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शुक्रवार, 4 सितंबर 2020

सृष्टिकर्ता

 

         सन 2011 में अमेरिका की नैशनल एरोनॉटिक्स एन्ड स्पेस एजेंसी (नासा) ने अपने द्वारा अंतरिक्ष की खोज के तीस वर्ष का उत्सव मनाया। इन तीन दशकों में नासा द्वारा भेजे गए अंतरिक्ष यानों में 355 से भी अधिक लोग अंतरिक्ष में भेजे गए और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन के निर्माण में भी भाग लिया। अपने पाँच अंतरिक्ष यानों को सेवा-निवृत्त करने के बाद अब नासा ने अपना ध्यान सुदूर अंतरिक्ष की खोज पर केन्द्रित किया है।

         मानव जाति ने अपना बहुत समय और धन अंतरिक्ष की खोज और अध्ययन में लगाया है, और कुछ अंतरिक्ष यात्री यह करते हुए मारे भी गए हैं। परन्तु परमेश्वर की अद्भुत रचना और महिमा का यह प्रमाण हमारे नापने की क्षमता से भी कहीं अधिक दूर तक फैला हुआ है।

         जब हम अंतरिक्ष के रचयिता और संभालने वाले के बारे में विचार करते हैं, वह जो प्रत्येक सितारे को नाम से जानता है (यशायाह 40:26), तब हम समझ सकते हैं कि भजनकार दाऊद उसकी महानता का गुणगान क्यों करता है (भजन 8:1)। परमेश्वर के हाथों के निशान उसके द्वारा स्थापित किए गए चाँद और सितारों में हैं (पद 3)। स्वर्ग और पृथ्वी का सृजनहार सभी पर प्रभुता करता है, फिर भी अपने प्रिय बच्चों के निकट रहता है, प्रत्येक की व्यक्तिगत रीति और घनिष्ठता से देखभाल करता है (पद 4)। अपने बड़े प्रेम में होकर परमेश्वर हमें महान सामर्थ्य, जिम्मेदारियां, और अवसर देता है कि हम उसकी सृष्टि की देखभाल करें, उसे जानें (पद 5-8)।

         जब हम सितारों से भरे आकाश को देखते हैं, और उसके बारे में जानकारी एकत्रित करते हैं, तो हमारा सृष्टिकर्ता हमें आमंत्रित करता है कि हम उत्साह और लगन के साथ उसके खोजी बनें। हमारा सृष्टिकर्ता प्रभु परमेश्वर हमारी प्रत्येक प्रार्थना और स्तुति-गान  को सुनता है। - होकिटिल डिक्सन

 

परमेश्वर की महानता उसकी अद्भुत विशालता और घनिष्ठ निकटता में प्रकट है।


आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकाशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1

बाइबल पाठ: भजन 8:1-9

भजन संहिता 8:1 हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है।

भजन संहिता 8:2 तू ने अपने बैरियों के कारण बच्चों और दूध पिउवों के द्वारा सामर्थ्य की नेव डाली है, ताकि तू शत्रु और पलटा लेने वालों को रोक रखे।

भजन संहिता 8:3 जब मैं आकाश को, जो तेरे हाथों का कार्य है, और चंद्रमा और तारागण को जो तू ने नियुक्त किए हैं, देखता हूं;

भजन संहिता 8:4 तो फिर मनुष्य क्या है कि तू उसका स्मरण रखे, और आदमी क्या है कि तू उसकी सुधि ले?

भजन संहिता 8:5 क्योंकि तू ने उसको परमेश्वर से थोड़ा ही कम बनाया है, और महिमा और प्रताप का मुकुट उसके सिर पर रखा है।

भजन संहिता 8:6 तू ने उसे अपने हाथों के कार्यों पर प्रभुता दी है; तू ने उसके पांव तले सब कुछ कर दिया है।

भजन संहिता 8:7 सब भेड़- बकरी और गाय- बैल और जितने वन-पशु हैं,

भजन संहिता 8:8 आकाश के पक्षी और समुद्र की मछलियां, और जितने जीव- जन्तु समुद्रों में चलते फिरते हैं।

भजन संहिता 8:9 हे यहोवा, हे हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 143-145
  • 1 कुरिन्थियों 14:21-40

मंगलवार, 9 जून 2020

पिता


     उस दिन, भीड़ से भरे हुए उस स्टोर में मैं अपने पिता को देने के लिए एक सही कार्ड को ढूढ़ रही थी। मेरे पिता के साथ मेरे संबंध अच्छे नहीं रहे थे, और यदयपि कई वर्षों के तनावपूर्ण संबंधों के पश्चात, हम ने मेल मिलाप कर लिया था, फिर भी मैंने कभी अपने आप को अपने पिता के निकट अनुभव नहीं किया था। मेरे साथ में खड़ी हुई महिला भी कोई कार्ड ढूढ़ रही थी, और उस ने निराशा की आह भर कर अपने हाथ के कार्ड्स को वापस शेल्फ में रखते हुए कहा, “ये लोग उन के लिए कार्ड क्यों नहीं बना सकते हैं जिनके अपने पिता के साथ संबंध ठीक तो नहीं है, किन्तु वे सही संबंध बनाने के प्रयास कर रहे हैं;” और इस से पहले कि मैं कुछ प्रत्युत्तर देने पाती, वह पैर पटकती हुई वहाँ से बाहर चली गई। मैंने मन ही में उस के लिए प्रार्थना की, और परमेश्वर का धन्यवाद किया कि केवल वही है जो एक सिद्ध पिता हो सकता है, और साथ ही उस से माँगा की मेरे पिता के साथ मेरे संबंधों को और सुधार दे, और प्रगाढ़ बना दे।

     मेरी लालसा रहती है कि जैसे मेरे सांसारिक पिता के साथ, वैसे ही मेरे स्वर्गीय पिता, प्रभु परमेश्वर के साथ भी, मेरे संबंध घनिष्ठ और प्रगाढ़ हों। परमेश्वर के वचन बाइबल में जैसे दाऊद का परमेश्वर की निरंतर उपस्थिति, सामर्थ्य, और सुरक्षा में भरोसा था (भजन 27:1-6), वैसा ही भरोसा मैं भी अपने जीवन में चाहती हूँ।

     जब दाऊद ने सहायता के लिए पुकारा, तो उसे परमेश्वर से उत्तर पाने की आशा थी (पद 7-9)। यद्यपि यह संभव है कि सांसारिक माता-पिता अपने बच्चों को तिरिस्कृत, या त्यागा हुआ, या उपेक्षित छोड़ दें, किन्तु दाऊद ने परमेश्वर पिता द्वारा हमें बिना किसी शर्त के स्वीकार करने का आश्वासन दिया है (पद 10)। वह परमेश्वर की भलाई की निश्चितता में जीवन व्यतीत करता था (पद 11-13)। हम सभी के समान, कभी-कभी दाऊद को भी संघर्षों का सामना करना पड़ता था, परन्तु परमेश्वर का पवित्र आत्मा उस की सहायता करता था कि वह प्रभु में अपने भरोसे तथा निर्भरता पर दृढ़ बना रहे (पद 14)।

     हमारे इस पृथ्वी के जीवन में, हमें अपने संबंधों में कठिनाइयों का सामना तो करना पड़ेगा, परन्तु हम मसीही विश्वासी इस तथ्य में आश्वस्त रह सकते हैं कि चाहे लोग हमारी उम्मीदों पर पूरे न उतरें, हमें धोखा दे दें, या हमें दुःख पहुंचाएँ, लेकिन हमारा सिद्ध परमेश्वर पिता हम से सदा पूर्णतः प्रेम करता रहेगा, अपनी सुरक्षा में बनाए रखेगा। - होकिटिल डिक्सन

 

हमारा सिद्ध परमेश्वर पिता हमें न तो कभी छोड़ेगा, 

न हमारे प्रति उसका प्रेम कभी कम होगा, 

और न ही वह कभी हमें धोखा देगा।


क्या यह हो सकता है कि कोई माता अपने दूधपिउवे बच्चे को भूल जाए और अपने जन्माए हुए लड़के पर दया न करे? हां, वह तो भूल सकती है, परन्तु मैं तुझे नहीं भूल सकता। देख, मैं ने तेरा चित्र हथेलियों पर खोदकर बनाया है; तेरी शहरपनाह सदैव मेरी दृष्टि के साम्हने बनी रहती है।  - यशायाह 49:15-16

बाइबल पाठ: भजन 27

भजन संहिता 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं?

भजन संहिता 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।

भजन संहिता 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरुद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशचिंत रहूंगा।

भजन संहिता 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।

भजन संहिता 27:5 क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्त स्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।

भजन संहिता 27:6 अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा; और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा; और उसका भजन गाऊंगा।

भजन संहिता 27:7 हे यहोवा, मेरा शब्द सुन, मैं पुकारता हूं, तू मुझ पर अनुग्रह कर और मुझे उत्तर दे।

भजन संहिता 27:8 तू ने कहा है, कि मेरे दर्शन के खोजी हो। इसलिये मेरा मन तुझ से कहता है, कि हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूंगा।

भजन संहिता 27:9 अपना मुख मुझ से न छिपा। अपने दास को क्रोध कर के न हटा, तू मेरा सहायक बना है। हे मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे!

भजन संहिता 27:10 मेरे माता पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा।

भजन संहिता 27:11 हे यहोवा, अपने मार्ग में मेरी अगुवाई कर, और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल।

भजन संहिता 27:12 मुझ को मेरे सताने वालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरुद्ध उठे हैं।

भजन संहिता 27:13 यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूर्च्छित हो जाता।

भजन संहिता 27:14 यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!   

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 32-33
  • यूहन्ना 18:19-40

मंगलवार, 5 मई 2020

निकट



     अपने बेटी को स्कूल छोड़कर आने के लिए मुझे एक मील चलना पड़ता है, और यह मुझे अवसर प्रदान करता है कि मैं बाइबल के कुछ पद कंठस्त कर सकूँ – यदि मैं ऐसा करना चाहूँ तो! जब मैं उस समय का उपयोग अपने मन में परमेश्वर के वचन को दोहराने के लिए करती हूँ, तो मैं पाती हूँ कि शेष दिन में भी वह वचन मुझे स्मरण आता रहता है, मुझे शान्ति और सद्बुद्धि प्रदान करता रहता है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि जब मूसा ने इस्राएलियों को प्रतिज्ञा किए हुए देश में प्रवेश करने की तैयारी के लिए निर्देश दिए, तो उसने उन से बल देकर कहा कि वे परमेश्वर के वचनों और आज्ञाओं की निकटता में बने रहें (व्यवस्थाविवरण 6:1-2)। इस उद्देश्य से कि वे उस देश में फले-फूलें, उसने उन लोगों से कहा कि वे उन वचनों पर मनन करते रहें, और अपने बच्चों के साथ उन पर चर्चा करते रहें (पद 6, 7)। उसने तो यह भी कहा कि वे लोग उन्हें अपनी कलाई और माथे पर बाँध लें (पद 8)। वह नहीं चाहता था कि वे लोग कभी परमेश्वर के वचन को, उसे आदर देने वाली उसकी प्रजा होने को, और उसकी कृपा तथा आशीष के पात्र होने को भूलें।

     आज आप परमेश्वर के वचन के विषय क्या रवैया रखते हैं? एक विचार यह हो सकता है कि आप पवित्र शास्त्र में से प्रतिदिन एक पद लिख लें, और जब भी आप हाथ धोएं, या पानी पीएं, तो उस पद को भी पढ़ें और फिर उस पर मनन करते रहें। यह भी कर सकते हैं कि सोने से पहले परमेश्वर के वचन से एक छोटा खंड पढ़ें, और उस पर विचार करते हुए सो जाएं, उसे अपने अन्दर कार्य करने दें। परमेश्वर के वचन को अपने निकट रखने के अनेकों तरीके हैं; बस उसके निकट बने रहें। - एमी बाउचर पाई

अपने आप को परमेश्वर के वचन से घेर लें।

मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं। - भजन 119:11

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 6:1-9
व्यवस्थाविवरण 6:1 यह वह आज्ञा, और वे विधियां और नियम हैं जो तुम्हें सिखाने की तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने आज्ञा दी है, कि तुम उन्हें उस देश में मानो जिसके अधिकारी होने को पार जाने पर हो;
व्यवस्थाविवरण 6:2 और तू और तेरा बेटा और तेरा पोता यहोवा का भय मानते हुए उसकी उन सब विधियों और आज्ञाओं पर, जो मैं तुझे सुनाता हूं, अपने जीवन भर चलते रहें, जिस से तू बहुत दिन तक बना रहे।
व्यवस्थाविवरण 6:3 हे इस्राएल, सुन, और ऐसा ही करने की चौकसी कर; इसलिये कि तेरा भला हो, और तेरे पितरों के परमेश्वर यहोवा के वचन के अनुसार उस देश में जहां दूध और मधु की धाराएं बहती हैं तुम बहुत हो जाओ।
व्यवस्थाविवरण 6:4 हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक ही है;
व्यवस्थाविवरण 6:5 तू अपने परमेश्वर यहोवा से अपने सारे मन, और सारे जीव, और सारी शक्ति के साथ प्रेम रखना।
व्यवस्थाविवरण 6:6 और ये आज्ञाएं जो मैं आज तुझ को सुनाता हूं वे तेरे मन में बनी रहें;
व्यवस्थाविवरण 6:7 और तू इन्हें अपने बाल-बच्चों को समझाकर सिखाया करना, और घर में बैठे, मार्ग पर चलते, लेटते, उठते, इनकी चर्चा किया करना।
व्यवस्थाविवरण 6:8 और इन्हें अपने हाथ पर चिन्हानी कर के बान्धना, और ये तेरी आंखों के बीच टीके का काम दें।
व्यवस्थाविवरण 6:9 और इन्हें अपने अपने घर के चौखट की बाजुओं और अपने फाटकों पर लिखना।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 राजाओं 19-20
  • लूका 23:1-25



बुधवार, 4 मार्च 2020

निकट



      उसे मेरे जीवन का सबसे रोमांचक समय होना चाहिए था; परन्तु वह सबसे अधिक अकेलेपन का समय हो गया था। कॉलेज की पढ़ाई समाप्त करने के पश्चात, यह मेरी पहली ‘वास्तविक’ नौकरी थी; एक ऐसे शहर में जो मेरे घर से सैंकड़ों मील दूर था। अपना यह पहला बड़ा कदम उठाने का मेरा यह रोमांच शीघ्र ही फीका पड़ गया। मेरे पास रहने के लिए एक छोटा सा कमरा था, कोई घर का सामान, मेज़, कुर्सी आदि नहीं थे, और मैं यहाँ पर किसी को भी नहीं जानता था। मेरा काम तो रोचक था, परन्तु काम के बाद का अकेलापन काटने को दौड़ता था।

      एक रात मैं अपने कमरे में दीवार से पीठ लगाए हुए बैठा था। मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल को खोला, और भजन 16 मेरे सामने आ गया, जिसमें पद 11 में परमेश्वर अपनी निकटता से भर देने की प्रतिज्ञा देता है। मैं प्रार्थना करने लगा, “हे प्रभु, मुझे लगा था की यह नौकरी मेरे लिए सही है, परन्तु मैं इतना अकेला अनुभव करता हूँ। कृपया मुझे अपनी निकटता के एहसास से भर दें।” मैं कई हफ़्तों तक इसी प्रार्थना को विभिन्न शब्दों में दोहराता रहा। किसी रात को मेरे अकेलेपन की भावना हट जाती और मुझे परमेश्वर की उपस्थिति का गहरा एहसास होता था; अन्य रातों को मुझे फिर से बेचैन करने वाला अकेलापन सताता था।

      परन्तु मैं बार-बार लौटकर उसी पद पर आता रहा; हर रात अपने मन को उसी पद पर स्थिर करता रहा, और धीरे-धीरे परमेश्वर मेरे विश्वास को और गहरा करता चला गया। मैंने उसकी विश्वासयोग्यता को ऐसे अनुभव किया जैसा पहले कभी नहीं किया था। साथ ही मैंने यह भी सीखा कि मेरा काम था अपने हृदय को परमेश्वर के आगे खोल कर उंडेल देना...और विनम्रतापूर्वक उसके विश्वासयोग्य प्रत्युत्तर की प्रतीक्षा करना, इस भरोसे के साथ कि वह मुझे अपनी निकटता के एहसास से भर देगा। - एडम होल्ज़

अपने हृदय को परमेश्वर में दृढ़ रखें।

परन्तु धर्मियों की चाल उस चमकती हुई ज्योति के समान है, जिसका प्रकाश दोपहर तक अधिक अधिक बढ़ता रहता है। - नीतिवचन 4:18

बाइबल पाठ: भजन 16:5-11
Psalms 16:1 हे ईश्वर मेरी रक्षा कर, क्योंकि मैं तेरा ही शरणागत हूं।
Psalms 16:2 मैं ने परमेश्वर से कहा है, कि तू ही मेरा प्रभु है; तेरे सिवाए मेरी भलाई कहीं नहीं।
Psalms 16:3 पृथ्वी पर जो पवित्र लोग हैं, वे ही आदर के योग्य हैं, और उन्हीं से मैं प्रसन्न रहता हूं।
Psalms 16:4 जो पराए देवता के पीछे भागते हैं उनका दु:ख बढ़ जाएगा; मैं उनके लोहू वाले तपावन नहीं तपाऊंगा और उनका नाम अपने ओठों से नहीं लूंगा।
Psalms 16:5 यहोवा मेरा भाग और मेरे कटोरे का हिस्सा है; मेरे बाट को तू स्थिर रखता है।
Psalms 16:6 मेरे लिये माप की डोरी मनभावने स्थान में पड़ी, और मेरा भाग मनभावना है।
Psalms 16:7 मैं यहोवा को धन्य कहता हूं, क्योंकि उसने मुझे सम्मत्ति दी है; वरन मेरा मन भी रात में मुझे शिक्षा देता है।
Psalms 16:8 मैं ने यहोवा को निरन्तर अपने सम्मुख रखा है: इसलिये कि वह मेरे दाहिने हाथ रहता है मैं कभी न डगमगाऊंगा।
Psalms 16:9 इस कारण मेरा हृदय आनन्दित और मेरी आत्मा मगन हुई; मेरा शरीर भी चैन से रहेगा।
Psalms 16:10 क्योंकि तू मेरे प्राण को अधोलोक में न छोड़ेगा, न अपने पवित्र भक्त को सड़ने देगा।
Psalms 16:11 तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 31-33
  • मरकुस 9:1-29



शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

सुरक्षित



      उड़ान के समय यदि वायु यान खराब मौसम के क्षेत्र से होकर निकलता है और उसके डावांडोल होने की संभावना होती है, तो उड़ान-परिचारिका घोषणा करती हैं, “यान के कैपटन ने सीट की पेटी बांधने का संकेत चालू कर दिया है। कृपया तुरंत अपनी सीट पर पहुँच कर सीट की पेटी बाँध कर सुरक्षित होकर बैठ जाएं।” यह घोषणा इसलिए करनी पड़ती है क्योंकि यदि यात्रियों ने पेटी बांधी हुई नहीं है, या चल फिर रहे हैं तो वायु यान के हिलने से वे चोटिल हो सकते हैं। परन्तु सीट में सुरक्षित बैठे रहकर वे इस खराब समय से सुरक्षित निकल सकते हैं।

      अधिकांशतः जीवन हमें हमारी और बढ़ने वाली परेशानियों के विषय चेतावनी नहीं देता है। परन्तु हमारा प्रेमी पिता परमेश्वर हमारी परिस्थितियों और संघर्षों को भली-भांति जानता है और हमारी देखभाल करता है। प्रभु परमेश्वर हमें कहता है कि हम अपनी सारी चिंताएं, दुःख, और भय उसके पास लाएं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वस्त करती है कि, “क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला। इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे” (इब्रानियों 4:15-16)।

      परेशानियों और अनिश्चितता के समयों में, प्रार्थना में प्रभु परमेश्वर के निकट चले जाना ही हमारे लिए सर्वोत्तम होता है। वाक्यांश, “वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे” का अर्थ है कि उसकी उपस्थिति में रहकर हम परेशानियों की स्थिति में भी शान्त रह सकते हैं, क्योंकि हमारी चिंता और देखभाल उसके हाथों में है जो सभी से बड़ा और सामर्थी है। जब भी जीवन बोझिल लगने लगे, तब हम प्रार्थना में परमेश्वर के निकट हो सकते हैं, और उसमें सुरक्षित होकर बैठ सकते हैं। - बिल क्राउडर

यद्यपि हम जीवन की परीक्षाओं का पूर्वाभास तो नहीं पा सकते हैं, 
परन्तु हम पिता परमेश्वर से प्रार्थना अवश्य कर सकते हैं, 
क्योंकि जो कुछ भी होता है उसे वह जानता है।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी। - फिलिप्पियों 4:6-7

बाइबल पाठ: इब्रानियों 4:11-16
Hebrews 4:11 सो हम उस विश्राम में प्रवेश करने का प्रयत्न करें, ऐसा न हो, कि कोई जन उन के समान आज्ञा न मान कर गिर पड़े।
Hebrews 4:12 क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग कर के, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है।
Hebrews 4:13 और सृष्‍टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है वरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरदा हैं।
Hebrews 4:14 सो जब हमारा ऐसा बड़ा महायाजक है, जो स्‍वर्गों से हो कर गया है, अर्थात परमेश्वर का पुत्र यीशु; तो आओ, हम अपने अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहे।
Hebrews 4:15 क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुखी न हो सके; वरन वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तौभी निष्‍पाप निकला।
Hebrews 4:16 इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्‍धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएं, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 4-6
  • मरकुस 4:1-20



शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

निकट



      मकड़ियाँ! मैं किसी भी ऐसे बच्चे को नहीं जानता हूँ जिन्हें वे पसन्द हैं; कम से कम रात को, और वो भी सोने के समय पर। मेरी बेटी सोने जाने की तैयारी कर रही थी, कि उसे एक मकड़ी, उसके बिस्तर के पास कहीं दिखाई दे गई। उसने चिल्ला कर मुझे आवाज़ लगाई – “डैडीईईई! मकड़ीईईईई!” मैं दौड़ कर उसके पास पहुँचा, परन्तु बहुत खोजने पर भी मुझे मकड़ी कहीं दिखाई नहीं दी। मैंने अपनी बेटी को आश्वस्त किया, “डरो मत। वह तुम्हें कुछ नहीं करेगी,” परन्तु उसे शान्ति नहीं हुई। जब तक की मैनें उससे यह नहीं कहा कि मैं उसके पास बना रहूँगा और देखता रहूँगा, वह बिस्तर में जाने के लिए तैयार नहीं हुई।

      जब मेरी बेटी बिस्तर में लेटकर सोने की तैयारी करने लगी, तो मैंने उसका हाथ पकड़ कर उससे कहा, “मैं तुम से बहुत प्यार करता हूँ; मैं यहीं तुम्हारे पास हूँ। परन्तु क्या तुम जानती हो कि प्रभु यीशु तुम्हें मम्मी और डैडी से भी अधिक प्यार करते हैं? वह सदा तुम्हारे निकट रहते हैं; इसलिए जब भी कभी भयभीत हो, तो प्रार्थना में उन्हें बुला सकती हो।” मेरी बात सुनकर वह आश्वस्त और शान्त हो गई, और थोड़ी ही देर में आराम से सो गई।

      परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बार-बार आश्वस्त करती है कि परमेश्वर सदा हमारे साथ बना रहता है (भजन 145:18; रोमियों 8:38-39; जेम्स 4:7-8), परन्तु कभी-कभी व्यावाहरिक जीवन में इसे स्वीकार करने में हम हिचकिचाते हैं। संभवतः इसीलिए पौलुस ने इफिसुस के मसीही विश्वासियों के लिए प्रार्थना की, कि उन्हें इस सत्य को समझने और मानने का उचित सामर्थ्य तथा बल मिले (इफिसियों 3:16)। पौलुस जानता था की हम जब भी भयभीत होते हैं, हम परमेश्वर के हमारे निकट होने के बोध को खो सकते हैं। परन्तु जिस प्रकार से उस रात को मैंने प्रेमपूर्वक अपनी बेटी के हाथ को थामे रखा, जब वह सोने लगी थी, उसी प्रकार से हमारा प्रभु परमेश्वर भी, बस एक प्रार्थना भर की दूरी पर, सदा हमारे निकट बना रहता है। - एडम होल्ज़

हमारे सभी भय के बावजूद, परमेश्वर सदा हमारे निकट बना रहता है।

जितने यहोवा को पुकारते हैं, अर्थात जितने उसको सच्चाई से पुकारते हें; उन सभों के वह निकट रहता है। - भजन 145:18

बाइबल पाठ: इफिसियों 3:14-19
Ephesians 3:14 मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं,
Ephesians 3:15 जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है।
Ephesians 3:16 कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्‍व में सामर्थ्य पाकर बलवन्‍त होते जाओ।
Ephesians 3:17 और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़ कर और नेव डाल कर।
Ephesians 3:18 सब पवित्र लोगों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है।
Ephesians 3:19 और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 1-3
  • मरकुस 3



सोमवार, 27 जनवरी 2020

नम्र



      एक दिन विश्वविद्यालय की एक दर्शनशास्त्र की कक्षा में, एक छात्र ने अपने शिक्षक द्वारा व्यक्त दृष्टिकोण को लेकर भड़काऊ टिप्पणी की। अन्य छात्र यह देखकर हैरान रह गए कि उस शिक्षक ने उस छात्र का धन्यवाद किया, और अगली टिप्पणी की ओर मुड़ गया। बाद में जब उससे पूछा गया कि उसने उस उद्दण्ड छात्र को उचित उत्तर क्यों नहीं दिया, तो शिक्षक का उत्तर था, “मैं अपनी ही बात को अंतिम बात न रखने के अनुशासन का अभ्यास कर रहा हूँ।”

      यह शिक्षक परमेश्वर से प्रेम करता था और उसका आदर करता था, और परमेश्वर के प्रेम को प्रतिबिंबित करने वाले व्यवहार को दिखाने के लिए वह नम्र भावना रखता था। उस शिक्षक के शब्द मुझे एक अन्य शिक्षक के शब्दों को स्मरण करवाते हैं, और यह दूसरा शिक्षक बहुत समय पहले का है – परमेश्वर के वचन बाइबल में सभोपदेशक का लेखक। यद्यपि इस दूसरे शिक्षक ने यह बात किसी क्रुद्ध व्यक्ति के प्रति व्यवहार करने के सन्दर्भ में नहीं कही थी, वरन परमेश्वर के निकट आने के समय हमारे उचित व्यवहार को सिखाने के लिए कही थी। सभोपदेशक के लेखक ने लिखा, “जब तू परमेश्वर के भवन में जाए, तब सावधानी से चलना; सुनने के लिये समीप जाना मूर्खों के बलिदान चढ़ाने से अच्छा है; क्योंकि वे नहीं जानते कि बुरा करते हैं। बातें करने में उतावली न करना, और न अपने मन से कोई बात उतावली से परमेश्वर के साम्हने निकालना, क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में हैं और तू पृथ्वी पर है; इसलिये तेरे वचन थोड़े ही हों” (सभोपदेशक 5:1-2)।

      आप परमेश्वर के निकट किस मानसिकता के साथ आते हैं? यदि आपको लगता है कि आपके व्यवहार में कुछ सुधार होना चाहिए तो क्यों न कुछ समय परमेश्वर की महानता और महिमा पर विचार करने में बिताएं? जब हम परमेश्वर की असीम बुद्धिमत्ता, सामर्थ्य, और उपस्थिति पर मनन करते हैं, तो हमारे प्रति उसके उमड़ते हुए प्रेम से हम अभिभूतित हो सकते हैं, जो फिर हमें नम्र बनाता है। जब हम ऐसे नम्र रहना पसंद करेंगे, तो फिर अपनी बात को सबसे ऊपर रखने की प्रवृत्ति रहेगी ही नहीं। - एमी बाउचर पाई

ध्यान पूर्वक चुने गए शब्द परमेश्वर को आदर देते हैं।

...यह वही बात है जिसे यहोवा ने कहा था, कि जो मेरे समीप आए अवश्य है कि वह मुझे पवित्र जाने, और सारी जनता के साम्हने मेरी महिमा करे। - लैव्यवस्था 10:3

बाइबल पाठ: सभोपदेशक 5:1-7
Ecclesiastes 5:1 जब तू परमेश्वर के भवन में जाए, तब सावधानी से चलना; सुनने के लिये समीप जाना मूर्खों के बलिदान चढ़ाने से अच्छा है; क्योंकि वे नहीं जानते कि बुरा करते हैं।
Ecclesiastes 5:2 बातें करने में उतावली न करना, और न अपने मन से कोई बात उतावली से परमेश्वर के साम्हने निकालना, क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में हैं और तू पृथ्वी पर है; इसलिये तेरे वचन थोड़े ही हों।
Ecclesiastes 5:3 क्योंकि जैसे कार्य की अधिकता के कारण स्वप्न देखा जाता है, वैसे ही बहुत सी बातों का बोलने वाला मूर्ख ठहरता है।
Ecclesiastes 5:4 जब तू परमेश्वर के लिये मन्नत माने, तब उसके पूरा करने में विलम्ब न करना; क्यांकि वह मूर्खों से प्रसन्न नहीं होता। जो मन्नत तू ने मानी हो उसे पूरी करना।
Ecclesiastes 5:5 मन्नत मान कर पूरी न करने से मन्नत का न मानना ही अच्छा है।
Ecclesiastes 5:6 कोई वचन कहकर अपने को पाप में ने फंसाना, और न ईश्वर के दूत के साम्हने कहना कि यह भूल से हुआ; परमेश्वर क्यों तेरा बोल सुन कर अप्रसन्न हो, और तेरे हाथ के कार्यों को नष्ट करे?
Ecclesiastes 5:7 क्योंकि स्वप्नों की अधिकता से व्यर्थ बातों की बहुतायत होती है: परन्तु तू परमेश्वर को भय मानना।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 16-18
  • मत्ती 18:1-20



रविवार, 1 दिसंबर 2019

ऊँचा



      हाल ही में एक हवाई-यात्रा करते समय मैं विमान में चढ़ने वाले यात्रियों की पंक्ति में सबसे अंत में खड़ा था। मुझे बैठने के लिए दो सीटों के मध्य में सीट मिली थी, किन्तु अपना सामान रखने के लिए मुझे सीटों की सबसे अंतिम पंक्ति के ऊपर स्थित स्थान में सामान रखना पड़ा। इसका तात्पर्य यह हुआ कि मुझे अपना सामान लेकर विमान से बाहर निकलने के लिए सबसे अंत तक प्रतीक्षा करनी थी, जब अन्य सभी लोग अपने सामान को लेकर निकल चुकें।

      अपनी इस परिस्थिति पर मन ही में हँसते हुए मैं अपनी सीट पर बैठ गया, और फिर मुझे एक विचार आया, जो मुझे लगा कि प्रभु ने मुझे दिया: “इन बातों से कोई हानि नहीं होगी; वरन लाभ ही होगा।” इसलिए मैंने निर्णय लिया कि जो यह कुछ अतिरिक्त समय मुझे विमान में मिलेगा, इसे मैं औरों की सहायता के लिए प्रयोग करूंगा, और मैंने यही किया – विमान के उतरने के बाद मैंने अन्य यात्रियों को उनका सामान निकालने में तथा सफाई करने में विमान परिचारिका की सहायता करने में समय बिताया। जब तक मेरा सामान ले सकने की मेरी बारी आई, मुझे फिर से हंसी आ गई, क्योंकि एक व्यक्ति को लगा कि मैं भी विमान कर्मचारी हूँ।

      उस दिन के अनुभव ने मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में दिए प्रभु यीशु के शब्दों पर विचार करने को बाध्य किया, जो उन्होंने अपने शिष्यों से कहे थे: “तब उसने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने” (मरकुस 9:35)। मुझे तो प्रतीक्षा इसलिए करनी पड़ी क्योंकि मेरी मजबूरी थी, परन्तु इस संसार की मान्यताओं और धारणाओं से उल्ट प्रभु यीशु के राज्य में, उन लोगों के लिए प्रभु की ओर से आदर का स्थान है जो औरों की सहायता के लिए स्वेच्छा से अपनी सेवा अर्पित करते हैं।

      हमारे उतावलेपन और ‘पहले मैं’ की भावना से भरे संसार में, प्रभु यीशु ने अपने आने के उद्देश्य के विषय कहा, “जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल करी जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुड़ौती के लिये अपने प्राण दे” (मत्ती 20:28)। औरों की सेवा करने के द्वारा ही हम प्रभु की उत्तम सेवा करते हैं। हम जितना नीचे झुकते हैं, हम उतने उसके निकट आते हैं, और वह उतना ही हमें ऊँचा उठाता है।

प्रभु यीशु का राज्य, संसार के राज्यों से उलट है।

इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए। और अपनी सारी चिन्‍ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। 1 पतरस 5:6-7

बाइबल पाठ: मरकुस 9:33-37
Mark 9:33 फिर वे कफरनहूम में आए; और घर में आकर उसने उन से पूछा कि रास्‍ते में तुम किस बात पर विवाद करते थे?
Mark 9:34 वे चुप रहे, क्योंकि मार्ग में उन्होंने आपस में यह वाद-विवाद किया था, कि हम में से बड़ा कौन है?
Mark 9:35 तब उसने बैठकर बारहों को बुलाया, और उन से कहा, यदि कोई बड़ा होना चाहे, तो सब से छोटा और सब का सेवक बने।
Mark 9:36 और उसने एक बालक को ले कर उन के बीच में खड़ा किया, और उसे गोद में ले कर उन से कहा।
Mark 9:37 जो कोई मेरे नाम से ऐसे बालकों में से किसी एक को भी ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो कोई मुझे ग्रहण करता, वह मुझे नहीं, वरन मेरे भेजने वाले को ग्रहण करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 40-41
  • 2 पतरस 3



सोमवार, 18 मार्च 2019

निकट



      हमारे पुत्र, एलेन के जन्म की अगली प्रातः डॉक्टर ने मेरे पास बैठकर हमारे पुत्र के विषय मुझ से कहा, “कुछ गड़बड़ी है” – हमारा पुत्र जो बाहर से देखने में इतना सुडौल दिखा रहा था, उसमें एक जन्म-दोष था जिससे उसकी जान खतरे में थी और उसे तुरंत ऑपरेशन के लिए 700 मील दूर एक अन्य अस्पताल में ले जाना आवश्यक था।

      जब डॉक्टर आपसे कहता है कि आपके बच्चे के साथ कुछ गड़बड़ी है, तो आपका जीवन घबराहट से भर जाता है। आगे के संभावित खतरे से आपकी आत्मा कुचली हुई अनुभव करती है और आप लड़खड़ाते हुए परमेश्वर को थामने का प्रयास करने लगते हैं जो आपको इतनी सामर्थ्य दे कि आप अपने बच्चे को संभाल सकें। आप विचारते हैं, “क्या एक प्रेमी परमेश्वर यह होने देगा?” और साथ ही, “क्या उसे मेरे बच्चे की चिंता है? क्या वह वास्तव में है?” इन, तथा इन जैसे अन्य विचारों ने उस प्रातः मेरे विश्वास को झकझोर दिया।

      फिर मेरे पति, हिराम, आए और उन्हें यह जानकारी दी गई। डॉक्टर के जाने के पश्चात, हिराम ने कहा, “जोलीन, चलो प्रार्थना करें” और मैंने सहमति में सर हिलाया। उन्होंने मेरा हाथ अपने हाथों में लेकर प्रार्थना की, “पिता परमेश्वर हम आपका धन्यवाद करते हैं एलेन को हमें देने के लिए। प्रभु, वह आपका है, हमारा नहीं। इससे पहले कि हम उसे जानने पाते, आपने उससे प्रेम किया, और वह आपका ही है। हमारी प्रार्थना है कि हम चाहे उसके साथ न हो सकें, परन्तु आप हर समय उसके साथ बने रहें। आमीन।”

      हीराम सदा ही कम बोलने वाले रहे हैं। उन्हें अपने विचार शब्दों में व्यक्त करने में कठिनाई होती है, और वे बोलकर व्यक्त करने का प्रयास भी कम ही करते हैं, यह जानते हुए कि उनके न बोलने पर भी मेरे पास समझने के लिए पर्याप्त शब्द रहते हैं। परन्तु उस दिन जब मेरा हृदय टूटा हुआ था, मेरी आत्मा कुचला हुआ अनुभव कर रही थी, और मेरा विश्वास जाता रहा था, परमेश्वर ने हिराम को वे शब्द कहने की सामर्थ्य दी जो मैं नहीं बोलने पाई थी। और अपने पति के हाथों को कसकर पकड़े हुए, अपने आँसुओं और चुप्पी में, मैंने अनुभव किया कि परमेश्वर मेरे बहुत निकट है। - जोलीन फिलो, अतिथि लेखिका


सबसे अच्छा मित्र, प्रार्थना करने वाला मित्र होता है।

जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। क्योंकि मैं यहोवा तेरा परमेश्वर हूं, इस्राएल का पवित्र मैं तेरा उद्धारकर्ता हूं। – यशायाह 43:2-3

बाइबल पाठ: भजन 34:11-18
Psalms 34:11 हे लड़कों, आओ, मेरी सुनो, मैं तुम को यहोवा का भय मानना सिखाऊंगा।
Psalms 34:12 वह कौन मनुष्य है जो जीवन की इच्छा रखता, और दीर्घायु चाहता है ताकि भलाई देखे?
Psalms 34:13 अपनी जीभ को बुराई से रोक रख, और अपने मुंह की चौकसी कर कि उस से छल की बात न निकले।
Psalms 34:14 बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूंढ और उसी का पीछा कर।
Psalms 34:15 यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं।
Psalms 34:16 यहोवा बुराई करने वालों के विमुख रहता है, ताकि उनका स्मरण पृथ्वी पर से मिटा डाले।
Psalms 34:17 धर्मी दोहाई देते हैं और यहोवा सुनता है, और उन को सब विपत्तियों से छुड़ाता है।
Psalms 34:18 यहोवा टूटे मन वालों के समीप रहता है, और पिसे हुओं का उद्धार करता है।

एक साल में बाइबल:  
  • व्यवस्थाविवरण 32-34
  • मरकुस 15:26-47



मंगलवार, 8 मई 2018

अनदेखा



   ब्लॉगिंग समुदाय के अन्य लोगों के समान, मैं भी उस व्यक्ति से कभी नहीं मिला था, जिसे हम ‘ब्रूस सी’ के नाम से जानते थे। परन्तु फिर भी जब  उसकी पत्नि ने हम सबको ब्लॉग पर एक नोट लिखकर सूचित किया कि ब्रूस का देहांत हो है, अनेकों स्थानों से आने वाले प्रतिउत्तरों ने हमें अवगत करवा दिया कि हम सब ने एक मित्र खो दिया है।

   ‘ब्रूस सी’ हम सब से दिल खोल कर वार्तालाप करता था। औरों के प्रति अपनी चिन्ता के विषय तथा उसके विषय जो उसे महत्वपूर्ण लगता था, वह उन्मुक्त होकर कहता था। हम में से अनेकों को लगता था कि हम उसे निकटता से जानते हैं। कानून का पालन करवाने और मसीह यीशु में विश्वास के वर्षों के अनुभव से आने वाली उसकी समझदारी तथा कोमल बुद्धिमता के अभाव का एहसास अब हमारे साथ बना रहेगा।

   ‘ब्रूस सी’ के साथ होने वाले ऑनलाइन संवादों को याद करने से मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के एक प्रथम शताब्दी के गवाह द्वारा लिखे गए शब्द स्मरण हो आए। प्रभु यीशु के शिष्य, प्रेरित पतरस ने बाइबल के नए नियम खण्ड में लिखी अपनी पहली पत्री में रोमी साम्राज्य में तित्तर-बित्तर होकर रहने वाले मसीही विश्वासियों को संबोधित करते हुए कहा, “उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है” (1 पतरस 1:8)।

   प्रभु यीशु मसीह का शिष्य तथा निकट मित्र होने के नाते पतरस उन लोगों को लिख रहा था जिन्होंने प्रभु यीशु मसीह के विषय में केवल सुना ही था लेकिन फिर भी उससे अपने कष्टों में भी शान्ति और सांत्वना प्राप्त की थी। वे मसीही विश्वासियों के वृहत समुदाय का भाग थे और उस समुदाय के अन्य लोगों के समान, मसीह से प्रेम रखते थे। वे जानते थे कि मसीह यीशु ने अपने प्राणों की कीमत देकर उन्हें परमेश्वर के अनन्त परिवार में सम्मिलित किया है।

   हम मसीही विश्वासियों के लिए चाहे मसीह यीशु अनदेखा है, परन्तु अनजाना नहीं है; हम प्रतिदिन उसे और उसकी देखरेख को अनुभव करते हैं। - मार्ट डीहॉन


मसीह यीशु के प्रति हमारा प्रेम, 
हमारे पड़ौसी के प्रति हमारे प्रेम के जितना ही वास्तविक है।

यीशु ने उस से कहा, तू ने तो मुझे देखकर विश्वास किया है, धन्य वे हैं जिन्हों ने बिना देखे विश्वास किया। - यूहन्ना 20:29

बाइबल पाठ: 1 पतरस 1:1-9
1 Peter 1:1 पतरस की ओर से जो यीशु मसीह का प्रेरित है, उन परदेशियों के नाम, जो पुन्‍तुस, गलतिया, कप्‍पदुकिया, आसिया, और बिथुनिया में तित्तर बित्तर हो कर रहते हैं।
1 Peter 1:2 और परमेश्वर पिता के भविष्य ज्ञान के अनुसार, आत्मा के पवित्र करने के द्वारा आज्ञा मानने, और यीशु मसीह के लोहू के छिड़के जाने के लिये चुने गए हैं। तुम्हें अत्यन्‍त अनुग्रह और शान्‍ति मिलती रहे।
1 Peter 1:3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद दो, जिसने यीशु मसीह के हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया।
1 Peter 1:4 अर्थात एक अविनाशी और निर्मल, और अजर मीरास के लिये।
1 Peter 1:5 जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी है, जिन की रक्षा परमेश्वर की सामर्थ से, विश्वास के द्वारा उस उद्धार के लिये, जो आने वाले समय में प्रगट होने वाली है, की जाती है।
1 Peter 1:6 और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो।
1 Peter 1:7 और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे।
1 Peter 1:8 उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास कर के ऐसे आनन्‍दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
1 Peter 1:9 और अपने विश्वास का प्रतिफल अर्थात आत्माओं का उद्धार प्राप्त करते हो।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 4-6
  • लूका 24:36-53



बुधवार, 14 मार्च 2018

निकट



   सिंगापुर विश्वविद्यालय से औद्योगिक डिजाइन के एक स्नातक को चुनौती दी गई कि सामान्य साधारण वस्तुओं के प्रयोग के द्वारा एक आम समस्या का कोई नया समाधान सुझाए। उसने भीड़-भाड़ वाले इलाके में, जन-सामान्य द्वारा प्रयोग होने वाले भरी हुई ट्रेन एवं बसों में यात्रा करते समय लोगों द्वारा अपने व्यक्तिगत स्थान को सुरक्षित बनाए रखने के लिए एक जैकिट बनाई। जैकिट पर लंबी, लचीले प्लास्टिक के नोकीले कांटे लगे हुए थे, जिन्हें सामान्यतः बिल्लियों और पक्षियों को पौधों से दूर रखने के लिए प्रयोग किया जाता था।

   प्रभु यीशु जानते थे कि व्यक्तिगत स्थान की हानि क्या होती है; लोग उनके पास आने, और उन्हें छू भर लेने के लिए उनपर गिरे पड़ते थे। एक बार, एक महिला जिसे 12 वर्ष से लोहू बहने का रोग था और वह किसी भी उपचार से चंगी होने नहीं पाई थी, प्रभु के पास आई और चंगाई पाने के इरादे से उसके वस्त्र का कोना छू भर लिया; तुरंत उसका लोहू बहना थम गया (लूका 8:43-44)।

   प्रभु यीशु ने भी रुककर तुरंत ही प्रश्न किया, “मुझे किसने छुआ?” उसका यह पूछना उतना आश्चर्यजनक नहीं था जितना प्रतीत होता है, क्यों कि प्रभु ने अपने अन्दर से सामर्थ्य को निकलते हुए अनुभव किया था (पद 45-46)। उस स्त्री का वह छूना अन्य लोगों के छूने से, जो उसपर गिरे पड़ते थे और आनायास ही उसे छू लेते थे, भिन्न था।

   हमें यह मानना पड़ेगा कि यद्यपि हम अपने व्यक्तिगत स्थान को बनाए रखना और अन्य लोगों से कुछ पृथक रहना चाहते हैं, लेकिन दुखी लोगों की सहायता कर पाने के लिए हमें उन्हें अपने निकट आने के अवसर प्रदान करने होंगे, जिससे वे निकट आकर हम मसीही विश्वासियों के अन्दर कार्यकारी मसीह यीशु के प्रोत्साहन, सान्तवना और अनुग्रह के स्पर्श को अनुभव कर सकें। - सी. पी. हिया


मसीही विश्वासी का जीवन वह खिड़की है जिसमें से लोग मसीह को देखने पाते हैं।

उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें। - मत्ती 5:16

बाइबल पाठ: लूका 8:40-48
Luke 8:40 जब यीशु लौट रहा था, तो लोग उस से आनन्द के साथ मिले; क्योंकि वे सब उस की बाट जोह रहे थे।
Luke 8:41 और देखो, याईर नाम एक मनुष्य जो आराधनालय का सरदार था, आया, और यीशु के पांवों पर गिर के उस से बिनती करने लगा, कि मेरे घर चल।
Luke 8:42 क्योंकि उसके बारह वर्ष की एकलौती बेटी थी, और वह मरने पर थी: जब वह जा रहा था, तब लोग उस पर गिरे पड़ते थे।
Luke 8:43 और एक स्त्री ने जिस को बारह वर्ष से लोहू बहने का रोग था, और जो अपनी सारी जीविका वैद्यों के पीछे व्यय कर चुकी थी और तौभी किसी के हाथ से चंगी न हो सकी थी।
Luke 8:44 पीछे से आकर उसके वस्‍त्र के आंचल को छूआ, और तुरन्त उसका लोहू बहना थम गया।
Luke 8:45 इस पर यीशु ने कहा, मुझे किस ने छूआ जब सब मुकरने लगे, तो पतरस और उसके साथियों ने कहा; हे स्‍वामी, तुझे तो भीड़ दबा रही है और तुझ पर गिरी पड़ती है।
Luke 8:46 परन्तु यीशु ने कहा: किसी ने मुझे छूआ है क्योंकि मैं ने जान लिया है कि मुझ में से सामर्थ्य निकली है।
Luke 8:47 जब स्त्री ने देखा, कि मैं छिप नहीं सकती, तब कांपती हुई आई, और उसके पांवों पर गिरकर सब लोगों के साम्हने बताया, कि मैं ने किस कारण से तुझे छूआ, और क्योंकर तुरन्त चंगी हो गई।
Luke 8:48 उसने उस से कहा, बेटी तेरे विश्वास ने तुझे चंगा किया है, कुशल से चली जा।


एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 23-25
  • मरकुस 14:1-26



सोमवार, 18 दिसंबर 2017

आश्वस्त


   पिछले 13 वर्षों से हमारे पास एक पालतु कुतिया रही है, और उसके सोने का स्थान हमारे पलंग के किनारे पर है। सामान्यतः, वहाँ लेटे हुए वह कोई शोर नहीं करती है, हिलती डुलती नहीं है। लेकिन पिछले कुछ समय से उसने रात में उठकर हमें अपने पंजों से टटोलना आरंभ किया हुआ है। पहले तो हमने सोचा कि वह बाहर जाना चाहती है, इसलिए हम उसे बाहर भी लेकर गए; परन्तु फिर हमें एहसास हुआ कि वह बस आश्वस्त होना चाहती है कि हम वहीं उसके पास ही हैं। अपनी आयु के कारण अब वह बहरी हो गई है और उसे दिखाई भी कम देने लगा है, जिससे न वह हमारी साँसों की आवाज़ सुनने पाती है, और न ही रात में हमें देखने पाती है। इसलिए वह बीच-बीच में उठकर आश्वस्त होना चाहती है कि हम वहीं उसके पास ही हैं। इसलिए मैं हाथ नीचे करके उसका सिर थपथपा देता हूँ या सहला देता हूँ, और वह आश्वस्त होकर फिर से सो जाती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, दाऊद ने परमेश्वर से पूछा, "मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं?" (भजन 139:7)। दाऊद के लिए यह बड़े आश्वासन की बात थी। उसने आगे लिखा, "यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं" (पद 9-12)।

   आप क्या संसार के अन्धकार में भटक गए हैं? क्या दुखित, भयभीत, दोषी, शंका में, या निराश हैं? क्या परमेश्वर के विषय आश्वस्त नहीं हैं? उसके लिए कुछ भी अन्धकारमय नहीं है। चाहे वह दिखाई न भी दे, वह आपके निकट ही है; उसने इस बात का आश्वसन दिया है (इब्रानियों 13:5)। अपना हाथ उसकी ओर बढ़ाएं और उसे टटोलें; वह आपको कभी निराश नहीं करेगा, सदा आश्वस्त ही करेगा। - डेविड रोपर


परमेश्वर की उपस्थिति के एहसास से अन्धकारपूर्ण भय भाग जाते हैं।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 139:7-12
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं? 
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है! 
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, 
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। 
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, 
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • ओब्द्याह
  • प्रकाशितवाक्य 9


शनिवार, 14 अक्टूबर 2017

भरोसा


   जनवरी 1915 में, एन्डयोरेंस नामक जलपोत अन्टारिकटिका के तट के निकट बर्फ में फंसकर नष्ट हो गया। उस जलपोत में सवार, अर्नेस्ट शैकलटन के नेतृत्व में दक्षिणी ध्रुव पर खोज करने आए लोगों का दल, बचने के लिए तीन छोटी नौकाओं में होकर एलीफेंट द्वीप पहुँचा। अब वे एक ऐसे निर्जन द्वीप पर फंस गए थे जो सामान्य व्यापारी जल मार्गों से दूर स्थित था। उनके पास एक ही आशा थी; 24 अप्रैल 1916 को 22 लोगों के सामने शैकलटन और उसके पाँच साथी, एक छोटी नौका पर 800 मील दूर स्थित एक अन्य द्वीप, साऊथ जौर्जिया, के लिए निकल पड़े। परिस्थितियाँ और संभावनाएं असंभव प्रतीत होती थीं, और यदि वे नाविक अपने इस प्रयास में विफल हो जाते तो सभी की मृत्यु निश्चित थी। सोचिए वह कितने आनन्द का समय था, जब चार माह से भी अधिक समय के बाद एलीफेंट द्वीप पर प्रतीक्षा कर रहे उन 22 लोगों ने क्षितिज पर एक नौका को आते देखा और उस नौका में सबसे आगे शैकलटन खड़े थे, और ऊँची आवाज़ में पूछ रहे थे, "क्या आप सब ठीक हैं?" और द्वीप से उत्तर मिला, "सब ठीक! सब सुरक्षित!"

   उन लोगों को इतने महीनों तक एक साथ और सुरक्षित तथा जीवित किस बात ने रखा? एक व्यक्ति में रखे गए भरोसे ने; उन्हें विश्वास था कि शैकलटन उन्हें बचाने के लिए कोई न कोई उपाय अवश्य निकाल लेंगे।

   भरोसे और आशा का इस मानवीय उदाहरण में, परमेश्वर के वचन बाइबल में, इब्रानियों 11 में दिए गए विश्वास के नायकों के भरोसे की गूँज है। इन नायकों के "विश्वास आशा की हुई वस्‍तुओं का निश्‍चय, और अनदेखी वस्‍तुओं का प्रमाण है" (इब्रानियों 11:1) में भरोसे ने उन्हें बड़ी कठिनाईयों और परीक्षाओं में भी परमेश्वर में अपने विश्वास में स्थिर बनाए रखा।

   आज जब हम अपने जीवन की परिस्थितियों और कठिनाईयों की ओर देखते हैं, तो उनसे अभिभूत होकर हताश न हो जाएं। हम अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह पर अपने भरोसे में दृढ़ बने रहें - वह अपने वायदे के अनुरूप सदा हमारी भलाई के लिए कार्यरत रहता है। - रैंडी किल्गोर


हमारे सबसे अन्धकारमय दिन में भी, प्रभु यीशु में आशा तेज़ी से चमकती रहती है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रो्मियों 8:28

बाइबल पाठ: इब्रानियों 11:8-16
Hebrews 11:8 विश्वास ही से इब्राहीम जब बुलाया गया तो आज्ञा मानकर ऐसी जगह निकल गया जिसे मीरास में लेने वाला था, और यह न जानता था, कि मैं किधर जाता हूं; तौभी निकल गया। 
Hebrews 11:9 विश्वास ही से उसने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रह कर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया। 
Hebrews 11:10 क्योंकि वह उस स्थिर नेव वाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचने वाला और बनाने वाला परमेश्वर है। 
Hebrews 11:11 विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्योंकि उसने प्रतिज्ञा करने वाले को सच्चा जाना था। 
Hebrews 11:12 इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू के समान, अनगिनित वंश उत्पन्न हुआ।
Hebrews 11:13 ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्होंने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाईं; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्‍दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं। 
Hebrews 11:14 जो ऐसी ऐसी बातें कहते हैं, वे प्रगट करते हैं, कि स्‍वदेश की खोज में हैं। 
Hebrews 11:15 और जिस देश से वे निकल आए थे, यदि उस की सुधि करते तो उन्हें लौट जाने का अवसर था। 
Hebrews 11:16 पर वे एक उत्तम अर्थात स्‍वर्गीय देश के अभिलाषी हैं, इसी लिये परमेश्वर उन का परमेश्वर कहलाने में उन से नहीं लजाता, सो उसने उन के लिये एक नगर तैयार किया है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 43-44
  • 1 थिस्सलुनीकियों 2


शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2017

साथ


   उत्तरी अमेरिका के मूल-विवासियों की एक प्राचीन कहानी है; कबीले की प्रथा के अनुसार, उसके साहस की परीक्षा के लिए, एक युवक को शरद ऋतु की एक रात अकेले जंगल में बिताने के लिए भेजा गया। संध्या को वह घर से निकला और जंगल में चला गया। शीघ्र ही अन्धेरा हो गया, रात्रि की आवाज़ें जंगल में आने लगीं। कहीं पेड़ चरमरा रहे थे तो कभी हवा से पत्ते सरसरा रहे थे; रात्रि में विचरण करने वाले विभिन्न जान्वरों और पक्षियों की आवाज़ें आ रहीं थीं। वह युवक भयभीत तो था किंतु फिर भी दृढ़ता से डटा रहा, जैसी कि उसकी परीक्षा की आवश्यकता थी। अन्ततः प्रातः हुई, और आकाश के प्रकाशमान होने के साथ ही उसने देखा कि एक और व्यक्ति भी उसके निकट ही था; सारी रात उसके दादा वहीं उसके पास डटे रहे थे, उसका ध्यान रख रहे थे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र मूसा ने जंगल में एकान्त में एक चकित करने वाला दृष्य देखा, एक झाड़ी जल तो रही थी परन्तु भस्म नहीं हो रही थी। जब वह निकट गया तो उसने परमेश्वर की आवाज़ सुनी; परमेश्वर उसे मिस्त्र में जाकर इस्त्राएलियों को क्रूर दासत्व से छुड़ाकर लाने के लिए कह रहा था। अनिच्छुक मूसा ने बच निकलने के लिए परमेश्वर से प्रश्न करने आरंभ किए: अपने भय के कारण मूसा ने कहा, "मैं हूँ कौन, कि मैं जाऊँ?" परमेश्वर ने उत्तर दिया, "मैं तेरे साथ रहूँगा।" मूसा ने फिर कहा, "मान लो मैं जाकर कहता हूँ, ’तुम्हारे पित्रों के परमेश्वर ने मुझे भेजा है’, और वे मुझसे पूछें, ’अच्छा! तो भला उसका नाम क्या है?’ तो मैं उन्हें क्या उत्तर दूँगा?" परमेश्वर ने उत्तर दिया, "उनसे कहना, ’मैं जो हूँ सो हूँ’...उनसे कहना, मैं जो हूँ सो हूँ ने मुझे भेजा है" (निर्गमन 31:1-14)।

   वाक्यांश, ’मैं जो हूँ सो हूँ’ को ’मैं जो होऊँगा सो होऊँगा’ भी लिखा जा सकता है, और यह परमेश्वर के अनन्त और हर बात, हर परिस्थिति, हर आवश्यकता के लिए पूर्णतः पर्याप्त चरित्र को दिखाता है। परमेश्वर का सदा ही वायदा रहा है कि वह अपने लोगों के साथ, उनके जिन्होंने प्रभु यीशु पर विश्वास किया है, बना रहेगा। चाहे जीवन की परिस्थितियाँ कितनी भी भयावह, कठिन या अन्धकारमय क्यों न लगें, हमारा अदृश्य परमेश्वर पिता सदा हमारे साथ और हमारे निकट बना रहता है। वह हमारी प्रत्येक आवश्यकता के लिए उप्युक्त उत्तर देने को सदा उपलब्ध रहता है। - डेव एग्नर


अपने बच्चों के जीवन में परमेश्वर सदा उपस्थित तथा कार्यरत रहता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है। - इब्रानियों 13:5-6

बाइबल पाठ: निर्गमन 3:1-14
Exodus 3:1 मूसा अपने ससुर यित्रो नाम मिद्यान के याजक की भेड़-बकरियों को चराता था; और वह उन्हें जंगल की परली ओर होरेब नाम परमेश्वर के पर्वत के पास ले गया। 
Exodus 3:2 और परमेश्वर के दूत ने एक कटीली झाड़ी के बीच आग की लौ में उसको दर्शन दिया; और उसने दृष्टि उठा कर देखा कि झाड़ी जल रही है, पर भस्म नहीं होती। 
Exodus 3:3 तब मूसा ने सोचा, कि मैं उधर फिरके इस बड़े अचम्भे को देखूंगा, कि वह झाड़ी क्यों नहीं जल जाती। 
Exodus 3:4 जब यहोवा ने देखा कि मूसा देखने को मुड़ा चला आता है, तब परमेश्वर ने झाड़ी के बीच से उसको पुकारा, कि हे मूसा, हे मूसा। मूसा ने कहा, क्या आज्ञा। 
Exodus 3:5 उसने कहा इधर पास मत आ, और अपने पांवों से जूतियों को उतार दे, क्योंकि जिस स्थान पर तू खड़ा है वह पवित्र भूमि है। 
Exodus 3:6 फिर उसने कहा, मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और इब्राहीम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूं। तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुंह ढ़ांप लिया। 
Exodus 3:7 फिर यहोवा ने कहा, मैं ने अपनी प्रजा के लोग जो मिस्र में हैं उनके दु:ख को निश्चय देखा है, और उनकी जो चिल्लाहट परिश्रम कराने वालों के कारण होती है उसको भी मैं ने सुना है, और उनकी पीड़ा पर मैं ने चित्त लगाया है; 
Exodus 3:8 इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकाल कर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं। 
Exodus 3:9 सो अब सुन, इस्राएलियों की चिल्लाहट मुझे सुनाई पड़ी है, और मिस्रियों का उन पर अन्धेर करना भी मुझे दिखाई पड़ा है, 
Exodus 3:10 इसलिये आ, मैं तुझे फिरौन के पास भेजता हूं कि तू मेरी इस्राएली प्रजा को मिस्र से निकाल ले आए। 
Exodus 3:11 तब मूसा ने परमेश्वर से कहा, मैं कौन हूं जो फिरौन के पास जाऊं, और इस्राएलियों को मिस्र से निकाल ले आऊं? 
Exodus 3:12 उसने कहा, निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा; और इस बात का कि तेरा भेजने वाला मैं हूं, तेरे लिये यह चिन्ह होगा कि जब तू उन लोगों को मिस्र से निकाल चुके तब तुम इसी पहाड़ पर परमेश्वर की उपासना करोगे। 
Exodus 3:13 मूसा ने परमेश्वर से कहा, जब मैं इस्राएलियों के पास जा कर उन से यह कहूं, कि तुम्हारे पित्रों के परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है, तब यदि वे मुझ से पूछें, कि उसका क्या नाम है? तब मैं उन को क्या बताऊं? 
Exodus 3:14 परमेश्वर ने मूसा से कहा, मैं जो हूं सो हूं। फिर उसने कहा, तू इस्राएलियों से यह कहना, कि जिसका नाम मैं हूं है उसी ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 41-42
  • 1 थिस्सलुनीकियों 1


शनिवार, 16 सितंबर 2017

त्यागा हुआ


   सुप्रसिध्द मसीही लेखक, सी. एस. ल्युईस की पुस्तक The Screwtape Letters में एक काल्पनिक संवाद है जो शैतान के दो दूतों, एक वरिष्ठ तथा दूसरा कनिष्ठ, के बीच हो रहा है। संवाद का विषय है एक मसीही विश्वासी को भली-भांति प्रलोभन में कैसे लाया जा सकता है, क्योंकि शैतान के वे दोनों दूत मसीही विश्वासियों के परमेश्वर में विश्वास को नष्ट करना चाहते हैं। वरीष्ठ दूत कनिष्ठ को सचेत करते हुए कहता है, "धोखा मत खाना, हमारे प्रयास के लिए सबसे अधिक जोखिम का समय वह होता है जब एक मसीही अपने चारों ओर सृष्टि में परमेश्वर के अस्तित्व के प्रत्येक प्रमाण को लुप्त होता हुआ देखता है, अपने आप को परमेश्वर का त्यागा अनुभव करता है, और फिर भी परमेश्वर पर विश्वास बनाए रखता है, उसका आज्ञाकारी बना रहता है।"

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमारे सामने ऐसे लोगों के अनेकों उदाहरण रखती है जिन्होंने अपने आप को परमेश्वर का त्यागा अनुभव तो किया परन्तु फिर भी अपने विश्वास में बने रहे और उसी विश्वास में कार्य करते रहे। अब्राहम को लगा कि परमेश्वर ने वारिस की जो प्रतिज्ञा उससे की थी वह पूरी हुए बिना रह जाएगी (उत्पत्ति 15:2-3)। भजनकार ने अपने कठिन समयों मे अपने आपको उपेक्षित अनुभव किया (भजन 10:1)। अय्युब इतनी कठिन परीक्षाओं में पड़ा कि उसे लगा जैसे परमेश्वर उसके प्राण ही ले लेगा (अय्युब 13:15)। और प्रभु यीशु ने क्रूस पर से चिल्लाकर कहा, "... हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया?" (मत्ती 27:46)। परन्तु हर बार परमेश्वर ही विश्वासयोग्य पाया गया (उत्पत्ति 21:1-7, भजन 10:16-18, अय्युब 38:1-42:17, मत्ती 28:9-20)।

   चाहे शैतान आपको यह सोचने पर बाध्य कर देने का भरसक प्रयास करे कि परमेश्वर ने आपको त्याग दिया है, यह कभी नहीं भूलें कि परमेश्वर सदा आपके निकट बना रहता है; वह अपने बच्चों को कभी नहीं त्यागता है (इब्रानियों 13:5)। इसलिए हम इब्रानियों के लेखक के साथ सहर्ष और निडर होकर कह सकते हैं, "इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है" (इब्रानियों 13:6)। - डेनिस फिशर


हमारे प्रत्येक भय और आशंका के बावजूद, 
परमेश्वर सदा हमारे निकट और साथ बना रहता है।

तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों 13:5

बाइबल पाठ: भजन 22:1-21
Psalms 22:1 हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायता करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है? 
Psalms 22:2 हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता। Psalms 22:3 परन्तु हे तू जो इस्राएल की स्तुति के सिहांसन पर विराजमान है, तू तो पवित्र है। 
Psalms 22:4 हमारे पुरखा तुझी पर भरोसा रखते थे; वे भरोसा रखते थे, और तू उन्हें छुड़ाता था। 
Psalms 22:5 उन्होंने तेरी दोहाई दी और तू ने उन को छुड़ाया वे तुझी पर भरोसा रखते थे और कभी लज्जित न हुए।
Psalms 22:6 परन्तु मैं तो कीड़ा हूं, मनुष्य नहीं; मनुष्यों में मेरी नामधराई है, और लोगों में मेरा अपमान होता है। 
Psalms 22:7 वह सब जो मुझे देखते हैं मेरा ठट्ठा करते हैं, और ओंठ बिचकाते और यह कहते हुए सिर हिलाते हैं, 
Psalms 22:8 कि अपने को यहोवा के वश में कर दे वही उसको छुड़ाए, वह उसको उबारे क्योंकि वह उस से प्रसन्न है। 
Psalms 22:9 परन्तु तू ही ने मुझे गर्भ से निकाला; जब मैं दूधपिउवा बच्चा था, तब ही से तू ने मुझे भरोसा रखना सिखलाया। 
Psalms 22:10 मैं जन्मते ही तुझी पर छोड़ दिया गया, माता के गर्भ ही से तू मेरा ईश्वर है। 
Psalms 22:11 मुझ से दूर न हो क्योंकि संकट निकट है, और कोई सहायक नहीं। 
Psalms 22:12 बहुत से सांढ़ों ने मुझे घेर लिया है, बाशान के बलवन्त सांढ़ मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए हैं। 
Psalms 22:13 वह फाड़ने और गरजने वाले सिंह के समान मुझ पर अपना मुंह पसारे हुए है।
Psalms 22:14 मैं जल के समान बह गया, और मेरी सब हडि्डयों के जोड़ उखड़ गए: मेरा हृदय मोम हो गया, वह मेरी देह के भीतर पिघल गया। 
Psalms 22:15 मेरा बल टूट गया, मैं ठीकरा हो गया; और मेरी जीभ मेरे तालू से चिपक गई; और तू मुझे मारकर मिट्टी में मिला देता है। 
Psalms 22:16 क्योंकि कुत्तों ने मुझे घेर लिया है; कुकर्मियों की मण्डली मेरे चारों ओर मुझे घेरे हुए है; वह मेरे हाथ और मेरे पैर छेदते हैं। 
Psalms 22:17 मैं अपनी सब हडि्डयां गिन सकता हूं; वे मुझे देखते और निहारते हैं; 
Psalms 22:18 वे मेरे वस्त्र आपस में बांटते हैं, और मेरे पहिरावे पर चिट्ठी डालते हैं। 
Psalms 22:19 परन्तु हे यहोवा तू दूर न रह! हे मेरे सहायक, मेरी सहायता के लिये फुर्ती कर! 
Psalms 22:20 मेरे प्राण को तलवार से बचा, मेरे प्राण को कुत्ते के पंजे से बचा ले! 
Psalms 22:21 मुझे सिंह के मुंह से बचा, हां, जंगली सांढ़ों के सींगो में से तू ने मुझे बचा लिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 25-26
  • 2 कुरिन्थियों 9