ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

मंगलवार, 12 सितंबर 2017

घमण्ड और नम्रता


   कुछ समय पहले की बात है, मैं अपनी पत्नि के साथ कुछ दिन कैम्पिंग के लिए गया, जहाँ हम एक प्राकृतिक खुले इलाके में तंबुओं में रहते थे। एक संध्या को अपने कैम्प की ओर लौटते समय हमने पास के घास के मैदान में दो नर भालुओं को एक दूसरे के साथ लड़ाई करते हुए देखा, और हम थोड़ी देर तक उन्हें लड़ते हुए देखने को रुक गए। वहाँ पहले से उपस्थित एक और व्यक्ति से हमने पूछा कि यह लड़ाई किस कारण हो रही थी; उसने उत्तर दिया, "एक मादा भालू के पीछे?" लेकिन क्योंकि हमें वहाँ और कोई भालू दिखाई नहीं दे रहा था, इसलिए हमने फिर पूछा, "वो कहाँ है?" तो उत्तर मिल, "वह तो लगभग बीस मिनट पहले जंगल की ओर चली गई!" इससे मैंने निषकर्ष निकाला कि वह लड़ाई मादा भालू के कारण नहीं वरन अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए हो रही थी।

   हम मनुष्यों के साथ भी ऐसा ही होता है। हमारे अधिकांश परस्पर झगड़े सही नीति और सिध्दांत, या सही अथवा गलत को लेकर नहीं होते हैं; वे हमारे घमण्ड के कारण होते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन का बुध्दिमान लेखक यह बात बड़ी स्पष्टता से लिखता है: "झगड़े रगड़े केवल अंहकार ही से होते हैं, परन्तु जो लोग सम्मति मानते हैं, उनके पास बुद्धि रहती है" (नीतिवचन 13:10)। अहंकार ही झगड़ों का ईंधन है; हम अपने आप को सही दिखाने के लिए, अपनी इच्छानुसार कार्य करवाने के लिए, अपना अधिकार-क्षेत्र बनाए रखने के लिए, अपने अहम को ऊँचा बनाए रखने के लिए झगड़ा करने से नहीं हिचकिचाते हैं।

   जबकि बाइबल यह भी बताती है कि इसके विपरीत, बुध्दिमता उनके साथ होती है जो भला परामर्श स्वीकार करते हैं, जो दूसरों की सुनने को, उनसे सीखने को, औरों की भली बातों को मानने को तैयार रहते हैं। जो अपने आप को नम्र बनाते हैं; जो अपनी स्वार्थी अभिलाषाओं को छोड़ना जानते हैं; जो अपनी समझ की सीमा को पहचानते हैं; जो औरों के दृष्टिकोण को भी जानने की इच्छा रखते हैं; जो अपने विचारों में सुधार स्वीकार कर लेते हैं, उनमें बुध्दिमता वास करती है।

   घमण्ड को दूर कर के नम्रता के साथ जीवन बिताना परमेश्वर से बुध्दिमता लाता है, जिसका परिणाम सदा शान्ति ही होता है। - डेविड रोपर


नम्रता से बुध्दिमता आती है।

इसलिये कि जहां डाह और विरोध होता है, वहां बखेड़ा और हर प्रकार का दुष्‍कर्म भी होता है। पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्र होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्‍छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। - याकूब 3:16-17

बाइबल पाठ: नीतिवचन 13:9-21
Proverbs 13:9 धर्मियों की ज्योति आनन्द के साथ रहती है, परन्तु दुष्टों का दिया बुझ जाता है। 
Proverbs 13:10 झगड़े रगड़े केवल अंहकार ही से होते हैं, परन्तु जो लोग सम्मति मानते हैं, उनके पास बुद्धि रहती है। 
Proverbs 13:11 निर्धन के पास माल नहीं रहता, परन्तु जो अपने परिश्रम से बटोरता, उसकी बढ़ती होती है। 
Proverbs 13:12 जब आशा पूरी होने में विलम्ब होता है, तो मन शिथिल होता है, परन्तु जब लालसा पूरी होती है, तब जीवन का वृक्ष लगता है। 
Proverbs 13:13 जो वचन को तुच्छ जानता, वह नाश हो जाता है, परन्तु आज्ञा के डरवैये को अच्छा फल मिलता है। 
Proverbs 13:14 बुद्धिमान की शिक्षा जीवन का सोता है, और उसके द्वारा लोग मृत्यु के फन्दों से बच सकते हैं। 
Proverbs 13:15 सुबुद्धि के कारण अनुग्रह होता है, परन्तु विश्वासघातियों का मार्ग कड़ा होता है। 
Proverbs 13:16 सब चतुर तो ज्ञान से काम करते हैं, परन्तु मूर्ख अपनी मूढ़ता फैलाता है। 
Proverbs 13:17 दुष्ट दूत बुराई में फंसता है, परन्तु विश्वासयोग्य दूत से कुशल क्षेम होता है।
Proverbs 13:18 जो शिक्षा को सुनी-अनसुनी करता वह निर्धन होता और अपमान पाता है, परन्तु जो डांट को मानता, उसकी महिमा होती है। 
Proverbs 13:19 लालसा का पूरा होना तो प्राण को मीठा लगता है, परन्तु बुराई से हटना, मूर्खों के प्राण को बुरा लगता है। 
Proverbs 13:20 बुद्धिमानों की संगति कर, तब तू भी बुद्धिमान हो जाएगा, परन्तु मूर्खों का साथी नाश हो जाएगा।
Proverbs 13:21 बुराई पापियों के पीछे पड़ती है, परन्तु धर्मियों को अच्छा फल मिलता है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 13-15
  • 2 कुरिन्थियों 5


सोमवार, 11 सितंबर 2017

समर्पण


   मेरे पुरखे मिशिगन प्रांत में आकर बस जाने वालों आरंभिक लोगों में से थे। उन्होंने भूमि को साफ किया, खेती की, बग़ीचे उगाए, जिससे वे अपने परिवार और बच्चों का भरण-पोषण कर सकें। मेरे परिवार में खेती-बाड़ी के प्रति यह रुझान पीढ़ियों से चला आ रहा है। मेरे पिता का जन्म और पालन-पोषण भी मिशिगन के एक किसानी करने वाले परिवार में हुआ था और उन्हें बाग़बानी का शौक था। संभवतं इसी कारण मुझे भी बाग़बानी का और उपजाऊ मिट्टी की गन्ध का शौक है। मुझे सुगन्धित फूलों वाले पौधे और गुलाब के पौधे उगाना और उनकी देखभाल करना बहुत पसन्द है। यदि यह करने में खर-पतवार न हों तो बहुत अच्छा हो; परन्तु समय-समय पर मुझे खर-पतवार को निकालना होता है, बग़ीचे की सफाई करनी होती है।

   जब मुझे इस खर-पतवार के साथ जूझना पड़ता है तो मुझे एक और बाग़ स्मरण हो आता है - अदन की वाटिका। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि वह परमेश्वर द्वारा लगाया गया सिध्द बाग़ था, जब तक कि आदम और हव्व द्वारा परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता के पाप ने उसे बिगाड़ नहीं दिया। वहीं से आदम और हव्वा तथा उनके बाद के प्रत्येक बाग़बान के लिए खर-पतवार समस्या बन गए (उत्पत्ति 3:17-18)।

   इसके अतिरिक्त बाइबल एक और बाग़ के बारे में भी बताती है - गतसमनी का बाग़, जहाँ अदन की वाटिका में आरंभ हुए पाप के दुषपरिणामों को उलट देने के लिए प्रभु यीशु मसीह ने प्रार्थना में परमेश्वर पिता के समक्ष संघर्ष किया, और विनती की कि यदि संभव हो तो मनुष्यों के पाप के दोष को हटा देने के लिए कोई और मार्ग मिल सके। गतसमनी के बाग़ में प्रभु यीशु मसीह ने परमेश्वर पिता के आगे आज्ञाकारिता में सर झुका कर क्रूस पर मृत्यु की घोर यातना सहना स्वीकार करते हुए कहा, "तेरी इच्छा पूरी हो" (मत्ती 26:42)।

   क्योंकि प्रभु यीशु ने गतसमनी के बाग़ में समर्पण किया था, इसलिए आज संसार भर में सभी मनुष्यों के पास परमेश्वर के अनुग्रह में साधारण विश्वास द्वारा पापों की क्षमा और अनन्त आशीष के जीवन का मार्ग उपलब्ध है। आज जो भी सच्चे मन और स्वेच्छा से प्रभु परमेश्वर को अपना जीवन समर्पण करता है, परमेश्वर उसके जीवन से खर-पतवार निकाल कर, सफाई करके, उसे अपनी स्वर्गीय आशीषों से भर देता है। - जो स्टोवैल


समर्पण तथा विश्वास के बोने और उगाए जाने से, 
आत्मिक उन्नति और आशीष की फसल मिलती है।

तब मैं ने कहा, देख, मैं आ गया हूं, (पवित्र शास्त्र में मेरे विषय में लिखा हुआ है) ताकि हे परमेश्वर तेरी इच्छा पूरी करूं। - इब्रानियों 10:7 

बाइबल पाठ: मत्ती 26:36-42
Matthew 26:36 तब यीशु ने अपने चेलों के साथ गतसमनी नाम एक स्थान में आया और अपने चेलों से कहने लगा कि यहीं बैठे रहना, जब तक कि मैं वहां जा कर प्रार्थना करूं। 
Matthew 26:37 और वह पतरस और जब्‍दी के दोनों पुत्रों को साथ ले गया, और उदास और व्याकुल होने लगा। 
Matthew 26:38 तब उसने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो। 
Matthew 26:39 फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो। 
Matthew 26:40 फिर चेलों के पास आकर उन्हें सोते पाया, और पतरस से कहा; क्या तुम मेरे साथ एक घड़ी भी न जाग सके? 
Matthew 26:41 जागते रहो, और प्रार्थना करते रहो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, परन्तु शरीर दुर्बल है। 
Matthew 26:42 फिर उसने दूसरी बार जा कर यह प्रार्थना की; कि हे मेरे पिता, यदि यह मेरे पीए बिना नहीं हट सकता तो तेरी इच्छा पूरी हो।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 10-12
  • 2 कुरिन्थियों 4


रविवार, 10 सितंबर 2017

संभाल


   जब से मैंने अपने माता-पिता के साथ पारिवारिक भ्रमण पर जाना बन्द किया, मेरा अपने दादा-दादी से मिलने जाना बहुत कम हो गया, क्योंकि वे हम से सैंकड़ों मील की दूरी पर रहते थे। इस लिए एक वर्ष मैंने निश्चय किया कि मैं उनसे मिलने और उनके साथ एक लंबा सप्ताहान्त बिताने, वायुयान से यात्रा करके जाऊँगी। मेरे वापस लौटने के लिए जब हम हवाई अड्डे की ओर आ रहे थे, तो मेरी दादी ने, जिन्होंने कभी हवाई यात्रा नहीं की थी, मुझ से हवाई यात्रा से संबंधित अपने भय बाँटने आरंभ किए; उन्होंने कहा, "जिस वायुयान में तुम यात्रा कर रही हो वह तो बहुत छोटा सा है, उसे वहाँ ऊपर थामे रखने के लिए तो कुछ भी नहीं होता है, मैं तो इतनी ऊँचाई पर जाने से बहुत डरती हूँ।" उनकी ये बातें सुनते सुनते, जब तक मेरे वायुयान में बैठने का समय हुआ, मेरे अन्दर भी उनके से भय जागृत हो गए थे, और मैं भी सोचने लगी थी कि इस वायुयान को ऊपर संभाले रखने वाला ऐसा कौन है?

   हमें अपने भय से, चाहे वे उचित हों या अनुचित, घबराना नहीं चाहिए। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि दाऊद को राजा शाउल से अपनी जान बचाए रखने के लिए भगोड़े के समान जीवन व्यतीत करना पड़ा, क्योंकि शाउल उसकी प्रसिद्धि तथा लोकप्रीयता के कारण दाउद से जलन रखता था और उसे मार डालना चाहता था। ऐसे में दाऊद को सच्ची शान्ति और वास्तविक दिलासा परमेश्वर के साथ अपने संबंध में ही मिली। दाऊद ने भजन 34 में लिखा, "मैं यहोवा के पास गया, तब उसने मेरी सुन ली, और मुझे पूरी रीति से निर्भय किया" (पद 4)।

   हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता, सर्वज्ञानी है और सब से प्रेम रखता है। जब भी किसी बात का भय हम पर हावी होने लगे, हमें अभिभूत करने लगे, तब हमें थोड़ा थम कर अपने स्वर्गीय पिता परमेश्वर के बारे में विचार करना चाहिए कि वह न केवल परमेश्वर है वरन हमारा प्रेमी पिता भी है जो सर्वदा हमारा भला ही चाहता है और वही हमें सदा संभाले रहता है। - सिंडी हैस कैस्पर


जब हम विश्वास करते हैं कि परमेश्वर भला है, 
तो हम अपने भय को त्यागना भी सीख लेते हैं।

क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा, तेरा दहिना हाथ पकड़कर कहूंगा, मत डर, मैं तेरी सहायता करूंगा। - यशायाह 41:13 

बाइबल पाठ: भजन 34:1-7
Psalms 34:1 मैं हर समय यहोवा को धन्य कहा करूंगा; उसकी स्तुति निरन्तर मेरे मुख से होती रहेगी। 
Psalms 34:2 मैं यहोवा पर घमण्ड करूंगा; नम्र लोग यह सुनकर आनन्दित होंगे। 
Psalms 34:3 मेरे साथ यहोवा की बड़ाई करो, और आओ हम मिलकर उसके नाम की स्तुति करें। 
Psalms 34:4 मैं यहोवा के पास गया, तब उसने मेरी सुन ली, और मुझे पूरी रीति से निर्भय किया। 
Psalms 34:5 जिन्होंने उसकी ओर दृष्टि की उन्होंने ज्योति पाई; और उनका मुंह कभी काला न होने पाया। 
Psalms 34:6 इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया।। 
Psalms 34:7 यहोवा के डरवैयों के चारों ओर उसका दूत छावनी किए हुए उन को बचाता है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 8-9
  • 2 कुरिन्थियों 3

शनिवार, 9 सितंबर 2017

सुगन्ध


   मैं जब भी खिले हुए गुलाबों वाले पौधे या किसी फूलों के गुलदस्ते के निकट होता हूँ, तो मेरा मन करता है कि मैं उन फूलों को अपनी नाक के निकट लाकर उसकी सुगन्ध का आनन्द लूँ। फूलों की वह भीनी सुगन्ध मेरे मन को आनन्दित करती है और मेरे अन्दर अच्छी भावनाएं जागृत करती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में प्रेरित पौलुस ने कहा, क्योंकि हम मसीह के हैं इसलिए परमेश्वर "... अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है" (2 कुरिन्थियों 2:14)। परमेश्वर की सामर्थ्य से हम जयवन्त जीवन जी सकते हैं, अपने स्वार्थ के स्थान पर उस से उसकी प्रेम और दया ले सकते हैं, और उससे मिलने वाले उद्धार की भलाई का प्रचार कर सकते हैं। जब हम ऐसा करते हैं तो हम परमेश्वर के लिए एक मनभावनी सुगन्ध होते हैं।

   पौलुस इसके पश्चात एक दूसरा शब्द चित्र भी प्रस्तुत करता है, मसीही विश्वासियों को "मसीह की पत्रियाँ" कहता है। पत्र समान हमारे मसीही विश्वास का जीवन किसी साधारण स्याही से नहीं लिखा जाता है, परन्तु परमेश्वर के पवित्र आत्मा के द्वारा लिखा जाता है (3:3)। प्रभु यीशु मसीह में स्वेच्छा से लाए गए विश्वास के द्वारा परमेश्वर जब हमें परिवर्तित करता है, तो वह अपना वचन हमारे हृदय में, दूसरों द्वारा पढ़े जाने के लिए लिख देता है।

   बाइबल में दिए गए ये दोनों ही शब्द चित्र हमें प्रोत्साहित करते हैं कि हम प्रभु यीशु मसीह की सुन्दरता को अपने जीवनों द्वारा लोगों को दिखाएं जिससे वे मसीह यीशु की ओर आकर्षित हो सकें। जैसे पौलुस ने इफिसीयों 5:2 में लिखा, मसीह यीशु ही है जिसने हम से "...प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया।" - लॉरेंस दरमानी


हमारे कार्य हमारे प्रचार से अधिक बोलते हैं।

जो बुद्धिमान हो, वही इन बातों को समझेगा; जो प्रवीण हो, वही इन्हें बूझ सकेगा; क्योंकि यहोवा के मार्ग सीधे हैं, और धर्मी उन में चलते रहेंगे, परन्तु अपराधी उन में ठोकर खाकर गिरेंगे। - होशे 14:9

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 2:14-3:3
2 Corinthians 2:14 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में सदा हम को जय के उत्‍सव में लिये फिरता है, और अपने ज्ञान का सुगन्‍ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है। 
2 Corinthians 2:15 क्योंकि हम परमेश्वर के निकट उद्धार पाने वालों, और नाश होने वालों, दोनों के लिये मसीह के सुगन्‍ध हैं। 
2 Corinthians 2:16 कितनो के लिये तो मरने के निमित्त मृन्यु की गन्‍ध, और कितनो के लिये जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्‍ध, और इन बातों के योग्य कौन है? 
2 Corinthians 2:17 क्योंकि हम उन बहुतों के समान नहीं, जो परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं; परन्तु मन की सच्चाई से, और परमेश्वर की ओर से परमेश्वर को उपस्थित जानकर मसीह में बोलते हैं।
2 Corinthians 3:1 क्या हम फिर अपनी बड़ाई करने लगे? या हमें कितनों के समान सिफारिश की पत्रियां तुम्हारे पास लानी या तुम से लेनी हैं? 
2 Corinthians 3:2 हमारी पत्री तुम ही हो, जो हमारे हृदयों पर लिखी हुई है, और उसे सब मनुष्य पहिचानते और पढ़ते हैं। 
2 Corinthians 3:3 यह प्रगट है, कि तुम मसीह की पत्री हो, जिस को हम ने सेवकों के समान लिखा; और जो सियाही से नहीं, परन्तु जीवते परमेश्वर के आत्मा से पत्थर की पटियों पर नहीं, परन्तु हृदय की मांस रूपी पटियों पर लिखी है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 6-7
  • 2 कुरिन्थियों 2


शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

योजनाएँ


   सेना के अफसरों के पास युध्द से संबंधित एक विस्तृत योजना उपलब्ध होती है, परन्तु प्रत्येक युध्द में जाने से पहले उन्हें अपने से उच्च अधिकारियों के पास आकर नए निर्देश लेने होते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि इस्त्राएलियों के एक अगुए को यह पाठ सीखना पड़ा। परमेश्वर के लोगों के जंगल में 40 वर्ष बिताने, तथा मूसा की मृत्यु के पश्चात परमेश्वर ने यहोशू को चुना कि वह इस्त्राएलियों का नेतृत्व करे और उन्हें कनान देश में ले जाकर बसाए। परमेश्वर ने उसे आश्वस्त किया कि वह सदा उसके साथ बना रहेगा और इस कार्य को पूरा करने में उसका सहायक होगा।

   कनान में प्रवेश करने पर जिस पहले गढ़ का उन्होंने सामना किया, वह यरीहो था। युध्द से पहले यहोशू ने "यहोवा की सेना के प्रधान" (संभ्वतः प्रभु यीशु मसीह) को अपने सामने हाथ में नंगी तलवार लिए हुए देखा। उसे देखकर यहोशू ने मूँह के बल गिरकर उसे दण्डवत की। अर्थात यहोशू ने परमेश्वर कि महानता और अपनी नगण्य़ता को पहचाना; और "तब यहोशू ने पृथ्वी पर मुंह के बल गिरकर दण्डवत किया, और उस से कहा, अपने दास के लिये मेरे प्रभु की क्या आज्ञा है?" (यहोशू 5:14)। जो निर्देश प्रभु ने उसे दिए उनके पालन के द्वारा यहोशू ने यरीहो पर विजय पाई।

   इसके कुछ समय के बाद, एक अन्य परिस्थिति में यहोशू और उसके लोगों ने परमेश्वर से परामर्श नहीं लिया (यहोशू 9:14)। परिणामस्वरूप वे धोखे में पड़ गए और गिबयोनियों के साथ एक शांति-समझौता कर बैठे, जिससे परमेश्वर अप्रसन्न हुआ (पद 3-26)। आज जीवन की परिस्थितियों का सफलता से सामना करने के लिए हम अपने प्रभु परमेश्वर निर्भर हैं। उसकी लालसा है कि हम उससे पूछ कर, उसके मार्गदर्शन के अनुसार अपने कार्यों और ज़िम्मेदारियों को पूरा करें। प्रभु परमेश्वर द्वारा हमारे लिए बनाई गई सभी योजनाएँ हमारी भलाई ही के लिए हैं। जब हम नम्रता और समर्पण के साथ उन योजनाओं को जानते और मानते हैं, वह सर्वदा हमारा भला ही करता है। - कीला ओकोआ


जो अपने आप को दीन और नम्र कर के परमेश्वर की इच्छा को खोजते हैं
 वे जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में सदा जयवंत और सफल रहते हैं।

भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे! - व्यवस्थाविवरण 5:29

बाइबल पाठ: यहोशू 5:13-6:2
Joshua 5:13 जब यहोशू यरीहो के पास था तब उसने अपनी आंखें उठाई, और क्या देखा, कि हाथ में नंगी तलवार लिये हुए एक पुरूष साम्हने खड़ा है; और यहोशू ने उसके पास जा कर पूछा, क्या तू हमारी ओर का है, वा हमारे बैरियों की ओर का? 
Joshua 5:14 उसने उत्तर दिया, कि नहीं; मैं यहोवा की सेना का प्रधान हो कर अभी आया हूं। तब यहोशू ने पृथ्वी पर मुंह के बल गिरकर दण्डवत किया, और उस से कहा, अपने दास के लिये मेरे प्रभु की क्या आज्ञा है? 
Joshua 5:15 यहोवा की सेना के प्रधान ने यहोशू से कहा, अपनी जूती पांव से उतार डाल, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र है। तब यहोशू ने वैसा ही किया।
Joshua 6:1 और यरीहो के सब फाटक इस्राएलियों के डर के मारे लगातार बन्द रहे, और कोई बाहर भीतर आने जाने नहीं पाता था। 
Joshua 6:2 फिर यहोवा ने यहोशू से कहा, सुन, मैं यरीहो को उसके राजा और शूरवीरों समेत तेरे वश में कर देता हूं।

एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन 3-5
  • 2 कुरिन्थियों 1


गुरुवार, 7 सितंबर 2017

आशा


   अमेरिका के सेनेटर (सांसद) रॉबर्ट केनेडी ने सन 1966 में दक्षिणी अफ्रीका का, जो उस समय रंग-भेद नीति का पालन करता था, एक प्रभावी दौरा किया। वहाँ उन्होंने रंग-भेद के विरुद्ध संघर्ष करने वालों के लिए, केप टाउन विश्वविद्यालय में दिए गए भाषण में, आशा के शब्द कहे जो "Ripple of Hope" (आशा की तरंगें) के नाम से विख्यात है। अपने भाषण में केनेडी ने कहा, "जब भी कोई व्यक्ति किसी आदर्ष के लिए खड़ा होता है, या औरों की स्थिति सुधारने के लिए कार्य करता है, या अन्याय के विरुध्द प्रहार करता है, तो वह आशा की एक छोटी सी तरंग भेजता है, और लाखों अन्य ऊर्जा और निर्भीक्ता के स्त्रोतों से आने वाली ये तरंगें एक साथ मिलकर एक ऐसी ताकतवर लहर बन जाती हैं जो शोषण और विरोध की मज़बूत से मज़बूत दीवारों को भी ध्वस्त कर देती हैं।"

   इस संसार में आशा कभी-कभी दुर्लभ लगती है। परन्तु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि मसीही विश्वासी के लिए एक सर्वोच्च आशा है जो सरलता से सदैव उपलब्ध रहती है। प्रेरित पतरस ने अपनी पत्री में लिखा, "हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया" (1 पतरस 1:3)।

   प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान की निश्चितता के कारण, मसीह यीशु में विश्वास लाने वालों, अर्थात परमेश्वर की सन्तानों के पास ऐसी आशा है जो तरंग से कहीं बढ़कर है। वह तो भरोसे की एक जबर्दस्त लहर है, उसकी विश्वासयोग्यता में जिसने हमारे लिए मृत्यु पर विजय पाई है। हमारी सबसे बड़ी शत्रु, मृत्यु पर प्रभु यीशु ने जो जय पाई है वह सबसे अधिक निराश कर देने वाली स्थिति में भी आशा भर देती है। - बिल क्राउडर


मसीह यीशु में निराश लोगों को अनन्त और अटल आशा मिलती है।

इसलिये जब कि लड़के मांस और लोहू के भागी हैं, तो वह आप भी उन के समान उन का सहभागी हो गया; ताकि मृत्यु के द्वारा उसे जिसे मृत्यु पर शक्ति मिली थी, अर्थात शैतान को निकम्मा कर दे। और जितने मृत्यु के भय के मारे जीवन भर दासत्‍व में फंसे थे, उन्हें छुड़ा ले। - इब्रानियों 2:14-15

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:3-9
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के मरे हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया। 
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये। 
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ्य से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है। 
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। 
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। 
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है। 
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 1-2
  • 1 कुरिन्थियों 16


बुधवार, 6 सितंबर 2017

क्रमशः


    मेरी युवावस्था में, 1950 के दशक में, मैं अकसर शनिवार की दोपहर को स्थानीय सिनेमा हॉल में फिल्म देखने जाया करता था। वहाँ कार्टून और मुख्य फिल्म के अतिरिक्त एक रोमाँचक सीरियल भी दिखाया जाता था। इस रोमाँचक सीरियल के प्रदर्शन का अन्त सदा ही एक ऐसे बिन्दु पर आकर होता था जिसमें नायक या नायिका किसी असंभव स्थिति में फंसे होते थे और उनके बच निकलने का कोई उपाय समझ में नहीं आ रहा होता था। परन्तु फिर भी प्रत्येक वृतांत का अन्त होता था "क्रमशः" शब्द से, अर्थात कहानी अभी आगे बढ़ेगी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड का एक नायक पौलुस खतरों और जान-जोखिम में डालने वाली परिस्थितियों से अनजान नही था। प्रभु यीशु मसीह के जगत का उद्धाकर्ता होने के सुसमाचार के प्रचार और प्रसार के लिए वह जेल गया, पीटा और पत्थरवाह किया गया, और समुद्री यात्राओं में जहाज़ के टूटने और जान का खतरा होने को भी अनुभव किया। वह यह निश्चित जानता था कि एक दिन उसकी मृत्यु होनी ही है, परन्तु उसने इसे कभी अपनी जीवन-गाथा का अन्त नहीं माना। पौलुस ने कुरिन्थुस के मसीही विश्वासियों को लिखा, "और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तक वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया" (1 कुरिन्थियों 15:54)। पौलुस को अपने जीवन भर धुन लगी रही थी कि वह सारे संसार के सभी लोगों के उद्धार के लिए प्रभु यीशु मसीह द्वारा क्रूस पर अपने प्राणों का बलिदान देने की बात सब को बताए, जिससे प्रभु यीशु पर लाए गए विश्वास और उसे किए गए समर्पण के द्वारा लोग अपने पापों की क्षमा और उद्धार पा सकें, परमेश्वर के साथ अनन्त जीवन जीने का निश्चय पा सकें।

   हम उन सिरियलों के नायक-नायिका के समान नहीं हैं जो सदा निश्चित मृत्यु से बच निकलते थे। हमारे जीवनों में निश्चित ही वह दिन आएगा जब हमारे पार्थिव जीवन का अन्त होगा - चाहे मृत्यु के द्वारा, चाहे प्रभु यीशु के दूसरे आगमन के द्वारा। परन्तु जितनों ने प्रभु यीशु पर विश्वास कर के उससे अपने पापों की क्षमा माँग ली है, अपना जीवन उन्हें समर्पित कर दिया है, उन सब के लिए पार्थिव जीवन का अन्त जीवन-गाथा की समाप्ति नहीं है, वरन "क्रमशः" है, क्योंकि उनका जीवन अनन्तकाल तक परमेश्वर के साथ चलता रहेगा; उनके स्वर्गीय जीवन और अनन्त आनन्द का कभी अन्त नहीं होगा। - डेविड मैक्कैसलैंड


जीवन और मृत्यु, दोनों में प्रभु यीशु मसीह 
हमारे जीवन की आशा और आश्वासन है।

वह मृत्यु को सदा के लिये नाश करेगा, और प्रभु यहोवा सभों के मुख पर से आंसू पोंछ डालेगा, और अपनी प्रजा की नामधराई सारी पृथ्वी पर से दूर करेगा; क्योंकि यहोवा ने ऐसा कहा है। - यशायह 25:8 

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:50-58
1 Corinthians 15:50 हे भाइयों, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेश्वर के राज्य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है। 
1 Corinthians 15:51 देखो, मैं तुम से भेद की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोएंगे, परन्तु सब बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:52 और यह क्षण भर में, पलक मारते ही पिछली तुरही फूंकते ही होगा: क्योंकि तुरही फूंकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा में उठाए जांएगे, और हम बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:53 क्योंकि अवश्य है, कि यह नाशमान देह अविनाश को पहिन ले, और यह मरनहार देह अमरता को पहिन ले। 
1 Corinthians 15:54 और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तब वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया। 
1 Corinthians 15:55 हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? 
1 Corinthians 15:56 हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। 
1 Corinthians 15:57 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है। 
1 Corinthians 15:58 सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 148-150
  • 1 कुरिन्थियों 15:29-58