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Monday, March 31, 2014

तैयार


   जैसे उसके अन्य मित्र कर रहे थे, मेरी बेटी मेलिस्सा भी व्यसक होने और तब की ज़िम्मेदारियाँ निभाने के लिए अपने आप को तैयार कर रही थी। स्कूल में वो अपने भविष्य की योजना के अनुसार के विषयों के पाठ्यक्रमों के अध्ययन के द्वारा कॉलेज जाने के लिए तैयार हो रही थी, और एक कॉलेज में प्रवेश परीक्षा देने के लिए उसने अपना नाम भी लिखवा लिया था। स्कूल से बाहर अपने मित्रों, सहपाठियों और अन्य लोगों के साथ समय बिता कर तथा उनसे संवाद तथा विचारविमर्श द्वारा वो सामाजिक दायित्वों को निभाना सीख रही थी। अपने कार्य स्थल में वो विभिन्न स्तर के लोगों के साथ संपर्क तथा व्यवहार के द्वारा अपने भविष्य के कार्य की ज़िम्मेदारियों के लिए अपने आप को तैयार कर रही थी। घर पर मेलिस्सा घर के कार्यों में हाथ बंटाने और पारिवारिक संबंधों को निभाने के द्वारा एक मसीही विश्वासी परिवार के निर्वाह को सीख रही थी।

   व्यसक जीवन की तैयारी काफी मेहनत भरी होती है और मेलिस्सा उसमें पूरी तन्मयता के साथ लगी हुई थी तथा भली भांति उन्नति भी कर रही थी। लेकिन अनायास ही हुई उस अनेपक्षित दुर्घटना ने प्रगट कर दिया कि इनमें से कोई भी तैयारी वह तैयारी नहीं थी जिसकी उसे सबसे अधिक आवश्यकता थी। सन 2002 के जून माह की एक मनोरम शाम को 17 वर्षीय मेलिस्सा के जीवन का एक कार दुर्घटना में आक्समिक अन्त हो गया। उस अन्त के लिए उसे केवल एक ही तैयारी की आवश्यकता थी - परमेश्वर के सामने खड़े होकर अपने जीवन का हिसाब देने की; और उस शाम जब अचानक ही वह समय आ पहुँचा, मेलिस्सा अपने अनन्त के लिए तैयार थी, क्योंकि प्रभु यीशु में विश्वास और पापों से पश्चाताप एवं प्रभु यीशु को किए गए जीवन समर्पण के द्वारा (यूहन्ना 3:16; रोमियों 5:8-9) मेलिस्सा पहले से ही अपना अनन्त सुनिश्चित कर चुकी थी।

   जब उसकी तैयारियों को परखने की वास्तविक घड़ी अनायास ही आ पहुँची, मेलिस्सा तैयार थी - क्या आप भी उस घड़ी के लिए तैयार हैं? जैसे मेलिस्सा पर, वैसे ही आप पर भी, वह घड़ी कभी भी अनेपक्षित रूप से आ सकती है और तब तैयारी का कोई समय नहीं मिलेगा। संसार की ज़िम्मेदारियों के लिए करी गई सभी तैयारियाँ संसार में ही रह जाएंगी; असली आवश्यकता तो अनन्त काल की तैयारी की है - उस के लिए आप की तैयारी की क्या स्थिति है? - डेव ब्रैनन


यदि आज मृत्यु आपको उठा ले जाए तो क्या आप परमेश्वर के सामने जीवन का लेखा देने के लिए खड़े होने को तैयार हैं?

जैसा कहा जाता है, कि यदि आज तुम उसका शब्द सुनो, तो अपने मनों को कठोर न करो, जैसा कि क्रोध दिलाने के समय किया था। - इब्रानियों 3:15

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-11
Romans 5:1 ​सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। 
Romans 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें। 
Romans 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। 
Romans 5:4 ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। 
Romans 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है। 
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। 
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। 
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। 
Romans 5:9 सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? 
Romans 5:10 क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे? 
Romans 5:11 और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा जिस के द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर के विषय में घमण्ड भी करते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 5-7


Sunday, March 30, 2014

नज़रिया


   बहुत वर्षों से एलन फन्ट का टेलिविज़न कार्यक्रम Candid Camera दर्शकों के मनोरंजन का स्त्रोत रहा है। इस कार्यक्रम में एक छिपे हुए कैमरे में कैद कर के आकस्मिक और विचित्र परिस्थितियों के प्रति करी गई लोगों की हास्यासपद प्रतिक्रियाएं दिखाई जाती हैं। एलन के पुत्र पीटर के अनुसार, इस कार्यक्रम में दिखाने के लिए सामग्री एकत्रित करते समय उनका मानना यही रहता है कि, "सामान्यतः लोग अद्भुत होते हैं, और हम अपने कैमरे से यह दिखाना चाहते हैं।" पीटर का यह भी मानना है कि ऐसे ही कुछ अन्य कार्यक्रमों के प्रस्तुतकर्ता यह मानकर चलते हैं कि लोग सामान्यतः बेवकूफ होते हैं और वे यही बात दिखाने का प्रयास करते हैं। पीटर की यह टिप्पणी दिखाती है कि लोगों के प्रति हमारा नज़रिया ही उनके प्रति हमारे व्यवहार को निर्धारित करता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के जीवन से संबंधित एक घटना में, प्रभु यीशु ज़क्कई नामक एक महसूल लेने वाले के घर आतिथ्य के लिए गए। उन दिनों में क्योंकि यहूदी लोग रोमियों की गुलामी में थे और महसूल लेने वाले रोमी शासकों के लिए कार्य करते थे इसलिए यहूदी समाज महसूल लेने वाले यहूदियों को बड़ी निन्दनीय दृष्टि से देखता था और उन्हें घोर पापी मानता था। प्रभु यीशु को ज़क्कई के घर जाता देख, लोग प्रभु की आलोचना करने लगे, "यह देख कर सब लोगे कुड़कुड़ा कर कहने लगे, वह तो एक पापी मनुष्य के यहां जा उतरा है" (लूका 19:7)। प्रभु यीशु, इस आलोचना की परवाह किए बिना ज़क्कई के घर गए, प्रभु के व्यवहार से ज़क्कई का मन बदल गया, उसने अपने पापों से पश्चाताप किया और अधर्म से कमाई दौलत को लौटा देने का निर्णय लिया, जिस पर प्रभु ने कहा, "...आज इस घर में उद्धार आया है...क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है" (लूका 19:9, 10)।

   मेरे मित्र बौब हौर्नर कहते हैं, "यदि आप किसी को असफल प्रवृति का एवं अयोग्य देखोगे तो उसके प्रति तिरस्कारपूर्ण व्यवहार करोगे। लेकिन जब उन्हें पाप में खोया और सहायता पाने के योग्य देखोगे तो उनके प्रति आपका व्यवहार अनुकंपा और दया का होगा।"

   प्रभु यीशु कभी संसार के लोगों को असफल प्रवृति का एवं अयोग्य नहीं देखता, उसके लिए सभी जन पाप से छुड़ाए जाने तथा प्रेम किए जाने के योग्य हैं। इसीलिए उसने सारे संसार के सभी लोगों के लिए अपने प्राण बलिदान करे ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, अपने पापों से पश्चाताप करे और अपना जीवन उसे समर्पित करे, वह परमेश्वर की सन्तान कहलाने और अनन्तकाल तक उस के साथ स्वर्ग में रहने के योग्य हो जाए।

   जब हमारे सृष्टिकर्ता और उद्धारकर्ता प्रभु का नज़रिया ऐसा है तो हम जो उसके अनुयायी हैं, क्या पाप के अन्धकार में खोए संसार के लोगों के प्रति इससे भिन्न नज़रिया रखने का कोई वाजिब कारण दे सकते हैं? - डेविड मैक्कैसलैंड


जिन्होंने उद्धार पा लिया है उन्हें पाप में खोए हुओं को खोजने में लगे रहना चाहिए।

यीशु ने यह सुनकर, उन से कहा, भले चंगों को वैद्य की आवश्यकता नहीं, परन्तु बीमारों को है: मैं धर्मियों को नहीं, परन्तु पापियों को बुलाने आया हूं। - मरकुस 2:17

बाइबल पाठ: लूका 19:1-10
Luke 19:1 वह यरीहो में प्रवेश कर के जा रहा था। 
Luke 19:2 और देखो, ज़क्कई नाम एक मनुष्य था जो चुंगी लेने वालों का सरदार और धनी था। 
Luke 19:3 वह यीशु को देखना चाहता था कि वह कौन सा है परन्तु भीड़ के कारण देख न सकता था। क्योंकि वह नाटा था। 
Luke 19:4 तब उसको देखने के लिये वह आगे दौड़कर एक गूलर के पेड़ पर चढ़ गया, क्योंकि वह उसी मार्ग से जाने वाला था। 
Luke 19:5 जब यीशु उस जगह पहुंचा, तो ऊपर दृष्टि कर के उस से कहा; हे ज़क्कई झट उतर आ; क्योंकि आज मुझे तेरे घर में रहना अवश्य है। 
Luke 19:6 वह तुरन्त उतर कर आनन्द से उसे अपने घर को ले गया। 
Luke 19:7 यह देख कर सब लोगे कुड़कुड़ा कर कहने लगे, वह तो एक पापी मनुष्य के यहां जा उतरा है। 
Luke 19:8 ज़क्कई ने खड़े हो कर प्रभु से कहा; हे प्रभु, देख मैं अपनी आधी सम्पत्ति कंगालों को देता हूं, और यदि किसी का कुछ भी अन्याय कर के ले लिया है तो उसे चौगुना फेर देता हूं। 
Luke 19:9 तब यीशु ने उस से कहा; आज इस घर में उद्धार आया है, इसलिये कि यह भी इब्राहीम का एक पुत्र है। 
Luke 19:10 क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजा 1-4


Saturday, March 29, 2014

भरोसा रखिए


   मेरे बचपन की बात है, मैं अपने चाचा-चाची के साथ मिशिगन झील पर गई, वहाँ मेरे चचेरे भाई-बहन तो झील के पानी में तैरते हुए दूर तक निकल गए लेकिन मैं अकेली ही तट पर छिछले पानी में खेलती रही। मेरे चाचा ने मुझ से पूछा, "क्या तुम तैर सकती हो?" मैंने उत्तर दिया, "नहीं" तो वे बोले, "कोई बात नहीं, मैं तुम्हें पानी के अन्दर तक ले जाऊँगा।" मैंने घबराकर कहा, "लेकिन वहाँ तो बहुत गहरा है।" परन्तु उन्होंने मुझे आश्वस्त करते हुए कहा, "बस मुझे थामे रहो, तुम मुझ पर भरोसा करती हो ना?" मैंने उनका हाथ पकड़ा और हम पानी के अन्दर गहराईयों की ओर चलने लगे। थोड़ी दूर चलने के बाद मेरे पाँव तले पर नहीं पड़ पा रहे थे क्योंकि पानी गहरा हो चुका था, तब मेरे चाचा ने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और मेरा हौंसला बढ़ाते हुए कहा, "मैंने थामा हुआ है, तुम मेरी गोद में हो।" फिर और कुछ दूर पानी के अन्दर जाकर वे बोले, "यहाँ अपने पाँव नीचे टिका लो, तुम खड़ी होने पाओगी" मुझे डर लग रहा था क्योंकि मेरी समझ के अनुसार तो हम अब गहरे पानी में थे, लेकिन मैंने उन पर भरोसा किया और अपने पैर पानी में नीचे की ओर किए, और मुझे आश्चर्य हुआ कि मैं आराम से खड़ी हो गई, क्योंकि चाचा ने मुझे पानी के अन्दर के एक रेत के टीले पर लाकर खड़ा कर दिया था, जो बाहर से दिख तो नहीं रहा था, पर मेरे खड़े रहने के लिए विद्यमान था।

   जीवन की समस्याएं कठोर और कष्टदायक हो सकती हैं; क्या कभी आप इन समस्याओं से उत्पन्न निराशा से ऐसे घिरे हैं कि आपको लगा मानो गहरे जल में डूबते जा रहे हैं? ऐसे में स्मरण रखें कि हम मसीही विश्वासियों को परमेश्वर का आश्वासन है कि वो सदा हमारे साथ है। परमेश्वर ने हमसे यह वायदा तो नहीं किया कि हम कभी किसी समस्या में नहीं पड़ेंगे, जीवन के समुद्र की लहरें कभी हमारे लिए अशांत नहीं होंगी, लेकिन उस ने यह वायदा अवश्य किया है कि, "...मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा" (इब्रानियों 13:5)।

   हमारी हर परिस्थिति में हमारा विश्वासयोग्य परमेश्वर हमारे पास और हमारे साथ बना रहता है, हमें थामे रहता है, उसका वायदा है: "जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी" (यशायाह 43:2)। - सिंडी हैस कैसपर


विश्वास रखिए, इससे पहले कि कोई बोझ आपको दबाने पाए, परमेश्वर के हाथ आपकी सहायता के लिए आपको थामे हुए होंगे।

चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है। - भजन 23:4

बाइबल पाठ: भजन 121:1-8
Psalms 121:1 मैं अपनी आंखें पर्वतों की ओर लगाऊंगा। मुझे सहायता कहां से मिलेगी? 
Psalms 121:2 मुझे सहायता यहोवा की ओर से मिलती है, जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है।
Psalms 121:3 वह तेरे पांव को टलने न देगा, तेरा रक्षक कभी न ऊंघेगा। 
Psalms 121:4 सुन, इस्राएल का रक्षक, न ऊंघेगा और न सोएगा।
Psalms 121:5 यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दाहिनी ओर तेरी आड़ है। 
Psalms 121:6 न तो दिन को धूप से, और न रात को चांदनी से तेरी कुछ हानि होगी।
Psalms 121:7 यहोवा सारी विपत्ति से तेरी रक्षा करेगा; वह तेरे प्राण की रक्षा करेगा। 
Psalms 121:8 यहोवा तेरे आने जाने में तेरी रक्षा अब से ले कर सदा तक करता रहेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 22-24


Friday, March 28, 2014

खूबसूरत पल


   कैमरे के बटन के दबते ही वह खूबसूरत पल हमेशा के लिए कैद हो गया। ढलती गर्मियों का सूरज तट पर आकर टूट रही लहरों पर प्रतिबिंबित होकर उन्हें सुनहरी कर रहा था, ऐसा लग रहा था मानो पिघला हुआ सोना अटखेलियाँ कर रहा हो। यदि मेरा मित्र अपने कैमरे के साथ वहाँ ना होता तो वह लहर और उस की सुन्दरता बिना किसी के ध्यान में आए ऐसे ही चली जाती, जैसे ना जाने इससे पहले कितनी लहरें तट से टकराकर लौट चुकी थीं और अनगिनित अन्य भी आएंगी और लौट जाएंगी। उनकी सुन्दरता बस उनका रचियता परमेश्वर ही देखने पाता है।

   संसार भर के अनगिनित जलाशयों तथा समुद्रों के अनगिनित तटों पर ऐसे ही अनगिनित लहरें अटखेलियाँ करती रहती हैं, प्रत्येक लहर अपने आप में अद्वितीय है, हर एक में होकर परमेश्वर साधारण तथा सामान्य वस्तुओं से असाधारण और अविस्मर्णीय सुन्दरता प्रदर्शित करता है; जल और वायु से कला के अद्भुत नमूने बनाता है। ऊँचा आकाश, विशाल धरातल और जलाशय उसकी चित्रशाला हैं जहाँ हमें उसकी कलाकृतियाँ देखाई देती हैं। चाहे हम उसकी कला का प्रत्येक चमत्कार नहीं देख पाते, अधिकांशतः तो हमारे सामने आता ही नहीं, लेकिन जितना भी हम देखने पाते हैं वह उसकी विलक्षण क्षमता और सामर्थ का एहसास दिलाता है।

   केवल प्रकृति ही परमेश्वर की चित्रशाला नहीं है, एक और माध्यम है जिस में होकर परमेश्वर ने अपने आप को प्रकट किया है - मानव! हम मानव भी साधारण सी वस्तु से बनाए गए हैं - मिट्टी, लेकिन हमारी रचना में उसने एक अन्य और असाधारण अंश जोड़ दिया है - अपनी श्वास  (उत्पत्ति 2:7)। जैसे कि जल की लहरें और मैदान के फूल, वैसे ही हमारे जीवन भी कुछ ही लोगों की नज़रों में आते हैं, सारे संसार के नहीं; लेकिन हमारे जीवन का हर पल परमेश्वर द्वारा बनाया गया खूबसूरत पल है, मानों परमेश्वर संसार से कह रहा हो, अपने सृष्टिकर्ता की ओर देखो और उसके प्रति समर्पित तथा आज्ञाकारी रहो क्योंकि केवल वही सिद्ध और केवल उस का वचन ही अटल है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


अपने सृष्टिकर्ता की आज्ञाकारिता में जीवन व्यतीत कर के ही हम उसके उद्देश्यों को पूरा करते हैं।

और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया। - उत्पत्ति 2:7

बाइबल पाठ: यशायाह 40:6-11
Isaiah 40:6 बोलने वाले का वचन सुनाई दिया, प्रचार कर! मैं ने कहा, मैं क्या प्रचार करूं? सब प्राणी घास हैं, उनकी शोभा मैदान के फूल के समान है। 
Isaiah 40:7 जब यहोवा की सांस उस पर चलती है, तब घास सूख जाती है, और फूल मुर्झा जाता है; नि:सन्देह प्रजा घास है। 
Isaiah 40:8 घास तो सूख जाती, और फूल मुर्झा जाता है; परन्तु हमारे परमेश्वर का वचन सदैव अटल रहेगा।
Isaiah 40:9 हे सिय्योन को शुभ समचार सुनाने वाली, ऊंचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनाने वाली, बहुत ऊंचे शब्द से सुना, ऊंचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, अपने परमेश्वर को देखो! 
Isaiah 40:10 देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है। 
Isaiah 40:11 वह चरवाहे की नाईं अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध पिलानेवालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 19-21


Thursday, March 27, 2014

वास्तविक


   नेपरविले, इलिनौए की एक चर्च मण्डली बहुत प्रसन्न है क्योंकि अन्ततः उनके चर्च भवन के ऊपर नए घंटे लगाए जा सके हैं। जब चर्च भवन बनाया गया था तब घंटे लगने का स्थान तो भवन के ऊपर बनाया गया लेकिन चर्च के पास घंटे खरीद पाने के लिए पैसे नहीं थे इसलिए वह स्थान ऐसे ही बिना घंटों के रिक्त पड़ा रहा। अब, अपनी 25वीं वर्षगाँठ पर वे इतने पैसे जमा करने पाए कि उस रिक्त स्थान पर तीन घंटे लगा सकें। यद्यपि वे तीनों घंटे देखने में बहुत सुन्दर हैं, परन्तु एक समस्या अभी भी बनी हुई है - वे लोग उन घंटों की आवाज़ कभी सुन नहीं पाएंगे, क्योंकि चाहे देखने में वे घंटे बहुत अच्छे और वास्तविक लगें, लेकिन हैं वे नकली, अर्थात देखने मात्र के ही हैं और कभी बज नहीं सकते!

   प्रेरित यूहन्ना ने अपनी पहली पत्री में मसीही विश्वासियों को प्रोत्साहित किया के वे ऊपरी रीति से केवल दिखाई देने वाले मसीही विश्वासी ना बनें, वरन अपने जीवन और चाल चलन के द्वारा अपने मसीही विश्वास की वास्तविकता को प्रमाणित करें। किसी व्यक्ति के विश्वास का वास्तविक होने का प्रमाण उसका परमेश्वर के साथ किसी रहस्यपूर्ण या अनोखे अनुभव का होना नहीं है वरन उस व्यक्ति का परमेश्वर को वास्तविक रीति से जानने और उससे प्रेम करने का प्रमाण है उस व्यक्ति का परमेश्वर की आधीनता और परमेश्वर के वचन बाइबल की आज्ञाकरिता में बने रहना।

   यूहन्ना ने लिखा: "पर जो कोई उसके वचन पर चले, उस में सचमुच परमेश्वर का प्रेम सिद्ध हुआ है: हमें इसी से मालूम होता है, कि हम उस में हैं। जो कोई यह कहता है, कि मैं उस में बना रहता हूं, उसे चाहिए कि आप भी वैसा ही चले जैसा वह चलता था" (1 यूहन्ना 2:5-6)। यदि हम यह दावा करें कि हम ने प्रभु यीशु मसीह में विश्वास के द्वारा पापों से क्षमा और उद्धार पाया है और परमेश्वर से प्रेम करते हैं, उसे निकटता से जानते हैं, तो फिर हमें अपने इस दावे को परमेश्वर के वचन बाइबल को जानने, मानने और पालन करने के द्वारा प्रमाणित भी करना चाहिए - यही हमारे विश्वास की वास्तविकता का प्रमाण है। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर की आज्ञाकारिता उसके प्रति हमारे प्रेम और समर्पण का प्रगटिकरण है।

यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे। - यूहन्ना 14:23

बाइबल पाठ: 1 यूहन्ना 2:3-11
1 John 2:3 यदि हम उस की आज्ञाओं को मानेंगे, तो इस से हम जान लेंगे कि हम उसे जान गए हैं। 
1 John 2:4 जो कोई यह कहता है, कि मैं उसे जान गया हूं, और उस की आज्ञाओं को नहीं मानता, वह झूठा है; और उस में सत्य नहीं। 
1 John 2:5 पर जो कोई उसके वचन पर चले, उस में सचमुच परमेश्वर का प्रेम सिद्ध हुआ है: हमें इसी से मालूम होता है, कि हम उस में हैं। 
1 John 2:6 सो कोई यह कहता है, कि मैं उस में बना रहता हूं, उसे चाहिए कि आप भी वैसा ही चले जैसा वह चलता था। 
1 John 2:7 हे प्रियों, मैं तुम्हें कोई नई आज्ञा नहीं लिखता, पर वही पुरानी आज्ञा जो आरम्भ से तुम्हें मिली है; यह पुरानी आज्ञा वह वचन है, जिसे तुम ने सुना है। 
1 John 2:8 फिर मैं तुम्हें नई आज्ञा लिखता हूं; और यह तो उस में और तुम में सच्ची ठहरती है; क्योंकि अन्धकार मिटता जाता है और सत्य की ज्योति अभी चमकने लगी है। 
1 John 2:9 जो कोई यह कहता है, कि मैं ज्योति में हूं; और अपने भाई से बैर रखता है, वह अब तक अन्धकार ही में है। 
1 John 2:10 जो कोई अपने भाई से प्रेम रखता है, वह ज्योति में रहता है, और ठोकर नहीं खा सकता। 
1 John 2:11 पर जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह अन्धकार में है, और अन्धकार में चलता है; और नहीं जानता, कि कहां जाता है, क्योंकि अन्धकार ने उस की आंखे अन्‍धी कर दी हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 16-18


Wednesday, March 26, 2014

सामर्थ के मार्ग


   जब तराह हाई स्कूल की छात्रा थी तो उसे भय लगने लगा कि किसी दिन वह एक गंभीर बिमारी से ग्रस्त हो जाएगी, इस लिए उसने परमेश्वर से उसे इस संभावित बिमारी से बचाकर रखने के लिए प्रार्थना करना आरंभ कर दिया। फिर उसकी विचारधारा में एक परिवर्तन आया और उसने इस कालपनिक भय को छोड़ कर अपने भविष्य और जीवन की हर संभावना को, वह चाहे जो भी हो, परमेश्वर के हाथों में सौंप दिया। कई वर्षों के उपरान्त तराह के चिकित्सकों को उसके शरीर में एक कैंसर की रसौली का पता चला जिसका इलाज कर के तराह को सफलता से रोग मुक्त किया जा सका। तराह का कहना था, क्योंकि वह अपने आप को और अपने भविष्य को परमेश्वर के हाथों में सौंप चुकी थी, इसलिए जब वास्तव में बिमारी आई तो वह परिणाम से निश्चिंत थी। उसकी समस्या उसके लिए परमेश्वर की सामर्थ पाने का मार्ग बन गई थी।

   परमेश्वर के प्रति इस प्रकार समर्पित होकर सब कुछ उसके हाथों में सौंप देना हमें प्रेरित पौलुस के जीवन से भी देखने को मिलता है। पौलुस अपने विषय में लिखता है कि "और इसलिये कि मैं प्रकाशों की बहुतायत से फूल न जाऊं, मेरे शरीर में एक कांटा चुभाया गया अर्थात शैतान का एक दूत कि मुझे घूँसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊं" (2 कुरिन्थियों 12:7)। पौलुस ने इस के लिए परमेश्वर से बहुत प्रार्थना करी, कि परमेश्वर इस समस्या को उससे दूर कर दे, परन्तु परमेश्वर का उत्तर था "...मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है..."; यह उत्तर पा कर पौलुस की चिंता जाती रही, उसका रवैया सकारात्मक हो गया और वह कहने लगा "...इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे" (2 कुरिन्थियों 12:9)।

   अपनी दुर्बलताओं, कठिनाईयों और चिंतित करने वाले भय का सामना करने के लिए यह अनिवार्य है कि हम अपने आप को परमेश्वर को पूरी रीति से समर्पित कर दें, अपनी सारी चिंता उस पर डाल दें (1 पतरस 5:7) और उसे अपने कार्य को स्वतंत्रता के साथ करने दें। यदि ऐसा करेंगे तो हम देखेंगे कि जो हमारे लिए चिंता के विषय हो सकते थे, वे ही परमेश्वर के हाथों में उसकी सामर्थ के हमारे जीवन में आने और कार्यकारी होने के मार्ग बन गए हैं। - डेनिस फिशर


अपनी ही सामर्थ पर भरोसा परमेश्वर की सामर्थ के प्रति समर्पित हो जाने का विकल्प कदापि नहीं है। 

और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1 पतरस 5:7 

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 12:1-10
2 Corinthians 12:1 यद्यपि घमण्‍ड करना तो मेरे लिये ठीक नहीं तौभी करना पड़ता है; सो मैं प्रभु के दिए हुए दर्शनों और प्रकाशों की चर्चा करूंगा। 
2 Corinthians 12:2 मैं मसीह में एक मनुष्य को जानता हूं, चौदह वर्ष हुए कि न जाने देह सहित, न जाने देह रहित, परमेश्वर जानता है, ऐसा मनुष्य तीसरे स्वर्ग तक उठा लिया गया। 
2 Corinthians 12:3 मैं ऐसे मनुष्य को जानता हूं न जाने देह सहित, न जाने देह रहित परमेश्वर ही जानता है। 
2 Corinthians 12:4 कि स्वर्ग लोक पर उठा लिया गया, और एसी बातें सुनीं जो कहने की नहीं; और जिन का मुंह पर लाना मनुष्य को उचित नहीं। 
2 Corinthians 12:5 ऐसे मनुष्य पर तो मैं घमण्‍ड करूंगा, परन्तु अपने पर अपनी निर्बलताओं को छोड़, अपने विषय में घमण्‍ड न करूंगा। 
2 Corinthians 12:6 क्योंकि यदि मैं घमण्‍ड करना चाहूं भी तो मूर्ख न हूंगा, क्योंकि सच बोलूंगा; तोभी रुक जाता हूं, ऐसा न हो, कि जैसा कोई मुझे देखता है, या मुझ से सुनता है, मुझे उस से बढ़कर समझे। 
2 Corinthians 12:7 और इसलिये कि मैं प्रकाशों की बहुतायत से फूल न जाऊं, मेरे शरीर में एक कांटा चुभाया गया अर्थात शैतान का एक दूत कि मुझे घूँसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊं। 
2 Corinthians 12:8 इस के विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार बिनती की, कि मुझ से यह दूर हो जाए। 
2 Corinthians 12:9 और उसने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। 
2 Corinthians 12:10 इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्‍दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्‍त होता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमूएल 13-15


Tuesday, March 25, 2014

साथ साथ


   घर रहकर व्यवसाय चलाने वाले लाखों लोग हैं। क्योंकि इन लोगों को कहीं बाहर जाकर काम नहीं करना होता, इसलिए इनमें से अनेक को उनका एकाकीपन परेशान करता है। ऐसे लोग, जो यह समझते हैं कि अकेले रह कर कार्य करने की अपेक्षा वे अन्य लोगों की संगति में रह कर बेहतर कार्य कर सकते हैं, उनकी सहायता के लिए, उन्हें एक समुदाय देने के लिए, "सह-कार्य स्थल" बनाए गए हैं। ये स्थल बड़े स्थान होते हैं जहाँ अलग अलग लोगों को उस बड़े स्थान के छोटे छोटे भाग किराए पर दिए जाते हैं और वे वहाँ से अपना व्यवसाय चला सकते हैं। उनके पास कार्य के लिए अपना व्यक्तिगत स्थान भी होता है, कई लोगों का साथ भी तथा आवशयकता पड़ने पर दूसरों के साथ बात-चीत या चर्चा करने की सुविधा भी।

   कभी कभी कुछ मसीही विश्वासियों को लगता है कि वे अकेले रहकर भलि-भांति कार्य कर सकते हैं। लेकिन प्रभु यीशु ने हमें एक साथ रहकर और एक दूसरे के साथ मिल कर कार्य करने के लिए रखा है। प्रभु ने अपनी विश्वासी मण्डली को अपनी देह के समान बताया है वह स्वयं जिसका सिर है और जिसमें हम सभी मसीही विश्वासी देह के भिन्न अंगों के समान हैं (रोमियों 12:5) - सबका अपना अपना स्थान और योगदान है और सब एक दूसरे के पूरक हैं, तथा एक साथ मिलकर ही सुचारू रूप स