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बुधवार, 17 जून 2020

सुरक्षित स्थान


     मेरा सब से पहला काम एक फास्ट-फूड रेस्टोरेंट में था। एक शनिवार की संध्या को, एक लड़का वहाँ रेस्टोरेंट में बैठा रहा, मुझ से पूछता रहा कि मैं काम ख़तम करके कब निकलती हूँ। समय बीतने के साथ, वह कभी कुछ, और कभी कुछ और खरीद कर खाता या पीता रहता, जिससे मैनेजर उसे बाहर न निकाल सके। उसकी यह बातें मुझे परेशान कर रही थीं, मुझे कुछ ठीक नहीं लग रहा था। यद्यपि मेरा घर वहाँ से कुछ अधिक दूर तो नहीं था, किन्तु मुझे चल कर जाना होता था, और रास्ते का कुछ भाग सुनसान था, और ऐसे में मैं देर रात उस सुनसान हिस्से से अकली जाना नहीं चाह रही थी। अंततः लगभग आधी रात के समय, सभी काम समाप्त करके, मैं अन्दर दफतर में गई, वहां से मैंने एक फोन किया। जिस व्यक्ति ने मेरा फोन उठाया, मेरे पिता जी ने, उन्होंने गर्म बिस्तर से बाहर निकल कर मेरे पास आने में कोई परेशानी अनुभव नहीं की; पांच मिनिट में वे मेरे पास थे, और मुझे सुरक्षित घर ले गए।

     मुझे जो इस प्रकार की निश्चितता थी, कि मेरी आवश्यकता के समय में मेरे पिताजी मेरी सहायता के लिए आएँगे, मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में हमारे स्वर्गीय परमेश्वर पिता की विश्वासयोग्यता और आश्वासन की याद दिलाते है जो भजन 91 में दिया गया है। हमारा स्वर्गीय प्रभु परमेश्वर सदैव हमारे साथ बना रहता है, हमारी रक्षा करता रहता है, हमारी देखभाल करता है, और हम जब भी दुविधा में होते हैं, परेशान होते हैं, या भयभीत होते हैं, हमें आश्वस्त करता है, हमारा मार्गदर्शन करता है। वह कहता है, “जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचा कर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा” (भजन 91:15)। वह केवल हमारी सुनता ही नहीं है, वह हमारा शरणस्थान भी है (पद 1); वह हमारी ऐसी दृढ़ चट्टान है जिसे हम थामे रह सकते हैं (पद 2), जिस पर हम स्थिर बने रहा सकते हैं।

     भय, खतरे, या अनिश्चितता के सभी समयों में हम परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर भरोसा रख सकते हैं कि हम जब भी उसे पुकारेंगे, वह हमारी सुनेगा, और हमारे संकट में हमारी सहायता के लिए हमारे साथ होगा (पद 14-15); प्रभु परमेश्वर हमारा सुरक्षित स्थान है। - सिंडी हैस कैस्पर

 

जीवता परमेश्वर सदा हमारा सुरक्षित शरणस्थान बना रहेगा।


मेरे लिये सनातन काल की चट्टान का धाम बन, जिस में मैं नित्य जा सकूं; तू ने मेरे उद्धार की आज्ञा तो दी है, क्योंकि तू मेरी चट्टान और मेरा गढ़ ठहरा है। - भजन 71:3

बाइबल पाठ: भजन 91

भजन संहिता 91:1 जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।

भजन संहिता 91:2 मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा।

भजन संहिता 91:3 वह तो तुझे बहेलिये के जाल से, और महामारी से बचाएगा;

भजन संहिता 91:4 वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी।

भजन संहिता 91:5 तू न रात के भय से डरेगा, और न उस तीर से जो दिन को उड़ता है,

भजन संहिता 91:6 न उस मरी से जो अन्धेरे में फैलती है, और न उस महारोग से जो दिन दुपहरी में उजाड़ता है।

भजन संहिता 91:7 तेरे निकट हजार, और तेरी दाहिनी ओर दस हजार गिरेंगे; परन्तु वह तेरे पास न आएगा।

भजन संहिता 91:8 परन्तु तू अपनी आंखों की दृष्टि करेगा और दुष्टों के अन्त को देखेगा।

भजन संहिता 91:9 हे यहोवा, तू मेरा शरण स्थान ठहरा है। तू ने जो परमप्रधान को अपना धाम मान लिया है,

भजन संहिता 91:10 इसलिये कोई विपत्ति तुझ पर न पड़ेगी, न कोई दु:ख तेरे डेरे के निकट आएगा।

भजन संहिता 91:11 क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें।

भजन संहिता 91:12 वे तुझ को हाथों हाथ उठा लेंगे, ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे।

भजन संहिता 91:13 तू सिंह और नाग को कुचलेगा, तू जवान सिंह और अजगर को लताड़ेगा।

भजन संहिता 91:14 उसने जो मुझ से स्नेह किया है, इसलिये मैं उसको छुड़ाऊंगा; मैं उसको ऊंचे स्थान पर रखूंगा, क्योंकि उसने मेरे नाम को जान लिया है।

भजन संहिता 91:15 जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचा कर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा।

भजन संहिता 91:16 मैं उसको दीर्घायु से तृप्त करूंगा, और अपने किए हुए उद्धार का दर्शन दिखाऊंगा।   

 

एक साल में बाइबल: 

  • नहेम्याह 7-9
  • प्रेरितों 3


सोमवार, 17 फ़रवरी 2020

भागो



      मैंने जब हाई-स्कूल में तलवारबाज़ी सीखनी आरंभ की, तो मेरे प्रशिक्षक जैसे ही मेरी और आक्रामक कदम उठाते थे, साथ ही ऊँची आवाज़ में मुझे उनके उस कदम से बचाव के लिए मुझे क्या करना है उसे भी बता देते थे। तो जैसे ही वे अपनी तलवार से आक्रमण करने मेरी और आते, मुझे तुरंत ही बचाव वाली स्थिति अपना कर उनके वार से बचने के लिए तैयार रहना होता था; इसलिए मेरे लिए अत्यावश्यक था कि मैं उनकी आवाज़ को सुनता रहूं और उनके द्वारा की जा रही कार्यवाही पर अपने दृष्टि भी बनाए रखूँ।

      इस प्रकार से सचेत होकर सुनते रहने और प्रतिद्वन्दी की कार्यवाही पर ध्यान बनाए रखने की बात से परमेश्वर के वचन बाइबल में यौन प्रलोभनों से बचने के बारे में दी गयी शिक्षा स्मरण हो आती है। प्रेरित पौलुस ने 1 कुरिन्थियों 6:18 में मसीही विश्वासियों को कहा कि, “व्यभिचार से बचे रहो।” पवित्र शास्त्र कहीं-कहीं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दृढ़ होकर डटे रहने के लिए कहता है (गलातियों 5:1; इफिसियों 6:11), परन्तु यहाँ, यौन प्रलोभन की स्थिति के लिए बाइबल चिल्लाकर हमारे बचाव का सर्वोत्तम मार्ग बताती है: वहाँ से भागो!

      तुरंत की गयी त्वरित कार्यवाही कोई भी समझौता कर बैठने से बचाए रखती है। यह करना आवश्यक भी है क्योंकि छोटे-छोटे समझौते बड़ी और विनाशकारी हार ला सकते हैं। कोई भी अनियंत्रित अनैतिक विचार, इंटरनेट पर किसी गलत चित्र की झलक, विवाहित होते हुए किसी के साथ छेड़खानी भरी मित्रता, आदि – सभी वे स्थितियां हैं जो हमें वहाँ ले जा सकती हैं जहाँ हमें नहीं होना चाहिए; और हम में तथा परमेश्वर में दूरी ला सकती हैं।

      जब हम प्रलोभनों से बचकर भागते हैं, तो परमेश्वर बच कर भाग जाने के लिए स्थान भी उपलब्ध करवाता है। हमारे पापों के लिए प्रभु यीशु की क्रूस पर मृत्यु, और उनके मृतकों में से पुनरुत्थान के द्वारा हमारे लिए प्रभु यीशु में पापों की क्षमा, नया आरंभ, और अनंत जीवन की आशा उपलब्ध करवाई गई है – हमने चाहे जो भी किया हो, कैसा भी जीवन व्यतीत किया हो, प्रभु यीशु हमारे लिए सुरक्षित एवं आशीश्पूर्ण शरणस्थान हैं। हम जब भी कमज़ोर होते हैं, प्रलोभनों में आते हैं, शैतान हमें परीक्षाओं में गिराने के प्रयास करता है, तो हमारे लिए सर्वोत्तम प्रतिक्रिया होती है – भागो; और भागकर प्रभु यीशु की शरण में आ जाओ। - जेम्स बैंक्स

केवल परमेश्वर ही हमारी प्रत्येक आवश्यकता पूरी कर सकता है
 और हमें गहरी संतुष्टि प्रदान कर सकता है।

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा; कि तुम सह सको। - 1 कुरिन्थियों 10:13

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 6:12-20
1 Corinthians 6:12 सब वस्तुएं मेरे लिये उचित तो हैं, परन्तु सब वस्तुएं लाभ की नहीं, सब वस्तुएं मेरे लिये उचित हैं, परन्तु मैं किसी बात के आधीन न हूंगा।
1 Corinthians 6:13 भोजन पेट के लिये, और पेट भोजन के लिये है, परन्तु परमेश्वर इस को और उसको दोनों को नाश करेगा, परन्तु देह व्यभिचार के लिये नहीं, वरन प्रभु के लिये; और प्रभु देह के लिये है।
1 Corinthians 6:14 और परमेश्वर ने अपनी सामर्थ्य से प्रभु को जिलाया, और हमें भी जिलाएगा।
1 Corinthians 6:15 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह मसीह के अंग हैं? सो क्या मैं मसीह के अंग ले कर उन्हें वेश्या के अंग बनाऊं? कदापि नहीं।
1 Corinthians 6:16 क्या तुम नहीं जानते, कि जो कोई वेश्या से संगति करता है, वह उसके साथ एक तन हो जाता है? क्योंकि वह कहता है, कि वे दोनों एक तन होंगे।
1 Corinthians 6:17 और जो प्रभु की संगति में रहता है, वह उसके साथ एक आत्मा हो जाता है।
1 Corinthians 6:18 व्यभिचार से बचे रहो: जितने और पाप मनुष्य करता है, वे देह के बाहर हैं, परन्तु व्यभिचार करने वाला अपनी ही देह के विरुद्ध पाप करता है।
1 Corinthians 6:19 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम्हारी देह पवित्रात्मा का मन्दिर है; जो तुम में बसा हुआ है और तुम्हें परमेश्वर की ओर से मिला है, और तुम अपने नहीं हो?
1 Corinthians 6:20 क्योंकि दाम देकर मोल लिये गए हो, इसलिये अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 21-22
  • मत्ती 28



गुरुवार, 30 जनवरी 2020

सक्षम और उपलब्ध



      जिस समय मुझे पता चला कि मेरी माँ को कैंसर है, उस समय मेरे पति काम पर बाहर गए हुए थे। मैंने यह बताने के लिए उन्हें एक सन्देश भेजा और फिर अपने मित्रों तथा परिवार जनों से संपर्क करने लगी, उन्हें बताने और उनसे प्रार्थना की सहायता का निवेदन करने के लिए; किन्तु कोई भी उपलब्ध नहीं था। थरथराते हुए हाथों से अपने चहरे को ढांपते हुए मैं सुबकने लगी और परमेश्वर से कहने लगी, “परमेश्वर मेरी सहायता कीजिए।” उस समय में जब मैं बिलकुल अकेली थी, मैंने एक आश्वासन अनुभव किया कि परमेश्वर मेरे साथ है और मुझे शान्ति दे रहा है।

      मैंने प्रभु परमेश्वर का धन्यवाद किया जब मेरे पति घर आए तथा औरों से भी प्रोत्साहन के समाचार आने लगे। परन्तु फिर भी उन अकेले पलों में परमेश्वर की शांत करने वाली उपस्थिति जो मैंने अनुभव की थी, उससे मैं आश्वस्त हुई कि परमेश्वर सहजता से उपलब्ध है और मैं उस पर भरोसा रख सकती हूँ, जब भी और जहां भी मुझे उसकी सहायता की आवश्यकता हो।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार, भजन 46 में कहता है कि परमेश्वर हमारा शरणस्थान है, ऊंचा गढ़, और भरोसेमंद सहायक है (पद 1)। जब हमें ऐसा लगे कि हम अराजकता से घिरे हुए हैं, या, हम जिसे स्थिर समझे हुए थे वह हमारे चारों ओर ढहता जा रहा है, तब भी हमें भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है (पद 2-3)। परमेश्वर कभी लड़खड़ाता नहीं है (पद 4-7)। उसकी सामर्थ्य प्रगट एवं प्रभावी है (पद 8-9)। हमारा सदा संभालने वाला हमें अपने अपरिवर्तनीय चरित्र के द्वारा आश्वस्त करता है (पद 10)। हमारा प्रभु, हमारा सुरक्षित शरणस्थान, सदा हमारे साथ बना रहता है (पद 11)।

      प्रभु ने अपने अनुयायियों को एक दूसरे के साथ बने रहने और सहायता तथा प्रोत्साहित करने का दायित्व दिया है। परन्तु साथ ही वह यह भी आश्वासन देता है कि हमारी हर परिस्थिति के लिए वह सदा उपलब्ध और सक्षम है। वह न केवल अपने अनुयायियों के द्वारा वरन अपनी व्यक्तिगत उपस्थिति के द्वारा भी हमें शान्ति देता है। - जोशील डिक्सन

परमेश्वर हमारे सहायता के लिए सदा उपलब्ध और सक्षम है।

यहोवा के भय मानने से दृढ़ भरोसा होता है, और उसके पुत्रों को शरणस्थान मिलता है। - नीतिवचन 14:26

बाइबल पाठ: भजन 46
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई।
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psalms 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है।
Psalms 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है!
Psalms 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!
Psalms 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 23-24
  • मत्ती 20:1-16



गुरुवार, 28 दिसंबर 2017

शरणस्थान


   वैंकूवर, ब्रिटिश कोलंबिया में बेघर लोगों के लिए रात बिताने के लिए शरणस्थानों का एक नया तरीका ईजाद किया गया है। एक स्थानीय सहायता संस्था, रेन सिटी हाउसिंग, ने विशेष बेंच बनाए हैं जिन्हें अस्थायी रैन-बसेरे के समान प्रयोग किया जा सकता है। उन बेंचों का पिछला टेक लगाने वाला भाग ऊपर खींच कर, हवा और बारिश से बचने के लिए, छत के समान किया जा सकता है। रात में इन स्थानों को आसानी से ढ़ूंढ़ा जा सकता है क्योंकि इन पर बड़े और अन्धकार में चमकने वाले अक्षरों में लिखा होता है: "यह रैन-बसेरा है"।

   शरणस्थान की आवश्यकता न केवल शारीरिक होती है, वरन आत्मिक भी होती है। हम मसीही विश्वासी जब भी किसी परेशानी में हों, हमें ध्यान करना चाहिए किए परमेश्वर हमारा सदा उपलब्ध शरणस्थान है। परमेश्वर के वचन बाइबल में राजा दाऊद ने अपने एक भजन में लिखा, "मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूंगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊंची है, उस पर मुझ को ले चल" (भजन 61:2)। शत्रु शैतान की युक्तियों में हमारे फंसने की संभावना अधिक हो जाती है जब हम पर अत्याधिक भावनात्मक बोझ होता है; शैतान अपनी युक्तियों को भय, दोष भावना, और वासना या हवस की भावनाओं के द्वारा चलाता है। इन और ऐसी अन्य बुराईयों से बचने के लिए हमें सुरक्षा और स्थिरता का कोई स्त्रोत चाहिए होता है।

   जब हम परमेश्वर में शरण ले लेते हैं, तो परमेश्वर की सामर्थ्य और सदबुद्धि से हम शैतान के हमारे हृदयों और मनों को प्रभावित करने के प्रयासों को निषफल कर सकते हैं। दाऊद ने उसी भजन में आगे लिखा, "क्योंकि तू मेरा शरणस्थान है, और शत्रु से बचने के लिये ऊंचा गढ़ है। मैं तेरे तम्बू में युगानुयुग बना रहूंगा। मैं तेरे पंखों की ओट में शरण लिये रहुंगा" (पद 3-4)।

   हम जब भी किसी भी बात को लेकर अभिभूतित अनुभव करें, तो ध्यान करें कि प्रभु यीशु मसीह में होकर परमेश्वर की शान्ति और सुरक्षा हमारे साथ है, हमें सदा उपलब्ध है; प्रभु ने हमसे इसका वायदा किया है (यूहन्ना 16:33); वह हर बात, हर परिस्थिति में हमारा शरण्स्थान है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर सदैव ही हमारा शरणस्थान है।

मैं ने ये बातें तुम से इसलिये कही हैं, कि तुम्हें मुझ में शान्‍ति मिले; संसार में तुम्हें क्‍लेश होता है, परन्तु ढाढ़स बांधो, मैं ने संसार को जीत लिया है। - यूहन्ना 16:33

बाइबल पाठ: भजन 61
Psalms 61:1 हे परमेश्वर, मेरा चिल्लाना सुन, मेरी प्रार्थना की ओर घ्यान दे। 
Psalms 61:2 मूर्छा खाते समय मैं पृथ्वी की छोर से भी तुझे पुकारूंगा, जो चट्टान मेरे लिये ऊंची है, उस पर मुझ को ले चल; 
Psalms 61:3 क्योंकि तू मेरा शरणस्थान है, और शत्रु से बचने के लिये ऊंचा गढ़ है।
Psalms 61:4 मैं तेरे तम्बू में युगानुयुग बना रहूंगा। मैं तेरे पंखों की ओट में शरण लिये रहुंगा 
Psalms 61:5 क्योंकि हे परमेश्वर, तू ने मेरी मन्नतें सुनीं, जो तेरे नाम के डरवैये हैं, उनका सा भाग तू ने मुझे दिया है।
Psalms 61:6 तू राजा की आयु को बहुत बढ़ाएगा; उसके वर्ष पीढ़ी पीढ़ी के बराबर होंगे। 
Psalms 61:7 वह परमेश्वर के सम्मुख सदा बना रहेगा; तू अपनी करूणा और सच्चाई को उसकी रक्षा के लिये ठहरा रख। 
Psalms 61:8 और मैं सर्वदा तेरे नाम का भजन गा गाकर अपनी मन्नतें हर दिन पूरी किया करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • ज़कर्याह 5-8
  • प्रकाशितवाक्य 19


सोमवार, 12 दिसंबर 2016

सुरक्षित


   जब मैं बच्चा था, मेरा परिवार मेरे पिता द्वारा डनकनविले, टेक्सस में देवदार के जंगल के किनारे देवदार के लट्ठों से बनाए गए घर में रहा करते थे। हमारे घर में एक छोटा सा रसोई और खाने का स्थान था, दो श्यनकक्ष और एक बड़ा कमरा था जहाँ आग जलाने का बड़ा सा स्थान था जिसमें हम दो फुट लंबे देवदार के लट्ठे जलाया करते थे। वह आग जलाने का स्थान हमारे घर की गर्माहट का केंद्र था। हमारे परिवार में पाँच लोग थे, मेरे माता-पिता, मेरी बहिन, मेरी चचेरी बहिन और मैं। घर के बाहर बरामदा था जिसके बाहरी किनारे पर मोटे तिरपाल के परदे लगे थे जो खोलने पर नीचे ज़मीन तक आ जाते थे और बरामदे को सब तरफ से ढक कर कमरे जैसा बना देते थे। क्योंकि हमारे पास केवल दो ही श्यनकक्ष थे इसलिए सारे साल मैं बाहर बरामदे में तिरपाल के परदे गिरा कर सोया करता था। गर्मियाँ तो बरामदे में अच्छे से निकल जाती थीं, लेकिन शरद ऋतु में बहुत ठंडा हो जाता था।

   मुझे याद है कि सोने का समय होने पर मैं गरम कमरे से भाग कर बरामदे में जाता, नंगे पाँव पाले से ढके बरामदे पर चलता हुआ पलंग तक जाता और कूदकर कंबलों के अंबार के नीचे घुस जाता। फिर यदि बारिश, तूफान या बर्फ हमारे घर पर थपेड़े मारती, या तेज़ हवाएं लकड़ी के बीच से सीटी बजाती हुई निकलतीं, मैं बस उन कंबलों के अन्दर दुबक कर सोया रहता। मुझे नहीं लगता कि कोई भी बच्चा वैसा गर्म और सुरक्षित अनुभव करता होगा जैसा मैं वहाँ करता था।

   लेकिन अब मैं उस सबसे उत्तम सुरक्षा को जानता हूँ: परमेश्वर की सुरक्षा। अब मैं जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में मैं "शान्ति से लेटकर सो जाऊँगा" (भजन 4:8) क्योंकि मैं जानता हूँ कि जीवन के हर तूफान में परमेश्वर मेरा शरणस्थान है। उसके प्रेम और सुरक्षा में लिपट कर मैं हर समय, हर बात में, हर आशंका से ऐसा सुरक्षित रहता हूँ जैसा और कहीं नहीं, और कभी नहीं रहा या रह सकता। - डेविड रोपर


जो परमेश्वर के हाथों में हैं, उनसे अधिक सुरक्षित कभी कोई और नहीं हो सकता।

यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है। - भजन 18:2 

बाइबल पाठ: भजन 91:9-16
Psalms 91:9 हे यहोवा, तू मेरा शरण स्थान ठहरा है। तू ने जो परमप्रधान को अपना धाम मान लिया है, 
Psalms 91:10 इसलिये कोई विपत्ति तुझ पर न पड़ेगी, न कोई दु:ख तेरे डेरे के निकट आएगा।
Psalms 91:11 क्योंकि वह अपने दूतों को तेरे निमित्त आज्ञा देगा, कि जहां कहीं तू जाए वे तेरी रक्षा करें। 
Psalms 91:12 वे तुझ को हाथों हाथ उठा लेंगे, ऐसा न हो कि तेरे पांवों में पत्थर से ठेस लगे। 
Psalms 91:13 तू सिंह और नाग को कुचलेगा, तू जवान सिंह और अजगर को लताड़ेगा। 
Psalms 91:14 उसने जो मुझ से स्नेह किया है, इसलिये मैं उसको छुड़ाऊंगा; मैं उसको ऊंचे स्थान पर रखूंगा, क्योंकि उसने मेरे नाम को जान लिया है। 
Psalms 91:15 जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनूंगा; संकट में मैं उसके संग रहूंगा, मैं उसको बचा कर उसकी महिमा बढ़ाऊंगा। 
Psalms 91:16 मैं उसको दीर्घायु से तृप्त करूंगा, और अपने किए हुए उद्धार का दर्शन दिखाऊंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • होशे 9-11
  • प्रकाशितवाक्य 3


बुधवार, 12 अक्टूबर 2016

शरणस्थान


   मलेशिया के क्लांग शहर के एक चर्च में प्रवेश करते समय, वहाँ बाहर लगे एक स्वागत-चिन्ह ने मेरा ध्यान खींचा; उस पर लिखा था: "बोझ से दबे लोगों के लिए शरणस्थान।"

   प्रभु यीशु मसीह के मन को प्रतिबिंबित करने वाली बातों में से शायद ही कोई और बात इससे बेहतर होगी, यदि प्रभु यीशु मसीह की विश्वासी मण्डली थके हुओं के लिए विश्राम स्थल और उनके बोझों को हलका करने वाली हो। यह प्रभु यीशु की सेवकाई में बहुत महत्वपूर्ण है; प्रभु यीशु ने स्वयं ही कहा है, "हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28)।

   प्रभु यीशु ने यह वायदा किया है कि वह हमारे भारी बोझों को लेकर उनके स्थान पर अपना हलका बोझ हमें प्रदान कर देगा: "मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे। क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है" (मत्ती 11:29-30)।

   उसके इस वायदे के पीछे उसकी महान सामर्थ है; हमारे बोझ चाहे जैसे भी हों, कितने भी भारी क्यों ना हों, मसीह यीशु में हम परमेश्वर के पुत्र के मज़बूत कंधों का सहारा और सहायता पाते हैं, जो उन बोझों को स्वयं उठा लेता है और उनके स्थान पर अपने कार्य के हलके बोझ को हमें सौंप देता है।

   मसीह यीशु, जिसने हम से अनन्त काल के प्रेम से प्रेम किया है, हमारे संघर्षों को जानता है, और हम भरोसा रख सकते हैं कि वह हमें ऐसा विश्राम प्रदान करेगा जैसा हम अपने प्रयासों से कभी प्राप्त नहीं कर सकते हैं। उसकी सामर्थ हमारी कमज़ोरियों के लिए काफी है, इसी कारण वह सारे संसार के सभी "बोझ से दबे लोगों के लिए शरणस्थान" है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर बेचैन लोगों को बुलाता है 
जिससे वे उसमें स्थाई और अनन्तकालीन चैन सेंत-मेंत पाएं।

यहोवा जो तेरा छुड़ाने वाला और इस्राएल का पवित्र है, वह यों कहता है, मैं ही तेरा परमेश्वर यहोवा हूं जो तुझे तेरे लाभ के लिये शिक्षा देता हूं, और जिस मार्ग से तुझे जाना है उसी मार्ग पर तुझे ले चलता हूं। भला होता कि तू ने मेरी आज्ञाओं को ध्यान से सुना होता! तब तेरी शान्ति नदी के समान और तेरा धर्म समुद्र की लहरों के नाईं होता; - यशायाह 48:17-18

बाइबल पाठ: मत्ती 11:25-30
Matthew 11:25 उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा रखा, और बालकों पर प्रगट किया है। 
Matthew 11:26 हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा। 
Matthew 11:27 मेरे पिता ने मुझे सब कुछ सौंपा है, और कोई पुत्र को नहीं जानता, केवल पिता; और कोई पिता को नहीं जानता, केवल पुत्र और वह जिस पर पुत्र उसे प्रगट करना चाहे। 
Matthew 11:28 हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। 
Matthew 11:29 मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे। 
Matthew 11:30 क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 39-40
  • कुलुस्सियों 4


शनिवार, 17 सितंबर 2016

समर्पित


   दूसरे विश्वयुद्ध और उसके तुरंत बाद के समय की पीढ़ी के लिए कोरी टेन बूम की जीवन-गाथा परमेश्वर भक्ति तथा बुद्धिमता की अनुपम गवाही है। वे निदरलैंड्स की निवासी थीं और उस समय में उनके देश पर रहे नाट्ज़ी कबज़े की यातनाओं की शिकार रही थीं। दूसरे विश्व युद्ध की समाप्ति से उनके देश को नाट्ज़ी आताताईयों से मिली रिहाई के बाद उन्होंने उन भयानक सताव और पीड़ा के दिनों में भी अपने मसीही विश्वास और परमेश्वर पर निर्भरता के अनुभवों का बयान किया।

   एक बार उन्होंने कहा, "मैंने अपने हाथों से बहुत कुछ थाम के रखा, और उस सब को खो भी दिया है। लेकिन जो भी मैंने परमेश्वर के हाथों में समर्पित कर दिया, वह आज भी मेरे पास है।"

   कोरी हानि से भली-भांति परिचित थीं। उन्होंने उन नाट्ज़ी आताताईयों के हाथों अपने परिवार, संपदा और अपने आयु के वर्षों की भारी हानि झेली थी। लेकिन फिर भी उन्होंने सीखा था कि वे अपना ध्यान उस हानि पर नहीं वरन उस आत्मिक और भावनात्मक लाभ पर लगाएं जो उन सभी बातों को भी अपने स्वर्गीय परमेश्वर पिता के हाथों में समर्पित कर देने से होता है।

   आज हमारे लिए इसमें क्या शिक्षा है? हमें परमेश्वर के हाथों में क्या कुछ समर्पित कर देना चाहिए? परमेश्वर के वचन बाइबल में मरकुस 10 में दर्ज उस अमीर जवान के वृतांत के अनुसार, हमें सब कुछ परमेश्वर के हाथों में समर्पित करना चाहिए। वह जवान अनन्त जीवन का मार्ग पाने की लालसा से प्रभु यीशु के पास आया था; उसके पास बहुत धन-संपत्ति थी; परन्तु जब प्रभु यीशु ने उससे वह सब छोड़ कर अपने पीछे चलने के लिए कहा, तो वह राज़ी नहीं हुआ। उसने प्रभु यीशु का अनुसरण करने से भला उस संपत्ति के साथा रहना समझा जिससे उसे कोई संतुष्टि प्राप्त नहीं हुई थी; परिणामस्वरूप वह शोकित होकर वापस चला गया (पद 22)।

   कोरी टेन बूम के समान, यदि हम अपना सर्वस्व परमेश्वर के हाथों में समर्पित कर देंगे, और उस सब की रखवाली तथा परिणाम के लिए परमेश्वर पर अपना भरोसा बनाए रखेंगे, तो हमारी आशा बनी रहेगी तथा हमें कोई हानि नहीं होगी। - डेव ब्रैनन


परमेश्वर को समर्पित जीवन से अधिक सुरक्षित और कोई जीवन नहीं है।

इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्‍चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है। - 2 तिमुथियुस 1:12

बाइबल पाठ: मरकुस 10:17-27
Mark 10:17 और जब वह निकलकर मार्ग में जाता था, तो एक मनुष्य उसके पास दौड़ता हुआ आया, और उसके आगे घुटने टेककर उस से पूछा हे उत्तम गुरू, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूं? 
Mark 10:18 यीशु ने उस से कहा, तू मुझे उत्तम क्यों कहता है? कोई उत्तम नहीं, केवल एक अर्थात परमेश्वर। 
Mark 10:19 तू आज्ञाओं को तो जानता है; हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना, छल न करना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना। 
Mark 10:20 उसने उस से कहा, हे गुरू, इन सब को मैं लड़कपन से मानता आया हूं। 
Mark 10:21 यीशु ने उस पर दृष्टि कर के उस से प्रेम किया, और उस से कहा, तुझ में एक बात की घटी है; जा, जो कुछ तेरा है, उसे बेच कर कंगालों को दे, और तुझे स्वर्ग में धन मिलेगा, और आकर मेरे पीछे हो ले। 
Mark 10:22 इस बात से उसके चेहरे पर उदासी छा गई, और वह शोक करता हुआ चला गया, क्योंकि वह बहुत धनी था। 
Mark 10:23 यीशु ने चारों ओर देखकर अपने चेलों से कहा, धनवानों को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है! 
Mark 10:24 चेले उस की बातों से अचम्भित हुए, इस पर यीशु ने फिर उन को उत्तर दिया, हे बालकों, जो धन पर भरोसा रखते हैं, उन के लिये परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना कैसा कठिन है! 
Mark 10:25 परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊंट का सूई के नाके में से निकल जाना सहज है! 
Mark 10:26 वे बहुत ही चकित हो कर आपस में कहने लगे तो फिर किस का उद्धार हो सकता है? 
Mark 10:27 यीशु ने उन की ओर देखकर कहा, मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से हो सकता है; क्योंकि परमेश्वर से सब कुछ हो सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 27-29
  • 2 कुरिन्थियों 10



शुक्रवार, 16 सितंबर 2016

शरणस्थान


   एक युवा महिला अपनी 4 तथा 2 वर्षीय पुत्रियों के साथ हवाई यात्रा कर रही थी, और उन दोनों को व्यस्त रखने में लगी हुई थी जिससे वे दोनों अन्त यात्रियों को परेशान ना करने पाएं। जब विमान-चालक ने सूचना देने के लिए विमान के लाऊडस्पीकरों पर उद्घोषणा करनी आरंभ करी तो छोटी बेटी शांत होकर, अपना सिर झुकाकर बैठ गई, और उद्घोषणा समाप्त होने पर बोली "आमीन", जो कि प्रार्थना कि समाप्ति पर बोला जाता है; उस बच्ची को लगा कि विमान-चालक प्रार्थना कर रहा है!

   मैं भी चाहती हूँ कि मेरा मन भी उस बच्ची के समान रहे, जो तुरंत प्रार्थना में परमेश्वर की ओर मुड़ जाता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन-संहिता के अनेकों भजनों के रचियता दाऊद का मन ऐसा ही था। हम दाऊद द्वारा लिखे भजन, भजन 27 में इस बात के संकेत पाते हैं, जहाँ वह कठिन शत्रुओं का सामना करने के बारे में लिखता है (पद 2)। दाऊद लिखता है, "तू ने कहा है, कि मेरे दर्शन के खोजी हो। इसलिये मेरा मन तुझ से कहता है, कि हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूंगा" (भजन 27:8)। कुछ लोगों का मानना है कि इस भजन को लिखते समय दाऊद शाऊल से (1 शमूएल 21:10) या फिर अपने बेटे अबशालोम के षड़यंत्र से (2 शमूएल 15:13-14) जान बचाकर भागने के अपने अनुभवों को स्मरण कर रहा था। प्रार्थना करना और परमेश्वर पर निर्भर रहना दाऊद के रवैये में सर्वोपरि रहते थे; उसने परमेश्वर को अपना शरणस्थान बना रखा था (भजन 27:4-5)।

   हम सभी को शरणस्थान की आवश्यकता रहती है, विशेषकर कठिन परिस्थितियों और परेशानी के समयों में। इस, तथा अन्य भजनों को पढ़ना और प्रार्थना का आधार बनाना हमारे लिए अपने परमेश्वर पिता के साथ वैसा ही निकट संबंध बनाने में सहायक हो सकता है जैसा दाऊद के साथ था। जब हम परमेश्वर को अपना शरणस्थान बना लेंगे, तो स्वतः ही प्रार्थना और आवश्यकता के समयों में हम उसमें शांति तथा विश्राम भी पाएंगे। - ऐनी सेटास


प्रार्थना के समयों में परमेश्वर हमारे हृदयों को शांत करके, 
हमारे मनों को स्थिर करता है।

हे परमेश्वर, जब मैं तेरी दोहाई दूं, तब मेरी सुन; शत्रु के उपजाए हुए भय के समय मेरे प्राण की रक्षा कर। - भजन 64:1

बाइबल पाठ: भजन 27:1-14
Psalms 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं? 
Psalms 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
Psalms 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरुद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशचिंत रहूंगा।
Psalms 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।
Psalms 27:5 क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्त स्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा। 
Psalms 27:6 अब मेरा सिर मेरे चारों ओर के शत्रुओं से ऊंचा होगा; और मैं यहोवा के तम्बू में जयजयकार के साथ बलिदान चढ़ाऊंगा; और उसका भजन गाऊंगा।
Psalms 27:7 हे यहोवा, मेरा शब्द सुन, मैं पुकारता हूं, तू मुझ पर अनुग्रह कर और मुझे उत्तर दे। 
Psalms 27:8 तू ने कहा है, कि मेरे दर्शन के खोजी हो। इसलिये मेरा मन तुझ से कहता है, कि हे यहोवा, तेरे दर्शन का मैं खोजी रहूंगा। 
Psalms 27:9 अपना मुख मुझ से न छिपा।। अपने दास को क्रोध कर के न हटा, तू मेरा सहायक बना है। हे मेरे उद्धार करने वाले परमेश्वर मुझे त्याग न दे, और मुझे छोड़ न दे! 
Psalms 27:10 मेरे माता पिता ने तो मुझे छोड़ दिया है, परन्तु यहोवा मुझे सम्भाल लेगा।
Psalms 27:11 हे यहोवा, अपने मार्ग में मेरी अगुवाई कर, और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल। 
Psalms 27:12 मुझ को मेरे सताने वालों की इच्छा पर न छोड़, क्योंकि झूठे साक्षी जो उपद्रव करने की धुन में हैं मेरे विरुद्ध उठे हैं।
Psalms 27:13 यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूर्च्छित हो जाता। 
Psalms 27:14 यहोवा की बाट जोहता रह; हियाव बान्ध और तेरा हृदय दृढ़ रहे; हां, यहोवा ही की बाट जोहता रह!

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 25-26
  • 2 कुरिन्थियों 9


शनिवार, 20 जून 2015

शरणस्थान


  एक दिन मैं एक बड़ी झील के किनारे घूम रही थी; चलते चलते मैं बड़े बड़े पत्थरों और चट्टानों के निकट पहुँची और मेरा ध्यान उन चट्टानों के बीच अन्दर को बने एक छोटे से सुरक्षित स्थान की ओर गया जहाँ एक छोटा सा पौधा जड़ पकड़े हुए उग रहा था। प्रतीत हो रहा था कि उस पौधे को बढ़ने के लिए ना केवल पर्याप्त धूप और पानी उपलब्ध हो रहा है, वरन उन चट्टानों के बीच अन्दर को होने के कारण एक और महत्वपूर्ण चीज़ भी मिल रही है - सुरक्षा। वहाँ किसी भी बारिश-तूफान या तेज़ हवा से उसके कोमल पत्तों को कोई हानि नहीं हो सकती थी।

   उस पौधे के उस सुरक्षित स्थान को देखकर मुझे प्रसिद्ध मसीही भजन, "यीशु मेरे शरणस्थान, तुझ में मेरा है कल्याण" स्मरण हो आया। उस भजन के शब्द उन बातों को व्यक्त करते हैं जिन्हें हम तब चाहते हैं जब हमारा सामना हमारे प्रति बुरे इरादे रखने वाले क्रूर लोगों से होता है जो परमेश्वर को कोई मान्यता या आदर नहीं देते (भजन 94:4-7)। जब हम किसी के बुरे इरादों का निशाना बनते हैं, हम भजनकार की गवाही: "परन्तु यहोवा मेरा गढ़, और मेरा परमेश्वर मेरी शरण की चट्टान ठहरा है" (भजन 94:22) को स्मरण कर सकते हैं।

   एक चट्टान के समान हमारा परमेश्वर भरोसेमन्द और मज़बूत है; एक शरणस्थान के रूप में वह हमें संकटों और स्मस्याओं के टल जाने तक सुरक्षित रख सकता है। भजनकार हमें स्मरण दिलाता है: "वह तुझे अपने पंखों की आड़ में ले लेगा, और तू उसके पैरों के नीचे शरण पाएगा; उसकी सच्चाई तेरे लिये ढाल और झिलम ठहरेगी" (भजन 91:4)। जब परमेश्वर हमारा रक्षक है तो हमें इस बात से घबराने की आवश्यकता नहीं है कि दूसरे हमारा क्या बिगाड़ सकते हैं; हम हर बात और परिस्थिति में विश्वास रख सकते हैं कि जब भी परेशानियाँ आएंगी तब परमेश्वर हमें संभालेगा, हमारा शरणस्थान बना रहेगा। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर अपने लोगों के लिए सदा का शरणस्थान है।

मेरा चट्टानरूपी परमेश्वर है, जिसका मैं शरणागत हूँ, मेरी ढाल, मेरा बचाने वाला सींग, मेरा ऊंचा गढ़, और मेरा शरण स्थान है, हे मेरे उद्धार कर्त्ता, तू उपद्रव से मेरा उद्धार किया करता है। - 2 शमूएल 22:3

बाइबल पाठ: भजन 94
Psalms 94:1 हे यहोवा, हे पलटा लेने वाले ईश्वर, हे पलटा लेने वाले ईश्वर, अपना तेज दिखा! 
Psalms 94:2 हे पृथ्वी के न्यायी उठ; और घमण्ड़ियों को बदला दे! 
Psalms 94:3 हे यहोवा, दुष्ट लोग कब तक, दुष्ट लोग कब तक डींग मारते रहेंगे? 
Psalms 94:4 वे बकते और ढ़िठाई की बातें बोलते हैं, सब अनर्थकारी बड़ाई मारते हैं। 
Psalms 94:5 हे यहोवा, वे तेरी प्रजा को पीस डालते हैं, वे तेरे निज भाग को दु:ख देते हैं। 
Psalms 94:6 वे विधवा और परदेशी का घात करते, और अनाथों को मार डालते हैं; 
Psalms 94:7 और कहते हैं, कि याह न देखेगा, याकूब का परमेश्वर विचार न करेगा। 
Psalms 94:8 तुम जो प्रजा में पशु सरीखे हो, विचार करो; और हे मूर्खों तुम कब तक बुद्धिमान हो जाओगे? 
Psalms 94:9 जिसने कान दिया, क्या वह आप नहीं सुनता? जिसने आंख रची, क्या वह आप नहीं देखता? 
Psalms 94:10 जो जाति जाति को ताड़ना देता, और मनुष्य को ज्ञान सिखाता है, क्या वह न समझाएगा? 
Psalms 94:11 यहोवा मनुष्य की कल्पनाओं को तो जानता है कि वे मिथ्या हैं। 
Psalms 94:12 हे याह, क्या ही धन्य है वह पुरूष जिस को तू ताड़ना देता है, और अपनी व्यवस्था सिखाता है, 
Psalms 94:13 क्योंकि तू उसको विपत्ति के दिनों में उस समय तक चैन देता रहता है, जब तक दुष्टों के लिये गड़हा नहीं खोदा जाता। 
Psalms 94:14 क्योंकि यहोवा अपनी प्रजा को न तजेगा, वह अपने निज भाग को न छोड़ेगा; 
Psalms 94:15 परन्तु न्याय फिर धर्म के अनुसार किया जाएगा, और सारे सीधे मन वाले उसके पीछे पीछे हो लेंगे। 
Psalms 94:16 कुकर्मियों के विरुद्ध मेरी ओर कौन खड़ा होगा? मेरी ओर से अनर्थकारियों का कौन साम्हना करेगा? 
Psalms 94:17 यदि यहोवा मेरा सहायक न होता, तो क्षण भर में मुझे चुपचाप हो कर रहना पड़ता। 
Psalms 94:18 जब मैं ने कहा, कि मेरा पांव फिसलने लगा है, तब हे यहोवा, तेरी करूणा ने मुझे थाम लिया। 
Psalms 94:19 जब मेरे मन में बहुत सी चिन्ताएं होती हैं, तब हे यहोवा, तेरी दी हुई शान्ति से मुझ को सुख होता है। 
Psalms 94:20 क्या तेरे और दुष्टों के सिंसाहन के बीच सन्धि होगी, जो कानून की आड़ में उत्पात मचाते हैं? 
Psalms 94:21 वे धर्मी का प्राण लेने को दल बान्धते हैं, और निर्दोष को प्राणदण्ड देते हैं। 
Psalms 94:22 परन्तु यहोवा मेरा गढ़, और मेरा परमेश्वर मेरी शरण की चट्टान ठहरा है। 
Psalms 94:23 और उसने उनका अनर्थ काम उन्हीं पर लौटाया है, और वह उन्हें उन्हीं की बुराई के द्वारा सत्यानाश करेगा; हमारा परमेश्वर यहोवा उन को सत्यानाश करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तेर 1-2
  • प्रेरितों 5:1-21