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शुक्रवार, 23 दिसंबर 2011

प्रतिबिंब

   फ्रैंक फेयरचाइल्ड ने एक रोचक घटना बताई: सन १६१४ में ग्युइडो रेनी ने रोम के एक महल की छत पर एक बहुत सुन्दर चित्र बनाया, जो अपने समकालीन चित्रों के सर्वश्रेष्ठ चित्रों में से एक समझा जाता था। किंतु दर्शक उस को ठीक से देख नहीं पाते थे क्योंकि छत की तरफ देखते रहना कष्टदायी हो जाता था। इस समस्या का निवारण करने के लिए महल के अधिकारियों ने उपाय सोचा, और चित्र के ठीक नीचे फर्श पर एक बड़ा सा दर्पण लगावा दिया जिससे अब चित्र को सरलता से निहारना लोगों के लिए संभव हो गया।

   फेयरचाइल्ड ने इस घटना के बारे में आगे कहा: "प्रभु यीशु भी हमारे लिए यही करते हैं, जब हम परमेश्वर के बारे में जानना चाहते हैं....वे हमारे मंद मन के समझ पाने के लिए परमेश्वर का प्रकटीकरण करते हैं। प्रभु यीशु में हो कर परमेश्वर हमारे लिए दृष्टिगत और सुबोध हो जाता है। हम अपने प्रयासों द्वारा परमेश्वर तक नहीं पहुँच सकते, अपनी बुद्धि और समझ द्वारा हम जितना उसे समझने का प्रयास करते हैं, उतना ही उलझते जाते हैं। ऐसे में प्रभु यीशु हमारा मार्ग बनता है; वह परमेश्वर है जो हमारे स्तर तक उतर आया, और अब हमें सामर्थ देता है कि उस में हो कर हम परमेश्वर के बारे में समझ सकें, उसके बारे में जान सकें।"

   प्रभु यीशु हमारे लिए और हम पर परमेश्वर को प्रगट करने के लिए आया; लेकिन वह केवल परमेश्वर पिता का प्रतिबिंब मात्र ही नहीं है। वह मानव शरीर में परमेश्वर है - "वह उस की महिमा का प्रकाश, और उसके तत्‍व की छाप है" (इब्रानियों १:३)। प्रभु यीशु ने स्वयं कहा, "...जिस ने मुझे देखा है उस ने पिता को देखा है" (युहन्ना १४:९)।

   जब हम उस देहधारी हुए परमेश्वर के वचन प्रभु यीशु के व्यकतित्व, और उस में हो कर मिलने वाली परमेश्वर और परमेश्वरत्व की समझ पर मनन करते हैं तो हम भी स्तुति गीत के लेखक के साथ कह सकते हैं "आओ उसकी आराधना करें, मसीह की जो प्रभु है।" - रिचर्ड डी हॉन

मसीह का जन्म उस असीम परमेश्वर को सीमित मनुष्य की पहुँच में ले आता है।

परमेश्वर को किसी ने कभी नहीं देखा, एकलौता पुत्र जो पिता की गोद में हैं, उसी ने उसे प्रगट किया। - युहन्ना १:१८

बाइबल पाठ: इब्रानियों १:१-३, यूहन्ना १:१२-१८
Heb 1:1  पूर्व युग में परमेश्वर ने बाप-दादों से थोड़ा थोड़ा कर के और भांति भांति से भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा बातें कर के।
Heb 1:2  इन दिनों के अन्‍त में हम से पुत्र के द्वारा बातें की, जिसे उस ने सारी वस्‍तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उस ने सारी सृष्‍टि रची है।
Heb 1:3  वह उस की महिमा का प्रकाश, और उसके तत्‍व की छाप है, और सब वस्‍तुओं को अपनी सामर्थ के वचन से संभालता है: वह पापों को धो कर ऊंचे स्थानों पर महामहिमन के दाहिने जा बैठा।
Joh 1:12  परन्‍तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उस ने उन्‍हें परमेश्वर के सन्‍तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्‍हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
Joh 1:13  वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्‍छा से, न मनुष्य की इच्‍छा से, परन्‍तु परमेश्वर से उत्‍पन्न हुए हैं।
Joh 1:14  और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्‍चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।
Joh 1:15  यूहन्ना ने उसके विषय में गवाही दी, और पुकार कर कहा, कि यह वही है, जिस का मैं ने वर्णन किया, कि जो मेरे बाद आ रहा है, वह मुझ से बढ़ कर है क्‍योंकि वह मुझ से पहिले था।
Joh 1:16  क्‍योंकि उस की परिपूर्णता से हम सब ने प्राप्‍त किया अर्थात अनुग्रह पर अनुग्रह।
Joh 1:17  इसलिये कि व्यवस्था तो मूसा के द्वारा दी गई, परन्‍तु अनुग्रह, और सच्‍चाई यीशु मसीह के द्वारा पहुंची।
Joh 1:18  परमेश्वर को किसी ने कभी नहीं देखा, एकलौता पुत्र जो पिता की गोद में हैं, उसी ने उसे प्रगट किया।
 
एक साल में बाइबल: 
  • नहूम 
  • प्रकाशितवाक्य १४

गुरुवार, 22 दिसंबर 2011

दोनो छोर

   क्रिसमस कार्ड्स पर प्रभु यीशु के जन्म का बहुत सुन्दर दृश्य दिखाया जाता है, जहाँ स्वच्छ, रौशनी से नहायी हुई गौशाला की चरनी में नवजात यीशु दिखाया जाता है, रंगीन सुन्दर वस्त्र पहने हुए यीशु को देखने आए लोग होते हैं तथा यूसुफ, मरियम, नवजात यीशु के सिर के चारों ओर रौशनी भी होती है। किंतु वास्तविकता में प्रभु यीशु का जन्म एक बहुत भद्दे और असामान्य वातवरण में हुआ था; परन्तु फिर भी यीशु के जन्म का वह तुच्छ स्थान और वातावरण परमेश्वर के मानवावतार लेने की अजूबे का सही प्रतिबिंब है - सृष्टि का महिमामयी एवं अनन्त परमेश्वर स्वर्ग की उत्कृष्ट ऊँचाइयों से उतर कर पृथ्वी की निकृष्ट गहराईयों में आ गया।

   एन्ड्रीयु मुर्रे ने युहन्ना १:५१ में लिखे हुए प्रभु यीशु के शब्दों को लेकर इस अद्भुत घटना की नाटकीय तुलना का वर्णन किया है. उन्होंने ने लिखा: "प्रभु यीशु का स्वरूप असीम है - एक ओर तो वह परमेश्वरत्व की ऊँचाईयों को छूता है तो दूसरी ओर समाज के साधारण और त्यागे मनुष्य के निम्न स्तर को। प्रभु के अपने शब्दों (युहन्ना १:५१) में प्रयुक्त तुलना के अनुसार, यह उस रहस्यमयी सीढ़ी के समान है जिसे यात्री याकूब नें अपने स्वपन में देखा; जहाँ सीढ़ी का एक छोर अति दूर स्वर्ग को छू रहा था और दूसरा छोर प्त्थरों से पटे और परमेश्वर के तेज के प्रकाश से रौशन उस मैदान पर था जहाँ याकूब लेटा हुआ था। एक छोर पर यीशु का उप-नाम है परमेश्वर का पुत्र, तो दूसरे छोर पर वह मनुष्य का पुत्र कहलाता है।"

   यीशु, अपनी दिव्यता में संपूर्ण रूप से परमेश्वर का पुत्र है, तो अपने मानव रूप में संपूर्णता से मनुष्य का पुत्र है। वह मनुष्य बना लेकिन पाप से सर्वथा अन्जान रहा, उसमें कोई दोष कोई पाप कभी नहीं रहा। इसीलिए वह दूसरों के पापों का प्रायश्चित बन सका। वह समस्त मानव जाति के पापों को अपने ऊपर ले कर क्रूस पर चढ़ गया, मारा गया, गाड़ा गया और अपने परमेश्वरत्व के प्रमाण में तीसरे दिन मुर्दों से जी भी उठा। आज उस पर अपने निज उद्धारकर्ता के रूप में विश्वास करने वाले प्रत्येक जन के लिए उसका यह प्रायश्चित पापों की क्षमा और परमेश्वर के साथ स्वर्ग में अनन्त जीवन का निर्णायक निश्चय है।

   प्रभु यीशु में हम अपने विश्वास द्वारा पृथ्वी से स्वर्ग तक चढ़ सकते हैं, क्योंकि दोनो छोर उसी में हैं। - डेव एग्नर


परमेश्वर का पुत्र मनुष्य का पुत्र बन गया ताकि वह मनुष्यों के पुत्रों को परमेश्वर के पुत्र बना सके।

तुम स्वर्ग को खुला हुआ और परमेश्वर के स्वर्गदूतों को ऊपर जाते और मनुष्य के पुत्र पर उतरते द्खोगे। - युहन्ना १:५१

बाइबल पाठ: लूका २:१-१४
Luk 2:1  उन दिनों में औगूस्‍तुस कैसर की ओर से आज्ञा निकली, कि सारे जगत के लोगों के नाम लिखे जाएं।
Luk 2:2  यह पहिली नाम लिखाई उस समय हुई, जब क्‍विरिनयुस सूरिया का हाकिम था।
Luk 2:3  और सब लोग नाम लिखवाने के लिये अपने अपने नगर को गए।
Luk 2:4  सो यूसुफ भी इसलिये कि वह दाऊद के घराने और वंश का था, गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया।
Luk 2:5  कि अपनी मंगेतर मरियम के साथ जो गर्भवती थी नाम लिखवाए।
Luk 2:6  उस के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए।
Luk 2:7  और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेट कर चरनी में रखा: क्‍योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी।
Luk 2:8  और उस देश में कितने गड़रिये थे, जो रात को मैदान में रह कर अपने झुण्‍ड का पहरा देते थे।
Luk 2:9  और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए।
Luk 2:10  तब स्‍वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्‍योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्‍द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा।
Luk 2:11  कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है।
Luk 2:12  और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े मे लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे।
Luk 2:13  तब एकाएक उस स्‍वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया।
Luk 2:14  कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • मीका ६-७ 
  • प्रकाशितवाक्य १३

बुधवार, 21 दिसंबर 2011

परमेश्वर हमारे साथ

   एक छोटे बालक ने आकाश की ओर देख कर अपनी माँ से पुछा, "क्या वहाँ ऊपर परमेश्वर है?" माँ ने उसे आश्वस्त किया कि हाँ वहाँ परमेश्वर है। बालक ने फिर कहा, "कितना अच्छा होता यदि कभी कभी वह अपना चेहरा बाहर निकाल कर हमें दिखाता रहता।"

   परमेश्वर ने स्वर्ग की ऊँचाई से केवल अपना चेहरा निकाल कर ही नहीं दिखाया, वरन वह स्वयं धरती पर सदेह आ गया - अपने पुत्र प्रभु यीशु के रूप में। प्रभु यीशु को मानव स्वरूप में भेजने के द्वारा, स्वर्गीय परमेश्वर पिता ने अपने आप को संपूर्ण रूप से संसार पर प्रगट किया है; "वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है" (कुलुस्सियों १:१५)।

   प्रभु यीशु ने इस बात को पुष्ट किया जब उस ने अपने चेले फिलिप्पुस से कहा, " हे फिलप्‍पुस, मैं इतने दिन से तुम्हारे साथ हूं, और क्‍या तू मुझे नहीं जानता? जिस ने मुझे देखा है उस ने पिता को देखा है;" (युहन्ना १४:९)। यही वह सुसमाचार है जिसे हम बताते हैं और जिसके जन्म के उपलक्ष में क्रिसमस का त्यौहार भी मनाया जाता है। प्रभु यीशु ने स्वर्ग की महिमा छोड़ी और इस धरती पर कुँवारी से पैदा हुए। वह शिशु जिसे मरियम नें बेतलेहम की गौशाला में अपनी गोद में लिया वह "अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप" है। इश्वरत्व के सारे गुण उसी में सदेह वास करते हैं। उसी के द्वारा सारी सृष्टी हुई, और उसी में सब कुछ स्थिर रहता है ( कुलुस्सियों १:१६-१७)।

   प्रभु यीशु के चेहरे में हम अपने अनन्त स्वर्गीय पिता के प्रेम, पवित्रता और अनुग्रह को देख सकते हैं। इस बात के एहसास से हमें आनन्द कि भरपूरी होनी चाहिए कि हम प्रभु यीशु में हो कर परमेश्वर को देख रहे हैं जो स्वर्ग से निकल कर इस धरती पर आ गया ताकि इस धरती पर पापों से दबे लोगों को उनके पापों के बोझ से छुड़ा कर स्वर्ग ले जा सके।

   प्रभु यीशु ही समस्त संसार के लिए एकमात्र मुक्तिदाता, उद्धारकर्ता और इम्मानुएल अर्थात ’परमेश्वर हमारे साथ’ है। - पौल वैन गोर्डर

कलवरी के क्रूस तक की परमेश्वर के प्रेम की यात्रा के लिए बेतलेहम की गौशाला पहला कदम था।

वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। - कुलुस्सियों १:१५

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों १:१२-२२
Col 1:12  और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिस ने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों।
Col 1:13  उसी ने हमें अन्‍धकार के वश से छुड़ा कर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।
Col 1:14  जिस से हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्‍त होती है।
Col 1:15  वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है।
Col 1:16  क्‍योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्‍वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्‍या सिंहासन, क्‍या प्रभुतांए, क्‍या प्रधानताएं, क्‍या अधिकार, सारी वस्‍तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।
Col 1:17  और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्‍तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।
Col 1:18  और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।
Col 1:19  क्‍योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सरी परिपूर्णता वास करे।
Col 1:20  और उस के क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं को उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्‍वर्ग में की।
Col 1:21  और उस ने अब उसकी शारीरिक देह में मृत्यु के द्वारा तुम्हारा भी मेल कर लिया जो पहिले निकाले हुए थे और बुरे कामों के कारण मन से बैरी थे।
Col 1:22  ताकि तुम्हें अपने सम्मुख पवित्र और निष्‍कलंक, और निर्दोष बना कर उपस्थित करे।
 
एक साल में बाइबल: 
  • मीका ४-५ 
  • प्रकाशितवाक्य १२

मंगलवार, 20 दिसंबर 2011

हमारे लिए हमारे साथ

   फारस देश की एक छोटी कहानी है; एक बुद्धिमान और प्रजा की प्रिय शाह वहाँ पर राज्य करता था। शाह ने एक दिन अपना भेस बदला और नगर के सार्वजनिक स्नानागार के हाल देखने गया। स्नानागार में पानी, तहखाने में लगी आग की भट्टी द्वारा गरम कर के लोगों को दिया जाता था। शाह उस अन्धेरे, धुएं और घुटन भरे तहखाने में गया और भट्टी को प्रज्वलित रखने के कार्य में लगे व्यक्ति के पास जा कर बैठ गया और उससे बातें करने लगा। शाह ने उस अकेले स्थान पर कठिन परिस्थितियों काम पर लगे व्यक्ति से मित्रता करी और प्रतिदिन उसके पास आकर और उसके साथ बैठ कर बातें करने में समय बिताने लगा, और उसके भोजन में से भी उसके साथ संभागी होने लगा। भट्टी पर काम करने वाला मज़दूर अपने इस मित्र से बहुत प्रभावित हुआ क्योंकि वह वहाँ आता था जहाँ वह स्वयं था और वह शाह को बहुत प्रीय जानने लगा। एक दिन शाह ने उसे अपने महल बुलवाया और उसे अपना वास्तविक परिचय दिया। शाह सोच रहा था कि अब अपनी स्थिति सुधारने के लिए वह साधारण सा मज़दूर अब उस से बहुत धन और भेंट की आशा रखेगा, किंतु उस मज़दूर ने बड़े प्रेम, आदर और विस्मय से अपने शाह कि ओर देखा और कहा, "आपने अपने ऐश्वर्य, वैभव और महिमा को मेरे साथ उस अन्धेरे, धुंए और घुटन से भरे कमरे बैठने के लिए छोड़ा, मेरे साथ ज़मीन पर बैठ कर मेरा साधारण सा खाना खाया। अन्य लोगों को तो आप कीमती उपहार देते हैं, लेकिन मुझे तो आपने अपने आप को ही दे दिया। अब इससे अधिक और क्या होगा? मैं और क्या उम्मीद रख सकता हूँ? आपका यह प्रेम ही मेरे लिए सब कुछ है।"

   जो प्रभु यीशु ने हमारे लिए किया, जब हम उस के बारे में विचार करते हैं तो जैसे उस भट्टी देखने वाले मज़दूर की भावनाएं अपने शाह के लिए थीं, उसी के समान ही हमारी भी भावनाएं प्रभु यीशु के लिए हो जाती हैं। प्रभु यीशु ने हमें पापों से मुक्ति और अनन्त काल का उद्धार देने के लिए एक दास का स्वरूप ले लिया; वे स्वर्ग से उतर कर धरती पर आ गए; स्वर्गदूतों की आराधना छोड़ कर क्रूर मनुष्यों के उपहास और निन्दा को सुनने आ गए; स्वर्ग के आदर और महिमा को छोड़ कर अपमान और तिरिस्कार को लेने आ गए। प्रभु यीशु ने "मनुष्य के रूप में प्रगट हो कर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली" (फिलिप्पियों २:८)।

   हमारा सृष्टीकर्ता हमारा उद्धारकर्ता बन गया। केवल वही हमारी आरधना और विनीत श्रद्धा का विष्य होने के योग्य है, क्योंकि वह आज भी हमारी हर परिस्थिति में हमारे लिए हमारे साथ है। - पौल वैन गोर्डर

परमेश्वर की सर्वोच्च भेंट, प्रभु यीशु को, हमारे हृदय की सर्वाधिक गहराई से निकली कृतज्ञता का पात्र सदैव रहना चाहिए।

और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्‍चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा। - युहन्ना १:१४

बाइबल पाठ: युहन्ना १:१-१४
Joh 1:1  आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।
Joh 1:2  यही आदि में परमेश्वर के साथ था।
Joh 1:3  सब कुछ उसी के द्वारा उत्‍पन्न हुआ और जो कुछ उत्‍पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्‍तु उसके बिना उत्‍पन्न न हुई।
Joh 1:4  उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी।
Joh 1:5  और ज्योति अन्‍धकार में चमकती है; और अन्‍धकार ने उसे ग्रहण न किया।
Joh 1:6  एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।
Joh 1:7  यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
Joh 1:8  वह आप तो वह ज्योति न था, परन्‍तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था।
Joh 1:9  सच्‍ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आने वाली थी।
Joh 1:10  वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्‍पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
Joh 1:11  वह अपने घर में आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
Joh 1:12  परन्‍तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उस ने उन्‍हें परमेश्वर के सन्‍तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्‍हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
Joh 1:13  वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्‍छा से, न मनुष्य की इच्‍छा से, परन्‍तु परमेश्वर से उत्‍पन्न हुए हैं।
Joh 1:14  और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्‍चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • मीका १-३ 
  • प्रकाशितवाक्य ११

सोमवार, 19 दिसंबर 2011

वह सब जानता है

   अमेरिका में एक ३० वर्षीय महिला ३ वर्ष तक सप्ताह में एक बार बूढ़ी औरत का वेष धर कर घूमती रही, अपने व्यक्तिगत अनुभव द्वारा यह जानने के लिए कि अमेरिका में लोग अपने बुज़ुर्गों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। जो उसने सीखा वह बहुत दुखदायी था। उसे कई बार लूटे जाने, अपमानित किए जाने और धमकाए जाने का सामना करना पड़ा, और वह समझ पाई कि उसके वर्तमान समाज में बुज़ुर्गों के लिए जीना कठिन और दुखदायी है।

   कुछ लोग कभी कभी दूसरों के साथ सहानुभूति भी रखते हैं, उनके प्रति संवेदनशील तथा सहायक होते हैं; किंतु ऐसे लोगों की गिनती बहुत थोड़ी है। अधिकांशतः लोगों की प्रवृति है कि दूसरे की मजबूरी और परिस्थिति का भरपूर लाभ उठाया जाए, हम इस के उदाहरण अपने आस-पास अपने प्रतिदिन के अनुभवों से देखते रहते हैं।

   पापमय संसार में मनुष्य की दशा का व्यक्तिगत अनुभव जैसा प्रभु यीशु ने किया वह अनूठा एवं अनुपम है। जब वे मानव स्वरूप में पृथ्वी पर आए तो वे प्रलोभनों तथा परीक्षाओं में पड़ने, परखे जाने, नफरत का सामना करने और हर प्रकार का दुख उठाने के लिए तैयार थे। उन्होंने उन सभी परिस्थितियों का सामना किया जो एक साधारण मनुष्य इस संसार में करता है। संसार में आने से पूर्व भी वे मनुष्यों की कमज़ोरियों में उनके प्रति सहानुभूति रखते थे, परन्तु मनुष्य स्वरूप में हो कर उन्होंने पूरी तरह से हम मनुष्यों के साथ अपनी पहचान बनाई। उनका मानव अवतार लेना और हमारे समान हमारे जीवनों को कठिन बनाने वाले दुखों, कमज़ोरियों और परीक्षाओं को अनुभव करना दिखाता है कि हमें पापों से बचाने के लिए वे किस सीमा तक जाने को तैयार थे। उनके समान अपने परमेश्वरत्व के सर्वोच्च स्थान को छोड़ कर बहुत साधारण से नाशमान मनुष्य की समानता में आकर, मनुष्यों की परिस्थितियों को अनुभव करने का कार्य कभी भी किसी ने नहीं किया। प्रभु यीशु ने स्वर्ग की महिमा छोड़ी और हमारे समान हर रीति से परखे गए, किंतु कभी पाप नहीं किया। सर्वथा निष्पाप और निषकलंक होने पर भी उन्होंने समस्त मानव जाति के सारे पापों को अपने ऊपर ले लिया और क्रूस की मृत्यु सह कर पुनः जी भी उठे, ताकि उनमें किए गए साधारण विश्वास द्वारा, सेंतमेंत हमें पापों से मुक्ति तथा अपनी धार्मिकता दे सकें।

   प्रभु यीशु हमारा ऐसा सहायक है जो हमारी परवाह करता है। जब हम प्रलभनों और परीक्षाओं का सामना करते हैं, तो हम सहायता के लिए निश्चिंत हो कर उसके पास जा सकते हैं, क्योंकि वह सब जानता है। - मार्ट डी हॉन


पृथ्वी का कोई ऐसा दुख नहीं है जिसे स्वर्ग नहीं समझता।

इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्‍ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वासयोग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्‍चित्त करे। - इब्रानियों २:१७

बाइबल पाठ: इब्रानियों २:१४-१८; ४:१८-१६
Heb 2:14  इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे।
Heb 2:15  और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्‍हें छुड़ा ले।
Heb 2:16  क्‍योंकि वह तो स्‍वर्गदूतों को नहीं वरन इब्राहीम के वंश को संभालता है।
Heb 2:17  इस कारण उसको चाहिए था, कि सब बातों में अपने भाइयों के समान बने; जिस से वह उन बातों में जो परमेश्वर से सम्बन्‍ध रखती हैं, एक दयालु और विश्वासयोग्य महायाजक बने ताकि लोगों के पापों के लिये प्रायश्‍चित्त करे।
Heb 2:18  क्‍योंकि जब उस ने परीक्षा की दशा में दुख उठाया, तो वह उन की भी सहायता कर सकता है, जिन की परीक्षा होती है।
Heb 4:14  सो जब हमारा ऐसा बड़ा महायाजक है, जो स्‍वर्गों से हो कर गया है, अर्थात परमेश्वर का पुत्र यीशु; तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें।
Heb 4:15  क्‍योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारी नाईं परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला।
Heb 4:16  इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍ध कर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।
 
एक साल में बाइबल: 
  • योना 
  • प्रकाशितवाक्य १०

रविवार, 18 दिसंबर 2011

देहधारी वचन

   प्रसिद्ध अंग्रेज़ी लेखक जौर्ज इलियट ने कहा था, "कभी कभी वे (शब्द) सदेह हो जाते हैं; उनके साँस की गरमाहट को हम अनुभव कर सकते हैं; वे अपने नर्म संवेदनशील हाथों से हमें स्पर्श करते हैं; उन की गंभीर  उदास आँखें हमारी ओर देखती हैं; वे अनुनय-विनय के साथ हम से बोलते हैं - मानों वे कोई जीवित मानवीय आत्मा हों।"

   आध्यत्मशास्त्री बोरहैम ने मसीही जीवन के विषय में लिखा, "मसीही विश्वासी को मसीही सन्देश के अनुरूप होना चाहिए। परमेश्वर के वचन को उस के सही मानवीय परिपेक्ष में प्रस्तुत किया जाना चाहिए....इस से ही वह जो देहधारी हुआ वचन है वह ऐसे प्रभावी रूप में प्रस्तुत हो पाता है कि उस के प्रभाव को रोका नहीं जा सकता....मनुष्य द्वारा बोले गए शब्द जब सदेह प्रस्तुत किए जाते हैं तब वे अभूतपूर्व उद्वेग और सामर्थ से भर जाते हैं। इसी प्रकार परमेश्वर के विचार मनुष्यों के लिए प्रभावी हो जाते हैं, जब वे सदेह होते हैं।"

   प्रभु यीशु मानव रूप में परमेश्वर है। इस संसार में आकर उन्होंने हमारे स्वर्गीय परमेश्वर पिता को हम पर सदेह प्रकट किया। जब युहन्ना ने कहा "वचन देहधारी हुआ" तो उस का यही अभिप्राय था। यदि आज समाज को परमेश्वर के देहधारी वचन को सुनना है, तो उसे वह वचन हमारे जीवनों में सदेह दिखना भी चाहिए। प्रभु यीशु ने कहा, "तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देख कर तुम्हारे पिता की, जो स्‍वर्ग में हैं, बड़ाई करें" (मत्ती ५:१६)।

   जब, जिस पर वे विश्वास करते हैं, उसे अपने जीवन में जी कर दिखाते हैं, तब मसीही विश्वासी वचन को देहधारी बना देते हैं। - रिचर्ड डी हॉन

हम अपने होंठों की अपेक्षा अपने जीवन से ज़्यादा बेहतर सिखाते हैं।

और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्‍चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा। - युहन्ना १:१४

बाइबल पाठ: युहन्ना १:१४-१८
Joh 1:14  और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्‍चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।
Joh 1:15  यूहन्ना ने उसके विषय में गवाही दी, और पुकार कर कहा, कि यह वही है, जिस का मैं ने वर्णन किया, कि जो मेरे बाद आ रहा है, वह मुझ से बढ़ कर है क्‍योंकि वह मुझ से पहिले था।
Joh 1:16  क्‍योंकि उस की परिपूर्णता से हम सब ने प्राप्‍त किया अर्थात अनुग्रह पर अनुग्रह।
Joh 1:17  इसलिये कि व्यवस्था तो मूसा के द्वारा दी गई; परन्‍तु अनुग्रह, और सच्‍चाई यीशु मसीह के द्वारा पहुंची।
Joh 1:18  परमेश्वर को किसी ने कभी नहीं देखा, एकलौता पुत्र जो पिता की गोद में हैं, उसी ने उसे प्रगट किया।
 
एक साल में बाइबल: 
  • ओबाद्याह 
  • प्रकाशितवाक्य ९

शनिवार, 17 दिसंबर 2011

हमारी समानता में

   एक दिन एक मसीही विश्वासी ने मार्ग पर गिरा हुआ गेहूँ की बालियों का पूला देखा। भूखी गौरयिओं के एक झुण्ड ने उस पुले को अपनी आकस्मिक दावत के लिए अपना लिया था तथा उसमें से मज़े से गेहूँ खा रहीं थीं। वह व्यक्ति रुका और उस पूले की ओर एक कदम बढ़ाया, वे गौरियाँ सचेत हो गईं; उस ने उन की ओर एक कदम और बढ़ाया, और सभी चिड़ियाँ विचलित दिखनी लगीं; उस के एक और कदम बढ़ाते ही वे सभी भय से वशीभूत हो अपनी मुफ्त की दावत ऐसे ही छोड़ कर उड़ गईं।

   वह व्यक्ति वहाँ खड़ा हो कर, जो हुआ था उस पर विचार करने लगा कि जबकि उस ने उन्हें डराने या धमकाने के लिए कुछ भी नहीं किया तो फिर वे चिड़ियाँ क्यों उड़ गईं? तभी उस के मन में उत्तर कौंधा, वे उस के आकार से डर कर उड़ गईं थीं, क्योंकि उन छोटे से पक्षियों के लिए उसका आकार बहुत विशाल था और इसलिए उन्हें उस से भय लगता था। उसने फिर सोचा, क्या कोई तरीका है कि वह उन तक, उन्हें बिना डराए जा सके? मन में उत्तर आया, यदि वह स्वयं उनकी समानता में आ कर, एक गौरैया बन कर उनके पास आए तो वे उस से नहीं डरेंगी और वह उन के निकट संपर्क में आ सकता है।

   उसी समय उस व्यक्ति को इस घटना और उस से संबंधित उसके विचारों का आत्मिक समानन्तर भी समझ में आया। परमेश्वर ने पहले भी मनुष्यों से संपर्क करा और बातें करीं थीं। परमेश्वर अब्राहम के पास भी आया था और मूसा के पास भी, लेकिन परमेश्वर जिन के पास भी आया, पहले पहल वे सभी उस से भयभीत हुए। किंतु जब परमेश्वर का स्वर्गदूत चरवाहों के पास आया और, "स्‍वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्‍योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्‍द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है" (लूका १२:१०, ११); तो वे चरवाहे तुरंत बैतलेहम को गए और उन्होंने उस नवजात बालक के दर्शन किए।

   यद्यपि संसार में वे मामूली से चरवाहे थे, किंतु अब सृष्टि के सृष्टिकर्ता की उपस्थिति में खड़े हो कर भी, जिसके सामने स्वर्गदूत भी आँखें उठा कर बात नहीं करते, उन्हें कोई भय नहीं लग रहा था। संसार को पापों से क्षमा और उद्धार का मार्ग देने वाले को देख कर वे आनन्दित थे और उन्होंने यह आनन्द का समाचार औरों को भी सहर्ष दिया।

   प्रभु यीशु में परमेश्वर हमारी समानता में आ गया ताकि हमें अपनी समानता में ला सके। - पौल वैन गोर्डर

मसीह यीशु में हो कर असीम परमेश्वर सीमित मनुष्य की पहुँच के भीतर आ गया।

क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत युक्ति करने वाला पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। - यशायाह ९:६

बाइबल पाठ: यशायाह ९:२-७
Isa 9:2  जो लोग अन्धियारे में चल रहे थे उन्होंने बड़ा उजियाला देखा; और जो लोग घोर अन्धकार से भरे हुए मृत्यु के देश में रहते थे, उन पर ज्योति चमकी।
Isa 9:3  तू ने जाति को बढ़ाया, तू ने उस को बहुत आनन्द दिया; वे तेरे साम्हने कटनी के समय का सा आनन्द करते हैं, और ऐसे मगन हैं जैसे लोग लूट बांटने के समय मगन रहते हैं।
Isa 9:4  क्योंकि तू ने उस की गर्दन पर के भारी जूए और उस के बहंगे के बांस, उस पर अंधेर करने वाले की लाठी, इन सभों को ऐसा तोड़ दिया है जेसे मिद्यानियों के दिन में किया था।
Isa 9:5  क्योंकि युद्ध में लड़ने वाले सिपाहियों के जूते और लोहू में लथड़े हुए कपड़े सब आग का कौर हो जाएंगे।
Isa 9:6  क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत युक्ति करने वाला पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा।
Isa 9:7  उसकी प्रभुता सर्वदा बढ़ती रहेगी, और उसकी शान्ति का अन्त न होगा, इसलिये वि उस को दाऊद की राजगद्दी पर इस समय से ले कर सर्वदा के लिये न्याय और धर्म के द्वारा स्थिर किए ओर संभाले रहेगा। सेनाओं के यहोवा की धुन के द्वारा यह हो जाएगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • अमोस ७-९ 
  • प्रकाशितवाक्य ८