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गुरुवार, 22 जुलाई 2021

योजना

 

          1948 में, उस दिन प्रातः जब उसके दरवाज़े की घंटी बजी, तब हरालान पोपोव को अंदाजा भी नहीं था कि उसके साथ क्या होने वाला है। बिना किसी चेतावनी के, बुलगारिया की पुलिस हरालान को पकड़ कर ले गई और उसे उसके मसीही विश्वास के कारण जेल में डाल दिया गया। उसने जीवन के अगले तेरह वर्ष जेल में बिताए, और वह शक्ति तथा साहस के लिए प्रार्थना करता रहा। यद्यपि उसे बहुत कठोर व्यवहार का सामना करना पड़ा, परन्तु वह जानता था कि परमेश्वर उसके साथ है, और वह अपने साथी बन्दियों के साथ सुसमाचार बाँटता रहा – और बहुतों ने प्रभु यीशु में विश्वास किया।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में उत्पत्ति 37 के वृतांत में, यूसुफ को भी कोई अंदाजा नहीं था  कि उसके साथ क्या होने जा रहा है। उससे ईर्ष्या रखने वाले उसके भाइयों ने उसे निर्दयता से व्यापारियों को बेच दिया, जो उसे मिस्र ले गए और वहाँ उसे एक मिस्री अधिकारी पोतीपर के हाथों बेच दिया। यूसुफ ऐसे लोगों के मध्य में था जो हज़ारों देवताओं को मानते थे। उसके स्थिति और बदतर बन गई, क्योंकि पोतीपर की पत्नी ने उसपर कुदृष्टि डाली और उसके साथ व्यभिचार के संबंध बनाने चाहे। जब यूसुफ बार बार उसे मना करता रहा, तो एक दिन खिसिया कर उसने यूसुफ पर उसके साथ बलात्कार करने का प्रयास करने का आरोप लगाया और उसे बंदीगृह में डाल दिया गया (39:16-20)। लेकिन वहाँ पर भी परमेश्वर ने उसे छोड़ नहीं दिया; वरन,जो काम वह करता है उसको यहोवा उसके हाथ से सफल कर देता” और “और बन्‍दीगृह के दरोगा के अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई” (39:3, 21)।

          आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि यूसुफ कितना भयभीत हुआ होगा। लेकिन वह विश्वासयोग्य बना रहा और अपनी ईमानदारी से कभी पीछे नहीं हटा। इस कठिन यात्रा में परमेश्वर यूसुफ के साथ था; यूसुफ के लिए परमेश्वर की एक योजना थी; और उस योजना के अंतर्गत वह मिस्र का प्रधानमंत्री, तथा मिस्र के लोगों और अपने संपूर्ण परिवार को अकाल से बचाने वाला बना।

          मेरे और आपके जीवनों के लिए भी परमेश्वर की योजना है। विश्वास और ईमानदारी के साथ परमेश्वर के साथ बने रहिए, उसके मार्गों पर चलते रहिए। परमेश्वर सब देखता है, सब जानता है, और अपनी योजना के अनुसार आपको आशीषित भी करेगा। - एस्तोरा पिरोसका एस्कोबार

 

हर परिस्थिति में हमारे साथ बने रहने और हमारा भला करने के लिए प्रभु आपका धन्यवाद।


इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 39:6-12, 20-23

उत्पत्ति 39:6 सो उसने अपना सब कुछ यूसुफ के हाथ में यहां तक छोड़ दिया: कि अपने खाने की रोटी को छोड़, वह अपनी सम्पत्ति का हाल कुछ न जानता था। और यूसुफ सुन्दर और रूपवान था।

उत्पत्ति 39:7 इन बातों के पश्चात ऐसा हुआ, कि उसके स्वामी की पत्नी ने यूसुफ की ओर आंख लगाई; और कहा, मेरे साथ सो।

उत्पत्ति 39:8 पर उसने अस्वीकार करते हुए अपने स्वामी की पत्नी से कहा, सुन, जो कुछ इस घर में है मेरे हाथ में है; उसे मेरा स्वामी कुछ नहीं जानता, और उसने अपना सब कुछ मेरे हाथ में सौंप दिया है।

उत्पत्ति 39:9 इस घर में मुझ से बड़ा कोई नहीं; और उसने तुझे छोड़, जो उसकी पत्नी है; मुझ से कुछ नहीं रख छोड़ा; सो भला, मैं ऐसी बड़ी दुष्टता कर के परमेश्वर का अपराधी क्योंकर बनूं?

उत्पत्ति 39:10 और ऐसा हुआ, कि वह प्रति दिन यूसुफ से बातें करती रही, पर उसने उसकी न मानी, कि उसके पास लेटे और उसके संग रहे।

उत्पत्ति 39:11 एक दिन क्या हुआ, कि यूसुफ अपना काम काज करने के लिये घर में गया, और घर के सेवकों में से कोई भी घर के अन्दर न था।

उत्पत्ति 39:12 तब उस स्त्री ने उसका वस्त्र पकड़कर कहा, मेरे साथ सो, पर वह अपना वस्त्र उसके हाथ में छोड़कर भागा, और बाहर निकल गया।

उत्पत्ति 39:20 और यूसुफ के स्वामी ने उसको पकड़कर बन्‍दीगृह में, जहां राजा के कैदी बन्द थे, डलवा दिया: सो वह उस बन्‍दीगृह में रहने लगा।

उत्पत्ति 39:21 पर यहोवा यूसुफ के संग संग रहा, और उस पर करुणा की, और बन्‍दीगृह के दरोगा के अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई।

उत्पत्ति 39:22 सो बन्‍दीगृह के दरोगा ने उन सब बन्धुओं को, जो कारागार में थे, यूसुफ के हाथ में सौंप दिया; और जो जो काम वे वहां करते थे, वह उसी की आज्ञा से होता था।

उत्पत्ति 39:23 बन्‍दीगृह के दरोगा के वश में जो कुछ था; क्योंकि उस में से उसको कोई भी वस्तु देखनी न पड़ती थी; इसलिये कि यहोवा यूसुफ के साथ था; और जो कुछ वह करता था, यहोवा उसको उस में सफलता देता था।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 31-32
  • प्रेरितों 23:16-35

बुधवार, 21 जुलाई 2021

विलंब

 

          मेरी सास को दिल का दौरा पड़ा, और उस चिंताजनक समय में वह सौभाग्यशाली रही कि उसे तुरंत ही सही चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध हो गई। बाद में मुझे डॉक्टर ने बताया कि यदि दिल का दौरा पड़ने के पंद्रह मिनिट के अन्दर सही उपचार आरंभ हो जाता है तो बचने का दर 33% होता है, किन्तु इससे अधिक विलम्ब हो जाए तो केवल 5% लोग ही बच पाते हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु याईर की बहुत बीमार और गंभीर हालत में पड़ी बेटी की सहायता के लिए उसके घर जा रहे थे, जिसे निःसंदेह तुरंत ही चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी। लेकिन प्रभु ने चलते चलते वह किया जो उस परिस्थिति में बिलकुल अनपेक्षित था; वे अचानक ही रुक गए (मरकुस 5:30); वे पता करना चाह रहे थे उन्हें किस ने छूआ था! जब तक उन्हें छूने वाली स्त्री सामने नहीं आ गई, और प्रभु ने उससे कृपा तथा ढाढ़स के साथ बात नहीं कर ली, वे आगे नहीं बढ़े। आप सोच सकते हैं कि ऐसे में याईर क्या सोच रहा होगा, ‘प्रभु, इस सब के लिए अभी समय नहीं है; मेरी बेटी मरने को है! और फिर वह हो गया जिसका याईर को भय था – उसके घर से समाचार आया कि उसकी बेटी का देहांत हो गया है (पद 35); शायद प्रभु ने अनावश्यक विलंब कर दिया था।

          लेकिन प्रभु ने याईर की ओर मुड़कर उसे प्रोत्साहित करते हुए, जो बात वे कह रहे थे, उसको यीशु ने अनसुनी कर के, आराधनालय के सरदार से कहा; मत डर; केवल विश्वास रख” (पद 36)। और फिर उपस्थित लोगों के उपहास की अवहेलना करते हुए, वह शांत भाव में याईर के घर गया, उसकी बेटी के पास जाकर उससे बात की, और वह जी उठी! प्रभु ने दिखा दिया की वह कभी विलंब से नहीं होता है। जो वह करना चाहता है, और जो वो कर सकता है, समय उसके लिए प्रभु को सीमित नहीं कर सकता है।

          कितनी ही बार हम भी याईर के समान सोचते हैं, कि प्रभु ने हमारी सहायता करने में अनुचित विलम्ब कर दिया है; अब बात बिगाड़ गई है, और जो हम चाहते थे अब वह नहीं होने पाएगा। किन्तु हमारे प्रभु परमेश्वर के लिए विलंब नाम की कोई बात नहीं है। हमारे जीवनों में अपने भले और कृपालु कार्य को करने में वह कोई विलम्ब नहीं करता है। - पीटर चिन

 

प्रभु, मैं यह कभी न भूलूँ, कि आप समय के भी स्वामी हैं।


छोटे से छोटा एक हजार हो जाएगा और सब से दुर्बल एक सामर्थी जाति बन जाएगा। मैं यहोवा हूं; ठीक समय पर यह सब कुछ शीघ्रता से पूरा करूंगा। - यशायाह 60:22

बाइबल पाठ: मरकुस 5:35-43

मरकुस 5:35 वह यह कह ही रहा था, कि आराधनालय के सरदार के घर से लोगों ने आकर कहा, कि तेरी बेटी तो मर गई; अब गुरु को क्यों दुख देता है?

मरकुस 5:36 जो बात वे कह रहे थे, उसको यीशु ने अनसुनी कर के, आराधनालय के सरदार से कहा; मत डर; केवल विश्वास रख।

मरकुस 5:37 और उसने पतरस और याकूब और याकूब के भाई यूहन्ना को छोड़, और किसी को अपने साथ आने न दिया।

मरकुस 5:38 और आराधनालय के सरदार के घर में पहुंचकर, उसने लोगों को बहुत रोते और चिल्लाते देखा।

मरकुस 5:39 तब उसने भीतर जा कर उस से कहा, तुम क्यों हल्ला मचाते और रोते हो? लड़की मरी नहीं, परन्तु सो रही है।

मरकुस 5:40 वे उस की हंसी करने लगे, परन्तु उसने सब को निकाल कर लड़की के माता-पिता और अपने साथियों को ले कर, भीतर जहां लड़की पड़ी थी, गया।

मरकुस 5:41 और लड़की का हाथ पकड़कर उस से कहा, ‘तलीता कूमी’; जिस का अर्थ यह है कि ‘हे लड़की, मैं तुझ से कहता हूं, उठ’।

मरकुस 5:42 और लड़की तुरन्त उठ कर चलने फिरने लगी; क्योंकि वह बारह वर्ष की थी। और इस पर लोग बहुत चकित हो गए।

मरकुस 5:43 फिर उसने उन्हें चिताकर आज्ञा दी कि यह बात कोई जानने न पाए और कहा; कि उसे कुछ खाने को दिया जाए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 29-30
  • प्रेरितों 23:1-15

बुधवार, 17 मार्च 2021

साहस

 

          यद्यपि अधिकांश जर्मन चर्च अधिकारियों ने हिटलर के आगे घुटने टेक दिए थे, धर्म-विज्ञानी और पास्टर, मार्टिन निमोलर, उन थोड़े से साहसी लोगों में से थे जिन्होंने नात्ज़ी बुराई का सामना किया। मैंने एक घटना पढ़ी थी, कि कैसे 1970 में कुछ वृद्ध दिखने वाले जर्मन लोगों का एक समूह एक बड़े से होटल के सामने खड़ा था, और उनमें से एक जन, जो कुछ जवान प्रतीत हो रहा था, वह उनके सामान के साथ दौड़-धूप कर रहा था। किसी ने पूछा कि वह समूह किन लोगों का था, और वह जवान दिखने वाला व्यक्ति कौन था? तो उत्तर मिला कि वह जर्मन पास्टरों का समूह था, और दौड़-धूप करने वाला व्यक्ति अस्सी वर्षीय मार्टिन निमोलर था, जो अभी भी जवान था क्योंकि वह डरता नहीं था।

          निमोलर में कोई अलौकिक वस्तु नहीं थी जिसके कारण वह डर का सामना कर सकता था; यह उस पर परमेश्वर के अनुग्रह के कारण था। एक समय ऐसा था जब निमोलर भी यहूदियों के प्रति बैर रखता था; परन्तु उसने पश्चाताप किया और परमेश्वर ने उसे उद्धार दिया, और सत्य बोलने तथा जीने की सामर्थ्य प्रदान की।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में, मूसा ने इस्राएलियों को प्रोत्साहित किया कि वे डर का सामना करें और परमेश्वर के सत्य का निर्वाह करें। जब वे इस्राएली यह जानकर कि उनका अगुवा शीघ्र ही उन से ले लिया जाएगा भयभीत होने लगे तो मूसा ने उन से कहा: “तू हियाव बान्ध और दृढ़ हो, उन से न डर और न भयभीत हो; क्योंकि तेरे संग चलने वाला तेरा परमेश्वर यहोवा है; वह तुझ को धोखा न देगा और न छोड़ेगा” (व्यवस्थाविवरण 31:6)। उन्हें अनिश्चित भविष्य को लेकर भयभीत होने की कोई आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि परमेश्वर उनके साथ था, इसलिए वे भविष्य का सामना साहस के साथ निडर होकर कर सकते थे।

          आज आपके जीवन में चाहे जो भी कठिनाई, जो भी अन्धकार क्यों न हो, कोई बात क्यों न हो जो आपको आतंकित कर रही है, परमेश्वर सदा आपके साथ है। परमेश्वर के अनुग्रह और सामर्थ्य से आप हर परिस्थिति का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं, क्योंकि वह आपको न तो कभी छोड़ेगा और न कभी त्यागेगा। साहस के साथ, निडर होकर परमेश्वर के मार्गों पर चलते रहें, और वह आपको सफलतापूर्वक लिए चलेगा।

 

निडर होने का यह अर्थ नहीं है कि हमें डर नहीं लगता है; 

वरन यह कि हम उस डर के आगे झुकते नहीं हैं।


इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बाएं, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा। व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिये कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा। - यहोशू 1:7-8

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 31:1-8

व्यवस्थाविवरण 31:1 और मूसा ने जा कर यह बातें सब इस्राएलियों को सुनाईं।

व्यवस्थाविवरण 31:2 और उसने उन से यह भी कहा, कि आज मैं एक सौ बीस वर्ष का हूं; और अब मैं चल फिर नहीं सकता; क्योंकि यहोवा ने मुझ से कहा है, कि तू इस यरदन पार नहीं जाने पाएगा।

व्यवस्थाविवरण 31:3 तेरे आगे पार जाने वाला तेरा परमेश्वर यहोवा ही है; वह उन जातियों को तेरे सामने से नष्ट करेगा, और तू उनके देश का अधिकारी होगा; और यहोवा के वचन के अनुसार यहोशू तेरे आगे आगे पार जाएगा।

व्यवस्थाविवरण 31:4 और जिस प्रकार यहोवा ने एमोरियों के राजा सीहोन और ओग और उनके देश को नष्ट किया है, उसी प्रकार वह उन सब जातियों से भी करेगा।

व्यवस्थाविवरण 31:5 और जब यहोवा उन को तुम से हरवा देगा, तब तुम उन सारी आज्ञाओं के अनुसार उन से करना जो मैं ने तुम को सुनाईं हैं।

व्यवस्थाविवरण 31:6 तू हियाव बान्ध और दृढ़ हो, उन से न डर और न भयभीत हो; क्योंकि तेरे संग चलने वाला तेरा परमेश्वर यहोवा है; वह तुझ को धोखा न देगा और न छोड़ेगा।

व्यवस्थाविवरण 31:7 तब मूसा ने यहोशू को बुलाकर सब इस्राएलियों के सम्मुख कहा, कि तू हियाव बान्ध और दृढ़ हो जा; क्योंकि इन लोगों के संग उस देश में जिसे यहोवा ने इनके पूर्वजों से शपथ खाकर देने को कहा था तू जाएगा; और तू इन को उसका अधिकारी कर देगा।

व्यवस्थाविवरण 31:8 और तेरे आगे आगे चलने वाला यहोवा है; वह तेरे संग रहेगा, और न तो तुझे धोखा देगा और न छोड़ देगा; इसलिये मत डर और तेरा मन कच्चा न हो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 30-31
  • मरकुस 15:1-25 

सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

डर

 

          एक इतवार के दिन मैंने देखा कि एक दो वर्षीय बच्ची, चर्च की सीढ़ियाँ अपने आप ही उतरने का प्रयास कर रही थी। वह देखने में बहुत आकर्षक, और स्वभाव से साहसी तथा आत्मनिर्भर प्रतीत हो रही थी। स्वयं ही वह एक मंजिल की सीढ़ियाँ उतर पाना उसका उद्देश्य था, और उसने इसे पूरा भी किया। इस छोटी बच्ची के साहस को देखकर मैं मुस्कराया और उस की निडरता पर विचार करने लगा। उस बच्ची को इसलिए डर नहीं लग रहा था क्योंकि वह जानती थी कि उसकी ओर अपने हाथ बढ़ाए हुए, उसकी माँ उसके साथ-साथ चल रही थी, और माँ की दृष्टि उसपर लगातार बनी हुई थी। यह प्रभु परमेश्वर की हमारे प्रति देखभाल और सदा हमारी सहायता करने के लिए तत्पर रहने का एक उपयुक्त उदाहरण है, जब हमें जीवन की विभिन्न परिस्थितियों और कठिनाइयों से होकर निकलना पड़ता है।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में से आज के पाठ में परमेश्वर द्वारा हाथ बढ़ाकर सहायता करने के दो हवाले हैं। अपने प्राचीन लोगों को भयभीत या हतोत्साहित न होने के लिए सचेत करने के पश्चात, यहोवा ने उन्हें आश्वासन दिया,मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा” (यशायाह 41:10)। यह सामान्य बात है कि माता-पिता या अभिभावकों की आश्वस्त करने वाली उपस्थिति के द्वारा अनेकों चिंतित और भयभीत बच्चे शांत और स्थिर किए जाते हैं। इसी प्रकार से यहाँ पर भी पिता के समान परमेश्वर की शान्ति और ढाढ़स देने वाली उपस्थिति और सामर्थ्य हमारे सामने आती है। ‘हाथ के दूसरे हवाले में, एक बार फिर यहोवा ने अपने लोगों की सुरक्षा के लिए पहल की; “क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दाहिना हाथ पकड़कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा” (यशायाह 41:13)।

          जबकि जीवन की परिस्थितियाँ समय के साथ बदलती रहती हैं, परमेश्वर कभी भी नहीं बदलता है। हमें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हमारा प्रभु परमेश्वर हमारे साथ सदा बनी रहने वाली अपनी उपस्थिति और लगातार हम पर दृष्टि लगाए रहने के आश्वासन के द्वारा हमें ढाढ़स देता है; उसकी सहायता और सुरक्षा सदा हमारे साथ बनी रहती हैं; हम से परमेश्वर का वायदा है, “मत डर, मैं तेरी सहायता करूँगा” (पद , 13)। – आर्थर जैक्सन

 

जब परमेश्वर मेरा हाथ थामे हुए है; तो मैं सुरक्षित हूँ।


तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: यशायाह 41:8-13

यशायाह 41:8 हे मेरे दास इस्राएल, हे मेरे चुने हुए याकूब, हे मेरे प्रेमी इब्राहीम के वंश;

यशायाह 41:9 तू जिसे मैं ने पृथ्वी के दूर दूर देशों से लिया और पृथ्वी की छोर से बुला कर यह कहा, तू मेरा दास है, मैं ने तुझे चुना है और तजा नहीं;

यशायाह 41:10 मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा।

यशायाह 41:11 देख, जो तुझ से क्रोधित हैं, वे सब लज्जित होंगे; जो तुझ से झगड़ते हैं उनके मुंह काले होंगे और वे नाश हो कर मिट जाएंगे।

यशायाह 41:12 जो तुझ से लड़ते हैं उन्हें ढूंढने पर भी तू न पाएगा; जो तुझ से युद्ध करते हैं वे नाश हो कर मिट जाएंगे।

यशायाह 41:13 क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दाहिना हाथ पकड़कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • गिनती 4-6
  • मरकुस 4:1-20

सोमवार, 21 दिसंबर 2020

डर

 

          परमेश्वर के वचन बाइबल में जब भी कहीं कोई स्वर्गदूत प्रगट होता है, लगभग हर बार जो पहला वाक्य वह कहता है, होता है “डरो मत!” और इसमें कोई अचरज की बात नहीं है। जब भी कुछ अलौकिक पृथ्वी के लोगों के साथ संपर्क में आता है, पृथ्वी के लोग डर में मारे औंधे मुँह गिर पड़ते हैं। परन्तु लूका परमेश्वर के एक ऐसे स्वरूप में प्रगट होने के बारे में बताता है जिससे डर नहीं लगता है। प्रभु यीशु को जन्म के बाद चरनी में लेटाया गया, और इसमें डरने की क्या बात हो सकती है? एक नवजात शिशु से कोई क्यों डरेगा?

          पृथ्वी पर यीशु परमेश्वर और मनुष्य दोनों ही हैं। परमेश्वर होने के नाते वे आश्चर्यकर्म कर सकते हैं, पापों को क्षमा कर सकते हैं, मृत्यु पर जय पा सकते हैं, और भविष्य बता सकते हैं। परन्तु यहूदियों के लिए जिनके मन में परमेश्वर एक चमकीले बादल या आग के खम्भे के समान था, यीशु बहुत असमंजस का कारण हैं। उनके विचारों के सन्दर्भ में, बैतलहम का एक शिशु, एक बढ़ई का पुत्र, नासरत का एक व्यक्ति, कैसे परमेश्वर का उद्धारकर्ता मसीहा हो सकता था?

          परमेश्वर ने मनुष्य का स्वरूप क्यों लिया? बारह वर्षीय प्रभु यीशु के मंदिर में रब्बियों के साथ चर्चा करने का दृश्य हमने एक संकेत देता है। लूका बताता है, और जितने उस की सुन रहे थे, वे सब उस की समझ और उसके उत्तरों से चकित थे” (लूका 2:47)। यह पहली बार था कि सामान्य लोग, सीधे से परमेश्वर के प्रत्यक्ष स्वरूप के साथ बात तथा संपर्क कर सकते थे।

          प्रभु यीशु आज भी हम सभी से बात करता है, उसे कभी भी “डरो मत!” कहने की आवश्यकता नहीं होती है। जितने उसके पास नम्रता में विश्वास तथा समर्पण के साथ आते हैं, वह उन सभी से बात करता है। जब हम सच्चे और खरे मन से उसके पास आते हैं, तो हमें उससे बात करने से डरने की आवश्यकता नहीं है। - फिलिप यैन्सी

 

यीशु एक ही व्यक्तित्व में परमेश्वर और मनुष्य दोनों थे, 

जिससे परमेश्वर और मनुष्य दोनों फिर से 

एक साथ आनन्दित रह सकें। - जॉर्ज वाइटफील्ड


जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा। - यूहन्ना 6:37

बाइबल पाठ: लूका 2:42-52

लूका 2:42 जब वह बारह वर्ष का हुआ, तो वे पर्व की रीति के अनुसार यरूशलेम को गए।

लूका 2:43 और जब वे उन दिनों को पूरा कर के लौटने लगे, तो वह लड़का यीशु यरूशलेम में रह गया; और यह उसके माता-पिता नहीं जानते थे।

लूका 2:44 वे यह समझकर, कि वह और यात्रियों के साथ होगा, एक दिन का पड़ाव निकल गए: और उसे अपने कुटुम्बियों और जान-पहचानों में ढूंढ़ने लगे।

लूका 2:45 पर जब नहीं मिला, तो ढूंढ़ते-ढूंढ़ते यरूशलेम को फिर लौट गए।

लूका 2:46 और तीन दिन के बाद उन्होंने उसे मन्दिर में उपदेशकों के बीच में बैठे, उन की सुनते और उन से प्रश्न करते हुए पाया।

लूका 2:47 और जितने उस की सुन रहे थे, वे सब उस की समझ और उसके उत्तरों से चकित थे।

लूका 2:48 तब वे उसे देखकर चकित हुए और उस की माता ने उस से कहा; हे पुत्र, तू ने हम से क्यों ऐसा व्यवहार किया? देख, तेरा पिता और मैं कुढ़ते हुए तुझे ढूंढ़ते थे।

लूका 2:49 उसने उन से कहा; तुम मुझे क्यों ढूंढ़ते थे? क्या नहीं जानते थे, कि मुझे अपने पिता के भवन में होना अवश्य है?

लूका 2:50 परन्तु जो बात उसने उन से कही, उन्होंने उसे नहीं समझा।

लूका 2:51 तब वह उन के साथ गया, और नासरत में आया, और उन के वश में रहा; और उस की माता ने ये सब बातें अपने मन में रखीं।

लूका 2:52 और यीशु बुद्धि और डील-डौल में और परमेश्वर और मनुष्यों के अनुग्रह में बढ़ता गया।

 

एक साल में बाइबल: मीका 4-5; प्रकाशितवाक्य 12