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रविवार, 2 सितंबर 2018

कारीगर



      फिप्प्स फेस्टस बोर्न, जिसकी 2002 में मृत्यु हो गई, लकड़ी पर नक्काशी करने वाला एक उस्ताद कारीगर था। वह अपनी नक्काशी द्वारा लकड़ी पर वस्तुओं के इतने सजीव कृतियाँ बनाता था कि वे वास्तविक वस्तुओं की हू-ब-हू प्रतीक लगती थीं। उसने कहा, “बत्तख की नक्काशी करना सरल है। लकड़ी के एक टुकड़े को ध्यान से देखिए, अपने मन में बैठा लीजिए कि बत्तख कैसी दिखती है, फिर उस लकड़ी में से वह सब हटा दीजिए जो उस बत्तख जैसा नहीं दिखाई देता है।”

      यही बात परमेश्वर के साथ भी है। वह आपको और मुझे देखता है – लकड़ी के टेढ़े-मेढ़े, खुरदुरे टुकड़े के समान; वह हम में मसीह की समानता का अपना विचार देखता है, और फिर हम में से वह सब हटाता चला जाता है जो उसके विचार के अनुसार मसीह की समानता में नहीं है। जब वह अपनी कारीगरी कर चुकेगा तो हम अपनी उस सुंदरता को देखकर दंग रह जाएँगे।

      परन्तु इसके लिए हमें सबसे पहले यह स्वीकार करना होगा कि हम बेडौल और बिगड़े हुए हैं, और उस महान कारीगर को हम पर कार्य करने की आवश्यकता है, और फिर अपने आप को उसके हाथों में पूर्णतः समर्पित करना होगा जिससे वह अपना कार्य अच्छे से कर सके – हमें आवश्यकतानुसार काट, छांट, तराश और रगड़ सके। इसका अर्थ है हमें अपनी परिस्थितियों को – सुखद अथवा दुखद, परमेश्वर के औज़ार स्वीकार करना होगा, जिनके द्वारा वह हमें संवार रहा है। हमारे विषय अपनी कल्पना के अनुसार वह हमें तराशता जाता है, आकार देता जाता है। यह प्रक्रिया कभी अद्भुत होती है तो कभी  कष्टदायक, परन्तु अन्ततः वह हमें अपने पुत्र हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की समानता में ढाल देता है (रोमियों 8:29)।

      क्या आप उस समानता में ढलने की लालसा रखते हैं? अपने आप को महान कारीगर के हाथों में समर्पित कर दीजिए। - डेविड रोपर

मसीह में बढ़ना उसके साथ घनिष्ठ संबंध बनाने के द्वारा होता है।

क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:29

बाइबल पाठ: भजन 138:7-8; इफिसियों 2:6-10
Psalms 138:7 चाहे मैं संकट के बीच में रहूं तौभी तू मुझे जिलाएगा, तू मेरे क्रोधित शत्रुओं के विरुद्ध हाथ बढ़ाएगा, और अपने दाहिने हाथ से मेरा उद्धार करेगा।
Psalms 138:8 यहोवा मेरे लिये सब कुछ पूरा करेगा; हे यहोवा तेरी करुणा सदा की है। तू अपने हाथों के कार्यों को त्याग न दे।
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 137-139
  • 1 कुरिन्थियों 13



गुरुवार, 21 नवंबर 2013

दक्ष कारीगर


   मैंने हाल ही में एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म देखी जिसमें स्टेन्वे प्यानो बनाए जाने की प्रक्रिया को दिखाया गया है। उस चित्र में उस अति-उत्तम साज़ के बनाए जाने में उठाए गए अतिसावधानीपूर्ण हर कदम को दिखाया गया है, पेड़ के काटे जाने से लेकर प्यानो के तैयार होकर दुकान में आने तक। हर कदम पर कुशल कारीगर बारीकी से जाँचते हुए हर कार्य को पूरा करते हैं। एक प्यानो के बनने में एक वर्ष का समय लगता है, और इस साल भर लंबी प्रक्रिया के बाद जब निपुण संगीतज्ञ उसे बजाते हैं तो उनका यही निषकर्ष होता है कि संगीत की जो मधुर ध्वनि एक स्टेन्वे प्यानो से आती है वह अन्य किसी साधारण रीति से बने प्यानो से कभी नहीं आती। जंगल में उग रहे एक पेड़ से इतना उत्तम संगीत निकल सकेगा, और वह इतना मूल्यवान होने पाएगा, यह कलपना करना भी कठिन है; किंतु जंगली पेड़ से एक उत्कृष्ट उत्पाद बनने, तथा उसकी उत्तमता और प्रसिद्धी होने का राज़ है उसके निर्माण के हर कदम पर दक्ष कारीगरों का कार्य।

   जब परमेश्वर ने इस्त्राएल के लोगों को आराधना के लिए एक स्थान बनाने को कहा तो उसमें प्रयोग होने वाले सामान के बनाने के लिए भी परमेश्वर ने एक उत्तम कारीगर के कार्य को महत्व दिया। परमेश्वर ने मूसा को आराधना के स्थान का सारा नमूना दिखाते और समझाते हुए कहा कि उसने बसलेल को इस कार्य के करने के लिए चुना है और इस कार्य के लिए आवश्यक सारा कौशल और कला उसके अन्दर डाल दी है, अपने आत्मा से उसे भर दिया है (निर्गमन 31:3-5)।

   आज परमेश्वर प्रत्येक मसीही विश्वासी के हृदय में निवास करता है, लेकिन उसकी कारीगरी के कार्य का अन्त नहीं हुआ है। आज प्रत्येक मसीही विश्वासी उसके हाथ की कलाकृति है (इफिसियों 2:10) और हर विश्वासी को संवारने तराशने वाला कुशल कारीगर परमेश्वर पवित्र आत्मा है। वह हमारे हर एक दोष और खामी को तराश कर निकालता रहता है और हमारे चरित्र को प्रभु यीशु की समानता में ढालता रहता है (रोमियों 8:28-29)। जैसे जैसे हम उसकी कारीगरी के आधीन अपने आप को समर्पित करते जाते हैं हम पाते हैं कि एक निपुण कारीगर के समान वह हमें उत्तमता में और उन्नत करता जाता है; अन्ततः हम द्खेंगे कि उस दक्ष कारीगर की कुशल कारीगरी ही हमारे उत्कृष्ट जीवन का राज़ है।

   अपने जीवनों को उस महान और सर्वोत्तम कारीगर परमेश्वर प्रभु यीशु के हाथ में समर्पित कर दीजिए। अपनी किसी क्षमता अथवा कौशल पर नहीं वरन उसकी दक्ष कारीगरी पर भरोसा रखिए और उसे अपना कार्य स्वतंत्रता पूर्वक कर लेने दीजिए; वह आपके स्वरूप को ऐसा संवार देगा जैसा कि आपने कभी कलपना भी नहीं करी होगी। - डेनिस फिशर


पिता परमेश्वर ने हमें अपने पुत्र की समानता में लाने के लिए हमें अपना पवित्र आत्मा दिया है।

क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया। - इफिसियों 2:10

बाइबल पाठ: निर्गमन 31:1-5
Exodus 31:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 
Exodus 31:2 सुन, मैं ऊरी के पुत्र बसलेल को, जो हूर का पोता और यहूदा के गोत्र का है, नाम ले कर बुलाता हूं। 
Exodus 31:3 और मैं उसको परमेश्वर की आत्मा से जो बुद्धि, प्रवीणता, ज्ञान, और सब प्रकार के कार्यों की समझ देनेवाली आत्मा है परिपूर्ण करता हूं, 
Exodus 31:4 जिस से वह कारीगरी के कार्य बुद्धि से निकाल निकाल कर सब भांति की बनावट में, अर्थात सोने, चांदी, और पीतल में, 
Exodus 31:5 और जड़ने के लिये मणि काटने में, और लकड़ी के खोदने में काम करे।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 16-17 
  • याकूब 3


मंगलवार, 15 मार्च 2011

काठ में अभिव्यक्ति

एक बढ़ई एक अन्धे भूमिहर को अपनी कारीगरी के सिद्धांतों को समझाने की कोशिश कर रहा था। बढ़ई ने कहा कि कलाकार अपने आप को रंगों के द्वारा अपने आप को अभिव्यक्त करते हैं, लेखक शब्दों द्वारा और शिल्पकार पत्थर पर काम करके, मैं अपने आप को काठ पर अपनी कारीगरी के द्वारा ही सबसे बेहतर तरह अभिव्यक्त कर सकता हूँ। भूमीधर ने अद्भुत आत्मिक अन्तःदृष्टि से कहा, "काठ द्वारा? श्रीमान क्या आप जानते हैं कि सारे संसार में मनुष्य की महानत्म अभिव्यक्ति काठ में ही हुई है?" बढ़ई ने भूमिहर से बड़े अचरज से पूछा, "कैसे?" भूमिहर ने उत्तर दिया, "यीशु मसीह के क्रूस द्वारा।"

जब प्रभु यीशु इस पृथ्वी पर रहने के लिये आए तो अपने स्वर्गीय पिता के वचनानुसार आए। जो कुछ भी उन्होंने कहा या किया वह सब परमेश्वर पिता की आज्ञा के अनुसार था, इसलिये उनका जीवन और शिक्षाएं मनुष्य जाति के प्रति परमेश्वर के प्रेम भरे हृदय की सच्ची अभिव्यक्ति हैं। परन्तु प्रभु यीशु ने मनुष्य जाति के लिये परमेश्वर के प्रेम की अनन्त योजना की अभिव्यक्ति किसी महान शिक्षा के प्रचार या किसी बड़े आश्चर्यकर्म द्वारा नहीं करी, वरन उन्होंने परमेश्वर के प्रेम का सबसे प्रभावशाली प्रगटिकरण क्रूस पर स्वेच्छा से अपने बलिदान द्वारा किया।

क्रूस पर प्रभु यीशु का बलिदान परमेश्वर के प्रेम की महानत्म अभिव्यक्ति था। यह बलिदान, यह मृत्यु सहना, यह अनन्त प्रेम की अभिव्यक्ति मेरे और आपके लिये थी। जिसने इस काठ पर करी गई प्रेम की महानतम अभिव्यक्ति के मर्म को समझ लिया और स्वीकार कर लिया, वह अनन्त उद्धार पा गया। - डेव एगनर


मसीह ने हमारे पाप के दोष को अपने ऊपर ले लिया और हमें अपने अनुग्रह तथा आशीश की भेंट दे दी।

यहूदी तो चिन्‍ह चाहते हैं, और यूनानी ज्ञान की खोज में हैं। परन्‍तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते हैं जो यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और अन्यजातियों के निकट मूर्खता है। परन्‍तु जो बुलाए हुए हैं क्‍या यहूदी, क्‍या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है। - १ कुरिन्थियों १:२२-२४


बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों १:१८-२५

1Co 1:18 क्‍योंकि क्रूस की कथा नाश होने वालों के निकट मूर्खता है, परन्‍तु हम उद्धार पाने वालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है।
1Co 1:19 क्‍योंकि लिखा है, कि मैं ज्ञानवानों के ज्ञान को नाश करूंगा, और समझदारों की समझ को तुच्‍छ कर दूंगा।
1Co 1:20 कहां रहा ज्ञानवान? कहां रहा शास्त्री? कहां इस संसार का विवादी? क्‍या परमेश्वर ने संसार के ज्ञान को मूर्खता नहीं ठहराया?
1Co 1:21 क्‍योंकि जब परमेश्वर के ज्ञान के अनुसार संसार ने ज्ञान से परमेश्वर को न जाना तो परमेश्वर को यह अच्‍छा लगा, कि इस प्रकार की मूर्खता के द्वारा विश्वास करने वालों को उद्धार दे।
1Co 1:22 यहूदी तो चिन्‍ह चाहते हैं, और यूनानी ज्ञान की खोज में हैं।
1Co 1:23 परन्‍तु हम तो उस क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह का प्रचार करते हैं जो यहूदियों के निकट ठोकर का कारण, और अन्यजातियों के निकट मूर्खता है।
1Co 1:24 परन्‍तु जो बुलाए हुए हैं क्‍या यहूदी, क्‍या यूनानी, उन के निकट मसीह परमेश्वर की सामर्थ, और परमेश्वर का ज्ञान है।
1Co 1:25 क्‍योंकि परमेश्वर की मूर्खता मनुष्यों के ज्ञान से ज्ञानवान है; और परमेश्वर की निर्बलता मनुष्यों के बल से बहुत बलवान है।

एक साल में बाइबल:
  • व्यवस्थाविवरण २६-२७
  • मरकुस १४:२७-५३

गुरुवार, 18 नवंबर 2010

मिट्टी में जान फूंकने वाला परमेश्वर

१९५० के एक उपन्यास में एक दृश्य है जहां गांव में चार जन एक दूसरे के सामने अपने पाप मान लेते हैं। ग्लानि से भर कर उनमें से एक चिल्ला उठता है, "परमेश्वर हमें पृथ्वी पर जीवित कैसे बर्दाशत कर सकता है? वह हमें मार कर अपनी सृष्टि को शुद्ध क्यों नहीं कर लेता?" तब दूसरा उसे उत्तर देता है, "क्योंकि परमेश्वर कुम्हार है; वह मिट्टी को उपयोगी बनाता है।"

संसार के आरंभ में परमेश्वर ने ऐसा ही किया। ’उत्पत्ति’ की पुस्तक बताती है कि सृष्टिकर्ता परमेश्वर ने मनुष्य जाति को अनूठे रूप में सृजा। उसने ज़मीन की मिट्टी ली, उससे मानव का रूप गढ़ा (- जो शब्द मूल भाषा में इस रचना के कारय लिये उपयोग हुआ है वह एक मंझे हुए श्रेष्ठ कारीगर के कार्य करने को दिखाता है, जैसे कुम्हार मिट्टी लेकर उससे एक सुन्दर और उपयोगी पात्र बना देता है), और फिर उस मिट्टी के मानव में अपनी श्वास फूंक दी जिससे वह मिट्टी का पुतला जीवित प्राणी बन गया, जिसमें न केवल प्राण था वरन आत्मा भी थी और इसलिये वह मानव परमेश्वर के साथ संगति करने और उसकी सेवा करने के योग्य हुआ।

आदम और हव्वा के पाप के कारण मानव जाति की संगति परमेश्वर से टूट गई, लेकिन पाप में गिरे और फंसे मानव के प्रति परमेश्वर का प्रेम कम नहीं हुआ। वह फिर भी उसके हित में कार्य करता रहा और उस टूटी हुई संगति को पुनः स्थापित करने के लिये उसने अपने पुत्र प्रभु यीशु मसीह को भेजा ताकि वह उनके पापों के लिये अपना बलिदान दे और समस्त मानव जाति के लिये उद्धार का मार्ग तैयार कर दे।

परमेश्वर आज भी पाप के दलदल में मरे हुए मनुष्यों में नए जीवन की सांस फूंक रहा है - अब जो कोई प्रभु यीशु को और उसके बलिदान को स्वेच्छा से ग्रहण करता है वह पाप के दलदल से निकल कर परमेश्वर की संगति में आ जाता है और परमेश्वर के लिये उपयोगी पात्र बन जाता है।

उसका निमंत्रण सब के लिये है, आपके लिये भी "क्‍योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उस ने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्‍तु अनन्‍त जीवन पाए। परमेश्वर ने अपने पुत्र को जगत में इसलिये नहीं भेजा, कि जगत पर दंड की आज्ञा दे परन्‍तु इसलिये कि जगत उसके द्वारा उद्धार पाए।" (यूहन्ना ३:१६, १७)

धन्यवाद सहित इस महान उद्धार को स्वीकार कीजिये और परमेश्वर से नए जीवन का उपहार प्राप्त कीजिए। - मारविन विलियम्स


परमेश्वर ही है जो अशुद्ध को शुद्ध बना सकता है।

और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया। - उत्पत्ति २:७


बाइबल पाठ: २ कुरिन्थियों ५:१४-२१

क्‍योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए।
और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्‍तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा।
सो अब से हम किसी को शरीर के अनुसार न समझेंगे, और यदि हम ने मसीह को भी शरीर के अनुसार जाना था, तौभी अब से उस को ऐसा नहीं जानेंगे।
सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं, देखो, वे सब नई हो गईं।
और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिस ने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारे मेल मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है।
अर्थात परमेश्वर ने मसीह में होकर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उस ने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
सो हम मसीह के राजदूत हैं, मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो।
जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं।

एक साल में बाइबल:
  • यहेजेकेल ८-१०
  • इब्रानियों १३