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Friday, May 31, 2013

गलत चुनाव


   टेलिविज़न पर बुलाए गए मेहमानों से वार्ता करने और भिन्न बातों के प्रति उनके विचार जानने वाले एक कार्यक्रम में प्रस्तुतक्रता लैरी किंग ने एक वृद्ध टेलिविज़न स्टार से पूछा कि स्वर्ग के बारे में उनकी क्या राय है। यह प्रश्न पूछने से पहले लैरी किंग ने सुप्रसिद्ध और अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सुसमाचार प्रचारक बिली ग्राहम द्वारा दिए गए इसी प्रश्न के उत्तर को उन्हें बताया जिसमें बिली ग्राहम ने कहा था कि वे जानते हैं कि आगे उनके लिए क्या रखा हुआ है - वे स्वर्ग में होंगे। किंग ने उस मेहमान टेलिविज़न स्टार से पूछा, "आप का विश्वास क्या है?" मेहमान ने उत्तर दिया, "मुझे बहुत चहल-पहल और गतिविधि का जीवन पसन्द है। मुझे लगता है कि स्वर्ग एक बहुत शांत और नीरस स्थान होगा जबकि नरक में बहुत गतिविधि होगी - जो मुझे अधिक पसन्द है।"

   दुख की बात है कि यह व्यक्ति इस राय को रखने में अकेला नहीं है; संसार के बहुत से लोग यही या इससे मिलती जुलती राय रखते हैं। उनके लिए शैतान के साथ नरक में रहना एक अधिक रोचक विकल्प है। मैंने बहुत से लोगों को कहते सुना है क्योंकि उनके मित्र नरक में ही होंगे इसलिए वे भी वहीं जाना चाहते हैं। एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, "यदि नरक वास्तविक है तो वह कोई बुरा स्थान नहीं होगा क्योंकि बहुत से दिलचस्प लोग वहाँ मिलेंगे।"

   इस प्रकार की विचारधारा रखने वाले भरमाए गए लोगों को यह कैसे समझाया जा सकता है कि नरक उनकी कलपना जैसा कोई विनोद का स्थान नहीं है, और उससे बचकर रहना ही भला है। एक तरीका हो सकता है उन्हें नरक की वास्तविकता के बारे में बताने के द्वारा। परमेश्वर के वचन बाइबल में नरक की कई बातें बताई गई हैं, जैसे, वह आग की झील है (प्रकाशितवाक्य 20:15); एक अनन्त बदनामी और घिनौनेपन का स्थान है (दानिएल 12:2); वह घोर पीड़ा और तड़पने का स्थान है जहाँ से कोई फिर कभी बाहर नहीं निकल सकता (लूका 16:23-26); वहाँ कोई आमोद-प्रमोद या मस्ती नहीं वरन सदाकाल का रोना और दांतों का पीसना ही होगा (मत्ती 8:12) और प्रकाशितवाक्य 14:11 में लिखा है कि जो नरक में होंगे "उन की पीड़ा का धुआं युगानुयुग उठता रहेगा"।

   स्पष्ट है कि बाइबल के सत्य किसी को यह सोचने की अनुमति नहीं देते कि नरक एक रोचक और मज़ेदार स्थान होगा। ज़रा सोचिए, यदि किसी छोटी सी चोट की पीड़ा, या फिर कुछ समय का सिरदर्द या थोड़ा बुखार तबियत को ऐसा कर देता है कि ना मित्रों और ना आमोद-प्रमोद की बातों और ना किसी हँसी-मज़ाक में कोई रुचि रहती है, वरन ये उस कष्ट को और बढ़ाते ही लगते हैं, तो नरक की भयानक और कलपना से परे पीड़ा में क्या किसी को मित्र मण्डली, दिलचस्प लोगों और हँसी-ठिठोली का कोई होश या इच्छा रह सकेगी? उस भयानक पीड़ा के साथ यदि कुछ होगा तो नरक से बचने के उन जान बूझकर गवाँए गए अवसरों के लिए अति गहन शोक तथा ग्लानि की पीड़ा। आज यह चुनाव करने का अवसर आप के पास है; परमेश्वर की चेतावनियों के बावजूद अपने लिए जो भी चुनाव आप करेंगे, उसी चुनाव का निर्वाह बाद में परमेश्वर को करना पड़ेगा और उन परिणामों के ज़िम्मेदार परमेश्वर नहीं आप स्वयं होंगे।

   अपने हाथों अपना सर्वनाश मत कीजिए, अपने अनन्त भविश्य के लिए नरक को मत चुनिए, यह बहुत गलत चुनाव है - जो एक बार वहाँ गया वह फिर कदापि किसी रीति वहाँ से बाहर नहीं आ सकेगा। प्रभु यीशु मसीह में सेंत-मेंत उपलब्ध पापों की क्षमा स्वीकार करके अनन्त काल तक परमेश्वर की संगति तथा अवर्णननीय आनन्द के स्थान स्वर्ग में आज और अभी अपना स्थान सुनिश्चित कर लीजिए। - डेव ब्रैनन


जिस मसीह यीशु ने स्वर्ग के वैभव और आनन्द की बात कही है, वह ही नरक की भयानक पीड़ा तथा वीभत्सता को भी बताता है।

और जो भूमि के नीचे सोए रहेंगे उन में से बहुत से लोग जाग उठेंगे, कितने तो सदा के जीवन के लिये, और कितने अपनी नामधराई और सदा तक अत्यन्त घिनौने ठहरने के लिये। - दानिएलl 12:2 

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 20:11-15
Revelation 20:11 फिर मैं ने एक बड़ा श्वेत सिंहासन और उसको जो उस पर बैठा हुआ है, देखा, जिस के साम्हने से पृथ्वी और आकाश भाग गए, और उन के लिये जगह न मिली।
Revelation 20:12 फिर मैं ने छोटे बड़े सब मरे हुओं को सिंहासन के साम्हने खड़े हुए देखा, और पुस्‍तकें खोली गई; और फिर एक और पुस्‍तक खोली गई; और फिर एक और पुस्‍तक खोली गई, अर्थात जीवन की पुस्‍तक; और जैसे उन पुस्‍तकों में लिखा हुआ था, उन के कामों के अनुसार मरे हुओं का न्याय किया गया।
Revelation 20:13 और समुद्र ने उन मरे हुओं को जो उस में थे दे दिया, और मृत्यु और अधोलोक ने उन मरे हुओं को जो उन में थे दे दिया; और उन में से हर एक के कामों के अनुसार उन का न्याय किया गया।
Revelation 20:14 और मृत्यु और अधोलोक भी आग की झील में डाले गए; यह आग की झील तो दूसरी मृत्यु है।
Revelation 20:15 और जिस किसी का नाम जीवन की पुस्‍तक में लिखा हुआ न मिला, वह आग की झील में डाला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 13-14 
  • यूहन्ना 12:1-26



Thursday, May 30, 2013

श्रद्धा


   अमेरिका में सैनिकों के लिए बने कब्रिस्तानों में से एक है ’आर्लिंगटन नैशनल सिमेट्री’; यहाँ पर एक कब्र बनी है "अनजाने सैनिकों के लिए", अर्थात उन सैनिकों के लिए जिन्होंने देश पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए लेकिन किसी कारणवश उनकी पहचान नहीं हो पाई और उनके शव वापस देश लाकर दफनाए नहीं जा सके। उन बेनाम और बेपहचान शहीदों को सम्मान और श्रद्धा देने के लिए वहाँ लगातार एक सैनिक दस्ता तैनात रहता है जिसके सद्स्य वहाँ अपनी ड्यूटी के समय लगातार मार्च करते रहते हैं, चाहे मौसम कैसा भी हो। जब ड्यूटी बदलने का समय आता है तो एक गंभीर किंतु भव्य सादगी के साथ यह रस्म अदा की जाती है और बहुत से लोग उन अनजाने सैनिकों के प्रति, जिनके नाम केवल परमेश्वर जानता है, दी गई इस श्रद्धांजलि को देखने आते हैं। लेकिन उस कब्र पर कोई देखने वाला हो या ना हो, उन सैनिकों का मार्च करना वैसे ही चलता रहता है।

   सितंबर 2003 में जब एक भारी चक्रवाधी तूफान उस इलाके की ओर बढ़ रहा था तो उस तूफान की तीव्रता को देखते हुए उन सैनिकों को अनुमति दी गई कि यदि वे चाहें तो तूफान की तीव्रता के समय में कब्र से हटकर विश्रामग्रह में जाकर तूफान गुज़र जाने की प्रतीक्षा कर सकते हैं। लेकिन किसी को भी सैनिकों के निर्णय से कोई अचंभा नहीं हुआ जब उन्होंने तूफान के पूरे समय भी अपने दिवंगत साथीयों को श्रद्धांजली देना नहीं छोड़ा और अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी ड्यूटी पर बने रहे।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती 6:1-6 में प्रभु यीशु की शिक्षाएं भी कुछ इसी आशय की हैं - प्रभु यीशु के प्रति उनके शिष्यों की निरन्तर, निस्वार्थ श्रद्धा और समर्पण। शिष्यों को भले कार्यों और पवित्र जीवन में बने तो रहना है, परन्तु संसार को दिखाने और अपने लिए यश या कीर्ति कमाने के उद्देश्य से नहीं वरन अपने प्रभु की आज्ञाकारिता और उपासना के लिए (पद 4-6)। प्रेरित पौलुस ने भी इसी बात और मसीही जीवन के प्रति ऐसे ही नज़रिए की पुष्टि करी जब रोम के विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उसने लिखा, "इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान कर के चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है" (रोमियों 12:1)।

   हे प्रभु, होने दे कि हमारे व्यक्तिगत और सामाजिक, दोनों ही जीवन सदा ही आपके प्रति हमारे समर्पण और श्रद्धा के सच्चे गवाह बने रहें। - रैण्डी किल्गोर


हम जितना मसीह की सेवा में बढ़ते जाएंगे, हमारी स्वार्थ की सेवा उतनी ही कम होती जाएगी।

सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे। - मत्ती 6:1 

बाइबल पाठ: मत्ती 6:1-6
Matthew 6:1 सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे।
Matthew 6:2 इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके।
Matthew 6:3 परन्तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए।
Matthew 6:4 ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।
Matthew 6:5 और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े हो कर प्रार्थना करना उन को अच्छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके।
Matthew 6:6 परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 10-12 
  • यूहन्ना 11:30-57