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रविवार, 21 सितंबर 2014

परेशानी


   स्कूल के खेल के मैदान पर फुटबॉल के खेल के पश्चात एक लड़के राईली ने दूसरे लड़के एवरी के साथ झगड़ना आरंभ कर दिया। वहाँ उपस्थित अध्यापक ने दोनों को अलग किया और प्रधानाध्यापक के पास भेज दिया। बाद में एवरी ने कहा, "जैसे हमेशा होता रहा है, हम दोनों को ही इस झगड़े का दुषपरिणाम भोगना पड़ा।" लेकिन साथ ही एवरी ने यह भी कहा कि इस घटना से उसने एक पाठ सीखा है, "परमेश्वर सदा ही हमारे साथ बना रहता है चाहे हम ऐसी परेशानी में ही क्यों ना हों।"

   इस्त्राएल बड़ी परेशानी में था; उनको मिस्त्र की गुलामी से निकालकर कनान देश में प्रवेश करने के लिए कनान के किनारे तक ले आने वाला उनका अगुवा मूसा अब नहीं रहा था। इस्त्राएल के नेतृत्व की बागडोर मूसा के सहयाक यहोशू को सौंपी गई थी जो अपने आप को इस बड़े कार्य के लिए कमज़ोर समझ रहा था। इस्त्राएल का नेतृत्व करके उन्हें कनान में प्रवेश करवाने, अनेकों सैनिक अभियानों में विजय द्वारा उन्हें कनान देश में बसाने, फिर उस देश की भूमि को इस्त्राएल के गोत्रों में बाँटने आदि बातों की परेशानी से चिंतित यहोशु को परमेश्वर ने आश्वस्त किया, "तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा" (यहोशू 1:5)।

   यहोशू का परमेश्वर में दृढ़ विश्वास था; जब इसत्राएलियों द्वारा कनान का भेद लेने गए लोगों ने लौट के आने के बाद इस्त्राएलियों को घबरा दिया और निराश कर दिया, तब यहोशू और कालेब ही थे जो परमेश्वर पर विश्वास के द्वारा कनान के निवासियों पर जयवन्त होने के दावे के साथ इस्त्राएलियों का हौंसला बढ़ा रहे थे (गिनती 14:6-9)। यहोशू आज भी यह जानता था कि परमेश्वर की उपस्थिति तथा सहायता के बिना वह कुछ नहीं कर पाएगा; और यहोशू की हिम्मत बाँधने के लिए इसी बात का आश्वासन परमेश्वर ने यहोशू को दिया भी। जो आश्वासन परमेश्वर ने तब यहोशू को दिया था, वही आज उसने हम सभी मसीही विश्वासियों को भी दिया है - कि वह हमारे साथ सदा बना रहेगा (इब्रानियों 13:5-6)।

   यह हमारे लिए बड़ी सांत्वना की बात है कि हमारा परमेश्वर हमारे साथ सदा बना रहता है, हमें ना कभी छोड़ता है और ना कभी त्यागता है, हम चाहे कैसी भी परेशानी में क्यों ना हों। - ऐनी सेटास


जब परेशानियाँ आप के पास आएं तब आप परमेश्वर के और पास आ जाएं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: यहोशू 1:1-7
Joshua 1:1 यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा, 
Joshua 1:2 मेरा दास मूसा मर गया है; सो अब तू उठ, कमर बान्ध, और इस सारी प्रजा समेत यरदन पार हो कर उस देश को जा जिसे मैं उन को अर्थात इस्राएलियों को देता हूं। 
Joshua 1:3 उस वचन के अनुसार जो मैं ने मूसा से कहा, अर्थात जिस जिस स्थान पर तुम पांव धरोगे वह सब मैं तुम्हे दे देता हूं। 
Joshua 1:4 जंगल और उस लबानोन से ले कर परात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा। 
Joshua 1:5 तेरे जीवन भर कोई तेरे साम्हने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूंगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूंगा, और न तुझ को छोडूंगा। 
Joshua 1:6 इसलिये हियाव बान्धकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैं ने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा। 
Joshua 1:7 इतना हो कि तू हियाव बान्धकर और बहुत दृढ़ हो कर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उस से न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहां जहां तू जाएगा वहां वहां तेरा काम सफल होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 7-9


शनिवार, 20 सितंबर 2014

प्रार्थना


   मेरा एक सच्चा अंगीकार: जब मुझे मालूम पड़ा कि अपोलो अंतरिक्ष श्रंखला की अन्तिम उड़ान में अन्तरिक्ष यात्री रेक्स वैल्हाईम अपने साथ हमारी पुस्तिका Our Daily Bread की एक प्रति लेकर जाएंगे, तो मैंने यह जानने का प्रयास किया कि उस पुस्तिका में मेरे द्वारा लिखे गए कौन से सन्देश होंगे जिन्हें वह अन्तर्रिक्ष में पढ़ेंगे। मैं तो एक छोटे से कसबे में पली-बढ़ी थी, इसलिए मुझे अपने लिए यह एक बहुत बड़ी बात प्रतीत हुई कि मेरे लिखे हुए सन्देश अन्तरिक्ष में पढ़े जाएंगे!

   लेकिन उन सन्देशों के विषय में मैंने अभी अपनी जिज्ञासा शान्त करी ही थी, कि मेरे मन में एक और विचार आया - मुझे यह इतनी बड़ी बात क्यों लग रही है कि मेरे सन्देश अन्तरिक्ष में पढ़े जाएंगे? आखिर प्रतिदिन, अनेकों बार, मेरी प्रार्थनाएं तो स्वर्गीय स्थानों तक पहुँचती ही रहती हैं! मेरे जीवन में ऐसा क्या हुआ है कि मैं इस बात को एक स्थापित तथ्य मानती हूँ कि सृष्टि का सृष्टिकर्ता परमेश्वर मेरी प्रार्थनाओं को सुनता है? मुझे परमेश्वर के वचन का आश्वासन है कि प्रभु यीशु मसीह में हो कर मैं कभी भी परमेश्वर के सम्मुख पूर्ण स्वतंत्रता और अधिकार से आ सकती हूँ (इफिसियों 3:12)। जब ऐसा है, और परमेश्वर स्वर्ग में मेरी बात को सुनता रहता है, तो मैं अपने द्वारा लिखी गई किसी बात के अन्तरिक्ष में किसी मनुष्य द्वारा पढ़े जाने को लेकर इतनी आश्चर्यचकित क्यों हूँ?

   यदि इतना ही हमें आत्मिक निद्रा से जगाने के लिए काफी नहीं है तो ज़रा इस पर विचार कीजिए: परमेश्वर अपनी मण्डली अर्थात हम मसीही विश्वासियों के समूह को प्रयोग कर रहा है ताकि आकाश के प्रधानों और शक्तियों को अपने ज्ञान और समझ से अवगत करवा सके (पद 10)। जरा कलपना कीजिए, परमेश्वर ना केवल हम मनुष्यों की प्रार्थनाओं पर ध्यान लगाता और उन्हें सुनता है, वरन वह हम में होकर आकाश की शक्तियों को प्रभु यीशु में होकर मिलने वाले उद्धार की योजना को समझाता है। भला है ना यह अचरज की बात! - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर अपनी सन्तान की प्रार्थना सुनने के लिए सदा उपलब्ध रहता है।

यीशु ने उस से कहा, मार्ग और सच्चाई और जीवन मैं ही हूं; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुंच सकता। - यूहन्ना 14:6

बाइबल पाठ: इफिसियों 3:8-13
Ephesians 3:8 मुझ पर जो सब पवित्र लोगों में से छोटे से भी छोटा हूं, यह अनुग्रह हुआ, कि मैं अन्यजातियों को मसीह के अगम्य धन का सुसमाचार सुनाऊं। 
Ephesians 3:9 और सब पर यह बात प्रकाशित करूं, कि उस भेद का प्रबन्‍ध क्या है, जो सब के सृजनहार परमेश्वर में आदि से गुप्‍त था। 
Ephesians 3:10 ताकि अब कलीसिया के द्वारा, परमेश्वर का नाना प्रकार का ज्ञान, उन प्रधानों और अधिकारियों पर, जो स्‍वर्गीय स्थानों में हैं प्रगट किया जाए। 
Ephesians 3:11 उस सनातन मनसा के अनुसार, जो उसने हमारे प्रभु मसीह यीशु में की थी। 
Ephesians 3:12 जिस में हम को उस पर विश्वास रखने से हियाव और भरोसे से निकट आने का अधिकार है। 
Ephesians 3:13 इसलिये मैं बिनती करता हूं कि जो क्‍लेश तुम्हारे लिये मुझे हो रहे हैं, उनके कारण हियाव न छोड़ो, क्योंकि उन में तुम्हारी महिमा है।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 4-6


शुक्रवार, 19 सितंबर 2014

आग


   घटना मेरे बचपन की है, हमारे घर में आग लग गई और मेरे पिता ने मुझे, मेरे भाई को और हमारे पालतु पिल्लों को उस जलते हुए घर से अपने हाथों में उठाकर निकाला। जब यह सब चल रहा था तब मैं गहरी नींद में सो रहा था, मुझे आभास भी नहीं हुआ कि हम कितने खतरे में थे। जब मेरी आँख खुली तब मैं कंबलों में लिपटा हुआ अपने दादा की गाड़ी में लेटा हुआ था, और मैंने अपने घर को धू-धू करते हुए जलते हुए देखा, आग की ऊँची ऊँची लपटें उठ रही थीं लेकिन हम बाहर उस गाड़ी में सुरक्षित थे। मैं इतना छोटा था कि उस भयानक आग को देखकर डरने की बजाए उसके प्रति जिज्ञासु हो रहा था।

   लेकिन फिर भी उस रात की कुछ बातें मुझे अभी तक याद हैं - दादा की गाड़ी में लेटे हुए भी मुझे उस आग की तीव्र तपिश महसूस हो रही थी, लेकिन उन लपटों की अटखेलियाँ मंत्रमुग्ध करने वाली थीं। मुझे सब लोगों के चेहरे पर छाया हुआ भय का भाव भी याद है, और यह भी कि सभी एक दूसरे के सुरक्षित बाहर होने की जाँच कर रहे थे, एक दूसरे के लिए चिंतित थे। बाद में मुझे मालुम पड़ा कि मेरे पिता उस जलते हुए घर में फिर से भाग कर गए क्योंकि उन्हें लगा कि दादाजी अभी अन्दर ही हैं, जबकि दादाजी तो बाहर ही थे। जब दादाजी को पिताजी के अन्दर जाने का पता चला तो वे भी भाग कर मेरे पिताजी को बाहर लाने जलते हुए घर के अन्दर चले गए। उन दोनों के एक दूसरे को बचाने के लिए किए गए दुस्साहस ने उस रात सभी लोगों को बहुत प्रभावित किया। ऐसा क्या था जो हमें एक दूसरे के लिए जोखिम उठाने के लिए, जलती आग में साथ होने के लिए प्रेरित कर रहा था? वह था एक दूसरे के लिए हमारा प्रेम, जो दूसरे को खतरे में देखना गंवारा नहीं कर पा रहा था और एक दूसरे को खतरे से बाहर निकाल लाने के प्रयास के लिए विवश कर रहा था।

   जब कभी मैं परमेश्वर के वचन बाइबल में दानिय्येल की पुस्तक में शदरक, मेशक और अबेदनगो की कहानी पढ़ता हूँ मुझे मेरे बचपन का वह आग का दृश्य स्मरण हो आता है। जब इन तीन जवानों के सामने यह निर्णय करने का अवसर आया कि वे राजा के सामने झुकेंगे या परमेश्वर के, तो उन्होंने बेझिझक होकर परमेश्वर के लिए धधकती आग में जाना स्वीकार कर लिया, क्योंकि वे परमेश्वर से प्रेम करते थे। और जब राजा की आज्ञा पर उन्हें धधकती आग के भट्टे में फेंका गया तो देखने वाले आश्चर्यचकित रह गए क्योंकि उनका परमेश्वर उनके साथ आग में चलता फिरता दिखाई दिया, आग ने केवल उनके बन्धन जलाए लेकिन उन तीनों को ज़रा सी भी हानि नहीं हुई, और वे सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। उनसे प्रेम करने वाला परमेश्वर आग में उनके साथ विद्यमान रहा, उन्हें सुरक्षित रखे रहा।

   आज ज़रूरी नहीं कि हम सभी मसीही विश्वासियों को भी धधकती आग के भट्टे में फेंका जाए, लेकिन संसार के प्रलोभनों की, जीवन की परिस्थितियों की आग हम सब को परखती रहती है, तब हमारा चुनाव किस के पक्ष में होता है - परमेश्वर और उसके वचन तथा उसकी आज्ञाकारिता के, या फिर संसार की बातों और तौर-तरीकों के? यदि हम सचमुच परमेश्वर से प्रेम करते हैं तो उसके लिए किसी भी आग में जाने से नहीं घबराएंगे, और जब कभी हमें आग में जाना भी पड़े तो वहाँ हम उस परमेश्वर प्रभु यीशु को भी अपने साथ खड़ा पाएंगे जिसने हमारे लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, जो हमारे लिए मर कर जी उठा। - रैन्डी किलगोर


परीक्षाओं की भूमि में ही विश्वास पनपता और बढ़ता है।

और मैं तुझ को उन लोगों के साम्हने पीतल की दृढ़ शहरपनाह बनाऊंगा; वे तुझ से लड़ेंगे, परन्तु तुझ पर प्रबल न होंगे, क्योंकि मैं तुझे बचाने और तेरा उद्धार करने के लिये तेरे साथ हूँ, यहोवा की यह वाणी है। मैं तुझे दुष्ट लोगों के हाथ से बचाऊंगा, और उपद्रवी लोगों के पंजे से छुड़ा लूंगा। - यर्मियाह 15:20-21

बाइबल पाठ: दानिय्येल 3:8-30
Daniel 3:8 उसी समय कई एक कसदी पुरूष राजा के पास गए, और कपट से यहूदियों की चुगली खाई। 
Daniel 3:9 वे नबुकदनेस्सर राजा से कहने लगे, हे राजा, तू चिरंजीव रहे। 
Daniel 3:10 हे राजा, तू ने तो यह आज्ञा दी है कि जो मनुष्य नरसिंगे, बांसुली, वीणा, सारंगी, सितार, शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुने, वह गिर कर उस सोने की मूरत को दण्डवत करे; 
Daniel 3:11 और जो कोई गिर कर दण्डवत न करे वह धधकते हुए भट्ठे के बीच में डाल दिया जाए। 
Daniel 3:12 देख, शद्रक, मेशक और अबेदनगो नाम कुछ यहूदी पुरूष हैं, जिन्हें तू ने बाबुल के प्रान्त के कार्य के ऊपर नियुक्त किया है। उन पुरूषों ने, हे राजा, तेरी आज्ञा की कुछ चिन्ता नहीं की; वे तेरे देवता की उपासना नहीं करते, और जो सोने की मूरत तू ने खड़ी कराई है, उसको दण्डवत नहीं करते। 
Daniel 3:13 तब नबूकदनेस्सर ने रोष और जलजलाहट में आकर आज्ञा दी कि शद्रक, मेशक और अबेदनगो को लाओ। तब वे पुरूष राजा के साम्हने हाजिर किए गए। 
Daniel 3:14 नबूकदनेस्सर ने उन से पूछा, हे शद्रक, मेशक और अबेदनगो, तुम लोग जो मेरे देवता की उपासना नहीं करते, और मेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत नहीं करते, सो क्या तुम जान बूझकर ऐसा करते हो? 
Daniel 3:15 यदि तुम अभी तैयार हो, कि जब नरसिंगे, बांसुली, वीणा, सारंगी, सितार, शहनाई आदि सब प्रकार के बाजों का शब्द सुनो, और उसी क्षण गिर कर मेरी बनवाई हुई मूरत को दण्डवत करो, तो बचोगे; और यदि तुम दण्डवत ने करो तो इसी घड़ी धधकते हुए भट्ठे के बीच में डाले जाओगे; फिर ऐसा कौन देवता है, जो तुम को मेरे हाथ से छुड़ा सके? 
Daniel 3:16 शद्रक, मेशक और अबेदनगो ने राजा से कहा, हे नबूकदनेस्सर, इस विषय में तुझे उत्तर देने का हमें कुछ प्रयोजन नहीं जान पड़ता। 
Daniel 3:17 हमारा परमेश्वर, जिसकी हम उपासना करते हैं वह हम को उस धधकते हुए भट्टे की आग से बचाने की शक्ति रखता है; वरन हे राजा, वह हमें तेरे हाथ से भी छुड़ा सकता है। 
Daniel 3:18 परन्तु, यदि नहीं, तो हे राजा तुझे मालूम हो, कि हम लोग तेरे देवता की उपासना नहीं करेंगे, और न तेरी खड़ी कराई हुई सोने की मूरत को दण्डवत करेंगे।
Daniel 3:19 तब नबूकदनेस्सर झुंझला उठा, और उसके चेहरे का रंग शद्रक, मेशक और अबेदनगो की ओर बदल गया। और उसने आज्ञा दी कि भट्ठे को सातगुणा अधिक धधका दो। 
Daniel 3:20 फिर अपनी सेना में के कई एक बलवान्‌ पुरूषों को उसने आज्ञा दी, कि शद्रक, मेशक और अबेदनगो को बान्धकर उन्हें धधकते हुए भट्ठे में डाल दो। 
Daniel 3:21 तब वे पुरूष अपने मोजों, अंगरखों, बागों और और वस्त्रों सहित बान्धकर, उस धधकते हुए भट्ठे में डाल दिए गए। 
Daniel 3:22 वह भट्ठा तो राजा की दृढ़ आज्ञा होने के कारण अत्यन्त धधकाया गया था, इस कारण जिन पुरूषों ने शद्रक, मेशक और अबेदनगो को उठाया वे ही आग की आंच से जल मरे। 
Daniel 3:23 और उसी धधकते हुए भट्ठे के बीच ये तीनों पुरूष, शद्रक, मेशक और अबेदनगो, बन्धे हुए फेंक दिए गए।
Daniel 3:24 तब नबूकदनेस्सर राजा अचम्भित हुआ और घबरा कर उठ खड़ा हुआ। और अपने मन्त्रियों से पूछने लगा, क्या हम ने उस आग के बीच तीन ही पुरूष बन्धे हुए नहीं डलवाए? उन्होंने राजा को उत्तर दिया, हां राजा, सच बात तो है। 
Daniel 3:25 फिर उसने कहा, अब मैं देखता हूं कि चार पुरूष आग के बीच खुले हुए टहल रहे हैं, और उन को कुछ भी हानि नहीं पहुंची; और चौथे पुरूष का स्वरूप ईश्वर के पुत्र के सदृश्य है।
Daniel 3:26 फिर नबूकदनेस्सर उस धधकते हुए भट्ठे के द्वार के पास जा कर कहने लगा, हे शद्रक, मेशक और अबेदनगो, हे परमप्रधान परमेश्वर के दासो, निकल कर यहां आओ! यह सुन कर शद्रक, मेशक और अबेदनगो आग के बीच से निकल आए। 
Daniel 3:27 जब अधिपति, हाकिम, गर्वनर और राजा के मन्त्रियों ने, जो इकट्ठे हुए थे, उन पुरूषों की ओर देखा, तब उनकी देह में आग का कुछ भी प्रभाव नहीं पाया; और उनके सिर का एक बाल भी न झुलसा, न उनके मोजे कुछ बिगड़े, न उन में जलने की कुछ गन्ध पाई गई। 
Daniel 3:28 नबूकदनेस्सर कहने लगा, धन्य है शद्रक, मेशक और अबेदनगो का परमेश्वर, जिसने अपना दूत भेज कर अपने इन दासों को इसलिये बचाया, क्योंकि इन्होंने राजा की आज्ञा न मान कर, उसी पर भरोसा रखा, और यह सोच कर अपना शरीर भी अर्पण किया, कि हम अपने परमेश्वर को छोड़, किसी देवता की उपासना वा दण्डवत न करेंगे। 
Daniel 3:29 इसलिये अब मैं यह आज्ञा देता हूं कि देश-देश और जाति-जाति के लोगों, और भिन्न-भिन्न भाषा बोलने वालों में से जो कोई शद्रक, मेशक और अबेदनगो के परमेश्वर की कुछ निन्दा करेगा, वह टुकड़े टुकड़े किया जाएगा, और उसका घर घूरा बनाया जाएगा; क्योंकि ऐसा कोई और देवता नहीं जो इस रीति से बचा सके।
Daniel 3:30 तब राजा ने बाबुल के प्रान्त में शद्रक, मेशक, अबेदनगो का पद और ऊंचा किया।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 1-3


गुरुवार, 18 सितंबर 2014

सन्देश


   आप चाहे किसी अन्धेरे सिनेमा हॉल में बैठे सिनेमा देख रहे हों, या किसी सार्वजनिक स्थान पर हों, अथवा किसी रेल या बस में यात्रा कर रहे हों, बाज़ार में हों या दफ्तर में, मोबाईल फोन की घंटी बजने और फिर उस फोन के मालिक द्वारा सन्देश देखने, उसके उत्तर में अपना सन्देश भेजने अथवा फोन पर वार्तालाप करने का सिलसिला देखने को मिलता ही रहता है। एक छोटे से यंत्र से सन्देश की सूचना मिलने को नज़रन्दाज़ करना हमारे लिए बहुत कठिन हो गया है, सन्देश मिलते ही उसे देखना और प्रत्युत्तर देना हमारे लिए लगभग अनिवार्य सा हो गया है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल का एक पात्र, शमूएल एक छोटा बालक ही था जब उसे परमेश्वर के भवन में परमेश्वर की सेवा के लिए एली महापुरोहित को सौंप दिया गया था। वो एली के साथ रहता था और उसके निर्देशों के अनुसार परमेश्वर के मन्दिर में कार्य करता था। एक रात सोते समय उसने किसी को अपना नाम पुकारते हुए सुना, और यह सोचकर के एली ने उसे बुलाया है वह एली के पास गया, लेकिन एली ने उसे नहीं बुलाया था (1 शमूएल 3:1-7)। जब बार बार ऐसा हुआ तब एली को समझ आया कि परमेश्वर शमूएल को बुला रहा है, और उसने शमूएल से कहा कि अगली बार जब उसे वह आवाज़ सुनाई दे तो वह कहे, "...हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है..." (1 शमूएल 3:10)। परमेश्वर के प्रति ऐसे कान लगाए रखना शमूएल के जीवन की कार्यविधि बन गया, और शमूएल तरक्की करता गया, और परमेश्वर अपने आप को अपने वचन द्वारा उस पर प्रकट करता रहा (1 शमूएल 3:21)। इस्त्राएल के इतिहास में शमूएल का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है और वह परमेश्वर के वचन बाइबल के प्रमुख पात्रों में से एक है, क्योंकि उसके कान परमेश्वर की वाणी की ओर लगे रहते थे और वह उसकी आज्ञाकारिता में कार्य करता था।

   क्या आज मैं और आप परमेश्वर के सन्देशों तथा वाणी के प्रति संवेदनशील हैं? क्या हम उसकी आवाज़ की ओर, उसके निर्देशों पर ध्यान देते हैं; उनका पालन करते हैं? एक फोन पर आया सन्देश तो हमारा ध्यान अन्य सभी कार्यों से हटा कर उस सन्देश का उत्तर देने पर कर देता है; क्या परमेश्वर के सन्देश को, उसकी वाणी को भी हम इतना ही महत्व देते हैं?

   काश कि हम भी शमूएल के समान सच्चे मन से परमेश्वर से कहने वाले हो सकें, "हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।" - डेविड मैक्कैसलैंड


अपने जीवन में संसार की बातों के शोर को परमेश्वर की आवाज़ को दबाने ना दें।

और यहोवा ने शीलो में फिर दर्शन दिया, क्योंकि यहोवा ने अपने आप को शीलो में शमूएल पर अपने वचन के द्वारा प्रगट किया। - 1 शमूएल 3:21

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 3:1-10
1 Samuel 3:1 और वह बालक शमूएल एली के साम्हने यहोवा की सेवा टहल करता था। और उन दिनों में यहोवा का वचन दुर्लभ था; और दर्शन कम मिलता था। 
1 Samuel 3:2 और उस समय ऐसा हुआ कि (एली की आंखे तो धुंघली होने लगी थीं और उसे न सूझ पड़ता था) जब वह अपने स्थान में लेटा हुआ था, 
1 Samuel 3:3 और परमेश्वर का दीपक अब तक बुझा नहीं था, और शमूएल यहोवा के मन्दिर में जहाँ परमेश्वर का सन्दूक था लेटा था; 
1 Samuel 3:4 तब यहोवा ने शमूएल को पुकारा; और उसने कहा, क्या आज्ञा! 
1 Samuel 3:5 तब उसने एली के पास दौड़कर कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। वह बोला, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह। तो वह जा कर लेट गया। 
1 Samuel 3:6 तब यहोवा ने फिर पुकार के कहा, हे शमूएल! शमूएल उठ कर एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। उसने कहा, हे मेरे बेटे, मैं ने नहीं पुकारा; फिर जा लेट रह। 
1 Samuel 3:7 उस समय तक तो शमूएल यहोवा को नहीं पहचानता था, और न तो यहोवा का वचन ही उस पर प्रगट हुआ था। 
1 Samuel 3:8 फिर तीसरी बार यहोवा ने शमूएल को पुकारा। और वह उठके एली के पास गया, और कहा, क्या आज्ञा, तू ने तो मुझे पुकारा है। तब एली ने समझ लिया कि इस बालक को यहोवा ने पुकारा है। 
1 Samuel 3:9 इसलिये एली ने शमूएल से कहा, जा लेट रहे; और यदि वह तुझे फिर पुकारे, तो तू कहना, कि हे यहोवा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है तब शमूएल अपने स्थान पर जा कर लेट गया। 
1 Samuel 3:10 तब यहोवा आ खड़ा हुआ, और पहिले की नाईं पुकारा, शमूएल! शमूएल! शमूएल ने कहा, कह, क्योंकि तेरा दास सुन रहा है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 46-48


बुधवार, 17 सितंबर 2014

अनुशासन


   लेरी गौटलिब, जो एक माँ भी हैं और चिकित्सक भी, कहती हैं कि वे माता-पिता जो अपने बच्चों को हर समय केवल खुश देखते रहने के प्रयास में लगे रहते है, वे वास्तव में अपने बच्चों को दुखी व्यसक बना रहे होते हैं। ऐसे अभिभावक बच्चों को अपने से चिपकाए रहते हैं, उन्हें संसार कि सच्चाईयों को अनुभव करने और उन सच्चाईयों का सामना करने की क्षमता विकसित करने से वंचित रखते हैं, जब उनके बच्चे गलती करते हैं तब वे उन्हें सुधारते नहीं वरन गलतियों को नज़रन्दाज़ कर देते हैं, उन्हें अनुशासित रहने और समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाने से रोके रहते हैं। बड़े होने पर उन बच्चों को फिर कटु अनुभवों से वास्तविकता का सामना करना सीखना पड़ता है और उनका व्यवहार स्वयं उनके लिए तथा दूसरों के लिए भी दुखदायी हो जाता है; कई बार जिसकी भरपाई बहुत भारी पड़ती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी ऐसे ही एक पिता के बारे में उल्लेख है - वह परमेश्वर का महापुरोहित था, लेकिन अपने बच्चों को परमेश्वर के भय में बड़ा नहीं कर सका। बाइबल में पुराने नियम की पुस्तक 1 शमूएल में हम एली महायाजक के बारे में लिखा पाते हैं। वहाँ यह तो नहीं लिखा कि जब उसके बच्चे छोटे थे तो उनके प्रति वह कैसा पिता था, परन्तु यह अवश्य लिखा है कि जब वे बच्चे बड़े हो गए और परमेश्वर के मन्दिर में कार्य करने लगे तब उनका व्यवहार कैसा था तथा उनके पिता का उनके प्रति रवैया कैसा था। एली के लड़के बड़े होकर स्वार्थी, लुच्चे, झगड़ालु बन गए थे तथा परमेश्वर के वचन की शिक्षाओं एवं लोगों की आवश्यकताओं का ध्यान रखने वाले नहीं वरन अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए परमेश्वर के मन्दिर और संसाधनों का प्रयोग करने वाले हो गए थे। आरंभ में एली ने उन्हें टोका, परन्तु उन्होंने एली की नहीं सुनी और एली ने भी उनके दुर्व्यवहार की अन्देखी करना आरंभ कर दिया और उनके कुकर्म के भोजन में सम्मिलित होने लगा। क्योंकि एली ने अपने बच्चों को परमेश्वर, उसके मन्दिर तथा उसके वचन से अधिक आदर दिया इसलिए परमेश्वर ने इन बातों के कारण एली को चेतावनी दी कि एक भयानक विनाश उनके सामने रखा है, और एली तथा उसके के बेटे परमेश्वर की चेतावनी के अनुसार अपना प्राण गंवा बैठे (1 शमूएल 2:29, 34; 4:17-18)।

   हम मसीही विश्वासी माता-पिता को यह सदा ध्यान रखना चाहिए कि परमेश्वर से मिली बच्चों की आशीष की हम कैसे परवरिश कर रहे हैं? क्या हम उन्हें अनुशासन में रखकर तथा परमेश्वर के वचन के अनुसार शिक्षा देकर बड़ा कर रहे हैं, यदि आवश्यक हो तो प्रेम के साथ ताड़ना का प्रयोग करके भी (नीतिवचन 13:24; 29:17; इब्रानियों 12:9-11)। जब हम बच्चों को अनुशासन तथा परमेश्वर के भय में बड़ा करेंगे तो हम उन्हें ज़िम्मेदार तथा परमेश्वर के भय में रहने और समाज की भलाई के लिए कार्य करने वाले व्यसकों के रूप में देखने का सुख भी पाएंगे। - मार्विन विलियम्स


बच्चों को अनुशासनहीन बनाना उनके प्रति प्रेमहीन होने का सूचक है।

जो बेटे पर छड़ी नहीं चलाता वह उसका बैरी है, परन्तु जो उस से प्रेम रखता, वह यत्न से उसको शिक्षा देता है। - नीतिवचन 13:24

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 2:12, 27-36; 4:17-22
1 Samuel 2:12 एली के पुत्र तो लुच्चे थे; उन्होंने यहोवा को न पहिचाना। 
1 Samuel 2:27 और परमेश्वर का एक जन एली के पास जा कर उस से कहने लगा, यहोवा यों कहता है, कि जब तेरे मूलपुरूष का घराना मिस्र में फिरौन के घराने के वश में था, तब क्या मैं उस पर निश्चय प्रगट न हुआ था? 
1 Samuel 2:28 और क्या मैं ने उसे इस्राएल के सब गोत्रों में से इसलिये चुन नहीं लिया था, कि मेरा याजक हो कर मेरी वेदी के ऊपर चढ़ावे चढ़ाए, और धूप जलाए, और मेरे साम्हने एपोद पहिना करे? और क्या मैं ने तेरे मूलपुरूष के घराने को इस्राएलियों के कुल हव्य न दिए थे? 
1 Samuel 2:29 इसलिये मेरे मेलबलि और अन्नबलि जिन को मैं ने अपने धाम में चढ़ाने की आज्ञा दी है, उन्हें तुम लोग क्यों पांव तले रौंदते हो? और तू क्यों अपने पुत्रों का आदर मेरे आदर से अधिक करता है, कि तुम लोग मेरी इस्राएली प्रजा की अच्छी से अच्छी भेंटें खा खाके मोटे हो जाओ? 
1 Samuel 2:30 इसलिये इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, कि मैं ने कहा तो था, कि तेरा घराना और तेरे मूलपुरूष का घराना मेरे साम्हने सदैव चला करेगा; परन्तु अब यहोवा की वाणी यह है, कि यह बात मुझ से दूर हो; क्योंकि जो मेरा आदर करें मैं उनका आदर करूंगा, और जो मुझे तुच्छ जानें वे छोटे समझे जाएंगे। 
1 Samuel 2:31 सुन, वे दिन आते हैं, कि मैं तेरा भुजबल और तेरे मूलपुरूष के घराने का भुजबल ऐसा तोड़ डालूंगा, कि तेरे घराने में कोई बूढ़ा होने न पाएगा। 
1 Samuel 2:32 इस्राएल का कितना ही कल्याण क्यों न हो, तौभी तुझे मेरे धाम का दु:ख देख पड़ेगा, और तेरे घराने में कोई कभी बूढ़ा न होने पाएगा। 
1 Samuel 2:33 मैं तेरे कुल के सब किसी से तो अपनी वेदी की सेवा न छीनूंगा, परन्तु तौभी तेरी आंखें देखती रह जाएंगी, और तेरा मन शोकित होगा, और तेरे घर की बढ़ती सब अपनी पूरी जवानी ही में मर मिटेंगें। 
1 Samuel 2:34 और मेरी इस बात का चिन्ह वह विपत्ति होगी जो होप्नी और पीनहास नाम तेरे दोनों पुत्रों पर पड़ेगी; अर्थात वे दोनों के दोनों एक ही दिन मर जाएंगे। 
1 Samuel 2:35 और मैं अपने लिये एक विश्वासयोग्य याजक ठहराऊंगा, जो मेरे हृदय और मन की इच्छा के अनुसार किया करेगा, और मैं उसका घर बसाऊंगा और स्थिर करूंगा, और वह मेरे अभिषिक्त के आगे सब दिन चला फिरा करेगा। 
1 Samuel 2:36 और ऐसा होगा कि जो कोई तेरे घराने में बचा रहेगा वह उसी के पास जा कर एक छोटे से टुकड़े चान्दी के वा एक रोटी के लिये दण्डवत कर के कहेगा, याजक के किसी काम में मुझे लगा, जिस से मुझे एक टुकड़ा रोटी मिले।

1 Samuel 4:17 उस समाचार देने वाले ने उत्तर दिया, कि इस्राएली पलिश्तियों के साम्हने से भाग गए हैं, और लोगों का बड़ा भयानक संहार भी हुआ है, और तेरे दोनों पुत्र होप्नी और पीनहास भी मारे गए, और परमेश्वर का सन्दूक भी छीन लिया गया है। 
1 Samuel 4:18 ज्योंही उसने परमेश्वर के सन्दूक का नाम लिया त्योंही एली फाटक के पास कुर्सी पर से पछाड़ खाकर गिर पड़ा; और बूढ़े और भारी होने के कारण उसकी गर्दन टूट गई, और वह मर गया। उसने तो इस्राएलियों का न्याय चालीस वर्ष तक किया था। 
1 Samuel 4:19 उसकी बहू पीनहास की स्त्री गर्भवती थी, और उसका समय समीप था। और जब उसने परमेश्वर के सन्दूक के छीन लिये जाने, और अपने ससुर और पति के मरने का समाचार सुना, तब उसको जच्चा का दर्द उठा, और वह दुहर गई, और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ। 
1 Samuel 4:20 उसके मरते मरते उन स्त्रियों ने जो उसके आस पास खड़ी थीं उस से कहा, मत डर, क्योंकि तेरे पुत्र उत्पन्न हुआ है। परन्तु उसने कुछ उत्तर न दिया, और न कुछ ध्यान दिया। 
1 Samuel 4:21 और परमेश्वर के सन्दूक के छीन लिये जाने और अपने ससुर और पति के कारण उसने यह कहकर उस बालक का नाम ईकाबोद रखा, कि इस्राएल में से महिमा उठ गई! 
1 Samuel 4:22 फिर उसने कहा, इस्राएल में से महिमा उठ गई है, क्योंकि परमेश्वर का सन्दूक छीन लिया गया है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 43-45


मंगलवार, 16 सितंबर 2014

सुख


   मेरी पत्नि अपनी व्यस्त दिनचर्या के कारण हमारे नाती-पोतों के साथ कभी कभी सप्ताह में थोड़ा ही समय बिताने पाती है। लेकिन जब कभी संभव होता है वह अपनी दिनचर्या के कार्यों के समय में बदलाव करके उनके साथ अधिक से अधिक समय बिताने का प्रयास करती है - किसी कर्तव्य के अन्तर्गत नहीं, वरन इसलिए क्योंकि वह उनसे प्रेम करती है। ऐसे समयों में जब मैं उसे उनके साथ देखता हूँ तो मुझे आभास होता है कि ’सुख’ शब्द का तात्पर्य क्या होता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 119 का लेखक परमेश्वर के वचन से उसे प्राप्त होने वाले सुख के बारे में लिखता है। इस भजन में वह आठ बार ’सुख’ से जुड़े शब्दों का प्रयोग करता है (पद 16, 24, 35, 47, 70, 77, 92, 174)। उदाहरण के लिए: "मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा" (भजन 119:16); "क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं के कारण सुखी हूं, और मैं उन से प्रीति रखता हूं" (भजन 119:47)। भजनकार द्वारा ’सुख’ और उससे जुड़े हुए शब्दों का प्रयोग दिखाता है कि उसके लिए परमेश्वर के वचन के साथ समय बिताना ना तो कोई बोझ था और ना ही किसी कर्तव्य का पालन मात्र; क्योंकि वह परमेश्वर से तथा उसके वचन से प्रेम करता था। परमेश्वर से उसके निकट संबंध के कारण उसके मन में लालसा रहती थी कि वह परमेश्वर के बारे में और अधिक निकटता से जाने, तथा यह भी जाने कि उसका प्रीय उससे क्या कहना चाहता है।

   इसी प्रकार, यदि हमें भी परमेश्वर के वचन के अध्ययन को कर्तव्य नहीं वरन अपने आनन्द का स्त्रोत बनाना है तो हमें भी परमेश्वर के साथ अपने संबंध को और प्रगाढ़ बनाना होगा। जब हम यह स्मरण रखेंगे कि परमेश्वर हम से कितना प्रेम करता है और हमारे लिए उस प्रेम में होकर उसने क्या कुछ किया है तो उसके साथ समय बिताना हमारे लिए केवल कर्तव्य पालन नहीं वरन वास्तव में आनन्द की बात बन जाएगा, और हम भी भजनकार के साथ कह सकेंगे, "अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है" (भजन 119:97)। - सी. पी. हिया


हर समय हर परिस्थिति में परमेश्वर के वचन को अपने आनन्द का स्त्रोत बनाए रखिए।

इस कारण मैं तेरी आज्ञाओं को सोने से वरन कुन्दन से भी अधिक प्रिय मानता हूं। - भजन 119:127

बाइबल पाठ: भजन 119:41-48
Psalms 119:41 हे यहोवा, तेरी करूणा और तेरा किया हुआ उद्धार, तेरे वचन के अनुसार, मुझ को भी मिले; 
Psalms 119:42 तब मैं अपनी नामधराई करने वालों को कुछ उत्तर दे सकूंगा, क्योंकि मेरा भरोसा, तेरे वचन पर है। 
Psalms 119:43 मुझे अपने सत्य वचन कहने से न रोक क्योंकि मेरी आशा तेरे नियमों पर हैं। 
Psalms 119:44 तब मैं तेरी व्यवस्था पर लगातार, सदा सर्वदा चलता रहूंगा; 
Psalms 119:45 और मैं चोड़े स्थान में चला फिरा करूंगा, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों की सुधि रखी है। 
Psalms 119:46 और मैं तेरी चितौनियों की चर्चा राजाओं के साम्हने भी करूंगा, और संकोच न करूंगा; 
Psalms 119:47 क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं के कारण सुखी हूं, और मैं उन से प्रीति रखता हूं। 
Psalms 119:48 मैं तेरी आज्ञाओं की ओर जिन में मैं प्रीति रखता हूं, हाथ फैलाऊंगा और तेरी विधियों पर ध्यान करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 40-42


सोमवार, 15 सितंबर 2014

आवश्यकता


   दिल दुखाने वाली बातें सुनने को मिलती ही रहती हैं - वह मित्र जिसकी व्यस्क पुत्री अपने पति और बच्चों को छोड़कर चली गई; वे माता-पिता जिनके किशोरावसथा में आ रहे बच्चे कार दुर्घटना में मारे गए; चर्च का वह अति कार्यकारी व्यक्ति जो अपनी नौकरी से सेवा-निवृत्ति के बाद किसी ना किसी बिमारी या परेशानी से जूझने को मजबूर है - आप सब ने ऐसी कहानियाँ सुनी होंगी, आपके पास भी ऐसी ही अपनी कहानियाँ भी होंगी।

   जब संघर्ष और पीड़ा हमारे विश्वास को झकझोरें और हमारे आनन्द के अन्तिम बून्द तक को निचोड़ डालें, तब हम कहाँ और किसके पास जाएँ? ऐसे में परमेश्वर के वचन बाइबल में 2 कुरिन्थियों 1:3 सही स्थान होगा - वह पद आशा, सहायता और संभावनाओं से भरा हुआ है।

   देखिए कि यह पद हम से क्या कहता है: प्रेरित पौलुस, व्यक्तिगत रीति से जिसके पास हम में से अधिकांश की तुलना में कहीं अधिक संघर्ष और परेशानियाँ थीं, इस पद में परमेश्वर के सम्मुख दो स्तर पर आराधना उठाता है। पहले तो वह परमेश्वर का, जो केवल हमारा ही नहीं वरन प्रभु यीशु का भी पिता और परमेश्वर है, धन्यवाद करता है - ज़रा इसके तात्पर्य में छिपी सामर्थ और प्रेम के बारे में सोचिए। दूसरे, फिर पौलुस इस से भी अधिक अच्छा समाचार देता है - हमारा परमेश्वर पिता दया और करुणा का परमेश्वर है, अर्थात वह हमसे अनन्त काल का प्रेम करता है और अपने अनुग्रह की दृष्टि हम पर बनाए रहता है; इतना ही नहीं वह सभी शान्ति का भी परमेश्वर है।

   क्या आज आपको अनुकंपा की, सांत्वना की, शान्ति की आवश्यकता है - अपने पिता परमेश्वर के पास जाएं। उसके पास आपके लिए आपकी आवश्यकता से भी कहीं बढ़कर सब कुछ उपलब्ध है और वह उन सब बातों को आप पर बहुतायत से उँडेलने को भी तैयार है। आवश्यकता तथा परेशानी में परमेश्वर ही है जो हमें संभाल सकता है। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर की शान्ति और सांत्वना भरी धीमी आवाज़ हमारी परेशानियों के कोलाहल को शान्त करने के लिए काफी है।

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। - 2 कुरिन्थियों 1:3

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 1:1-7
2 Corinthians 1:1 पौलुस की ओर से जो परमेश्वर की इच्छा से मसीह यीशु का प्रेरित है, और भाई तीमुथियुस की ओर से परमेश्वर की उस कलीसिया के नाम जो कुरिन्थुस में है; और सारे अखया के सब पवित्र लोगों के नाम।
2 Corinthians 1:2 हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
2 Corinthians 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। 
2 Corinthians 1:4 वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। 
2 Corinthians 1:5 क्योंकि जैसे मसीह के दुख हम को अधिक होते हैं, वैसे ही हमारी शान्‍ति भी मसीह के द्वारा अधिक होती है। 
2 Corinthians 1:6 यदि हम क्‍लेश पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्‍ति और उद्धार के लिये है और यदि शान्‍ति पाते हैं, तो यह तुम्हारी शान्‍ति के लिये है; जिस के प्रभाव से तुम धीरज के साथ उन क्‍लेशों को सह लेते हो, जिन्हें हम भी सहते हैं। 
2 Corinthians 1:7 और हमारी आशा तुम्हारे विषय में दृढ़ है; क्योंकि हम जानते हैं, कि तुम जैसे दुखों के वैसे ही शान्‍ति के भी सहभागी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 37-39