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Sunday, December 31, 2017

नज़र


   अपनी पुस्तक On The Wing में ऐलेन टेनेंट ने बाज़ पक्षी के प्रवसन पर नज़र रखने के अपने प्रयासों का ब्यौरा दिया है। ये पक्षी अपनी सुन्दरता, तीव्रता और बल के लिए जाने जाते हैं तथा शिकार के लिए राजाओं और नवाबों के साथ रखे जाते रहे हैं। परन्तु 1950 के दशक में डी.डी.टी. नामक कीटनाशक के प्रभाव के कारण, इन पक्षियों के प्रजनन में बाधा आई और इनकी संख्या इतनी अधिक घट गई, कि इन्हें विलुप्तप्रायः जीवों की सूचि में रखा गया। इन पक्षियों के पुनः संख्या वृद्धि में रुचि रखने वाले टेनेंट ने कुछ बाज़ पक्षियों पर रेडियो ट्रांसमिटर लगा कर उनके प्रवसन मार्गों और नमूनों की जानकारी जमा करनी चाही। परन्तु जब वह और उसका साथी वायुयान चालक रेडियो ट्रांसमिटर लगे पक्षियों के पीछे अपने सेसना विमान से उड़ने लगे तो उन्होंने पाया कि बारंबार उन्हें रेडियो सिगनल मिलने बन्द हो जाते थे। उन्नत टेक्नौलोजी के प्रयोग के बावजूद, जिन पक्षियों की वे सहायता करना चाहते थे, उन पर पूरी तरह से नज़र नहीं रख पा रहे थे।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए यह निश्चिन्त और आश्वस्त रहने की बात है कि जिस प्रभु परमेश्वर पर हम विश्वास करते हैं, जिसके हाथों में हमने अपना जीवन समर्पित किया है, हम कभी उसकी नज़रों से ओझल नहीं होते हैं; वह सदा हमारी चिंता और देखभाल करता है, हम पर अपनी नज़र बनाए रखता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु मसीह ने कहा: "क्या पैसे मे दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती। तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं। इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो" (मत्ती 10:29-31)।

   जब भी हम कठिनाईयों में पड़ें, भय और आशंका द्वारा शैतान हमारे मनों में डालना चाहे कि परमेश्वर हमारी परिस्थिति से अवगत नहीं है, या हमारी चिंता नहीं करता है, तो प्रभु यीशु की शिक्षाएं हमें आश्वस्त करती हैं कि परमेश्वर हम से बहुत प्रगाढ़ प्रेम करता है, और सभी बातें, सभी परिस्थितियाँ, हर समय उसके नियंत्रण में रहती हैं। वह हमारी हर बात, हर कठिनाई, हर परिस्थिति से सदैव अवगत रहता है, उसकी नज़र हम पर सदा बनी रहती है। - डैनिस फिशर


यदि परमेश्वर पक्षियों की चिंता करता है, 
तो क्या अपनी सन्तान की चिंता नहीं करेगा?

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ्य से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: मत्ती 10:26-31
Matthew 10:26 सो उन से मत डरना, क्योंकि कुछ ढपा नहीं, जो खोला न जाएगा; और न कुछ छिपा है, जो जाना न जाएगा। 
Matthew 10:27 जो मैं तुम से अन्धियारे में कहता हूं, उसे उजियाले में कहो; और जो कानों कान सुनते हो, उसे कोठों पर से प्रचार करो। 
Matthew 10:28 जो शरीर को घात करते हैं, पर आत्मा को घात नहीं कर सकते, उन से मत डरना; पर उसी से डरो, जो आत्मा और शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है। 
Matthew 10:29 क्या पैसे मे दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती। 
Matthew 10:30 तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं। 
Matthew 10:31 इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो। 

एक साल में बाइबल: 
  • मलाकी 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 22


Saturday, December 30, 2017

विश्राम


   मैं अपने एक मित्र के साथ एक अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में बैठा हुआ था, और आस-पास के अन्य मरीज़ों की पीड़ा से कराहने के आवाज़ों से विचलित हो रहा था। मैंने अपने मित्र और अन्य मरीज़ों के लिए प्रार्थना करते हुए एक बार फिर एहसास किया कि इस पृथ्वी पर हमारा जीवन कितना क्षणिक और भंगुर है। मुझे जिम रीव्ज़ द्वारा गाया हुआ एक गीत स्मरण हो आया, जिसमें वह कह रहा है कि यह संसार हमारा घर नहीं है, हम बस इसमें से हो कर गुज़र रहे हैं। हमारे इस संसार में थकान, दुःख, भूख, ऋण, ग़रीबी, बीमारी और मृत्यु भरे हुए हैं। परन्तु फिर भी हमें इस संसार और उसकी परिस्थितियों में से होकर निकलना ही है। इस लिए प्रभु यीशु द्वारा संसार के सभी लोगों को विश्राम पाने का निमंत्रण सामयिक और सुखद है: "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28)।

   शायद ही ऐसा कोई अंतिम संस्कार हुआ होगा जिसमें परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के शिष्य, प्रेरित यूहन्ना द्वारा युगान्त और नए युग के आरंभ से संबंधित भविष्यवाणी की "नए आकाश और नई पृथ्वी" की बात दोहराई न जाती हो (प्रकाशितवाक्य 21:1-5)। बाइबल का यह खण्ड निश्चय ही अंतिम संसकारों के समय के लिए महत्व का है; परन्तु यह खण्ड मृतकों से अधिक जीवतों के लिए महत्व का है।

   प्रभु यीशु के निमंत्रण को स्वीकार कर के उसमें विश्राम प्राप्त करने का अवसर और समय पृथ्वी पर हमारे जीवन के दौरान ही है, उसके पश्चात नहीं। इस जीवन के दौरान प्रभु में विश्राम को स्वीकार कर लेने पर ही हम युगान्त पर मिलने वाली, बाइबल के प्रकाशित्वाक्य में उल्लेखित, आशीषों को प्राप्त करने पाएंगे। उन आशीषों में ऐसी अद्भुत आशीषें भी सम्मिलित हैं, जो और कहीं नहीं मिलती हैं - परमेश्वर हमारे संग निवास करेगा (पद 3)। वह हमारे सभी आँसू पोंछ डालेगा, और फिर हमें कभी किसी भी प्रकार की पीड़ा, शोक या विलाप का सामना नहीं करना पड़ेगा (पद 4)।

   प्रभु यीशु के निमंत्रण और विश्राम को स्वीकार करके अपना अनन्त भविष्य सुदृढ़ कर लीजिए। - लॉरेंस दरमानी


जब जीवन के संघर्षों से व्यथित हों, प्रभु यीशु में अपना विश्राम प्राप्त कर लें।

मनुष्य जो धरती पर मन लगा लगाकर परिश्रम करता है उस से उसको क्या लाभ होता है? उसके सब दिन तो दु:खों से भरे रहते हैं, और उसका काम खेद के साथ होता है; रात को भी उसका मन चैन नहीं पाता। यह भी व्यर्थ ही है। - सभोपदेशक 2:22-23

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-5
Revelation 21:1 फिर मैं ने नए आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। 
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नए यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो। 
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा। 
Revelation 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। 
Revelation 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं। 

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 13-14
  • प्रकाशितवाक्य 21


Friday, December 29, 2017

सहायक


   कुछ महिलाओं ने मिलकर धन-संग्रह करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया था, और वे उस कार्यक्रम की तैयारियों को अन्तिम रूप दे रही थीं। वे भारत से थीं, परन्तु अब अमेरिका में आकर रहने लगी थीं। परन्तु अपने मूल देश के प्रति उनका लगाव और चिंता बनी हुई थी। जब उन्होंने भारत में मसीहियों द्वारा "औटिस्टिक" बच्चों के लिए चलाए जा रहे एक स्कूल की कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बारे में सुना, तो उन्होंने सहायाता करने के लिए कुछ करना ठान लिया, और यह कार्यक्रम आयोजित किया।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम नहेम्याह के बारे में पढ़ते हैं। वह इस्त्राएल से बन्धुआ बना कर ले जाए लोगों में से एक था, परन्तु अब राजा का पिलानेहारा था और उस समय और स्थान के सबसे ताकतवर व्यक्ति, राजा, का विश्वासपात्र था। नहेम्याह ने अपनी आरामदायक परिस्थिति को अपने देश-वासियों के प्रति चिंता के आड़े नहीं आने दिया। उसने जब यरुशलेम से लौट कर आए लोगों से वहाँ की दुर्दशा के बारे में सुना (नहेम्याह 1:2), तो उसे मालुम पड़ा कि, "...जो बचे हुए लोग बन्धुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं" (पद 3)।

   यह सुनकर नहेम्याह का हृदय टूट गया; और उसने विलाप, उपवास और प्रार्थना की, और परमेश्वर आग्रह किया कि वहाँ की उस दुर्दशा के लिए कोई समाधान दे (पद 4)। उसकी प्रार्थना के उत्तर में परमेश्वर ने नहेम्याह को इस योग्य किया कि वह यरुशलेम को लौट सके और उसके पुनःनिर्माण के कार्यों का नेतृत्व करे (नहेम्याह 2:1-8)। नहेम्याह अपने लोगों के लिए महान कार्य कर सका, क्योंकि उसने परमेश्वर से महान बातें माँगीं, और परमेश्वर पर उन बातों को करने के लिए भरोसा भी किया।

   प्रार्थना करें कि परमेश्वर आपकी आँखें भी आप के आस-पास के लोगों की आवश्यकताओं के लिए खोले और आपको ऐसा हृदय दे जिससे आप परमेश्वर के सामर्थ्य और सहायता से एक उत्साही तथा रचनात्मक समस्या-निवारक बन सकें, जो दूसरों के लिए आशीष का कारण हो। - पोह फैंग चिया


जो परमेश्वर के साथ चलते हैं वे औरों की आवश्यकताओं से भागेंगे नहीं।

तब राजा उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया। - मत्ती 25:40

बाइबल पाठ: नहेम्याह 1:1-11
Nehemiah 1:1 हकल्याह के पुत्र नहेमायाह के वचन। बीसवें वर्ष के किसलवे नाम महीने में, जब मैं शूशन नाम राजगढ़ में रहता था, 
Nehemiah 1:2 तब हनानी नाम मेरा एक भाई और यहूदा से आए हुए कई एक पुरुष आए; तब मैं ने उन से उन बचे हुए यहूदियों के विषय जो बन्धुआई से छूट गए थे, और यरूशलेम के विष्य में पूछा। 
Nehemiah 1:3 उन्होंने मुझ से कहा, जो बचे हुए लोग बन्धुआई से छूटकर उस प्रान्त में रहते हैं, वे बड़ी दुर्दशा में पड़े हैं, और उनकी निन्दा होती है; क्योंकि यरूशलेम की शहरपनाह टूटी हुई, और उसके फाटक जले हुए हैं। 
Nehemiah 1:4 ये बातें सुनते ही मैं बैठकर रोने लगा और कितने दिन तक विलाप करता; और स्वर्ग के परमेश्वर के सम्मुख उपवास करता और यह कह कर प्रार्थना करता रहा। 
Nehemiah 1:5 हे स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा, हे महान और भययोग्य ईश्वर! तू जो अपने प्रेम रखने वाले और आज्ञा मानने वाले के विष्य अपनी वाचा पालता और उन पर करुणा करता है; 
Nehemiah 1:6 तू कान लगाए और आंखें खोले रह, कि जो प्रार्थना मैं तेरा दास इस समय तेरे दास इस्राएलियों के लिये दिन रात करता रहता हूँ, उसे तू सुन ले। मैं इस्राएलियों के पापों को जो हम लोगों ने तेरे विरुद्ध किए हैं, मान लेता हूँ। मैं और मेरे पिता के घराने दोनों ने पाप किया है। 
Nehemiah 1:7 हम ने तेरे साम्हने बहुत बुराई की है, और जो आज्ञाएं, विधियां और नियम तू ने अपने दास मूसा को दिए थे, उन को हम ने नहीं माना। 
Nehemiah 1:8 उस वचन की सुधि ले, जो तू ने अपने दास मूसा से कहा था, कि यदि तुम लोग विश्वासघात करो, तो मैं तुम को देश देश के लोगों में तितर बितर करूंगा। 
Nehemiah 1:9 परन्तु यदि तुम मेरी ओर फिरो, और मेरी आज्ञाएं मानो, और उन पर चलो, तो चाहे तुम में से निकाले हुए लोग आकाश की छोर में भी हों, तौभी मैं उन को वहां से इकट्ठा कर के उस स्थान में पहुंचाऊंगा, जिसे मैं ने अपने नाम के निवास के लिये चुन लिया है। 
Nehemiah 1:10 अब वे तेरे दास और तेरी प्रजा के लोग हैं जिन को तू ने अपनी बड़ी सामर्थ और बलवन्त हाथ के द्वारा छुड़ा लिया है। 
Nehemiah 1:11 हे प्रभु बिनती यह है, कि तू अपने दास की प्रार्थना पर, और अपने उन दासों की प्रार्थना पर, जो तेरे नाम का भय मानना चाहते हैं, कान लगा, और आज अपने दास का काम सफल कर, और उस पुरुष को उस पर दयालु कर। (मैं तो राजा का पियाऊ था।) 

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 9-12
  • प्रकाशितवाक्य 20


Thursday, December 28, 2017

शरणस्थान


   वैंकूवर, ब्रिटिश कोलंबिया में बेघर लोगों के लिए रात बिताने के लिए शरणस्थानों का एक नया तरीका ईजाद किया गया है। एक स्थानीय सहायता संस्था, रेन सिटी हाउसिंग, ने विशेष बेंच बनाए हैं जिन्हें अस्थायी रैन-बसेरे के समान प्रयोग किया जा सकता है। उन बेंचों का पिछला टेक लगाने वाला भाग ऊपर खींच कर, हवा और बारिश से बचने के लिए, छत के समान किया जा सकता है। रात में इन स्थानों को आसानी से ढ़ूंढ़ा जा सकता है क्योंकि इन पर बड़े और अन्धकार में चमकने वाले अक्षरों में लिखा होता है: "यह रैन-बसेरा है"।

   शरणस्थान की आवश्यकता न केवल शारीरिक होती है, वरन आत्मिक भी होती है। हम मसीही विश्वासी जब भी किसी परेशानी में हों, हमें ध्यान करना चाहिए किए परमेश्वर हमारा सदा उपलब्ध शरणस्थान है। परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा दाऊद ने अपने एक भजन में लिखा, "मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूंगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊंची है, उस पर मुझ को ले चल" (भजन 61:2)। शत्रु शैतान की युक्तियों में हमारे फंसने की संभावना अधिक हो जाती है जब हम पर अत्याधिक भावनात्मक बोझ होता है; शैतान अपनी युक्तियों को भय, दोष भावना, और वासना या हवस की भावनाओं के द्वारा चलाता है। इन और ऐसी अन्य बुराईयों से बचने के लिए हमें सुरक्षा और स्थिरता का कोई स्त्रोत चाहिए होता है।

   जब हम परमेश्वर में शरण ले लेते हैं, तो परमेश्वर की सामर्थ्य और सदबुद्धि से हम शैतान के हमारे हृदयों और मनों को प्रभावित करने के प्रयासों को निषफल कर सकते हैं। दाऊद ने उसी भजन में आगे लिखा, "क्योंकि तू मेरा शरणस्थान है, और शत्रु से बचने के लिये ऊंचा गढ़ है। मैं तेरे तम्बू में युगानुयुग बना रहूंगा। मैं तेरे पंखों की ओट में शरण लिये रहुंगा" (पद 3-4)।

   हम जब भी किसी भी बात को लेकर अभिभूतित अनुभव करें, तो ध्यान करें कि प्रभु यीशु मसीह में होकर परमेश्वर की शान्ति और सुरक्षा हमारे साथ है, हमें सदा उपलब्ध है; प्रभु ने हमसे इसका वायदा किया है (यूहन्ना 16:33); वह हर बात, हर परिस्थिति में हमारा शरण्स्थान है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर सदैव ही हमारा शरणस्थान है।

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: भजन 61
Psalms 61:1 हे परमेश्वर, मेरा चिल्लाना सुन, मेरी प्रार्थना की ओर घ्यान दे। 
Psalms 61:2 मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूंगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊंची है, उस पर मुझ को ले चल; 
Psalms 61:3 क्योंकि तू मेरा शरणस्थान है, और शत्रु से बचने के लिये ऊंचा गढ़ है।
Psalms 61:4 मैं तेरे तम्बू में युगानुयुग बना रहूंगा। मैं तेरे पंखों की ओट में शरण लिये रहुंगा 
Psalms 61:5 क्योंकि हे परमेश्वर, तू ने मेरी मन्नतें सुनीं, जो तेरे नाम के डरवैये हैं, उनका सा भाग तू ने मुझे दिया है।
Psalms 61:6 तू राजा की आयु को बहुत बढ़ाएगा; उसके वर्ष पीढ़ी पीढ़ी के बराबर होंगे। 
Psalms 61:7 वह परमेश्वर के सम्मुख सदा बना रहेगा; तू अपनी करूणा और सच्चाई को उसकी रक्षा के लिये ठहरा रख। 
Psalms 61:8 और मैं सर्वदा तेरे नाम का भजन गा गाकर अपनी मन्नतें हर दिन पूरी किया करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 19


Wednesday, December 27, 2017

हिम


   मिशिगन प्रांत के हमारे क्षेत्र में एक लंबी और बहुत ठण्डी शरद-ऋतु के दौरान मौसम को लेकर लोगों के मिली-जुली प्रतिक्रिया उभरने लगी थी। हिमपात के साथ ठण्डा मौसम मार्च महीने तक खिंच चुका था, और अधिकांश लोगों का हिम के प्रति प्रेम भी ठण्डा पड़ चुका था; वे अब मौसम विभाग द्वारा लंबे समय तक चलने वाले ठण्डे तापमान की भविष्यवाणियों से उक्ता चुके थे।

   परन्तु हिम की वह अद्भुत सुन्दरता फिर भी मेरे लिए अचरज का कारण बनी हुई थी। मैं सड़क से अपने घर के अन्दर तक आने वाले मार्ग पर जमी हुई बर्फ को बेलचे भर-भर के उठा कर मार्ग के दोनों ओर मेरे सिर से ऊँचे बर्फ के ढेरों पर फेंकता हुए भी उस श्वेत वस्तु से मोहित रहता था। एक दिन मैं और मेरी पत्नि हिम से ढ़ंके उस इलाके में टहलने के लिए निकले, तभी हलकी सी बर्फबारी होने लगी। पुरानी पड़ी बर्फ पर हिम के नए चमकीले कण ऐसे दिख रहे थे मानों किसी ने हीरों की धूल बनाकर वहाँ बिखेर दी हो।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हिम का विभिन्न संदर्भों में उल्लेख हुआ है। परमेश्वर ने उसे अपनी सृजन करने की महान सामर्थ्य के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया है (अय्युब 37:6; 38:22-23)। पहाड़ों की चोटियों पर जमी हुई बर्फ से नीचे की सूखी घाटियों तक पानी पहुँचता है। परन्तु सबसे महत्वपूर्ण वह चित्रण है जहाँ परमेश्वर उसे हमें मिलने वाली क्षमा और निर्मलता का सूचक बताता है। प्रभु यीशु मसीह के सुसमाचार पर लाए गए विश्वास द्वारा हमारे पापों के धोए जाने और हमारे हृदयों के "हिम से भी अधिक श्वेत" किए जाने की बात बाइबल बताती है (भजन 51:7; यशायाह 1:18)।

   अगली बार जब आप हिम को देखें, चाहे किसी फोटो में अथवा वास्तविक जीवन में, तो प्रभु यीशु पर विश्वास द्वारा परमेश्वर से मिलने वाली पापों की क्षमा और हृदय की मलिनता के धोए जाने के प्रावधान के लिए प्रभु परमेश्वर का धन्यवाद कीजिए। हिम वह सुन्दर प्राकृतिक उपहार है जो प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास से मिलने वाली निर्मलता का प्रतीक है। - डेव ब्रैनन


जब मसीह यीशु में हमें पापों से क्षमा प्राप्त होती है 
तो हमारे हृदय ताज़े हिमपात के समान स्वच्छ और श्वेत हो जाते हैं।

जूफा से मुझे शुद्ध कर, तो मैं पवित्र हो जाऊंगा; मुझे धो, और मैं हिम से भी अधिक श्वेत बनूंगा। - भजन 51:7

बाइबल पाठ: यशायाह 1:16-20
Isaiah 1:16 अपने को धोकर पवित्र करो: मेरी आंखों के साम्हने से अपने बुरे कामों को दूर करो; भविष्य में बुराई करना छोड़ दो, 
Isaiah 1:17 भलाई करना सीखो; यत्न से न्याय करो, उपद्रवी को सुधारो; अनाथ का न्याय चुकाओ, विधवा का मुकद्दमा लड़ो।
Isaiah 1:18 यहोवा कहता है, आओ, हम आपस में वादविवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम के समान उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे। 
Isaiah 1:19 यदि तुम आज्ञाकारी हो कर मेरी मानो, 
Isaiah 1:20 तो इस देश के उत्तम से उत्तम पदार्थ खाओगे; और यदि तुम ना मानो और बलवा करो, तो तलवार से मारे जाओगे; यहोवा का यही वचन है।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 18


Tuesday, December 26, 2017

बलिदान


   ओ. हेनरी की लिखी सुप्रसिद्ध कहानी The Gift of the Magi एक दंपति जिम और डैला, और उनके एक दूसरे के प्रति प्रगाढ़ प्रेम पर आधारित है। वे दोनों आर्थिक संघर्ष से जूझ रहे हैं, और क्रिसमस के निकट आने पर एक दूसरे को अच्छे उपहार भी देना चाहते हैं, किंतु उसके लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। जिम के पास एक बहुमूल्य सोने की घड़ी है, परन्तु उसे पहनने के लिए वह उसके उपयुक्त चेन नहीं ले पाता है; डैला के बाल बहुत सुन्दर और लंबे हैं और जिम उसे उन्हें संवारने के लिए डैला को कीमती कंघियों का एक सेट देना चाहता है। एक दूसरे को उपहार देने के लिए, एक दूसरे को बताए बिना, जिम अपनी घड़ी को बेच देता है और डैला अपने लंबे सुन्दर बाल कटवा कर उन्हें बेच देती है। जिम कंघियों का सेट लेकर डैला के पास आता है, किंतु डैला के पास अब बाल नहीं हैं; डैला घड़ी के लिए चेन लेकर आती है, किंतु जिम के पास अब घड़ी नहीं है।

   जैसा होना चाहिए था, यह कहानी बहुत लोकप्रीय हुई, क्योंकि यह पाठकों को स्मरण करवाती है कि सच्चे प्रेम का आधार बलिदान है, और बलिदान ही प्रेम का वास्तविक माप भी है। यह विचार क्रिसमस के लिए भी सर्वथा उपयुक्त है, क्योंकि प्रभु यीशु के जन्म की कहानी के हृदय की धड़कन भी बलिदान ही है। प्रभु यीशु ने हम मनुष्यों के उद्धार का मार्ग बना कर देने के लिए बलिदान होने के लिए ही जन्म लिया था। इसीलिए स्वर्गदूत ने उनके सांसारिक पिता, यूसुफ से कहा था, "वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना; क्योंकि वह अपने लोगों का उन के पापों से उद्धार करेगा" (मत्ती 1:21)।

   प्रभु यीशु के जन्म से बहुत पहले, उनके विषय में यह भविष्यवाणी की गई थी कि वह हमें हमारी पाप में गिरी हुई दशा में से हमें निकालेगा और उठाएगा। इसका अर्थ है कि प्रभु के जन्म और उनके जन्म-स्थल, उस चरनी को, हम उनकी मृत्यु और उनके बलिदान-स्थल उस क्रूस के संदर्भ में ही समझ सकते हैं। क्रिसमस पूर्णतः मसीह यीशु के प्रेम के बारे में है, जिसका सबसे स्पष्ट प्रकटिकरण क्रूस पर उनके द्वारा दिया गया बलिदान है। - बिल क्राउडर

मसीहीयत का आधारभूत तथ्य यह है कि परमेश्वर ने समस्त मनुष्य-जाति को
 अपने पुत्र का बलिदान दिए जाने के योग्य समझा। - विलिय्म बार्कले

उसी इच्छा से हम यीशु मसीह की देह के एक ही बार बलिदान चढ़ाए जाने के द्वारा पवित्र किए गए हैं। - इब्रानियों 10:10

बाइबल पाठ: गलतियों 4:1-7
Galatians 4:1 मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्‍तुओं का स्‍वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं। 
Galatians 4:2 परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक रक्षकों और भण्‍डारियों के वश में रहता है। 
Galatians 4:3 वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में हो कर दास बने हुए थे। 
Galatians 4:4 परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ। 
Galatians 4:5 ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले। 
Galatians 4:6 और तुम जो पुत्र हो, इसलिये परमेश्वर ने अपने पुत्र के आत्मा को, जो हे अब्‍बा, हे पिता कह कर पुकारता है, हमारे हृदय में भेजा है। 
Galatians 4:7 इसलिये तू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है; और जब पुत्र हुआ, तो परमेश्वर के द्वारा वारिस भी हुआ।

एक साल में बाइबल: 

  • हग्गै 1-2
  • प्रकाशितवाक्य 17


Monday, December 25, 2017

उपहार


   जब भी हम किसी को कोई नाज़ुक उपहार देते हैं, हम यह सुनिश्चित करते हैं कि उसके डिब्बे पर "नाज़ुक" बड़े और प्रमुख शब्दों में लिखा हुआ रहे, क्योंकि हम नहीं चाहते हैं कि उस उपहार का कोई भी नुकसान हो। हम मनुष्यों के लिए परमेश्वर का विशिष्ट उपहार भी एक बहुत नाज़ुक स्वरूप में आया - एक शिशु के रूप में। हमारे लिए क्रिसमस की कल्पना पोस्टकार्ड पर छपे एक सुन्दर दृश्य के समान होती है; परन्तु कोई भी माँ हमें बता सकती है कि वास्तविकता में वैसा कदापि नहीं रहा होगा। प्रभु यीशु के जन्म के समय, मरियम एक लंबी यात्रा से थकी हुई रही होगी, और असुरक्षित भी अनुभव कर रही होगी। वह मरियम की पहली सन्तान था, और उसका जन्म बहुत अस्वच्छ परिस्थितियों में, एक गौशाला में हो रहा था। प्रभु के जन्म के पश्चात, मरियम ने उन्हें "...कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा: क्योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी" (लूका 2:7)।

   एक शिशु को निरंतर देखभाल की आवश्यकता होती है। बच्चे रोते हैं, दूध पीते हैं, सोते हैं, परन्तु हर बात के लिए देखभाल करने वाले व्यसकों पर निर्भर रहते हैं; वे अपने निर्णय नहीं कर पाते हैं। प्रभु यीशु के जन्म के समय में जन्मोप्रांत बच्चों की मृत्यु-दर बहुत अधिक थी और बहुधा प्रसव के समय माताओं का भी देहान्त हो जाता था।

   परमेश्वर ने अपने पुत्र और संसार के उद्धारकर्ता को संसार में भेजने का ऐसा जोखिम भरा और नाज़ुक मार्ग क्यों चुना? क्योंकि हमें बचाने के लिए प्रभु यीशु को हर रीति से हमारे समान ही होना था। परमेश्वर का सर्वोत्तम उपहार एक शिशु के नाज़ुक शरीर में होकर आया, और परमेश्वर ने यह जोखिम उठाया, क्योंकि वह हमसे प्रेम करता है। हम परमेश्वर के कृतज्ञ एवं आभारी रहें उसके इस महान उपहार के लिए। - कीला ओकोआ


आप क्रिसमस की शान्ति वर्ष के सभी दिनों में अनुभव करते रहें।

परमेश्वर को उसके उस दान के लिये जो वर्णन से बाहर है, धन्यवाद हो। - 2 कुरिन्थियों 9:15 

बाइबल पाठ: लूका 2:1-7
Luke 2:1 उन दिनों में औगूस्‍तुस कैसर की ओर से आज्ञा निकली, कि सारे जगत के लोगों के नाम लिखे जाएं। 
Luke 2:2 यह पहिली नाम लिखाई उस समय हुई, जब क्‍विरिनियुस सूरिया का हाकिम था।
Luke 2:3 और सब लोग नाम लिखवाने के लिये अपने अपने नगर को गए। 
Luke 2:4 सो यूसुफ भी इसलिये कि वह दाऊद के घराने और वंश का था, गलील के नासरत नगर से यहूदिया में दाऊद के नगर बैतलहम को गया। 
Luke 2:5 कि अपनी मंगेतर मरियम के साथ जो गर्भवती थी नाम लिखवाए। 
Luke 2:6 उन के वहां रहते हुए उसके जनने के दिन पूरे हुए। 
Luke 2:7 और वह अपना पहिलौठा पुत्र जनी और उसे कपड़े में लपेटकर चरनी में रखा: क्योंकि उन के लिये सराय में जगह न थी।

एक साल में बाइबल: 
  • सपन्याह 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 16


Sunday, December 24, 2017

भेद


   चार्ल्स डिकन्स की प्रसिद्ध कहानी, A Christmas Carol के आरंभ में, कहानी के मुख्य पात्र, एबेनेज़र स्क्रूज, के बारे में कुछ रहस्य है। वह इतनी नीच प्रवृत्ति का क्यों है? वह ऐसा स्वार्थी कैसे बन गया? फ़िर धीरे-धीरे, जब क्रिसमस से संबंधित आत्माएं, स्क्रूज को उसकी ही जीवन कहानी से होकर लिए चलती हैं, तो बातें स्पष्ट होने लगती हैं। हम स्क्रूज के जीवन की उन परिस्थितियों और उनके प्रभावों को देखते हैं जिन्होंने उसे एक आनन्दित युवक से स्वार्थी और कन्जूस व्यक्ति बना दिया। हम उसके एकाकीपन और व्यथा को देखने पाते हैं। जैसे-जैसे उससे संबंधित रहस्य खुलता जाता है, हम स्क्रूज की स्थिति से वापस बहाल होने के मार्ग को भी देखते हैं। औरों की भलाई के लिए चिन्ता करना स्क्रूज को आत्म-केंद्रित अन्धकार में से निकालकर एक नए आनन्द में ले आता है।

   लेकिन स्क्रूज के जीवन के इस भेद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण और जटिल वह भेद है जिसका परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने उल्लेख किया है: "और इस में सन्‍देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्‍वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया" (1 तिमुथियुस 3:14-16)। विलक्षण; असाधारण! परमेश्वर "शरीर में प्रगट हुआ।"

   क्रिसमस का भेद यही है कि परमेश्वर पूर्णतः परमेश्वर रहते हुए भी, पूर्णतः मनुष्य कैसे बन गया? यह मानवीय समझ-बूझ से बाहर की बात है, परन्तु परमेश्वर की सिद्ध बुद्धिमता में, यह युगों से बनी हुई योजना थी। जो यीशु मसीह क्रिसमस के मनाए जाने के समय एक शिशु, एक बालक दिखाई देता है, वही शरीर में अवतरित परमेश्वर है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर ने हम मनुष्यों के साथ अपना डेरा इस लिए किया, 
जिससे हम उसके साथ उसके घर में रह सकें।

क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत, युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। - यशायाह 9:6

बाइबल पाठ: 1 तिमुथियुस 3:14-16
1 Timothy 3:14 मैं तेरे पास जल्द आने की आशा रखने पर भी ये बातें तुझे इसलिये लिखता हूं। 
1 Timothy 3:15 कि यदि मेरे आने में देर हो तो तू जान ले, कि परमेश्वर का घर, जो जीवते परमेश्वर की कलीसिया है, और जो सत्य का खंभा, और नेव है; उस में कैसा बर्ताव करना चाहिए। 
1 Timothy 3:16 और इस में सन्‍देह नहीं, कि भक्ति का भेद गम्भीर है; अर्थात वह जो शरीर में प्रगट हुआ, आत्मा में धर्मी ठहरा, स्‍वर्गदूतों को दिखाई दिया, अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, जगत में उस पर विश्वास किया गया, और महिमा में ऊपर उठाया गया।

एक साल में बाइबल: 
  • हब्क्कूक 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 15


Saturday, December 23, 2017

सबके लिए


   अनेकों बच्चों के समान मुझे भी क्रिसमस मनाना बहुत पसन्द है। बचपन में मैं बड़ी आशा के साथ क्रिसमस ट्री के नीचे रखे गए खिलौनों और उपहारों को देखता था, मुझे यह जानने की बड़ी लालसा रहती थी कि मेरे लिए कौन सा खिलौना या खेल रखा गया है। लेकिन जब मुझे खिलौनों के स्थान पर शर्ट और पैंट मिलने लगे तो मुझे कुछ निराशा होने लगी - बड़ों की वस्तुओं में बच्चों के खिलौनों वाला आनन्द नहीं होता है। फिर पिछले क्रिसमस पर मेरे बच्चों ने मुझे बड़े सुन्दर दिखने वाले मोज़े उपहार में दिए: उनके चटकीले रंग और आकर्षक डिज़ाइन देखकर मुझी बड़ा उल्लास हुआ, मैं अपने आप को पुनः युवा अनुभव करने लगा। व्यसक भी उन मोज़ों को पहन सकते थे, क्योंकि उन पर लगे लेबल पर लिखा था "एक नाप, सबके लिए।"

   यह वाक्यांश, "एक नाप, सबके लिए" मुझे क्रिसमस की सर्वोत्तम भेंट की याद दिलाता है - उस सुसमाचार की, कि प्रभु यीशु संसार के सभी लोगों के लिए है। यह बात प्रभु यीशु के जन्म के समय हुई घटनाओं से भी प्रमाणित होती है। प्रभु के जन्म लेने का सबसे पहला सन्देश स्वर्गदूतों ने चरवाहों को दिया, जो सामाजिक स्तर के आधार पर सबसे नीचे की सीढ़ी पर माने जाते थे। फिर यही समाचार समाज के अत्यंत महत्वपूर्ण, धनी और प्रतिष्ठित ज्योतिषियों के पास भी पहुंचा, जो फिर सितारे के मार्गदर्शन द्वारा बालक मसीह को देखने आए।

   जब प्रभु ने अपनी सेवकाई आरंभ की, तब यहूदियों के धार्मिक अगुवओं में से उनका एक प्रभावशाली सरदार उससे मिलने और चर्चा करने के लिए रात में उसके पास आया। उनके वार्तालाप के दौरान, प्रभु यीशु ने वह सबसे महत्वपूर्ण और जाना-माना निमंत्रण सारे जगत के लिए दिया, कि स्वेच्छा से प्रभु में लाए गए विश्वास के एक निर्णय के द्वारा व्यक्ति अनन्त जीवन का अधिकारी हो जाता है: "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)।

   यदि प्रभु केवल निर्धनों और समाज के ठुकराए तथा तुच्छ लोगों के लिए आया होता, या फिर केवल धनवानों और समाज के उच्च स्तर के प्रतिष्ठित लोगों के लिए ही आया होता, तो हम में से अनेकों उसके साथ रहने के लिए कभी योग्य न ठहरते। परन्तु प्रभु यीशु सारे संसार के सभी लोगों के लिए आया, चाहे उनका सामाजिक स्तर, आर्थिक स्थिति, या ऐसी ही कोई भी अन्य बात किसी भी स्तर की क्यों न हो। वह वास्तव में सबके लिए सबसे उपयुक्त तथा अद्भुत भेंट है। - जो स्टोवैल


मरते जा रहे इस संसार के लिए, 
परमेश्वर का उपहार जीवन देने वाला मुक्ति-दाता है।

जिसने अपने आप को हमारे लिये दे दिया, कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले, और शुद्ध कर के अपने लिये एक ऐसी जाति बना ले जो भले भले कामों में सरगर्म हो। - तीतुस 2:14

बाइबल पाठ: यूहन्ना 3:10-21
John 3:10 यह सुनकर यीशु ने उस से कहा; तू इस्त्राएलियों का गुरू हो कर भी क्या इन बातों को नहीं समझता? 
John 3:11 मैं तुझ से सच सच कहता हूं कि हम जो जानते हैं, वह कहते हैं, और जिसे हम ने देखा है उस की गवाही देते हैं, और तुम हमारी गवाही ग्रहण नहीं करते। 
John 3:12 जब मैं ने तुम से पृथ्वी की बातें कहीं, और तुम प्रतीति नहीं करते, तो यदि मैं तुम से स्वर्ग की बातें कहूं, तो फिर क्योंकर प्रतीति करोगे? 
John 3:13 और कोई स्वर्ग पर नहीं चढ़ा, केवल वही जो स्वर्ग से उतरा, अर्थात मनुष्य का पुत्र जो स्वर्ग में है। 
John 3:14 और जिस रीति से मूसा ने जंगल में सांप को ऊंचे पर चढ़ाया, उसी रीति से अवश्य है कि मनुष्य का पुत्र भी ऊंचे पर चढ़ाया जाए। 
John 3:15 ताकि जो कोई विश्वास करे उस में अनन्त जीवन पाए।
John 3:16 क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। 
John 3:17 परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए। 
John 3:18 जो उस पर विश्वास करता है, उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती, परन्तु जो उस पर विश्वास नहीं करता, वह दोषी ठहर चुका; इसलिये कि उसने परमेश्वर के एकलौते पुत्र के नाम पर विश्वास नहीं किया। 
John 3:19 और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे। 
John 3:20 क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए। 
John 3:21 परन्तु जो सच्चाई पर चलता है वह ज्योति के निकट आता है, ताकि उसके काम प्रगट हों, कि वह परमेश्वर की ओर से किए गए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • नहूम 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 14


Friday, December 22, 2017

आराधना


   क्रिसमस का एक लोकप्रीय गीत है The Little Drummer Boy जो 1941 में लिखा गया था। अपने मूल रूप में यह गीत "Carol of the Drum" के नाम से जाना जाता था, और चैक देश के एक पारंपरिक कैरॉल (क्रिसमस के गीत) पर आधारित है। यद्यपि परमेश्वर के वचन बाइबल में मसीह यीशु के जन्म से संबंधित घटनाओं के विवरण, मत्ती 1-2 तथा लूका 2, में कहीं भी किसी ड्रम बजाने वाले लड़के का उल्लेख नहीं है परन्तु इस गीत का अर्थ सीधे आराधना के तात्पर्य के मर्म को ले जाता है। इस गीत में कहानी बनाई गई है कि कैसे प्रभु यीशु के जन्म के समय आने वाले ज्योतिषियों ने मसीह के जन्म के स्थान पर, एक ड्रम बजाने वाले लड़के को बुलाया। परन्तु उस लड़के के पास उन ज्योतिषियों के समान प्रभु को भेंट देने के लिए कुछ नहीं था, इसलिए जो उसके पास था उसने वही प्रभु को अर्पित किया। उसने शिशु प्रभु यीशु के लिए अपना ड्रम यह कहते हुए बजाया, "मैंने उसके लिए अपना सर्वश्रेष्ठ बजाया है।"

   यह आराधना की उस भावना के अनुरूप है जो प्रभु यीशु ने विधवा और उसकी दो दमड़ी की घटना के समय कही थी, प्रभु यीशु ने कहा था: "मैं तुम से सच कहता हूं कि इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़कर डाला है। क्योंकि उन सब ने अपनी अपनी बढ़ती में से दान में कुछ डाला है, परन्तु इस ने अपनी घटी में से अपनी सारी जीविका डाल दी है" (लूका 21:3-4)।

   उस ड्रम बजाने वाले लड़के के पास बस अपना ड्रम ही था, और उस निर्धन विधवा के पास बस दो दमड़ी ही थीं, और जिस परमेश्वर की वह आराधना करना चाहते थे वह उनके सर्वस्व के योग्य था। लेकिन उनका आराध्य प्रभु परमेश्वर आराधना की भेंट के सांसारिक मूल्य को नहीं वरन देने वाले के हृदय को देखता है; उसके आँकलन में उस विधवा ने अन्य सभी धनवानों से अधिक अर्पित किया था।

   हमारे प्रभु ने हमारे लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया; वह हमारे सर्वस्व का, हमारी आराधना का हकदार है; और सच्चे मन से दी गई किसी भेंट को तुच्छ नहीं जानता है, उसका तिरिस्कार नहीं करता है। - बिल क्राउडर


जब आप अपना सर्वस्व प्रभु को अर्पित करते हैं, 
तो आपका थोड़ा भी प्रभु की दृष्टि में बहुत होता है।

टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता। - भजन 51:17

बाइबल पाठ: लूका 21:1-4
Luke 21:1 फिर उसने आंख उठा कर धनवानों को अपना अपना दान भण्‍डार में डालते देखा। 
Luke 21:2 और उसने एक कंगाल विधवा को भी उस में दो दमडिय़ां डालते देखा। 
Luke 21:3 तब उसने कहा; मैं तुम से सच कहता हूं कि इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़कर डाला है। 
Luke 21:4 क्योंकि उन सब ने अपनी अपनी बढ़ती में से दान में कुछ डाला है, परन्तु इस ने अपनी घटी में से अपनी सारी जीविका डाल दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 6-7
  • प्रकाशितवाक्य 13


Thursday, December 21, 2017

अद्भुत प्रेम


   मेरी सहेली के पति की मृत्योप्रांत, उनके बिना अपने पहले क्रिसमस के निकट आने के समय में उसने एक उल्लेखनीय पत्र लिखा, जिसमें उसने कल्पना की, कि प्रभु यीशु के पृथ्वी पर जन्म के समय स्वर्ग में कैसा रहा होगा। उसने लिखा, "यह वैसा ही रहा होगा जैसा परमेश्वर सदाकाल से जानता था कि होगा; वह त्रिएक परमेश्वर है, और उसने हम मनुष्यों के पाप क्षमा तथा उद्धार के लिए अपने इस त्रिएकत्व में से एक को अलग होने दिया। स्वर्ग परमेश्वर पुत्र से रिक्त हो गया। मैं अपने विषय सोचूँ तो जिससे मैं प्रेम करती हूँ, जिसके साथ मैं एक हूँ, उसे किसी और के लिए जाने देने के बारे में सोच भी नहीं सकती; परन्तु परमेश्वर ने सोचा और किया। उसने अपने घर को मेरे घर से कहीं अधिक खाली हो जाने दिया, ताकि मैं उसके साथ उसके घर में सदा काल तक रह सकूँ।"

   जब प्रभु यीशु इस संसार में लोगों को परमेश्वर के राज्य और पाप क्षमा के बारे में सिखा रहे थे और उन्हें चंगा कर रहे थे, उन्होंने लोगों से कहा, "क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, वरन अपने भेजने वाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं। क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है, कि जो कोई पुत्र को देखे, और उस पर विश्वास करे, वह अनन्त जीवन पाए; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा" (यूहन्ना 6:38, 40)।

   जब प्रभु यीशु ने बेतलैहम में जन्म लिया तो यह परमेश्वर के हम मनुष्यों के प्रति प्रेम को प्रदर्शित करने के कार्य का आरंभ था, जिसका अन्त कलवरी के क्रूस पर बलिदान होना, मारा जाना, गाड़ा जाना और तीसरे दिन मृतकों में से जी उठना था, जिससे संसार के सभी मनुष्यों के लिए पाप से मुक्ति और उद्धार का मार्ग उपलब्ध हो सके।

   "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीह यीशु के जन्म से परमेश्वर मनुष्यों के निकट ले आया; 
मसीह यीशु का क्रूस मनुष्यों को परमेश्वर के निकट ले जाता है।

परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। - रोमियों 5:8

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:32-40
John 6:32 यीशु ने उन से कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं कि मूसा ने तुम्हें वह रोटी स्वर्ग से न दी, परन्तु मेरा पिता तुम्हें सच्ची रोटी स्वर्ग से देता है। 
John 6:33 क्योंकि परमेश्वर की रोटी वही है, जो स्वर्ग से उतरकर जगत को जीवन देती है। 
John 6:34 तब उन्होंने उस से कहा, हे प्रभु, यह रोटी हमें सर्वदा दिया कर। 
John 6:35 यीशु ने उन से कहा, जीवन की रोटी मैं हूं: जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा। 
John 6:36 परन्तु मैं ने तुम से कहा, कि तुम ने मुझे देख भी लिया है, तोभी विश्वास नहीं करते। 
John 6:37 जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी न निकालूंगा। 
John 6:38 क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, वरन अपने भेजने वाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं। 
John 6:39 और मेरे भेजने वाले की इच्छा यह है कि जो कुछ उसने मुझे दिया है, उस में से मैं कुछ न खोऊं परन्तु उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊं। 
John 6:40 क्योंकि मेरे पिता की इच्छा यह है, कि जो कोई पुत्र को देखे, और उस पर विश्वास करे, वह अनन्त जीवन पाए; और मैं उसे अंतिम दिन फिर जिला उठाऊंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 4-5
  • प्रकाशितवाक्य 12


Wednesday, December 20, 2017

शान्ति


   युद्ध का खर्चा उठाना किसी के भी बस की बात नहीं है। आज संसार के अनेकों देश में सशस्त्र संघर्ष चल रहे हैं; ये संघर्ष कब और कैसे थमेंगे? हम सब शान्ति चाहते हैं, परन्तु न्याय की कीमत पर नहीं, इसलिए शान्ति लाने के लिए संघर्ष और हिंसा में लीन रहते हैं।

   प्रभु यीशु का जन्म "शान्ति" के समय में हुआ था; परन्तु वह शान्ति भारी दमन की कीमत पर स्थापित थी। उन दिनों के रोमी के शासन में शान्ति इसलिए थी क्योंकि रोमी लोग प्रत्येक विरोध को तुरंत विरोधियों का नाश कर के दबा देते थे।

   उस "शान्ति" के समय से लगभग सात सौ वर्ष पूर्व, शत्रु सेनाएं यरुशलेम पर चढ़ाई करने की तैयारी कर रही थीं। यूद्ध की छाया के उस समय में परमेश्वर ने एक अद्भुत बात कही; परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ता यशायाह में होकर यह बात अपने वचन में लिखवाई: "जो लोग अन्धियारे में चल रहे थे उन्होंने बड़ा उजियाला देखा..." (यशायाह 9:2); और "क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है...उसकी प्रभुता सर्वदा बढ़ती रहेगी, और उसकी शान्ति का अन्त न होगा..." (यशायाह9:6-7)। हम परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खण्ड में, मत्ती में लिखा हुआ पाते हैं कि यशायाह द्वारा की गई यह भविष्यवाणी मसीह यीशु के जन्म में पूरी हुई (मत्ती 1:22-23; साथ ही देखें यशायाह 7:14)।

   हम चरनी के दृश्य में दिखाए जाने वाले शिशु यीशु को बड़े लाड़-प्यार से देखते हैं, उसकी उपासना करते हैं; और निःसहाय दिखने वाला वही शिशु सर्वशक्तिमान प्रभु भी है। एक दिन वह "...दाऊद की राजगद्दी पर इस समय से ले कर सर्वदा के लिये न्याय और धर्म के द्वारा स्थिर किए ओर संभाले रहेगा" (यशायाह 9:7)। उसका शासन, रोमी शासन के समान दमनकारी नहीं होगा; वह शान्ति के राजकुमार का शान्ति भरा शासन होगा, उसकी शान्ति वास्तविक और आशीषपूर्ण होगी। - टिम गुस्टाफ़्सन


परमेश्वर का मेमना यहूदा का सिंह भी है।

यह सब कुछ इसलिये हुआ कि जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था; वह पूरा हो। कि, देखो एक कुंवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी और उसका नाम इम्मानुएल रखा जाएगा जिस का अर्थ यह है “परमेश्वर हमारे साथ”। - मत्ती 1:22-23

बाइबल पाठ: यशायाह 9:1-7
Isaiah 9:1 तौभी संकट-भरा अन्धकार जाता रहेगा। पहिले तो उसने जबूलून और नप्ताली के देशों का अपमान किया, परन्तु अन्तिम दिनों में ताल की ओर यरदन के पार की अन्यजातियों के गलील को महिमा देगा। 
Isaiah 9:2 जो लोग अन्धियारे में चल रहे थे उन्होंने बड़ा उजियाला देखा; और जो लोग घोर अन्धकार से भरे हुए मृत्यु के देश में रहते थे, उन पर ज्योति चमकी। 
Isaiah 9:3 तू ने जाति को बढ़ाया, तू ने उसको बहुत आनन्द दिया; वे तेरे साम्हने कटनी के समय का सा आनन्द करते हैं, और ऐसे मगन हैं जैसे लोग लूट बांटने के समय मगन रहते हैं। 
Isaiah 9:4 क्योंकि तू ने उसकी गर्दन पर के भारी जूए और उसके बहंगे के बांस, उस पर अंधेर करने वाले की लाठी, इन सभों को ऐसा तोड़ दिया है जेसे मिद्यानियों के दिन में किया था। 
Isaiah 9:5 क्योंकि युद्ध में लड़ने वाले सिपाहियों के जूते और लोहू में लथड़े हुए कपड़े सब आग का कौर हो जाएंगे। 
Isaiah 9:6 क्योंकि हमारे लिये एक बालक उत्पन्न हुआ, हमें एक पुत्र दिया गया है; और प्रभुता उसके कांधे पर होगी, और उसका नाम अद्‌भुत, युक्ति करने वाला, पराक्रमी परमेश्वर, अनन्तकाल का पिता, और शान्ति का राजकुमार रखा जाएगा। 
Isaiah 9:7 उसकी प्रभुता सर्वदा बढ़ती रहेगी, और उसकी शान्ति का अन्त न होगा, इसलिये वे उसको दाऊद की राजगद्दी पर इस समय से ले कर सर्वदा के लिये न्याय और धर्म के द्वारा स्थिर किए ओर संभाले रहेगा। सेनाओं के यहोवा की धुन के द्वारा यह हो जाएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • मीका 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 11


Tuesday, December 19, 2017

आशा


   सन 1861 के ग्रीष्म ऋतु में हेनरी वैड्सवर्थ लौंगफैलो की पत्नी की मृत्यु हो गई। उस वर्ष, उसके बिना के पहले क्रिसमस पर उन्होंने अपनी डायरी में लिखा, "अवकाश के ये दिन अकथनीय रूप से कितने दुखद हैं।" इससे अगले क्रिसमस पर भी हालत कुछ अधिक बेहतर नहीं थे; उन्होंने डायरी में लिखा, "बच्चे मुझे क्रिसमस की मुबारकबाद देते हैं, परन्तु मेरे लिए यह सत्य नहीं है।" सन 1863 में, जब अमेरीकी गृह युद्ध लंबा खिंच रहा था, उनका बेटा अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध सेना में भर्ती हो गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। उस एक और दुखद वर्ष, जब क्रिसमस के उपलक्ष में चर्च में घंटे बज रहे थे, लौंगफैलो ने अपनी कलम उठाकर एक कविता के बोल लिखने आरंभ किए, "I Heard the Bells on Christmas Day" (मैंने क्रिसमस के दिन घंटों की ध्वनि सुनी)।

   इस कविता का आरंभ सुखद और लयबद्ध है, परन्तु फिर वह एक दुखद मोड़ ले लेती है। इसके चौथे अन्तरे में दिया गया ’श्रापित’ तोपों के ’गरजन’ का आक्रमक चित्रण इसे क्रिसमस के गीत के समान प्रतीत नहीं होने देता है। पांचवें और छठवें अंतरे तक पहुँचते-पहुँचते, लौंगफैलो का भीतरी उजड़ापन पूर्णतः प्रत्यक्ष हो जाता है। उन्होंने लिखा, "ऐसा लगता है कि भूकंप ने पृथ्वी की नींव हिला दी है।" कवि ने पूर्ण हताशा में लिखा, "मैंने निराशा में अपना सिर झुका लिया, और कहा पृथ्वी पर कोई शान्ति नहीं है।"

   परन्तु उस सूने क्रिसमस के दिन की गहराईयों में से लौंगफैलो ने आशा की अदम्य आवाज़ सुनी, और कविता का यह सातवां अंतरा लिखा: "फिर घंटे और तेज़ बजने लगे: ’परमेश्वर न मरा है और न सोया हुआ है! असत्य की हार होगी और सत्य की जीत; और पृथ्वी पर मनुश्यों में शान्ति और सद्भावना राज्य करेगी।"

   गृह युद्ध चलता रहा, और लौंगफैलो की त्रास्दियों की व्यक्तिगत यादें भी ज़ारी रहीं, परन्तु वे क्रिसमस को ठंडा नहीं कर सकीं। प्रभु यीशु मसीह का जन्म हुआ है! प्रभु ने प्रतिज्ञा की है, "और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं" (प्रकाशितवाक्य 21:5); सारे संसार के लिए आशा उपलब्ध है। - टिम गुस्टाफ्सन


इम्मैन्युएल - परमेश्वर हमारे साथ

यहोवा ने अपना किया हुआ उद्धार प्रकाशित किया, उसने अन्यजातियों की दृष्टि में अपना धर्म प्रगट किया है। उसने इस्राएल के घराने पर की अपनी करूणा और सच्चाई की सुधि ली, और पृथ्वी के सब दूर दूर देशों ने हमारे परमेश्वर का किया हुआ उद्धार देखा है। - भजन 98:2-3

बाइबल पाठ: लूका 2:8-14
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।

एक साल में बाइबल: 
  • योना 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 10


Monday, December 18, 2017

आश्वस्त


   पिछले 13 वर्षों से हमारे पास एक पालतु कुतिया रही है, और उसके सोने का स्थान हमारे पलंग के किनारे पर है। सामान्यतः, वहाँ लेटे हुए वह कोई शोर नहीं करती है, हिलती डुलती नहीं है। लेकिन पिछले कुछ समय से उसने रात में उठकर हमें अपने पंजों से टटोलना आरंभ किया हुआ है। पहले तो हमने सोचा कि वह बाहर जाना चाहती है, इसलिए हम उसे बाहर भी लेकर गए; परन्तु फिर हमें एहसास हुआ कि वह बस आश्वस्त होना चाहती है कि हम वहीं उसके पास ही हैं। अपनी आयु के कारण अब वह बहरी हो गई है और उसे दिखाई भी कम देने लगा है, जिससे न वह हमारी साँसों की आवाज़ सुनने पाती है, और न ही रात में हमें देखने पाती है। इसलिए वह बीच-बीच में उठकर आश्वस्त होना चाहती है कि हम वहीं उसके पास ही हैं। इसलिए मैं हाथ नीचे करके उसका सिर थपथपा देता हूँ या सहला देता हूँ, और वह आश्वस्त होकर फिर से सो जाती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, दाऊद ने परमेश्वर से पूछा, "मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?" (भजन 139:7)। दाऊद के लिए यह बड़े आश्वासन की बात थी। उसने आगे लिखा, "यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं" (पद 9-12)।

   आप क्या संसार के अन्धकार में भटक गए हैं? क्या दुखित, भयभीत, दोषी, शंका में, या निराश हैं? क्या परमेश्वर के विषय आश्वस्त नहीं हैं? उसके लिए कुछ भी अन्धकारमय नहीं है। चाहे वह दिखाई न भी दे, वह आपके निकट ही है; उसने इस बात का आश्वसन दिया है (इब्रानियों 13:5)। अपना हाथ उसकी ओर बढ़ाएं और उसे टटोलें; वह आपको कभी निराश नहीं करेगा, सदा आश्वस्त ही करेगा। - डेविड रोपर


परमेश्वर की उपस्थिति के एहसास से अन्धकारपूर्ण भय भाग जाते हैं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 139:7-12
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं? 
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है! 
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, 
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। 
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, 
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • ओब्द्याह
  • प्रकाशितवाक्य 9


Sunday, December 17, 2017

विश्राम


   लड़कपन में, पैसे कमाने के लिए, मैं अखबार बाँटने का काम किया करता था। क्योंकि मैं प्रातः के अखबार बाँटा करता था, इसलिए मुझे प्रति प्रातः, सप्ताह के सातों दिन, 3:00 बजे उठना होता था, जिससे मैं मुझे दिए गए 140 अखबार उनके घरों तक प्रातः के 6:00 बजने तक बाँट दूँ।

   परन्तु प्रति वर्ष एक दिन होता था जो अन्य दिनों से भिन्न था - हम क्रिसमस प्रातः का अखबार क्रिसमस संध्या को ही बाँट देते थे। इसका अर्थ था कि क्रिसमस ही वह एकमात्र दिन होता था जब मैं किसी भी अन्य सामान्य व्यक्ति के समान सुबह तक सोते हुए विश्राम ले सकता था।

   समय के साथ मैंने क्रिसमस की अनेकों कारणों से सराहना करना सीखा, परन्तु उन में से एक कारण जो उन दिनों मेरे लिए विशेष था, वह था, वर्ष के अन्य किसी भी दिन से अलग, क्रिसमस मेरे लिए विश्राम का दिन होता था।

   उस समय मैंने उस सच्चे विश्राम के बारे में, जो क्रिसमस लेकर आता है न अच्छे से समझा था और ना जाना था। लेकिन अब मैं जानता हूँ कि मसीह संसार में इसलिए आया कि जो लोग परमेश्वर के सम्मुख धर्मी ठहरने के लिए नियमों और व्यवस्था के कार्यों को पूरा करने के बोझ के तले दबे हुए हैं, जैसा कर पाना कभी संभव नहीं है, वे प्रभु यीशु मसीह से मिलने वाली पापों की क्षमा और उद्धार के द्वारा इस व्यर्थ कशमकश से छूटें और विश्राम पाएं। प्रभु यीशु ने कहा, "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28)।

   इस संसार में, जिसका अकेले सामना करना, हमारी सहनशक्ति से बाहर है, प्रभु यीशु मसीह हमें विश्राम देता है, जब हम अपने पापों के लिए पश्चाताप और उसे किए गए समर्पण के द्वारा उसके साथ एक संबंध में बंध जाते हैं। - बिल क्राउडर


जब हम प्रभु परमेश्वर में विश्राम करते हैं; तब हमारी आत्मा भी विश्राम पाती है।

यहोवा जो तेरा छुड़ाने वाला और इस्राएल का पवित्र है, वह यों कहता है, मैं ही तेरा परमेश्वर यहोवा हूं जो तुझे तेरे लाभ के लिये शिक्षा देता हूं, और जिस मार्ग से तुझे जाना है उसी मार्ग पर तुझे ले चलता हूं। भला होता कि तू ने मेरी आज्ञाओं को ध्यान से सुना होता! तब तेरी शान्ति नदी के समान और तेरा धर्म समुद्र की लहरों के समान होता; - यशायाह 48:17-18

बाइबल पाठ: मत्ती 11:28- 12:8
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। 
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे। 
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।
Matthew 12:1 उस समय यीशु सब्त के दिन खेतों में से हो कर जा रहा था, और उसके चेलों को भूख लगी, सो वे बालें तोड़ तोड़ कर खाने लगे। 
Matthew 12:2 फरीसियों ने यह देखकर उस से कहा, देख तेरे चेले वह काम कर रहे हैं, जो सब्त के दिन करना उचित नहीं। 
Matthew 12:3 उसने उन से कहा; क्या तुम ने नहीं पढ़ा, कि दाऊद ने, जब वह और उसके साथी भूखे हुए तो क्या किया? 
Matthew 12:4 वह क्योंकर परमेश्वर के घर में गया, और भेंट की रोटियां खाईं, जिन्हें खाना न तो उसे और उसके साथियों को, पर केवल याजकों को उचित था? 
Matthew 12:5 या तुम ने व्यवस्था में नहीं पढ़ा, कि याजक सब्त के दिन मन्दिर में सब्त के दिन के विधि को तोड़ने पर भी निर्दोष ठहरते हैं। 
Matthew 12:6 पर मैं तुम से कहता हूं, कि यहां वह है, जो मन्दिर से भी बड़ा है। 
Matthew 12:7 यदि तुम इस का अर्थ जानते कि मैं दया से प्रसन्न हूं, बलिदान से नहीं, तो तुम निर्दोष को दोषी न ठहराते। 
Matthew 12:8 मनुष्य का पुत्र तो सब्त के दिन का भी प्रभु है।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 7-9
  • प्रकाशितवाक्य 8


Saturday, December 16, 2017

नाम


   एक दोपहर मैं अपने एक मित्र के साथ, जिसे मैं अपना आध्यात्मिक सलाहकार मानता हूँ, परमेश्वर के नाम को व्यर्थ लेने के बारे में चर्चा कर रहा था। परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई दस आज्ञाओं में से तीसरी है, "तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा" (निर्गमन 20:7)। हमें लगता है कि इसका अभिप्राय केवल परमेश्वर के नाम को किसी गाली के या कसम खाने के साथ जोड़ने, या उसके नाम को हल्के में या अनादर के साथ लेने से ही है। परन्तु मेरा मित्र मुझे आध्यात्मिक बातें सिखाने के अवसर को कभी जाने नहीं देता था। उसने मेरे सामने चुनौती रखी कि मैं और भी अन्य ऐसी बातें सोचूँ जिनके द्वारा हम परमेश्वर के नाम का अनादर करते हैं या उसे व्यर्थ लेते हैं।

   जब हम, हमें दिए जा रहे परामर्श का इन्कार करते हैं और अपनी बात को सही ठहराने के लिए कह देते हैं, "परमेश्वर ने मुझसे इसे ऐसे करने को कहा है" तो हम उसके नाम का दुरुप्योग करते हैं, यदि हम ऐसा केवल अपनी इच्छापूर्ति के लिए करते हैं।

   जब हम परमेश्वर के वचन को संदर्भ से बाहर ले एवं प्रयोग कर के, अपने ही विचार को सही ठहराने का प्रयास करते हैं, हम परमेश्वर के वचन को व्यर्थ लेते हैं।

   जब हम पवित्र-शास्त्र से असावधानीपूर्वक सिखाते, पढ़ाते, या प्रचार करते हैं, हम परमेश्वर के नाम को व्यर्थ लेते हैं।

   लेखक जॉन पाइपर ने परमेश्वर के नाम को व्यर्थ लेने के बारे में अपने विचार प्रस्तुत किए: "कहने का तात्पर्य है...’उसके नाम को खाली न करें’...परमेश्वर को उसकी महिमा और गौरव से रिक्त न कर दें।" पाइपर कहते हैं कि हम उसके नाम का दुरुप्योग करते हैं जब हम "परमेश्वर के विषय ऐसे बात करते हैं जिससे उसका महत्व कम हो जाता है।"

   मेरे मित्र ने मुझे उकसाया कि मैं परमेश्वर के नाम को उचित आदर दूँ और उसके वचन को सावधानीपूर्वक और ठीक-ठीक प्रयोग करने के लिए उप्युक्त ध्यान करूँ। इससे कुछ भी कम, उसके नाम का अनादर होगा। - रैंडी किलगोर


परमेश्वर का नाम: सावधानीपूर्वक प्रयोग करें।

यहोवा के नाम की ऐसी महिमा करो जो उसके योग्य है; भेंट ले कर उसके आंगनों में आओ! - भजन 96:8

बाइबल पाठ: निर्गमन 20:1-7
Exodus 20:1 तब परमेश्वर ने ये सब वचन कहे, 
Exodus 20:2 कि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा हूं, जो तुझे दासत्व के घर अर्थात मिस्र देश से निकाल लाया है।
Exodus 20:3 तू मुझे छोड़ दूसरों को ईश्वर कर के न मानना।
Exodus 20:4 तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है। 
Exodus 20:5 तू उन को दण्डवत न करना, और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखने वाला ईश्वर हूं, और जो मुझ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूं, 
Exodus 20:6 और जो मुझ से प्रेम रखते और मेरी आज्ञाओं को मानते हैं, उन हजारों पर करूणा किया करता हूं।
Exodus 20:7 तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 4-6
  • प्रकाशितवाक्य 7


Friday, December 15, 2017

रवैया


   जब मैं बाइबल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था, तो साथ ही अपने मित्र चार्ली के साथ एक फर्नीचर स्टोर में काम भी करता था। हम दोनों एक गृह सज्जा करने वाले के साथ मिलकर कार्य करते थे; जब हम गाड़ी से फरनीचर उतार कर घर में लगा रहे होते थे, वह घर में रहने वालों के साथ बातचीत कर रहा होता था। अकसर हमें फरनीचर कई मंज़िल ऊपर चढ़ाना होता था। मैं और चार्ली बहुधा यह सोचते थे कि कितना अच्छा होता यदि हमारा कार्य उस गृह-सज्जा करने वाले के जैसा होता।

   मिस्त्र की गुलामी से निकलकर, कनान देश पहुँचने तक इस्त्राएल को 40 वर्ष की जंगल की यात्रा से होकर निकलना पड़ा। इस दौरान याजकीय कबीले लेवी में से तीन कुल, कहातियों, गेर्शोनियों, और मरारियों को परमेश्वर की आराधना के तंबू को उठाने-लगाने की सेवा सौंपी गई थी। जब भी इस्त्राएल को यात्रा करनी होती थी, उनका काम था तंबू को खोलने और यात्रा में ले जाने के लिए तैयार करने का; और जब इस्त्राएल कहीं पड़ाव डालकर रहता था इन्ही कुलों के यही लोग तंबू को वापस खड़ा करते थे। उनका कार्य यही था, तंबू को उतारना, अगले स्थान तक लेकर जाना, वहाँ उसे खड़ा करना, और यात्रा के अगले चरण में इसी प्रक्रिया को फिर से दोहराना। उनके कार्य का सीधा सा विवरण था, "...सामान ढ़ोने के लिये उन को सौपा जाए..." (देखें गिनती 4:32)।

   मैं सोचता हूँ कि तंबू यह सेवकाई करने वाले ये लोग क्या कभी वेदी पर बलिदान चढ़ाने और मन्दिर में धूप आदि जलाने वाले पुरोहितों (पद 4-5, 15) को लेकर यह सोचते होंगे कि काश वह कार्य उन्हें भी मिल जाता! बलिदान और धूप वाला यह कार्य उन्हें अधिक सरल और प्रतिष्ठित लगता होगा। परन्तु दोनों कार्य महत्वपूर्ण थे और दोनों ही प्रभु द्वारा सौंपे गए थे।

   अनेकों बार हमें सौंपे गए कार्य, हमारे द्वारा चुने गए कार्य नहीं होते हैं; परन्तु हम सब, हमें सौंपे गए कार्यों के प्रति सही रवैया अवश्य रख सकते हैं। परमेश्वर द्वारा हमें सौंपे गए कार्य के प्रति हमारा रवैया, उसके प्रति हमारी सेवा और समर्पण का माप है। - डेविड मैक्कैसलैण्ड


जब छोटे काम को भी परमेश्वर के लिए किया जाए, तो वह पवित्र कार्य बन जाता है।

जो काम तू ने मुझे करने को दिया था, उसे पूरा कर के मैं ने पृथ्वी पर तेरी महिमा की है। - यूहन्ना 17:4

बाइबल पाठ: गिनती 4:17-32
Numbers 4:17 फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा, 
Numbers 4:18 कहातियों के कुलों के गोत्रियों को लेवियों में से नाश न होने देना; 
Numbers 4:19 उसके साथ ऐसा करो, कि जब वे परमपवित्र वस्तुओं के समीप आएं तब न मरें परन्तु जीवित रहें; अर्थात हारून और उसके पुत्र भीतर आकर एक एक के लिये उसकी सेवकाई और उसका भार ठहरा दें, 
Numbers 4:20 और वे पवित्र वस्तुओं के देखने को झण भर के लिये भी भीतर आने न पाएं, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएं।
Numbers 4:21 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 
Numbers 4:22 गेर्शोनियों की भी गिनती उनके पितरों के घरानों और कुलों के अनुसार कर; 
Numbers 4:23 तीस वर्ष से ले कर पचास वर्ष तक की अवस्था वाले, जितने मिलापवाले तम्बू में सेवा करने को सेना में भरती हों उन सभों को गिन ले। 
Numbers 4:24 सेवा करने और भार उठाने में गेर्शोनियों के कुल वालों की यह सेवकाई हो; 
Numbers 4:25 अर्थात वे निवास के पटों, और मिलापवाले तम्बू और उसके ओहार, और इसके ऊपर वाले सूइसों की खालों के ओहार, और मिलापवाले तम्बू के द्वार के पर्दे, 
Numbers 4:26 और निवास, और वेदी की चारों ओर के आंगन के पर्दों, और आंगन के द्वार के पर्दे, और उनकी डोरियों, और उन में बरतने के सारे सामान, इन सभों को वे उठाया करें; और इन वस्तुओं से जितना काम होता है वह सब भी उनकी सेवकाई में आए। 
Numbers 4:27 और गेर्शोनियों के वंश की सारी सेवकाई हारून और उसके पुत्रों के कहने से हुआ करे, अर्थात जो कुछ उन को उठाना, और जो जो सेवकाई उन को करनी हो, उनका सारा भार तुम ही उन्हें सौपा करो। 
Numbers 4:28 मिलापवाले तम्बू में गेर्शोनियों के कुलों की यही सेवकाई ठहरे; और उन पर हारून याजक का पुत्र ईतामार अधिकार रखे।
Numbers 4:29 फिर मरारियों को भी तू उनके कुलों और पितरों के घरानों के अनुसार गिन लें; 
Numbers 4:30 तीस वर्ष से ले कर पचास वर्ष तक की अवस्था वाले, जितने मिलापवाले तम्बू की सेवा करने को सेना में भरती हों, उन सभों को गिन ले। 
Numbers 4:31 और मिलापवाले तम्बू में की जिन वस्तुओं के उठाने की सेवकाई उन को मिले वे ये हों, अर्थात निवास के तख्ते, बेड़े, खम्भे, और कुसिर्यां, 
Numbers 4:32 और चारों ओर आंगन के खम्भे, और इनकी कुसिर्यां, खूंटे, डोरियां, और भांति भांति के बरतने का सारा सामान; और जो जो सामान ढ़ोने के लिये उन को सौपा जाए उस में से एक एक वस्तु का नाम ले कर तुम गिन दो।

एक साल में बाइबल: 
  • अमोस 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 6


Thursday, December 14, 2017

स्तुति और आराधना


   जर्मनी के विरुद्ध 2014 के फुटबॉल विश्वकप में, घाना के अस्मोह ज्ञान ने जब गोल किया तो उन्होंने अपनी टीम के सदस्यों के साथ मिलकर सामूहिक नृत्य किया। कुछ ही मिनिटों के बद जब जर्मनी के मीरोस्लाव क्लोज़ ने गोल कर दिया, तो उसने आनन्द के मारे दौड़ते हुए कलाबाज़ी खाई। क्लिंट मैथिस ने, जिन्होंने 2002 के फुटबॉल विश्वकप में अमेरिका के लिए गोल किए थे कहा, "फुटबॉल में खुशी मनाना बहुत आकर्षक होता है क्योंकि उनके द्वारा की जाने वाली हरकतों से खिलाडियों का व्यक्तित्व, उनके जीवन-मूल्य, उनकी उमंग का पता चलता है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, भजन 150 में भजनकार आहवाहन करता है कि वे सब जिनमें श्वास है, आएं और भिन्न-भिन्न तरीकों से परमेश्वर की स्तुति और आराधना करें। वह कहता है कि हम नरसिंगे, तार वाले वाद्ययन्त्रों, बाँसुरी, झाँझ, और नृत्य के साथ परमेश्वर की स्तुति और आराधना करें। वह हमें प्रोत्साहित करता है कि हम रचनात्मक तरीकों और जोश के साथ प्रभु का आदर करें, उसे श्रद्धा दें; क्योंकि प्रभु महान है, और उसने अपने लोगों के लिए महान कार्य किए हैं। वही सारी स्तुति और आराधना के सर्वथा योग्य है। स्तुति और आराधना के ये बाहरी भाव परमेश्वर के प्रति कृतज्ञता से उमड़ते हुए हृदय से निकल कर आने चाहिएं। भजनकार कहता है, "जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो" (भजन 150:6)।

   यद्यपि हम प्रभु के आनन्द को अनेकों तरीकों से मना सकते हैं, परन्तु परमेश्वर के प्रति हमारी श्रद्धा अर्थपूर्ण और स्पष्ट होनी चाहिए। जब हम प्रभु के चरित्र के, और हमारे प्रति किए गए उसके महान कार्यों के बारे में सोचते हैं तो उसकी स्तुति और आराधना करने से अपने आप को रोक नहीं पाते हैं। - मार्विन विलियम्स


स्तुति एक मुक्त की गई आत्मा का गीत है।

यहोवा मेरा उद्धार करेगा, इसलिये हम जीवन भर यहोवा के भवन में तार वाले बाजों पर अपने रचे हुए गीत गातें रहेंगे। - यशायाह 38:20

बाइबल पाठ: भजन 150
Psalms 150:1 याह की स्तुति करो! ईश्वर के पवित्रस्थान में उसकी स्तुति करो; उसकी सामर्थ्य से भरे हुए आकाशमण्डल में उसी की स्तुति करो! 
Psalms 150:2 उसके पराक्रम के कामों के कारण उसकी स्तुति करो; उसकी अत्यन्त बड़ाई के अनुसार उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:3 नरसिंगा फूंकते हुए उसकी स्तुति करो; सारंगी और वीणा बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:4 डफ बजाते और नाचते हुए उसकी स्तुति करो; तार वाले बाजे और बांसुली बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:5 ऊंचे शब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो; आनन्द के महाशब्द वाली झांझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो! 
Psalms 150:6 जितने प्राणी हैं सब के सब याह की स्तुति करें! याह की स्तुति करो!

एक साल में बाइबल: 
  • योएल 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 5


Wednesday, December 13, 2017

सिद्ध


   क्रिसमस वर्ष का वह समय होता है जब सिद्ध होने के लिए दबाव सबसे अधिक होता है। हम सबसे सिद्ध समारोह की कल्पना करते हैं और फिर उसे वैसा मनाने के प्रयासों में जुट जाते हैं। हम देने के लिए सबसे सिद्ध उपहारों की कल्पना करके उन्हें खरीदते हैं। हम क्रिसमस के दिन के लिए सबसे सिद्ध भोजन की कल्पना कर के उसे बनाने का प्रयास करते हैं। हम प्रिय जनों और रिश्तेदारों को भेजने के लिए सबसे सिद्ध अभिनन्दन कार्ड्स लेते हैं और पत्र लिखते हैं। परन्तु हमारे ये सारे प्रयास निराशा लाते हैं जब हमारी सिद्ध कल्पना उसे कार्यान्वित करने की हमारी क्षमता से मेल नहीं खाने पाती है। बड़े ध्यान से खरीदे गए हमारे उपहार के लिए हमें अनमना सा धन्यवाद ही सुनने को मिलता है। बड़ी मेहनत और लगन से बनाए गए भोजन का कोई भाग ठीक से पका हुआ नहीं निकलता है। हमारे भेजे गए क्रिसमस कार्ड्स और पत्रों में कोई त्रुटी या अधूरापन रह जाता है। बच्चे उन्हें दिए गए उपहारों को लेकर झगड़ते हैं; और व्यसक भी परस्पर मतभेद की पुरानी दलीलें फिर से उठा लेते हैं।

   ऐसे में, इन बातों को लेकर निराश होने की बजाए, हमें क्रिसमस के महत्व को स्मरण करना चाहिए। हमें क्रिसमस की आवश्यकता है, क्योंकि हम में से कोई भी एक महीना, या एक स्पताह, या एक दिन के लिए भी वह सिद्ध मनुष्य नहीं बन सकता है जैसा हम बनना चाहते हैं। मसीह के जन्म का उत्सव हमारे लिए कितना अधिक अर्थपूर्ण हो जाएगा यदि हम सिद्ध होने की अपनी दोषपूर्ण धारणा और प्रयासों को छोड़ कर, अपने तथा जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह पर अपना ध्यान केंद्रित करें, और ध्यान करें कि हम केवल उसमें ही सिद्ध बन सकते हैं (रोमियों 3:22)।

   यदि इस वर्ष आप का क्रिसमस मनाना सिद्ध नहीं है, तो भी परेशान न हों, और स्मरण करें कि सदा के लिए सिद्ध बनने का एकमात्र मार्ग (इब्रानियों 10:14) है मसीह की धार्मिकता में विश्वास के साथ जीना। - जूली ऐकैरमैन लिंक


केवल मसीह की धार्मिकता पहनने से ही 
हम उसके सिंहासन के समक्ष खड़े हो पाएंगे।

क्योंकि उसने एक ही चढ़ावे के द्वारा उन्हें जो पवित्र किए जाते हैं, सर्वदा के लिये सिद्ध कर दिया है। - इब्रानियों 10:14

बाइबल पाठ: रोमियों 3:20-26
Romans 3:20 क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है। 
Romans 3:21 पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की वह धामिर्कता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं। 
Romans 3:22 अर्थात परमेश्वर की वह धामिर्कता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करने वालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं। 
Romans 3:23 इसलिये कि सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं। 
Romans 3:24 परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं। 
Romans 3:25 उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे। 
Romans 3:26 वरन इसी समय उस की धामिर्कता प्रगट हो; कि जिस से वह आप ही धर्मी ठहरे, और जो यीशु पर विश्वास करे, उसका भी धर्मी ठहराने वाला हो।

एक साल में बाइबल: 
  • होशै 12-14
  • प्रकाशितवाक्य 4


Tuesday, December 12, 2017

पवित्र-शास्त्र


   अ-पो-ला-पी चीन के यूनान प्रांत की पर्वत शरंखलाओं में बसने वाले अखा कबीले का एक वृद्ध सदस्य है। हाल ही में जब हम अपने मिशनरी दौरे में उससे मिले, तो उसने हम से कहा कि भारी वर्षा के कारण वह परमेश्वर के वचन बाइबल के साप्ताहिक अध्ययन में नहीं जाने पाया था। इसलिए उसने हमसे विनती की कि हम उसके साथ परमेश्वर के वचन से कुछ बाँटें।

   अ-पो-ला-पी पढ़ नहीं सकता है, इसलिए वह साप्ताहिक बाइबल अध्ययन उसके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हम जब उसे बाइबल से पढ़ कर सुना रहे थे तो वह बड़े ध्यान से सुन रहा था। उसके इस उत्साही रवैये ने मुझे स्मरण दिलाया कि जब हम परमेश्वर के प्रेरित वचन की बातों को गंभीरता से सुनते हैं, तब हम परमेश्वर का आदर करते हैं।

   बाइबल में व्यवस्थाविवरण नामक पुस्तक में मूसा ने इस्त्राएलियों से आग्रह किया कि वे उन नियमों और आज्ञाओं को ध्यान से सुनें, जिन्हें वह उन्हें परमेश्वर की ओर से सिखा रहा था (पद 1)। उसने उन्हें स्मरण दिलाया कि उन शिक्षाओं का स्त्रोत और प्रेरणा, कोई और नहीं स्वयं परमेश्वर ही था। वही परमेश्वर जिसने सिनै में उनसे आग के बीच में से बातें की थीं (पद 12); मूसा ने उन से कहा, "और उसने तुम को अपनी वाचा के दसों वचन बताकर उनके मानने की आज्ञा दी" (पद 13)।

   काश कि हम भी अ-पो-ला-पी के समान परमेश्वर के वचन को सुनने और जानने की गहरी लालसा रखने वाले हों। प्रेरित पौलुस ने हमें 2 तिमुथियुस 3:15-17 में स्मरण दिलाया है कि प्रेरणा से लिखा गया यह बाइबल पवित्र-शास्त्र, हमारी भलाई और उन्नति के लिए दिया गया है, जिससे हम उद्धार और परमेश्वर के मार्गों में बुद्धिमान हो सकें। - पो फ़ैंग चिया


जीवित वचन मसीह को जानने के लिए, लिखित वचन बाइबल का अध्ययन करें।

और बालकपन से पवित्र शास्त्र तेरा जाना हुआ है, जो तुझे मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करने के लिये बुद्धिमान बना सकता है। हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए। - 2 तिमुथियुस 3:15-17

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 4:9-14
Deuteronomy 4:9 यह अत्यन्त आवश्यक है कि तुम अपने विषय में सचेत रहो, और अपने मन की बड़ी चौकसी करो, कहीं ऐसा न हो कि जो जो बातें तुम ने अपनी आंखों से देखीं उन को भूल जाओ, और वह जीवन भर के लिये तुम्हारे मन से जाती रहे; किन्तु तुम उन्हें अपने बेटों पोतों को सिखाना। 
Deuteronomy 4:10 विशेष कर के उस दिन की बातें जिस में तुम होरेब के पास अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने खड़े थे, जब यहोवा ने मुझ से कहा था, कि उन लोगों को मेरे पास इकट्ठा कर कि मैं उन्हें अपने वचन सुनाऊं, जिस से वे सीखें, ताकि जितने दिन वे पृथ्वी पर जीवित रहें उतने दिन मेरा भय मानते रहें, और अपने लड़के बालों को भी यही सिखाएं। 
Deuteronomy 4:11 तब तुम समीप जा कर उस पर्वत के नीचे खड़े हुए, और वह पहाड़ आग से धधक रहा था, और उसकी लौ आकाश तक पहुंचती थी, और उसके चारों ओर अन्धियारा, और बादल, और घोर अन्धकार छाया हुआ था। 
Deuteronomy 4:12 तक यहोवा ने उस आग के बीच में से तुम से बातें की; बातों का शब्द तो तुम को सुनाईं पड़ा, परन्तु कोई रूप न देखा; केवल शब्द ही शब्द सुन पड़ा। 
Deuteronomy 4:13 और उसने तुम को अपनी वाचा के दसों वचन बताकर उनके मानने की आज्ञा दी; और उन्हें पत्थर की दो पटियाओं पर लिख दिया। 
Deuteronomy 4:14 और मुझ को यहोवा ने उसी समय तुम्हें विधि और नियम सिखाने की आज्ञा दी, इसलिये कि जिस देश के अधिकारी होने को तुम पार जाने पर हो उस में तुम उन को माना करो।

एक साल में बाइबल: 
  • होशै 9-11
  • प्रकाशितवाक्य 3


Monday, December 11, 2017

भरोसा


   मैं दुसरे विश्वयुद्ध के पैराडॉग्स (पैराशूट द्वारा उतारे जाने वाले कुत्तों) की कहानी से बहुत अचंभित हूँ। जब मित्र-सेना जर्मन सेनाओं पर निर्णायक प्रहार करने की तैयारी कर रही थी, तो उन्हें कुत्तों के सूंघने की तीव्र शक्ति की आवश्यकता हुई, जिससे वे धरती में दबाई गई बारूदी सुरंगों का सूंघ कर पता चला लें और सैनिकों को खतरे से आगाह कर दें। किंतु कुत्तों को ऐसा करने के लिए शत्रु सैनिकों के पीछे उतारना था, और ऐसा केवल पैराशूट द्वारा ही संभव था। परन्तु हम में से अनेकों के समान, कुत्ते स्वभाव ही से ऊँचाई से डरते हैं। परन्तु फिर भी कई सप्ताह के प्रशिक्षण के पश्चात, कुत्तों ने अपने स्वामियों के कहने पर छलांग लगाना सीख लिया।

   मैं सोचता हूँ कि हम में से कितने होंगे जो अपने स्वामी पर भरोसा रख कर उन चुनौतीपूर्ण कार्यों को करने के लिए आगे बढ़ेंगे, जिन्हें करने के लिए हम स्वाभिविक रीति से संकोच करते हैं, या जिन्हें करने से हमें डर लगता है? सम्भव है कि हम अपने स्वभाव से उदार, या क्षमाशील, या धीरजवंत न हों; परन्तु प्रभु यीशु हमें आज्ञा देता है कि उस पर अपना भरोसा बनाए रखते हुए, उन कठिन प्रतीत होने वाले कार्यों को भी करें, जिन से उसके राज्य का प्रसार हो। वह चाहता है कि परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार के समान हम भी कहें, "अपनी करूणा की बात मुझे शीघ्र सुना, क्योंकि मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है। जिस मार्ग से मुझे चलना है, वह मुझ को बता दे, क्योंकि मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं" (भजन 143:8)।

   उनकी वीरता के लिए पैराडॉग्स को पदक दिए गए। मेरा विश्वास है कि एक दिन हम भी अपने स्वामी से सुनेंगे, "धन्य हे अच्‍छे और विश्वासयोग्य दास" (मत्ती 25:23), क्योंकि हमने उस पर भरोसा रखते हुए, उसके आदेश पर वहाँ जाने के लिए कदम बढ़ाया, जहाँ जाने में हमें संकोच अथवा भय था। - जो स्टोवेल


प्रभु यीशु पर भरोसा रख कर उससे निवेदन करें कि 
वह आपको दिखाए कि आप उसके लिए कैसे उपयोगी हो सकते हैं।

उसके स्‍वामी ने उस से कहा, धन्य हे अच्‍छे और विश्वासयोग्य दास, तू थोड़े में विश्वासयोग्य रहा, मैं तुझे बहुत वस्‍तुओं का अधिकारी बनाऊंगा अपने स्‍वामी के आनन्द में संभागी हो। - मत्ती 25:23

बाइबल पाठ: भजन 143:7-12
Psalms 143:7 हे यहोवा, फुर्ती कर के मेरी सुन ले; क्योंकि मेरे प्राण निकलने ही पर हैं मुझ से अपना मुंह न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कब्र में पड़े हुओं के समान हो जाऊं। 
Psalms 143:8 अपनी करूणा की बात मुझे शीघ्र सुना, क्योंकि मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है। जिस मार्ग से मुझे चलना है, वह मुझ को बता दे, क्योंकि मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं।
Psalms 143:9 हे यहोवा, मुझे शत्रुओं से बचा ले; मैं तेरी ही आड़ में आ छिपा हूं। 
Psalms 143:10 मुझ को यह सिखा, कि मैं तेरी इच्छा क्योंकर पूरी करूं, क्योंकि मेरा परमेश्वर तू ही है! तेरा भला आत्मा मुझ को धर्म के मार्ग में ले चले! 
Psalms 143:11 हे यहोवा, मुझे अपने नाम के निमित्त जिला! तू जो धर्मी है, मुझ को संकट से छुड़ा ले! 
Psalms 143:12 और करूणा कर के मेरे शत्रुओं को सत्यानाश कर, और मेरे सब सताने वालों का नाश कर डाल, क्योंकि मैं तेरा दास हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • होशै 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 2


Sunday, December 10, 2017

बचाव


   ऑक्टोबर 2010 में, चिल्ली देश में एक खदान में हुए विस्फोट के कारण 33 खनिक एक भूमिगत खदान में फंस गए। उन्हें बाहर निकालने के प्रयासों में, उनके संभावित भूमिगत स्थान के निकट खुदाई करके बाहर निकलने का मार्ग बनाना था। भूमिगत खदानों के नक्शे बनाने का मैकरेना वाल्देस का कौशल इसमें बहुत काम आया। उन लोगों के बचाए जाने के पश्चात मैकरेना ने कहा, उस सही स्थान का पता लगा कर, जहाँ वे खनिक फंसे हुए थे, ड्रिल करके सही स्थान पर छेद बनाना, जिसके द्वारा उन्हें बाहर निकाला जा सके, ऐसा था मानो 700 मीटर की दूरी से मक्खी मारने के लिए बन्दूक से निशाना लगान। खदानों के अपने अनुभव के कारण, मैकरेना ड्रिल करने वालों को उस स्थान तक पहुँचा सकी जहाँ वे खनिक फंसे हुए थे, और उन्हें नाटकीय ढंग से बचा लिया गया।

   आत्मिक बचाव के प्रयासों में भी निराश हो जाना बहुत सरल होता है। यद्यपि पौलुस प्रेरित के सामने इससे भी बड़ी बाधाएं थीं, फिर भी उसने कहा, "इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते" (2 कुरिन्थियों 4:1)। "और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके" (पद 4) फिर भी पौलुस उनके समक्ष उद्धार के सुसमाचार का प्रचार करता ही रहा। परमेश्वर के द्वारा प्रोत्साहित होकर, जिसने पौलुस के आत्मिक अन्धकार में अपनी ज्योति चमकाई थी (पद 6), पौलुस इस बात में दृढ़ निश्चय था कि परमेश्वर ने जो उसके साथ किया था, वह वही कार्य अन्य लोगों के साथ भी कर सकता है।

   मेरी और आपकी भी ऐसी ही कहानी हो सकती है। परमेश्वर के प्रेम से बाध्य एवं प्रोत्साहित होकर, हमें भी साहस नहीं छोड़ना चाहिए। जैसे मैकरेना ने उन खनिकों के बचाव का नेतृत्व किया, वैसे ही परमेश्वर का पवित्र आत्मा हमारे शब्दों के द्वारा परमेश्वर के प्रेम और अनुग्रह की ज्योति को उनके हृदयों तक पहुँचा सकती है जिन्हें पाप से बचाए जाने की आवश्यकता तो है, परन्तु वे अभी इस बात को समझते, जानते और मानते नहीं हैं। पाप से औरों के बचाव के अपने प्रयासों में कभी साहस न छोड़ें। - सी. पी. हिया


जब आप बचाए जाते हैं, तो फिर औरों को भी बचाना चाहते हैं।

और यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मेरा कुछ घमण्‍ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय। - 1 कुरिन्थियों 9:16

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:1-6
2 Corinthians 4:1 इसलिये जब हम पर ऐसी दया हुई, कि हमें यह सेवा मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते। 
2 Corinthians 4:2 परन्तु हम ने लज्ज़ा के गुप्‍त कामों को त्याग दिया, और न चतुराई से चलते, और न परमेश्वर के वचन में मिलावट करते हैं, परन्तु सत्य को प्रगट कर के, परमेश्वर के साम्हने हर एक मनुष्य के विवेक में अपनी भलाई बैठाते हैं। 
2 Corinthians 4:3 परन्तु यदि हमारे सुसमाचार पर परदा पड़ा है, तो यह नाश होने वालों ही के लिये पड़ा है। 
2 Corinthians 4:4 और उन अविश्वासियों के लिये, जिन की बुद्धि को इस संसार के ईश्वर ने अन्‍धी कर दी है, ताकि मसीह जो परमेश्वर का प्रतिरूप है, उसके तेजोमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमके। 
2 Corinthians 4:5 क्योंकि हम अपने को नहीं, परन्तु मसीह यीशु को प्रचार करते हैं, कि वह प्रभु है; और अपने विषय में यह कहते हैं, कि हम यीशु के कारण तुम्हारे सेवक हैं। 
2 Corinthians 4:6 इसलिये कि परमेश्वर ही है, जिसने कहा, कि अन्धकार में से ज्योति चमके; और वही हमारे हृदयों में चमका, कि परमेश्वर की महिमा की पहिचान की ज्योति यीशु मसीह के चेहरे से प्रकाशमान हो।

एक साल में बाइबल: 
  • होशै 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 1


Saturday, December 9, 2017

अनुग्रह


   एक पुलिस अफ़सर ने चालान काटने के लिए एक महिला की कार को रोका क्योंकि उस महिला ने अपनी छोटी बेटी को कार में बैठाने की बच्चों के लिए उचित सीट नहीं लगा रखी थी। लेकिन चालान काटने के स्थान पर उस पुलिस अफ़सर ने उस महिला से निकट के एक स्टोर पर आने के लिए कहा, जहाँ पर उस अफ़सर ने उस महिला की बेटी के लिए वह सीट उसे खरीद कर दी। वह माँ कुछ कठिन समयों से निकल रही थी, और सीट खरीदने के लायक पैसे नहीं जुटा पा रही थी। आज्ञा उल्लंघन के लिए वह महिला दण्ड की भागी थी, परन्तु उस पुलिस अफ़सर के अनुग्रह से उसे एक उपहार मिल गया। 

   जिसने भी प्रभु यीशु मसीह के साथ अपना व्यक्तिगत संबंध बना लिया है, उसने ऐसा ही कुछ अनुभव किया है। हम में से प्रत्येक, परमेश्वर की अनाज्ञाकारिता करने के कारण, उससे दण्ड का भागी है (सभोपदेशक 7:20)। परन्तु फिर भी, प्रभु यीशु के कारण, हमें परमेश्वर से अनुग्रह, पापों की क्षमा और अनन्त जीवन का वरदान मिलता है: "हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है" (इफिसियों 1:7)। प्रभु परमेश्वर के इस अनुग्रह के कारण हम अपने पापों के अन्तिम परिणाम, अर्थात मृत्यु तथा परमेश्वर से अनन्त काल के लिए दूरी, के स्थान पर क्षमा और स्वर्ग में उसके साथ अनन्तकाल तक रहने का जीवन दान पाते हैं (रोमियों 6:23)।

   कुछ अनुग्रह को "व्यवहार में प्रेम" कहते हैं। पुलिस अफ़सर द्वारा दिखाया गया यह अनुग्रह जब उस माँ ने अनुभव किया, तो बाद में इसके बारे में उसने कहा, "मैं सदा उनकी कृतज्ञ रहूँगी! और जैसे ही मैं ऐसा कर पाऊँगी, मैं किसी अन्य के लिए भी ऐसा ही व्यवहार करूँगी।" उस पुलिस अफ़सर द्वारा दिखाए गए अनुग्रह के प्रति उसका यह कृतज्ञता से भरा उदार प्रत्युत्तर हमें प्रोत्साहित करता है कि हम प्रभु यीशु के अनुग्रह के प्रति भी कुछ ऐसा ही महान और कृतज्ञतापूर्ण प्रत्युत्तर दें; उसे अपने जीवनों में सर्वोपरि स्थान प्रदान करें, अपने जीवन उसे समर्पित कर दें। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


अनुग्रह परमेश्वर का उपहार है।

क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है। - रोमियों 6:23

बाइबल पाठ: इफिसियों 1:1-10
Ephesians 1:1 पौलुस की ओर से जो परमेश्वर की इच्छा से यीशु मसीह का प्रेरित है, उन पवित्र और मसीह यीशु में विश्वासी लोगों के नाम जो इफिसुस में हैं।
Ephesians 1:2 हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
Ephesians 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उसने हमें मसीह में स्‍वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है। 
Ephesians 1:4 जैसा उसने हमें जगत की उत्‍पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों। 
Ephesians 1:5 और अपनी इच्छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों, 
Ephesians 1:6 कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्‍तुति हो, जिसे उसने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया। 
Ephesians 1:7 हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है। 
Ephesians 1:8 जिसे उसने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया। 
Ephesians 1:9 कि उसने अपनी इच्छा का भेद उस सुमति के अनुसार हमें बताया जिसे उसने अपने आप में ठान लिया था। 
Ephesians 1:10 कि समयों के पूरे होने का ऐसा प्रबन्‍ध हो कि जो कुछ स्वर्ग में है, और जो कुछ पृथ्वी पर है, सब कुछ वह मसीह में एकत्र करे।

एक साल में बाइबल: 
  • दानिय्येल 11-12
  • यहूदा