर ने कोयले का एक टुकड़ा लिया और वहाँ रेखाचित्र बना दिया। उनके हाथों की खींची कुछ रेखाओं ने उस धब्बे को एक सुन्दर झरने और उसके आस-पास पेड़ और जन्तुओं में परिवर्तित कर दिया। उस कलाकार ने भद्दे धब्बे को सुन्दर प्राकृतिक दृश्य में बदल डाला।

अपने सार्वभौमिक अनुग्रह के अन्तर्गत परमेश्वर हमारी असफलताओं और पापों में से भी भलाई उत्पन्न कर देता है। दाउद के व्यभिचार और हत्या के पाप उसके जीवन पटल पर भद्दे और कलंकित करने वाले धब्बे थे। परन्तु दाउद को परमेश्वर ने त्यागा नहीं; दाउद ने अपने पाप को माना, परमेश्वर ने दाउद द्वारा पश्चाताप और क्षमा के दो भजन लिखवाकर (भजन ३२ और ५१), उसके जीवन की बदसूरती को खूबसूरती में बदल दिया। ये दो भजन आज तक अनगिनित पश्चातापी पापियों के लिए शांति और आशा का कारण हुए हैं।

परमेश्वर कभी पाप को हलका नहीं आंकता और पाप के दंड को नज़रंदाज़ नहीं करता। लेकिन जब हम पश्चाताप के साथ अपने पापों को उसके सामने मान लेते हैं, तो वह हमारे जीवनों में एक नया कार्य आरंभ करता है। दीवार पर कलाकार द्वारा किए कार्य से बढ़कर परमेश्वर का कार्य पापी के जीवन में होता है। कलाकार ने तो धब्बे से ध्यान हटाने के लिए उसमें थोड़ी रेखाएं और जोड़ दीं तथा कुछ अन्य वस्तुओं के चित्र को साथ जोड़्कर उसका स्वरूप बदल दिया; धब्बा तो वहीं रहा परन्तु अन्य चीज़ों के चित्र के साथ मिलकर वह दिखने में सुन्दर लगने लगा। परन्तु परमेश्वर तो पाप के धब्बे को ही मिटा देता है और जीवन को पूरा साफ कर के बदल देता है। उसके इस जीवन परिवर्तन के कार्य द्वारा फिर पापी भी उसके लिए उपयोगी, कार्यशील और पहले से अधिक सामर्थी हो जाते हैं। - पौल वैन गोर्डर


जब तक परमेश्वर का अनुग्रह उपलब्ध है, हमारी कोई असफलता अंतिम नहीं है।

हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर। - भजन ५१:१०


बाइबल पाठ: भजन ५१:१-१४

Psa 51:1 हे परमेश्वर, अपनी करूणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे।
Psa 51:2 मुझे भलीं भांति धोकर मेरा अधर्म दूर कर, और मेरा पाप छुड़ाकर मुझे शुद्ध कर!
Psa 51:3 मैं तो अपने अपराधों को जानता हूं, और मेरा पाप निरन्तर मेरी दृष्टि में रहता है।
Psa 51:4 मैं ने केवल तेरे ही विरूद्ध पाप किया, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है, वही किया है, ताकि तू बोलने में धर्मी और न्याय करने में निष्कलंक ठहरे।
Psa 51:5 देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।
Psa 51:6 देख, तू हृदय की सच्चाई से प्रसन्न होता है, और मेरे मन ही में ज्ञान सिखाएगा।
Psa 51:7 जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा, मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा।
Psa 51:8 मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना, जिस से जो हडि्डयां तू ने तोड़ डाली हैं वे मगन हो जाएं।
Psa 51:9 अपना मुख मेरे पापों की ओर से फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा डाल।
Psa 51:10 हे परमेश्वर, मेरे अन्दर शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से उत्पन्न कर।
Psa 51:11 मुझे अपने साम्हने से निकाल न दे, और अपने पवित्र आत्मा को मुझ से अलग न कर।
Psa 51:12 अपने किए हुए उद्धार का हर्ष मुझे फिर से दे, और उदार आत्मा देकर मुझे सम्भाल।
Psa 51:13 तब मैं अपराधियों को तेरा मार्ग सिखाऊंगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे।
Psa 51:14 हे परमेश्वर, हे मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर, मुझे हत्या के अपराध से छुड़ा ले, तब मैं तेरे धर्म का जयजयकार करने पाऊंगा।

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा १-३
  • लूका २४:१-३५

शुक्रवार, 6 मई 2011

जानना और मानना

कुछ लोग एक टकसाल देखने गए, जहाँ धातु पिघला कर उससे सिक्के बनाए जाते हैं। जब वे धातु के पिघलाए जाने वाले स्थान पर पहुँचे और धातु पिघलाने वाले बड़े बड़े बरतनों में पिघली हुई धातु के निकट आए तो उनके साथ चल रहे मार्गदर्शक ने कहा, "यदि कोई अपना हाथ पानी में डुबो कर गीला कर ले और तब उसके हाथ पर पिघली हुई धातु उंडेली जाए तो उसे न तो कोई तकलीफ होगी और न उसका हाथ जलेगा।" फिर उसने वहाँ खड़े एक दम्पति से पूछा कि क्या वे उसकी कही हुई इस बात को जाँचकर देखना चाहेंगे? पति ने तुरंत उत्तर दिया, " जी नहीं, धन्यवाद" परन्तु पत्नी ने उत्सुक्ता पूर्वक कहा, "अवश्य, मैं इसे करके देखना चाहती हूँ।" अपनी कथनी को करनी में परिवर्तित करते हुए, उसने वहाँ रखी पानी से भरी बाल्टी में अपना हाथ डाला और पिघली हुई धातु के उंडेले जाने के लिए आगे कर दिया, जब धातु उसके हाथ पर उंडेली गई तो उसे बिन कोई नुकसान किए वह गीले हाथ पर से फिसल कर गिर गई।

जब बाइबल में परमेश्वर द्वारा दी गई प्रतिज्ञाओं की बात आती है तो बहुतेरे विश्वासी उस पति के समान व्यवहार करते हैं। वे प्रतिज्ञाओं को जानते हैं और उनपर विश्वास करने का दावा भी करते हैं, लेकिन वास्तविकता में वे उन्हें मानते नहीं; इसलिए वे स्वयं कभी उन्हें अनुभव नहीं करते; वे सदा किसी दूसरे के अनुभवों के द्वारा अपने विश्वास की पुष्टी करते हैं।

दाउद विश्वास करने का अर्थ जानता था, गोलियत को हरा कर उसने अपने विश्वास को प्रदर्शित किया। भजन १६ में दाउद ने परमेश्वर पर अपने विश्वास और निर्भरता की आशीशों का वर्णन किया है; उसने परमेश्वर से उत्तम मीरास, प्रसन्नता, स्थिरता, आशा तथा सदा काल के आनन्द का आश्वासन पाया।

यदि हम केवल परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं को जानेगे भर, परन्तु उन पर विश्वास करके कार्य नहीं करेंगे, तो परमेश्वर की अद्भुत आशीशों से वंचित रह जाएं गे। - रिचर्ड डी हॉन


परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं पर विश्वास रखना ही विजयी होने की कुंजी है।

हे ईश्वर मेरी रक्षा कर, क्योंकि मैं तेरा ही शरणागत हूं। - भजन १६:१


बाइबल पाठ: भजन १६

Psa 16:1 हे ईश्वर मेरी रक्षा कर, क्योंकि मैं तेरा ही शरणागत हूं।
Psa 16:2 मैं ने परमेश्वर से कहा है, कि तू ही मेरा प्रभु है तेरे सिवाए मेरी भलाई कहीं नहीं।
Psa 16:3 पृथ्वी पर जो पवित्र लोग हैं, वे ही आदर के योग्य हैं, और उन्हीं से मैं प्रसन्न हूं।
Psa 16:4 जो पराए देवता के पीछे भागते हैं उनका दु:ख बढ़ जाएगा, मैं उनके लोहू वाले तपावन नहीं तपाऊंगा और उनका नाम अपने ओठों से नहीं लूंगा।
Psa 16:5 यहोवा मेरा भाग और मेरे कटोरे का हिस्सा है; मेरे बांट को तू स्थिर रखता है।
Psa 16:6 मेरे लिये माप की डोरी मनभावने स्थान में पड़ी, और मेरा भाग मनभावना है।
Psa 16:7 मैं यहोवा को धन्य कहता हूं, क्योंकि उस ने मुझे सम्मत्ति दी है; वरन मेरा मन भी रात में मुझे शिक्षा देता है।
Psa 16:8 मैं ने यहोवा को निरन्तर अपने सम्मुख रखा है : इसलिये कि वह मेरे दाहिने हाथ रहता है मैं कभी न डगमगाऊंगा।
Psa 16:9 इस कारण मेरा हृदय आनन्दित और मेरी आत्मा मगन हुई मेरा शरीर भी चैन से रहेगा।
Psa 16:10 क्योंकि तू मेरे प्राण को अधोलोक में न छोड़ेगा, न अपने पवित्र भक्त को सड़ने देगा।
Psa 16:11 तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा, तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा २१-२२
  • लूका २३:२६-५६

गुरुवार, 5 मई 2011

बिजली नहीं तो गर्जन भी नहीं

प्रकृति में बिजली का चमकना और गर्जन होना उत्तम उदाहरण हैं मसीही जीवन में विश्वास और भले कार्यों के रिशते को समझाने के लिए। जब कभी आकाश में बिजली कौंधती है तो हम जानते हैं कि गर्जन भी इसके साथ होगी। बिना बिजली चमके गर्जन भी नहीं होगी क्योंकि एक का होना दूसरे के होने का कारण है। इसी प्रकार भले कार्य भी उद्धार के विश्वास के साथ जुड़े हैं; एक, दूसरे के कारण होता है।

हमें सदा अपने सन्मुख यह स्पष्ट सत्य रखना चहिए कि हमारा उद्धार केवल अनुग्रह और केवल अनुग्रह ही से है; इफिसियों २:८, ९ में लिख है, "क्‍योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, बरन परमेश्वर का दान है। और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।" लेकिन कितने ही मसीही विश्वासी जो इस पद को उद्वत करते हैं, इसके तुरंत बाद लिखे पद को भूल जाते हैं "क्‍योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्‍हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया" (पद १०)।

जैसे गर्जन बिजली के कौंधने में कोई योगदान नहीं करता, वरन बिजली के कौंधने से उत्पन्न होता है, वैसे ही भले कार्य हमारे उद्धार पाने में कोई योग्दान नहीं करते वरन उद्धार के कारण हमें भले कार्य करने की ज़िम्मेदारी मिलती है। जहाँ कहीं मसीह में सच्चा विश्वास और उद्धार होगा वहाँ भले कार्य भी होंगे। एक के बिना दूसरा खरा नहीं है। बहुत से लोग भले कार्यों के द्वारा पुण्य कमाना और अपने ईश्वर को प्रसन्न करना चाहते हैं; ऐसे भले कार्य एक स्वार्थ के लिए किये जाते हैं। मसीही विश्वास और उद्धार में भले कार्य किसी स्वार्थ के आधीन नहीं वरन अनुग्रह द्वारा उद्धार देने वले के प्रति, उसके द्वारा दी गई ज़िम्मेदारी का निर्वाह करने के लिए हैं - पहले उद्धार, फिर उसके अनुरूप कार्य।

सच्चा मसीही विश्वास सदा ही विश्वास से उत्पन्न कार्यों द्वारा पहचाना जाता है। - रिचर्ड डी हॉन


कार्यों बिना विश्वास मरा हुआ है; विश्वास के साथ कार्य अमूल्य हैं।

पर हे निकम्मे मनुष्य क्‍या तू यह भी नहीं जानता, कि कर्म बिना विश्वास व्यर्थ है। - याकूब २:२०


बाइबल पाठ: याकूब २:१४-२६

Jas 2:14 हे मेरे भाइयों, यदि कोई कहे कि मुझे विश्वास है पर वह कर्म न करता हो, तो उस से क्‍या लाभ? क्‍या ऐसा विश्वास कभी उसका उद्धार कर सकता है?
Jas 2:15 यदि कोई भाई या बहिन नगें उघाड़े हों, और उन्‍हें प्रति दिन भोजन की घटी हो।
Jas 2:16 और तुम में से कोई उन से कहे, कुशल से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्‍त रहो; पर जो वस्‍तुएं देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्‍हें न दे, तो क्‍या लाभ?
Jas 2:17 वैसे ही विश्वास भी, यदि कर्म सहित न हो तो अपने स्‍वभाव में मरा हुआ है।
Jas 2:18 वरन कोई कह सकता है कि तुझे विश्वास है, और मैं कर्म करता हूं: तू अपना विश्वास मुझे कर्म बिना तो दिखा; और मैं अपना विश्वास अपने कर्मों के द्वारा तुझे दिखाऊंगा।
Jas 2:19 तुझे विश्वास है कि एक ही परमेश्वर है: तू अच्‍छा करता है: दुष्‍टात्मा भी विश्वास रखते, और थरथराते हैं।
Jas 2:20 पर हे निकम्मे मनुष्य क्‍या तू यह भी नहीं जानता, कि कर्म बिना विश्वास व्यर्थ है?
Jas 2:21 जब हमारे पिता इब्राहीम ने अपने पुत्र इसहाक को वेदी पर चढ़ाया, तो क्‍या वह कर्मो से धामिर्क न ठहरा था?
Jas 2:22 सो तू ने देख लिया कि विश्वास ने उस के कामों के साथ मिलकर प्रभाव डाला है और कर्मो से विश्वास सिद्ध हुआ।
Jas 2:23 और पवित्र शास्‍त्र का यह वचन पूरा हुआ, कि इब्राहीम ने परमेश्वर की प्रतीति की, और यह उसके लिये धर्म गिना गया, और वह परमेश्वर का मित्र कहलाया।
Jas 2:24 सो तुम ने देख लिया कि मनुष्य केवल विश्वास से ही नहीं, वरन कर्मों से भी धर्मी ठहरता है।
Jas 2:25 वैसे ही राहाब वेश्या भी जब उस ने दूतों को अपने घर में उतारा, और दूसरे मार्ग से विदा किया, तो क्‍या कर्मों से धामिर्क न ठहरी?
Jas 2:26 निदान, जैसे देह आत्मा बिना मरी हुई है वैसा ही विश्वास भी कर्म बिना मरा हुआ है।

एक साल में बाइबल:
  • १ राजा १९-२०
  • लूका २३:१-२५