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गुरुवार, 5 फ़रवरी 2015

शिक्षा


   मैं अपने हाई-स्कूल के पुराने साथियों की पुनर्मिलन-सभा में आई हुई थी; किसी ने पीछे से मेरे कंधे को थपथपाया और मैंने पीछे मुड़कर उसकी ओर देखा, फिर उसकी नाम की पट्टी को पढ़ा, और मेरा ध्यान कुछ पुरानी यादों की ओर चला गया। मुझे याद आया कि किसी ने मेरे स्कूल के लॉकर में एक पर्चा डाला था जिसमें मुझे तिरिस्कृत तथा शर्मिंदा करने के लिए मेरे विरुद्ध बहुत कुछ लिखा था जिससे तब मैं अन्दर से टूट गई थी। मुझे ध्यान आया कि उस पर्चे के लिकिहने वाले के प्रति मेरे मन में कटुता थी और मुझे लगता था कि किसी को उसे दूसरों के साथ व्यवहार करना कठोरता के साथ सिखाना चाहिए। अब उसे सामने देख कर मुझे ऐसा लगा मानों मैं उस समय की अपनी पीड़ा से फिर से होकर निकल रही हूँ। फिर भी मैंने हिम्मत करके एक बनावटी मुस्कान अपने चेहरे पर लगा ली और मेरे मूँह से दिखावे के शब्द निकलने आरंभ हो गए।

   हमने वार्तालाप करना आरंभ किया और उसने अपने दुखदायी जीवन की बातें मुझे बतानी आरंभ कर दीं, कैसे उसकी परवरिश परेशानी भरी कठिन परिस्थितियों में हुई, फिर बड़े होने पर उसकी शादी भी सफल नहीं रही। उसकी कहानी सुनते हुए मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों 12:15 में लिखी "कड़ुवी जड़" की बात स्मरण आने लगी। मैंने अपने लिए सोचा, इतने वर्षों के बाद भी मेरे मन भी उसके विरुद्ध एक  गहरी कड़ुवी जड़ बनी हुई थी जिसने मेरे मन को जकड़ रखा था। फिर परमेश्वर के वचन का एक और पद मुझे स्मरण आया: "बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो" (रोमियों 12:21)।

   हम बातें करते रहे, एक दूसरे के लिए कुछ आँसू भी बहाए। हम दोनों में से किसी ने भी लॉकर वाली उस पुरानी घटना का उल्लेख नहीं किया। उस दोपहर परमेश्वर ने एक शिक्षा दी - कड़ुवाहट को छोड़कर आगे बढ़ने और क्षमा करने की शिक्षा। उस पुरानी घटना ने मेरे जीवन में एक नयापन ला दिया। - सिंडी हैस कैसपर


प्रतिशोध की भावना हमें बन्धनों में डाल देती है; क्षमा हमें स्वतंत्र कर देती है।

और ध्यान से देखते रहो, ऐसा न हो, कि कोई परमेश्वर के अनुग्रह से वंचित रह जाए, या कोई कड़वी जड़ फूट कर कष्‍ट दे, और उसके द्वारा बहुत से लोग अशुद्ध हो जाएं। - इब्रानियों 12:15

बाइबल पाठ: रोमियों 12:14-21
Romans 12:14 अपने सताने वालों को आशीष दो; आशीष दो श्राप न दो। 
Romans 12:15 आनन्द करने वालों के साथ आनन्द करो; और रोने वालों के साथ रोओ। 
Romans 12:16 आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो; परन्तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्टि में बुद्धिमान न हो। 
Romans 12:17 बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्ता किया करो। 
Romans 12:18 जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो। 
Romans 12:19 हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। 
Romans 12:20 परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा। 
Romans 12:21 बुराई से न हारो परन्तु भलाई से बुराई का जीत लो।

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 36-38
  • मत्ती 23:1-22



शुक्रवार, 17 मई 2013

प्रतिशोध का विकल्प


   एक इतवार को चर्च में सन्देश देते समय, एक पास्टर पर हमला हुआ और उसे मारा-पीटा गया। पास्टर ने प्रत्युत्तर में उस व्यक्ति को कुछ नहीं कहा, बस अपना सन्देश पूरा किया और फिर उस व्यक्ति के लिए प्रार्थना भी करी। बाद में वह हमलावर पकड़ा गया और उसे हिरासत में रखा गया। जब पास्टर को मालूम पड़ा तो वह पुलिस थाने में उससे मिलने भी गया और उसके लिए प्रार्थना कर के भी आया। संसार में दिखने वाले सामान्य व्यवहार की तुलना में, अपने प्रति अनादार तथा अत्याचार का अनूठा प्रत्युत्तर देने का यह एक अनुपम और आदर्श उदाहरण था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर के लोगों को अपना बदला आप ना लेने की शिक्षा दी गई है। आत्म-रक्षा वर्जित नहीं है, किन्तु प्रतिशोध वर्जित है; पुराने नियम में भी और नए नियम में भी। बाइबल में लैव्यवस्था की पुस्तक इस्त्राएल, अर्थात परमेश्वर के लोगों को, परमेश्वर द्वारा दिए गए नियमों की पुस्तक है। इस पुस्तक में एक स्थान पर लिखा है: "अपने मन में एक दूसरे के प्रति बैर न रखना; अपने पड़ोसी को अवश्य डांटना; नहीं तो उसके पाप का भार तुझ को उठाना पड़ेगा। पलटा न लेना, और न अपने जाति भाइयों से बैर रखना, परन्तु एक दूसरे से अपने समान प्रेम रखना; मैं यहोवा हूं" (लैव्यवस्था 19:17-18)। एक अन्य स्थान पर परमेश्वर ने इस्त्राएल को निर्देश दिया कि "पलटा लेना और बदला देना मेरा ही काम है..." (व्यवस्थाविवरण 32:35)। नए नियम में भी प्रभु यीशु मसीह और उनके अनुयायियों की शिक्षाएं पलटा ना लेने और अपना न्याय परमेश्वर के हाथ में छोड़ देने के लिए ही थीं (मत्ती 5:38-45; रोमियों 12:17; 1 पतरस 3:9)।

   यद्यपि पुराने नियम में हम "जैसे को तैसा" के सिद्धांत के नियम भी पाते हैं (निर्गमन 21:23-25; व्यवस्थाविवरण 19:21), लेकिन ये नियम केवल इसलिए थे जिससे प्रत्येक आताताई उचित दण्ड का भागी हो और सब को सही न्याय मिले। ये नियम व्यक्तिगत रीति से बदला लेने के लिए नहीं थे; इन नियमों का उपयोग समाज के निर्धारित न्याय अधिकारीयों को ही करना था। उचित न्याय मिलना सब का अधिकार था, लेकिन न्याय करना या तो परमेश्वर या फिर परमेश्वर के निर्देषों के अनुसार नियुक्त किए गए न्यायियों का ही कार्य था। व्यक्तिगत प्रतिशोध की कोई अनुमति नहीं थी।

   आज हम मसीही विश्वासियों को भी अपने परमेश्वर पिता द्वारा दिए गए प्रेमपूर्ण व्यवहार के निर्देषों को अपने जीवन से जी कर दिखाना है। बजाए अत्याचार या अपमान के बदले में वही कड़ुवाहट वापस लौटाने के, अपने अन्दर बसने वाले परमेश्वर के पवित्र आत्मा की सामर्थ से तथा मसीह यीशु के नाम को आदर देने वाले भले विकलपों को अपने प्रत्युत्तर और व्यवहार में प्रदर्शित करना है। जहाँ तक बन पड़े, सब के साथ शान्ति से रहें (रोमियों 12:18) और आपसी विवादों को सुलझाने के लिए एक आत्मिक मध्यस्थ की सहायता लें तथा उसके आधीन रहें (1 कुरिन्थियों 6:1-6), और अपने न्याय को निर्धारित न्याय अधिकारीयों तथा सबसे बढ़कर उस सच्चे और निष्पक्ष न्यायी, अपने परमेश्वर पिता के हाथों में छोड़ दें। - मारविन विलियम्स


अन्तिम न्याय सच्चे और निष्पक्ष न्यायी परमेश्वर के हाथों में ही है।

हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्तु क्रोध को अवसर दो, क्योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। - रोमियों 12:19

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 19:16-21; मत्ती 5:38-45
Deuteronomy 19:16 यदि कोई झूठी साक्षी देने वाला किसी के विरुद्ध यहोवा से फिर जाने की साक्षी देने को खड़ा हो,
Deuteronomy 19:17 तो वे दोनों मनुष्य, जिनके बीच ऐसा मुकद्दमा उठा हो, यहोवा के सम्मुख, अर्थात उन दिनों के याजकों और न्यायियों के साम्हने खड़े किए जाएं;
Deuteronomy 19:18 तब न्यायी भली भांति पूछपाछ करें, और यदि यह निर्णय पाए कि वह झूठा साक्षी है, और अपने भाई के विरुद्ध झूठी साक्षी दी है
Deuteronomy 19:19 तो अपने भाई की जैसी भी हानि करवाने की युक्ति उसने की हो वैसी ही तुम भी उसकी करना; इसी रीति से अपने बीच में से ऐसी बुराई को दूर करना।
Deuteronomy 19:20 और दूसरे लोग सुनकर डरेंगे, और आगे को तेरे बीच फिर ऐसा बुरा काम नहीं करेंगे।
Deuteronomy 19:21 और तू बिलकुल तरस न खाना; प्राण की सन्ती प्राण का, आंख की सन्ती आंख का, दांत की सन्ती दांत का, हाथ की सन्ती हाथ का, पांव की सन्ती पांव का दण्ड देना।
Matthew 5:38 तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था, कि आंख के बदले आंख, और दांत के बदले दांत।
Matthew 5:39 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि बुरे का सामना न करना; परन्तु जो कोई तेरे दाहिने गाल पर थप्पड़ मारे, उस की ओर दूसरा भी फेर दे।
Matthew 5:40 और यदि कोई तुझ पर नालिश कर के तेरा कुरता लेना चाहे, तो उसे दोहर भी ले लेने दे।
Matthew 5:41 और जो कोई तुझे कोस भर बेगार में ले जाए तो उसके साथ दो कोस चला जा।
Matthew 5:42 जो कोई तुझ से मांगे, उसे दे; और जो तुझ से उधार लेना चाहे, उस से मुंह न मोड़।
Matthew 5:43 तुम सुन चुके हो, कि कहा गया था; कि अपने पड़ोसी से प्रेम रखना, और अपने बैरी से बैर।
Matthew 5:44 परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सताने वालों के लिये प्रार्थना करो।
Matthew 5:45 जिस से तुम अपने स्‍वर्गीय पिता की सन्तान ठहरोगे क्योंकि वह भलों और बुरों दोनों पर अपना सूर्य उदय करता है, और धर्मियों और अधर्मियों दोनों पर मेंह बरसाता है।

एक साल में बाइबल: 

  • 1 इतिहास 1-3 
  • यूहन्ना 5:25-47