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बुधवार, 24 जनवरी 2018

उपलब्धि


   चर्च में आराधना जारी थी, और उस प्रातः हमारे साथ आराधना में सम्मिलित होने के लिए कुछ मेहमान भी आए हुए थे। उस दिन का सन्देश देने वाला उपदेशक अभी अपने सन्देश को लगभग आधा ही कहने पाया था कि मैंने देखा कि मेहमानों में से एक उठकर बाहर जाने लगी।मैं यह देखकर चिन्तित हुआ और जिज्ञासु भी; इसलिए उनके उठकर जाने का कारण जानने के लिए उसके पास गया।

   मैंने उनके पास जाकर उन से पूछा, “आप बहुत शीघ्र जा रहीं हैं; क्या कोई समस्या है, क्या मैं आपकी कोई सहायता कर सकता हूँ?” वह महिला बहुत स्पष्टवादी थी,और उसने बड़ी खराई से कहा, “हाँ, समस्या है – यह सन्देश! मैं उस उपदेशक के साथ सहमत नहीं हूँ।” उनकी असहमति उपदेशक के उस कथन से थी जिसमें उसने कहा था कि जीवन में हमारी प्रत्येक उपलब्धि का श्रेय परमेश्वर को जाता है, वही सारी महिमा का पात्र है। उस महिला ने शिकायत के स्वर में कहा, “मेरी उपलब्धियों के लिए कुछ श्रेय तो मुझे भी मिलना ही चाहिए।”

   मैं ने उन्हें उपदेशक के कहने के अभिप्राय को समझाया। लोगों को उनकी उपलब्धियों के लिए अवश्य ही मान्यता और प्रशंसा मिलनी चाहिए, परन्तु हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि हमारे सभी गुण और योग्यताएं, जो हमारी उपलब्धियों के आधार हैं, हमें परमेश्वर से, उसके अनुग्रह से मिले हैं, इसीलिए वही सारे श्रेय और सारी महिमा का पात्र है। इसीलिए प्रभु यीशु ने भी कहा था, “...मैं तुम से सच सच कहता हूं, पुत्र आप से कुछ नहीं कर सकता, केवल वह जो पिता को करते देखता है, क्योंकि जिन जिन कामों को वह करता है उन्हें पुत्र भी उसी रीति से करता है” (यूहन्ना 5:19); और प्रभु ने अपने शिष्यों से कहा, “...क्योंकि मुझ से अलग हो कर तुम कुछ भी नहीं कर सकते” (यूहन्ना 15:5)।

   इसीलिए हम मसीही विश्वासी यह मानते हैं कि प्रभु परमेश्वर ही है जो हर उपलब्धि, हर योग्यता की सामर्थ्य हमें प्रदान करता है, और वह ही हमसे उस सामर्थ्य का सदुपयोग भी करवाता है, वही हमारी हर उपलब्धि का आधार है। - लौरेंस दर्मानी


परमेश्वर की सन्तान, उसकी इच्छा उसकी महिमा के लिए पूरी करती है।

मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग हो कर तुम कुछ भी नहीं कर सकते। - यूहन्ना 15:5

बाइबल पाठ: यूहन्ना 15:1-5
John 15:1 सच्ची दाखलता मैं हूं; और मेरा पिता किसान है।
John 15:2 जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले।
John 15:3 तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो।
John 15:4 तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
John 15:5 मैं दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्योंकि मुझ से अलग हो कर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 9-11
  • मत्ती 15:21-39


बुधवार, 7 दिसंबर 2016

प्रोत्साहन


   जब 19 वर्षीय जौनी अगर ने 5k दौड़ पूरी की तो उसके पीछे अनेकों लोग खड़े थे - परिवार जन और मित्रगण जो उसकी इस उपलब्धि का उत्सव मना रहे थे। जौनी को सेरेब्रल पाल्सी है, जिसके कारण कोई भी शारीरिक कार्य कर पाना कठिन हो जाता है। लेकिन जौनी और उसके पिता ने टीम बनाकर अनेकों प्रतियोगिताओं में भाग लिया है - पिता गाड़ी को धक्का लगाते हैं और जौनी गाड़ी में बैठकर उसे दिशा देता है। लेकिन एक दिन जौनी ने इच्छा व्यक्त की कि वह अकेला ही दौड़ पूरी करना चाहता है। दौड़ के बीच से पिता ने जौनी को गाड़ी से निकाल खड़ा किया और उसे उसके वॉकर तक जाने में सहायता की, और फिर जौनी के अपने पैरों द्वारा वॉकर के सहारे चलते हुए दौड़ को पूरा करने में उसके सहायक बने। यह एक बड़े उत्सव का कारण बना जहाँ परिवारजनों और मित्रगणों ने उसकी उपलब्धि की सराहना की। जौनी ने पत्रकार से कहा, "उनके मेरे पीछे होने से मेरे लिए यह कर पाना सरल हो गया; उनका प्रोत्साहन मुझे अग्रसर करता रहा।"

   क्या मसीह यीशु के अनुयायियों को यही नहीं करना चाहिए? परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों 10:24 हमें स्मरण दिलाता है कि "प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें" । यदि हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के नमूने का अनुसरण करें (यूहन्ना 13:34-35), यदि हम आश्वस्त हों कि हमारे पीछे हमें बढ़ावा और सहारा देने के लिए मित्रों का समूह है, तो ज़रा कल्पना करें उस परिवर्तन की जो हम सबके द्वारा एक दुसरे को प्रोत्साहित करने से आ जाएगा।

   यदि हम 1 थिस्सुलुनीकियों 5:11 के शब्दों को गंभीरता से लेने लगें तो जीवन की यह दौड़ हम सबके लिए कितनी आसान हो जाएगी। - डेव ब्रैनन


प्रोत्साहन का एक शब्द आगे बढ़ने या हार कर बैठ जाने का अन्तर ला सकता है।

इस कारण एक दूसरे को शान्‍ति दो, और एक दूसरे की उन्नति के कारण बनो, निदान, तुम ऐसा करते भी हो। - 1 थिस्सुलुनीकियों 5:11

बाइबल पाठ: इब्रानियों 10:19-25
Hebrews 10:19 सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है। 
Hebrews 10:20 जो उसने परदे अर्थात अपने शरीर में से हो कर, हमारे लिये अभिषेक किया है, 
Hebrews 10:21 और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है। 
Hebrews 10:22 तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक का दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव ले कर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं। 
Hebrews 10:23 और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्योंकि जिसने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्चा है। 
Hebrews 10:24 और प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें। 
Hebrews 10:25 और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो। इसलिये अब अपने दास की भेंट ग्रहण कर।

एक साल में बाइबल: 
  • दान्नियेल 5-7
  • 2 यूहन्ना 1


गुरुवार, 5 मई 2016

श्रेय


   क्रिस लैंगन का IQ (बुद्धिमता-स्तर) एल्बर्ट आईन्सटाईन से भी अधिक है। मुस्तफा इस्माईल की बाँहों (biceps) का घेरा 31 इंच का है और वह 600 पौंड वज़न उठा सकता है। बिल गेट्स की संपत्ति का अनुमान अरबों डॉलर है। जिनके पास कोई अद्भुत प्रतिभा या उपलब्धि है, वे अपने बारे में आवश्यकता से अधिक बढ़कर सोच सकते हैं। लेकिन अपनी उपलब्धियों का श्रेय लेने के लिए हमें बहुत ही बुद्धिमान, या ताकतवर, या धनवान होना आवश्यक नहीं है। उपलब्धि चाहे कैसी भी हो, चाहे कितनी भी बड़ी अथवा छोटी हो, उसके साथ एक प्रश्न सदा ही जुड़ा रहता है - उसका श्रेय किसका है?

   परमेश्वर ने अपने लोगों, इस्त्राएलियों से यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता द्वारा कहा: "यहोवा यों कहता है, बुद्धिमान अपनी बुद्धि पर घमण्ड न करे, न वीर अपनी वीरता पर, न धनी अपने धन पर घमण्ड करे; परन्तु जो घमण्ड करे वह इसी बात पर घमण्ड करे, कि वह मुझे जानता और समझता है, कि मैं ही वह यहोवा हूँ, जो पृथ्वी पर करुणा, न्याय और धर्म के काम करता है; क्योंकि मैं इन्हीं बातों से प्रसन्न रहता हूँ" (यिर्मयाह 9:23-24)। परमेश्वर चाहता था कि उसके लोग उसे और उसकी उत्तमता को अन्य किसी भी बात से अधिक बढ़कर जानें, सर्वश्रेष्ठ मानें।
   यदि हम अपनी प्रशंसा को अपने अहम को फुलाने देते हैं तो हम भूल जाते हैं कि परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि "क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है" (याकूब 1:17)। इसलिए हर बात के लिए परमेश्वर को महिमा, आदर और धन्यवाद देना भला है क्यों कि ऐसा करने से ना केवल हम घमंड में पड़ने से बचे रहते हैं, वरन इसलिए भी क्योंकि वास्तविकता में परमेश्वर को ही सारा श्रेय जाता है: "वह तो एसे बड़े काम करता है जिनकी थाह नहीं लगती, और इतने आश्चर्यकर्म करता है, जो गिने नहीं जाते" (अय्यूब 5:9)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


हमें परमेश्वर को महिमा देने के लिए सृजा गया है।

परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है। - व्यवस्थाविवरण 8:18

बाइबल पाठ: भजन 49
Psalms 49:1 हे देश देश के सब लोगों यह सुनो! हे संसार के सब निवासियों, कान लगाओ! 
Psalms 49:2 क्या ऊंच, क्या नीच क्या धनी, क्या दरिद्र, कान लगाओ! 
Psalms 49:3 मेरे मुंह से बुद्धि की बातें निकलेंगी; और मेरे हृदय की बातें समझ की होंगी। 
Psalms 49:4 मैं नीतिवचन की ओर अपना कान लगाऊंगा, मैं वीणा बजाते हुए अपनी गुप्त बात प्रकाशित करूंगा।
Psalms 49:5 विपत्ति के दिनों में जब मैं अपने अड़ंगा मारने वालों की बुराइयों से घिरूं, तब मैं क्यों डरूं? 
Psalms 49:6 जो अपनी सम्पत्ति पर भरोसा रखते, और अपने धन की बहुतायत पर फूलते हैं, 
Psalms 49:7 उन में से कोई अपने भाई को किसी भांति छुड़ा नहीं सकता है; और न परमेश्वर को उसकी सन्ती प्रायश्चित्त में कुछ दे सकता है, 
Psalms 49:8 (क्योंकि उनके प्राण की छुड़ौती भारी है वह अन्त तक कभी न चुका सकेंगे)। 
Psalms 49:9 कोई ऐसा नहीं जो सदैव जीवित रहे, और कब्र को न देखे।
Psalms 49:10 क्योंकि देखने में आता है, कि बुद्धिमान भी मरते हैं, और मूर्ख और पशु सरीखे मनुष्य भी दोनों नाश होते हैं, और अपनी सम्पत्ति औरों के लिये छोड़ जाते हैं। 
Psalms 49:11 वे मन ही मन यह सोचते हैं, कि उनका घर सदा स्थिर रहेगा, और उनके निवास पीढ़ी से पीढ़ी तक बने रहेंगे; इसलिये वे अपनी अपनी भूमि का नाम अपने अपने नाम पर रखते हैं। 
Psalms 49:12 परन्तु मनुष्य प्रतिष्ठा पाकर भी स्थिर नहीं रहता, वह पशुओं के समान होता है, जो मर मिटते हैं।
Psalms 49:13 उनकी यह चाल उनकी मूर्खता है, तौभी उनके बाद लोग उनकी बातों से प्रसन्न होते हैं। 
Psalms 49:14 वे अधोलोक की मानों भेड़-बकरियां ठहराए गए हैं; मृत्यु उनका गड़रिया ठहरी; और बिहान को सीधे लोग उन पर प्रभुता करेंगे; और उनका सुन्दर रूप अधोलोक का कौर हो जाएगा और उनका कोई आधार न रहेगा। 
Psalms 49:15 परन्तु परमेश्वर मेरे प्राण को अधोलोक के वश से छुड़ा लेगा, क्योंकि वही मुझे ग्रहण कर अपनाएगा।
Psalms 49:16 जब कोई धनी हो जाए और उसके घर का वैभव बढ़ जाए, तब तू भय न खाना। 
Psalms 49:17 क्योंकि वह मर कर कुछ भी साथ न ले जाएगा; न उसका वैभव उसके साथ कब्र में जाएगा। 
Psalms 49:18 चाहे वह जीते जी अपने आप को धन्य कहता रहे, (जब तू अपनी भलाई करता है, तब वे लोग तेरी प्रशंसा करते हैं) 
Psalms 49:19 तौभी वह अपने पुरखाओं के समाज में मिलाया जाएगा, जो कभी उजियाला न देखेंगे। 
Psalms 49:20 मनुष्य चाहे प्रतिष्ठित भी हों परन्तु यदि वे समझ नहीं रखते, तो वे पशुओं के समान हैं जो मर मिटते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 19-20
  • लूका 23:1-25