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बुधवार, 12 अक्टूबर 2011

कोई और कर लेगा!

   जैसे ही मैंने मोड़ काटा, मेरी गाड़ी की रौशनी एक महिला पर पड़ी जो बड़ी व्याकुलता से अपने हाथ हिला कर रुकने का इशारा कर रही थी। दिन भर के कार्य के बाद मैं और मेरी पत्नि दोनो बहुत थके हुए थे, रात बहुत हो चुकी थी, बाहर ठंडा भी था, और पिछली सीट पर हमारा बेटा सो रहा था और सुबह उठकर मुझे एक क्लास लेनी थी। मैं रुकना नहीं चाह रहा था; मैंने कहा, "उसकी सहायता राह पर आता हुआ कोई और कर लेगा"; लेकिन मेरा विवेक नहीं माना और मैंने गाड़ी रोक ली - और यह बहुत अच्छा हुआ। उस महिला की गाड़ी में चार बच्चे बेहोश पड़े थे; उसकी गाड़ी में खराबी के कारण गाड़ी चलती गाड़ी में से धुंआ अन्दर आने लगा था जिससे बच्चे बेहोश हो गए थे। जल्दी से हमने उन्हें अपनी गाड़ी में डाला और निकट के अस्पताल ले गए, जहाँ तुरंत इलाज पाकर वे ठीक हो सके।

   बहुत से ज़रूरी काम ऐसे ही रह जाते हैं। एक वृद्ध दम्पति हैं जो अब गाड़ी नहीं चला पाते; इस कारण महीनों से वे चर्च नहीं आ पाए और किसी ने उन्हें अपने साथ ले कर आने की पेशकश नहीं करी। एक विधवा अकेली रहती है, बीमार है; वह चाहती है कि कोई आवश्यक सामान दुकान से खरीदने में और उसे चर्च लाने-लेजाने में उसकी सहायता कर दे, लेकिन कोई नहीं करता। मैं परेशान होता हूँ कि क्यों कोई किसी की सहायता नहीं करता? फिर मुझे उस रात की अपनी पहली प्रतिक्रिया स्मरण हो आती है, "कोई और कर लेगा।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों के नाम लिखी पत्री में इसका समाधान दिया गया है - "प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें" (इब्रानियों १०:२४)। मसीही विश्वासी होने के नाते हम भले उदाहरण बन सकते हैं - हम वह "कोई और" बन सकते हैं। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

जब दूसरों के लिए कार्य करने की बात आती है, कुछ लोग खड़े ही रह जाते हैं।

प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें। - इब्रानियों १०:२४
 
बाइबल पाठ: इब्रानियों १०:१९-२५
    Heb 10:19  सो हे भाइयो, जब कि हमें यीशु के लोहू के द्वारा उस नए और जीवते मार्ग से पवित्र स्थान में प्रवेश करने का हियाव हो गया है।
    Heb 10:20  जो उस ने परदे अर्थात अपने शरीर में से होकर, हमारे लिये अभिषेक किया है,
    Heb 10:21  और इसलिये कि हमारा ऐसा महान याजक है, जो परमेश्वर के घर का अधिकारी है।
    Heb 10:22  तो आओ हम सच्‍चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवा कर परमेश्वर के समीप जाएं।
    Heb 10:23  और अपनी आशा के अंगीकार को दृढ़ता से थामें रहें; क्‍योंकि जिस ने प्रतिज्ञा किया है, वह सच्‍चा है।
    Heb 10:24  और प्रेम, और भले कामों में उक्साने के लिये एक दूसरे की चिन्‍ता किया करें।
    Heb 10:25  और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३९-४० 
  • कुलुस्सियों ४

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2011

कार्य बोलते हैं

   साधारणत्या हम उन्हें ही प्रचारक समझते हैं जो किसी मंच से प्रचार करते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि हम सब दिन प्रतिदिन "प्रचार" करते रहते हैं। हमारे विष्य में जो कुछ लोग देखते हैं, वही हमारा प्रचार है। किसी ने कहा, "आपके कार्य इतना ऊँचा बोलते हैं कि आप के मुँह से निकले बोल सुनाई ही नहीं देते।"

   सबसे अच्छा प्रचार कार्यों द्वारा ही होता है, मुख से नहीं। जब बिना कुछ कहे हम वह करते हैं जो सही है, तो भलाई के लिए उसका प्रभाव उस बात से कहीं अधिक होता है जो हम दुसरों से करने को केवल कहते भर हैं।

   बहुत से माता-पिता अपने बच्चों को सिखाते समय इस महत्वपूर्ण बात को नज़रन्दाज़ कर देते हैं। कई मसीही माता-पिता भी अपने बच्चों को परमेश्वर, मसीह यीशु द्वारा उद्धार आदि के बारे में बताने के बाद उनसे भले कामों की आशा तो रखते हैं - लेकिन यह भूल जाते हैं कि उनके व्यक्तिगत जीवन के उदाहरण, अपने बच्चों से करी गई उनकी आशा से मेल नहीं खाते। लेकिन कई मसीही परिवारों में माता-पिता यह सुनिश्चित करते हैं कि जो वे अपने बच्चों को सिखा रहे हैं, उनका निज जीवन भी उसी के अनुरूप हो। उनका यह अनुसरणीय जीवन उनके बच्चों के लिए कथनी को करनी में परिवर्तित करने का स्पष्ट मार्गदर्शक होता है।

   पौलुस प्रेरित ने थिस्सलुनीके के विश्वासियों की, उस उदाहरण के लिए जो उन्होंने प्रदर्शित किया था, सरहना करी (१ थिस्सलुनिकियों १:७)। उन विश्वासियों के कार्य उनके विश्वास के अनुरूप थे। उन के समान आज हमें भी अपने जीवनों में परमेश्वर की प्रगट इच्छा के अनुरूप कार्य करते रहने वाला होना चाहिए।

   आप मानिए या ना मानिए, लेकिन वास्तविकता यही है कि हमारे कार्य बोलते हैं। - रिचर्ड डी हॉन


प्रत्येक मसीही विश्वासी को एक चलता-फिरता "प्रचार" होना चाहिए।

यहां तक कि मकिदुनिया और आखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने। - १ थिस्सलुनिकियों १:७

बाइबल पाठ: १ थिस्सलुनिकियों १
    1Th 1:1  पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्‍सलुनिकियों की कलीसिया के नाम जो परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु मसीह में है। अनुग्रह और शान्‍ति तुम्हें मिलती रहे।
    1Th 1:2  हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
    1Th 1:3  और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
    1Th 1:4  और हे भाइयो, परमेश्वर के प्रिय लोगों हम जानतें हैं, कि तुम चुने हुए हो।
    1Th 1:5  क्‍योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन सामर्थ और पवित्र आत्मा, और बड़े निश्‍चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
    1Th 1:6  और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्‍द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे।
    1Th 1:7  यहां तक कि मकिदुनिया और आखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने।
    1Th 1:8  क्‍योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और आखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं।
    1Th 1:9  क्‍योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्हारे पास हमारा आना कैसा हुआ और तुम क्‍योंकर मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरे ताकि जीवते और सच्‍चे परमेश्वर की सेवा करो।
    1Th 1:10  और उसके पुत्र के स्‍वर्ग पर से आने की बाट जोहते रहो जिसे उस ने मरे हुओं में से जिलाया, अर्थात यीशु की, जो हमें आने वाले प्रकोप से बचाता है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३७-३८ 
  • कुलुस्सियों ३

सोमवार, 10 अक्टूबर 2011

मन श्रेष्ठ करना


   एक बालक - ली शार्प, अपने पिता एड शार्प के साथ गाँव के लुहार की दुकान पर खेत में प्रयोग होने वाले उपकरण की मरम्मत कराने के लिए गया। जब लुहार ने काम कर दिया तो पिता ने पूछा कि मरम्मत करने के कितने पैसे हुए? लुहार ने कहा, "नहीं इसका कोई पैसा नहीं, मैंने यह कार्य अपनी खुशी के लिए किया है।" लेकिन जब पिता कुछ मेहनताना देने की ज़िद करने लगा तो अन्ततः लुहार ने कहा, "एड, क्या तुम किसी को कुछ भलाई केवल उसकी अपनी खुशी के लिए नहीं करने दे सकते?" बड़े हो कर ली शार्प ने अपने बचपन की इस शिक्षा के बारे में लिखा, "उस नम्र और प्रेमी लुहार के मुँह से मिला थोड़े शब्दों का यह बड़ा संदेश मेरे जीवन में बार बार उस बड़े आनन्द और शांति का कारण रहा है जो दूसरों के लिए कुछ करने से आती है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल की नीतिवचन पुस्तक के ११वें अध्याय में ऐसे ही दया और करुणा के लिए अपने मन को विशाल करने के अनुभव के बारे में बताया गया है। अपनी पुस्तक Tha Pulpit Commentary में एडनी लेखते हैं, "दया करने वाला, दया करने से ही आशीशित हो जाता है; यह प्रकृति का नियम है कि दया का आरंभ आत्म-त्याग के दर्द से होता है, लेकिन शीघ्र ही यह भीतरी शांति और आनन्द के प्रतिफल ले आती है। दया करना मन को उठाने वाला और श्रेष्ठता प्रदान करने वाला कर्य होता है।"

   नीतिवचन ११:१७ बताता है कि हर कृपालु और प्रेम रखने वाला मनुष्य इस बात के उत्तम प्रतिफलों का आनन्द लेता है, क्योंकि ऐसा करने में उत्तम प्रतिफल निहित हैं, और यह मन को उभारने और श्रेष्ठ करने का अद्भुत तरीका है। - रिचर्ड डी हॉन


जो दूसरों के लिए भले रहते हैं, वे अपने लिए और भी भले हो जाते हैं।

कृपालु मनुष्य अपना ही भला करता है, परन्तु जो क्रूर है, वह अपनी ही देह को दु:ख देता है। - नीतिवचन ११:१७

बाइबल पाठ: नीतिवचन ११:१७-२५
    Pro 11:17  कृपालु मनुष्य अपना ही भला करता है, परन्तु जो क्रूर है, वह अपनी ही देह को दु:ख देता है।
    Pro 11:18  दुष्ट मिथ्या कमाई कमाता है, परन्तु जो धर्म का बीज बोता, उसको निश्चय फल मिलता है।
    Pro 11:19  जो धर्म में दृढ़ रहता, वह जीवन पाता है, परन्तु जो बुराई का पीछा करता, वह मृत्यु का कौर हो जाता है।
    Pro 11:20  जो मन के टेढ़े है, उन से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु वह खरी चाल वालों से प्रसन्न रहता है।
    Pro 11:21  मैं दृढ़ता के साथ कहता हूं, बुरा मनुष्य निर्दोष न ठहरेगा, परन्तु धर्मी का वंश बचाया जाएगा।
    Pro 11:22  जो सुन्दर स्त्री विवेक नहीं रखती, वह थूथन में सोने की नत्थ पहिने हुए सूअर के समान है।
    Pro 11:23  धमिर्यों की लालसा तो केवल भलाई की होती है; परन्तु दुष्टों की आशा का फल क्रोध ही होता है।
    Pro 11:24  ऐसे हैं, जो छितरा देते हैं, तौभी उनकी बढ़ती ही होती है; और ऐसे भी हैं जो यथार्थ से कम देते हैं, और इस से उनकी घटती ही होती है।
    Pro 11:25  उदार प्राणी हृष्ट पुष्ट हो जाता है, और जो औरों की खेती सींचता है, उसकी भी सींची जाएगी।
 
एक साल में बाइबल: यशायाह ३४-३६ कुलुस्सियों २

रविवार, 9 अक्टूबर 2011

विलंब

   क्या कभी आप के साथ ऐसा हुआ कि आपने किसी के लिए कष्ट सह कर उसका कुछ भला किया और ना किसी ने उस भलाई की परवाह करी और ना ही किसी ने आपकी इस भलाई को जाना हो? जब ऐसा होता है तो कितना बुरा लगता है ना? कम से कम मेरी प्रतिक्रिया तो यही होती है। कभी कभी मैं सोचता हूँ कि किसी के लिए कष्ट सह कर भला करने से कोई लाभ है? लेकिन बिना प्रतिफल की इच्छा के भलाई किये जाना, यही परमेश्वर के साथ बने रहने वालों की जीवन शैली है। मसीही विश्वासी होने के नाते हमें अपने द्वारा करी गई भलाई के लिए तुरंत प्रतिफल की इच्छा या आशा नहीं रखनी चाहिए। परमेश्वर चाहता है कि हम इस बात को स्मरण रखें कि वह हर बात को जानता है और सही समय पर सही रीति और बहुतायत से हर भलाई का प्रतिफल देगा।

   अखबार में छपे एक समाचार ने मेरा ध्यान ऐसे विलंब से मिलने वाले प्रतिफल की ओर खींचा। एक कार विक्रेता ने विदेश से आए एक छात्र को एक नई गाड़ी बहुत कम मुनाफे पर और सस्ते में बेची। पन्द्राह वर्ष बाद यह छात्र इरानी ठेकेदारों के संघ के लिए सौदे करने वाला एकमात्र एजेंट बना। उसने उस कार विक्रेता के प्रति अपनी कृतज्ञता उसे ७५० भारी सामान ढोने वाले विशाल ट्रकों और ३५० लौरियों का ठेका दिलवा कर प्रगट करी।

   जैसे उस कार विक्रेता का प्रतिफल विलंब से आया किंतु जब आया तो उसकी कलपना से परे था, वैसे ही परमेश्वर भी हमें प्रतिफल देगा। यदि हमारा उद्देश्य है मात्र यह है कि जिनके प्रति हम भलाई करें, वे तुरंत ही उसके लिए हमें धन्यवाद का प्रतिफल दे दें, तो हमने अपना प्रतिफल मनुष्यों से पा लिया। किंतु यदि हम भलाई परमेश्वर के नाम से और परमेश्वर के अनुयायी होने के कारण करते हैं तो प्रतिफल भी परमेश्वर के हाथों में छोड़ दें, क्योंकि "जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ी वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं" (१ कुरिन्थियों २:९); उसके समय में, हमारे प्रतिफल भी उसकी उदारता और महानता के अनुसार ही होंगे। - मार्ट डी हॉन


जो मनुष्यों से प्रतिफल की आशा रखते हैं, उनके लिए परमेश्वर से प्रतिफल की आशा नहीं है।

...तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा। - मत्ती ६:४
 
बाइबल पाठ: मत्ती ६:१-६
    Mat 6:1  सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे।
    Mat 6:2  इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके।
    Mat 6:3  परन्‍तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए।
    Mat 6:4  ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।
    Mat 6:5  और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्‍योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े होकर प्रार्थना करना उन को अच्‍छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके।
    Mat 6:6  परन्‍तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा, और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३२-३३ 
  • कुलुस्सियों १

शनिवार, 8 अक्टूबर 2011

शान्ति से परिपूर्ण जीवन

   चीन में मिशनरी कार्य करने वाले हड्सन टेलर से मिलने एक पास्टर पहुँचे। टेलर के कार्य के बोझ और फिर भी सदा उन के शान्त बने रहने को देख कर वह पास्टर आश्चर्यचकित थे। एक दिन हिम्मत बांध कर उन्होंने टेलर से कहा, "आप पर लाखों की देख-रेख का बोझ है, मुझ पर कुछ गिने-चुने हुओं का ही; आपको कितने ही अति आवश्यक पत्र लिखने पड़ते हैं, मुझे थोड़े से ही और कम महत्व के। फिर भी मैं चिंतित और परेशान रहता हूँ लेकिन आप सदा शान्त रहते हैं। आपकी इस शान्ति का रहस्य क्या है?" टेलर ने उत्तर दिया, "यदि परमेश्वर की वह शान्ति जो समझ से परे है मेरे हृदय में बसी न हो तो मैं अपना कार्य कभी पूरा नहीं कर सकता।" बाद में उस पास्टर ने टेलर के विष्य में लिखा, "वे सदा परमेश्वर में बने रहते थे, और परमेश्वर उन में। युहन्ना १५ में प्रभु यीशु द्वारा कही गई परमेश्वर में बने रहने की बात के वे सजीव और सच्चे उदाहरण थे।"

   यदि हम चिंतित, अशान्त और भयभीत होते हैं और उस शान्ति की लालसा रखते हैं जिसके बारे में प्रभु यीशु ने अपने चेलों से कहा, तो हड्सन टेलर के समान हमें मसीह में बने रहने का पालन करना चहिए। इसका तात्पर्य है कि हम लगातार मसीह के सम्पर्क में रहें, जिससे उसका शान्त स्वभाव हमारे जीवनों को प्रभावित करता रहे। मसीह में बने रहने के मार्ग का आरंभ होता है हर ऐसे पाप का अंगीकार कर लेने से, जिस के बारे में हम जानते हों, और उसकी क्षमा मांग कर उसका तिरिस्कार कर लेने द्वारा; इसके बाद अपने आप को पूर्णतः उसे समर्पित करके हर बात में विश्वासयोग्यता से उसकी ओर देखना और उसी की सामर्थ द्वारा सब कुछ करना। अर्थात सदा सर्वदा हर बात के लिए पूर्णतः उस पर निर्भर रहना।

   यदि हम मसीह में बने रहना सीख लेंगे तो शान्ति के आनन्द से भरा जीवन बिताने वाले हो जाएंगे। - हर्ब वैण्डर लुग्ट

जब मसीह मन में राज्य करेगा, तो मन शान्ति से भर जाएगा।

मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे। - युहन्ना १४:२७
 
बाइबल पाठ: १४:२७-१५-७
    Joh 14:27  मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
    Joh 14:28  तुम ने सुना, कि मैं ने तुम से कहा, कि मैं जाता हूं, और तुम्हारे पास फिर आता हूं: यदि तुम मुझ से प्रेम रखते, तो इस बात से आनन्‍दित होते, कि मैं पिता के पास जाता हूं क्‍योंकि पिता मुझ से बड़ा है।
    Joh 14:29  और मैं ने अब इस के होने के पहिले तुम से कह दिया है, कि जब वह हो जाए, तो तुम प्रतीति करो।
    Joh 14:30  मैं अब से तुम्हारे साथ और बहुत बातें न करूंगा, क्‍योंकि इस संसार का सरदार आता है, और मुझ में उसका कुछ नहीं।
    Joh 14:31  परन्‍तु यह इसलिये होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।
    Joh 15:1  सच्‍ची दाखलता मैं हूं और मेरा पिता किसान है।
    Joh 15:2  जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले।
    Joh 15:3  तुम तो उस वचन के कारण जो मैं ने तुम से कहा है, शुद्ध हो।
    Joh 15:4  तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
    Joh 15:5  में दाखलता हूं: तुम डालियां हो; जो मुझ में बना रहता है, और मैं उस में, वह बहुत फल फलता है, क्‍योंकि मुझ से अलग होकर तुम कुछ भी नहीं कर सकते।
    Joh 15:6  यदि कोई मुझ में बना न रहे, तो वह डाली की नाई फेंक दिया जाता, और सूख जाता है, और लोग उन्‍हें बटोर कर आग में झोंक देते हैं, और वे जल जाती हैं।
    Joh 15:7  यदि तुम मुझ में बने रहो, और मेरी बातें तुम में बनी रहें तो जो चाहो मांगो और वह तुम्हारे लिये हो जाएगा।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३०-३१ 
  • फिलिप्पियों ४

शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2011

जोखिम

   मेरा एक मित्र ने, मुख्य राजमार्ग पर गाड़ी चलाते हुए, एक खतरनाक परिस्थिति देखी - एक ट्रक चालक ने मार्ग पर लापरवाही से चल रहे एक दूसरे चालक को बचाने के लिए अपनेर ट्रक को तेज़ी से एक तरफ काटा, और मार्ग के किनारे की बाड़ से टकरा गया। ट्रक की तेल टांकी से तेल रिसने लगा। किसी भी क्षण आग लग सकती थी और विस्फोट हो सकता था। मेरा मित्र अपनी गाड़ी से निकला और दौड़ कर ट्रक चालक के पास पहुँचा, जो बेसुध हो गया था, और उसे खींच कर बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर इलाज के लिए ले गया। मेरा मित्र वर्तमान का "नेक सामरी" बना, जिसने अपने "पड़ौसी" की सहायता के लिए अपनी जान का जोखिम उठाया।

   प्रभु यीशु द्वारा दिये गए "नेक सामरी" के दृष्टांत में उन्होंने समझाया कि हमारा "पड़ौसी" कौन है - हर वह व्यक्ति जिसे हमारी सहयता की अवश्यक्ता है। इस कथा में, एक सामरी व्यक्ति ने यरुशलेम से यरीहो के मार्ग में डाकुओं द्वारा लूट और पीट कर अधमरा कर के छोड़ दिए गए यहूदी की सहायता करी, यद्यपि यहूदी लोग सामरियों से नफरत करते थे। उस मार्ग पर सहायता के लिए रुक कर, सामरी ने अपनी जान का जोखिम भी उठाया क्योंकि डाकू उसे भी लूट-पीट कर वैसा ही कर सकते थे। उसने अपने "पड़ौसी" की सहायता के लिए अपनी जान जोखिम में डाली।

   यदि हम प्रभु यीशु द्वारा लूका १०:२५-३७ में दी गई इस कथा को गंभीरता से लेते हैं तो हम भी अपने समय और साधनो द्वारा दूसरों की सहायता करेंगे। हो सकता है कि हमारे पास कुछ रोमांचकारी करने का अवसर ना हो, लेकिन सहायता के अवसर अवश्य होंगे; जैसे, किसी निराश व्यक्ति के साथ बैठ कर उसका ढाढस बंधाना, एड्स से पीड़ित किसी व्यक्ति को सांत्वना देना, गलतफहमी के शिकार किसी भोले और सही व्यक्ति की सच्चाई उजागर करने का प्रयास करना, आदि। दूसरों के साथ दया और हमदर्दी का बर्ताव करके हम परमेश्वर द्वारा हम पर करी गई दया और उससे मिले उद्धार के लिए उसके प्रति धन्यवादी हो सकते हैं; परमेश्वर से मिले नए स्वभाव को प्रदर्शित कर सकते हैं। जब हम दूसरों की सहायता के लिए हाथ बढ़ाते हैं तो हम प्रभु यीशु के प्रति अपनी आज्ञाकरिता को और परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम को प्रकट करते हैं।

   अपने "पड़ौसी" की सहायता के लिए जोखिम उठाना भला जोखिम है, इसे उठाने से डरिए नहीं। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


हम कितना त्याग करने को तैयार रहते हैं, यही हमारे प्रेम का नाप है।

खराई से न्याय चुकाना, और एक दूसरे के साथ कृपा और दया से काम करना, न तो विधवा पर अन्धेर करना, न अनाथों पर, न परदेशी पर, और न दीन जन पर; और न अपने अपने मन में एक दूसरे की हानि की कल्पना करना। - ज़कर्याह ७:९, १०
 
बाइबल पाठ: लूका १०:२५-३७
    Luk 10:25  और देखो, एक व्यवस्थापक उठा और यह कह कर, उस की परीक्षा करने लगा कि हे गुरू, अनन्‍त जीवन का वारिस होने के लिये मैं क्‍या करूं?
    Luk 10:26  उस ने उस से कहा; कि व्यवस्था में क्‍या लिखा है? तू कैसे पढ़ता है?
    Luk 10:27  उस ने उत्तर दिया, कि तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन और अपने सारे प्राण और अपनी सारी शक्ति और अपनी सारी बुद्धि के साथ प्रेम रख और अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख।
    Luk 10:28  उस ने उस से कहा, तू ने ठीक उत्तर दिया है, यही कर: तो तू जीवित रहेगा।
    Luk 10:29  परन्‍तु उस ने अपनी तईं धर्मी ठहराने की इच्‍छा से यीशु से पूछा, तो मेरा पड़ोसी कौन है?
    Luk 10:30  यीशु ने उत्तर दिया, कि एक मनुष्य यरूशलेम से यरीहो को जा रहा था, कि डाकुओं ने घेर कर उसके कपड़े उतार लिए, और मार-पीट कर उसे अधमूआ छोड़कर चले गए।
    Luk 10:31  और ऐसा हुआ कि उसी मार्ग से एक याजक जा रहा था: परन्‍तु उसे देख के कतरा कर चला गया।
    Luk 10:32  इसी रीति से एक लेवी उस जगह पर आया, वह भी उसे देख के कतरा कर चला गया।
    Luk 10:33  परन्‍तु एक सामरी यात्री वहां आ निकला, और उसे देख कर तरस खाया।
    Luk 10:34  और उसके पास आकर और उसके घावों पर तेल और दाखरस डाल कर पट्टियां बान्‍धी, और अपनी सवारी पर चढ़ा कर सराय में ले गया, और उस की सेवा टहल की।
    Luk 10:35  दूसरे दिन उस ने दो दिनार निकाल कर भटियारे को दिए, और कहा, इस की सेवा टहल करना, और जो कुछ तेरा और लगेगा, वह मैं लौटने पर तुझे भर दूंगा।
    Luk 10:36  अब तेरी समझ में जो डाकुओं में घिर गया था, इन तीनों में से उसका पड़ोसी कौन ठहरा?
    Luk 10:37  उस ने कहा, वही जिस ने उस पर तरस खाया: यीशु ने उस से कहा, जा, तू भी ऐसा ही कर।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह २८-२९ 
  • फिलिप्पियों ३

गुरुवार, 6 अक्टूबर 2011

सच्चा मार्ग

   सच्चे आनन्द की खोज सदा ज़ारी रहती है। नित नई पुस्तकें प्रकाशित होती हैं जो कलह और दुखः के अन्त का दावा करती हैं। आतिष्बाज़ी के समान, जो कुछ पल को आकाश को रौशन और रंगबिरंगा कर देती  है, फिर बुझकर नीचे गिर जाती है, और आकाश वैसा ही अन्धियारा रह जाता है, ये पुस्तकें और इनकी विचारधारा भी कुछ समय को लोगों को लुभाती हैं, फिर पुस्तकें और विचारधारा लुप्त हो जाती हैं और मनुष्य उसी अन्धकार में जीवन का मार्ग और शांति तलाशता रह जाता है; जब तक कि कोई नई पुस्तक नहीं आ जाती।

   लेखक एवं दार्शनिक हेन्री थोरियु ने कहा, "यह है मनुष्य: पुस्तकों का लिखने वाला, शब्दों के जाल बुनने वाला, चित्रकार, १०,००० प्रकार के दर्शन और तत्वज्ञान प्रस्तुत करने वाला। वह अपने विचारों में मगन होता है, दूसरे के विचारों का परिहास करता है; अपने मार्ग को ही सही मानता है, दूसरे के मार्गों को गलत मानता है। लेकिन उन करोड़ों पुस्तकों में जो उसने अपने लिए लिख ली हैं, एक भी ऐसी नहीं है जो उसे यह बता सके कि चैन और आराम से एक साँस भी वह कैसे ले सकता है। मनुष्य सृष्टि का इतिहास लिख लेता है, लेकिन उसे अपना इतिहास पता नहीं होता; राष्ट्रों की नियति के निर्णय लेता है, लेकिन अपनी नियति नहीं जानता और ना ही अगले १० मिनिट के लिए भी अपने भविष्य को निर्धारित अथवा निर्देषित कर सकता है।"

   थोरियु का यह कथन सही है कि हमारी अपनी लिखीं अच्छी से अच्छी पुस्तकें अथवा हमारा अपना उचत्तम दर्शन और ज्ञान हमें स्थायी शांति दे पाने में असमर्थ है। यदि हमारे पास निर्भर होने के लिए जो है वह केवल हमारे अपने ज्ञान और प्रयास का नतीजा होता, तो हम मार्ग विहीन तथा घोर निराशा की स्थिति में होते। लेकिन संसार के इतिहास में सभी पुस्तकों से भिन्न एक पुस्तक है - परमेश्वर का वचन, बाइबल। केवल यही वह पुस्तक है जो सृष्टि के आदि से अन्त तक का इतिहास सुनाती है; मनुष्य कि पिछली दशा तथा भविष्य का हाल बताती है; चिर स्थाई एवं अनन्त स्वतंत्रता, शांति और आनन्द का सच्चा मार्ग दिखाती है, क्योंकि इस पुस्तक के लेखक वह है जिसका दावा है कि, "मार्ग और सच्‍चाई और जीवन मैं ही हूं" (युहन्ना १४:६); और आज तक इस पुस्तक की कोई बात कोई दावा कभी गलत अथवा झूठी नहीं निकली।

   जीवन का सच्चा मार्ग खोज रहे हैं? प्रभु यीशु और परमेश्वर का वचन बाइबल ही वह मार्ग है। - डेव एग्नर


जो पुस्तकें मनुष्य बनाता है और जो पुस्तक मनुष्य को बना देती है, उनमें परस्पर ज़मीन आसमान का अन्तर है।

ईश्वर की गति खरी है; यहोवा का वचन ताया हुआ है; वह अपने सब शरणागतों की ढाल है। - २ शमुएल २२:३१

बाइबल पाठ: २ शमुएल २२:३१
    2Sa 22:31  ईश्वर की गति खरी है; यहोवा का वचन ताया हुआ है; वह अपने सब शरणागतों की ढाल है।
    2Sa 22:32  यहोवा को छोड़ क्या कोई ईश्वर है? हमारे परमेश्वर को छोड़ क्या और कोई चट्टान है?
    2Sa 22:33  यह वही ईश्वर है, जो मेरा अति दृढ़ क़िला है, वह खरे मनुष्य को अपने मार्ग में लिए चलता है।
    2Sa 22:34  वह मेरे पैरों को हरिणियों के से बना देता है, और मुझे ऊंचे स्थानों पर खड़ा करता है।
    2Sa 22:35  वह मेरे हाथों को युद्ध करना सिखाता है, यहां तक कि मेरी बांहें पीतल के धनुष को झुका देती हैं।
    2Sa 22:36  और तू ने मुझ को अपने उद्धार की ढाल दी है, और तेरी नम्रता मुझे बढ़ाती है।
    2Sa 22:37  तू मेरे पैरों के लिये स्थान चौड़ा करता है, और मेरे पैर नहीं फिसले।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह २६-२७ 
  • फिलिप्पियों २