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Friday, January 31, 2014

बहुतायत का जीवन


   चीनी नव वर्ष का उत्सव मनाते समय पारस्परिक संपर्क में कुछ विशेष शब्दों का लिखित एवं मौखिक प्रयोग करना पारंपरिक है। ऐसा ही एक शब्द जो बहुत प्रयोग होता है वह है ’बहुतायत’ और इसे दूसरों को आते संपूर्ण वर्ष भर भौतिक समृद्धि मिलते रहने की कामना करने के भाव के साथ प्रयोग किया जाता है।

   जब मूसा इस्त्राएलियों को मिस्त्र की गुलामी से निकालकर वाचा किए हुए कनान देश को लेकर चला तो उस देश में उनके प्रवेश करने से पहले मूसा ने इस्त्राएलियों को स्मरण दिलाया कि परमेश्वर उन्हें एक धनी और समृद्ध देश में लिए जा रहा है (व्यवस्थाविवरण 8:7-9)। मूसा ने उन्हें बताया कि उस देश में उनकी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बहुतायत से उपलब्ध होगा, जो भी उन्हें चाहिए वह वहाँ होगा। लेकिन साथ ही मूसा ने इस्त्राएलियों को चेतावनी भी दी कि इस समृद्धी में आने और सभी आवश्यकताओं के पूरे हो जाने के बाद वे परमेश्वर को भूल ना जाएं, क्योंकि परमेश्वर ही है जो उन्हें मिस्त्र से निकाल कर लाया, मार्ग में उनकी रक्षा करी, इस बहुतायत के देश तक पहुँचाया और यहाँ बस जाने की सामर्थ दी। मूसा ने कहा: "परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है"(व्यवस्थाविवरण 8:18)।

   समृद्धि केवल भौतिक वस्तुओं ही की नहीं होती - जो कुछ भी हमारे पास है वह सब परमेश्वर का ही दिया हुआ तो है। प्रभु यीशु मसीह ने चेलों से कहा, "...मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं" (यूहन्ना 10:10)। जैसे उन इस्त्राएलियों के लिए, आज हमारे लिए भी यही चेतावनी है कि हम यह कभी ना भूलें कि हमारे पास जो कुछ भी है वह परमेश्वर के अनुग्रह और उसकी आशीष से ही है। जब तक हम और हमारे जीवन परमेश्वर प्रभु यीशु के साथ जुड़े रहेंगे, वे संतुष्टि के और परमेश्वर की आशीषों की बहुतायत से भरे हुए जीवन होंगे। - सी० पी० हिया


परमेश्वर के उपहारों की बहुतायत में कभी उस अनुग्रह से देने वाले को भूल ना जाएं।

क्योंकि उस की परिपूर्णता से हम सब ने प्राप्त किया अर्थात अनुग्रह पर अनुग्रह। - यूहन्ना 1:16 

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 8:7-18
Deuteronomy 8:7 क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे एक उत्तम देश में लिये जा रहा है, जो जल की नदियों का, और तराइयों और पहाड़ों से निकले हुए गहिरे गहिरे सोतों का देश है। 
Deuteronomy 8:8 फिर वह गेहूं, जौ, दाखलताओं, अंजीरों, और अनारों का देश है; और तेलवाली जलपाई और मधु का भी देश है। 
Deuteronomy 8:9 उस देश में अन्न की महंगी न होगी, और न उस में तुझे किसी पदार्थ की घटी होगी; वहां के पत्थर लोहे के हैं, और वहां के पहाड़ों में से तू तांबा खोदकर निकाल सकेगा। 
Deuteronomy 8:10 और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसका धन्य मानेगा। 
Deuteronomy 8:11 इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे; 
Deuteronomy 8:12 ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे, 
Deuteronomy 8:13 और तेरी गाय-बैलों और भेड़-बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना, चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए, 
Deuteronomy 8:14 तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है, 
Deuteronomy 8:15 और उस बड़े और भयानक जंगल में से ले आया है, जहां तेज विष वाले सर्प और बिच्छू हैं, और जलरहित सूखे देश में उसने तेरे लिये चकमक की चट्ठान से जल निकाला, 
Deuteronomy 8:16 और तुझे जंगल में मन्ना खिलाया, जिसे तुम्हारे पुरखा जानते भी न थे, इसलिये कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के अन्त में तेरा भला ही करे। 
Deuteronomy 8:17 और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई। 
Deuteronomy 8:18 परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है, कि जो वाचा उसने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 11-13


Thursday, January 30, 2014

सान्तवना और शाँति


   हैरॉलड, कैथी और उनके दोनो बेटे एक जंगल के इलाके में थे, जब एक चक्रवाधी तूफान वहाँ से होकर निकला। कैथी ने इस घटना के कई वर्षों के बाद मुझसे बात करते हुए उस समय का अपना अनुभव बयान किया: "मेरे पति और बड़ा बेटा मुझसे कुछ दूर थे, मैंने और मेरे छोटे बेटे ने एक लकड़ी से बनी कोठरी में शरण ली। हमें बहुत तेज़ शोर सुनाई दिया मानों सैंकड़ों रेलगाड़ियाँ एक साथ वहाँ से निकल रही हों, और मैं तथा मेरा बेटा ज़मीन पर अपने सिर अपने हाथों में दबाए सिमटकर लेट गए। हमारी आँखों के सामने वह कोठरी टूट कर बिखरने लगी और मलबा हमारे चारों ओर उड़ने लगा। मैंने उड़ते हुए मलबे की चोट से बचने के लिए अपनी आँखें बन्द कर लीं। तभी मुझे लगा मानों मैं हवा में तेज़ी से उठ गई हूँ और फिर मैं पास की झील के पानी में जा गिरी, जहाँ अपने आप को डूबने से बचाए रखने के लिए मैं उड़ के आए हुए मलबे को थामे तैरती रही। लेकिन मेरा छोटा बेटा उस तूफान से बच नहीं पाया। अगले छः हफतों तक हम प्रतिदिन रोते रहे। लेकिन हमें परमेश्वर की सार्वभौमिकता पर पूरा विश्वास है और हम मानते हैं कि परमेश्वर ने अपनी किसी योजना के अन्तर्गत ही उस तूफान को हमारे ऊपर आने दिया। हमें यह स्मरण कर के भी शाँति है कि हमारा बेटा प्रभु यीशु को मानता था।"

   जब कोई प्रीय जन हम से बिछड़ जाता है तो हमारे मनों में अनेक प्रशन उठने लगते हैं। ऐसे समयों में हम मसीही विश्वासियों के लिए रोमियों 8:28 प्रोत्साहन और आश्वासन प्रदान करने का एक अच्छा माध्यम होता है। हम मसीही विश्वासी इस बात में आश्वस्त और शाँति से रह सकते हैं कि परमेश्वर हमारे जीवनों में जो भी आने देगा वह अन्ततः हमारे भले ही के लिए होगा; परमेश्वर कभी हमारा बुरा कर ही नहीं सकता, और ना ही हमारे साथ बुरा होने दे सकता है। वह हमारा प्रेमी पिता है जिसने जब हम पापों में उससे दूर थे तब भी हमारे उद्धार के लिए अपने एकलौते पुत्र को भी रख नहीं छोड़ा, तो फिर अब जब हम उसके परिवार का अंग हैं तो वह हमें कैसे हानि में जा लेने देगा?

   इस दम्पति के परमेश्वर की सार्वभौमिकता और प्रभु यीशु में विश्वास ने ही उनके इस बड़े दुख की घड़ी में उन्हें सान्तवना और शाँति दी। यही शाँति और सान्तवना प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए प्रत्येक परिस्थिति में सदा उपलब्ध रहती है। क्या आपने प्रभु यीशु को अपनी सान्तवना और शाँति का स्त्रोत बनाया है? यदि नहीं तो अभी बना लीजिए। - डेनिस फिशर


दुख में शाँति का हमारा सबसे महान कारण है हमारा विश्वास कि हर परिस्थिति परमेश्वर के नियंत्रण में है, हमारे भले ही के लिए है।

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:3-4

बाइबल पाठ:  रोमियों 8:26-30
Romans 8:26 इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर हैं, हमारे लिये बिनती करता है। 
Romans 8:27 और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है। 
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। 
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। 
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 8-10


Wednesday, January 29, 2014