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बुधवार, 17 नवंबर 2010

दो दमड़ियां

प्रभु यीशु यरुशलेम के मन्दिर में भण्डार के पास बैठा आते जाते लोगों को मन्दिर के लिये भण्डार में अपना दान डालते हुए देख रहा था (मरकुस १२)। कुछ अपने इस कार्य को प्रदर्शन के साथ कर रहे थे जिससे लोग देख सकें कि उन्होंने कितना दान किया है। इतने में एक बहुत गरीब विधवा स्त्री वहां आई और उसने दो दमड़ियां भण्डार में डाल दीं।

दमड़ी उस समय के प्रचलित सिक्कों में सबसे कम कीमत का सिक्का थी। अर्थात उस विधवा की वह भेंट बहुत ही छोटी थी और लोगों की नज़रों में उसकी कोई कीमत नहीं थी। लेकिन वहां बैठे हमारे प्रभु ने वो देखा जो किसी और ने नहीं देखा - उस निर्धन विधवा ने अपना सब कुछ दे दिया था (मरकुस १२:४)। वह निर्धन विधवा अपनी ओर किसी का ध्यान आकर्षित करने की चेष्टा नहीं कर रही थी, वह केवल वही कर रही थी जितना वह कर सकती थी, और प्रभु से यह बात छिपी नहीं।

प्रभु यीशु ने कहा "सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे। इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके। परन्‍तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए। ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे, और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।" (मत्ती ६:१-४)

हमें कभी नहीं भूलना चाहिये कि हमारा प्रभु हमारी हर बात पर नज़र रखता है, उससे कुछ भी छुपा नहीं रहता, वह हर बात का हिसाब रखता है चाहे हमारी नज़रों में वह कितनी भी महत्त्वहीन क्यों न हो। चाहे यह किसी कठिन परिस्थिति में मुसकुराते रहना हो, या किसी अनजान व्यक्ति के लिये दिखाया गया प्रेम का व्यवहार या उसकी कोई सहायता हो, या अपने किसी पड़ौसी के लिये की गई एक छोटी सी प्रार्थना ही क्यों न हो - वह सब देखता है, और एक दिन सबको सब बातों का प्रतिफल भी देगा। - डेविड रोपर


परमेश्वर देने वाले को देखता है दान को नहीं; देने वाले मन को देखता है, हाथ को नहीं।

...इस ने अपनी घटी में से जो कुछ उसका था, अर्थात अपनी सारी जीविका डाल दी है। - मरकुस १२:४४

बाइबल पाठ: मरकुस १२:४१-४४

और वह मन्‍दिर के भण्‍डार के साम्हने बैठकर देख रहा था, कि लोग मन्‍दिर के भण्‍डार में किस प्रकार पैसे डालते हैं, और बहुत धनवानों ने बहुत कुछ डाला।
इतने में एक कंगाल विधवा ने आकर दो दमडिय़ां, जो एक अधेले के बराबर होती है, डालीं।
तब उस ने अपके चेलों को पास बुला कर उन से कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि मन्‍दिर के भण्‍डार में डालने वालों में से इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़कर डाला है।
क्‍योंकि सब ने अपने धन की बढ़ती में से डाला है, परन्‍तु इस ने अपनी घटी में से जो कुछ उसका था, अर्थात अपनी सारी जीविका डाल दी है।

एक साल में बाइबल:
  • यहेजेकेल ५-७
  • इब्रानियों १२

सोमवार, 4 अक्टूबर 2010

प्रभु की सेवा में

जब डेव और जॉय म्युलर को परमेश्वर की बुलाहट सुडान देश में मिशनरी बनकर जाने के लिये हुई, तो उन्हें अपने भविष्य का कुछ पता नहीं था। वे बस इतना जानते थे कि गृहयुद्ध से बरबाद हुए उस देश में वे एक अस्पताल बनाने में सहायता करने के लिये जा रहे हैं। उन्हें क्या पता था कि उनका भविष्य बकरियों में है!

सुडान में जब जॉय वहां कि स्त्रियों के बीच में काम करने लगी तो उसने पाया कि बहुत सी स्त्रियां वहां के विनाशकारी गृहयुद्ध के कारण विधवाएं थीं और उनके पास आमदनी का कोई स्त्रोत नहीं था। तब जॉय को एक उपाय सूझा - यदि वह एक गर्भवति बकरी एक विधवा स्त्री को दे तो उसे अपने पोष्ण के लिये दूध भी मिलेगा और आमदनी का स्त्रोत भी। इस कार्यक्रम को जारी रखने के लिये यह ज़रूरी था कि जिसे बकरी मिले, वह उस बकरी का बच्चा जॉय को लौट देगी, उस बकरी से मिलने वाला बाकी सब कुछ उस स्त्री का ही रहेगा। वह बच्चा कुछ समय बाद ऐसे ही किसी दूसरे ज़रूरतमंद परिवार को इसी शर्त के साथ दे दिया जाता। प्रभु यीशु के नाम में प्रेम से दी गई यह भेंट बहुतेरी सुडानी विधवाओं के जीवन को बदलने, और जॉय के लिये उद्धार के सुसमाचार को उनके पास लाने का माध्यम बनीं।

आज आपके पास ऐसे देने के लिये क्या है? अपने किसी पड़ौसी, मित्र या किसी अजनबी को भी आप प्रभु के नाम से क्या दे सकते हैं - अपनी कार में सवारी, उसके लिये कोई काम, उसकी सहायता के लिये अपनी कोई वस्तु?

मसीही विश्वासी होने के नाते दूसरों की आवश्यक्ताओं की चिंता करना हमारी ज़िम्मेदारी है - "पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्‍योंकर बना रह सकता है?" (१ यूहन्ना ३:१७)। प्रेम में होकर किये गए हमारे कार्य दिखाते हैं कि प्रभु यीशु हमारे हृदयों मे निवास करता है, और दुसरों की आवश्यक्ताओं में उनकी सहायता करना हमें उनके साथ सुसमाचार बांटने का अवसर प्रदान करता है। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर हमें हमारी आवश्यक्ता की हर चीज़ देता है जिससे हम भी दुसरों की आवश्यक्ताओं में उनकी सहायता करें।

पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्‍योंकर बना रह सकता है? - १ यूहन्ना ३:१७


बाइबल पाठ: १ यूहन्ना ३:१६-२०

हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे लिये अपने प्राण दे दिए, और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए।
पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्‍योंकर बना रह सकता है?
हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।
इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं, और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उस विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे।
क्‍योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है, और सब कुछ जानता है।

एक साल में बाइबल:
  • यशायाह २०-२२
  • इफिसियों ६