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बुधवार, 18 मई 2011

सर्वप्रधान

विख्यात मसीही लेखक A. W. Tozer ने अपनी पुस्तक "The Pursuit of God" में आराधना के एक महान गीत "The Faith of Our Fathers" के लेखक फ्रेड्रिक फेबर को श्रद्धाँजलि अर्पित करते हुए उनके बारे में लिखा कि, "मसीह के प्रति उनका प्रेम इतना प्रचण्ड था कि मानो वे उसमें सुलग रहे थे; यह प्रेम उनके अन्दर एक धधकती हुई ज्वाला के समान था जो उनके मुख से पिघले हुए सोने के समान बहता था। अपने एक सन्देश में फेबर ने कहा, ’हम परमेश्वर के मन्दिर में जिस ओर भी दृष्टि करें, हमें मसीह दिखाई देता है.....सृष्टि में ऐसा कुछ भी भला, पवित्र, सुन्दर, आनन्दमयी नहीं है, जो मसीह अपने सेवकों के लिए न बन जाए....किसी को निराश होने की आवश्यक्ता नहीं है क्योंकि यीशु स्वर्ग का आनन्द है और यीशु का आनन्द है शोकित हृदयों में आकर उन्हें प्रफुल्लित कर देना। हम कई बातों का बयान बढ़ा-चढ़ा कर कर सकते हैं, लेकिन कभी भी हमारे प्रति मसीह यीशु के प्रेम को अथवा मसीह के प्रति हमारे कर्तव्य का पूरा वर्णन कर पाना संभव नहीं। यदि हम अपना सारा जीवन यीशु मसीह के बारे में बताने में लगा दें तो भी उसके विष्य में जो कुछ मधुर कहा जा सकता है, उसे पूरा कह पाना संभव नहीं हो पाएगा।’"

हम कभी भी मसीह की महानता का वर्णन अतिश्योक्तिपूर्वक नहीं कर सकते। पौलुस ने प्रभु यीशु मसीह के विष्य में कहा, "वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है। क्‍योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्‍वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्‍या सिंहासन, क्‍या प्रभुतांए, क्‍या प्रधानताएं, क्‍या अधिकार, सारी वस्‍तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं। और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्‍तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।" (कुलुस्सियों १:१५-१७)

मसीह यीशु वास्तव में सर्वप्रधान है और हमारी प्रेम पूर्ण आराधना का एकमात्र सच्चा हकदार भी। - रिचर्ड डी हॉन


जब हम मसीह यीशु के प्रभुत्व को स्वीकार करेंगे, तभी हम उसकी आरधाना भी कर सकेंगे।

और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है - कुलुस्सियों १:१८


बाइबल पाठ: कुलुस्सियों १:९-१९

Col 1:9 इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्‍छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ।
Col 1:10 ताकि तुम्हारा चाल-चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ।
Col 1:11 और उस की महिमा की शक्ति के अनुसार सब प्रकार की सामर्थ से बलवन्‍त होते जाओ, यहां तक कि आनन्‍द के साथ हर प्रकार से धीरज और सहनशीलता दिखा सको।
Col 1:12 और पिता का धन्यवाद करते रहो, जिस ने हमें इस योग्य बनाया कि ज्योति में पवित्र लोगों के साथ मीरास में समभागी हों।
Col 1:13 उसी ने हमें अन्‍धकार के वश से छुड़ाकर अपने प्रिय पुत्र के राज्य में प्रवेश कराया।
Col 1:14 जिस से हमें छुटकारा अर्थात पापों की क्षमा प्राप्‍त होती है।
Col 1:15 वह तो अदृश्य परमेश्वर का प्रतिरूप और सारी सृष्‍टि में पहिलौठा है।
Col 1:16 क्‍योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्‍वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्‍या सिंहासन, क्‍या प्रभुतांए, क्‍या प्रधानताएं, क्‍या अधिकार, सारी वस्‍तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं।
Col 1:17 और वही सब वस्‍तुओं में प्रथम है, और सब वस्‍तुएं उसी में स्थिर रहती हैं।
Col 1:18 और वही देह, अर्थात कलीसिया का सिर है; वही आदि है और मरे हुओं में से जी उठने वालों में पहिलौठा कि सब बातों में वही प्रधान ठहरे।
Col 1:19 क्‍योंकि पिता की प्रसन्नता इसी में है कि उस में सारी परिपूर्णता वास करे।

एक साल में बाइबल:
  • १ इतिहास ४-६
  • यूहन्ना ६:१-२१

मंगलवार, 17 मई 2011

आराधना की प्रेरणा

दो वर्ष की आयु से अन्धी और बहरी हेलेन कीलर से एक बालक ने पूछा, "क्या अन्धा होना संसार का सबसे बड़ा दुर्भाग्य नहीं है?" मुस्कुराते हुए हेलेन कीलर ने उत्तर दिया, "दो अच्छी आँखें रहते हुए भी न देख सकने वालों के दुर्भाग्य से तो आधा भी नहीं है।"

कई लोग, अच्छी दृष्टि और सुनने की क्षमता के बावजूद, अपने आस-पास प्रकृति के सुन्दर दृश्यों और मधुर ध्वनियों से अछूते रहते हैं। उनका ध्यान कभी ऊंचे शानदार पेड़ों के सौन्दर्य, झील के शांत वातावरण, सितारों से भरे आकाश की भव्यता आदि की ओर नहीं जाता।

जब हम परमेश्वर की सृष्टि की अद्भुत बातों को देखकर उसकी आराधना करते हैं तो यह परमेश्वर को भाता है। परमेश्वर के पवित्र आत्मा द्वारा प्रेरित होकर दाउद ने भजन २९ में आँधी का वर्णन किया, उसे यहोवा की प्रतापमय वाणी कहा। भजनकार ने अपने वर्णन में आँधी के उठकर देश पर छा जाने, विशाल देवदारों के वृक्षों को हिला कर तोड़ डालने और जंगल में पतझड़ कर देने को दर्शाया है। जब परमेश्वर के मन्दिर में इस भजन को गाया जाता था तो लोग परमेश्वर की स्तुति में ’महिमा हो’ कहते थे।

कोई आता तूफान और गरजती कौन्धती बिजली परमेश्वर की सामर्थ का दर्शन है। हमारे आस-पास प्रकृति के दृश्य और आवाज़ें परमेश्वर की अद्भुत सृष्टि के लिए उसकी आराधना करने को हमें प्रेरित करती हैं।

जब हम बाहर निकल कर ताज़ी हवा में साँस लेते हैं, तो एक पल रुक कर परमेश्वर को जीवन के लिए धन्यवाद करें, और उसके लिए जीने और उसकी आराधना करने को सदैव तत्पर रहें। - हर्ब वैन्डर लुग्ट



प्रकृति परमेश्वर की लिखाई है, उसके सौन्दर्य को निहारना और उससे आनन्दित होना सीखिए।

आज वह दिन है जो यहोवा ने बनाया है, हम इस में मगन और आनन्दित हों। - भजन ११८:२४


बाइबल पाठ: भजन २९

Psa 29:1 हे परमेश्वर के पुत्रों यहोवा का, हां यहोवा ही का गुणानुवाद करो, यहोवा की महिमा और सामर्थ को सराहो।
Psa 29:2 यहोवा के नाम की महिमा करो; पवित्रता से शोभायमान होकर यहोवा को दण्डवत करो।
Psa 29:3 यहोवा की वाणी मेघों के ऊपर सुन पड़ती है, प्रतापी ईश्वर गरजता है, यहोवा घने मेघों के ऊपर रहता है।
Psa 29:4 यहोवा की वाणी शक्तिशाली है, यहोवा की वाणी प्रतापमय है।
Psa 29:5 यहोवा की वाणी देवदारों को तोड़ डालती है, यहोवा लबानोन के देवदारों को भी तोड़ डालता है।
Psa 29:6 वह उन्हें बछड़े की नाई और लबानोन और सिर्योन को जंगली बछड़े के समान उछालता है।
Psa 29:7 यहोवा की वाणी आग की लपटों को चीरती है।
Psa 29:8 यहोवा की वाणी वन को हिला देती है, यहोवा कादेश के वन को भी कंपाता है।
Psa 29:9 यहोवा की वाणी से हरिणियों का गर्भपात हो जाता है। और अरण्य में पतझड़ होती है, और उसके मन्दिर में सब कोई महिमा ही महिमा बोलता रहता है।
Psa 29:10 जलप्रलय के समय यहोवा विराजमान था और यहोवा सर्वदा के लिये राजा होकर विराजमान रहता है।
Psa 29:11 यहोवा अपनी प्रजा को बल देगा, यहोवा अपनी प्रजा को शान्ति की आशीष देगा।

एक साल में बाइबल:
  • १ इतिहास १-३
  • यूहन्ना ५:२५-४७

सोमवार, 16 मई 2011

स्तुति संगीत

एक पुरानी यहूदी किवदन्ती है कि जब परमेश्वर संसार की सृष्टि कर चुका तो उसने सभी स्वर्गदूतों को अपने पास बुलाया और उनसे पूछा कि वे इस रचना के विष्य में क्या विचार रखते हैं। उनमें से एक ने कहा, "बस एक बात की कमी है, यहाँ सृष्टिकर्ता की स्तुति नहीं सुनाई पड़ रही।" तब परमेश्वर ने संगीत सृजा, और वह हवा के बहने, पक्षियों की आवाज़ों और संसार की विभिन्न बातों में प्रकट होने लगा। परमेश्वर ने मनुष्य को संगीत की धुन पर गीत गाने का हुनर भी दिया, और सदियों से संगीत अनगिनित लोगों को प्रफुल्लित और आनन्दित करता आ रहा है।

संगीत परमेश्वर द्वारा दिये गये जीवन के उन अनुग्रहों में से है जिन्हें हम बहुत सामन्य समझते हैं और साधारणत्या उसकी कोई विशेष कीमत नहीं आंकते। यह एक ऐसा वरदान है जिसे हमने परमेश्वर से लेकर उसका सदुप्योग कम तथा दुरुप्योग अधिक किया है। हम संसार में संगीत के गलत प्रयोग और उसके साथ जुड़ी शर्मनाक व्यवहार की बातों को भली भांति जानते हैं। लेकिन भला संगीत परमेश्वर से मिली आशीश है; उससे दुखते हृदय सांत्वना पाते हैं, समयनुसार लोगों को प्रेर्णा मिलती है और विचिलित मन शांति पाते हैं। परमेश्वर की स्तुति संगीत में होकर हम अपने हृदयों को स्तुति में परम्श्वर के सम्मुख उठाते हैं और वह हमें मसीह के लिए जीने को प्रोत्साहित भी करता है।

हमें जब कभी मौका मिले, संगीत द्वारा अपने आत्मा की आवाज़ को अन्य विश्वासियों के साथ मिलाकर हम अपने हृदयों को परमेश्वर की स्तुति के लिए उठाएं, यह परमेश्वर को आदर देता है और हम विश्वासी भाई-बहिनों को उभारता है, आनन्दित करता है।

जब आप अन्य विश्वासियों के साथ मिलकर परमेश्वर की स्तुति गाएं तो स्तुति में संगीत के महत्व के एक नए एहसास के साथ ऐसा करें, परमेश्वर की महिमा के लिए एक नया गीत गाएं। - रिचर्ड डी हॉन


अपने भक्तों के सच्चे हृदय से निकले सतुति के गीतों से बढ़कर परमेश्वर के लिए कोई संगीत नहीं है।

हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो! आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ! - भजन १००:१, २


बाइबल पाठ: भजन १००

Psa 100:1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो!
Psa 100:2 आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ!
Psa 100:3 निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।
Psa 100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!
Psa 100:5 क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा २४-२५
  • यूहन्ना ५:१-२४

रविवार, 15 मई 2011

आराधना

१९वीं शताब्दी के एक अविष्कारक जौन एरिकसन विश्व विख्यात वायलिन वादक ओले बुल के बचपन के मित्र थे; लेकिन वे कभी ओले के किसी संगीत समारोह में नहीं गए, क्योंकि उनका मानना था कि संगीत समय की बरबादी है। ओले अपने मित्र के इस रवैये से कभी हताश नहीं हुआ, और एक दिन वह अपने मित्र के कारखाने में पहुंचा और उसने अपना वायलिन बजाना आरंभ कर दिया। जौन एरिकसन ने पहले तो उसे रोकने का प्रयास किया, परन्तु जब अपने सभी कर्मचारियों को मंत्रमुग्ध होकर अपना सभी काम छोड़कर, संगीत का आनन्द लेते देखा तो उसने भी सुनना आरंभ कर दिया और थोड़ी ही देर में वह भी अपने कर्मचारियों के समान संगित से मंत्रमुग्ध हो गया। जब ओले ने वायलिन बजाना बन्द किया तो जौन उससे विनती करने लगा, "मत रुको! बजाते रहो! आज से पहले मैं ने न जाना था कि मैं अपने जीवन में क्या खोए बैठा हूँ।"

कुछ ऐसा ही हाल बहुतेरे मसीही विश्वासियों का है। वे परमेश्वर के वचन के अध्ययन, प्रार्थना और चर्च जाने के द्वारा अपने आत्मा का पोषण तो करते हैं, लेकिन जो परिपूर्ण्ता परमेश्वर उनके जीवनों मे चाहता है, वे उससे वंचित रहते हैं क्योंकि उनके जीवनों में परमेश्वर की आराधना नहीं है। न तो वे परमेश्वर की सृष्टि की सुन्दरता को निहरते हैं और न उस सृष्टि के रहस्यों को समझने का प्रयास करते हैं और वे परमेश्वर की विलक्षण प्रतिभा का आनन्द लेने और उसका गुणनुवाद करने से रह जाते हैं; कुछ अन्य प्रेर्णादायक स्तुति के संगीत में रुचि नही रखते। जिनके जीवनों में परमेश्वर की आराधना नहीं है, उनमें उसकी सभी बातों का संतुलित नज़रिया भी नहीं है।

भजनकार ऐसा नहीं था। उसने परमेश्वर को अपने जीवन के केंद्र में रखा और इससे उसका जीवन परिपूर्ण हुआ और वह परिपक्व बना। उसने परमेश्वर की सृष्टि को निहारने का समय निकाला और संगीत द्वारा परमेश्वर की प्रशंसा तथा आराधना का एक उत्तम साधन पाया। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


कुछ लोग जो बातें सारे संसार का भ्रमण करके भी नहीं देख पाते, अन्य उससे अधिक अपने इर्द-गिर्द के स्थानों में ही देख लेते हैं।

याह की स्तुति करो! क्योंकि अपने परमेश्वर का भजन गाना अच्छा है; क्योंकि वह मनभावना है, उसकी स्तुति करनी मनभावनी है। - भजन १४७:१


बाइबल पाठ: भजन १४७

Psa 147:1 याह की स्तुति करो! क्योंकि अपने परमेश्वर का भजन गाना अच्छा है; क्योंकि वह मनभावना है, उसकी स्तुति करनी मनभावनी है।
Psa 147:2 यहोवा यरूशलेम को बसा रहा है, वह निकाले हुए इस्राएलियों को इकट्ठा कर रहा है।
Psa 147:3 वह खेदित मन वालों को चंगा करता है, और उनके शोक पर मरहम-पट्टी बान्धता है।
Psa 147:4 वह तारों को गिनता, और उन में से एक एक का नाम रखता है।
Psa 147:5 हमारा प्रभु महान और अति सामर्थी है, उसकी बुद्धि अपरम्पार है।
Psa 147:6 यहोवा नम्र लोगों को सम्भलता है, और दुष्टों को भूमि पर गिरा देता है।
Psa 147:7 धन्यवाद करते हुए यहोवा का गीत गाओ, वीणा बजाते हुए हमारे परमेश्वर का भजन गाओ।
Psa 147:8 वह आकाश को मेघों से छा देता है, और पृथ्वी के लिये मेंह की तैयारी करता है, और पहाड़ों पर घास उगाता है।
Psa 147:9 वह पशुओं को और कौवे के बच्चों को जो पुकारते हैं, आहार देता है।
Psa 147:10 न तो वह घोड़े के बल को चाहता है, और न पुरूष के पैरों से प्रसन्न होता है;
Psa 147:11 यहोवा अपने डरवैयों ही से प्रसन्न होता है, अर्थात उन से जो उसकी करूणा की आशा लगाए रहते हैं।
Psa 147:12 हे यरूशलेम, यहोवा की प्रशंसा कर! हे सिय्योन, अपने परमेश्वर की स्तुति कर!
Psa 147:13 क्योंकि उस ने तेरे फाटकों के खम्भों को दृढ़ किया है; और तेरे लड़के बालों को आशीष दी है।
Psa 147:14 और तेरे सिवानों में शान्ति देता है, और तुझ को उत्तम से उत्तम गेहूं से तृप्त करता है।
Psa 147:15 वह पृथ्वी पर अपनी आज्ञा का प्रचार करता है, उसका वचन अति वेग से दौड़ता है।
Psa 147:16 वह ऊन के समान हिम को गिराता है, और राख की नाईं पाला बिखेरता है।
Psa 147:17 वह बर्फ के टुकड़े गिराता है, उसकी की हुई ठण्ड को कौन सह सकता है?
Psa 147:18 वह आज्ञा देकर उन्हें गलाता है; वह वायु बहाता है, तब जल बहने लगता है।
Psa 147:19 वह याकूब को अपना वचन, और इस्राएल को अपनी विधियां और नियम बताता है।
Psa 147:20 किसी और जाति से उस ने ऐसा बर्ताव नहीं किया, और उसके नियमों को औरों ने नहीं जाना। याह की स्तुति करो।

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा २२-२३
  • यूहन्ना ४:३१-५४

शनिवार, 14 मई 2011

बचकर भागने से समस्या

हमारे पालतु कुत्ते पर बहुत से पिस्सु हो गए। हमने उन्हें दूर करने के लिए पिस्सुओं के शैम्पू से उसे नहलाया, पिस्सु मारने वाले पाउडर को उस पर छिड़का और उसके बिस्तर को धुआँ दिया। हमने सोचा कि हम ने समस्या पर विजय पा ली है, लेकिन शीघ्र ही पिस्सु फिर दिखने लगे। ऐसा कई बार हुआ। हम अचंभित थे कि कहाँ से आ रहे थे ये पिस्सु? उसके भोजन से? उसके बिस्तर से? क्या हम से? नहीं, इन में से किसी से भी नहीं। हमारा कुत्ता अभी हाल ही में ’व्यसक’ हुआ था और वह अपने प्रत्येक नए आकर्षण की ओर भागने के लिए तत्पर रहता था। जैसे ही उसे दरवाज़ा ज़रा सा भी खुला मिलता, वह तुरंत अपनी मस्ती मिटाने के लिए बहर भाग जाता। फिर हम चाहे उसे कितना ही पुकारें, उसे बुलाएं या धमकाएं, वह हमारी कदापि नहीं सुनता था। हर अवसर पर वह बाहर भागता और समस्याओं के साथ वापस लौटता - अपने लिए भी और हमारे लिए भी।

इससे कुछ अधिक गंभीर रूप में, दाउद ने अपनी अदम्य लालसाओं और हठ पूर्वक करी गई गलतियों के दुषपरिणाम भोगे। जब उस पर परमेश्वर का हाथ भारी हुआ तो उसने अपनी गलती को पहचाना, और यह भी जाना कि परमेश्वर उसके साथ ऐसा उसे सुधारने के लिए और उसके कुकर्मों के दुषपरिणामों को उससे दूर करने के लिए कर रहा है (भजन ३८:२-५)।

यदि कोई कुत्ता भाग निकले और समस्याएं उत्पन्न कर ले तो उसे रोकने के लिए हम शायद ही कुछ कर पाएं, क्योंकि वह तो अपने नैसर्गिक गुण के वशिभूत है। लेकिन जब हम परमेश्वर से भागकर अपने ऊपर समस्याएं ले आएं, तो हमारे लिए परमेश्वर ही से सहायता है।

दाउद की तरह हम अपने ऊपर हो रहे परमेश्वर के भारी हाथ को पहचान कर उससे क्षमा मांग सकते हैं, और एक नई शुरूआत कर सकते हैं। इससे भी बेहतर है कि इसके पहले कि हमें परमेश्वर के दण्ड का सामना करना पड़े, हम पाप अंगीकार और पश्चाताप के साथ उसके पास आ जाएं।

परमेश्वर से भागने से कभी समस्या का समाधान नहीं होता। - मार्ट डी हॉन


आज्ञाकारिता का एक छोटा सा कदम आशीर्वाद की ओर एक बड़ी छलांग है।

मेरी मूढ़ता के कारण से मेरे कोड़े खाने के घाव बसाते हैं और सड़ गए हैं। मैं बहुत दुखी हूं और झूक गया हूं; दिन भर मैं शोक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं। - भजन ३८:५, ६

बाइबल पाठ: भजन ३८

Psa 38:1 हे यहोवा क्रोध में आकर मुझे झिड़क न दे, और न जलजलाहट में आकर मेरी ताड़ना कर!
Psa 38:2 क्योंकि तेरे तीर मुझ में लगे हैं, और मैं तेरे हाथ के नीचे दबा हूं।
Psa 38:3 तेरे क्रोध के कारण मेरे शरीर में कुछ भी आरोग्यता नहीं, और मेरे पाप के कारण मेरी हडि्डयों में कुछ भी चैन नहीं।
Psa 38:4 क्योंकि मेरे अधर्म के कामों में मेरा सिर डूब गया, और वे भारी बोझ की नाई मेरे सहने से बाहर हो गए हैं।
Psa 38:5 मेरी मूढ़ता के कारण से मेरे कोड़े खाने के घाव बसाते हैं और सड़ गए हैं।
Psa 38:6 मैं बहुत दुखी हूं और झूक गया हूं; दिन भर मैं शोक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं।
Psa 38:7 क्योंकि मेरी कमर में जलन है, और मेरे शरीर में आरोग्यता नहीं।
Psa 38:8 मैं निर्बल और बहुत ही चूर हो गया हूं; मैं अपने मन की घबराहट से कराहता हूं।
Psa 38:9 हे प्रभु मेरी सारी अभिलाषा तेरे सम्मुख है, और मेरा कराहना तुझ से छिपा नहीं।
Psa 38:10 मेरा हृदय धड़कता है, मेरा बल घटता जाता है और मेरी आंखों की ज्योति भी मुझ से जाती रही।
Psa 38:11 मेरे मित्र और मेरे संगी मेरी विपत्ति में अलग हो गए, और मेरे कुटुम्बी भी दूर जा खड़े हुए।
Psa 38:12 मेरे प्राण के ग्राहक मेरे लिये जाल बिछाते हैं, और मेरी हानि के यत्न करने वाले दुष्टता की बातें बोलते, और दिन भर छल की युक्ति सोचते हैं।
Psa 38:13 परन्तु मैं बहिरे की नाई सुनता ही नहीं, और मैं गूंगे के समान मूंह नहीं खोलता।
Psa 38:14 वरन मैं ऐसे मनुष्य के तुल्य हूं जो कुछ नहीं सुनता, और जिसके मुंह से विवाद की कोई बात नहीं निकलती।
Psa 38:15 परन्तु हे यहोवा, मैं ने तुझ ही पर अपनी आशा लगाई है; हे प्रभु, मेरे परमेश्वर, तू ही उत्तर देगा।
Psa 38:16 क्योंकि मैं ने कहा, ऐसा न हो कि वे मुझ पर आनन्द करें जो, जब मेरा पांव फिसल जाता है, तब मुझ पर अपनी बड़ाई मारते हैं।
Psa 38:17 क्योंकि मैं तो अब गिरने ही पर हूं, और मेरा शोक निरन्तर मेरे साम्हने है।
Psa 38:18 इसलिये कि मैं तो अपने अधर्म को प्रगट करूंगा, और अपने पाप के कारण खेदित रहूंगा।
Psa 38:19 परन्तु मेरे शत्रु फुर्तीले और सामर्थी हैं, और मेरे विरोधी बैरी बहुत हो गए हैं।
Psa 38:20 जो भलाई के बदले में बुराई करते हैं, वह भी मेरे भलाई के पीछे चलने के कारण मुझ से विरोध करते हैं।
Psa 38:21 हे यहोवा, मुझे छोड़ न दे! हे मेरे परमेश्वर, मुझ से दूर न हो!
Psa 38:22 हे यहोवा, हे मेरे उद्धारकर्ता, मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर!

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा ४-६
  • लूका २४:३६-५३

स्वच्छ हृदय की प्रार्थनाएं

पश्चिमी देश से आया एक पर्यटक एक मध्यपूर्व के देश में एक घर में आमंत्रित किया गया। उस घर में आने पर उसने देखा कि घर के एक सेवक ने उस घर के बेटे को एक बर्तन में पानी और एक गलीचा दिया। बेटे ने तीन बार अपने हाथ, पैर, मूँह, गला और कान धोए फिर गलीचा बिछा कर वह उसपर घुटने टेक कर बैठ गया और अपना सर झुका कर प्रार्थना करने लगा।

बाइबल के पुराने नियम में परमेश्वर के सन्मुख आते समय अपने आप को धो कर साफ कर लेने के लिए निर्देश हैं; ये इस बात को याद दिलाने के लिए थे कि परमेश्वर के सन्मुख स्व्च्छ मन से आएं, किसी पाप को मन में छुपाए हुए नहीं। दाउद ने भजन ६६ में लिखा, "यदि मैं मन में अनर्थ बात सोचता तो प्रभु मेरी न सुनता" (भजन ६६:१८); एक अन्य भजन में वह कहता है, "यहोवा के पर्वत पर कौन चढ़ सकता है? और उसके पवित्र स्थान में कौन खड़ा हो सकता है? जिसके काम निर्दोष और हृदय शुद्ध है, जिस ने अपने मन को व्यर्थ बात की ओर नहीं लगाया, और न कपट से शपथ खाई है। वह यहोवा की ओर से आशीष पाएगा, और अपने उद्धार करने वाले परमेश्वर की ओर से धर्मी ठहरेगा" (भजन २४:३-५)।

जो लोग पाप में बने हुए हैं, उनका यह आशा रखना कि परमेश्वर उनकी प्रार्थनाओं की ओर कान लगाएगा और उनका उत्तर देगा मूर्खता है। धर्मी मनुष्यों की प्रार्थनाएं ही प्रभावी प्रार्थनाएं होती हैं (याकूब ५:१६)। परमेश्वर का वचन हमें आश्वस्त करता है कि, "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है" (१ यूहन्ना १:९)। परमेश्वर का वचन यह भी सिखाता है कि हम "प्रभु यीशु मसीह के नाम से और हमारे परमेश्वर के आत्मा से धोए गए, और पवित्र हुए और धर्मी ठहरे" (१ कुरिन्थियों ६:११) - परमेश्वर के साथ हमारा सही संबंध प्रभु यीशु में होकर ही संभव है।

स्वच्छ हृदय द्वारा मांगी गई प्रार्थनाएं ही वे प्रार्थनाएं हैं जिनकी ओर परमेश्वर के कान लगे रहते हैं और जिनका उत्तर वह देता है। - रिचर्ड डी हॉन


हमारी प्रार्थनाओं के शब्दों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है प्रार्थना के समय हमारे हृदय की दशा।

तो आओ; हम सच्‍चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक का दोष दूर करने के लिये ह्रृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवाकर परमेश्वर के समीप जाएं। - इब्रानियों १०:२२


बाइबल पाठ: दानिय्येल ९:१-२०

Dan 9:1 मादी क्षयर्ष का पुत्र दारा, जो कसदियों के देश पर राजा ठहराया गया था,
Dan 9:2 उसके राज्य के पहिले वर्ष में, मुझ दानिय्येल ने शास्त्र के द्वारा समझ लिया कि यरूशलेम की उजड़ी हुई दशा यहोवा के उस वचन के अनुसार, जो यिर्मयाह नबी के पास पहुंचा था, कुछ वर्षों के बीतने पर अर्थात सत्तर वर्ष के बाद पूरी हो जाएगी।
Dan 9:3 तब मैं अपना मुख परमेश्वर की ओर कर के गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थाना करने लगा, और उपवास कर, टाट पहिन, राख में बैठ कर वरदान मांगने लगा।
Dan 9:4 मैं ने अपने परमेश्वर यहोवा से इस प्रकार प्रार्थना की और पाप का अंगीकार किया, हे प्रभु, तू महान और भययोग्य परमेश्वर है, जो अपने प्रेम रखने और आज्ञा मानने वालों के साथ अपनी वाचा को पूरा करता और करूणा करता रहता है,
Dan 9:5 हम लोगों ने तो पाप, कुटिलता, दुष्टता और बलवा किया है, और तेरी आज्ञाओं और नियमों को तोड़ दिया है।
Dan 9:6 और तेरे जो दास नबी लोग, हमारे राजाओं, हाकिमों, पूर्वजों और सब साधारण लोगों से तेरे नाम से बातें करते थे, उनकी हम ने नहीं सुनी।
Dan 9:7 हे प्रभु, तू धर्मी है, परन्तु हम लोगों को आज के दिन लज्जित होना पड़ता है, अर्थात यरूशलेम के निवासी आदि सब यहूदी, क्या समीप क्या दूर के सब इस्राएली लोग जिन्हें तू ने उस विश्वासघात के कारण जो उन्होंने तेरा किया था, देश देश में बरबस कर दिया है, उन सभों को लज्जित होना पड़ता है।
Dan 9:8 हे यहोवा हम लोगों ने अपने राजाओं, हाकिमों और पूर्वजों समेत तेरे विरूद्ध पाप किया है, इस कारण हम को लज्जित होना पड़ता है।
Dan 9:9 परन्तु, यद्यपि हम अपने परमेश्वर प्रभु से फिर गए, तौभी तू दयासागर और क्षमा की खान है।
Dan 9:10 हम तो अपने परमेश्वर यहोवा की शिक्षा सुनने पर भी उस पर नहीं चले जो उस ने अपने दास नबियों से हमको सुनाई।
Dan 9:11 वरन सब इस्राएलियों ने तेरी व्यवस्था का उल्लंघन किया, और ऐसे हट गए कि तेरी नहीं सुनी। इस कारण जिस शाप की चर्चा परमेश्वर के दास मूसा की व्यवस्था में लिखी हुई है, वह शाप हम पर घट गया, क्योंकि हम ने उसके विरूद्ध पाप किया है।
Dan 9:12 सो उस ने हमारे और न्यायियों के विषय जो वचन कहे थे, उन्हें हम पर यह बड़ी विपत्ति डालकर पूरा किया है; यहां तक कि जैसी विपत्ति यरूशलेम पर पड़ी है, वैसी सारी धरती पर और कहीं नहीं पड़ी।
Dan 9:13 जैसे मूसा की व्यवस्था में लिखा है, वैसे ही यह सारी विपत्ति हम पर आ पड़ी है, तौभी हम अपने परमेश्वर यहोवा को मनाने के लिये न तो अपने अधर्म के कामों से फिरे, और ने तेरी सत्य बातों पर ध्यान दिया।
Dan 9:14 इस कारण यहोवा ने सोच विचार कर हम पर विपत्ति डाली है; क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा जितने काम करता है उन सभों में धर्मी ठहरता है, परन्तु हम ने उसकी नहीं सुनी।
Dan 9:15 और अब, हे हमारे परमेश्वर, हे प्रभु, तू ने अपनी प्रजा को मिस्र देश से, बली हाथ के द्वारा निकाल लाकर अपना ऐसा बड़ा नाम किया, जो आज तक प्रसिद्ध है, परन्तु हम ने पाप किया है और दुष्टता ही की है।
Dan 9:16 हे प्रभु, हमारे पापों और हमारे पुरखाओं के अधर्म के कामों के कारण यरूशलेम की और तेरी प्रजा की, और हमारे आस पास के सब लोगों की ओर से नामधराई हो रही है; तौभी तू अपने सब धर्म के कामों के कारण अपना क्रोध और जलजलाहट अपने नगर यरूशलेम पर से उतार दे, जो तेरे पवित्र पर्वत पर बसा है।
Dan 9:17 हे हमारे परमेश्वर, अपने दास की प्रार्थना और गिड़गड़ाहट सुनकर, अपने उजड़े हुए पवित्रस्थान पर अपने मुख का प्रकाश चमका; हे प्रभु, अपने नाम के निमित्त यह कर।
Dan 9:18 हे मेरे परमेश्वर, कान लगाकर सुन, आंख खोलकर हमारी उजड़ी हुई दशा और उस नगर को भी देख जो तेरा कहलाता है? क्योंकि हम जो तेरे साम्हने गिड़गिड़ाकर प्रार्थना करते हैं, सो अपने धर्म के कामों पर नहीं, वरन तेरी बड़ी दया ही के कामों पर भरोसा रखकर करते हैं।
Dan 9:19 हे प्रभु, सुन ले; हे प्रभु, पाप क्षमा कर; हे प्रभु, ध्यान देकर जो करता है उसे कर, विलम्ब न कर; हे मेरे परमेश्वर, तेरा नगर और तेरी प्रजा तेरी ही कहलाती है इसलिये अपने नाम के निमित्त ऐसा ही कर।

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा १५-१६
  • यूहन्ना ३:१-१८

शुक्रवार, 13 मई 2011

अंगीकार से स्वतंत्रता

एक छोटी कहानी है - एक बालक पत्थर फेंक कर निशाना लगा रहा था, खेलते खेलते गलती से परिवार की बतखों में से एक के पत्थर लगा और वह मर गई। बालक ने आस-पास देखा और जब उसे लगा के किसी ने उसकी यह हरकत नही देखी है, तो उसने मरी हुई बतख को मिट्टी में दबा दिया। शाम को जब वह घर आया तो रात के भोजन के बाद उसकी बहन ने उसे अलग बुलाकर कहा, "मैंने देखा तुमने बतख का क्या किया। अगर तुमने मेरे लिए बर्तन नहीं धोए तो मैं पिताजी को सब कुछ बता दूंगी।" डर के कारण बालक ने बहन की बात मान ली। इसके बाद तो बहन को उससे काम लेते रहने का रास्ता ही मिल गया। बार बार उसे वह डराती और अपने हिस्से के घर के काम उससे करवाती। थोड़े समय में बालक इससे परेशान हो गया, उसने हिम्मत जुटा कर अपने पिता के सामने अपनी गलती का बयान कर दिया। पिता ने तुरंत उसे गले से लगा लिया और बड़े प्यार से बोले, "मैं जानता हूँ, जब तुमसे वह बतख मरी तब मैं घर की खिड़की से सब देख रहा था। मैं यह भी जानता हूँ कि तुम्हारी बहन कैसे इस बात का तुमसे नाजायज़ फायदा उठा रही है। मैं इस इंतिज़ार में था कि कब तुम अपनी गलती का अंगीकार करोगे। जाओ, मैंने तुम्हें क्षमा किया, आगे से ध्यान रखना।" उस शाम जब बहन ने फिर उसे डरा कर अपना काम करवाना चाहा, तो बालक ने कहा, "मैंने अपनी गलती मान ली है, पिताजी को सब पता है। अब मैं तुम्हारे चुंगुल से स्वतंत्र हूँ।"

हमारी कितनी ही गलतियाँ हम अपने परमेश्वर पिता से छुपाते हैं, जबकि वह सब कुछ देखता और जानता है; और फिर बहानों और झूठ द्वारा अपने आप को सही दिखाने का प्रयास करते हैं, फलस्वरूप शैतान के हाथों में कठपुतली बन कर भारी मन से बोझिल जीवन व्यतीत करते रहते हैं। जबकि पिता परमेश्वर केवल इस प्रतीक्षा में रहता है कि हम अपने पाप का अंगीकार करें और वह हमें क्षमा करके हमारे जीवन के आनन्द को बहाल कर दे।

बाइबल में प्रभु यीशु ने इस बात को ’उड़ाऊ पुत्र’ के दृष्टांत द्वारा समझाया। इस पुत्र ने अपने बाप से सम्पत्ति का अपना हिस्सा लिया और दूसरे स्थान पर चला गया, तथा दोस्तों के साथ व्यर्थ जीवन में सारी सम्पत्ति उड़ा दी। कंगाली की हालत में, हर तरह से भूखा और मजबूर, उसे अपने बाप की याद आई और यह भी कि उसके बाप के नौकर उससे बेहतर हालत में रहते हैं। तब वह इस इरादे से बाप के पास चला कि जाकर अपनी गलती मान लेगा और बाप से मांगेगा कि उसे नौकर ही रख ले क्योंकि अब वह पुत्र होने के लायक नहीं है। लेकिन बाप के पास पहुंचते ही उसके लिए उम्मीद के विपरीत, सारी बात ही बदल गई। अभी बाप के सामने उसने अपने पश्चाताप की बात पूरी भी नहीं करी थी कि बाप ने उसे उसकी गन्दी हालत में ही बड़े प्यार से गले से लगा लिया और उसका खोया स्थान बहाल कर दिया तथा नौकरों से कहा कि उसके पुत्र के लौटने के उपलक्ष में एक बड़ा भोज तैयार किया जाए।

दाउद ने भी अंगीकार की स्वतंत्रता को अनुभव किया। भजन ३२ में उसने लिखा कि कैसे जब वह अपने पाप के विष्य में खामोश रहा तो उसे शारीरिक और मानसिक परेशानियों को झेलना पड़ा, लेकिन जैसे ही उसने परमेश्वर के सामने अपने पाप को मान लिया, उसे क्षमा दान मिल गया और उसका आनन्द और शरीर की सामर्थ उसे वापस मिल गई।

हमारा परमेश्वर पिता कभी हमें दण्ड देकर प्रसन्न नहीं होता "प्रभु यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं दुष्ट के मरने से कुछ भी प्रसन्न होता हूँ? क्या मैं इस से प्रसन्न नहीं होता कि वह अपने मार्ग से फिरकर जीवित रहे?" (यहेजेकेल १८:२३); वह सदा हमें क्षमा पाने के अवसर देता रहता है और जैसे ही हम उसके सन्मुख अपने पाप का अंगीकार करते हैं, हमें उसका क्षमा दान और हमारे आनन्द की बहाली तुरंत मिल जाते हैं।

अंगीकार ही पाप के दासत्व से स्वतंत्रता का मार्ग है। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


जब तक हम अपने पाप का सामना करने को तैयार नहीं हो जाते, हम कभी उन्हें अपने पीछे नहीं कर सकते।

जब मैं चुप रहा तब दिन भर कहरते कहरते मेरी हडि्डयां पिघल गई। - भजन ३२:८


बाइबल पाठ: लूका १५:११-२४

Luk 15:11 फिर उस ने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
Luk 15:12 उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उस ने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
Luk 15:13 और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा करके एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
Luk 15:14 जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
Luk 15:15 और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा : उस ने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
Luk 15:16 और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्‍हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
Luk 15:17 जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
Luk 15:18 मैं अब उठकर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्‍वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्‍टि में पाप किया है।
Luk 15:19 अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले।
Luk 15:20 तब वह उठकर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
Luk 15:21 पुत्र न उस से कहा पिता जी, मैं ने स्‍वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्‍टि में पाप किया है और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
Luk 15:22 परन्‍तु पिता ने अपने दासों से कहा झट अच्‍छे से अच्‍छा वस्‍त्र निकालकर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
Luk 15:23 और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्‍द मनावें।
Luk 15:24 क्‍योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है : खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्‍द करने लगे।

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा १७-१८
  • यूहन्ना ३:१९-३६