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बुधवार, 10 अक्टूबर 2018

विपरीत



      जंगल के इलाकों में भ्रमण के लिए जाना जोखिम भरा हो सकता है; परन्तु जिन्हें ऐसे क्षेत्रों में घूमने का शौक है, यह जोखिम ही उनके भ्रमण से जुड़े रोमाँच का कारण है। क्योंकि ऐसे भ्रमणकारियों को जितना वे अपने साथ ले जा सकते हैं, उससे कहीं अधिक पेय-जल की आवश्यकता होती है, इसलिए वे पानी के लिए ऐसी बोतलों को साथ लेकर चलते हैं जिनमें पानी को छान कर पीने योग्य स्वच्छ करने वाले फ़िल्टर लगे होते हैं। परन्तु ऐसी बोतलों से पानी पीने की प्रक्रिया स्वाभाविक से विपरीत होती है। बोतल को टेढ़ा करने से कुछ नहीं होता है। प्यासे भ्रमणकारी को पानी को फिल्टर से होकर निकालने के लिए पहले बोतल में जोर से फूंक मारनी होती है। वास्तविकता, स्वाभाविक से उलट भी हो सकती है।

      प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी बनकर चलने में भी हम अनेकों बातों को सँसार की स्वाभाविक बातों के विपरीत देखते हैं। जैसे कि, जैसा पौलुस ने परमेश्वर के वचन बाइबल में कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में लिखा, नियमों का पालन करने से हम परमेश्वर की निकटता में नहीं बढ़ते हैं। पौलुस ने उनसे पूछा, “जब कि तुम मसीह के साथ संसार की आदि शिक्षा की ओर से मर गए हो, तो फिर उन के समान जो संसार में जीवन बिताते हैं मनुष्यों की आज्ञाओं और शिक्षानुसार और ऐसी विधियों के वश में क्यों रहते हो कि यह न छूना, उसे न चखना, और उसे हाथ न लगाना?” (कुलुस्सियों 2:20-21)।

      तो फिर हमें क्या करना चाहिए? पौलुस ने इस प्रश्न का भी उत्तर दिया, “सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है” (3:1)। अपने जीवित श्रोताओं से उसने कहा, “क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है” (3:3)।

      अर्थात, हमें अपने आप को सँसार और उसकी मान्यताओं के लिए “मरा हुआ” और प्रभु यीशु मसीह के लिए जीवित समझना चाहिए। हम मसीही विश्वासियों को अब एक ऐसी जीवन शैली की लालसा रखनी चाहिए जो हमारे प्रभु द्वारा कही गई बात, “परन्तु तुम में ऐसा न होगा; परन्तु जो कोई तुम में बड़ा होना चाहे, वह तुम्हारा सेवक बने” (मत्ती 20:26) के अनुरूप हो। - टिम गुस्ताफसन


परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्जित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्जित करे। - 1 कुरिन्थियों 1:27

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 2:20-3:4
Colossians 2:20 जब कि तुम मसीह के साथ संसार की आदि शिक्षा की ओर से मर गए हो, तो फिर उन के समान जो संसार में जीवन बिताते हैं मनुष्यों की आज्ञाओं और शिक्षानुसार
Colossians 2:21 और ऐसी विधियों के वश में क्यों रहते हो कि यह न छूना, उसे न चखना, और उसे हाथ न लगाना?
Colossians 2:22 (क्योंकि ये सब वस्तुएं काम में लाते लाते नाश हो जाएंगी)।
Colossians 2:23 इन विधियों में अपनी इच्छा के अनुसार गढ़ी हुई भक्ति की रीति, और दीनता, और शारीरिक योगाभ्यास के भाव से ज्ञान का नाम तो है, परन्तु शारीरिक लालसाओं को रोकने में इन से कुछ भी लाभ नहीं होता।
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है।
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ।
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है।
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 34-36
  • कुलुस्सियों 2



मंगलवार, 9 अक्टूबर 2018

एकता



      जब हम परमेश्वर के वचन बाइबल में में कई स्थानों पर दी गई नामों की सूची को देखते हैं तो हमारी स्वाभाविक प्रतिक्रिया उन पदों को छोडकर आग बढ़ जाने की हो सकती है। परन्तु उन सूचियों में भी हम आत्मिक खजाने पा सकते हैं; जैसे कि प्रभु यीशु मसीह के उन बारह शिष्यों के नामों की सूची में जिन्हें प्रभु ने अपनी सेवाकाई के लिए बुलाया। इस सूची में कुछ तो बहुत जाने-पहचाने नाम हैं, जैसे कि शमौन जिसे प्रभु यीशु ने पतरस अर्थात चट्टान कहा। मछुआरे बंधू याकूब और यूहन्ना। यहूदा इस्करियोती, जिसने प्रभु को पकड़वा दिया था। परन्तु हम बड़ी सरलता से इस बात को नज़रंदाज़ कर सकते हैं कि इसी सूची के महसूल लेने वाला मत्ती, और शमौन जेलोतेस कभी शत्रु रहे होंगे।

      प्रभु का शिष्य बनने से पहले, मत्ती रोमी सत्ता के लिए महसूल जमा करता था, और इसलिए अपने अन्य यहूदी साथियों की दृष्टि में शत्रुओं का सहयोगी था। यहूदी समाज महसूल लेने वालों को उनके भ्रष्ट व्यवहार, तथा यहूदियों से परमेश्वर के अतिरिक्त किसी अन्य और सांसारिक अधिकार को धन देने के लिए बाध्य करने के लिए, तिरिस्कार की दृष्टिकोण से देखता था। दूसरी ओर, शमौन जेलोतेस था जो रोमी राज्य से घृणा करता था, और हिंसा तथा आक्रामक विधियों द्वारा रोम की सत्ता को उतार फेंकने के प्रयासों में लगे यहूदी राष्ट्रवादियों के गुट के साथ सम्मिलित था।

      यद्यपि मत्ती और शमौन जेलोतेस विपरीत राजनैतिक विचार रखते थे, सुसमाचारों में कहीं उनके परस्पर मतभेदों या कलह का कोई उल्लेख नहीं है। प्रभु यीशु के शिष्य बनने के बाद अपने पुराने आचरण को छोड़ने और व्यवहार को बदलने में उन्हें कुछ सफलता तो अवश्य ही मिली होगी।

      हम भी जब अपनी दृष्टि मानव देहधारी परमेश्वर – प्रभु यीशु, पर लगाए रखते हैं, तो पवित्र-आत्मा की सहायता से हम अपने अन्य मसीही सहविश्वासियों के साथ एकता के बंधनों में बने रहने पाते हैं। - एमी बाउचर पाई


हमारी सबसे प्रगाढ़ निष्ठा प्रभु यीशु की ओर है, 
जो हमें औरों के साथ एकता में जोड़ देता है।

वैसा ही हम जो बहुत हैं, मसीह में एक देह हो कर आपस में एक दूसरे के अंग हैं। - रोमियों 12:5

बाइबल पाठ: लूका 6:12-16
Luke 6:12 और उन दिनों में वह पहाड़ पर प्रार्थना करने को निकला, और परमेश्वर से प्रार्थना करने में सारी रात बिताई।
Luke 6:13 जब दिन हुआ, तो उसने अपने चेलों को बुलाकर उन में से बारह चुन लिये, और उन को प्रेरित कहा।
Luke 6:14 और वे ये हैं शमौन जिस का नाम उसने पतरस भी रखा; और उसका भाई अन्द्रियास और याकूब और यूहन्ना और फिलेप्पुस और बरतुलमै।
Luke 6:15 और मत्ती और थोमा और हलफई का पुत्र याकूब और शमौन जो जेलोतेस कहलाता है।
Luke 6:16 और याकूब का बेटा यहूदा और यहूदा इस्करियोती, जो उसका पकड़वाने वाला बना।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 32-33
  • कुलुस्सियों 1



सोमवार, 8 अक्टूबर 2018

पीने योग्य



      क्योंकि सँसार के अनेकों भागों में पीने योग्य स्वच्छ पानी मिलना बहुत कठिन है, इसलिए एक संस्था  Water is Life ने एक अद्भुत संसाधन, “The Drinkable Book” (पीने योग्य पुस्तक) विकसित किया है। इस पुस्तक के कागज़ पर चांदी के अति-सूक्ष्म कणों की परत चढी हुई है, और ये कण लगभग 99.9% हानिकारक जीवाणुओं को साफ़ कर देते हैं! साथ ही प्रत्येक पन्ने को बारंबार प्रयोग करके लगभग 100 लीटर पानी साफ़ किया जा सकता है।

      परमेश्वर का वचन बाइबल भी एक “पीने योग्य” पुस्तक है। हम बाइबल में यूहन्ना 4 में एक विशेष प्रकार की प्यास और एक विशेष प्रकार के पानी के बारे में देखते हैं। कुएँ पर पानी भरने आई उस महिला को न केवल अपनी भौतिक प्यास बुझाने के लिए स्वच्छ साफ़ जल की आवश्यकता थी, वरन उसे “जीवित जल” के स्त्रोत को जानने की भी आवश्यकता थी। उसे परमेश्वर के उस अनुग्रह और क्षमा की आवश्यकता थी जो केवल प्रभु यीशु मसीह में होकर प्राप्त हो सकती है।

      परमेश्वर का वचन बाइबल ही वह एकमात्र “पीने योग्य” पुस्तक है जो “जीवित जल” के स्त्रोत प्रभु यीशु मसीह के पास आने और उससे अनुग्रह तथा पापों की क्षमा पाने का मार्ग बताती है। और जो प्रभु यीशु से उस “जीवित जल” को ग्रहण करते हैं, उसके लिए प्रभु ने कहा, “...वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा” (पद 14)। - सिंडी हैस कैस्पर


जीवित जल का एकमात्र स्त्रोत प्रभु यीशु मसीह ही हैं।

फिर पर्व के अंतिम दिन, जो मुख्य दिन है, यीशु खड़ा हुआ और पुकार कर कहा, यदि कोई प्यासा हो तो मेरे पास आकर पीए। जो मुझ पर विश्वास करेगा, जैसा पवित्र शास्त्र में आया है उसके हृदय में से जीवन के जल की नदियां बह निकलेंगी। - यूहन्ना 7:37-38

बाइबल पाठ: यूहन्ना  4:7-15
John 4:7 इतने में एक सामरी स्त्री जल भरने को आई: यीशु ने उस से कहा, मुझे पानी पिला।
John 4:8 क्योंकि उसके चेले तो नगर में भोजन मोल लेने को गए थे।
John 4:9 उस सामरी स्त्री ने उस से कहा, तू यहूदी हो कर मुझ सामरी स्त्री से पानी क्यों मांगता है? (क्योंकि यहूदी सामरियों के साथ किसी प्रकार का व्यवहार नहीं रखते)।
John 4:10 यीशु ने उत्तर दिया, यदि तू परमेश्वर के वरदान को जानती, और यह भी जानती कि वह कौन है जो तुझ से कहता है; मुझे पानी पिला तो तू उस से मांगती, और वह तुझे जीवन का जल देता।
John 4:11 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, तेरे पास जल भरने को तो कुछ है भी नहीं, और कूआं गहिरा है: तो फिर वह जीवन का जल तेरे पास कहां से आया?
John 4:12 क्या तू हमारे पिता याकूब से बड़ा है, जिसने हमें यह कूआं दिया; और आप ही अपने सन्तान, और अपने ढोरों समेत उस में से पीया?
John 4:13 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा।
John 4:14 परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा।
John 4:15 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, वह जल मुझे दे ताकि मैं प्यासी न होऊं और न जल भरने को इतनी दूर आऊं।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 30-31
  • फिलिप्पियों 4



रविवार, 7 अक्टूबर 2018

सन्देश



      लंडन के प्रसिद्ध प्रचारक, चार्ल्स स्पर्जन ने मसीही सेवकाई के लिए पुरुषों को प्रशिक्षित करने के लिए सन 1856 में पास्टर्स कॉलेज की स्थापना की। इस कॉलेज का नाम सन 1923 में बदलकर स्पर्जन्स कॉलेज कर दिया गया। आज इस कॉलेज के बिल्ले पर एक हाथ क्रूस को पकड़े हुए, और लैटिन भाषा में Et teneo, Et Teneor, जिसका अर्थ होता है, “मैं थामे हुए भी हूँ, मुझे थामा भी हुआ है”, लिखा दिखाया गया है।

      अपनी जीवनी में स्पर्जन ने लिखा, “यह हमारे कॉलेज का आदर्श वाक्य है। हम...मसीह के क्रूस को दृढ़ हाथों से थामे रहते हैं...क्योंकि क्रूस अपनी आकर्षण शक्ति के द्वारा हमें दृढ़ता से थामे रहता है। हमारी इच्छा है कि प्रत्येक व्यक्ति सत्य को थामे भी रहे और उसके द्वारा थामा भी जाए; विशेषकर मसीह के क्रूसित होने का सत्य।”

      परमेश्वर के वचन बाइबल में फिलिप्प्यों को लिखी अपनी पत्री में, पौलुस ने इस तथ्य को अपने जीवन का दृढ़ आधार बताया। पौलुस ने लिखा, “यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था” (फिलिप्पियों 3:12)। मसीह यीशु के अनुयायी होने के नाते, हम क्रूस के सन्देश को औरों तक पहुंचाते हैं, यह जानते हुए कि प्रभु यीशु ने हमें अपने अनुग्रह और सामर्थ्य में दृढ़तापूर्वक थामा हुआ है; “मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है: और मैं शरीर में अब जो जीवित हूं तो केवल उस विश्वास से जीवित हूं, जो परमेश्वर के पुत्र पर है, जिसने मुझ से प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आप को दे दिया” (गलतियों 2:20)।

      हमारा प्रभु परमेश्वर प्रतिदिन हमें अपने प्रेम से थामे रहता है, और हम उसके इस प्रेम के सन्देश को औरों तक पहुंचाते हैं। - डेविड मैक्कैस्लैंड


हम मसीह के क्रूस को थामे भी रहते हैं और उसके द्वारा थामे भी जाते हैं।

पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर। विश्वास की अच्छी कुश्‍ती लड़; और उस अनन्त जीवन को धर ले, जिस के लिये तू बुलाया, गया, और बहुत गवाहों के साम्हने अच्छा अंगीकार किया था। - 1 तिमुथियुस 6:11-12

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:7-12
Philippians 3:7 परन्तु जो जो बातें मेरे लाभ की थीं, उन्‍हीं को मैं ने मसीह के कारण हानि समझ लिया है।
Philippians 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं।
Philippians 3:9 और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।
Philippians 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं।
Philippians 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं।
Philippians 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 28-29
  • फिलिप्पियों 3



शनिवार, 6 अक्टूबर 2018

प्रार्थना और आराधना



      न्यू यॉर्क शहर में जोखिम में जीवन जी रहे किशारों तथा युवकों के मध्य कार्य करने वाली एक मसीही सेवकाई, टीन चैलेन्ज, का आरंभ प्रार्थना के प्रति एक असामान्य समर्पण के द्वारा हुआ। इस सेवकाई के संस्थापक, डेविड विलकिरसन ने अपना टेलिविज़न सेट बेचा और अपने टी.वी. देखने के प्रतिदिन के दो घंटों के समय का उपयोग प्रभु परमेश्वर से प्रार्थना करने, उसकी आराधना करने में बिताना आरंभ कर दिया। इसके बाद के महीनों में न केवल उसे अपने इस नए प्रयास के विषय नई स्पष्टता और मार्गदर्शन मिला, वरन उन्होंने परमेश्वर की आराधना करने और उससे प्रार्थना में माँगने के बीच के संतुलन को भी समझा और सीखा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, मंदिर के निर्माण के बाद उसके समर्पण के समय राजा सुलेमान ने जो प्रार्थना की, हम उसमें इन दोनों बातों के संतुलन को देखते हैं। सुलेमान ने आरंभ किया परमेश्वर की पवित्रता और विश्वासयोग्यता पर बल देने के द्वारा। फिर उसने इस निर्माण योजना के सफलतापूर्वक पूर्ण होने का श्रेय परमेश्वर को दिया, और परमेश्वर की महानता के विषय कहा, “परन्तु क्या परमेश्वर सचमुच मनुष्यों के संग पृथ्वी पर वास करेगा? स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में तू क्योंकर समाएगा?” (2 इतिहास 6:18)।

      परमेश्वर के महान नाम को ऊँचा उठाने और उसकी आराधना के बाद, सुलेमान ने निवेदन किया कि परमेश्वर मंदिर में होने वाली प्रत्येक बात पर विशेष ध्यान लगाए। सुलेमान ने परमेश्वर से इस्राएल पर दया और अनुग्रह बनाए रखने, पाप अंगीकार करने पर उन्हें क्षमा करने, और उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति करते रहने का निवेदन किया।

      सुलेमान की प्रार्थना के तुरंत बाद, “जब सुलैमान यह प्रार्थना कर चुका, तब स्वर्ग से आग ने गिर कर होमबलियों तथा और बलियों को भस्म किया, और यहोवा का तेज भवन में भर गया” (7:1)। परमेश्वर की ओर से मोलने वाले इस विलक्षण प्रत्युत्तर से हम स्मरण रख सकते हैं कि जिस महान परमेश्वर की हम आराधना करते हैं, जिससे हम प्रार्थनाएं करते हैं, वह हमारी प्रार्थनाओं को सुनकर उनका उत्तर भी देता है, हमारे विनतियों के प्रति संवेदनशील रहता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


प्रार्थना हमें बातों को परमेश्वर के दृष्टिकोण से देखने में सहायता करती है।

तब यदि मेरी प्रजा के लोग जो मेरे कहलाते हैं, दीन हो कर प्रार्थना करें और मेरे दर्शन के खोजी हो कर अपनी बुरी चाल से फिरें, तो मैं स्वर्ग में से सुन कर उनका पाप क्षमा करूंगा और उनके देश को ज्यों का त्यों कर दूंगा। - 2 इतिहास 7:14

बाइबल पाठ: 2 इतिहास 6:10-21
2 Chronicles 6:10 यह वचन जो यहोवा ने कहा था, उसे उसने पूरा भी किया है; ओर मैं अपने पिता दाऊद के स्थान पर उठ कर यहोवा के वचन के अनुसार इस्राएल की गद्दी पर विराजमान हूँ, और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम के इस भवन को बनाया है।
2 Chronicles 6:11 और इस में मैं ने उस सन्दूक को रख दिया है, जिस में यहोवा की वह वाचा है, जो उसने इस्राएलियों से बान्धी थी।
2 Chronicles 6:12 तब वह इस्राएल की सारी सभा के देखते यहोवा की वेदी के साम्हने खड़ा हुआ और अपने हाथ फैलाए।
2 Chronicles 6:13 सुलैमान ने पांच हाथ लम्बी, पांच हाथ चौड़ी और तीन हाथ ऊंची पीतल की एक चौकी बनाकर आंगन के बीच रखवाई थी; उसी पर खड़े हो कर उसने सारे इस्राएल की सभा के सामने घुटने टेक कर स्वर्ग की ओर हाथ फैलाए हुए कहा,
2 Chronicles 6:14 हे यहोवा, हे इस्राएल के परमेश्वर, तेरे समान न तो स्वर्ग में और न पृथ्वी पर कोई ईश्वर है: तेरे जो दास अपने सारे मन से अपने को तेरे सम्मुख जान कर चलते हैं, उनके लिये तू अपनी वाचा पूरी करता और करुणा करता रहता है।
2 Chronicles 6:15 तू ने जो वचन मेरे पिता दाऊद को दिया था, उसका तू ने पालन किया है; जैसा तू ने अपने मुंह से कहा था, वैसा ही अपने हाथ से उसको हमारी आंखों के साम्हने पूरा भी किया है।
2 Chronicles 6:16 इसलिये अब हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा इस वचन को भी पूरा कर, जो तू ने अपने दास मेरे पिता दाऊद को दिया था, कि तेरे कुल में मेरे साम्हने इस्राएल की गद्दी पर विराजने वाले सदा बने रहेंगे, यह हो कि जैसे तू अपने को मेरे सम्मुख जानकर चलता रहा, वैसे ही तेरे वंश के लोग अपनी चाल चलन में ऐसी चौकसी करें, कि मेरी व्यवस्था पर चलें।
2 Chronicles 6:17 अब हे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा जो वचन तू ने अपने दास दाऊद को दिया था, वह सच्चा किया जाए।
2 Chronicles 6:18 परन्तु क्या परमेश्वर सचमुच मनुष्यों के संग पृथ्वी पर वास करेगा? स्वर्ग में वरन सब से ऊंचे स्वर्ग में भी तू नहीं समाता, फिर मेरे बनाए हुए इस भवन में तू क्योंकर समाएगा?
2 Chronicles 6:19 तौभी हे मेरे परमेश्वर यहोवा, अपने दास की प्रार्थना और गिड़गिड़ाहट की ओर ध्यान दे और मेरी पुकार और यह प्रार्थना सुन, जो मैं तेरे साम्हने कर रहा हूँ।
2 Chronicles 6:20 वह यह है कि तेरी आंखें इस भवन की ओर, अर्थात इसी स्थान की ओर जिसके विषय में तू ने कहा है कि मैं उस में अपना नाम रखूंगा, रात दिन खुली रहें, और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले।
2 Chronicles 6:21 और अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिस को वे इस स्थान की ओर मुंह किए हुए गिड़गिड़ाकर करें, उसे सुन लेना; स्वर्ग में से जो तेरा निवास स्थान है, सुन लेना; और सुन कर क्षमा करना।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 26-27
  • फिलिप्पियों 2



शुक्रवार, 5 अक्टूबर 2018

औषधि



      हमारे निवास स्थान,घाना के एकरा शहर में टैक्सी चालकों तथा मिनी-बस चालकों के असावधानीपूर्ण गाड़ी चलाने के कारण, परस्पर क्रोधित व्यवहार और असभ्य भाषा का प्रयोग आम बात है। किन्तु एक ट्रैफिक घटना में मैंने एक बिलकुल ही भिन्न बात घटित होते हुए देखी। एक टैक्सी-चालक की असावधानी के कारण, उसकी टक्कर एक बस से होते-होते बची। मैंने सोचा कि अब ये दोनों चालक एक दूसरे पर क्रोधित होंगे, चिल्लाएंगे और गाली-गलौज होगी। परन्तु बस चालक ने ऐसा नहीं किया; उसने अपने सख्त चहरे को नम्र किया, दोषी टैक्सी चालक की ओर देखकर मुस्कुराया, और उसके मुस्कुराने ने चमत्कार कर दिया। टैक्सी चालक ने हाथ उठा कर उससे क्षमा माँगी, वापस बस चालक को मुस्कुराहट का प्रत्युत्तर दिया, और अपनी गाड़ी आगे बढ़ा ली – सारा तनाव जाता रहा।

      हमारे मस्तिष्क की कार्य-विधि पर मुस्कुराहट का अद्भुत मोहक प्रभाव होता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि मुस्कुराने से मस्तिष्क में एंडोर्फिन नामक कुछ रासयनिक तत्व निकलते हैं जिनका शरीर और मन पर आरामदायक प्रभाव होता है। मुस्कुराहट से न केवल तनावपूर्ण परिस्थितियाँ जाती रहती हैं, वरन हमारे अन्दर के तनाव भी जाते रहते हैं। हमारी भावनाएँ और व्यवहार न केवल हमें वरन औरों को भी प्रभावित करते हैं, और सकारात्मक व्यवहार औरों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में सिखाया गया है, “सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो” (इफिसियों 4:31-32); और यह भी कि आनन्दित हृदय औषधि का कार्य करता है (नीतिवचन 17:22)। जब भी तनाव या कटुता, प्रभु या औरों के साथ हमारे संबंधों को प्रभावित करने लगें, तो इस औषधि का उपयोग अवश्य करें; यह हमारे लिए बहुत लाभकारी होगा। - लॉरेंस दरमानी


जब हम मसीह यीशु के प्रेम में जीना सीखते हैं, हम आन्दित रहना सीखते हैं।

मन का आनन्द अच्छी औषधि है, परन्तु मन के टूटने से हड्डियां सूख जाती हैं। - नीतिवचन 17:22

बाइबल पाठ: इफिसियों 4: 20-32
Ephesians 4:20 पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई।
Ephesians 4:21 वरन तुम ने सचमुच उसी की सुनी, और जैसा यीशु में सत्य है, उसी में सिखाए भी गए।
Ephesians 4:22 कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो।
Ephesians 4:23 और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ।
Ephesians 4:24 और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है।
Ephesians 4:25 इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं।
Ephesians 4:26 क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे।
Ephesians 4:27 और न शैतान को अवसर दो।
Ephesians 4:28 चोरी करनेवाला फिर चोरी न करे; वरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो।
Ephesians 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो।
Ephesians 4:30 और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है।
Ephesians 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए।
Ephesians 4:32 और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 23-25
  • फिलिप्पियों 1



गुरुवार, 4 अक्टूबर 2018

स्वतंत्र



      मैं और मेरी पत्नि, जोर्जिया प्रांत के सवान्नाह शहर में स्थित सशक्त आठवीं वायुसेना दल के राष्ट्रीय युद्ध संग्रहालय घूमने के लिए गए। वहाँ लगी प्रदर्शनियों में से एक, जर्मनी के युद्ध-बन्दी शिविर के नमूने को देखकर हम बहुत द्रवित हुए। मेरी पत्नि के पिता, जिम, इसी आठवीं वायु सेना में कार्य करते थे, और दूसरे विश्व-युद्ध में इस वायु-सेना ने यूरोप की ऊपर बहुत उड़ानें भरीं थीं। युद्ध में इस वायु-सेना के 47,000 से अधिक कर्मी घायल हुए थे, और 26,000 से अधिक की मृत्यु हो गई थी।

      जिम उनमें से एक थे जिनका विमान मार गिराया गया था और जिम ने जर्मन युद्ध-बन्दी बनकर समय बिताया था। वहाँ लगी युद्ध-बन्दी शिविर की प्रदर्शनी को देखते समय हमें जिम द्वारा युद्ध-बन्दी होने की बताई गई बातें स्मरण हो आईं, और उनका कहना कि युद्ध समाप्ति पर जब उन्हें और अन्य युद्ध-बंदियों को स्वतंत्र किया गया, तब उन्होंने कैसे अवर्णनीय तथा अविस्मरणीय आनन्द का अनुभव किया था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल के भजन 146 में परमेश्वर द्वारा शोषित एवँ बन्दी बनाए गए लोगों की देखभाल को बताया गया है। भजनकार ने परमेश्वर को “वह पिसे हुओं का न्याय चुकाता है; और भूखों को रोटी देता है। यहोवा बन्धुओं को छुड़ाता है” कहा (पद 7)। निःसंदेह यह सब आनन्द एवं उत्सव मनाने का कारण है। परन्तु सब से महान स्वतंत्रता है प्रभु यीशु द्वारा दिए गए क्षमादान द्वारा पाप के दोष और लज्जा से मिलने वाली स्वतंत्रता। इसीलिए प्रभु यीशु ने कहा, “सो यदि पुत्र तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा, तो सचमुच तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे” (यूहन्ना 8:36)।

      मसीह यीशु के बलिदान के द्वारा सँसार के सभी मनुष्यों के लिए पाप से स्वतंत्र होने का मार्ग उपलब्ध है। अब हम सभी प्रभु यीशु से मिलने वाली क्षमा और प्रेम, और परिणामस्वरूप होने वाले आनन्द का अनुभव कर सकते हैं। - बिल क्राउडर


मसीह यीशु से मिलने वाले क्षमा के सामर्थ्य के आगे पाप की कैद टिक नहीं सकती है।

प्रभु यीशु ने कहा: “कि प्रभु का आत्मा मुझ पर है, इसलिये कि उसने कंगालों को सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया है, और मुझे इसलिये भेजा है, कि बन्‍धुओं को छुटकारे का और अन्‍धों को दृष्टि पाने का सुसमाचार प्रचार करूं और कुचले हुओं को छुड़ाऊं।” – लूका 4:18

बाइबल पाठ: भजन 146
Psalms 146:1 याह की स्तुति करो। हे मेरे मन यहोवा की स्तुति कर!
Psalms 146:2 मैं जीवन भर यहोवा की स्तुति करता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूंगा, तब तक मैं अपने परमेश्वर का भजन गाता रहूंगा।।
Psalms 146:3 तुम प्रधानों पर भरोसा न रखना, न किसी आदमी पर, क्योंकि उस में उद्धार करने की भी शक्ति नहीं।
Psalms 146:4 उसका भी प्राण निकलेगा, वह भी मिट्टी में मिल जाएगा; उसी दिन उसकी सब कल्पनाएं नाश हो जाएंगी।
Psalms 146:5 क्या ही धन्य वह है, जिसका सहायक याकूब का ईश्वर है, और जिसका भरोसा अपने परमेश्वर यहोवा पर है।
Psalms 146:6 वह आकाश और पृथ्वी और समुद्र और उन में जो कुछ है, सब का कर्ता है; और वह अपना वचन सदा के लिये पूरा करता रहेगा।
Psalms 146:7 वह पिसे हुओं का न्याय चुकाता है; और भूखों को रोटी देता है। यहोवा बन्धुओं को छुड़ाता है;
Psalms 146:8 यहोवा अन्धों को आंखें देता है। यहोवा झुके हुओं को सीधा खड़ा करता है; यहोवा धर्मियों से प्रेम रखता है।
Psalms 146:9 यहोवा परदेशियों की रक्षा करता है; और अनाथों और विधवा को तो सम्भालता है; परन्तु दुष्टों के मार्ग को टेढ़ा मेढ़ा करता है।
Psalms 146:10 हे सिय्योन, यहोवा सदा के लिये, तेरा परमेश्वर पीढ़ी पीढ़ी राज्य करता रहेगा। याह की स्तुति करो!


एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 20-22
  • इफिसियों 6