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Friday, June 23, 2017

स्मरण


   मेरे पुत्र लिएम को अपनी माँ को देने के लिए फूल तोड़कर जमा करना अच्छा लगता है चाहे वे जँगली फूल ही क्यों न हों, और आज तक उस की माँ उन जँगली फूलों को लेने से थकी नहीं है। जो किसी के लिए जँगली खर-पतवार के फूल हैं वे उन दोनों के लिए परस्पर प्रेम को स्मरण दिलाने का चिन्ह है। एक दिन मैं लिएम को अपने साथ बाज़ार ले गया, हम एक फूलों की दुकान के सामने से तेज़ी से निकल रहे थे कि लिएम की दृष्टि वहाँ लगे पीले ट्यूलिप्स पर गई, और उसने बड़े उत्साह से कहा, "डैडी, इन फूलों को माँ के लिए ले लेते हैं।" मैंने हंसते हुए, वहीं रुक कर उन फूलों को ले लिया, और उसकी माँ ने उन सुंदर फूलों की तसवीर अपने फेसबुक पेज पर भी लगा दी।

   कुछ लोगों को जंगली खर-पतवार और फूलों में आदम के पाप का स्मरण दिखाई देता है। उस वर्जित फल को खाने से की गई अनाज्ञाकारिता के कारण आदम और हव्वा ने पाप किया जिससे उन्होंने अपने तथा संसार के ऊपर श्राप को आने का मार्ग दिया; जिसका परिणाम हुआ मानव जाति को कठिन परिश्रम, पीड़ा के साथ प्रसव और जन्म, तथा अन्ततः मृत्यु (उत्पत्ति 3:16-19)।

   परन्तु लिएम की चमकती हुई आँखें मुझे कुछ और ही स्मरण करवाती हैं - जंगली खर-पतवार में भी सुंदरता देखी जा सकती है; पीड़ादायक प्रसव से हुए जन्म में भविष्य की आशा है, और परमेश्वर के प्रेम ने हमारे लिए मृत्यु पर भी जय पाई और अनन्त जीवन का मार्ग बना कर हमें दे दिया। जिस "वंश" का उल्लेख परमेश्वर ने उत्पत्ति 3:15 में किया था, वह जो सर्प अर्थात शैतान के वंश से युद्ध करेगा और उसे पराजित करेगा, वह प्रभु यीशु मसीह था (गलतियों 3:16)। प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति के पापों के दण्ड को अपने ऊपर ले लिया, उनका दण्ड स्वयं भोग लिया और हमें मृत्यु के श्राप से छुटकारे का मार्ग बना कर दे दिया।

   संसार पाप के प्रभाव के कारण बिगड़ा हुआ अवश्य है, परन्तु प्रत्येक मोड़ पर हमारे लिए एक अचरज बना रहता है। आज जंगली खर-पतवार भी हमें स्मरण दिलाते हैं कि हमारा सृष्टिकर्ता परमेश्वर पिता हम से प्रेम करता है, और उसने हमारे उद्धार के लिए, हमारे उसके साथ उसकी सन्तान बनकर अनन्त निवास करने के लिए प्रयोजन उपलब्ध करवा दिया है। - टिम गुस्टाफसन


सृष्टि हमें छुटकारे की प्रतिज्ञा का स्मरण करवाती है।

जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं। - 2 कुरिन्थियों 5:21

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 3:14-19
Genesis 3:14 तब यहोवा परमेश्वर ने सर्प से कहा, तू ने जो यह किया है इसलिये तू सब घरेलू पशुओं, और सब बनैले पशुओं से अधिक शापित है; तू पेट के बल चला करेगा, और जीवन भर मिट्टी चाटता रहेगा: 
Genesis 3:15 और मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंश और इसके वंश के बीच में बैर उत्पन्न करुंगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा। 
Genesis 3:16 फिर स्त्री से उसने कहा, मैं तेरी पीड़ा और तेरे गर्भवती होने के दु:ख को बहुत बढ़ाऊंगा; तू पीड़ित हो कर बालक उत्पन्न करेगी; और तेरी लालसा तेरे पति की ओर होगी, और वह तुझ पर प्रभुता करेगा। 
Genesis 3:17 और आदम से उसने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मैं ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण शापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा: 
Genesis 3:18 और वह तेरे लिये कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा ; 
Genesis 3:19 और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तर 9-10
  • प्रेरितों 7:1-21


Thursday, June 22, 2017

परिवर्तन


   भूत-पूर्व व्यवसायिक खिलाड़ी, क्रिस सैन्डर्स, सेवा-निवृत हुए सैनिकों को संबोधित कर रहे थे। सैन्डर्स को एक चोट के कारण खेलने की अपनी जीविका को छोड़ना पड़ा था, और जीवन यापन के लिए अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा था। सैन्डर्स ने उन सैनिकों से कहा, "यद्यपि मैंने कभी युद्ध-क्षेत्र का अनुभव नहीं किया है, परन्तु मैं परिवर्तन करने के लिए बाध्य कर देने वाली परिस्थितियों को समझता हूँ।"

   चाहे वह नौकरी का जाना हो, या वैवाहिक असफलता, या कोई गंभीर बीमारी, अथवा कोई आर्थिक हानि, प्रत्येक बड़ा परिवर्तन चुनैतियाँ साथ लेकर आता है। उस भूत-पूर्व खिलाड़ी ने उन सैनिकों को समझाया कि परिवर्तन के समय में नए जीवन में पाँव जमाने के लिए सफलता की कुँजी है अपने आप को स्थिर करने के लिए आगे बढ़कर दूसरों से सहायता प्राप्त करना।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में यहोशू नामक पुस्तक ऐसे परिवर्तनों के समय में मार्गदर्शन पाने के लिए अवश्य पढ़ी जानी चाहिए। इस पुस्तक के आरंभ में हम पाते हैं कि मिस्त्र की गुलामी से निकलने के बाद 40 वर्ष तक जंगल की यात्रा करने और यात्रा के दौरान अनेकों कठिन परिस्थितियों का सामना करने के पश्चात, परमेश्वर के लोग, वाचा किए गए कनान देश में प्रवेश करने को हैं, उस देश की सीमा पर खड़े हैं। उन्हें मिस्त्र से निकाल कर लाने वाले और जंगल में उनकी अगुवाई करने वाले उनके महान अगुवे, मूसा का देहान्त हो गया है, और अब मूसा के स्थान पर मूसा के सहायक यहोशू के हाथ में यह ज़िम्मेदारी है कि वह इस्त्राएल को कनान में ले जाकर उन्हें वहाँ बसाए, उस भूमि को उनके गोत्रों में बाँट दे, और यहोशू इस बड़ी ज़िम्मेदारी के सामने अपने आप को इसे निभाने के लिए अयोग्य अनुभव कर रहा है।

   ऐसे में परमेश्वर यहोशू से कहता है, "इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा" (यहोशू 1:7)। अर्थात, परमेश्वर के वचनों को ही यहोशू के लिए इस्त्राएल को नेतृत्व और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए सदा आधार होना था; और यही मार्गदर्शन तथा आधार आज हमारे लिए भी हर बात के लिए वैसे ही आवश्यक तथा उपयोगी है। परमेश्वर ने जो आज्ञा और प्रतिज्ञा यहोशू से की वही हम मसीही विश्वासियों पर भी आज वैसे ही लागू है: "क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा" (यहोशू 1:9)।

   हमें किसी भी परिवर्तन से घबराने की आवश्यकता नहीं है; हमारा परमेश्वर पिता हमारी सहायता और मार्गदर्शन के लिए हमारा सदैव उपलब्ध सहायक है। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रत्येक परिवर्तन में वह अपरिवर्तनीय परमेश्वर पिता
 हमारे प्रति विश्वासयोग्य बना रहता है।

और तेरे आगे आगे चलने वाला यहोवा है; वह तेरे संग रहेगा, और न तो तुझे धोखा देगा और न छोड़ देगा; इसलिये मत डर और तेरा मन कच्चा न हो। - व्यवस्थाविवरण 31:8

बाइबल पाठ: यहोशू 1:1-11
Joshua 1:1 यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा, 
Joshua 1:2 मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को अर्थात इस्राएलियों को देता हूं। 
Joshua 1:3 उस वचन के अनुसार जो मैं ने मूसा से कहा, अर्थात जिस जिस स्थान पर तुम पांव धरोगे वह सब मैं तुम्हे दे देता हूं। 
Joshua 1:4 जंगल और उस लबानोन से ले कर परात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा। 
Joshua 1:5 तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा। 
Joshua 1:6 इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा। 
Joshua 1:7 इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। 
Joshua 1:8 व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा। 
Joshua 1:9 क्या मैं ने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।
Joshua 1:10 तब यहोशू ने प्रजा के सरदारों को यह आज्ञा दी, 
Joshua 1:11 कि छावनी में इधर उधर जा कर प्रजा के लोगों को यह आज्ञा दो, कि अपने अपने लिये भोजन तैयार कर रखो; क्योंकि तीन दिन के भीतर तुम को इस यरदन के पार उतरकर उस देश को अपने अधिकार में लेने के लिये जाना है जिसे तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हारे अधिकार में देने वाला है।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तर 6-8
  • प्रेरितों 6


Wednesday, June 21, 2017

प्रेमी पिता


   स्पष्ट प्रतीत हो रहा था कि अपने दो बेटों को एक के बाद एक वायु-यानों और हवाई-अड्डों से ले चलने के कारण माता-पिता थके हुए थे; और अब उनकी इस अन्तिम उड़ान में विलंब हो रहा था। मैं देख रहा था कि वे दोनों छोटे बेटे काफी सक्रीय थे, और उड़ान के लिए वायु-यान में चढ़ने जाने से पहले वाले प्रतीक्षा-क्षेत्र में इधर से उधर भागे फिर रहे थे; उन्हें एक स्थान पर नियंत्रण में बैठाए रखना कठिन हो रहा था। मैं सोच रहा था कि वायु-यान में बैठने के पश्चात, हमारी आधे घंटे की उड़ान के लिए इन दोनों बालकों को ये थके हुए माता-पिता कैसे नियंत्रण में रखने पाएंगे? अन्ततः जब हमें उड़ान भरने के लिए वायु-यान में जाकर बैठने की अनुमति मिली, तो मैंने देखा कि उन दोनों बच्चों में से एक और उसके पिता का बैठने का स्थान ठीक मेरे पीछे ही था। स्थानों को ग्रहण करने के पश्चात, मैंने उस थके हुए पिता को अपने बेटे से कहते हुए सुना, "आओ मैं तुम्हें एक कहानी पढ़कर सुनाता हूँ।" और उस पूरी उड़ान के दौरान, वह पिता बड़े धैर्य और प्रेम के साथ अपने बेटे को कहानी पढ़कर सुनाता-समझाता रहा; सारी यात्रा भर उसने अपने बेटे के ध्यान को कहानी पर केंद्रित और उस को शान्त बनाए रखा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक भजन में दाऊद ने लिखा, "जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है" (भजन 103:13)। यहाँ प्रयुक्त शब्द "दया" का तात्पर्य है प्रेम और अनुकंपा करना। यह कोमल शब्द हमें अन्दाज़ा कराता है कि हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता हम से कितना प्रेम करता है, और इस बात का भी अन्दाज़ा देता है कि हम मसीही विश्वासियों के लिए यह कैसे बड़े सौभाग्य की बात है कि हम उसे "अब्बा, पिता" (रोमियों 8:15) कहकर संबोधित कर सकते हैं; हम अपनी हर बात के लिए हर समय, हर हाल में, बिना झिझके परमेश्वर के पास आ सकते हैं, और ौसका ध्यान सदा हम पर बना रहता है, वह हमारी हर बात को सदा सर्वदा सुनता है।

   हमारा परमेश्वर पिता चाहता है कि जब भी हम जीवन यात्रा में विचलित अथवा परेशान अनुभव करें तो हम उससे उसके प्रेम की कहानी को फिर से सुनें, फिर से उस कहानी और उसके अर्थ पर ध्यान लगाएं; तथा उनको भी जो अभी उसकी सन्तान नहीं बने हैं, परमेश्वर की सन्तान होने के आदर और महिमा के बारे में बताएं। हमारा परमेश्वर, एक प्रेमी पिता के समान, सदा हमारे निकट बना रहता है, अपने वचन से हमें प्रोत्साहित और उत्साहित करता रहता है, अपने वचन के द्वारा हम से बातचीत करता रहता है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर पिता का अपनी सन्तान, अर्थात हमसे किया गया प्रेम, 
हमारे लिए उसकी सबसे महान भेंट है।

इसलिये कि जितने लोग परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलते हैं, वे ही परमेश्वर के पुत्र हैं। क्योंकि तुम को दासत्व की आत्मा नहीं मिली, कि फिर भयभीत हो परन्तु लेपालकपन की आत्मा मिली है, जिस से हम हे अब्बा, हे पिता कह कर पुकारते हैं। आत्मा आप ही हमारी आत्मा के साथ गवाही देता है, कि हम परमेश्वर की सन्तान हैं। - रोमियों 8:14-16

बाइबल पाठ: भजन 103:1-14
Psalms 103:1 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे! 
Psalms 103:2 हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना। 
Psalms 103:3 वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है, 
Psalms 103:4 वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है, 
Psalms 103:5 वही तो तेरी लालसा को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है, जिस से तेरी जवानी उकाब की नाईं नई हो जाती है।
Psalms 103:6 यहोवा सब पिसे हुओं के लिये धर्म और न्याय के काम करता है। 
Psalms 103:7 उसने मूसा को अपनी गति, और इस्राएलियों पर अपने काम प्रगट किए। 
Psalms 103:8 यहोवा दयालु और अनुग्रहकरी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है। 
Psalms 103:9 वह सर्वदा वादविवाद करता न रहेगा, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा। 
Psalms 103:10 उसने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है। 
Psalms 103:11 जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है। 
Psalms 103:12 उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है। 
Psalms 103:13 जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है। 
Psalms 103:14 क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तर 3-5
  • प्रेरितों 5:22-42


Tuesday, June 20, 2017

आश्चर्यकर्म


   लॉरा ने किसी जानकार से माँगकर, एक भेड़ और एक बकरी को अपनी गाड़ी के ट्रेलर में रखा; उसे उन्हें अपने चर्च लेकर जाना था, जहाँ क्रिसमस के नाटक का अभ्यास चल रहा था। थोड़ी देर आपस में एक दुसरे के साथ लड़ने के पश्चात, दोनों जानवर शाँत हो कर ट्रेलर में बैठ गए और लॉरा भी चर्च के लिए चल पड़ी। मार्ग में उसे एक स्थान पर आकर गाडी में पेट्रोल भरवाने के लिए रुकना पड़ा। पेट्रोल डलवाते समय लॉरा ने देखा कि बकरी तो बाहर गाड़ियों के खड़े करने के स्थान पर जा कर खड़ी हुई है, और जब ट्रेलर में झाँका तो भेड़ ग़ायब थी। उन दोनों के ट्रेलर में डालने के पश्चात हुई उठा-पटक में, लॉरा ट्रेलर के दरवाज़े को कुंडी लगा कर बन्द करना भूल गई थी। तुरंत लॉरा ने अपने कुछ मित्रों और पुलिस को बुलाया, और सभी मिलकर बचे हुए कुछ समय के दिन के उजियाले में आस-पास की दूकानों, खेतों और जंगल में उस खोई हुई भेड़ को ढूढ़ने लगे। साथ ही बहुत से अन्य यह प्रार्थना भी कर रहे थे कि लॉरा को वे उधार लिए हुए जानवर मिल भी जाएं।

   अगली प्रातः लॉरा और उसके मित्र उसी पेट्रोल पंप पर पहुँचे कि आस-पास की दूकानों में खोई हुई भेड़ के बारे में एक छपा हुआ सुचना पत्र चिपका दें। वहाँ जब वे खज़ाँची से सूचना के पोस्टर को लगाने के सही स्थान के बारे में बातचीत कर रही थी, तो एक ग्राहक ने उनकी बातचीत को सुनकर कहा, "संभवतः मैं जानता हूँ कि आपकी भेड़ कहाँ है।" वह भेड़ भटकती हुई उस व्यक्ति के पड़ौसी के खेत में आ गई थी, जिसने फिर उसे रात भर सुरक्षित रखने के लिए अपनी भेड़शाला में रख लिया था। जब वह खोई हुई भेड़ मिल गई तो लॉरा ने उसका उपनाम "Miracle" अर्थात आश्चर्यकर्म रखा।

   प्रभु परमेश्वर को अपनी भेड़ों की चिन्ता रहती है, वह उनकी रखवाली करता है; मेरी और आपकी भी। प्रभु यीशु स्वर्ग से उतर कर पृथ्वी पर आए जिससे वे हमें प्रेम दिखा सकें और सारे जगत के लिए उद्धार का मार्ग बना कर दे सकें (यूहन्ना 3:16)। वह हमें ढूढ़ने और अपने साथ कर लेने के लिए बहुत परिश्रम करता है (लूका 19:10)। आज प्रभु यीशु में लाए गए साधारण विश्वास और पश्चाताप द्वारा हमें सेंत-मेंत हमारे पापों से मिलने वाली क्षमा और उद्धार भी परमेश्वर के अनुग्रह का एक आश्चर्यकर्म ही है; ऐसा आश्चर्यकर्म जो पाप में खोए हुओं को अनन्तकाल के लिए आशीषित और सुरक्षित परमेश्वर की सन्तान बना देता है। - ऐनी सेटास


प्रभु यीशु ने कहा: 
"अच्छा चरवाहा मैं हूं; 
अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है" - (यूहन्ना 10:11)

निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं। - भजन 100:3

बाइबल पाठ: लूका 15:1-10
Luke 15:1 सब चुंगी लेने वाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें। 
Luke 15:2 और फरीसी और शास्त्री कुड़कुड़ा कर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।
Luke 15:3 तब उसने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा। 
Luke 15:4 तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे? 
Luke 15:5 और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है। 
Luke 15:6 और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे कर के कहता है, मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है। 
Luke 15:7 मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धर्मियों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
Luke 15:8 या कौन ऐसी स्त्री होगी, जिस के पास दस सिक्के हों, और उन में से एक खो जाए; तो वह दीया बारकर और घर झाड़ बुहार कर जब तक मिल न जाए, जी लगाकर खोजती न रहे? 
Luke 15:9 और जब मिल जाता है, तो वह अपने सखियों और पड़ोसिनियों को इकट्ठी कर के कहती है, कि मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरा खोया हुआ सिक्‍का मिल गया है। 
Luke 15:10 मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्‍वर्गदूतों के साम्हने आनन्द होता है।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तर 1-2
  • प्रेरितों 5:1-21


Monday, June 19, 2017

आदर


   प्रसिद्ध लेखक चेम पोटोक ने अपने उपन्यास The Chosen का आरंभ न्यू यॉर्क शहर में दो यहूदी बेसबॉल टीमों के बीच एक स्पर्धा से किया। उस उपन्यास के मुख्य चरित्र, रयूवेन वॉलटर ने ध्यान किया कि प्रतिस्पर्धी दल की पोशाक में अनुपम बात है - प्रत्येक खिलाड़ी की कमीज़ से लटकते हुए चार फीते। उन फीतों को देखकर रयूवेन को स्मरण हो आता है कि परमेश्वर ने यहूदियों को कड़ाई से अपने वचन की आज्ञाकारिता के लिए निर्देश दिए थे, और उस वचन को उन्हें स्मरण दिलाते रहने के लिए उन फीतों को अपने वस्त्रों पर लगाने को कहा था।

   इन फीतों का इतिहास, परमेश्वर की मूसा द्वारा दी गई व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। मूसा को इस्त्राएलियों के लिए अपनी व्यवस्था देते समय परमेश्वर ने कहा था कि वे नीले धागे से बने फीते बनाएं और उन्हें अपने बाहरी वस्त्र के चारों कोनों पर टाँक लें (गिनती 15:38)। परमेश्वर ने आगे कहा, "और वह तुम्हारे लिये ऐसी झालर ठहरे, जिस से जब जब तुम उसे देखो तब तब यहोवा की सारी आज्ञाएं तुम हो स्मरण आ जाएं; और तुम उनका पालन करो, और तुम अपने अपने मन और अपनी अपनी दृष्टि के वश में हो कर व्यभिचार न करते फिरो जैसे करते आए हो" (गिनती 15:39)। परमेश्वर की आज्ञाकारिता, उसके प्रति उसके लोगों के आदर और श्रद्धा का सूचक है।

   परमेश्वर द्वारा इस्त्राएलियों को स्मरण दिलाते रहने के लिए प्रयुक्त विधि का आज हम मसीही विश्वासियों के लिए भी एक समानन्तर है - हमारा प्रभु यीशु मसीह। प्रभु यीशु मसीह ने हमारे लिए संपूर्ण व्यवस्था का पालन किया और परमेश्वर पिता की पूर्ण आज्ञाकारिता भी की (यूहन्ना 8:29)। इसीलिए परमेश्वर का वचन बाइबल हमें कहती है कि, "वरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर की अभिलाशाओं को पूरा करने का उपाय न करो" (रोमियों 13:14)। परमेश्वर के पुत्र और संपूर्ण जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु पर दृष्टि लगाए रखने से, हमें परमेश्वर के प्रति आज्ञाकारी बने रहने का भी स्मरण रहता है, जो उसके प्रति हमारे आदर को दिखाता है। - जैनिफर बेन्सन शुल्ट


यदि मसीह आपके जीवन का केंद्र है, तो आप सदा उस ही पर ध्यान लगाए रखेंगे।

और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें; और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना। और इन्हें अपने हाथ पर चिन्हानी कर के बान्धना, और ये तेरी आंखों के बीच टीके का काम दें। और इन्हें अपने अपने घर के चौखट की बाजुओं और अपने फाटकों पर लिखना। - व्यवस्थाविवरण 6:6-9

बाइबल पाठ: गिनती 15:37-41
Numbers 15:37 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 
Numbers 15:38 इस्त्राएलियों से कह, कि अपनी पीढ़ी पीढ़ी में अपने वस्त्रों के कोर पर झालर लगाया करना, और एक एक कोर की झालर पर एक नीला फीता लगाया करना; 
Numbers 15:39 और वह तुम्हारे लिये ऐसी झालर ठहरे, जिस से जब जब तुम उसे देखो तब तब यहोवा की सारी आज्ञाएं तुम हो स्मरण आ जाएं; और तुम उनका पालन करो, और तुम अपने अपने मन और अपनी अपनी दृष्टि के वश में हो कर व्यभिचार न करते फिरो जैसे करते आए हो। 
Numbers 15:40 परन्तु तुम यहोवा की सब आज्ञाओं को स्मरण कर के उनका पालन करो, और अपने परमेश्वर के लिये पवित्र बनो। 
Numbers 15:41 मैं यहोवा तुम्हारा परमेश्वर हूं, जो तुम्हे मिस्र देश से निकाल ले आया कि तुम्हारा परमेश्वर ठहरूं; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • नहेम्याह 12-13
  • प्रेरितों 4:23-37


Sunday, June 18, 2017

विफलता


   द्वितीय विश्व-युद्ध के समय में ब्रिटेन के प्रधान-मंत्री विंस्टन चर्चिल को पता था कि युद्ध के दिनों की परेशानियों में अपने देश के लोगों को कैसे उभारा जाए। जून 18, 1940 को दिए गए अपने एक भाषण में उन्होंने कहा, "हिटलर जानता है कि उसे या तो हमें तोड़ना पड़ेगा...या फिर वह युद्ध हार जाएगा...इसलिए आईए हम अपने आप को दृढ़ करें...और ऐसे व्यवहार करें, कि यदि ब्रिटिश साम्राज्य एक हज़ार वर्ष तक भी बना रहे तो भी लोग कहें कि ’वह उनकी सर्वोत्तम घड़ी थी!’ "

   हम सभी चाहते हैं कि हम अपने सर्वोत्तम पल के लिए स्मरण किए जाएं; परन्तु कभी ऐसा भी होता है कि हम अपनी विफलताओं को अपने बारे में बताने देते हैं। संभवतः प्रेरित पतरस के लिए सर्वोत्तम पल वह था जब उसने प्रभु यीशु मसीह के विषय कहा था, "शमौन पतरस ने उत्तर दिया, कि तू जीवते परमेश्वर का पुत्र मसीह है" (मत्ती 16:16)। परन्तु यही पतरस, कुछ ही समय पश्चात अपने सभी दावों के बावजूद, प्रभु यीशु मसीह को अकेला छोड़कर अपनी जान बचा कर भाग गया और फिर तीन बार प्रभु को जानने से भी इनकार किया। बाद में पतरस फूट-फूट कर रोया और उसने अपनी इस कायरता के लिए पश्चताप किया (मत्ती 26:75; यूहन्ना 18)।

   पतरस के समान ही हम सभी कभी न कभी आवश्यकता के समय पूरे नहीं पाए जाते हैं, विफल हो जाते हैं -  अपने संबंधों में, पाप से अपनी लड़ाई में, परमेश्वर के प्रति अपनी विश्वासयोग्यता में। विंस्टन चर्चिल ने एक बात और कही थी, "विफलता घातक नहीं होती।" परमेश्वर का धन्यवाद हो कि यह बात हमारे आत्मिक जीवन में भी लागू होती है, आत्मिक जीवन के लिए भी सत्य है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम आगे पढ़ते हैं कि पश्चतापी पतरस को प्रभु यीशु ने न केवल उसकी विफलताओं कí