ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

परमेश्वर की विश्वासयोग्यता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
परमेश्वर की विश्वासयोग्यता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 18 जून 2012

सुरक्षित?

   २००८ में संसार भर में आए आर्थिक संकट में, उसके बैंक के ठप हो जाने और वहां जमा उसकी पूंजी के निवेश पर लाभांश ना मिल पाने के कारण, एक विधवा स्त्री की आमदनी का एक तिहाई भाग जाता रहा। Wall Street Journal ने उसे उदाहरण बना कर उसके जैसे नुकसान उठाने वालों की दुखःद परिस्थितियों और भावनाओं के बारे में लेख लिखा, और प्रश्न उठाया: "आप सोचते हैं कि ऐसा कभी नहीं हो सकता, लेकिन हो जाता है; क्या कुछ सुरक्षित है?"

   विपत्ति और कठिन समय सदा ही हमारी विचारधारा को झटका देते हैं और जीवन के पुनः आंकलन के लिए बाध्य करते हैं। हमारी सभी आशाएं और अच्छे से सोच-विचार कर के बनाई गई योजनाएं, हमारे नियंत्रण से बाहर परिस्थितियों के द्वारा क्षण भर में ध्वस्त हो जाती हैं, धरी के धरी रह जाती हैं। ऐसे में हमें लगता है कि इस अनिश्चित संसार में केवल अनिश्चितता ही निश्चित है। यह अनिश्चितता हमारा ध्यान परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस द्वारा तिमुथियुस को लिखी पत्री में दी गई शिक्षा की व्यवाहारिकता पर लाती है: "इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्‍तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है। और भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्‍पर हों। और आगे के लिये एक अच्‍छी नेव डाल रखें, कि सत्य जीवन को वश में कर लें" (१ तिमुथियुस ६:१७-१९)।

   तिमुथियुस को लिखी पौलुस कि इस शिक्षा की आज्ञाकारिता के लिए, यदि हमारे सांसारिक संसाधनों में कमी भी आए, तो भी हम मसीही विश्वासियों को भले कामों, उदारता, दूसरों के साथ बांटने आदि में बढ़ते ही रहना है। जब कभी हमारी आर्थिक स्थिरता फिर से हो जाएगी, तो जो परमेश्वर की ओर से हमें मिला है उस पर भरोसा रखने की बजाए, देने वाले परमेश्वर पर ही भरोसा बनाए हुए हम और भी अधिक उदारता दिखा सकते हैं। इस से भविश्य के लिए हमारी एक अच्छी और स्थिर नेव पड़ी रहेगी और परमेश्वर के संसाधन हमें उपलब्ध रहेंगे।

   हम केवल परमेश्वर में ही सुरक्षित हैं, केवल उसी पर और उसकी सामर्थ पर ही भरोसा बनाए रखिए, उसकी इच्छानुसार चलिए, क्योंकि परमेश्वर का वचन हमें आश्वस्त करता है कि "परख कर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। हे यहोवा के पवित्र लोगों, उसका भय मानो, क्योंकि उसके डरवैयों को किसी बात की घटी नहीं होती! जवान सिहों को तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं; परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी भली वस्तु की घटी न होवेगी" (भजन ३४:८-१०)। - डेविड मैक्कैसलैंड


अनिश्चितताओं में हमारी सुरक्षा केवल परमेश्वर ही के हाथों में निश्चित है।

परख कर देखो कि यहोवा कैसा भला है! क्या ही धन्य है वह पुरूष जो उसकी शरण लेता है। - भजन ३४:८

बाइबल पाठ: १ तिमुथियुस ६:६-१९
1Ti 6:6  पर सन्‍तोष सहित भक्ति बड़ी कमाई है।
1Ti 6:7  क्‍योंकि न हम जगत में कुछ लाए हैं और न कुछ ले जा सकते हैं।
1Ti 6:8  और यदि हमारे पास खाने और पहिनने को हो, तो इन्‍हीं पर सन्‍तोष करना चाहिए।
1Ti 6:9   पर जो धनी होना चाहते हैं, वे ऐसी परीक्षा, और फंदे और बहुतेरे व्यर्थ और हानिकारक लालसाओं में फंसते हैं, जो मनुष्यों को बिगाड़ देती हैं और विनाश के समुद्र में डूबा देती हैं।
1Ti 6:10 क्‍योंकि रूपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्‍त करने का प्रयत्‍न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटक कर अपने आप को नाना प्रकार के दुखों से छलनी बना लिया है।
1Ti 6:11  पर हे परमेश्वर के जन, तू इन बातों से भाग; और धर्म, भक्ति, विश्वास, प्रेम, धीरज, और नम्रता का पीछा कर।
1Ti 6:12 विश्वास की अच्‍छी कुश्‍ती लड़ और उस अनन्‍त जीवन को धर ले, जिस के लिये तू बुलाया, गया, और बहुत गवाहों के साम्हने अच्‍छा अंगीकार किया था।
1Ti 6:13 मैं तुझे परमेश्वर को, जो सब को जीवित रखता है, और मसीह यीशु को गवाह करके जिस ने पुन्‍तियुस पीलातुस के साम्हने अच्‍छा अंगीकार किया, यह आज्ञा देता हूं,
1Ti 6:14 कि तू हमारे प्रभु यीशु मसीह के प्रगट होने तक इस आज्ञा को निष्‍कलंक और निर्दोष रख।
1Ti 6:15  जिसे वह ठीक समयों में दिखाएगा, जो परमधन्य और अद्वैत अधिपति और राजाओं का राजा, और प्रभुओं का प्रभु है।
1Ti 6:16 और अमरता केवल उसी की है, और वह अगम्य ज्योति में रहता है, और न उसे किसी मनुष्य ने देखा, और न कभी देख सकता है: उस की प्रतिष्‍ठा और राज्य युगानुयुग रहेगा। आमीन।
1Ti 6:17 इस संसार के धनवानों को आज्ञा दे, कि वे अभिमानी न हों और चंचल धन पर आशा न रखें, परन्‍तु परमेश्वर पर जो हमारे सुख के लिये सब कुछ बहुतायत से देता है।
1Ti 6:18 और भलाई करें, और भले कामों में धनी बनें, और उदार और सहायता देने में तत्‍पर हों।
1Ti 6:19 और आगे के लिये एक अच्‍छी नेव डाल रखें, कि सत्य जीवन को वश में कर लें।


एक साल में बाइबल: 

  • नेहेमियाह १०-११ 
  • प्रेरितों ४:१-२२

मंगलवार, 13 सितंबर 2011

सहायता को तैयार


   इंग्लैंड और फ्रांस के बीच हुए एक युद्ध में इंग्लैड के राजा एडवर्ड तृतीय का सामना फ्रांस की सेना से हो रहा था। इंगलैंड के राजा का पुत्र सेना की एक टुकड़ी का नेतृत्व कर रहा था और राजा सहायता के लिए तैयार एक और दल को लिए कुछ दूरी पर खड़ा युद्ध पर नज़र रखे हुए था। युद्ध आरंभ होने के थोड़े समय पश्चात राजकुमार ने पिता को सन्देश भेजा कि वे अपने सहायक दल को ले कर उसकी सहायता के लिए तुरंत आ जाएं। राजा सहायता के लिए नहीं गए। राजकुमार ने एक और सन्देश भेजा और तुरंत सहायता की विनती करी। राजा ने सन्देश वाहक से कहा, "मेरे पुत्र से जाकर कहो, मैं एक अनुभवी सेनापति हूँ - जानता हूँ कि कब सहायता भेजनी चाहिए और कोई लापरवाह पिता भी नहीं हूँ कि अपने पुत्र की समय पर सहायता न भेजने की लापरवाही करूँ।"

   यह घटना परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु में विश्वासी उसकी सन्तान के संबंध का भी चित्रण करती है। जब हम शैतान द्वारा लाई गई परीक्षाओं, प्रलोभनों और पाप का सामना कर रहे होते हैं तो कभी कभी हमें लगता है कि हमारी सहायता की पुकार को परमेश्वर ने अनसुना कर दिया और हमें अकेला छोड़ दिया है। लेकिन एक क्षण भी ऐसा नहीं होता जब उसकी दृष्टी हम पर से हटती हो। वह कभी हमें असहाय नहीं छोड़ता।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, १ कुरिन्थियों १०:१३ में पौलुस प्रेरित लिखता है, "तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्‍चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा कि तुम सह सको।"

   संघर्ष कितना भी भीषण क्यों न हो, सही समय पर हमारे पक्ष में सहायता के लिए आने के लिए और हमें परीक्षा से निकासी का मार्ग देने के लिए परमेश्वर सदा तैयार बना रहता है। - पौल वैन गोर्डर

जब परमेश्वर हमें कही भेजता है, तो स्वयं साथ भी चलता है।

तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है: और परमेश्वर सच्‍चा है: वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा कि तुम सह सको। - १ कुरिन्थियों १०:१३
 
बाइबल पाठ: भजन १८:१६-३०
    Psa 18:16  उस ने ऊपर से हाथ बढ़ा कर मुझे थाम लिया, और गहिरे जल में से खींच लिया।
    Psa 18:17  उस ने मेरे बलवन्त शत्रु से, और उन से जो मुझ से घृणा करते थे मुझे छुड़ाया क्योंकि वे अधिक सामर्थी थे।
    Psa 18:18  मेरी विपत्ति के दिन वे मुझ पर आ पड़े। परन्तु यहोवा मेरा आश्रय था।
    Psa 18:19  और उस ने मुझे निकाल कर चौड़े स्थान में पहुंचाया, उस ने मुझ को छुड़ाया, क्योंकि वह मुझ से प्रसन्न था।
    Psa 18:20  यहोवा ने मुझ से मेरे धर्म के अनुसार व्यवहार किया; और मेरे हाथों की शुद्धता के अनुसार उस ने मुझे बदला दिया।
    Psa 18:21  क्योंकि मैं यहोवा के मार्गों पर चलता रहा, और दुष्टता के कारण अपने परमेश्वर से दूर न हुआ।
    Psa 18:22  क्योंकि उसके सारे निर्णय मेरे सम्मुख बने रहे और मैं ने उसकी विधियों को न त्यागा।
    Psa 18:23  और मैं उसके सम्मुख सिद्ध बना रहा, और अधर्म से अपने को बचाए रहा।
    Psa 18:24  यहोवा ने मुझे मेरे धर्म के अनुसार बदला दिया, और मेरे हाथों की उस शुद्धता के अनुसार जिसे वह देखता था।
    Psa 18:25  दयावन्त के साथ तू अपने को दयावन्त दिखाता और खरे पुरूष के साथ तू अपने को खरा दिखाता है।
    Psa 18:26  शुद्ध के साथ तू अपने को शुद्ध दिखाता, और टेढ़े के साथ तू तिर्छा बनता है।
    Psa 18:27  क्योंकि तू दीन लोगों को तो बचाता है परन्तु घमण्ड भरी आंखों को नीची करता है।
    Psa 18:28  हां, तू ही मेरे दीपक को जलाता है; मेरा परमेश्वर यहोवा मेरे अन्धियारे को उजियाला कर देता है।
    Psa 18:29  क्योंकि तेरी सहायता से मैं सेना पर धावा करता हूं और अपने परमेश्वर की सहायता से शहरपनाह को लांघ जाता हूं।
    Psa 18:30  ईश्वर का मार्ग सच्चाई, यहोवा का वचन ताया हुआ है; वह अपने सब शरणागतों की ढाल है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन १६-१८ 
  • २ कुरिन्थियों ६

मंगलवार, 16 अगस्त 2011

सदा विश्वासयोग्य

बेरूत शहर में सन १९८३ में अमरीकी सैनिक ठिकानों पर हुए हमले में बहुत से सैनिक मारे गए, उनमें से एक सैनिक बहुत गंभीर रूप से घायल हुआ। इस सैनिक के हौसले और विश्वासयोग्यता के साथ अपने साथियों के साथ बने रहने ने बहुतों का हृदय छू लिया। घायल अवस्था में, पट्टियों से ढका और शरीर में इलाज के लिए लगाई गई कई नालियों के साथ वह अस्पताल में था जब उस क्षेत्र के सेनाध्यक्ष जैनरल पौल कैली अस्पताल में घायलों को देखने आए। जब जैनरल कैली उसके पास पहुँचे तो उसने हाथ से कुछ लिखने का इशारा किया क्योंकि वह बोल पाने में असमर्थ था। उसे लिखने की सामग्री दी गई तो बड़ी कठिनाई से उसने दो शब्द लिखे: semper fi - जो उसके सैनिक दल के आदर्ष वाक्य semper fidelis का छोटा रूप है, और जिसका अर्थ है "सदा विश्वासयोग्य"।

हम परमेश्वर के विश्वासी जो परमेश्वर की कार्य-सेना के अंग हैं, इस नवयुवक के उदाहरण से बहुत कुछ सीख सकते हैं। हम सदा शत्रु शैतान के हमलों में रहते हैं, कई बार वह हमें घायल भी कर देता है और हमारे कुछ साथी मारे भी जाते हैं। लेकिन तौ भी हमें अन्त तक विश्वासी बने रहना है। अपने परमेश्वर के प्रति विश्वास्योग्यता का जज़्बा हमारे हृदयों में भरा रहना चाहिए और हर परिस्थिति में हमें आगे बढते रहने का हौसला बनाए रखना चाहिए। परमेश्वर का वचन विश्वासयोग्यता की सराहना करता है। मत्ती रचित सुसमाचार के २४ तथा २५ अध्याय हमें प्रभु यीशु मसिह के दूसरे आगमन के लिए, जो कभी भी हो सकता है, सदा तैयार बने रहने को कहते हैं क्योंकि जो तैयार रहेगा और परमेश्वर के कार्य में लगा होग वह परमेश्वर से प्रशंसा और पुरुस्कार पाएगा।

हाँ, semper fidelis - "सदा विश्वासयोग्य" मसीही विश्वासी का जीवन उद्देश्य भी है। - डेव एग्नर


हमारे विश्वास का प्रमाण हमारी विश्वासयोग्यता है।

सच्चे मनुष्य पर बहुत आशीर्वाद होते रहते हैं - नीतिवचन २८:२०


बाइबल पाठ: मत्ती २४:४२-५१

Mat 24:42 इसलिये जागते रहो, क्‍योंकि तुम नहीं जानते कि तुम्हारा प्रभु किस दिन आएगा।
Mat 24:43 परन्‍तु यह जान लो कि यदि घर का स्‍वामी जानता होता कि चोर किस पहर आएगा, तो जागता रहता और अपने घर में सेंध लगने न देता।
Mat 24:44 इसलिये तुम भी तैयार रहो, क्‍योंकि जिस घड़ी के विषय में तुम सोचते भी नहीं हो, उसी घड़ी मनुष्य का पुत्र आ जाएगा।
Mat 24:45 सो वह विश्वासयोग्य और बुद्धिमान दास कौन है, जिसे स्‍वामी ने अपने नौकर चाकरों पर सरदार ठहराया, कि समय पर उन्‍हें भोजन दे?
Mat 24:46 धन्य है, वह दास, जिसे उसका स्‍वामी आकर ऐसा की करते पाए।
Mat 24:47 मैं तुम से सच कहता हूं वह उसे अपनी सारी संपत्ति पर सरदार ठहराएगा।
Mat 24:48 परन्‍तु यदि वह दुष्‍ट दास सोचने लगे, कि मेरे स्‍वामी के आने में देर है।
Mat 24:49 और अपने साथी दासों को पीटने लगे, और पियक्कड़ों के साथ खाए पीए।
Mat 24:50 तो उस दास का स्‍वामी ऐसे दिन आएगा, जब वह उस की बाट न जोहता हो।
Mat 24:51 और ऐसी घड़ी कि वह न जानता हो, और उसे भारी ताड़ना देकर, उसका भाग कपटियों के साथ ठहराएगा: वहां रोना और दांत पीसना होगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ९४-९६
  • रोमियों १५:१४-३३

सोमवार, 15 अगस्त 2011

अदृश्य सहायक

जोआना एम्ब्रोसियस एक गरीब किसान की पत्नी थी जो १९वीं शताबदी के अन्तिम समयों में जर्मनी में रहते थे। वे दोनो पति-पत्नि बाहर की दुनिया के विष्य में बहुत कम जानते थे और संपर्क रखते थे। जोआना का हृदय कवि का हृदय था। वह अपने जीवन के उतार चढ़ाव और परमेश्वर पर अपने भरोसे और आनन्द को कविताओं मे व्यक्त करती रहती थी। किसी रीति से उसकी लिखी कुछ पंक्तियाँ प्रकाशित हो गईं और जर्मनी की रानी के पास तक पहुँच गईं। उन पंक्तियों के सौन्दर्य से प्रभावित होकर रानी ने कवि को ढूँढ निकलने का आदेश दिया। जब रानी को जोआना और उसकी तंगहाली का पता चला, तो रानी ने जोआना के प्रति अपने प्रेम को दर्शाने के लिए ना केवल उसकी तत्कालीन आवश्यक्ताओं की पूर्ति करी वरन उसे आजीवन पेंशन दिये जाने का आदेश भी ज़ारी किया।

परमेश्वर कभी कभी कुछ लोगों को ऐसे स्थानों में अपनी सेवकाई के लिए भेजता है जो बहुत छोटी और अनजान होती हैं, जहाँ उन सेवकों को कभी कोई मान नहीं देता और ना ही उनके द्वारा करी गई किसी सहायता के लिए अपनी कृतज्ञता दिखाता है। लेकिन परमेश्वर सब कुछ देखता है, दूसरों की सहायतार्थ हम जो भी कार्य करते हैं, उसे उनका पूरा संज्ञान रहता है, और हमारा कोई परिश्रम ऐसा नहीं है जो व्यर्थ जाएगा, जिसके लिए परमेश्वर हमें प्रतिफल नहीं देगा। वह हमारे संघर्षों को भी जानता है, हमारे बोझों से भी अनजान नहीं है और हमारी विश्वासयोग्यता का स्तर भी उससे छिपा नहीं रहता। हमारी जीवन यात्रा में वह हमारी देखभाल करता रहता है और अपने दूसरे आगमन पर सब को उनका योग्य प्रतिफल देगा।

परमेश्वर हमारे काम और प्रेम को कभी भूलता नहीं। न केवल वर्तमान में वह हमारा अदृश्य सहायक है, वरन अनन्त भविष्य के लिए भी उसकी सहायता हमारे लिए बनी हुई है। इस जीवन से सेवा-निवृति के बाद अनन्तकाल की पेंशन उसके प्रत्येक विश्वासी के लिए तय तथा निशचित है। - पौल वैन गोर्डर


परमेश्वर के लिए कार्य कीजिए; वेतन चाहे अभी कम भी लगे, लेकिन सेवा-निवृति राशि आलौकिक है।

क्‍योंकि परमेश्वर अन्यायी नहीं, कि तुम्हारे काम, और उस प्रेम को भूल जाए, जो तुम ने उसके नाम के लिये इस रीति से दिखाया, कि पवित्र लोगों की सेवा की, और कर रहे हो। - इब्रानियों ६:१०


बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों ३:७-१५

1Co 3:7 इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्‍तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है।
1Co 3:8 लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं; परन्‍तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्र्म के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा।
1Co 3:9 क्‍योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो।
1Co 3:10 परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्त्री की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रद्दा रखता है, परन्‍तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है।
1Co 3:11 क्‍योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता।
1Co 3:12 और यदि कोई इस नेव पर सोना या चान्‍दी या बहुमोल पत्थर या काठ या घास या फूस का रद्दा रखता है।
1Co 3:13 तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा, क्‍योंकि वह दिन उसे बताएगा; इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा: और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है?
1Co 3:14 जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा।
1Co 3:15 और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्‍तु जलते जलते।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ९१-९३
  • रोमियों १५:१-१३

रविवार, 14 अगस्त 2011

परमेश्वर पिता की विश्वासयोग्यता

हडसन टेलर, जो China Inland Mission के संस्थापक थे, ने अपनी डायरी में लिखा: "हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता बहुत अनुभवी पिता है। वह भली भांति जानता है कि उसके बच्चे जब प्रातः उठते हैं तो वे भूखे होते हैं, वह सदैव उनके लिए प्रातः का नाशता उपलब्ध रखता है, और उन्हें रात को भूखे भी नहीं सोने देता है। वह ४० वर्ष तक बियाबान की यात्रा में ३० लाख इस्त्राएलियों को प्रतिदिन उनका भोजन पानी उपलब्ध कराता रहा। हम यह नहीं कहते कि वह ३० लाख मिशनरियों को चीन में सेवकाई के लिए भेजेगा, लेकिन यदि वह भेजे भी, तो विश्वास रखो कि उन सब के जीवन की आवश्यक्ताओं के लिए उसके पास पर्याप्त व्यवस्था भी होगी। परमेश्वर का कार्य यदि परमेश्वर के तरीके से किया जाए तो उसमें कभी परमेश्वर के संसाधनों की घटी नहीं होगी।"

हडसन टेलर को परमेश्वर की विश्वासयोग्यता में अटूट विश्वास था, और परमेश्वर ने कभी उसके विश्वास को टूटने नहीं दिया, जो कार्य टेलर ने आरंभ किया परमेश्वर ने उसे अद्भुत रीति से संभाला और स्थापित किया। हम कमज़ोर हैं किंतु हमारा स्वर्गीय पिता सर्वसामर्थी है; हमारी भावनाएं बदल सकती हैं परन्तु वह सदा स्थिर रहता है, कभी नहीं बदलता। सारी सृष्टी उसकी स्थिरता और विश्वासयोग्यता का प्रमाण है।

प्रेरित पौलुस ने उसके विष्य में लिखा:"परमेश्वर सच्‍चा है, जिस ने तुम को अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाया है।" (१ कुरिन्थियों १:९)। मसिही विश्वासी के लिए वर्तमान के लिए उसकी सामर्थ और भविष्य के लिए उसकी आशा उसकी अपनी योग्यता, कौशल और सामर्थ पर निर्भर नहीं, वरन परमेश्वर की विश्वासयोग्यता पर निर्भर है।

जीवन के हर मोड़ पर हर परिस्थिति के लिए प्रत्येक विश्वासी अपने पिता की विश्वासयोग्यता पर बिना झिझके भरोसा रख सकता है। - पौल वैन गोर्डर


जो अपने आप को परमेश्वर के हाथों में छोड़ देता है, परमेश्वर उसे कभी असहाय नहीं छोड़ता।

हम मिट नहीं गए, यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है। - विलपगीत ३:२२, २३


बाइबल पाठ: भजन १०७:१-१५

Psa 107:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है और उसकी करूणा सदा की है!
Psa 107:2 यहोवा के छुड़ाए हुए ऐसा ही कहें, जिन्हें उस ने द्रोही के हाथ से दाम देकर छुड़ा लिया है,
Psa 107:3 और उन्हें देश देश से पूरब- पश्चिम, उत्तर और दक्खिन से इकट्ठा किया है।
Psa 107:4 वे जंगल में मरूभूमि के मार्ग पर भटकते फिरे, और कोई बसा हुआ नगर न पाया;
Psa 107:5 भूख और प्यास के मारे, वे विकल हो गए।
Psa 107:6 तब उन्होंने संकट में यहोवा की दोहाई दी, और उस ने उनको सकेती से छुड़ाया;
Psa 107:7 और उनको ठीक मार्ग पर चलाया, ताकि वे बसने के लिये किसी नगर को जा पहुंचें।
Psa 107:8 लोग यहोवा की करूणा के कारण, और उन आश्चर्यकर्मों के कारण, जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें!
Psa 107:9 क्योंकि वह अभिलाषी जीव को सन्तुष्ट करता है, और भूखे को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है।
Psa 107:10 जो अन्धियारे और मृत्यु की छाया में बैठे, और दु:ख में पड़े और बेड़ियों से जकड़े हुए थे,
Psa 107:11 इसलिये कि वे ईश्वर के वचनों के विरूद्ध चले, और परमप्रधान की सम्मति को तुच्छ जाना।
Psa 107:12 जब उसने उनको कष्ट के द्वारा दबाया; वे ठोकर खाकर गिर पड़े, और उनको कोई सहायक न मिला।
Psa 107:13 तब उन्होंने संकट में यहोवा की दोहाई दी, और उस ने सकेती से उनका उद्धार किया;
Psa 107:14 उस ने उनको अन्धियारे और मृत्यु की छाया में से निकाल लिया और उनके बन्धनों को तोड़ डाला।
Psa 107:15 लोग यहोवा की करूणा के कारण, और उन आश्चर्यकर्मों के कारण जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें!

एक साल में बाइबल:
  • भजन ८९-९०
  • रोमियों १४

शनिवार, 13 अगस्त 2011

परमेश्वर के उद्देश्य

एक युवती को बहुत दुख हुआ जब उसकी मंगनी टूट गई और जिस से उसकी शादी तय हुई थी उस से सारे संबंध समाप्त हो गए। लेकिन आज वह उस दुख की घड़ी के लिए परमेश्वर की धन्यवादी है, उस को आनन्द से याद करती है। अब जो उसका पति है वह एक अच्छा मसीही जीवन साथी है, जबकि जिससे उसकी मंगनी टूटी थी वह बहुत लापरवाह निकला और अब तक दो बार उसका तलाक हो चुका है।

परमेश्वर के वचन बाइबल में एक पुस्तक है होशे की पुस्तक। होशे उस परमेश्वर के नबी का नाम है जिसके द्वारा परमेश्वर ने वह पुस्तक लिखवाई थी। जब पुस्तक लिखे जाने का समय आया तो परमेश्वर ने होशे के द्वारा उसके जीवन की आप बीती लिखवाई। लिखने के समय होशे ने अपने बीते समय को जिस परिपेक्ष में देखा वह उससे भिन्न था जिसमें उसने उन घटानाओं के घटित होते समय देखा था। होशे से परमेश्वर ने गोमेर नामक एक स्त्री से ब्याह करने को कहा। ब्याह के कुछ समय बाद गोमेर ने होशे को छोड़ दिया, वह पराए पुरषों के साथ रहने लगी और उनसे उसे सन्तान भी हुई और वह वेश्यवृति में भी पड़ गई। एक टूटे हृदय के साथ होशे परमेश्वर के कार्य भी करता रहा और गोमेर के फिर बदले जाने और फिर से मिलन की लालसा रखे हुए उसके प्रति अपने प्रेम को बनाए भी रहा।

अन्ततः होशे गोमेर को मुक्त करवा के वापस उसे घर ले कर आ सका। यह सब कुछ परमेश्वर और उसकी प्रजा बेवफा इस्त्राएल के संबंधों का नाटकीय चित्रण था जो इस्त्राएल के प्रति परमेश्वर के कभी न अन्त होने वाले प्रेम को दिखाता है साथ ही गोमेर के समान इस्त्राएल का परमेश्वर को तुच्छ जानने को भी दिखाता है। यह आने वाले समय में इस्त्राएल के परमेश्वर की ओर पुनः मुड़ कर फिर सदा काल तक उसके साथ बने रहने को भी दर्शाता है। मेरा मानना है कि इसी कारण होशे अपनी पुस्तक के आरंभ में ही कह सका कि परमेश्वर ने अपने अद्भुत उद्देश्यों और भविष्य ज्ञान के अन्तर्गत ही उसे गोमेर से विवाह करने की आज्ञा दी थी।

आज इस पृथ्वी पर हमें कई बातें समझ में नहीं आतीं, उन पर विस्मय होता है और लगता है कि परमेश्वर अन्याय देख कर भी खामोश है, कुछ परवाह नहीं करता। जब हम स्वर्ग पहुँचेंगे तब समझ पाएंगे कि पृथ्वी पर होने वाली घटानाओं के उद्देश्य क्या थे। परमेश्वर का धैर्य और अपने हाथ को रोके रखना अकारण नहीं है। वह नहीं चाहता कि कोई उद्धार के अवसर से वंचित रहे और कोई भी पश्चाताप करने का अवसर न मिलने की बात कहने पाए।

सभी घटनाओं में हम भजनकार के साथ कह सकते हैं: "तू सम्मति देता हुआ, मेरी अगुवाई करेगा, और तब मेरी महिमा कर के मुझ को अपने पास रखेगा।" - हर्ब वैण्डर लुग्ट


सर्वज्ञानी परमेश्वर के हाथ में अपने अनजाने भविष्य को सौंप देने से कभी न घबराएं।

तू सम्मति देता हुआ, मेरी अगुवाई करेगा, और तब मेरी महिमा कर के मुझ को अपने पास रखेगा। - भजन ७३:२४


बाइबल पाठ: २ पतरस ३:१-१८

2Pe 3:1 हे प्रियो, अब मैं तुम्हें यह दूसरी पत्री लिखता हूं, और दोनों में सुधि दिला कर तुम्हारे शुद्ध मन को उभारता हूं।
2Pe 3:2 कि तुम उन बातों को, जो पवित्र भविश्यद्वक्ताओं ने पहिले से कही हैं और प्रभु, और उद्धारकर्ता की उस आज्ञा को स्मरण करो, जो तुम्हारे प्रेरितों के द्वारा दी गई थीं।
2Pe 3:3 और यह पहिले जान लो, कि अन्‍तिम दिनों में हंसी ठट्ठा करने वाले आएंगे, जो अपनी ही अभिलाषाओं के अनुसार चलेंगे।
2Pe 3:4 और कहेंगे, उसके आने की प्रतिज्ञा कहां गई; क्‍योंकि जब से बाप-दादे सो गए हैं, सब कुछ वैसा ही है, जैसा सृष्‍टि के आरम्भ से था?
2Pe 3:5 वे तो जान बूझ कर यह भूल गए, कि परमेश्वर के वचन के द्वारा से आकाश प्राचीन काल से वर्तमान है और पृथ्वी भी जल में से बनी और जल में स्थिर है।
2Pe 3:6 इन्‍हीं के द्वारा उस युग का जगत जल में डूब कर नाश हो गया।
2Pe 3:7 पर वर्तमान काल के आकाश और पृथ्वी उसी वचन के द्वारा इसलिये रखे हैं, कि जलाए जाएं और वह भक्तिहीन मनुष्यों के न्याय और नाश होने के दिन तक ऐसे ही रखे रहेंगे।
2Pe 3:8 हे प्रियों, यह एक बात तुम से छिपी न रहे, कि प्रभु के यहां एक दिन हजार वर्ष के बराबर है, और हजार वर्ष एक दिन के बराबर हैं।
2Pe 3:9 प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कितने लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता, कि कोई नाश हो, वबरन यह कि सब को मन फिराव का अवसर मिले।
2Pe 3:10 परन्‍तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्‍द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त होकर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे।
2Pe 3:11 तो जब कि ये सब वस्‍तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए।
2Pe 3:12 और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्‍न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्‍त होकर गल जाएंगे।
2Pe 3:13 पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धामिर्कता वास करेगी।
2Pe 3:14 इसलिये, हे प्रियो, जब कि तुम इन बातों की आस देखते हो तो यत्‍न करो कि तुम शान्‍ति से उसके साम्हने निष्‍कलंक और निर्दोष ठहरो।
2Pe 3:15 और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसे हमारे प्रिय भाई पौलुस न भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है।
2Pe 3:16 वैसे ही उस ने अपनी सब पत्रियों में भी इन बातों की चर्चा की है जिन में कितनी बातें ऐसी है, जिनका समझना कठिन है, और अनपढ़ और चंचल लोग उन के अर्थों को भी पवित्र शास्‍त्र की और बातों की नाईं खींच तान कर अपने ही नाश का कारण बनाते हैं।
2Pe 3:17 इसलिये हे प्रियो तुम लोग पहिले ही से इन बातों को जान कर चौकस रहो, ताकि अधमिर्यों के भ्रम में फंस कर अपनी स्थिरता को हाथ से कहीं खो न दो।
2Pe 3:18 पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ८७-८८
  • रोमियों १३