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गुरुवार, 5 नवंबर 2020

बुद्धि

 

         एक पुरुष ने एक महिला पर मुकद्दमा दायर किया, इस दावे के साथ कि उस महिला ने उसके कुत्ते को चुरा लिया था। न्यायालय में महिला ने कहा कि उसने उस कुत्ते को खरीदा था, और उसने वह पता भी बताया जहाँ से खरीदा था। जज ने उस कुत्ते को मंगवाया और अपने न्यायालय में छोड़ दिया, और वह कुत्ता तुरंत दुम हिलाता हुआ मुकद्दमा दायर करने वाले उस पुरुष के पास चला गया, उसके असली मालिक की सही पहचान तुरंत पता चल गई।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में भी एक ऐसे ही मुकद्दमे का उल्लेख है, जब इस्राएल के एक राजा, राजा सुलैमान को इसी प्रकार के एक मामले को सुलझाना था। दो स्त्रियाँ एक ही शिशु की माताएँ होने का दावा कर रही थीं। दोनों की दलीलें सुनने के पश्चात सुलैमान ने एक तलवार मंगाई और कहा कि बच्चे को बीच में से विभाजित कर के दोनों को आधा-आधा दे दिया जाए। तुरंत ही बच्चे की असली माँ ने विनती की, कि बच्चे को दूसरी स्त्री को दे दिया जाए, चाहे वह बच्चा उसे न भी मिले किन्तु उसे जीवित रहने दें (1 राजाओं 3:26); असली माँ की पहचान हो गई और सुलैमान ने बच्चे को उसकी असली माँ को दे दिया।

         हमें सही-गलत, उचित-अनुचित, नैतिक-अनैतिक की पहचान के लिए बुद्धि की आवश्यकता होती है। यदि हम वास्तविकता में बुद्धि के महत्व को समझते हैं तो हम भी परमेश्वर से समझ-बूझ वाला हृदय माँग सकते हैं, जैसा सुलैमान ने माँगा था (पद 9)। परमेश्वर हमारी विनती का उत्तर हमारी आवश्यकताओं और इच्छाओं के संतुलन का, औरों की आवश्यकताओं के साथ ताल-मेल बैठने के द्वारा दे सकता है। वह हमें अल्पकालीन लाभ की तुलना में दीर्घकालीन (कभी-कभी अनन्तकालीन) लाभ को समझने और स्वीकार करने में हमारी सहायता करने के द्वारा भी उत्तर दे सकता है, जिससे कि हम अपने जीवन के द्वारा उसे आदर और महिमा दे सकें।

         हमारा प्रभु परमेश्वर न केवल सिद्ध बुद्धिमत्ता वाला न्यायी है, वरन वह हमारा व्यक्तिगत सलाहकार भी है जो हमें हमारी आवश्यकता के समय में ईश्वरीय समझ और बुद्धि भी देने का आश्वासन देता है (याकूब 1:5)। - जेनिफर बेनसन शुल्टज़

 

सही बुद्धिमत्ता का एकमात्र स्त्रोत स्वयं परमेश्वर है।


पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। - याकूब 1:5

बाइबल पाठ: 1 राजाओं 3:16-28

1 राजा 3:16 उस समय दो वेश्याएं राजा के पास आकर उसके सम्मुख खड़ी हुईं।

1 राजा 3:17 उन में से एक स्त्री कहने लगी, हे मेरे प्रभु! मैं और यह स्त्री दोनों एक ही घर में रहती हैं; और इसके संग घर में रहते हुए मेरे एक बच्चा हुआ।

1 राजा 3:18 फिर मेरे जच्चा के तीन दिन के बाद ऐसा हुआ कि यह स्त्री भी जच्चा हो गई; हम तो संग ही संग थीं, हम दोनों को छोड़कर घर में और कोई भी न था।

1 राजा 3:19 और रात में इस स्त्री का बालक इसके नीचे दबकर मर गया।

1 राजा 3:20 तब इस ने आधी रात को उठ कर, जब तेरी दासी सो ही रही थी, तब मेरा लड़का मेरे पास से ले कर अपनी छाती में रखा, और अपना मरा हुआ बालक मेरी छाती में लिटा दिया।

1 राजा 3:21 भोर को जब मैं अपना बालक दूध पिलाने को उठी, तब उसे मरा हुआ पाया; परन्तु भोर को मैं ने ध्यान से यह देखा, कि वह मेरा पुत्र नहीं है।

1 राजा 3:22 तब दूसरी स्त्री ने कहा, नहीं जीवित पुत्र मेरा है, और मरा पुत्र तेरा है। परन्तु वह कहती रही, नहीं मरा हुआ तेरा पुत्र है और जीवित मेरा पुत्र है, यों वे राजा के सामने बातें करती रही।

1 राजा 3:23 राजा ने कहा, एक तो कहती है जो जीवित है, वही मेरा पुत्र है, और मरा हुआ तेरा पुत्र है; और दूसरी कहती है, नहीं, जो मरा है वही तेरा पुत्र है, और जो जीवित है, वह मेरा पुत्र है।

1 राजा 3:24 फिर राजा ने कहा, मेरे पास तलवार ले आओ; सो एक तलवार राजा के सामने लाई गई।

1 राजा 3:25 तब राजा बोला, जीवते बालक को दो टुकड़े कर के आधा इस को और आधा उसको दो।

1 राजा 3:26 तब जीवित बालक की माता का मन अपने बेटे के स्नेह से भर आया, और उसने राजा से कहा, हे मेरे प्रभु! जीवित बालक उसी को दे; परन्तु उसको किसी भांति न मार। दूसरी स्त्री ने कहा, वह न तो मेरा हो और न तेरा, वह दो टुकड़े किया जाए।

1 राजा 3:27 तब राजा ने कहा, पहिली को जीवित बालक दो; किसी भांति उसको न मारो; क्योंकि उसकी माता वही है।

1 राजा 3:28 जो न्याय राजा ने चुकाया था, उसका समाचार समस्त इस्राएल को मिला, और उन्होंने राजा का भय माना, क्योंकि उन्होंने यह देखा, कि उसके मन में न्याय करने के लिये परमेश्वर की बुद्धि है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यिर्मयाह 34-36
  • इब्रानियों 2

सोमवार, 16 मई 2016

अच्छे सलाहकार


   पन्द्रहवीं शताब्दी के धर्मशास्त्री थौमस ए. केम्पिस ने कहा था, "ऐसा बुद्धिमान कौन है जो हर विषय का सिद्ध ज्ञान रखे? इसलिए, अपने विचार पर आवश्यकता से अधिक भरोसा मत रखना, वरन औरों के विचार सुनने के लिए भी तैयार रहना। चाहे आपके अपने विचार अच्छे भी हों, तौभी परमेश्वर के प्रेम में होकर यदि आप अपने विचार को छोड़कर दूसरों के बेहतर विचार सुनकर उन्हें मान लेंगे, तो इससे आपका भला ही होगा।" थौमस ने जीवन के निर्णय लेने में भले सलाहकारों की उपयोगिता और महत्व को पहचान लिया था।

   जीवन में परमेश्वर की इच्छा जानने और उसके अनुसार चलने के लिए बुद्धिमान व्यक्ति को अपने समक्ष ऐसे विकल्प बनाए रखने चाहिएं जिन में होकर परमेश्वर का मार्गदर्शन उस तक पहुंचा सके, जैसे कि परमेश्वर का वचन बाइबल, परमेश्वर को समर्पित और उससे प्रेम करने वाले परिपक्व लोग, स्वयं प्रार्थना और बाइबल अध्ययन में परमेश्वर के साथ समय बिताना आदि। जब कोई व्यक्ति अच्छे सलाहकारों की सलाह लेता है, तो वह यह भी दिखाता है कि उसे एहसास है कि उस निर्णय के लेने से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातों को संभवतः वह स्वयं जान नहीं पाया है। परमेश्वर के वचन बाइबल में सबसे बुद्धिमान व्यक्ति सुलेमान ने बताया कि अच्छे सलाहकारों से सलाह लेने का क्या महत्व है: "बिना सम्मति की कल्पनाएं निष्फल हुआ करती हैं, परन्तु बहुत से मंत्रियों की सम्मत्ति से बात ठहरती है" (नीतिवचन 15:22)।

   प्रभु यीशु ही हमारा अद्भुत, युक्ति करने वाला, प्राक्रमी परमेश्वर है (यशायाह 9:6), वही हमारे लिए परमेश्वर की बुद्धि है, और वही अच्छे सलाहकारों के द्वारा हमें सुरक्षित रखता है। इसलिए परमेश्वर के भय में रहने और चलने वाले, परमेश्वर के वचन में दृढ़ और स्थापित रहने वाले अच्छे सलाहकारों को ढूँढ़ें, उनकी संगति में रहें, उनके लिए प्रभु परमेश्वर का धन्यवाद करें और अपने जीवन के लिए स्पष्ट और नेक सलाह प्राप्त करने में उनका सहयोग लेते रहें। - मार्विन विलियम्स


यदि आप अच्छे सलाहकारों की सलाह लेते रहेंगे तो सही निर्णय ले पाने की संभावनाओं को बढ़ाते रहेंगे।

क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत, युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। - यशायाह 9:6

बाइबल पाठ: नीतिवचन 8:12-21
Proverbs 8:12 मैं जो बुद्धि हूं, सो चतुराई में वास करती हूं, और ज्ञान और विवेक को प्राप्त करती हूं। 
Proverbs 8:13 यहोवा का भय मानना बुराई से बैर रखना है। घमण्ड, अंहकार, और बुरी चाल से, और उलट फेर की बात से भी मैं बैर रखती हूं। 
Proverbs 8:14 उत्तम युक्ति, और खरी बुद्धि मेरी ही है, मैं तो समझ हूं, और पराक्रम भी मेरा है। 
Proverbs 8:15 मेरे ही द्वारा राजा राज्य करते हैं, और अधिकारी धर्म से विचार करते हैं; 
Proverbs 8:16 मेरे ही द्वारा राजा हाकिम और रईस, और पृथ्वी के सब न्यायी शासन करते हैं। 
Proverbs 8:17 जो मुझ से प्रेम रखते हैं, उन से मैं भी प्रेम रखती हूं, और जो मुझ को यत्न से तड़के उठ कर खोजते हैं, वे मुझे पाते हैं। 
Proverbs 8:18 धन और प्रतिष्ठा मेरे पास है, वरन ठहरने वाला धन और धर्म भी हैं। 
Proverbs 8:19 मेरा फल चोखे सोने से, वरन कुन्दन से भी उत्तम है, और मेरी उपज उत्तम चान्दी से अच्छी है। 
Proverbs 8:20 मैं धर्म की बाट में, और न्याय की डगरों के बीच में चलती हूं, 
Proverbs 8:21 जिस से मैं अपने प्रेमियों को परमार्थ के भागी करूं, और उनके भण्डारों को भर दूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 24-25
  • यूहन्ना 5:1-24


शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2014

मित्र


   सिसरो रोमी साम्राज्य का एक महानतम दार्शनिक था। वह एक कुशल वक्ता, अधिवक्ता, राजनैतिज्ञ, भाषा ज्ञानी और लेखक था। आज भी उसके व्यावाहारिक ज्ञान और स्पष्ट कथनों के लिए उसे स्मरण किया जाता है। उदाहरणस्वरूप उसने मित्रता के विषय में कहा: "मित्र हमारे आनन्द को दोगुना कर देते हैं और शोक को विभाजित करके उसे घटा देते है"। उसने जीवन यात्रा में मित्रता के दोहरे लाभ को पहचाना था।

   उसके लगभग एक सहस्त्र वर्ष पूर्व राजा सुलेमान ने भी मित्रता के विषय में लिखा था। सुलेमान द्वारा लिखी परमेश्वर के वचन बाइबल की सभोपदेशक नामक पुस्तक में लिखा है: "एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनके परिश्रम का अच्छा फल मिलता है। क्योंकि यदि उन में से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा; परन्तु हाय उस पर जो अकेला हो कर गिरे और उसका कोई उठाने वाला न हो" (सभोपदेशक 4:9-10)। निश्चय ही बिना किसी मित्र के हमारी जीवन यात्रा एकाकी और कठिन होती है।

   रोमी सिसरो और यहूदी राजा सुलेमान, दोनों ने बिलकुल सही कहा है, मित्र बहुत आवश्यक हैं। अच्छे मित्र नेक सलाहकार, बोझ बाँटने वाले और मन की बात समझने वाले सहायक होते हैं। प्रभु यीशु ने क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए पकड़वाए जाने से पहले अपने चेलों से कहा, "...मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं" (यूहन्ना 15:15)। प्रभु यीशु एक ऐसा मित्र है जो सदा साथ रहता है, सदा सहायक होता है और सदा विश्वासयोग्य रहता है। क्या आपने प्रभु यीशु को अपना मित्र बना लिया है? - डेनिस फिशर


जीवन की बगिया में मित्र सुगन्धित फूलों के समान होते हैं।

मित्र सब समयों में प्रेम रखता है, और विपत्ति के दिन भाई बन जाता है। - नीतिवचन 17:17

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 4:9-12;  यूहन्ना 15:12-16
Ecclesiastes 4:9 एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनके परिश्रम का अच्छा फल मिलता है। 
Ecclesiastes 4:10 क्योंकि यदि उन में से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा; परन्तु हाय उस पर जो अकेला हो कर गिरे और उसका कोई उठाने वाला न हो। 
Ecclesiastes 4:11 फिर यदि दो जन एक संग सोए तो वे गर्म रहेंगे, परन्तु कोई अकेला क्योंकर गर्म हो सकता है? 
Ecclesiastes 4:12 यदि कोई अकेले पर प्रबल हो तो हो, परन्तु दो उसका साम्हना कर सकेंगे। जो डोरी तीन तागे से बटी हो वह जल्दी नहीं टूटती।

John 15:12 मेरी आज्ञा यह है, कि जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो। 
John 15:13 इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। 
John 15:14 जो कुछ मैं तुम्हें आज्ञा देता हूं, यदि उसे करो, तो तुम मेरे मित्र हो। 
John 15:15 अब से मैं तुम्हें दास न कहूंगा, क्योंकि दास नहीं जानता, कि उसका स्‍वामी क्या करता है: परन्तु मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं। 
John 15:16 तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जा कर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 31-33


शुक्रवार, 17 जनवरी 2014

नेक सलाहकार


   हम में से कई लोग बहुत व्यस्त जीवन व्यतीत करते हैं, इसलिए परमेश्वर के वचन बाइबल के निर्गमन 18 अध्याय में दिए मूसा की व्यस्तता के वर्णन को समझ सकते हैं, उसके साथ सहानुभूति रख सकते हैं। उन लाखों इस्त्राएलियों के मध्य, जिन्हें वह मिस्त्र के दासत्व से निकालकर कनान देश को लिए जा रहा था, मूसा ही एक मात्र न्यायी था। इस लिए प्रातः से सन्धया तक मूसा ज़रूरतमन्द लोगों की भीड़ से घिरा रहता था (निर्गमन 18:3)।

   मेरे पास आकर कई लोगों ने, विशेषकर जवान माता-पिता ने कहा है कि वे मूसा की परिस्थिति समझते हैं और उससे सहानुभूति रखते हैं। मुझे लगता है कि ऐसी व्यस्त परिस्थितियों में जीवन निर्वाह के लिए हमें मूसा के समान दो गुणों को विकसित कर लेना चाहिए; पहला तो सुनने में प्रवीण होना (पद 24) तथा दूसरा अन्य लोगों की सहायता स्वीकार करना (पद 25)। कई बार तो हमारा अहम हमें दूसरों से सहायता लेना स्वीकार करने से रोकता है, लेकिन यह सदा ही होने वाली बात नहीं है।

   जैसा मूसा के साथ हुआ, वैसे ही हमारे साथ भी होता है कि जीवन इतनी तेज़ी से चल रहा होता है और हमारे समय पर इतनी माँगें बनी रहती हैं (पद 13-15) कि हमारे पास उन माँगों को ही उचित प्रतिक्रीया देने का ही समय नहीं होता, किसी के पास परामर्श या सहायता की माँग लेकर जाना तो बहुत दूर की बात है। संभवतः इसीलिए परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सलाह देती है कि हमारे साथ और हमारे संपर्क में अच्छे सलाहकार रहने चाहिएं जो अपने अनुभव और भली समझ-बूझ के आधार पर हमें आवश्यकतानुसार स्वयं ही सही सलाह दे सकें, चाहे हमारे पास सलाह माँगने का अवसर हो या ना हो। हम यही बात मूसा के जीवन की इस घटना में भी देखते हैं जहाँ उसके ससुर येत्रो ने मूसा की हालत देखकर उसे समझाया कि वह अपनी कुछ ज़िम्मेदारियाँ अन्य योग्य लोगों में बाँट दे जो साधारण और हलके मामले सुलझा सकें और मूसा को केवल कठिन मामलों के लिए ही समय देना पड़े (पद 17-23)।

   कार्य करने की ज़िम्मेदारी परमेश्वर ने सब को दी है, लेकिन वह हमें कुछ ही कार्यों द्वारा अभिभूत होकर अन्य ज़िम्मेदारियों से मूँह मोड़ते हुए नहीं देखना चाहता। इसलिए परमेश्वर का भय मानने वाले भले सलाहकारों के साथ संगति रखें, आवश्यकतानुसार उनसे परामर्श लें और फिर उस परामर्श का पालन भी करें। - रैण्डी किलगोर


जो सलाह नहीं लेता वह सहायता से भी वंचित रहता है।

जहां बुद्धि की युक्ति नहीं, वहां प्रजा विपत्ति में पड़ती है; परन्तु सम्मति देने वालों की बहुतायत के कारण बचाव होता है। - नीतिवचन 11:14

बाइबल पाठ: निर्गमन 18:13-24
Exodus 18:13 दूसरे दिन मूसा लोगों का न्याय करने को बैठा, और भोर से सांझ तक लोग मूसा के आसपास खड़े रहे। 
Exodus 18:14 यह देखकर कि मूसा लोगों के लिये क्या क्या करता है, उसके ससुर ने कहा, यह क्या काम है जो तू लोगों के लिये करता है? क्या कारण है कि तू अकेला बैठा रहता है, और लोग भोर से सांझ तक तेरे आसपास खड़े रहते हैं? 
Exodus 18:15 मूसा ने अपने ससुर से कहा, इसका कारण यह है कि लोग मेरे पास परमेश्वर से पूछने आते है। 
Exodus 18:16 जब जब उनका कोई मुकद्दमा होता है तब तब वे मेरे पास आते हैं और मैं उनके बीच न्याय करता, और परमेश्वर की विधि और व्यवस्था उन्हें जताता हूं। 
Exodus 18:17 मूसा के ससुर ने उस से कहा, जो काम तू करता है वह अच्छा नहीं। 
Exodus 18:18 और इस से तू क्या, वरन ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय हार जाएंगे, क्योंकि यह काम तेरे लिये बहुत भारी है; तू इसे अकेला नहीं कर सकता। 
Exodus 18:19 इसलिये अब मेरी सुन ले, मैं तुझ को सम्मति देता हूं, और परमेश्वर तेरे संग रहे। तू तो इन लोगों के लिये परमेश्वर के सम्मुख जाया कर, और इनके मुकद्दमों को परमेश्वर के पास तू पहुंचा दिया कर। 
Exodus 18:20 इन्हें विधि और व्यवस्था प्रगट कर कर के, जिस मार्ग पर इन्हें चलना, और जो जो काम इन्हें करना हो, वह इन को जता दिया कर। 
Exodus 18:21 फिर तू इन सब लोगों में से ऐसे पुरूषों को छांट ले, जो गुणी, और परमेश्वर का भय मानने वाले, सच्चे, और अन्याय के लाभ से घृणा करने वाले हों; और उन को हज़ार-हज़ार, सौ-सौ, पचास-पचास, और दस-दस मनुष्यों पर प्रधान नियुक्त कर दे। 
Exodus 18:22 और वे सब समय इन लोगों का न्याय किया करें; और सब बड़े बड़े मुकद्दमों को तो तेरे पास ले आया करें, और छोटे छोटे मुकद्दमों का न्याय आप ही किया करें; तब तेरा बोझ हलका होगा, क्योंकि इस बोझ को वे भी तेरे साथ उठाएंगे। 
Exodus 18:23 यदि तू यह उपाय करे, और परमेश्वर तुझ को ऐसी आज्ञा दे, तो तू ठहर सकेगा, और ये सब लोग अपने स्थान को कुशल से पहुंच सकेंगें। 
Exodus 18:24 अपने ससुर की यह बात मान कर मूसा ने उसके सब वचनों के अनुसार किया।

एक साल में बाइबल: 

  • निर्गमन 5-7


गुरुवार, 28 अक्टूबर 2010

शैतान से धोखा

राडोवान कराडज़िक, एक समय बोसनिया में रहने वाले सर्ब लोगों का अगुवा था। उस देश में चले गृह युद्ध के दौरान, उसके ऊपर अपनी जाति से भिन्न साधारण नागरिकों के भारी नरसंहार का इल्ज़ाम था और वह ऐसा अपराधी था जिसे संसार में सबसे अधिक खोजा जा रहा था। लम्बी सफेद दाढ़ी बढ़ाए हुए और नकली पहचान पत्र रखकर वह एक चिकित्सक के रूप में काम करता रहा और लोगों को धोखा देता रहा। ऐसे १३ साल तक छुपे रहने के बाद अन्ततः उसकी असलियत पता लगी और वह पकड़ा गया।

बाइबल बताती है कि शैतान भी लोगों को भेष बदल कर धोखा देते रहने में माहिर है, और सृष्टि के आरंभ से ऐसा करता आ रहा है। मनुष्य के इतिहास के आरंभ में, अदन की वाटिका में वह ज्ञानी सलाहकार बन कर हव्वा के पास आया, और उसे यह समझा कर बहकाया कि परमेश्वर उसके और आदम के साथ पूरी तरह से ईमानदार नहीं है (उत्पति ३:१-५)। पौलुस सचेत रहने को कहता है "क्‍योंकि शैतान आप भी ज्योतिमर्य स्‍वर्गदूत का रूप धारण करता है" (२ कुरिन्थियों ११:१४)।

प्रभु यीशु ने शैतान की वास्तविकता प्रगट करी - " तुम अपने पिता शैतान से हो, और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो आरम्भ से हत्यारा है, और सत्य पर स्थिर न रहा, क्‍योंकि सत्य उस में है ही नहीं: जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्‍वभाव ही से बोलता है, क्‍योंकि वह झूठा है, बरन झूठ का पिता है" (यूहन्ना ८:४)। हर एक झूठ और धोखा शैतान की ओर से है, चाहे वह झूठ कितना भी आकर्षक, तर्कसंगत या परिस्थितियों के संदर्भ में कितना भी उचित क्यों न लगे। तर्क और ज्ञान के ऐसे जाल में फंसा कर शैतान लोगों को बहकाता और फंसाता रहता है।

शैतान के विषय में लोग दो तरह की गलत धारणा रखने के कारण धोखा खा जाते हैं। कुछ तो उसे कालपनिक मान कर नज़रअंदाज़ कर देते हैं और कुछ अन्य उसे वास्तविकता से अधिक सामर्थशाली मानकर उसके आगे घुटने टेक देते हैं। हम धोखा न खाएं, शैतान सामर्थी अवश्य है, बाइबल भी उसे "इस संसार[युग] का ईश्वर" कहकर संबोधित करती है (२ कुरिन्थियों ४:४); लेकिन प्रभु यीशु मसीह के विश्वासियों को उसके सामने डरने और घबराने की आवश्यक्ता नहीं है क्योंकि विश्वासियों के लिये बाइबल यह भी बताती है कि " हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है, क्‍योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है" (१ युहन्ना ४:४)। वह दिन आने को है जब शैतान सदा काल के लिये आग की झील में डाल दिया जाएगा (प्रकशितवाक्य २०:१०)।

शैतान के उसके अंजाम तक पहुंचने के दिन तक हम चौकस रहें कि वह हमें धोखा न देने पाए और हम ऐसे धर्मी जीवन जीते रहें जो मसीह के चरित्र को प्रदर्शित करते हों क्योंकि "...वही सच्‍चा है, और उस में अधर्म नहीं" (यूहना ७:१८)। - सी. पी. हिया


शैतान के पास सिवाय धोखे और कपट के और कुछ देने को नहीं है।

फिर मैं ने स्‍वर्ग पर से यह बड़ा शब्‍द आते हुए सुना, कि अब हमारे परमेश्वर का उद्धार, और सामर्थ, और राज्य, और उसके मसीह का अधिकार प्रगट हुआ है, क्‍योंकि हमारे भाइयों पर दोष लगाने वाला, जो रात दिन हमारे परमेश्वर के साम्हने उन पर दोष लगाया करता था, गिरा दिया गया। - प्रकशितवाक्य १२:१०


बाइबल पाठ: प्रकशितवाक्य १२:७-१२

फिर स्‍वर्ग पर लड़ाई हुई, मीकाईल और उसके स्‍वर्गदूत अजगर से लड़ने को निकले, और अजगर और उनके दूत उस से लड़े।
परन्‍तु प्रबल न हुए, और स्‍वर्ग में उन के लिये फिर जगह न रही।
और वह बड़ा अजगर अर्थात वही पुराना सांप, जो इब्‍लीस और शैतान कहलाता है, और सारे संसार का भरमाने वाला है, पृथ्वी पर गिरा दिया गया, और उसके दूत उसके साथ गिरा दिए गए।
फिर मैं ने स्‍वर्ग पर से यह बड़ा शब्‍द आते हुए सुना, कि अब हमारे परमेश्वर का उद्धार, और सामर्थ, और राज्य, और उसके मसीह का अधिकार प्रगट हुआ है, क्‍योंकि हमारे भाइयों पर दोष लगाने वाला, जो रात दिन हमारे परमेश्वर के साम्हने उन पर दोष लगाया करता था, गिरा दिया गया।
और वे मेम्ने के लोहू के कारण, और अपनी गवाही के वचन के कारण, उस पर जयवन्‍त हुए, और उन्‍होंने अपने प्राणों को प्रिय न जाना, यहां तक कि मृत्यु भी सह ली।
इस कारण, हे स्‍वर्गों, और उन में के रहने वालों मगन हो; हे पृथ्वी, और समुद्र, तुम पर हाय! क्‍योंकि शैतान बड़े क्रोध के साथ तुम्हारे पास उतर आया है, क्‍योंकि जानता है, कि उसका थोड़ा ही समय और बाकी है।

एक साल में बाइबल:
  • यर्मियाह १५-१७
  • २ तिमुथियुस २