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रविवार, 2 अगस्त 2020

परिवर्तन


            मुझे तेज़ तूफ़ान हमेशा पसंद रहे हैं। बचपन में जब कोई तूफ़ान बहुत तेज़ होता था, बिजली ज़ोर से कड़क रही होती थी, और तेज़ मूसलाधार बारिश हो रही होती थी, तो मैं और मेरे भाई-बहन घर से बाहर निकालकर तेज़ी से दौड़ते हुए घर का चक्कर लगाते थे, और ऐसा करते हुए फिसलते, गिरते रहते थे। वापस अन्दर जाने के समय तक हम अंदर तक बिलकुल अच्छे से भीग चुके होते थे। यह एक रोमांचकारी अनुभव होता था – चाहे कुछ ही मिनटों के लिए हो।


            परमेश्वर के वचन बाइबल में भी भजन 107 में ऐसा ही एक चित्रण सामने आता है। पवित्र शास्त्र परमेश्वर द्वारा हमारी पुनःस्थापना की तुलना, उसके द्वारा निर्जल मरुभूमि को ‘जल से भरे ताल’ (पद 35) में परिवर्तित कर देने से करता है। क्योंकि ऐसी वर्षा जो मरुभूमि को जल के ताल में बदल दे हल्की बारिश नहीं होगी – वरन तेज़ तूफ़ान होगा जो सूखी हुई भूमि की प्रत्येक दरार को पानी से भर देता है, एक नए जीवन को ले आता है।


            क्या हम भी कुछ ऐसे ही पुनःस्थापित होने की लालसा नहीं रखते हैं? जब हमारी कहानियाँ निरुद्देश्य इधर-उधर भटकने को दिखाती हैं, क्योंकि हम उस चंगाई के लिए ‘भूखे और प्यासे हैं, लालायित हैं जो लगता है कि कभी नहीं आएगी (पद 4-5), तब हमें थोड़ी से आशा से कुछ बढ़कर चाहिए होता है। और जब पाप की गहरी जड़ें हमें घोर अंधकार के बंधनों में जकड़ती हैं (पद 10-11), तो हमारे मनों को थोड़े से परिवर्तन से कुछ अधिक चाहिए होता है।


            यही वह परिवर्तन है जो हमारा परमेश्वर हमारे जीवनों में ला सकता है (पद 20)। अपने डर और शर्म को परमेश्वर के सामने लाने में, जो हमारे सभी बंधनों को तोड़ देने और हमारे अंधियारे जीवनों को अपने प्रेम की ज्योति से भर देने (पद 13, 14) और हम में वह वांछित परिवर्तन लाने के लिए योग्य और सक्षम है, हमें कोई संकोच या विलम्ब नहीं करना चाहिए। - मोनिका ब्रैंड्स

 

परमेश्वर की सामर्थ्य पूर्ण परिवर्तन लाती है।



सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17


बाइबल पाठ: भजन 107:1-16, 35-36

भजन 107:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करुणा सदा की है!

भजन 107:2 यहोवा के छुड़ाए हुए ऐसा ही कहें, जिन्हें उसने द्रोही के हाथ से दाम दे कर छुड़ा लिया है,

भजन 107:3 और उन्हें देश देश से पूरब-पश्चिम, उत्तर और दक्खिन से इकट्ठा किया है।

भजन 107:4 वे जंगल में मरुभूमि के मार्ग पर भटकते फिरे, और कोई बसा हुआ नगर न पाया;

भजन 107:5 भूख और प्यास के मारे, वे विकल हो गए।

भजन 107:6 तब उन्होंने संकट में यहोवा की दुहाई दी, और उसने उन को सकेती से छुड़ाया;

भजन 107:7 और उन को ठीक मार्ग पर चलाया, ताकि वे बसने के लिये किसी नगर को जा पहुंचे।

भजन 107:8 लोग यहोवा की करुणा के कारण, और उन आश्चर्यकर्मों के कारण, जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें!

भजन 107:9 क्योंकि वह अभिलाषी जीव को सन्तुष्ट करता है, और भूखे को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है।

भजन 107:10 जो अन्धियारे और मृत्यु की छाया में बैठे, और दु:ख में पड़े और बेड़ियों से जकड़े हुए थे,

भजन 107:11 इसलिये कि वे ईश्वर के वचनों के विरुद्ध चले, और परम-प्रधान की सम्मति को तुच्छ जाना।

भजन 107:12 तब उसने उन को कष्ट के द्वारा दबाया; वे ठोकर खाकर गिर पड़े, और उन को कोई सहायक न मिला।

भजन 107:13 तब उन्होंने संकट में यहोवा की दुहाई दी, और उस ने सकेती से उनका उद्धार किया;

भजन 107:14 उसने उन को अन्धियारे और मृत्यु की छाया में से निकाल लिया; और उन के बन्धनों को तोड़ डाला।

भजन 107:15 लोग यहोवा की करुणा के कारण, और उन आश्चर्यकर्मों के कारण जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें!

भजन 107:16 क्योंकि उसने पीतल के फाटकों को तोड़ा, और लोहे के बेण्डों को टुकड़े टुकड़े किया।

भजन 107:35 वह जंगल को जल का ताल, और निर्जल देश को जल के सोते कर देता है।

भजन 107:36 और वहां वह भूखों को बसाता है, कि वे बसने के लिये नगर तैयार करें;

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 60-62
  • रोमियों 5


शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

चिंतित



     मुझे जहाँ तक भी याद आता है, मेरा हमेशा से ही माँ बनने का सपना रहा है। मैं विवाह करने, गर्भवती होने, और अपने बच्चे को पहली बार अपने हाथों में उठाने के बारे में सोचा करती थी। जब मेरा विवाह हुआ तो मैंने और मेरे पति ने कभी बच्चों के होने को टालने के बारे में नहीं सोचा। परन्तु मैं कभी गर्भवती नहीं हो सकी, और हमें यह एहसास हो गया की हम बाँझपन के साथ संघर्ष कर रहे हैं। महीनों तक डॉक्टरों के पास जांच और इलाज के लिए जाना, कई प्रकार के परीक्षण करवाना, आँसू बहाना, यही सिलसिला चलता रहा; हम चिंताओं के तूफ़ान से जूझते रहे। बाँझ होना स्वीकार करना बहुत कडुवा घूँट था, और मेरे मन में परमेश्वर की भलाई और विश्वासयोग्यता को लेकर प्रश्न उठने लगे।

     अब जब मैं अपनी जीवन यात्रा के उस भाग को मुड़ कर देखती हूँ और उसके बारे में विचार करती हूँ, तो मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना 6 अध्याय में दिए गए प्रभु यीशु के शिष्यों के तूफ़ान में फंसे होने की घटना स्मरण हो आती है। जब वे शिष्य नाव से होकर, झील पार कर रहे थे, और अचानक उठे तूफ़ान ने उन्हें आ घेरा, तो उनकी यात्रा लहरों और तूफानी हवाओं के साथ होने वाला संघर्ष बन गई। ऐसे में प्रभु यीशु उन तूफानी लहरों पर चलते हुए उनके पास आए, और अपनी उपस्थिति से उन्हें शांत किया, उन्हें आश्वस्त किया, “परन्तु उसने उन से कहा, कि मैं हूं; डरो मत” (पद 20)।

     उन शिष्यों के समान, मुझे और मेरे पति को भी हमारे जीवन में आने वाले इस तूफ़ान का कोई अंदेशा नहीं था, और न ही उन बातों का जो इस तूफ़ान के साथ हमारे जीवनों में आएंगी। परन्तु हमें भी शांति और आश्वासन मिला जब हम ने उन परिस्थितियों में भी परमेश्वर को और अधिक गहराई से जाना, और समझा कि वह सदा ही विश्वासयोग्य और सच्चा बना रहता है। हमने जिस बच्चे का सपना देखा था, यद्यपि वह तो हमें नहीं मिला, परन्तु हमने सीखा कि अपने सभी संघर्षों में हम उसकी शान्ति देने वाली उपस्थिति को अनुभव कर सकते हैं। और क्योंकि वह हमारे जीवनों में सदैव उपस्थित तथा कार्यरत है, इसलिए हमें चिंतित रहने की आवश्यकता नहीं है। - कैरेन वुल्फ

हम जीवन के तूफानों में ही परमेश्वर की शांतिदायक उपस्थिति का अनुभव करते हैं।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह 41:10

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:16-21
यूहन्ना 6:16 फिर जब संध्या हुई, तो उसके चेले झील के किनारे गए।
यूहन्ना 6:17 और नाव पर चढ़कर झील के पार कफरनहूम को जाने लगे: उस समय अन्‍धेरा हो गया था, और यीशु अभी तक उन के पास नहीं आया था।
यूहन्ना 6:18 और आन्‍धी के कारण झील में लहरे उठने लगीं।
यूहन्ना 6:19 सो जब वे खेते खेते तीन चार मील के लगभग निकल गए, तो उन्होंने यीशु को झील पर चलते, और नाव के निकट आते देखा, और डर गए।
यूहन्ना 6:20 परन्तु उसने उन से कहा, कि मैं हूं; डरो मत।
यूहन्ना 6:21 सो वे उसे नाव पर चढ़ा लेने के लिये तैयार हुए और तुरन्त वह नाव उस स्थान पर जा पहुंची जहां वह जाते थे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 1-2
  • लूका 14:1-24



मंगलवार, 14 अप्रैल 2020

तूफान



     अन्धकार में तेज़ आंधी का शोर, कौंधती हुई बिजली, नाव से टकराती हुई लहरें, मुझे लग रहा था की मैं मर ही जाऊँगा। मैं अपने दादा-दादी के साथ झील में मछली पकड़ने गया था, किन्तु हमने लौटने में कुछ विलम्ब कर दिया, और सूर्यास्त के साथ ही आए एक तेज़ तूफ़ान ने हमारी छोटी नौका को झकझोर दिया। मेरे दादा ने मुझे कहा कि मैं नाव में संतुलन बनाए रखने के लिए आगे जाकर बैठूँ, जिससे नाव पलट न जाए। हालात देखकर मेरा दिल दहशत से डूबा जा रहा था; परन्तु न जाने कैसे, मैंने प्रार्थना करनी आरंभ कर दी; उस समय मैं चौदह वर्ष का था।

     मैंने परमेश्वर से उसकी सुरक्षा और आश्वासन माँगा। तूफ़ान तो हलका नहीं पड़ा, किन्तु हम सकुशल किनारे पर पहुँच गए। आज दिन तक मुझे अपने जीवन के ऐसे किसी अन्य दिन का पता नहीं है जिसमें मैंने परमेश्वर की अपने साथ बनी हुई उपस्थिति को इतनी निकटता से अनुभव किया हो।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह भी तूफानों से अनजान नहीं थे। हम मरकुस 4:35-41 में देखते हैं कि प्रभु ने अपने शिष्यों से कहा कि वे झील के उस पार जाएँ; और जब शिष्य नाव खे कर जा रहे थे तो एक तेज़ तूफ़ान ने उन्हें घेर लिया। वे शिष्य अनुभवी मछुआरे थे परन्तु तूफ़ान की तीव्रता के आगे उनकी कुछ नहीं चल रही थी; उन्हें भी लग रहा था की वे मरने वाले हैं। परन्तु प्रभु यीशु ने तूफ़ान को शांत कर दिया और उनके विश्वास की गहराई को बढ़ाया।

     इसी प्रकार से आज प्रभु यीशु हमें भी हमारे जीवनों के तूफानों में उस पर भरोसा बनाए रखने के लिए कहता है। हमारी विकट और विपरीत परिस्थितियों में कभी तो वह आश्चर्यजनक रीति से हमारे उठते तूफानों को शांत कर देता है; और कभी और भी अधिक आश्चर्यजनक रीति से हमारे मनों को शांत करके, उस तूफ़ान के होते हुए भी उसमें अपना भरोसा बनाए रखने में और अधिक दृढ़ कर देता है। वह चाहता है कि हम आश्वस्त रहें कि हमारे जीवन की हर परिस्थिति और परेशानी में वह हमारे साथ है, और उसमें सामर्थ्य है की जब भी वह कहे, “शांत हो; थम जाओ”, यह हो जाएगा। - एडम होल्ज़

परमेश्वर के हमारे निकट होने से अधिक निकट कोई खतरा हम पर नहीं आ सकता है।

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: मरकुस 4:35-41
मरकुस 4:35 उसी दिन जब सांझ हुई, तो उसने उन से कहा; आओ, हम पार चलें,
मरकुस 4:36 और वे भीड़ को छोड़कर जैसा वह था, वैसा ही उसे नाव पर साथ ले चले; और उसके साथ, और भी नावें थीं।
मरकुस 4:37 तब बड़ी आन्‍धी आई, और लहरें नाव पर यहां तक लगीं, कि वह अब पानी से भरी जाती थी।
मरकुस 4:38 और वह आप पिछले भाग में गद्दी पर सो रहा था; तब उन्होंने उसे जगाकर उस से कहा; हे गुरू, क्या तुझे चिन्‍ता नहीं, कि हम नाश हुए जाते हैं?
मरकुस 4:39 तब उसने उठ कर आन्‍धी को डांटा, और पानी से कहा; “शान्‍त रह, थम जा”: और आन्‍धी थम गई और बड़ा चैन हो गया।
मरकुस 4:40 और उन से कहा; तुम क्यों डरते हो? क्या तुम्हें अब तक विश्वास नहीं?
मरकुस 4:41 और वे बहुत ही डर गए और आपस में बोले; यह कौन है, कि आन्‍धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 25-26
  • लूका 12:32-59



गुरुवार, 24 मई 2018

चालक


   वायु-यान की एक आरामदेह उड़ान में शीघ्र ही गड़बड़ी होने वाली थी। उड़ान के  दौरान दी जाने वाली खाना-पान सेवा को रोकते हुए वायु-यान के कप्तान ने घोषणा की कि सभी यात्री अपने स्थानों को ग्रहण कर लें और अपने सीट-बेल्ट बाँध लें। शीघ्र ही वायु-यान समुद्र एक जहाज़ के समान हिचकोले लेने लगा। सभी यात्री इन हिचकोलों में अपने आप को स्थिर बनाए रखने के प्रयास कर रहे थे, अपनी घबराहट को दबाने के प्रयास कर रहे थे। ऐसे में एक बालिका शान्ति से अपनी सीट पर बैठी, अपनी पुस्तक पढ़ रही थी, मनो कुछ हो ही नहीं रहा था। वायु-यान के सुरक्षित ज़मीन पर उतरने के पश्चात उस बालिका से पूछा गया कि वह इतनी शान्त कैसे बनी रही? उसने उत्तर दिया, “वायु-यान के चालक मेरे पिताजी हैं, और वे मुझे घर लेकर जा रहे हैं; तो फिर मुझे किस बात का डर होगा?”

   परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में, मरकुस रचित सुसमाचार में हम प्रभु यीशु मसीह और उनके शिष्यों के साथ हुई घटना के विषय में पढ़ते हैं, जब एक तूफ़ान ने उन अनुभवी मछुआरों की नाव को डुबोने का प्रयास किया। यद्यपि वे शिष्य प्रभु यीशु के निर्देशानुसार नाव में जा रहे थे, तो फिर उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा था? (मरकुस 4:35-38)। प्रभु यीशु उनके साथ था, परन्तु नाव के पिछले भाग में सो रहा था। उस दिन उस घटना से उन शिष्यों ने सीखा कि यदि वे प्रभु की आज्ञानुसार भी करेंगे, तो भी जीवन में तूफानों का सामना करना पड़ेगा। परन्तु क्योंकि प्रभु उनके साथ था, इसलिए कोई भी तूफ़ान उन्हें उनके प्रभु द्वारा निर्धारित गंतव्य तक पहुँचने से रोक नहीं पाएगा (5:1)।

   आज आपके जीवन में कोई भी तूफ़ान हो, वह चाहे किसी त्रासदी या दुर्घटना के कारण हो, चाहे नौकरी के चले जाने के कारण हो, या अन्य कोई भी परिक्षा अथवा परिस्थिति हो, हम मसीही विश्वासी सदा आश्वस्त रह सकते हैं कि किसी तूफ़ान से हमारी कोई हानि नहीं होगी। हमारे जीवनों का चालक, किसी भी तूफ़ान का सामना कर सकता है, हमारी जीवन-नैया को सुरक्षित पार लगा सकता है, हमें हमारे अनन्तकाल के निवास-स्थान पहुँचा सकता है। - सी. पी. हिया


जब प्रभु यीशु मसीह हमारे साथ है 
तो हमें किसी तूफ़ान से डराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: मरकुस 4:35-5:1
Mark 4:35 उसी दिन जब सांझ हुई, तो उसने उन से कहा; आओ, हम पार चलें,
Mark 4:36 और वे भीड़ को छोड़कर जैसा वह था, वैसा ही उसे नाव पर साथ ले चले; और उसके साथ, और भी नावें थीं।
Mark 4:37 तब बड़ी आन्‍धी आई, और लहरें नाव पर यहां तक लगीं, कि वह अब पानी से भरी जाती थी।
Mark 4:38 और वह आप पिछले भाग में गद्दी पर सो रहा था; तब उन्होंने उसे जगाकर उस से कहा; हे गुरू, क्या तुझे चिन्‍ता नहीं, कि हम नाश हुए जाते हैं?
Mark 4:39 तब उसने उठ कर आन्‍धी को डांटा, और पानी से कहा; “शान्‍त रह, थम जा”: और आन्‍धी थम गई और बड़ा चैन हो गया।
Mark 4:40 और उन से कहा; तुम क्यों डरते हो? क्या तुम्हें अब तक विश्वास नहीं?
Mark 4:41 और वे बहुत ही डर गए और आपस में बोले; यह कौन है, कि आन्‍धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?
Mark 5:1 और वे झील के पार गिरासेनियों के देश में पहुंचे।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 22-24
  • यूहन्ना 8:28-59


बुधवार, 28 मार्च 2018

बुद्धिमत्ता



   मैं ओकलाहोमा में बड़ा हुआ, जहाँ बसंत से लेकर ग्रीष्मकाल के अन्त तक मौसम अकसर ख़राब रहता है। मुझे याद है एक संध्या, आकाश में काले बादल घिर आए थे और टी.वी. पर मौसम की सूचना देने वाले ने बताया कि एक चक्रवादी तूफ़ान आने वाला है, और बिजली चली गई। तुरंत ही मेरे माता-पिता, मेरी बहन और मैं घर के पीछे बने तूफान से बचने के कक्ष में जाकर छिप गए, जब तक वह तूफान गुज़र नहीं गया।

   आज ऐसे चक्रवादी तूफानों का पीछा करना कई लोगों के लिए शौक की बात हो गया है, और औरों के लिए लाभकारी व्यवसाय। उनका उद्देश्य रहता है कि बिना हानि उठाए चक्रवादी तूफ़ान के अधिक से अधिक निकट पहुँचा जाए। इन तूफानों का पीछा करने वालों में से कई तो कुशलता से तूफ़ान का पूर्वानुमान लगाने वाले होते हैं और उनके पास तूफ़ान के विषय सही और अच्छी जानकारी भी होती है, परन्तु मैं तो किसी तूफ़ान की पीछे जाने का ख़तरा उठाने वाला नहीं हूँ।

   किन्तु मेरे जीवन के नैतिक और आत्मिक क्षेत्रों में मैं कभी-कभी खतरनाक बातों के पीछे, जिनके विषय परमेश्वर अपने प्रेम में होकर मुझे जाने से मना करता है, यह सोचते हुए कि मुझे कोई हानि नहीं होगी, जाने का मूर्ख्तापूर्ण निर्णय लेने के लिए आकर्षित हो सकता हूँ। परन्तु बुद्धिमत्ता की बात होगी, ऐसे में परमेश्वर के वचन बाइबल में से नीतिवचन की पुस्तक को पढ़ना, क्योंकि इस पुस्तक में, जीवन की हानिकारक परिस्थितियों और शैतान के फन्दों से बच कर रहने की अनेकों सकारात्मक विधियाँ एवँ शिक्षाएँ दी हुई हैं।

   इस पुस्तक के अधिकांश वचनों के लेखक सुलेमान ने लिखा, “तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा” (नीतिवचन 3:5-6)।

   हमारा प्रभु जीवन जीने के रोमांच का स्वामी है। उसकी बुद्धिमत्ता का पीछा करना हमें जीवन की भरपूरी की ओर ले जाता है। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रत्येक प्रलोभन और परिक्षा परमेश्वर पर भरोसा रखने का एक अवसर होता है।

तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है; उस से भोले लोग समझ प्राप्त करते हैं। - भजन  119:130

बाइबल पाठ: नीतिवचन 3:1-18
Proverbs 3:1 हे मेरे पुत्र, मेरी शिक्षा को न भूलना; अपने हृदय में मेरी आज्ञाओं को रखे रहना;
Proverbs 3:2 क्योंकि ऐसा करने से तेरी आयु बढ़ेगी, और तू अधिक कुशल से रहेगा।
Proverbs 3:3 कृपा और सच्चाई तुझ से अलग न होने पाएं; वरन उन को अपने गले का हार बनाना, और अपनी हृदय रूपी पटिया पर लिखना।
Proverbs 3:4 और तू परमेश्वर और मनुष्य दोनों का अनुग्रह पाएगा, तू अति बुद्धिमान होगा।
Proverbs 3:5 तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना।
Proverbs 3:6 उसी को स्मरण कर के सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
Proverbs 3:7 अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न होना; यहोवा का भय मानना, और बुराई से अलग रहना।
Proverbs 3:8 ऐसा करने से तेरा शरीर भला चंगा, और तेरी हड्डियां पुष्ट रहेंगी।
Proverbs 3:9 अपनी संपत्ति के द्वारा और अपनी भूमि की पहिली उपज दे देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना;
Proverbs 3:10 इस प्रकार तेरे खत्ते भरे और पूरे रहेंगे, और तेरे रसकुण्डों से नया दाखमधु उमण्डता रहेगा।
Proverbs 3:11 हे मेरे पुत्र, यहोवा की शिक्षा से मुंह न मोड़ना, और जब वह तुझे डांटे, तब तू बुरा न मानना,
Proverbs 3:12 क्योंकि यहोवा जिस से प्रेम रखता है उसको डांटता है, जैसे कि बाप उस बेटे को जिसे वह अधिक चाहता है।
Proverbs 3:13 क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो बुद्धि पाए, और वह मनुष्य जो समझ प्राप्त करे,
Proverbs 3:14 क्योंकि बुद्धि की प्राप्ति चान्दी की प्राप्ति से बड़ी, और उसका लाभ चोखे सोने के लाभ से भी उत्तम है।
Proverbs 3:15 वह मूंगे से अधिक अनमोल है, और जितनी वस्तुओं की तू लालसा करता है, उन में से कोई भी उसके तुल्य न ठहरेगी।
Proverbs 3:16 उसके दाहिने हाथ में दीर्घायु, और उसके बाएं हाथ में धन और महिमा है।
Proverbs 3:17 उसके मार्ग मनभाऊ हैं, और उसके सब मार्ग कुशल के हैं।
Proverbs 3:18 जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 4-6
  • लूका 4:31-44