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गुरुवार, 30 जनवरी 2014

सान्तवना और शाँति


   हैरॉलड, कैथी और उनके दोनो बेटे एक जंगल के इलाके में थे, जब एक चक्रवाधी तूफान वहाँ से होकर निकला। कैथी ने इस घटना के कई वर्षों के बाद मुझसे बात करते हुए उस समय का अपना अनुभव बयान किया: "मेरे पति और बड़ा बेटा मुझसे कुछ दूर थे, मैंने और मेरे छोटे बेटे ने एक लकड़ी से बनी कोठरी में शरण ली। हमें बहुत तेज़ शोर सुनाई दिया मानों सैंकड़ों रेलगाड़ियाँ एक साथ वहाँ से निकल रही हों, और मैं तथा मेरा बेटा ज़मीन पर अपने सिर अपने हाथों में दबाए सिमटकर लेट गए। हमारी आँखों के सामने वह कोठरी टूट कर बिखरने लगी और मलबा हमारे चारों ओर उड़ने लगा। मैंने उड़ते हुए मलबे की चोट से बचने के लिए अपनी आँखें बन्द कर लीं। तभी मुझे लगा मानों मैं हवा में तेज़ी से उठ गई हूँ और फिर मैं पास की झील के पानी में जा गिरी, जहाँ अपने आप को डूबने से बचाए रखने के लिए मैं उड़ के आए हुए मलबे को थामे तैरती रही। लेकिन मेरा छोटा बेटा उस तूफान से बच नहीं पाया। अगले छः हफतों तक हम प्रतिदिन रोते रहे। लेकिन हमें परमेश्वर की सार्वभौमिकता पर पूरा विश्वास है और हम मानते हैं कि परमेश्वर ने अपनी किसी योजना के अन्तर्गत ही उस तूफान को हमारे ऊपर आने दिया। हमें यह स्मरण कर के भी शाँति है कि हमारा बेटा प्रभु यीशु को मानता था।"

   जब कोई प्रीय जन हम से बिछड़ जाता है तो हमारे मनों में अनेक प्रशन उठने लगते हैं। ऐसे समयों में हम मसीही विश्वासियों के लिए रोमियों 8:28 प्रोत्साहन और आश्वासन प्रदान करने का एक अच्छा माध्यम होता है। हम मसीही विश्वासी इस बात में आश्वस्त और शाँति से रह सकते हैं कि परमेश्वर हमारे जीवनों में जो भी आने देगा वह अन्ततः हमारे भले ही के लिए होगा; परमेश्वर कभी हमारा बुरा कर ही नहीं सकता, और ना ही हमारे साथ बुरा होने दे सकता है। वह हमारा प्रेमी पिता है जिसने जब हम पापों में उससे दूर थे तब भी हमारे उद्धार के लिए अपने एकलौते पुत्र को भी रख नहीं छोड़ा, तो फिर अब जब हम उसके परिवार का अंग हैं तो वह हमें कैसे हानि में जा लेने देगा?

   इस दम्पति के परमेश्वर की सार्वभौमिकता और प्रभु यीशु में विश्वास ने ही उनके इस बड़े दुख की घड़ी में उन्हें सान्तवना और शाँति दी। यही शाँति और सान्तवना प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए प्रत्येक परिस्थिति में सदा उपलब्ध रहती है। क्या आपने प्रभु यीशु को अपनी सान्तवना और शाँति का स्त्रोत बनाया है? यदि नहीं तो अभी बना लीजिए। - डेनिस फिशर


दुख में शाँति का हमारा सबसे महान कारण है हमारा विश्वास कि हर परिस्थिति परमेश्वर के नियंत्रण में है, हमारे भले ही के लिए है।

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्‍ति का परमेश्वर है। वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:3-4

बाइबल पाठ:  रोमियों 8:26-30
Romans 8:26 इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर हैं, हमारे लिये बिनती करता है। 
Romans 8:27 और मनों का जांचने वाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है क्योंकि वह पवित्र लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है। 
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। 
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। 
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 8-10


बुधवार, 29 जनवरी 2014

बलिदान


   अपने नय वर्ष के उत्सव के कई दिन पहले चीनी परिवार अपने घरों को भली भांति साफ करते हैं। इस प्रथा के पालन में उनका मानना है कि इस सफाई से पुराने वर्ष का सारा दुर्भाग्य निकल कर साफ हो जाता है और नए वर्ष के सौभाग्य के आने के लिए घर तैयार हो जाता है।

   प्रेरित पौलुस ने कुरिन्थ के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उनसे कहा कि वे अपने जीवनों को भली भाँति साफ कर लें - कोई सौभाग्य/दुर्भाग्य के लिए नहीं वरन परमेश्वर के लिए। ऐसा करने के लिए उसने रूपक अलंकार का प्रयोग करते हुए कहा, "पुराना खमीर निकाल कर, अपने आप को शुद्ध करो: कि नया गूंधा हुआ आटा बन जाओ; ताकि तुम अखमीरी हो, क्योंकि हमारा भी फसह जो मसीह है, बलिदान हुआ है" (1 कुरिन्थियों 5:7)। पौलुस ने यहूदियों के फसह और अखमीरी रोटी के पर्व (निर्गमन 12:1-28) पर अपनी यह बात आधारित करी।

   यहूदियों में खमीर पाप और भ्रष्ट प्रवृति का प्रतीक माना जाता है; इन पर्वों को मनाने के लिए यहूदी लोग अपने घरों से सारा खमीर निकाल देते थे (व्यवस्थाविवरण 16:3-4) और पापों के प्रायश्चित के लिए एक मेमना बलिदान करते थे। अब प्रभु यीशु समस्त संसार के लिए वह बलिदान का मेमना बन गया जो उस पर विश्वास करने वाले सब लोगों को उनके पापों से शुद्ध करता है। इसलिए पौलुस ने कुरिन्थ के मसीही विश्वासियों को लिखा कि वे अपने जीवनों तथा मसीही मण्डली से सारा पाप और मलिनता दूर कर लें (1 कुरिन्थियों 5:9-13)।

   प्रभु यीशु के इस बलिदान और हमारे लिए पापों के दण्ड से छुड़ाए जाने के मार्ग को बना कर दे देने के कारण आईए हम जो मसीही विश्वासी हैं अपने जीवनों से पाप और मलिनता को दूर करें और उस पवित्रता का पर्व मनाएं जो केवल मसीह यीशु से ही हमें मिल सकती है; और वे जिन्होंने अभी तक प्रभु यीशु को अपने उधारकर्ता के रूप में ग्रहण नहीं किया है, वे भी प्रभु यीशु के इस बलिदान पर विचार करें और उससे पापों की क्षमा प्राप्त करने उसके पास आ जाएं। - मार्विन विलियम्स


पाप के दाग़ केवल मसीह यीशु के लहु ही से धुल सकते हैं।

परन्तु उसके अनुग्रह से उस छुटकारे के द्वारा जो मसीह यीशु में है, सेंत मेंत धर्मी ठहराए जाते हैं। उसे परमेश्वर ने उसके लोहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित्त ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहिले किए गए, और जिन की परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से आनाकानी की; उन के विषय में वह अपनी धामिर्कता प्रगट करे। - रोमियों 3:24-25

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 5:1-13
1 Corinthians 5:1 यहां तक सुनने में आता है, कि तुम में व्यभिचार होता है, वरन ऐसा व्यभिचार जो अन्यजातियों में भी नहीं होता, कि एक मनुष्य अपने पिता की पत्‍नी को रखता है। 
1 Corinthians 5:2 और तुम शोक तो नहीं करते, जिस से ऐसा काम करने वाला तुम्हारे बीच में से निकाला जाता, परन्तु घमण्‍ड करते हो। 
1 Corinthians 5:3 मैं तो शरीर के भाव से दूर था, परन्तु आत्मा के भाव से तुम्हारे साथ हो कर, मानो उपस्थिति की दशा में ऐसे काम करने वाले के विषय में यह आज्ञा दे चुका हूं। 
1 Corinthians 5:4 कि जब तुम, और मेरी आत्मा, हमारे प्रभु यीशु की सामर्थ के साथ इकट्ठे हो, तो ऐसा मनुष्य, हमारे प्रभु यीशु के नाम से। 
1 Corinthians 5:5 शरीर के विनाश के लिये शैतान को सौंपा जाए, ताकि उस की आत्मा प्रभु यीशु के दिन में उद्धार पाए। 
1 Corinthians 5:6 तुम्हारा घमण्‍ड करना अच्छा नहीं; क्या तुम नहीं जानते, कि थोड़ा सा खमीर पूरे गूंधे हुए आटे को खमीर कर देता है। 
1 Corinthians 5:7 पुराना खमीर निकाल कर, अपने आप को शुद्ध करो: कि नया गूंधा हुआ आटा बन जाओ; ताकि तुम अखमीरी हो, क्योंकि हमारा भी फसह जो मसीह है, बलिदान हुआ है। 
1 Corinthians 5:8 सो आओ हम उत्‍सव में आनन्द मनावें, न तो पुराने खमीर से और न बुराई और दुष्‍टता के खमीर से, परन्तु सीधाई और सच्चाई की अखमीरी रोटी से।
1 Corinthians 5:9 मैं ने अपनी पत्री में तुम्हें लिखा है, कि व्यभिचारियों की संगति न करना। 
1 Corinthians 5:10 यह नहीं, कि तुम बिलकुल इस जगत के व्यभिचारियों, या लोभियों, या अन्‍धेर करने वालों, या मूर्तिपूजकों की संगति न करो; क्योंकि इस दशा में तो तुम्हें जगत में से निकल जाना ही पड़ता। 
1 Corinthians 5:11 मेरा कहना यह है; कि यदि कोई भाई कहला कर, व्यभिचारी, या लोभी, या मूर्तिपूजक, या गाली देने वाला, या पियक्कड़, या अन्‍धेर करने वाला हो, तो उस की संगति मत करना; वरन ऐसे मनुष्य के साथ खाना भी न खाना। 
1 Corinthians 5:12 क्योंकि मुझे बाहर वालों का न्याय करने से क्या काम? क्या तुम भीतर वालों का न्याय नहीं करते? 
1 Corinthians 5:13 परन्तु बाहर वालों का न्याय परमेश्वर करता है: इसलिये उस कुकर्मी को अपने बीच में से निकाल दो।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 5-7


मंगलवार, 28 जनवरी 2014

व्यवहार


   शार्क मछलियों का अध्ययन करने वाले बताते हैं कि शार्क मछलियों द्वारा हमला किए जाने की संभावना अधिक तभी होती है जब उन मछलियों को पानी में रक्त का आभास होता है। रक्त से उनके अन्दर भोजन करने की क्रिया उत्तेजित होती है और वे झुँड के रूप में ही उस संभावित भोजन वस्तु पर, जिससे रक्त निकल रहा है, आक्रमण कर देती हैं। पानी में रक्त की उपस्थिति उनके आक्रमण के निशाने को चिन्हित कर देती है और वे वहीं अपना आक्रमण केंद्रित करती हैं।

   दुख की बात है कि चर्च में भी कभी कभी लोग ऐसे ही उन लोगों पर हमला बोल देते हैं जो किसी कारण दुखित हैं। बजाए इसके कि मसीह यीशु की मण्डली एक ऐसा स्थान हो जहाँ लोग प्रेम के साथ एक दूसरे की देखभाल करते हैं, उन्हें कठिन समयों में सहारा देते हैं, उन्हें निराशाओं से उभारने के प्रयास करते हैं, कभी कभी चर्च एक ऐसा स्थान भी बन जाता है जहाँ खूँखार हमलावर किसी अभागे पर टूट पड़ने की प्रतीक्षा में रहते हैं। इन हमलावरों को जैसे ही किसी की गलती, अस्फलता या उस में किसी खामी-खराबी की गंध मिलती है, बस वे उस बेचारे पर उसे बरबाद करने के लिए टूट पड़ते हैं।

   बजाए इसके कि ठोकर खाकर गिरे हुए व्यक्ति पर और प्रहार कर के उसे और दबाया जाए, हम मसीही विश्वासियों को ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो उन गिरे हुओं को मसीह यीशु की सान्तवना के साथ प्रोत्साहित करता है, उन्हें उठा कर फिर से खड़ा करने में सहायक होता है। इसका यह तात्पर्य नहीं है कि हमें पापमय व्यवहार की अन्देखी करनी है या किसी रीति से ऐसे व्यवहार को बढ़ावा देना है, वरन यह कि अपने प्रभु के समान ही हमें दयावन्त और सहिषुण भी होना है। प्रभु यीशु ने हमें सिखाया है कि "धन्य हैं वे, जो दयावन्‍त हैं, क्योंकि उन पर दया की जाएगी" (मत्ती 5:7)। 

   दया का अर्थ है वह प्रेमपूर्ण व्यवहार हम जिसके योग्य नहीं हैं; और हम सभी अपने पापों के कारण परमेश्वर के न्याय और अनन्तकाल के दण्ड के योग्य हैं। लेकिन परमेश्वर ने हमारे पापों का दण्ड प्रभु यीशु पर डालकर हमारे लिए पापों के पश्चाताप और प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा परमेश्वर के निकट आने का मार्ग खोल दिया। जिस परमेश्वर ने हम पर दया करी है, वह चाहता है कि हम भी औरों पर ऐसे ही दया करें।

   इसलिए जब हम किसी को दुखी या गिरा हुआ देखें तो बजाए उस पर हमला करने वाले बनने के हम उस पर दया करने वाले बनें और सदा ध्यान रखें कि ऐसा दिन कभी भी आ सकता है जब हमें या तो अपने लिए दूसरों की दया की आवश्यकता पड़ जाएगी, या फिर प्रभु यीशु के सामने अपने जीवन और व्यवहार का हिसाब देने के लिए खड़ा होना पड़ेगा। - बिल क्राउडर


हम तब ही दूसरों के प्रति दया दिखाना बन्द कर सकते हैं जब प्रभु यीशु हमारे प्रति दया दिखाना बन्द कर दे।

जैसा तुम्हारा पिता दयावन्‍त है, वैसे ही तुम भी दयावन्‍त बनो। - लूका 6:36

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:1-11
John 8:1 परन्तु यीशु जैतून के पहाड़ पर गया। 
John 8:2 और भोर को फिर मन्दिर में आया, और सब लोग उसके पास आए; और वह बैठकर उन्हें उपदेश देने लगा। 
John 8:3 तब शास्त्री और फरीसी एक स्त्री को लाए, जो व्यभिचार में पकड़ी गई थी, और उसको बीच में खड़ी कर के यीशु से कहा। 
John 8:4 हे गुरू, यह स्त्री व्यभिचार करते ही पकड़ी गई है। 
John 8:5 व्यवस्था में मूसा ने हमें आज्ञा दी है कि ऐसी स्‍त्रियों को पत्थरवाह करें: सो तू इस स्त्री के विषय में क्या कहता है? 
John 8:6 उन्होंने उसको परखने के लिये यह बात कही ताकि उस पर दोष लगाने के लिये कोई बात पाएं, परन्तु यीशु झुककर उंगली से भूमि पर लिखने लगा। 
John 8:7 जब वे उस से पूछते रहे, तो उसने सीधे हो कर उन से कहा, कि तुम में जो निष्‍पाप हो, वही पहिले उसको पत्थर मारे। 
John 8:8 और फिर झुक कर भूमि पर उंगली से लिखने लगा। 
John 8:9 परन्तु वे यह सुन कर बड़ों से ले कर छोटों तक एक एक कर के निकल गए, और यीशु अकेला रह गया, और स्त्री वहीं बीच में खड़ी रह गई। 
John 8:10 यीशु ने सीधे हो कर उस से कहा, हे नारी, वे कहां गए? क्या किसी ने तुझ पर दंड की आज्ञा न दी। 
John 8:11 उसने कहा, हे प्रभु, किसी ने नहीं: यीशु ने कहा, मैं भी तुझ पर दंड की आज्ञा नहीं देता; जा, और फिर पाप न करना।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 1-4


सोमवार, 27 जनवरी 2014

चट्टान


   इंग्लैण्ड का एक युवा प्रचारक, अगस्टुस टॉपलेडी, खुले मैदानी इलाकों से होकर जा रहा था और अचानक ही एक तूफान ने उसे आ घेरा। उसने तूफान से बचने के लिए कोई स्थान देखने के लिए अपनी नज़रें इधर-उधर घुमाईं और उसे एक बड़ी चट्टान दिखाई दी जिसमें एक दरार थी; वह उस दरार में जाकर बैठ गया और तूफान के गुज़र जाने की प्रतीक्षा करने लगा। वहाँ बैठे बैठे उसे अपनी इस वर्तमान शारीरिक परिस्थिति और अपने जीवन में आने वाले आत्मिक तूफानों में परमेश्वर में मिलनी वाली शरण का ध्यान आया और वह इस पर विचार करने लगा। अपने विचारों को लिखने के लिए उसके पास कोई कागज़ नहीं था, इसलिए वहाँ ज़मीन पर पड़े एक ताश के पत्ते पर उसने अपने विचारों को एक स्तुति गीत के रूप में लिखना आरंभ कर दिया।

   सन 1775 के एक तूफानी दिन में एक चट्टान की दरार में ताश के पत्ते पर लिखा गया वह भजन - Rock of Ages तब से लेकर आज तक अनगिनित लोगों के लिए बल और सांत्वना का स्त्रोत रहा है। उस गीत का एक छन्द कुछ इस प्रकार से है: हे अनन्तकालीन चट्टान जो मेरे लिए तोड़ी गई, मुझे अपनी दरार में छुपा रख; तेरी छेदी गई छाती से बहे लहू और जल द्वारा मेरे पापों को धो डाल और मुझे पाप के दण्ड से छुड़ाकर शुद्ध और पवित्र बना दे।

   अपने जीवन के संघर्षों के बारे में विचार कीजिए; क्या आपको जीवन के तूफानों से छिपने का स्थान चाहिए? क्या आपको किसी ऐसे जन का साथ चाहिए जो सदा आपके साथ रहे और जीवन के प्रहारों से आपकी रक्षा करता रहे? क्या आपको पापों से क्षमा का अनुभव और निश्चय चाहिए? जैसे अगुस्टुस टॉपलेडी ने पाया, आप भी प्रभु यीशु में यह सब पा सकते हैं।

   जीवन के तूफानों में अकेले खड़े ना रहें; परमेश्वर को अपन आश्रय-स्थल बना लें। उसकी सुरक्षा में आ जाएं; अपने जीवन में उससे मिलने वाली क्षमा को सुनिश्चित कर लें। उस अनन्तकालीन चट्टान में आ जाएं, क्योंकि उससे अधिक सुरक्षित स्थान और कोई है ही नहीं। - डेव ब्रैनन


संसार और जीवन के प्रहारों से आपको सुरक्षित रखने वाली वह स्थिर और अडिग चट्टान केवल परमेश्वर ही है। 

यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है। - भजन 18:2

बाइबल पाठ: भजन 18:30-36
Psalms 18:30 ईश्वर का मार्ग सच्चाई; यहोवा का वचन ताया हुआ है; वह अपने सब शरणागतों की ढाल है।
Psalms 18:31 यहोवा को छोड़ क्या कोई ईश्वर है? हमारे परमेश्वर को छोड़ क्या और कोई चट्टान है? 
Psalms 18:32 यह वही ईश्वर है, जो सामर्थ से मेरा कटिबन्ध बान्धता है, और मेरे मार्ग को सिद्ध करता है। 
Psalms 18:33 वही मेरे पैरों को हरिणियों के पैरों के समान बनाता है, और मुझे मेरे ऊंचे स्थानों पर खड़ा करता है। 
Psalms 18:34 वह मेरे हाथों को युद्ध करना सिखाता है, इसलिये मेरी बाहों से पीतल का धनुष झुक जाता है। 
Psalms 18:35 तू ने मुझ को अपने बचाव की ढाल दी है, तू अपने दाहिने हाथ से मुझे सम्भाले हुए है, और मेरी नम्रता ने महत्व दिया है। 
Psalms 18:36 तू ने मेरे पैरों के लिये स्थान चौड़ा कर दिया, और मेरे पैर नहीं फिसले।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 38-40


रविवार, 26 जनवरी 2014

स्वर्ग


   हाल ही के एक टीवी विज्ञापन में एक परिवार का दृश्य दिखाया गया जो कार में जा रहा है और दोपहर के भोजन के लिए उनमें विवाद चल रहा है। एक बच्चा कहता है कि उसे पिज़्ज़ा खाना है तो दूसरा कहता है कि उसे तो चिकन खाना है, तो माँ उनको शाँत रहने के लिए कहती और निर्णय देती है कि वे सब हैमबर्गर खाने के लिए रुकेंगे। तभी पिता इस समस्या का हल देते हुए एक भोजन स्थान का नाम लेकर कहता है कि हम भोजन के लिए वहाँ रुकेंगे और जिसे जो चाहिए, जितना चाहिए लेकर खा ले क्योंकि उस स्थान पर हर प्रकार का भोजन मिलता है।

   उस विज्ञापन को देखने के बाद मुझे एक और स्थान का स्मरण आया जहाँ पर सबकुछ मिलेगाम किसी को कोई कमी नहीं होगी - स्वर्ग। सबसे पहली बात तो यह कि स्वर्ग में हम परमेश्वर की उपस्थिति में होंगे, जैसा प्रेरित यूहन्ना ने बताया: "और फिर श्राप न होगा और परमेश्वर और मेम्ने का सिंहासन उस नगर में होगा, और उसके दास उस की सेवा करेंगे" (प्रकाशितवाक्य 22:3)। वहाँ परमेश्वर के सिंहासन से बहने वाली जीवन जल की नदी से सभी प्यासी आत्माओं की प्यास बुझ जाएगी (प्रकाशितवाक्य 22:1) क्योंकि परमेश्वर स्वयं उन्हें सेंत-मेंत जीवन का जल पीने को देगा (प्रकाशितवाक्य 21:6)। वहाँ पर जीवन का वृक्ष भी होगा जो सबकी चंगाई के लिए है (प्रकाशितवाक्य 22:2)।

   जो स्वर्ग में नहीं होगा वह है श्राप (प्रकाशितवाक्य 22:3), और साथ ही वहाँ मृत्यु, शोक और आँसु भी नहीं होंगे (प्रकाशितवाक्य 21:4)। हम सभी मसीही विश्वासी वहाँ अनन्तकाल तक एक आनन्द, परिपूर्णता और सन्तुष्टि का जीवन व्यतीत करेंगे। और यह सब हमें प्रभु यीशु से पापों की क्षमा माँग लेने और अपना जीवन उसे समर्पित कर देने के द्वारा परमेश्वर के अनुग्रह से सेंत-मेंत ही मिला है।

   क्या आप ने भी प्रभु यीशु को अपनाकर स्वर्ग की आशीषों को अपने लिए सुनिश्चित कर लिया है? - ऐनी सेटास


पृथ्वी - परीक्षाओं और परेशानियों का स्थान; स्वर्ग - अनन्त आनन्द और सन्तुष्ति का स्थान।

पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धामिर्कता वास करेगी। - 2 पतरस 3:13

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 22:1-5
Revelation 22:1 फिर उसने मुझे बिल्लौर की सी झलकती हुई, जीवन के जल की एक नदी दिखाई, जो परमेश्वर और मेंम्ने के सिंहासन से निकल कर उस नगर की सड़क के बीचों बीच बहती थी। 
Revelation 22:2 और नदी के इस पार; और उस पार, जीवन का पेड़ था: उस में बारह प्रकार के फल लगते थे, और वह हर महीने फलता था; और उस पेड़ के पत्तों से जाति जाति के लोग चंगे होते थे। 
Revelation 22:3 और फिर श्राप न होगा और परमेश्वर और मेम्ने का सिंहासन उस नगर में होगा, और उसके दास उस की सेवा करेंगे। 
Revelation 22:4 और उसका मुंह देखेंगे, और उसका नाम उन के माथों पर लिखा हुआ होगा। 
Revelation 22:5 और फिर रात न होगी, और उन्हें दीपक और सूर्य के उजियाले का प्रयोजन न होगा, क्योंकि प्रभु परमेश्वर उन्हें उजियाला देगा: और वे युगानुयुग राज्य करेंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 35-37


शनिवार, 25 जनवरी 2014

प्रयास के पुरस्कार


   एक बार मैंने यह निश्चय किया कि मैं शेक्सपीयर द्वारा लिखित सभी 38 नाटक एक ही वर्ष के अन्दर पढ़ डालूँगा। मुझे आश्चर्य हुआ कि जब मैंने दृढ़ता के साथ ऐसा करना आरंभ किया तो यह मुझे कार्य नहीं वरन मनोरंजन लगने लगा। मैं सोचता था कि उन नाटकों से मैं शेक्सपीयर के समय के लोगों और समाज के बारे में कुछ सीखने पाऊँगा परन्तु मैंने देखा कि शेक्सपीयर तो मुझे मेरे समय के संसार के बारे में ही सिखा रहा था।

   बिलकुल ऐसा ही अनुभव मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम नामक खण्ड को पढ़ते हुए हुआ। पहले मैं सोचता था कि पुराने नियम में इतना कुछ मन्दिर, याजकों (पुरोहितों), नियमों और बलिदानों के बारे में दिया है - ऐसी बातें जो आज विद्यमान नहीं हैं, तो फिर मुझे इनके बारे में पढ़ने से क्या लाभ? कैसे हम पुराने नियम को अपने आज के जीवन में लागू कर सकते हैं, या उसका कोई अर्थ पा सकते हैं? जैसे जैसे मैं दृढ़ निश्चय के साथ पुराने नियम को पढ़ने लगा तो आरंभ में कुछ कठिनाईयाँ तो आईं, लेकिन उसे पढ़ते रहने से जो मैंने सीखना आरंभ कर दिया उसने मुझे उसे पढ़ते रहने को प्रेरित किया और फिर मुझे उसे पढ़ते रहने की आवश्यकता भी अनुभव होने लगी। अन्ततः मेरे अन्दर पुराने नियम की सभी 39 पुस्तकों को पढ़ने की लालसा जाग उठी, और उन्हें पढ़ने से मेरे अन्दर की एक ऐसी भूख तृप्त हो सकी जो इससे पहले कभी किसी अन्य से तृप्त नहीं हुई थी। पुराने नियम से मैंने परमेश्वर के साथ जीवन व्यतीत करने के बारे में सीखा।

   बाइबल का पुराना नियम बहुत से लोगों को अटपटा और अप्रासंगिक लगता है और इसलिए वे उसे पढ़ना नहीं चाहते। लेकिन पुराना नियम परमेश्वर के साथ जीवन जीने के लिए एक उन्नत पाठ्यक्रम के समान है जिसे पढ़ने और पूरा करने में प्रयास और समय तो लगता है, लेकिन जब हम ऐसा करते हैं तो वह हमारी परमेश्वर संबंधी भूख को व्यक्तिगत तथा उत्साहवर्धक रीति से तृप्त भी करता है।

   किसी भी प्रयास के पुरस्कार आसानी से नहीं मिलते; प्रत्येक उपल्बधि कठिन मेहनत से ही आती है। इसलिए यदि आप परमेश्वर के वचन के अध्ययन में ढीले पड़ रहे हैं या वह आपको रोचक नहीं लग रहा है, तो भी पढ़ते रहने और उसका अध्ययन करने के प्रयासों से पीछे ना हटें। प्रयास के पुरस्कार अवश्य मिलेंगे, और जो परमेश्वर के वचन बाइबल से मिलेगा वह विलक्षण होगा, ऐसा होगा जो और कहीं नहीं मिलेगा। - फिलिप यैन्सी


बाइबल हमारी वास्तविक तस्वीर हमारे सामने ले आती है।

हर एक पवित्रशास्‍त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिये लाभदायक है। ताकि परमेश्वर का जन सिद्ध बने, और हर एक भले काम के लिये तत्‍पर हो जाए। - 2 तिमुथियुस 3:16-17

बाइबल पाठ: भजन 19:7-11
Psalms 19:7 यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं; 
Psalms 19:8 यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है; 
Psalms 19:9 यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं। 
Psalms 19:10 वे तो सोने से और बहुत कुन्दन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकने वाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं। 
Psalms 19:11 और उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता है।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 32-34


शुक्रवार, 24 जनवरी 2014

वास्तविकता


   कार से यात्रा करते हुए मेरा ध्यान मार्ग के किनारे लगे एक संकेत पर गया - वह बेदाग़ सफेद था और बड़े सुन्दर लाल अक्षरों में उस पर लिखा था: "नालियाँ और खिड़कियाँ - उत्कृष्ट कार्य की गरण्टी।" वह संकेत तो बहुत अच्छा था परन्तु मुझे उस पर लिखी बात पर कोई विश्वास नहीं हुआ, क्योंकि जिस घर पर वह लगा था वह घर बड़ी जीर्ण हालत में था और लगता था कभी भी ढह जाएगा, उस घर पर लगा रंग उतर रहा था, वहाँ की खिड़कियाँ टूटी हुई थीं और मुझे कोई नाली वहाँ दिखाई नहीं दी। जिस बात का दावा और विज्ञापन किया जा रहा था वही उस घर में विद्यमान नहीं थी।

   बहुत से ’मसीही’ जीवन भी ऐसे ही होते हैं - मसीह यीशु का विज्ञापन तो बहुत करते हैं परन्तु उनके आत्मिक घर टूटे हुए होते हैं; वे मसीहियत की भाषा तो बोलते हैं, नियमित रीति से चर्च जाते हैं, लोगों से मिलते जुलते भी हैं लेकिन उनमें मसीह यीशु के गुण दिखाई नहीं देते। जब हमारा चाल-चलन हमारे मसीही प्रचार के अनुरूप नहीं होता तो हमारा अच्छा व्यवहार केवल धर्मपरायणता का दिखावा मात्र है। प्रभु यीशु ने फरीसियों अर्थात अपने समय के धर्म के अगुवों को आईना दिखाते हुए कहा: "इसी रीति से तुम भी ऊपर से मनुष्यों को धर्मी दिखाई देते हो, परन्तु भीतर कपट और अधर्म से भरे हुए हो" (मत्ती 23:28)। प्रभु यीशु का यह दो टूक संबोधन केवल फरीसियों के लिए ही नहीं था; उन्होंने अपने चेलों से भी ऐसे ही दो टूक शब्दों में कहा: "सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे" (मत्ती 6:1)।

   परमेश्वर का वचन बाइबल हमें स्पष्ट शब्दों में कहती है: "आज्ञा का सारांश यह है, कि शुद्ध मन और अच्‍छे विवेक, और कपट रहित विश्वास से प्रेम उत्पन्न हो" (1 तिमुथियुस 1:5)। मसीही जीवन के ये सदगुण हमारी कथनी और करनी दोनो से ही संसार के सामने प्रकट होने चाहिएं (लूका 6:45)। आज अपने आत्मिक जीवन को जाँच के देखें; यदि लोग आपके बाहर के सुन्दर प्रदर्शन से आगे आपके अन्दर के वास्तविक जीवन को देखें तो उन्हें देखने को क्या मिलेगा?

   क्या आपके मसीही जीवन की वास्तविकता मसीह यीशु को स्वीकार योग्य है? - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


परमेश्वर चाहता है कि हमारे कार्य हमारे शुद्ध जीवनों का प्रतिबिंब हों।

भला मनुष्य अपने मन के भले भण्‍डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य अपने मन के बुरे भण्‍डार से बुरी बातें निकालता है; क्योंकि जो मन में भरा है वही उसके मुंह पर आता है। - लूका 6:45

बाइबल पाठ: मत्ती 23:23-31
Matthew 23:23 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम पोदीने और सौंफ और जीरे का दसवां अंश देते हो, परन्तु तुम ने व्यवस्था की गम्भीर बातों को अर्थात न्याय, और दया, और विश्वास को छोड़ दिया है; चाहिये था कि इन्हें भी करते रहते, और उन्हें भी न छोड़ते। 
Matthew 23:24 हे अन्धे अगुवों, तुम मच्छर को तो छान डालते हो, परन्तु ऊंट को निगल जाते हो। 
Matthew 23:25 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय, तुम कटोरे और थाली को ऊपर ऊपर से तो मांजते हो परन्तु वे भीतर अन्‍धेर असंयम से भरे हुए हैं। 
Matthew 23:26 हे अन्धे फरीसी, पहिले कटोरे और थाली को भीतर से मांज कि वे बाहर से भी स्‍वच्‍छ हों।
Matthew 23:27 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम चूना फिरी हुई कब्रों के समान हो जो ऊपर से तो सुन्‍दर दिखाई देती हैं, परन्तु भीतर मुर्दों की हड्डियों और सब प्रकार की मलिनता से भरी हैं। 
Matthew 23:28 इसी रीति से तुम भी ऊपर से मनुष्यों को धर्मी दिखाई देते हो, परन्तु भीतर कपट और अधर्म से भरे हुए हो।
Matthew 23:29 हे कपटी शास्‍त्रियों, और फरीसियों, तुम पर हाय; तुम भविष्यद्वक्ताओं की कब्रें संवारते और धर्मियों की कब्रें बनाते हो। 
Matthew 23:30 और कहते हो, कि यदि हम अपने बाप-दादों के दिनों में होते तो भविष्यद्वक्ताओं की हत्या में उन के साझी न होते। 
Matthew 23:31 इस से तो तुम अपने पर आप ही गवाही देते हो, कि तुम भविष्यद्वक्ताओं के घातकों की सन्तान हो।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 28-31