ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

गुरुवार, 8 दिसंबर 2011

शैतान के प्रतिरोध

   जब प्रभु यीशु ने अपने चेलों से निकट भविष्य में अपने यरूशलेम जाने और वहाँ पर यहूदियों के धर्म गुरुओं द्वारा पकड़वाए जाने और क्रूस पर चढ़ा कर मारे जाने के बारे में बताया, तो उन के चेले पतरस ने इसका विरोध किया और उन्हें ऐसा होने देने को रोक देने के लिए कहा। पतरस का यह प्रतिरोध उसके अनजाने में ही उस में होकर यीशु के विरुद्ध शैतान के द्वारा डाला जाने वाला प्रतिरोध था। प्रभु यीशु ने इस बात को प्रकट किया और पतरस में होकर कार्य कर रहे शैतान को इसके लिए डाँटा (मत्ती १६:२१-२३)।

   शैतान ने पहले यीशु को बचपन में ही मार डालने के प्रयास किए जब उसके जन्म के बाद राजा हेरोदेस ने उस इलाके में पैदा हुए सभी बच्चों को मरवा देने की आज्ञा दी ताकि उन बच्चों में यीशु भी मार डाला जाए (मत्ती २:१-१६)। जब से युहन्ना बपतिस्मा देने वाले ने प्रभु यीशु को परमेश्वर का मेमना कहा जो जगत के पाप उठा ले जाता है (युहन्ना १:२९), तब ही से शैतान यीशु को क्रूस पर जाने से रोकने के अपने प्रयासों में लग गया। पहले उसने यीशु की सेवकाई आरंभ होने से पहले ही उसे प्रलोभन दिया कि यीशु उस से संसार के राज्य ले ले और क्रूस पर जाने का अपना इरादा छोड़ दे। फिर सेवकाई के दौरान उसने कई बार यहूदी धर्म गुरुओं और अगुवों को उकसाया कि वे उस का विरोध करें, लोगों को उस के विरुद्ध भड़काएं, उसे पत्थरवाह कर के मार डालें जिससे वह क्रूस पर ना जा सके। जब शैतान के ये प्रयास विफल रहे तो उस ने अपनी रण नीति बदली और प्रभु के चेले पतरस को उकसाया कि वह परमेश्वर की योजना का विरोध करे और यीशु को क्रूस पर चढ़ाए जाने से रोके। जब यह भी कामयाब नहीं हुआ तो फिर शैतान एक और चेले यहूदा में समा गया (यूहन्ना १३:२७) कि यीशु का विरोध करे। उसके बाद शैतान ने प्रभु के चेलों से कायरता पूर्वक उसे अकेला छोड़ कर भागने, पतरस द्वारा तीन बार उसका इन्कार करने, रोमी सैनिको द्वारा बेरहमी से उसे पीटने, कोड़े मारने और उसका ठठा करने तथा जिन लोगों के बीच यीशु रहा और जिन्हें उसने चँगाईयाँ दीं, परमेश्वर का वचन सिखाया, उन्हीं के द्वारा उसके प्रति बेरुखी और दण्डित किए जाने की माँग रख कर शैतान ने यीशु को यह जताने के प्रयास किए कि मानव जाति इतनी गिरी हुई है कि उसके लिए क्रूस की मृत्यु सहना यीशु को गँवारा नहीं होना चाहिए।

   लेकिन शैतान के सभी प्रयास विफल हुए और यीशु परमेश्वर कि योजना में समस्त मानव जाति के उद्धार का मार्ग तैयार करने के लिए क्रूस पर मारा भी गया और फिर तीसरे दिन जी भी उठा, और आज जो कोई उसके इस कार्य पर विश्वास करके उसे ग्रहण करता है, उसे उद्धार भी देता है।

   शैतान ने भी अपने प्रयास बन्द नहीं किए हैं, अब उसने अपनी रण नीति एक बार फिर बदल ली है। अब वह प्रभु यीशु द्वारा उद्धार के सुसमाचार के प्रचार को बाधित कर रहा है, कि लोग या तो यह सुसमाचार सुने ही ना, या सुन कर भी उस पर विश्वास ना करें। इस कार्य के लिए उसने मसीही विश्वास का स्वरूप बिगाड़ कर उसे इसाई धर्म का रूप दे दिया और अब वह झूठी बातों और तथ्यों के तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करे जाने के द्वारा यीशु पर विश्वास को धर्म परिवर्तन की संज्ञा दे कर लोगों को भड़काता है, आज भी धर्म गुरुओं और धर्म के अगुवों द्वारा सुसमाचार प्रचार का विरोध करवाता है, मसीही विश्वास के सुसमाचार प्रचारकों पर सताव और उत्पीड़न लाता है कि वे अपने प्रयासों को छोड़ दें और अन्य देखने वाले इस से डर जाएं तथा यीशु पर विश्वास नहीं करें। वह संसार के लोगों को उकसाता है कि परमेश्वर है ही नहीं और उस पर विश्वास करना व्यर्थ है। जो फिर भी परमेश्वर पर विश्वास करते हैं, उन्हें वह उकसाता है कि उन्हें यीशु की आवश्यक्ता नहीं है, वे स्वयं ही अपने प्रयासों, भले कार्यों और धर्म के कार्यों के द्वारा परमेश्वर को प्रसन्न कर सकते हैं और स्वर्ग जा सकते हैं।

   किंतु जैसे पहले हुआ, अब भी वैसे ही हो रहा है, शैतान के सभी प्रयासों के बावजूद प्रभु यीशु के क्रूस पर मारे जाने, गाड़े जाने और तीसरे दिन जी उठने और यीशु में पापों की क्षमा पर विश्वास कर के प्रति दिन हज़ारों लोग उद्धार पा रहे हैं और व्यक्तिगत रीति से अपने जीवनों में परमेश्वर की शान्ति का अनुभव कर रहे हैं। ये सभी उद्धार पाए हुए लोग यीशु के क्रूस और यीशु की खाली कब्र के कारण आनन्दित हैं और अपने विश्वास द्वारा वह स्थान प्राप्त कर चुके हैं जो वे किसी भी धर्म और अपने कर्मों द्वारा कभी पा नहीं सकते थे - परमेश्वर की सन्तान होने का दर्जा। यीशु में साधारण विश्वास द्वारा सेंत-मेंत उद्धार का यह अवसर समस्त मानव जाति के लिए आज भी उपलब्ध है, उद्धार का मार्ग अभी भी खुला है - आपके लिए भी।

   यीशु का क्रूस और उसकी खाली कब्र प्रमाण है कि शैतान हारा हुआ है और मसीही विश्वास सदा के लिए उस पर जयवन्त है और रहेगा। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


कलवरी का क्रूस शैतान की पराजय और पतन का चिन्ह है।

उस ने फिर कर पतरस से कहा, हे शैतान, मेरे साम्हने से दूर हो: तू मेरे लिये ठोकर का कारण है; क्‍योंकि तू परमेश्वर की बातें नहीं, पर मनुष्यों की बातों पर मन लगाता है। - मत्ती १६:२३

बाइबल पाठ: मत्ती १६:२१-२८
Mat 16:21  उस समय से यीशु अपने चेलों को बताने लगा, कि मुझे अवश्य है, कि यरूशलेम को जाऊं, और पुरिनयों और महायाजकों और शास्‍त्रियों के हाथ से बहुत दुख उठाऊं; और मार डाला जाऊं, और तीसरे दिन जी उठूं।
Mat 16:22  इस पर पतरस उसे अलग ले जाकर झिड़कने लगा कि हे प्रभु, परमेश्वर न करे; तुझ पर ऐसा कभी न होगा।
Mat 16:23  उस ने फिर कर पतरस से कहा, हे शैतान, मेरे साम्हने से दूर हो: तू मेरे लिये ठोकर का कारण है; क्‍योंकि तू परमेश्वर की बातें नहीं, पर मनुष्यों की बातों पर मन लगाता है।
Mat 16:24  तब यीशु ने अपने चेलों से कहा, यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप का इन्‍कार करे और अपना क्रूस उठाए, और मेरे पीछे हो ले।
Mat 16:25  क्‍योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा; और जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा।
Mat 16:26  यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्‍त करे, और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्‍या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्‍या देगा?
Mat 16:27  मनुष्य का पुत्र अपने स्‍वर्गदूतों के साथ अपने पिता की महिमा में आएगा, और उस समय वह हर एक को उस के कामों के अनुसार प्रतिफल देगा।
Mat 16:28  मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो यहां खड़े हैं, उन में से कितने ऐसे हैं, कि जब तक मनुष्य के पुत्र को उसके राज्य में आते हुए न देख लेंगे, तब तक मृत्यु का स्‍वाद कभी न चखेंगे।
 
एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल ८-१० 
  • ३ युहन्ना

बुधवार, 7 दिसंबर 2011

अभूतपूर्व परिवर्तन

   एक मनोवज्ञानिक चिकितस्क ने, जो जेल के कैदियों के बीच में कार्य करता था, खिसिया कर कहा, "मैं किसी के पागलपन का तो इलाज कर सकता हूँ लेकिन उसकी बुराई का नहीं"। मनुष्य के बुरे स्वभाव को बदल पाना किसी मानवीय सामर्थ और उपाय से बाहर है। केवल एक ही शक्ति है जो इस कार्य को कर सकती है, पाप पर जयवन्त प्रभु यीशु के सुसमाचार की शक्ति।

   चार्ल्स डारविन, जिसने क्रमिक विकास की धारणा को इतना महत्व दिया और माना, उसने भी इस बात को स्वीकार किया था। उसने एक प्रभु यीशु के सेवक को लिखा था: "हमारे गाँवों के सुधार के लिए जो आपने कुछ ही महीनों में कर दिखाया वह हमारी वर्षों की मेहनत से कहीं बढ़कर है। हम आज तक किसी एक भी शराबी व्यक्ति को सुधार नहीं सके थे, किंतु आपकी सेवाओं के बाद अब मुझे इन गाँवों में कोई शराबी दिखता ही नहीं।"

   बाद में डारविन दक्षिण अमेरिका के बिलकुल छोर पर स्थित इलाके Tierra Del Fuego गए, उन्हों ने वहाँ के लोगों में ऐसा वहशीपन देखा जो वर्णन से बाहर था। उसके कुछ समय पश्चात उन्हें फिर उस इलाके में जाने का अवसर मिला, तब तक एक मसीही सेवक वहाँ काम करने आ चुका था। अब जो डारविन ने वहाँ देखा वह उन्हें विस्मित कर देने वाला था; उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि प्रभु यीशु का सुसमाचार जीवन बदल देता है। वे वहाँ हुए परिवर्तन से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी मृत्यु के समय तक वहाँ के मिशन के कार्य के लिए पैसा देना ज़ारी रखा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में १ पतरस २ अध्याय में लिखा है कि क्रूस पर प्रभु यीशु के बलिदान ने ना केवल पाप के दण्ड को चुकाया वरन उसके सामर्थ को भी मिटा दिया। प्रेरित पौलुस ने उन लोगों के जघन्य अपराधों को गिनाने के बाद कुरिन्थ के विश्वासियों को लिखा कि, "और तुम में से कितने ऐसे ही थे, परन्‍तु तुम प्रभु यीशु मसीह के नाम से और हमारे परमेश्वर के आत्मा से धोए गए, और पवित्र हुए और धर्मी ठहरे" (१ कुरिन्थियों ६:११)।

   परमेश्वर की स्तुति हो, प्रभु यीशु वास्तव में अभूतपूर्व परिवर्तन लाकर, बुरों को भला बना देता है। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

परमेश्वर ने हमें बनाया, पाप ने हमें बिगाड़ा, मसीह हमें पुनः सुधार देता है।

वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर कर के धामिर्कता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। - १ पतरस २:२४

बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों १:१८-३१; ६:९-११
1Co 1:18  क्‍योंकि क्रूस की कथा नाश होने वालों के निकट मूर्खता है, परन्‍तु हम उद्धार पाने वालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है।
1Co 1:19  क्‍योकि लिखा है, कि मैं ज्ञानवानों के ज्ञान को नाश करूंगा, और समझदारों की समझ को तुच्‍छ कर दूंगा।
1Co 1:20  कहां रहा ज्ञानवान? कहां रहा शास्त्री? कहां इस संसार का विवादी? क्‍या परमेश्वर ने संसार के ज्ञान को मूर्खता नहीं ठहराया?
1Co 1:21  क्‍योंकि जब परमेश्वर के ज्ञान के अनुसार संसार ने ज्ञान से परमेश्वर को न जाना तो परमेश्वर को यह अच्‍छा लगा, कि इस प्रकार की मूर्खता के द्वारा विश्वास करने वालों को उद्धार दे।
1Co 1:22  यहूदी तो चिन्‍ह चाहते हैं, और यूनानी ज्ञान की खोज में हैं।
1Co 1:23  परन्‍तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते हैं जो यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और अन्यजातियों के निकट मूर्खता है।
1Co 1:24  परन्‍तु जो बुलाए हुए हैं क्‍या यहूदी, क्‍या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है।
1Co 1:25  क्‍योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है।
1Co 1:26  हे भाइयो, अपने बुलाए जाने को तो सोचो, कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए।
1Co 1:27  परन्‍तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे।
1Co 1:28  और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्‍छों को, वरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्‍हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए।
1Co 1:29  ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के साम्हने घमण्‍ड न करने पाए।
1Co 1:30  परन्‍तु उसी की ओर से तुम मसीह यीशु में हो, जो परमेश्वर की ओर से हमारे लिये ज्ञान ठहरा अर्थात धर्म, और पवित्रता, और छुटकारा।
1Co 1:31  ताकि जैसा लिखा है, वैसा ही हो, कि जो घमण्‍ड करे वह प्रभु में घमण्‍ड करे।
1Co 6:9  क्‍या तुम नहीं जानते, कि अन्यायी लोग परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे धोखा न खाओ, न वेश्यागामी, न मूर्ति पूजक, न परस्त्रीगामी, न लुच्‍चे, न पुरूषगामी।
1Co 6:10  न चोर, न लोभी, न पियक्कड़, न गाली देने वाले, न अन्‍धेर करने वाले परमेश्वर के राज्य के वारिस होंगे।
1Co 6:11  और तुम में से कितने ऐसे ही थे, परन्‍तु तुम प्रभु यीशु मसीह के नाम से और हमारे परमेश्वर के आत्मा से धोए गए, और पवित्र हुए और धर्मी ठहरे।
 
एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल ५-७ 
  • २ युहन्ना

मंगलवार, 6 दिसंबर 2011

खामियों से सुन्दरता

   अपने चारों ओर प्रकृति में हम खामियों और सुन्दरता का अद्भुत संबंध देख सकते हैं। उदाहरण स्वरूप स्फटीक (crystal) की रचना के बारे में ही सोचिए; वैज्ञानिक बताते हैं कि संसार में शायद ही कोई वस्तु हो जो स्फटीक के समान क्रमवार रीति से बनती हो। हर तरह के खनीज़ पदार्थ और रतन के स्फटीक बनने का एक विशेष क्रम होता है, जिसमें उस के अणु के निर्धारित क्रम और स्थान में एक दूसरे के साथ जुड़ते हैं और इसी से इन खनीज़ों और रतनों को उनका विशेष आकार और स्वरूप मिलता है। किंतु कभी कभी इस क्रम में गड़बड़ हो जाती है और कुछ अणु अपने क्रम की बजाए बेतरतीब जुड़ जाते हैं - यही गड़बड़ उस रतन को उसका विशिष्ट रंग और सुन्दरता प्रदान करती है। यदि यह गड़बड़ न होती तो रतन के अलग अलग प्रकार तथा रंग भी न होते।

   मानव स्वभाव के साथ भी ऐसा है। हम सब जानते हैं कि हम में कुछ न कुछ खामियाँ और कमज़ोरियाँ हैं। हम अपने आप में अन-इच्छित गुण पाते हैं जैसे स्वार्थीपन, चिड़चिड़ा स्वभाव, अधीरता, गरम-मिज़ाज़ आदि। ये सब हमारे साथ हमारे अन्दर बसे पाप के स्वभाव के कारण हैं। परन्तु फिर भी कितने ही ऐसे मसीही विश्वासी हैं जो यह गवासी देंगे कि उनकी यही खामियाँ उन के लिए वरदान बन गईं जब उन्होंने इन के दुषप्रभावों से बचने के लिए प्रभु यीशु मसीह पर और भी अधिक आधारित होना आरंभ कर दिया। परमेश्वर के आगे दीन होकर अपनी इन खामियों को स्वीकार कर लेने और उन पर अपनी सामर्थ से जयवन्त होने की असमर्थता को मान लेने से उन्होंने परमेश्वर की सामर्थ और अनुग्रह को अपने जीवन में अनुभव किया।

   अपने जीवनों में उपस्थित खामियों से चिन्तित होकर हमें हताश नहीं हो जाना चाहिए; वरन उन्हें स्वीकार कर के, प्रार्थना में उन्हें प्रभु के हाथों में रख दें और उस पर भरोसा करें कि वह हमें इन पर विजयी करेगा।

   भजनकार ने लिखा, "यहोवा मेरे लिये सब कुछ पूरा करेगा..." (भजन १३८:८)। - मार्ट डी हॉन


परमेश्वर के संसाधन हमारी कुल आवश्यक्ताओं से भी कहीं बढ़ कर हैं।

यहोवा मेरे लिये सब कुछ पूरा करेगा; हे यहोवा, तेरी करूणा सदा की है। तू अपने हाथों के कार्यों को त्याग न दे। - भजन १३८:८

बाइबल पाठ: भजन १३८
Psa 138:1  मैं पूरे मन से तेरा धन्यवाद करूंगा; देवताओं के साम्हने भी मैं तेरा भजन गाऊंगा।
Psa 138:2  मैं तेरे पवित्र मन्दिर की ओर दण्डवत् करूंगा, और तेरी करूणा और सच्चाई के कारण तेरे नाम का धन्यवाद करूंगा; क्योंकि तू ने अपने वचन को अपने बड़े नाम से अधिक महत्व दिया है।
Psa 138:3  जिस दिन मैं ने पुकारा, उसी दिन तू ने मेरी सुन ली, और मुझ में बल देकर हियाव बन्धाया।
Psa 138:4  हे यहोवा, पृथ्वी के सब राजा तेरा धन्यवाद करेंगे, क्योंकि उन्होंने तेरे वचन सुने हैं;
Psa 138:5  और वे यहोवा की गति के विषय में गाएंगे, क्योंकि यहोवा की महिमा बड़ी है।
Psa 138:6  यद्यपि यहोवा महान है, तौभी वह नम्र मनुष्य की ओर दृष्टि करता है; परन्तु अहंकारी को दूर ही से पहिचानता है।
Psa 138:7  चाहे मैं संकट के बीच में रहूं तौभी तू मुझे जिलाएगा, तू मेरे क्रोधित शत्रुओं के विरूद्ध हाथ बढ़ाएगा, और अपने दाहिने हाथ से मेरा उद्धार करेगा।
Psa 138:8  यहोवा मेरे लिये सब कुछ पूरा करेगा; हे यहोवा, तेरी करूणा सदा की है। तू अपने हाथों के कार्यों को त्याग न दे।
 
एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल ३-४ 
  • १ युहन्ना ५

सोमवार, 5 दिसंबर 2011

अतुल्य विरासत

   नक्षत्रों का अध्ययन करने वाले फिस्क प्लैनिटेरियम को पैसे की आवश्यक्ता थी, इसलिए उस के संचालक ने एक चतुर उपाय सोचा। उसने विज्ञापन छपवाए जिन में मंगल ग्रह पर केवल २० डॉलर में ज़मीन के पट्टे देने का प्रस्ताव था। उस विज्ञापन के अनुसार, ये पट्टे मंगल ग्रह के ओलिंपस मोन्स इलाके में दिये जाने थे जो एवरेस्ट पर्वत से दोगुना ऊँचा और शांत हो चुका ज्वालमुखी पर्वत था। विज्ञापन में कहा गया कि, "वहाँ से आकाश गुलाबी नज़र आता है, वहाँ बिखरी हुई चट्टानों के लंबे-चौड़े बग़ीचे हैं और एक नहीं दो चान्द निकलते हैं। वह स्थान बहुत शांत और लुभावना है, वहाँ के निवासी भी इसी स्वभाव के हैं। क्योंकि वहाँ की गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का छटवाँ भाग ही है, इसलिए वहाँ आप गोल्फ बहुत अच्छा खेल पाएंगे क्योंकि गेंद छः गुना दूरी तक जाएगी।" विचित्र बात थी कि यह हास्यसपद उपाय बेहद कामयाब रहा और देश भर से लोगों ने २० डॉलर भेजे ताकि उन्हें मंगल की धरती पर पट्टे के दस्तावेज़, अंतरिक्ष उड़ान में जाने के लिए वाचा पत्र और मंगल की मिट्टी के जैसा प्रतीत होने वाला मिट्टी का एक नमूना दीया जाए।

   किसी मनुष्य द्वारा चतुराई और लुभावने अस्त्य द्वारा मंगल ग्रह पर स्थान देने के वायदे से कहीं कहीं अधिक बढ़ कर विश्वास करने योग्य वायदा है शाश्वत और कभी न बदलने वाले परमेश्वर का उस के द्वारा स्वर्ग में स्थान दिये जाने का। परमेश्वर यह स्थान अपने प्रेम की निशानी के रूप में प्रभु यीशु के विश्वासियों के लिए तैयार कर रहा है। प्रभु स्वयं उद्धार पाए हुए अपने लोगों के साथ रहेगा। वहाँ न दुखः होगा, न आँसू और न मृत्यु, वहाँ केवल आनन्द ही आनन्द होगा। उस स्थान का वर्णन कर पाने में मनुष्य की बुद्धि, ज़ुबान और भाषा की सीमाओं असमर्थ हैं।

   परमेश्वर द्वारा स्वर्ग में स्थान का वायदा किसी मखौल के लिए किया गया कोई झूठा वायदा नहीं है और ना ही यह कोई पूरा न हो पाने वाल विज्ञापन मात्र है। हो सकता है कि यह सुनने में अविश्वसनीय लगे, लेकिन यह पूरी तरह विश्वासनीय है, प्रभु यीशु ने अपने निषकलंक लहू, अपनी मृत्यु और अपने पुनरुत्थान के द्वारा इसे स्थापित किया है। यदि प्रभु यीशु के अस्तित्व, उसकी मृत्यु और पुनरुत्थान को असत्य प्रमाणित किया जा सकता है तब ही उस के इस वायदे को असत्य प्रमाणित किया जा सकेगा।

   आज यह अवसर आपके पास है; इस अतुल्य विरासात को पा लेने के इस अवसर को गवाएं नहीं, विश्वास से अपना लें। - मार्ट डी हॉन

तैयार लोगों के लिए स्वर्ग तैयार किया हुआ स्थान है।

जो जय पाए, वही उन वस्‍तुओं का वारिस होगा; और मैं उस का परमेश्वर होऊंगा, और वह मेरा पुत्र होगा। - प्रकाशितवाक्य २१:७
 
बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य २१:१-८
Rev 21:1  फिर मैं ने नए आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्‍योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा।
Rev 21:2  फिर मैं ने पवित्र नगर नए यरूशलेम को स्‍वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिए सिंगार किए हो।
Rev 21:3  फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्‍द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा।
Rev 21:4  और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं।
Rev 21:5  और जो सिंहासन पर बैठा था, उस ने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उस ने कहा, कि लिख ले, क्‍योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं।
Rev 21:6  फिर उस ने मुझ से कहा, ये बातें पूरी हो गई हैं, मैं अलफा और ओमिगा, आदि और अन्‍त हूं: मैं प्यासे को जीवन के जल के सोते में से सेंतमेंत पिलाऊंगा।
Rev 21:7  जो जय पाए, वही उन वस्‍तुओं का वारिस होगा; और मैं उसका परमेश्वर होऊंगा, और वह मेरा पुत्र होगा।
Rev 21:8  पर डरपोकों, और अविश्वासियों, और घिनौनों, और हत्यारों, और व्यभिचारियों, और टोन्‍हों, और मूतिर्पूजकों, और सब झूठों का भाग उस झील में मिलेगा, जो आग और गन्‍धक से जलती रहती है: यह दूसरी मृत्यु है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल १-२ 
  • १ युहन्ना ४

रविवार, 4 दिसंबर 2011

वारिस

   एक पत्रकार एल०एम०बोयड के अनुसार, सन १९४९ की घटना है कि एक व्यक्ति, जैक वुर्म, जो कंगाल और बिना किसी नौकरी के था, सैन फ्रैन्सिस्को के समुद्र तट पर समय बिताने को टहल रहा था। तट पर जैक को एक बोतल पड़ी मिली, जिसके अन्दर एक कागज़ था, जिस पर लिखा था, "किसी भी उलझन से बचने के लिए मैं अपनी सारी संपत्ति उस भाग्यवान व्यक्ति के लिए, जिसे यह सन्देश मिलता है, और अपने वकील बैरी कोहेन के लिए छोड़ती हूँ। दोनो उसे बराबर बांट लें।"

   अदालत ने उस सन्देश को डेज़ी सिंगर ऐलिकज़ैंडर, जो सिंगर सिलाई मशीन बनानी वाली कम्पनी की मालकिन थी, का अन्तिम वसीयतनामा स्वीकार किया। डेज़ी ने इस सन्देश को १२ वर्ष पूर्व लन्डन की थेम्स नदी में फेंका था, और वह वहाँ से बहते-बहते, सागर पार कर के अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत तक पहुँच गया, और जैक वुर्म रातों-रात कंगाल से करोड़पति बन गया।

   परमेश्वर का वचन बाइबल भी एक अजर और कल्पना से भी कहीं अधिक बहुमूल्य मिरास का सन्देश देती है, जो इस सन्देश पर विश्वास करने वालों के लिए स्वर्ग में रखी है (१ पतरस १:४)। जो कोई अपनी आत्मिक कंगाली स्वीकार कर के प्रभु यीशु पर विश्वास करता है, वह इस मीरास का मसीह के साथ संगी वारिस बन जाता है।

   डेज़ी सिंगर ऐलिकज़ैंडर ने अपनी संपत्ति एक बोतल में बन्द कर दी क्योंकि वे उसे अपने साथ ले जा नहीं सकती थीं। जैक वुर्म भी, जिसको वह संपत्ति मिली, उसे अपने साथ नहीं ले जा सकता था। लेकिन परमेश्वर का धन्यवाद हो कि उद्धार की जो विरासत वह हमें दे रहा है वह इस जीवन में आरंभ होती है और इस जीवन के बाद भी अनन्त काल तक बनी रहेगी। इस अद्भुत विरासत का बयाना परमेश्वर का पवित्र आत्मा स्वयं है, जो प्रभु यीशु पर विश्वास करने के क्षण से ही उस के प्रत्येक विश्वासी हृदय में आ कर रहने लग जाता है।

   मसीह का प्रत्येक विश्वासी एक अद्भुत, कल्पना से भी परे, अजर मीरास का वारिस है। - डेनिस डी हॉन

मसीह को ग्रहण करते ही, आप उस के साथ स्वर्ग के खज़ाने के संगी वारिस बन जाते हैं।

और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी। वह उसके मोल लिए हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्‍तुति हो। - इफीसियों १:१३, १४
 
बाइबल पाठ: इफीसियों १:१-१४
Eph 1:1  पौलुस की ओर से जो परमेश्वर की इच्‍छा से यीशु मसीह का प्रेरित है, उन पवित्र और मसीह यीशु में विश्वासी लोगों के नाम जो इफिसुस में हैं।
Eph 1:2  हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
Eph 1:3  हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उस ने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है।
Eph 1:4  जैसा उस ने हमें जगत की उत्‍पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उस के निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों।
Eph 1:5  और अपनी इच्‍छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उस के लेपालक पुत्र हों,
Eph 1:6  कि उस के उस अनुग्रह की महिमा की स्‍तुति हो, जिसे उस ने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया।
Eph 1:7  हम को उस में उस के लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उस के उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है।
Eph 1:8  जिसे उस ने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया।
Eph 1:9  कि उस ने अपनी इच्‍छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उस ने अपने आप में ठान लिया था।
Eph 1:10  कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्‍ध हो कि जो कुछ स्‍वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्र करे।
Eph 1:11  उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्‍छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।
Eph 1:12  कि हम जिन्‍होंने पहिले से मसीह पर आशा रखी थी, उस की महिमा की स्‍तुति के कारण हों।
Eph 1:13  और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्र आत्मा की छाप लगी।
Eph 1:14  वह उस के मोल लिए हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्‍तुति हो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ४७-४८ 
  • १ युहन्ना ३

शनिवार, 3 दिसंबर 2011

विजेता

   एक ट्रेन रेलवे स्टेशन के प्लैटफॉर्म पर आ कर रुकी और उसमें से उस शहर की फुटबाल टीम के खिलाड़ी उतरे, जो एक प्रतियोगिता में भाग लेकर लौटे थे। संचार साधन तब विकसित नहीं हुए थे और इस कारण प्रतियोगिता का नतीजा अभी लोगों को मालूम नहीं हो पाया था। स्टेशन पर खड़ी भीड़ में से जगह बनाते हुए एक लड़का उन खिलाड़ियों के पास आया और उन में से एक से प्रतियोगिता का नतीजा पूछा। जैसे ही उसने नतीजा सुना, वह खुशी के मारे उछलता हुआ सारे प्लैटफॉर्म पर ऊपर से नीचे दौड़ने लगा, साथ साथ चिल्लाता जा रहा था, ’हम जीत गए! हम जीत गए!’ वह लड़का आनन्दित था क्योंकि उसने अपनी पहचान उन खिलाड़ियों के साथ जोड़ दी थी और उसके लिए उनकी जीत उस की अपनी जीत थी।

   हर एक मसीही विश्वासी के जीवन में भी विजय ना कि पराजय जीवन का सार होनी चाहिए। परमेश्वर प्रत्येक मसीही विश्वासी को प्रभु यीशु मसीह में देखता है जिसे उसने मृतकों में से जिलाया और "उस को मरे हुओं में से जिलाकर स्‍वर्गीय स्थानों में अपनी दाहिनी ओर, सब प्रकार की प्रधानता, और अधिकार, और सामर्थ, और प्रभुता के, और हर एक नाम के ऊपर, जो न केवल इस लोक में, पर आने वाले लोक में भी लिया जाएगा, बैठाया" (इफिसीयों १:२०, २१)। प्रभु यीशु ने सारे संसार के सभी पापों का दण्ड अपनी मृत्यु के द्वारा भोगा, और मृत्यु पर जयवन्त हो कर पाप पर जयवन्त हुआ। अब जो विश्वास द्वारा उसकी इस विजय को अपनाते हैं, वे भी विजयी हैं, क्योंकि "क्‍योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी हैं" (१ युहन्ना ४:१७); और "परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है (२ कुरिन्थियों २:१४)"।

   क्योंकि प्रभु यीशु मसीह पाप और मृत्यु पर जयवन्त है, इसलिए जो उसमें हैं वे भी पाप और मृत्यु पर जयवन्त हैं। अपनी पहचान मसीह की पहचान के साथ जोड़ने से हम उसकी विजयी में संभागी और उसके आनन्द में आनन्दित हो सकते हैं। - पौल वैन गोर्डर

स्वर्ग और पृथ्वी के प्रत्येक अधिकार पर जयवन्त मसीह के आधीन हो कर हम भी संसार के किसी भी जयवन्त से भी बढ़ कर हो सकते हैं।

परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। - २ कुरिन्थियों २:१४

बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों ४:१-१८
2Co 4:1  इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते।
2Co 4:2  परन्‍तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्‍तु सत्य को प्रगट करके, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं।
2Co 4:3  परन्‍तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होने वालों ही के लिये पड़ा है।
2Co 4:4  और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके।
2Co 4:5  क्‍योंकि हम अपने को नहीं, परन्‍तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और उसके विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं।
2Co 4:6  इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिस ने कहा, कि अन्‍धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।
2Co 4:7  परन्‍तु हमारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
2Co 4:8  हम चारों ओर से क्‍लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते; निरूपाय तो हैं, पर निराश नहीं होते।
2Co 4:9  सताए तो जाते हैं, पर त्यागे नहीं जाते; गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।
2Co 4:10  हम यीशु की मृत्यु को अपनी देह में हर समय लिये फिरते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारी देह में प्रगट हो।
2Co 4:11  क्‍योंकि हम जीते जी सर्वदा यीशु के कारण मृत्यु के हाथ में सौंपे जाते हैं कि यीशु का जीवन भी हमारे मरणहार शरीर में प्रगट हो।
2Co 4:12  सो मृत्यु तो हम पर प्रभाव डालती है और जीवन तुम पर।
2Co 4:13  और इसलिये कि हम में वही विश्वास की आत्मा है, (जिस के विषय मे लिखा है, कि मैं ने विश्वास किया, इसलिये मैं बोला) सो हम भी विश्वास करते हैं, इसी लिये बोलते हैं।
2Co 4:14  क्‍योंकि हम जानते हैं, जिस ने प्रभु यीशु को जिलाया, वही हमें भी यीशु में भागी जान कर जिलाएगा, और तुम्हारे साथ अपने साम्हने उपस्थित करेगा।
2Co 4:15  क्‍योंकि सब वस्‍तुएं तुम्हारे लिये हैं, ताकि अनुग्रह बहुतों के द्वारा अधिक होकर परमेश्वर की महिमा के लिये धन्यवाद भी बढ़ाए।
2Co 4:16  इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।
2Co 4:17  क्‍योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्‍त जीवन महिमा उत्‍पन्न करता जाता है।
2Co 4:18  और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्‍तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्‍योंकि देखी हुई वस्‍तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्‍तु अनदेखी वस्‍तुएं सदा बनी रहती हैं।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ४५-४६ 
  • १ युहन्ना २

शुक्रवार, 2 दिसंबर 2011

उद्धार

   थोमस बिलेने सन १५३१ में अपने मसीही विश्वास के लिए शहीद हुए थे। उन्होंने अपने उद्धार पाने के अनुभव को इन शब्दों में बयान किया था: "मेरी आत्मा परेशान थी और मैं किसी प्रकार शान्ति पाने ले लिए बेचैन था, लेकिन शान्ति मुझे कहीं नहीं मिल पा रही थी...अन्ततः मैं ने प्रभु यीशु के बारे में सुना। उस समय इराज़्मस द्वारा लैटिन भाषा में प्रकाशित बाइबल का नया नियम पहली बार उपलब्ध हुआ। मैं ने उसे खरीदा, मेरी रुचि लैटिन भाषा में थी ना कि परमेश्वर के वचन में, क्योंकि उस समय मैं यह नहीं जानता था कि ’परमेश्वर का वचन’ क्या होता है। जब मैं ने पहली बार उसे पढ़ना आरंभ किया तो संयोग वश मेरे सामने ये शब्द आए ’यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं’ (१ तिमुथियुस १:१५)। परमेश्वर ने, इस एक वाक्य के द्वारा, मेरे अन्धेरे और घायल मन को प्रकाशित कर दिया और मेरी हड्डियों तक में अद्भुत आनन्द भर गया। ऐसा लगा जैसे एक लंबी अन्धेरी रात के बाद अचानक दिन की रौशनी फैल गई।"

   जब लोगों को एक पवित्र परमेश्वर के सामने अपने पाप की घोर भयानकता का एहसास होता है तो हो सकता है कि वे निराशा और बेबसी से भर जाएं; क्योंकि उन्हें यह भी बोध होता है कि वे सवयं अपने आप को पाप और उसके दुषप्रभावों से बचा नहीं सकते। लेकिन जो आशा थोमस बिलेने ने पाई वह सभी के लिए उपलब्ध है। प्रभु यीशु सभी पापियों के लिए मरे, और वे हर एक पापी के जीवन में निराशा और बेबसी के स्थान पर आशा और असीमित आनन्द भर सकते हैं।

   पाप क्षमा और उद्धार के लिए ना तो कोई रीति-रिवाज़ है और ना कोई नाम/धर्म/वेश्भूषा इत्यादि बदलने की आवश्यक्ता। अपने पापों का अंगीकार करना उद्धार पाने के लिए पहला कदम होता है, फिर उसके बाद मसीह यीशु में अपना विश्वास रख कर उस से उद्धार का दान स्वीकार कर लें, उसी क्षण से आपका जीवन बदल जाएगा, प्रभु यीशु का अनन्त जीवन और आनन्द आप में आ जाएगा। यह सब केवल एक सच्चे मन और विश्वास से करी गई छोटी सी प्रार्थना - हे यीशु मुझ पापी पर दया करें, मेरे पाप क्षमा करें, मुझे अपनी शरण में ले लें द्वारा संभव है। - डेव एग्नर


जो पापों में मरे हुए हैं, केवल यीशु ही उन्हें पापों के लिए मरा हुआ बना सकता है।
 
यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं। - १ तिमुथियुस १:१५
 
बाइबल पाठ: १ तिमुथियुस १:१२-१७
1Ti 1:12  और मैं, अपने प्रभु मसीह यीशु का, जिस ने मुझे सामर्थ दी है, धन्यवाद करता हूं; कि उस ने मुझे विश्वासयोग्य समझ कर अपनी सेवा के लिये ठहराया।
1Ti 1:13  मैं तो पहिले निन्‍दा करने वाला, और सताने वाला, और अन्‍धेर करने वाला था; तौभी मुझ पर दया हुई, क्‍योंकि मैं ने अविश्वास की दशा में बिन समझे बूझे, ये काम किए थे।
1Ti 1:14  और हमारे प्रभु का अनुग्रह उस विश्वास और प्रेम के साथ जो मसीह यीशु में है, बहुतायत से हुआ।
1Ti 1:15  यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है, कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिन में सब से बड़ा मैं हूं।
1Ti 1:16  पर मुझ पर इसलिये दया हुई, कि मुझ सब से बड़े पापी में यीशु मसीह अपनी पूरी सहनशीलता दिखाए, कि जो लोग उस पर अनन्‍त जीवन के लिये विश्वास करेंगे, उन के लिये मैं एक आदर्श बनूं।
1Ti 1:17  अब सनातन राजा अर्थात अविनाशी अनदेखे अद्वैत परमेश्वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ४२-४४ 
  • १ युहन्ना १