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बुधवार, 27 अक्टूबर 2021

मसीही विश्वास एवं शिष्यता - 27


मसीही विश्वासी के गुण (3) - प्रभु के समान होने का प्रयास करता है 

सुसमाचारों में दिए गए वर्णन में से, प्रभु यीशु मसीह के शिष्य का तीसरा गुण है कि उसे अपने उद्धारकर्ता और गुरु, प्रभु यीशु मसीह की समानता में होना है। प्रभु यीशु ने कहा, “चेला अपने गुरु से बड़ा नहीं; और न दास अपने स्वामी से। चेले का गुरु के, और दास का स्वामी के बराबर होना ही बहुत है; जब उन्होंने घर के स्वामी को शैतान कहा तो उसके घर वालों को क्यों न कहेंगे?” (मत्ती 10:24-25)। यह हमारे लिए बहुत विचार और मनन करने की बात है कि परमेश्वर ने व्यवस्था को मूसा के द्वारा लिखवा कर इस्राएलियों के लिए दे दिया, और उन्हें उसका पालन करने के लिए कहा। किन्तु इस अनुग्रह के युग में प्रभु यीशु मसीह ने स्वयं देहधारी वचन बनकर मनुष्यों के मध्य निवास किया (यूहन्ना 1:14) और सजीव उदाहरण के द्वारा जी कर दिखाया, बताया, और सिखाया कि प्रभु यीशु के अनुयायी को कैसा होना है, क्या करना है। मसीही विश्वासी का आदर्श, अनुसरण करने के लिए उसका नमूना स्वयं प्रभु यीशु मसीह है। मसीही विश्वास का जीवन व्यावहारिक जीवन है; संसार के सामने जी कर दिखाया जाता है; धर्म-कर्म-रस्म के निर्वाह और किताबी ज्ञान अर्जित करने का जीवन नहीं है। 

पौलुस ने पवित्र आत्मा की अगुवाई में अपने जीवन के उदाहरण से इस बात को लिखा, कि जैसे वह मसीह का अनुसरण करता था, वैसे ही, उसके समान अन्य लोग भी ऐसा ही करें:

1 कुरिन्थियों 11:1 तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूं।

1 थिस्स्लुनीकियों 4:1-2 निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ। क्योंकि तुम जानते हो, कि हम ने प्रभु यीशु की ओर से तुम्हें कौन कौन सी आज्ञा पहुंचाई।

पौलुस ने आगे चलकर अपने जीवन के विषय में लिखा:

फिलिप्पियों 1:21 क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है।

गलतियों 2:20 मैं मसीह के साथ क्रूस पर चढ़ाया गया हूं, और अब मैं जीवित न रहा, पर मसीह मुझ में जीवित है: और मैं शरीर में अब जो जीवित हूं तो केवल उस विश्वास से जीवित हूं, जो परमेश्वर के पुत्र पर है, जिसने मुझ से प्रेम किया, और मेरे लिये अपने आप को दे दिया।

उसने अपने आप को पूर्णतः मसीह यीशु को समर्पित कर दिया था, और प्रभु यीशु के कहे के अनुसार करता था, उसी के चलाए चलता था, अपने जीवन से उसी को दिखाना, और उसे ही महिमा देना चाहता था। 

मसीही जीवन की परिपक्वता में बढ़ना भी प्रभु यीशु मसीह की समानता में बढ़ते जाना है “परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं” (2 कुरिन्थियों 3:18)। यह परिवर्तन तब ही संभव है जब हर बात में हर निर्णय से पहले, यह विचार करे कि “इस बात के लिए, या इस परिस्थिति में, प्रभु यीशु क्या कहता, अथवा क्या करता?” इसीलिए पवित्र आत्मा ने लिखवाया है कि “इस संसार के सदृश न बनो; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो” (रोमियों 12:2)। हम मसीही विश्वासियों को अपना हर कार्य, हर निर्णय, सांसारिक बुद्धि अथवा समझ के अनुसार नहीं वरन उस बदली हुई बुद्धि और चाल-चलन के अनुसार करना है।   

यदि आप मसीही विश्वासी हैं, तो यह जाँचने की बात है कि आप का आदर्श, आपके अनुसरण के लिए आपका नमूना कौन है? क्या आप अपने जीवन की हर बात, हर निर्णय में प्रभु यीशु को प्राथमिकता देकर, वैसा ही करने और जीने का प्रयास करते हैं जैसा उस बात, उस निर्णय के लिए प्रभु यीशु करता? प्रभु ने कहा है, शिष्य के लिए अपने गुरु के समान होना ही पर्याप्त है। 

और यदि आपने प्रभु की शिष्यता को अभी तक स्वीकार नहीं किया है, तो अपने अनन्त जीवन और स्वर्गीय आशीषों को सुनिश्चित करने के लिए अभी उसके पक्ष में अपना निर्णय कर लीजिए। जहाँ प्रभु की आज्ञाकारिता है, उसके वचन की बातों का आदर और पालन है, वहाँ प्रभु की आशीष और सुरक्षा भी है। प्रभु यीशु से अपने पापों के लिए क्षमा माँगकर, स्वेच्छा से तथा सच्चे मन से अपने आप को उसकी अधीनता में समर्पित कर दीजिए - उद्धार और स्वर्गीय जीवन का यही एकमात्र मार्ग है। आपको स्वेच्छा और सच्चे मन से प्रभु यीशु मसीह से केवल एक छोटी प्रार्थना करनी है, और साथ ही अपना जीवन उसे पूर्णतः समर्पित करना है। आप यह प्रार्थना और समर्पण कुछ इस प्रकार से भी कर सकते हैं, “प्रभु यीशु मैं आपका धन्यवाद करता हूँ कि आपने मेरे पापों की क्षमा और समाधान के लिए उन पापों को अपने ऊपर लिया, उनके कारण मेरे स्थान पर क्रूस की मृत्यु सही, गाड़े गए, और मेरे उद्धार के लिए आप तीसरे दिन जी भी उठे, और आज जीवित प्रभु परमेश्वर हैं। कृपया मेरे पापों को क्षमा करें, मुझे अपनी शरण में लें, और मुझे अपना शिष्य बना लें। मैं अपना जीवन आप के हाथों में समर्पित करता हूँ।” सच्चे और समर्पित मन से की गई आपकी एक प्रार्थना आपके वर्तमान तथा भविष्य को, इस लोक के और परलोक के जीवन को, अनन्तकाल के लिए स्वर्गीय एवं आशीषित बना देगी।

 

एक साल में बाइबल पढ़ें:

  • यिर्मयाह 12-14
  • 2 तिमुथियुस 1    

सोमवार, 25 नवंबर 2019

मनुष्य



      जब एक न्यायाधिकारी से कहा गया कि वह समाज में अपनी भूमिका के बारे में कुछ कहे, तो उसने न तो अपने पद का हवाला दिया, और न ही अपने अधिकारों का वर्णन किया। वरन उसने नम्रता से कहा, “हम मनुष्य हैं, जो संकट में पड़े अन्य मनुष्यों के साथ काम करते हैं।”

      उसकी यह नम्रता – उसके द्वारा यह स्वीकार करना कि वह अन्य मनुष्यों के समान ही है – मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में पतरस के शब्दों को स्मरण करवाता है, जो उसने रोमी शासन के आधीन सताव झेल रहे प्रथम शताब्दी के मसीही विश्वासियों को लिखे थे। पतरस ने कहा: “निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो” (1 पतरस 3:8)। प्रतीत होता है कि पतरस कह रहा था कि संकट में पड़े मनुष्यों के प्रति सबसे उत्तम प्रतिक्रिया है मनुष्य ही के समान होना, इस बात का बोध रखना कि हम सभी समान ही हैं। क्या परमेश्वर ने भी यही नहीं किया जब उसने अपने पुत्र को भेजा – वह मनुष्य बन कर आया ताकि हम मनुष्यों की सहायता कर सके (फिलिप्पियों 2: 5-7)।

      यदि हम केवल अपने पतित हृदयों की गहराइयों में ही झांकते रहेंगे, तो हम अपने मनुष्य होने को तुच्छ समझने का खतरा उठाते हैं। परन्तु क्या हो यदि हम अपने मनुष्य होने को संसार के लिए उपयोगी होना समझें? प्रभु यीशु हमें सिखाते हैं कि हम कैसे पूर्णतः मनुष्यों की समानता का जीवन जी सकते हैं, सेवकों के समान, इस बोध के साथ कि हम सभी समान हैं। परमेश्वर ने हमें “मनुष्य” ही बनाया है, किन्तु अपने स्वरूप में, और फिर हमारे प्रति अपने बिना किसी शर्त के प्रेम के अंतर्गत हमारा उद्धार भी किया है।

      यह निश्चित है कि हमारा सामना विभिन्न संघर्षों में पड़े मनुष्यों से होगा। उस प्रभाव की कल्पना करें जो हम लाने पाएंगे जब उनके प्रति मनुष्य के समान ही प्रत्युत्तर दें – ऐसे मनुष्य जो अन्य मनुष्यों के साथ मिलकर संकट में पड़े मनुष्यों की सहायता करने वाले साथी होते हैं। - एलीसा मॉर्गन

नम्रता परमेश्वर को, तथा उसके समक्ष अपने आप को, पहिचानने का परिणाम है।

जैसा मसीह यीशु का स्‍वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्‍वभाव हो। जिसने परमेश्वर के स्‍वरूप में हो कर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा। वरन अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और दास का स्‍वरूप धारण किया, और मनुष्य की समानता में हो गया। - फिलिप्पियों 2:5-7

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:11-17; 3:8-9
1 Peter 2:11 हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जान कर उस सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो।
1 Peter 2:12 अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें।
1 Peter 2:13 प्रभु के लिये मनुष्यों के ठहराए हुए हर एक प्रबन्‍ध के आधीन में रहो, राजा के इसलिये कि वह सब पर प्रधान है।
1 Peter 2:14 और हाकिमों के, क्योंकि वे कुकिर्मयों को दण्‍ड देने और सुकिर्मयों की प्रशंसा के लिये उसके भेजे हुए हैं।
1 Peter 2:15 क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम भले काम करने से निर्बुद्धि लोगों की अज्ञानता की बातों को बन्‍द कर दो।
1 Peter 2:16 और अपने आप को स्‍वतंत्र जानो पर अपनी इस स्‍वतंत्रता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्तु अपने आप को परमेश्वर के दास समझ कर चलो।
1 Peter 2:17 सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।
1 Peter 3:8 निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखने वाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
1 Peter 3:9 बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 24-26
  • 1 पतरस 2



शनिवार, 26 जनवरी 2019

समान



      ब्रिटेन के लेखक एवलिन वॉ शब्दों को ऐसे प्रयोग करते थे कि उनके चरित्र की त्रुटियाँ और अधिक विदित हो जाती थीं। अन्ततः वह उपन्यासकार मसीही विश्वासी बन गया, परन्तु वह फिर भी अपने चरित्र को लेकर संघर्ष करता रहा। एक दिन एक महिला ने उससे पूछा, “श्रीमान वॉ, ऐसा कैसे हो सकता है कि आप अपने आप को मसीही भी कहें और वैसे व्यवहार भी करें जैसा आप दिखाते हैं?” उन्होंने उस महिला को उत्तर दिया, “महोदया, आप मुझे जितना बुरा समझती हैं, संभव है कि मैं वैसा हूँ। परन्तु मेरा विश्वास कीजिए कि यदि मेरा यह धर्म न होता तो मैं मनुष्य कहलाने के योग्य भी न होता।”

      वॉ एक आंतरिक आत्मिक युद्ध लड़ रहे थे, जिसका अनुभव स्वयं पौलुस ने भी किया था और जिसके विषय परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में लिखा है। अपने इस संघर्ष के बारे में पौलुस लिखता है, कि वह भला तो करना चाहता है, परन्तु कर नहीं पाता है (रोमियों 7:18)। वह बताता है कि ऐसा व्यवस्था में कोई दोष होने के कारण नहीं है, वरन उसके मानव स्वभाव के कारण है (रोमियों 7:14)। इसे और अधिक स्पष्ट करते हुए वह कहता है कि अपने भीतरी मनुष्यत्व में तो वह परमेश्वर की व्यवस्था से प्रसन्न रहता है, परन्तु उसके शरीर में एक अन्य ही व्यवस्था कार्य करती है, और वह प्रश्न करता है कि वह कैसे इस मरणहार शरीर की इस प्रवृत्ति से बच सकता है (रोमियों 7: 22-24)? और फिर वह उल्लास के साथ इस प्रश्न का उत्तर बताता है कि यह प्रभु यीशु मसीह द्वारा संभव है (रोमियों 7:25–8:2)।

      हम, अपने पापों और गलतियों का अंगीकार कर के, और अपने लिए एक उद्धारकर्ता की आवश्यकता को स्वीकार करके, जब प्रभु यीशु मसीह में विश्वास लाते हैं तो तुरंत ही हम एक नई सृष्टि हो जाते हैं (2 कुरिन्थियों 5: 17)। परन्तु शारीरिक से आत्मिक हो जाने का यह परिवर्तन एक आजीवन चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके विषय प्रेरित यूहन्ना लिखता है, “हे प्रियों, अभी हम परमेश्वर की सन्तान हैं, और अब तक यह प्रगट नहीं हुआ, कि हम क्या कुछ होंगे! इतना जानते हैं, कि जब वह प्रगट होगा तो हम भी उसके समान होंगे, क्योंकि उसको वैसा ही देखेंगे जैसा वह है” (1 यूहन्ना 3:2)। परमेश्वर हम मसीही विश्वासियों को अपने पुत्र, हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की समानता में ढालता जा रहा है; एक दिन हम प्रभु के समान होंगे। - टिम गुस्ताफासन


मसीही होने का अर्थ है अक्षम्य को क्षमा करने वाला होना, 
क्योंकि परमेश्वर ने हम में विद्यमान अक्षम्य को क्षमा कर दिया। - सी. एस. ल्यूइस

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5: 17

बाइबल पाठ: रोमियों 7:12–8:2
Romans 7:12 इसलिये व्यवस्था पवित्र है, और आज्ञा भी ठीक और अच्छी है।
Romans 7:13 तो क्या वह जो अच्छी थी, मेरे लिये मृत्यु ठहरी? कदापि नहीं! परन्तु पाप उस अच्छी वस्तु के द्वारा मेरे लिये मृत्यु का उत्पन्न करने वाला हुआ कि उसका पाप होना प्रगट हो, और आज्ञा के द्वारा पाप बहुत ही पापमय ठहरे।
Romans 7:14 क्योंकि हम जानते हैं कि व्यवस्था तो आत्मिक है, परन्तु मैं शरीरिक और पाप के हाथ बिका हुआ हूं।
Romans 7:15 और जो मैं करता हूं, उसको नहीं जानता, क्योंकि जो मैं चाहता हूं, वह नहीं किया करता, परन्तु जिस से मुझे घृणा आती है, वही करता हूं।
Romans 7:16 और यदि, जो मैं नहीं चाहता वही करता हूं, तो मैं मान लेता हूं, कि व्यवस्था भली है।
Romans 7:17 तो ऐसी दशा में उसका करने वाला मैं नहीं, वरन पाप है, जो मुझ में बसा हुआ है।
Romans 7:18 क्योंकि मैं जानता हूं, कि मुझ में अर्थात मेरे शरीर में कोई अच्छी वस्तु वास नहीं करती, इच्छा तो मुझ में है, परन्तु भले काम मुझ से बन नहीं पड़ते।
Romans 7:19 क्योंकि जिस अच्छे काम की मैं इच्छा करता हूं, वह तो नहीं करता, परन्तु जिस बुराई की इच्छा नहीं करता वही किया करता हूं।
Romans 7:20 परन्तु यदि मैं वही करता हूं, जिस की इच्छा नहीं करता, तो उसका करने वाला मैं न रहा, परन्तु पाप जो मुझ में बसा हुआ है।
Romans 7:21 सो मैं यह व्यवस्था पाता हूं, कि जब भलाई करने की इच्छा करता हूं, तो बुराई मेरे पास आती है।
Romans 7:22 क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं।
Romans 7:23 परन्तु मुझे अपने अंगो में दूसरे प्रकार की व्यवस्था दिखाई पड़ती है, जो मेरी बुद्धि की व्यवस्था से लड़ती है, और मुझे पाप की व्यवस्था के बन्धन में डालती है जो मेरे अंगों में है।
Romans 7:24 मैं कैसा अभागा मनुष्य हूं! मुझे इस मृत्यु की देह से कौन छुड़ाएगा?
Romans 7:25 मैं अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं: निदान मैं आप बुद्धि से तो परमेश्वर की व्यवस्था का, परन्तु शरीर से पाप की व्यवस्था का सेवन करता हूं।
Romans 8:1 सो अब जो मसीह यीशु में हैं, उन पर दण्ड की आज्ञा नहीं: क्योंकि वे शरीर के अनुसार नहीं वरन आत्मा के अनुसार चलते हैं।
Romans 8:2 क्योंकि जीवन की आत्मा की व्यवस्था ने मसीह यीशु में मुझे पाप की, और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र कर दिया।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 14-15
  • मत्ती 17



सोमवार, 3 सितंबर 2018

नकल



      बच्चों को सिखा रहे पास्टर ने  उसके चारों ओर एकत्रित हुए बच्चों से कहा के वे एक खेल खेलेंगे जिसका नाम है “नकल”; पास्टर ने बच्चों को समझाया, “मैं कोई नाम लूंगा, और तुम्हें उस नाम वाली वस्तु के अनुसार उसकी नकल करके दिखानी होगी। क्या तुम तैयार हो?” पास्टर ने पहला नाम लिया, मुर्गी! बच्चों ने अपनी बाहों से पंख फड़फड़ाने, मुँह से कुड़कुड़ाने की नकल उतारी। फिर आया हाथी, उसके बाद फुटबॉल का खिलाड़ी, और फिर नर्तकी । अन्त में पास्टर ने नाम लिया यीशु ; अधिकांश बच्चे सकपका गए, फिर एक छः वर्षीय बच्चे ने खड़े होकर, चहरे पर बड़ी सी मुस्कराहट के साथ, स्वागत में अपनी बाहें फैला दीं। सभी लोगों ने ताली बजाकर उसकी प्रशंसा की।

      हम कितनी सरलता से यह भूल जाते हैं कि हमारी बुलाहट प्रतिदिन के जीवन में मसीह यीशु के समान बनने की है। “इसलिये प्रिय, बालकों की नाईं परमेश्वर के सदृश बनो। और प्रेम में चलो; जैसे मसीह ने भी तुम से प्रेम किया; और हमारे लिये अपने आप को सुखदायक सुगन्‍ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट कर के बलिदान कर दिया” (इफिसियों 5:1-2)।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने थिस्सलूनिकिया के मसीही विश्वासियों की सराहना की, क्योंकि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने मसीही विश्वास का व्यावाहारिक प्रदर्शन किया था। पौलुस ने लिखा, “और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे। यहां तक कि मकिदुनिया और अखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने” (1 थिस्सलुनीकियों 1:6-7)।

      यह हमारे अन्दर प्रभु यीशु का जीवन ही है जो हमें प्रोत्साहित एवँ योग्य करता है कि हम इस सँसार में प्रभु के समान चलें, और सारे सँसार के समस्त लोगों के लिए परमेश्वर के प्रेम के सुसमाचार को बताएँ, सबके स्वागत के लिए अपनी बाहों को खुला रखें। - डेविड मैक्कैस्लैंड


प्रभु यीशु की बाहें स्वागत में सदा खुली रहती हैं।

प्रभु यीशु ने कहा: “क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो।” - यूहन्ना 13:15

बाइबल पाठ: 1 थिस्सलुनीकियों 1:1-10
1 Thessalonians 1:1 पौलुस और सिलवानुस और तीमुथियुस की ओर से थिस्‍सलुनिकियों की कलीसिया के नाम जो परमेश्वर पिता और प्रभु यीशु मसीह में है। अनुग्रह और शान्‍ति तुम्हें मिलती रहे।
1 Thessalonians 1:2 हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
1 Thessalonians 1:3 और अपने परमेश्वर और पिता के साम्हने तुम्हारे विश्वास के काम, और प्रेम का परिश्रम, और हमारे प्रभु यीशु मसीह में आशा की धीरता को लगातार स्मरण करते हैं।
1 Thessalonians 1:4 और हे भाइयो, परमेश्वर के प्रिय लोगों हम जानतें हैं, कि तुम चुने हुए हो।
1 Thessalonians 1:5 क्योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन सामर्थ और पवित्र आत्मा, और बड़े निश्‍चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।
1 Thessalonians 1:6 और तुम बड़े क्‍लेश में पवित्र आत्मा के आनन्द के साथ वचन को मान कर हमारी और प्रभु की सी चाल चलने लगे।
1 Thessalonians 1:7 यहां तक कि मकिदुनिया और अखया के सब विश्वासियों के लिये तुम आदर्श बने।
1 Thessalonians 1:8 क्योंकि तुम्हारे यहां से न केवल मकिदुनिया और अखया में प्रभु का वचन सुनाया गया, पर तुम्हारे विश्वास की जो परमेश्वर पर है, हर जगह ऐसी चर्चा फैल गई है, कि हमें कहने की आवश्यकता ही नहीं।
1 Thessalonians 1:9 क्योंकि वे आप ही हमारे विषय में बताते हैं कि तुम्हारे पास हमारा आना कैसा हुआ; और तुम कैसे मूरतों से परमेश्वर की ओर फिरे ताकि जीवते और सच्चे परमेश्वर की सेवा करो।
1 Thessalonians 1:10 और उसके पुत्र के स्वर्ग पर से आने की बाट जोहते रहो जिसे उसने मरे हुओं में से जिलाया, अर्थात यीशु की, जो हमें आने वाले प्रकोप से बचाता है।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 140-142
  • 1 कुरिन्थियों 14:1-20



रविवार, 2 सितंबर 2018

कारीगर



      फिप्प्स फेस्टस बोर्न, जिसकी 2002 में मृत्यु हो गई, लकड़ी पर नक्काशी करने वाला एक उस्ताद कारीगर था। वह अपनी नक्काशी द्वारा लकड़ी पर वस्तुओं के इतने सजीव कृतियाँ बनाता था कि वे वास्तविक वस्तुओं की हू-ब-हू प्रतीक लगती थीं। उसने कहा, “बत्तख की नक्काशी करना सरल है। लकड़ी के एक टुकड़े को ध्यान से देखिए, अपने मन में बैठा लीजिए कि बत्तख कैसी दिखती है, फिर उस लकड़ी में से वह सब हटा दीजिए जो उस बत्तख जैसा नहीं दिखाई देता है।”

      यही बात परमेश्वर के साथ भी है। वह आपको और मुझे देखता है – लकड़ी के टेढ़े-मेढ़े, खुरदुरे टुकड़े के समान; वह हम में मसीह की समानता का अपना विचार देखता है, और फिर हम में से वह सब हटाता चला जाता है जो उसके विचार के अनुसार मसीह की समानता में नहीं है। जब वह अपनी कारीगरी कर चुकेगा तो हम अपनी उस सुंदरता को देखकर दंग रह जाएँगे।

      परन्तु इसके लिए हमें सबसे पहले यह स्वीकार करना होगा कि हम बेडौल और बिगड़े हुए हैं, और उस महान कारीगर को हम पर कार्य करने की आवश्यकता है, और फिर अपने आप को उसके हाथों में पूर्णतः समर्पित करना होगा जिससे वह अपना कार्य अच्छे से कर सके – हमें आवश्यकतानुसार काट, छांट, तराश और रगड़ सके। इसका अर्थ है हमें अपनी परिस्थितियों को – सुखद अथवा दुखद, परमेश्वर के औज़ार स्वीकार करना होगा, जिनके द्वारा वह हमें संवार रहा है। हमारे विषय अपनी कल्पना के अनुसार वह हमें तराशता जाता है, आकार देता जाता है। यह प्रक्रिया कभी अद्भुत होती है तो कभी  कष्टदायक, परन्तु अन्ततः वह हमें अपने पुत्र हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु की समानता में ढाल देता है (रोमियों 8:29)।

      क्या आप उस समानता में ढलने की लालसा रखते हैं? अपने आप को महान कारीगर के हाथों में समर्पित कर दीजिए। - डेविड रोपर

मसीह में बढ़ना उसके साथ घनिष्ठ संबंध बनाने के द्वारा होता है।

क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:29

बाइबल पाठ: भजन 138:7-8; इफिसियों 2:6-10
Psalms 138:7 चाहे मैं संकट के बीच में रहूं तौभी तू मुझे जिलाएगा, तू मेरे क्रोधित शत्रुओं के विरुद्ध हाथ बढ़ाएगा, और अपने दाहिने हाथ से मेरा उद्धार करेगा।
Psalms 138:8 यहोवा मेरे लिये सब कुछ पूरा करेगा; हे यहोवा तेरी करुणा सदा की है। तू अपने हाथों के कार्यों को त्याग न दे।
Ephesians 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
Ephesians 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
Ephesians 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
Ephesians 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 137-139
  • 1 कुरिन्थियों 13



बुधवार, 14 सितंबर 2016

यीशु


   सुप्रसिद्ध मसीही प्रचारक चार्ल्स वेस्ली (1707-1788) ने परमेश्वर की स्तुति में 9000 भजन और कविताएं लिखीं थीं। उन में से कुछ, जैसे कि "काश कि हज़ार ज़ुबानों से" स्तुति और आराधना की महान कृतियाँ हैं। उनकी एक कविता, "कोमल यीशु, नम्र एवं सौम्य" जो पहली बार 1742 में प्राकाशित हुई थी, एक बच्चे के समान करी गई शांत मन की प्रार्थना है जो दिखाती है कि हमें कैसे साधारण विश्वास और ईमानदारी के साथ प्रभु यीशु का खोजी होना चाहिए:
प्रेमी यीशु, कोमल मेमने,
आपके कृपालु हाथों में समर्पित हूँ;
मेरे उद्धारकर्ता, मुझे अपनी समानता में लाएं,
आप स्वयं मेरे हृदय में निवास करें।

   जब प्रभु यीशु के कुछ चेले उसके स्वर्गीय राज्य में उच्च स्थान प्राप्त करने के लिए तरकीबें लड़ा रहे थे, तब प्रभु यीशु ने "...एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया। और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे" (मत्ती 18:2-3)।

   बच्चे बहुत कम ही किसी उच्च पद की या सामर्थ पाने की लालसा करते हैं; इससे अधिक वे सुरक्षा और स्वीकृति चाहते हैं; बच्चे उन व्यसकों के साथ रहना चाहते हैं जो उन्हें प्रेम करते हैं, उनकी देखभाल करते हैं। प्रभु यीशु ने कभी बच्चों को अपने से दूर नहीं किया।

   वेस्ली की इस कविता का अंतीम अंतरा एक बालक के समान प्रभु यीशु की समानता में ढलने की लालसा को दिखाता है:
तब मैं आपकी प्रशंसा प्रदर्शित करने पाऊँगा,
खुशियों से भरे अपने सारे दिनों में आपकी सेवा करूँगा;
तब संसार सदा देखने पाएगा,
मसीह, पवित्र बालक को मुझ में।
 - डेविड मैक्कैसलैंड

विश्वास सबसे अच्छा एक बच्चे के समान निर्मल हृदय में ही चमकता है।

यीशु ने कहा, बालकों को मेरे पास आने दो: और उन्हें मना न करो, क्योंकि स्वर्ग का राज्य ऐसों ही का है। - मत्ती 19:14

बाइबल पाठ: मत्ती 18:1-10
Matthew 18:1 उसी घड़ी चेले यीशु के पास आकर पूछने लगे, कि स्वर्ग के राज्य में बड़ा कौन है? 
Matthew 18:2 इस पर उसने एक बालक को पास बुलाकर उन के बीच में खड़ा किया। 
Matthew 18:3 और कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, यदि तुम न फिरो और बालकों के समान न बनो, तो स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने नहीं पाओगे। 
Matthew 18:4 जो कोई अपने आप को इस बालक के समान छोटा करेगा, वह स्वर्ग के राज्य में बड़ा होगा। 
Matthew 18:5 और जो कोई मेरे नाम से एक ऐसे बालक को ग्रहण करता है वह मुझे ग्रहण करता है। 
Matthew 18:6 पर जो कोई इन छोटों में से जो मुझ पर विश्वास करते हैं एक को ठोकर खिलाए, उसके लिये भला होता, कि बड़ी चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह गहिरे समुद्र में डुबाया जाता। 
Matthew 18:7 ठोकरों के कारण संसार पर हाय! ठोकरों का लगना अवश्य है; पर हाय उस मनुष्य पर जिस के द्वारा ठोकर लगती है। 
Matthew 18:8 यदि तेरा हाथ या तेरा पांव तुझे ठोकर खिलाए, तो काटकर फेंक दे; टुण्‍डा या लंगड़ा हो कर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो हाथ या दो पांव रहते हुए तू अनन्त आग में डाला जाए। 
Matthew 18:9 और यदि तेरी आंख तुझे ठोकर खिलाए, तो उसे निकाल कर फेंक दे। 
Matthew 18:10 काना हो कर जीवन में प्रवेश करना तेरे लिये इस से भला है, कि दो आंख रहते हुए तू नरक की आग में डाला जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 19-21
  • 2 कुरिन्थियों 7


बुधवार, 3 अगस्त 2016

बन्धन


   मेरी गाड़ी के दरवाज़े का ताला दिक्कत दे रहा था और मुझे तालों की मरम्मात करने वाले कारीगर को बुलाना पड़ा। जब वह अपना काम कर रहा था तो हम बातचीत भी करने लगे और मुझे उसके बात करने का अंदाज़ बड़ा स्नेहिल और पहिचाना हुआ सा लगा। फिर बातचीत के दौरान मुझे यह जान कर सुखद आश्चर्य हुआ कि वह भी मूलतः जमाईका से है - ऐसे स्थान से, जहाँ मैं अनेकों बार गया हूँ और जिसे मैं चाहने लगा हूँ। उस सुन्दर द्वीप-राष्ट्र जमाईका के प्रति हमारे व्यक्तिगत प्रेम ने परस्पर हम दोनों को जोड़ने वाले एक समान बन्धन की पहिचान करवाई।

   इस घटना से मुझे एक और भी अधिक प्रगाढ़ सौहार्द के बन्धन की याद करवाई - किसी अन्य मसीही विश्वासी से मिलने और पहिचानने का आनन्द की; कि वह भी मसीह यीशु में लाए गए विश्वास के द्वारा हम से जुड़ा हुआ है। उन जगहों पर जहाँ अनेकों मसीही विश्वासी रहते हैं, इस बन्धन का आनन्द वैसा अभिभूत कर देने वाला अनुभव नहीं होता जैसा कि वहाँ होता है जहाँ मसीही विश्वासी कम हैं, लेकिन फिर भी अनायास ही किसी विश्वासी से मुलाकात हो जाती है। तब मसीह यीशु में लाए गए विश्वास द्वारा मिली पापों की क्षमा और स्वतंत्रता तथा विश्वास के जीवन के अनुभव एक दूसरे के साथ बाँटना बड़ा रोमांचकारी होता है।

   जितने भी जन मसीह यीशु के विश्वासी हैं, उनमें परस्पर संबंध का एक बन्धन है; मसीह यीशु में होकर बनने वाला समानता का यह संबंध (गलतियों 3:27-28), संगति का ऐसा आनन्द प्रदान करता है जो हरेक अन्धकार में भी आशा की अद्भुत ज्योति प्रज्जवलित कर देता है।

   परमेश्वर का शत-शत धन्यवाद हो कि जितनों ने मसीह यीशु को स्वेच्छा से अपना उद्धारकर्ता ग्रहण किया है और अपना जीवन उसे समर्पित किया है, उन्हें वह अपने साथ तथा परस्पर एक अनन्तकाल के प्रेम तथा आनन्द के बन्धन में ले आता है। - डेव ब्रैनन


मसीह यीशु की संगति हमें परस्पर प्रेम के बन्धन में बाँधती, बनाती और बढ़ाती है।

और तुम में से जितनों ने मसीह में बपतिस्मा लिया है उन्होंने मसीह को पहिन लिया है। अब न कोई यहूदी रहा और न यूनानी; न कोई दास, न स्‍वतंत्र; न कोई नर, न नारी; क्योंकि तुम सब मसीह यीशु में एक हो। - गलतियों 3:27-28

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:10-18
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।
Ephesians 2:11 इस कारण स्मरण करो, कि तुम जो शारीरिक रीति से अन्यजाति हो, (और जो लोग शरीर में हाथ के किए हुए खतने से खतना वाले कहलाते हैं, वे तुम को खतना रहित कहते हैं)। 
Ephesians 2:12 तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्‍त्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वर रहित थे। 
Ephesians 2:13 पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो। 
Ephesians 2:14 क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। 
Ephesians 2:15 और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। 
Ephesians 2:16 और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए। 
Ephesians 2:17 और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। 
Ephesians 2:18 क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 63-65
  • रोमियों 6


मंगलवार, 5 जुलाई 2016

बढ़ोतरी


   जिस घर में हम अब रह रहे हैं यदि उसे छोड़ कर कभी हमें किसी दूसरे घर में जाना पड़े तो मैं अवश्य ही हमारे रसोई के दरवाज़े को अपने साथ उस नए स्थान पर ले जाना चाहूँगी। वह दरवाज़ा हमारे लिए विशेष है क्योंकि उस पर हमारे बच्चों की बढ़ोतरी के निशान बने हुए हैं। कुछ-कुछ महीनों के बाद मैं और मेरे पति बच्चों को दरवाज़े के साथ खड़ा कर के उनकी ऊँचाई का निशान दरवाज़े पर बना देते हैं। बच्चों की बढ़ोतरी के इस लेखे के अनुसार हमारी बेटी पिछाले एक वर्ष में 4 इंच बढ़ गई है!

   जीवन की स्वाभाविक प्रक्रिया के अन्तर्गत जैसे बच्चे शारीरिक बढ़ोतरी होना आवश्यक है, वैसे ही हम मसीही विश्वासियों के लिए एक अन्य बढ़ोतरी भी आवश्यक है, किंतु उसे प्राप्त करने के लिए कुछ प्रयास करने होते हैं - मसीह यीशु की समानता में बढ़ने के लिए आत्मिक बढ़ोतरी। प्रेरित पतरस ने मसीही विश्वासियों को प्रोत्साहित किया, "हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ" (2 पतरस 3:18)। मसीह यीशु में लाए गए विश्वास में परिपक्व होना हमें मसीह यीशु के पुनःआगमन के लिए तैयार रखता है। पतरस चाहता था कि जब प्रभु यीशु का पुनःआगमन हो तो वे अपने अनुयायियों को शांति और धार्मिकता के साथ जीवन व्यतीत करते हुए पाएं (पद 14)। आत्मिक बढ़ोतरी उन गलत शिक्षाओं से बचाव का मार्ग है जिनके कारण लोग परमेश्वर के वचन बाइबल की गलत व्याख्या करते हैं और लोगों को भ्रमित करते हैं (पद 16-17)।

   चाहे हमें लगे कि हम परमेश्वर से दूर और उसके संपर्क से बाहर हैं, लेकिन हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि परमेश्वर सदा ही हमें अंश अंश करके अपने पुत्र प्रभु यीशु की समानता में लगातार बदलता जा रहा है (रोमियों 8:29); और परमेश्वर का वचन हमें आश्वस्त करता है: "और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिसने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा" (फिलिप्पियों 1:6)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


आत्मिक बढ़ोतरी के लिए परमेश्वर के वचन की ठोस खुराक अनिवार्य है।

क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:29

बाइबल पाठ: 2 पतरस 3:10-18
2 Peter 3:10 परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्‍व बहुत ही तप्‍त हो कर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाऐंगे। 
2 Peter 3:11 तो जब कि ये सब वस्तुएं, इस रीति से पिघलने वाली हैं, तो तुम्हें पवित्र चाल चलन और भक्ति में कैसे मनुष्य होना चाहिए। 
2 Peter 3:12 और परमेश्वर के उस दिन की बाट किस रीति से जोहना चाहिए और उसके जल्द आने के लिये कैसा यत्‍न करना चाहिए; जिस के कारण आकाश आग से पिघल जाएंगे, और आकाश के गण बहुत ही तप्‍त हो कर गल जाएंगे। 
2 Peter 3:13 पर उस की प्रतिज्ञा के अनुसार हम एक नए आकाश और नई पृथ्वी की आस देखते हैं जिन में धामिर्कता वास करेगी। 
2 Peter 3:14 इसलिये, हे प्रियो, जब कि तुम इन बातों की आस देखते हो तो यत्‍न करो कि तुम शान्‍ति से उसके साम्हने निष्‍कलंक और निर्दोष ठहरो। 
2 Peter 3:15 और हमारे प्रभु के धीरज को उद्धार समझो, जैसे हमारे प्रिय भाई पौलुस न भी उस ज्ञान के अनुसार जो उसे मिला, तुम्हें लिखा है। 
2 Peter 3:16 वैसे ही उसने अपनी सब पत्रियों में भी इन बातों की चर्चा की है जिन में कितनी बातें ऐसी है, जिनका समझना कठिन है, और अनपढ़ और चंचल लोग उन के अर्थों को भी पवित्र शास्त्र की और बातों की नाईं खींच तान कर अपने ही नाश का कारण बनाते हैं। 
2 Peter 3:17 इसलिये हे प्रियो तुम लोग पहिले ही से इन बातों को जान कर चौकस रहो, ताकि अधर्मियों के भ्रम में फंस कर अपनी स्थिरता को हाथ से कहीं खो न दो। 
2 Peter 3:18 पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 30-31
  • प्रेरितों 13:26-52


शुक्रवार, 8 अप्रैल 2016

परिवर्तित


   मेरा एक मित्र मुझसे हर बात में बेहतर है। वह मुझसे तीव्रबुद्धि है, मुझसे अधिक गंभीरता से विचार कर सकता है, मुझसे अधिक जानता है कि पढ़ने के लिए अच्छी पुस्तकें कहां से मिल सकती हैं और मुझसे अच्छा गोल्फ भी खेल लेता है। उसके साथ समय बिताना मुझे और भी बेहतर और भी विचारात्मक व्यक्ति बनने के लिए उकसाता है, और अच्छी उपलब्धियों के लिए प्रेरित करता है।

   यह एक आत्मिक सिद्धांत को भी हमारे समक्ष लाता है: हम मसीही विश्वासियों के लिए यह अनिवार्य है कि हम परमेश्वर के वचन बाइबल का नियमित अध्ययन करते रहें जिससे हम अपने प्रभु यीशु के संपर्क मे बने रहें, उसके जीवन से सीख सकें, उससे प्रेरणा एवं मार्गदर्शन पाकर अपने जीवन को और बेहतर बनाने के प्रयासरत रहें। प्रभु यीशु के निःस्वार्थ प्रेम से मैं दूसरों से बिना किसी शर्त के प्रेम करना सीखता हूं। प्रभु यीशु द्वारा बुरे से बुरे, तथा अपने दुश्मनों के प्रति भी दिखाए गए अनुग्रह और दया को देखकर मैं अपने क्षमा ना करने और बदला लेने की भावना रखने की भावना के लिए शर्मिंदा होता हूँ।

   मैं और भी धन्यवादी व्यक्ति बनता हूँ जब मुझे यह एहसास होता है कि मेरी गिरी हुई शर्मनाक हालत के बावजूद, प्रभु यीशु मुझ से प्रेम करता है, मेरे साथ बना रहता है और सदा ही मेरी भलाई के लिए कार्यरत रहता है, मुझे अपनी धार्मिकता से ढ़ांपे रहता है। जबकि उसकी मेरे साथ बनी रहने वाली उपस्थिति मुझे और भी अधिक उसके समान बनते जाने के लिए प्रेरित करती है, तो फिर मेरे लिए अपनी वर्तमान स्थिति में जड़ होकर जैसा मैं हूँ वैसा ही बने रहने कठिन हो जाता है। प्रभु यीशु की अद्भुत बुद्धिमता और विलक्षण कार्यविधि मुझे प्रोत्साहित और परिवर्तित करते हैं।

   प्रेरित पौलुस हमें मसीह यीशु को निहारते रहने के आनन्द में रहने का आवाहन करता है; और जब हम ऐसा करने लगते हैं तो हम उसकी समानता में परिवर्तित होते चले जाते हैं (2 कुरिन्थियों 3:18)।


प्रभु यीशु की निकटता में बने रहिए और आप उसकी समानता में परिवर्तित होने लग जाएंगे।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 3:7-18
2 Corinthians 3:7 और यदि मृत्यु की यह वाचा जिस के अक्षर पत्थरों पर खोदे गए थे, यहां तक तेजोमय हुई, कि मूसा के मुंह पर के तेज के कराण जो घटता भी जाता था, इस्त्राएल उसके मुंह पर दृष्टि नहीं कर सकते थे। 
2 Corinthians 3:8 तो आत्मा की वाचा और भी तेजोमय क्यों न होगी? 
2 Corinthians 3:9 क्योंकि जब दोषी ठहराने वाली वाचा तेजोमय थी, तो धर्मी ठहराने वाली वाचा और भी तेजोमय क्यों न होगी? 
2 Corinthians 3:10 और जो तेजोमय था, वह भी उस तेज के कारण जो उस से बढ़कर तेजामय था, कुछ तेजोमय न ठहरा। 
2 Corinthians 3:11 क्योंकि जब वह जो घटता जाता था तेजोमय था, तो वह जो स्थिर रहेगा, और भी तेजोमय क्यों न होगा? 
2 Corinthians 3:12 सो ऐसी आशा रखकर हम हियाव के साथ बोलते हैं। 
2 Corinthians 3:13 और मूसा की नाईं नहीं, जिसने अपने मुंह पर परदा डाला था ताकि इस्त्राएली उस घटने वाली वस्तु के अन्‍त को न देखें। 
2 Corinthians 3:14 परन्तु वे मतिमन्‍द हो गए, क्योंकि आज तक पुराने नियम के पढ़ते समय उन के हृदयों पर वही परदा पड़ा रहता है; पर वह मसीह में उठ जाता है। 
2 Corinthians 3:15 और आज तक जब कभी मूसा की पुस्‍तक पढ़ी जाती है, तो उन के हृदय पर परदा पड़ा रहता है। 
2 Corinthians 3:16 परन्तु जब कभी उन का हृदय प्रभु की ओर फिरेगा, तब वह परदा उठ जाएगा। 
2 Corinthians 3:17 प्रभु तो आत्मा है: और जहां कहीं प्रभु का आत्मा है वहां स्‍वतंत्रता है। 
2 Corinthians 3:18 परन्तु जब हम सब के उघाड़े चेहरे से प्रभु का प्रताप इस प्रकार प्रगट होता है, जिस प्रकार दर्पण में, तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62


मंगलवार, 2 जून 2015

दिखाएँ और बताएँ


   यदि आप लेखक बनने का प्रशिक्षण लें या लेखकों के किसी सम्मेलन में भाग लें तो बहुत संभव है कि आप वाक्याँश "बताओ नहीं दिखाओ" को अवश्य ही सुनने पाएँगे। कहने का तात्पर्य है कि लेखकों को सिखाया जाता है कि जो हो रहा है उसे वे अपने पाठकों को अपने शब्दों से "दिखाएँ" ना कि केवल उसके बारे में बताएँ; उन्हें पाठकों को केवल जो किया वह कहना मात्र नहीं है, वरन उनके सामने वर्णन रखना है कि कैसे किया गया जिससे वे अपने मनों में उस विवरण द्वारा उस कार्य-गतिविधि का एक चित्र बना सकें।

   किंतु सामन्यतः इस प्रकार से "दिखाने" की बजाए केवल "बताने" का एक कारण है कि बताना दिखाने से अधिक सहज और तीव्र होता है। यह दिखाने के लिए कि कोई कार्य कैसे किया गया, समय और प्रयास लगता है। शिक्षा में विद्यार्थियों को यह बताना सहज होता कि उन्होंने क्या क्या गलतियाँ करी हैं, बजाए इसके कि उन्हें दिखाया जाए कि उन गलतियों को करने से कैसे बचा जा सकता है। किंतु उत्त्म दीर्घकालीन प्रभाव बताने से नहीं, दिखाने से ही आते हैं।

   हज़ारों वर्षों से यहूदियों के पास केवल व्यवस्था ही थी जो उन्हें बताती थी उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। फिर उनके मध्य में प्रभु यीशु का आगमन हुआ, जिसने अपने जीवन के उदाहरण द्वारा उन यहूदियों तथा संसार को दिखाया कि परमेश्वर को स्वीकार्य तथा भावता हुआ जीवन कैसे जीना है; वह जीवन जिसके बारे में परमेश्वर उन्हें अपने द्वारा दी गई व्यवस्था में होकर सिखा रहा था।

   प्रभु यीशु ने केवल कहा ही नहीं कि "नम्र बनो" उसने अपने आपको दीन और नम्र किया (फिलिप्पियों 2:8); प्रभु ने केवल यही नहीं कहा कि "क्षमा करो"; उसने ना केवल हमें वरन अपने बैरियों और विरोधियों को भी क्षमा करके दिखाया (कुलुस्सियों 3:13; लूका 23:34); उसने केवल कहा ही नहीं कि "परमेश्वर और पड़ौसी से प्रेम रखो", उसका सारा जीवन प्रेम परमेश्वर तथा मनुष्यों के प्रति प्रेम का सजीव उदाहरण था (यूहन्ना 3:16; यूहन्ना 15:12)।

   मसीह यीशु के जीवन से मिलने वाले सिद्ध उदहरणों से हमें सीखने को मिलता है कि परमेश्वर का हम मनुष्यों के प्रति प्रेम कितना महान है और हम मसीही विश्वासियों को दूसरों के प्रति उस प्रेम को कैसे प्रदर्शित करना है। - जूली ऐकैअरमैन लिंक


प्रेम परमेश्वर की इच्छा का कार्यकारी रूप है।

यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो। - यूहन्ना 13:35

बाइबल पाठ: यूहन्ना 13:5-17
John 13:5 तब बरतन में पानी भरकर चेलों के पांव धोने और जिस अंगोछे से उस की कमर बन्‍धी थी उसी से पोंछने लगा। 
John 13:6 जब वह शमौन पतरस के पास आया: तब उसने उस से कहा, हे प्रभु, 
John 13:7 क्या तू मेरे पांव धोता है? यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो मैं करता हूं, तू अब नहीं जानता, परन्तु इस के बाद समझेगा। 
John 13:8 पतरस ने उस से कहा, तू मेरे पांव कभी न धोने पाएगा: यह सुनकर यीशु ने उस से कहा, यदि मैं तुझे न धोऊं, तो मेरे साथ तेरा कुछ भी साझा नहीं। 
John 13:9 शमौन पतरस ने उस से कहा, हे प्रभु, तो मेरे पांव ही नहीं, वरन हाथ और सिर भी धो दे। 
John 13:10 यीशु ने उस से कहा, जो नहा चुका है, उसे पांव के सिवा और कुछ धोने का प्रयोजन नहीं; परन्तु वह बिलकुल शुद्ध है: और तुम शुद्ध हो; परन्तु सब के सब नहीं। 
John 13:11 वह तो अपने पकड़वाने वाले को जानता था इसी लिये उसने कहा, तुम सब के सब शुद्ध नहीं।
John 13:12 जब वह उन के पांव धो चुका और अपने कपड़े पहिनकर फिर बैठ गया तो उन से कहने लगा, क्या तुम समझे कि मैं ने तुम्हारे साथ क्या किया? 
John 13:13 तुम मुझे गुरू, और प्रभु, कहते हो, और भला कहते हो, क्योंकि मैं वही हूं। 
John 13:14 यदि मैं ने प्रभु और गुरू हो कर तुम्हारे पांव धोए; तो तुम्हें भी एक दुसरे के पांव धोना चाहिए। 
John 13:15 क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो। 
John 13:16 मैं तुम से सच सच कहता हूं, दास अपने स्‍वामी से बड़ा नहीं; और न भेजा हुआ अपने भेजने वाले से। 
John 13:17 तुम तो ये बातें जानते हो, और यदि उन पर चलो, तो धन्य हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 17-18
  • यूहन्ना 13:1-20


सोमवार, 1 जून 2015

ऊबाऊ


   हमारे बच्चे जब युवावस्था में थे तो चर्च के उनकी युवा-गुट की सभाओं के पश्चात एक ही बात बार-बार सामने आती: मैं उन से पूछता, "आज शाम तुम्हारे गुट की सभा कैसी रही?" और वे उत्तर देते, "ऊबा देने वाली!" जब कई सप्ताहों तक यही चलता रहा, तो मैं ने ठाना कि मैं स्वयं पता लगाऊँगा कि वास्तविकता क्या है। एक शाम मैं उनके स्भा-स्थल पर चुपचाप से आ गया, और उनकी गतिविधियों को छुप कर देखने लगा। मैंने देखा कि बच्चे एक दुसरे के साथ वार्तालाप कर रहे थे, हँस रहे थे, सभी गतिविधियों में भाग ले रहे थे; कुल मिलाकर उनका समय अच्छे से व्यतीत हो रहा था। उस शाम उनके घर आने पर मैंने फिर वही प्रश्न किया, और हमेशा की तरह उन्होंने फिर वही उत्तर दिया, कि वह ऊबा देने वाला था। तब मैंने उनसे कहा, "मैं वहाँ आया था और मैंने सब कुछ देखा; मैंने देखा कि तुम्हारा समय अच्छे से व्यतीत हो रहा था"। उन्होंने उत्तर दिया, "शायद आज की सभा कुछ अलग थी, वह और सभाओं जितनी ऊबाऊ नहीं थी।"

   मुझे समझ आया कि उनके यह स्वीकार ना करने के पीछे कि उनका समय अच्छे से व्यतीत होता था, कारण था चर्च के बाहर के अन्य साथियों की समानता में दिखने और यह सोच कि वे औरों के समान नहीं है का दबाव। इस बात ने मुझे भी अपने बारे में सोचने पर मजबूर किया कि उन बच्चों के समान ही, अपने मसीही विश्वास और आत्मिक बातों के संबंध में क्या मैं भी दूसरों के सामने उत्साहित दिखने से कतराता हूँ?

   इस पूरी सृष्टि में मसीह यीशु के व्यक्तित्व तथा सारे संसार के उद्धार के लिए किए गए उनके कार्य से बढ़कर उत्साहित करने वाली और कोई बात हो ही नहीं सकती। प्रभु यीशु ने कहा, "...मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं" (यूहन्ना 10:10); अब यह तो ऊबाऊ का बिलकुल विपरीत है, इसे तो ऊबा देने वाला नहीं माना जा सकता। हम चाहे किसी भी उम्र के क्यों ना हों, हमें हमारे उद्धारकर्ता प्रभु ने एक ऐसी भेंट प्रदान की है जो सदा आनन्द मनाते रहने के योग्य है।

   प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास द्वारा हमें मिलने वाली पापों की क्षमा, उद्धार, परमेश्वर की सन्तान बन जाने का गौरव, परमेश्वर की सुरक्षा, आशीष तथा सामर्थ की अविरल उपलब्धता और अनन्त काल की शान्ति तथा आनन्द आदि सब बातें हमेशा हमें उत्साहित बनाए रखने के लिए काफी हैं। - बिल क्राउडर


यदि आप मसीह यीशु के साथ जुड़ गए हैं तो आपके पास आनन्द मनाने के कारण सदा बने रहेंगे।

जैसे कि मनुष्य का पुत्र, वह इसलिये नहीं आया कि उस की सेवा टहल करी जाए, परन्तु इसलिये आया कि आप सेवा टहल करे और बहुतों की छुडौती के लिये अपने प्राण दे। - मत्ती 20:28 

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:7-14
John 10:7 तब यीशु ने उन से फिर कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि भेड़ों का द्वार मैं हूं। 
John 10:8 जितने मुझ से पहिले आए; वे सब चोर और डाकू हैं परन्तु भेड़ों ने उन की न सुनी। 
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा। 
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं। 
John 10:11 अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है। 
John 10:12 मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है, और भेड़िय़ा उन्हें पकड़ता और तित्तर बित्तर कर देता है। 
John 10:13 वह इसलिये भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्‍ता नहीं। 
John 10:14 अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 15-16; 
  • यूहन्ना 12:27-50


बुधवार, 8 अप्रैल 2015

छवि


   पहनने को तैयार कपड़े बेचने वाला एक लोकप्रीय उत्पादक का नियम है कि उसकी दुकान में काम करने वाले वे कर्मचारी जो कपड़ों को बेचने के कार्य से संबंधित हैं, वैसे ही कपड़े पहने जैसे उसकी दुकान में नमूने के तौर पर दुकान में रखे पुतलों को पहनाए जाते हैं। उसका यह करने के पीछे जो तर्क है वह है कि दुकान में आने वाले लोग उन्हीं कपड़ों को खरीदने के अधिक इच्छुक होंगे जिन्हें देख कर वे अन्दर आने को आकर्षित होंगे और फिर अन्दर औरों को पहने देखेंगे।

   आज की इस उपभोगता संसकृति में यह विचार रखना सरल प्रतीत हो सकता है कि हम लोगों को वह खरिदने के लिए आकर्षित कर सकते हैं जो अच्छा दिखने वाले अन्य लोग पहनते हैं। बेचने वाले तो हमें यह भी विश्वास दिलाना चाहते हैं कि बाहर से अच्छा दिखने के कारण हम लोगों को आकर्षक लगते हैं।

   कुछ ऐसी ही विचारधारा अनेक मसीही विश्वासियों में भी पाई जाती है - हम अपने आप को संसार के लिए आकर्षक बनाने के द्वारा लोगों को परमेश्वर की ओर आकर्षित कर सकते हैं। लेकिन परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि परमेश्वर की नज़रों में क्या आवश्यक है। परमेश्वर हम से यही चाहता है कि अपने चरित्र में हम मसीह यीशु के समान बनते जाएं, संसार के लोगों को प्रभु यीशु के समान दिखाई दें (रोमियों 8:29); यही हमारी छाप है। जब हम अपने जीवनों में प्रभु यीशु के गुणों को, जिनमें करुणा, भलाई, दीनता, सहनशीलता और प्रेम सम्मिलित हैं दिखाते हैं (कुलुस्सियों 3:12) तब ही हमारे जीवन लोगों को परमेश्वर की ओर आकर्षित करने वाले होते हैं।

   बजाए इसके कि हम अपनी ही छवि को चमकाते तथा लोगों के सामने प्रस्तुत करते रहें, हमें चाहिए कि हम प्रभु यीशु की छवि को अपने जीवनों में दिखाएं और सुरक्षित बनाए रखें, क्योंकि हम उसी के स्वरूप में ढाले जा रहे हैं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर के पवित्र आत्मा का एक कार्य है मसीही विश्वासियों को मसीह यीशु की समानता में ढालता जाए।

क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:29

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:1-14
Colossians 3:1 सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। 
Colossians 3:2 पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। 
Colossians 3:3 क्योंकि तुम तो मर गए, और तुम्हारा जीवन मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है। 
Colossians 3:4 जब मसीह जो हमारा जीवन है, प्रगट होगा, तब तुम भी उसके साथ महिमा सहित प्रगट किए जाओगे। 
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 10-12
  • लूका 9:37-62



मंगलवार, 17 जून 2014

खोए और पाए


   हाल ही की बात है कि मुझे अपना क्रेडिट कार्ड नहीं मिल पा रहा था। मैं उसे बड़ी व्यग्रता से ढूँढ़ने लगा, क्योंकि चाहे क्रेडिट कार्ड आकार में छोटा सा हो लेकिन क्रेडिट कार्ड का खो जाना कोई छोटी बात नहीं है। यदि वह खो जाए तो उसके अनुचित उपयोग को रोकने के लिए तुरंत बैक को बता कर उसे अवरुद्ध करवाना होता है; और फिर जब तक वह ना मिल जाए या उसके स्थान पर बैंक से नया कार्ड ना मिल जाए तब तक अनेक प्रकार के भुगतान और प्रतिदिन की खरीददारी बाधित रहती है।

   प्रभु यीशु ने एक खोए हुए सिक्के की नीति-कथा बताई (लूका 15:8-10)। एक स्त्री का एक बहुमूल्य सिक्का खो गया। उस खोए हुए सिक्के को खोजने के लिए उस स्त्री ने दीपक जलाया, घर को बुहारा और साफ किया और सब स्थानों पर यत्न से खोजती रही जब तक की वह सिक्का उसे मिल नहीं गया। जब वह सिक्का मिल गया तब उसने अपने मित्रों को बुलाया और उनके साथ आनन्द मनाया। इस कथा के द्वारा प्रभु यीशु ने सिखाया कि जब एक पाप में खोया हुआ व्यक्ति पश्चाताप के साथ वापस परमेश्वर की ओर लौट कर आता है तब स्वर्ग में भी ऐसे ही आनन्द होता है।

   परमेश्वर के लिए सारे संसार के हम सभी मनुष्य बहुत बहुमूल्य हैं, हम सभी उसकी अद्भुत रचना, विलक्षण सृष्टि हैं। हमारे पाप स्वभाव और पापों ने हमें उस से दूर कर दिया है, किंतु वह चाहता है कि हम सब लौट कर उसके पास आ जाएं। इसलिए हमारे पापों की क्षमा, हमारे उद्धार और हमारे उसके साथ मेल-मिलाप के लिए उसने प्रभु यीशु को इस संसार में भेजा। प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति के सभी पापों को अपने ऊपर लेकर उनका दण्ड भी अपने ऊपर ले लिया। वह हमारे पापों के लिए बलिदान हुआ और हमारे उद्धार के लिए तीसरे दिन मृतकों में से पुनः जी उठा। अब जो भी उसपर विश्वास ला कर उससे अपने पापों की क्षमा माँगता है, वह परमेश्वर की सन्तान और स्वर्ग का निवासी हो जाता है - संसार और पापों में खोए हुई व्यक्ति परमेश्वर के राज्य और स्वर्ग में पाए हुए बन जाते हैं।

   क्या आप किसी ऐसे खोए हुए व्यक्ति को जानते हैं आज जिसे परमेश्वर से मिलने वाली इस क्षमा और उद्धार तथा पाए हुए हो जाने की आवश्यकता है? परमेश्वर से प्रार्थना करें कि वह आपको उनके साथ सुसमाचार बाँटने का अवसर दे जिससे वे पापों में खोए हुए भी परमेश्वर के पाए हुए बन सकें। - डेनिस फिशर


पाए जाने के लिए पहले खोए हुआ होना स्वीकार करना आवश्यक है।

क्योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है। - लूका 19:10 

बाइबल पाठ: लूका 15:4-10
Luke 15:4 तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे? 
Luke 15:5 और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है। 
Luke 15:6 और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे कर के कहता है, मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है। 
Luke 15:7 मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धर्मियों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
Luke 15:8 या कौन ऐसी स्त्री होगी, जिस के पास दस सिक्के हों, और उन में से एक खो जाए; तो वह दीया बारकर और घर झाड़ बुहार कर जब तक मिल न जाए, जी लगाकर खोजती न रहे? 
Luke 15:9 और जब मिल जाता है, तो वह अपने सखियों और पड़ोसिनियों को इकट्ठी कर के कहती है, कि मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरा खोया हुआ सिक्‍का मिल गया है। 
Luke 15:10 मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्‍वर्गदूतों के साम्हने आनन्द होता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 70-72


सोमवार, 16 जून 2014

अद्भुत रचना


   जब मैं बालक था तो मेरे एक निकट संबंधी ने मुझे और बेहतर करने को प्रोत्साहित करने के विचार से बार बार मुझे "तुम इतने बेवकूफ क्यों हो?" कहना आरंभ कर दिया। उनकी इस बात का मुझपर कैसा प्रभाव हुआ यह मैंने अपनी युवावस्था में जा कर समझा - तब जब किसी ने मेरी पीठ पीछे किसी अन्य को कहा "बेवकूफ" और मैंने तुरंत इस आश्य से कि कोई मुझे बुला रहा है पीछे मुड़कर उसकी ओर देखा!

   प्रभु यीशु मसीह को अपना उद्धारकर्ता और प्रभु मान लेने के बाद मुझे यह एहसास हुआ कि परमेश्वर ने मुझे अपने स्वरूप में बनाया है (उत्पत्ति 1:27), और मैं बेवकूफ नहीं वरन परमेश्वर की अद्भुत रचना हूँ (भजन 39:14)। संसार की रचना के बाद परमेश्वर ने सब कुछ का अवलोकन किया और कहा, "बहुत अच्छा" (उत्पत्ति 1:31)।

   दाऊद अपने भजन में वर्णन करता है कि कैसे परमेश्वर हम सब को बहुत निकटता से, अन्दर-बाहर से जानता है: "हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है। तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है" (भजन 139:1-3)।

   ना केवल हम परमेश्वर की अद्भुत रचना हैं, वरन प्रभु यीशु मसीह के क्रूस पर दिए बलिदान के द्वारा हम परमेश्वर के साथ सही संबंध में बहाल भी किए जाते हैं, एक नई सृष्टि के समान: "सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है" (2 कुरिन्थियों 5:17-18)।

   परमेश्वर के स्वरूप में बनाई गई परमेश्वर ही की अद्भुत रचना होने के कारण हमारा कर्तव्य है कि हम सब मनुष्यों को आदर की दृष्टि से देखें, किसी को नीचा या हीन ना समझें और परमेश्वर की इच्छा एवं उद्देश्यों के अनुसार सभी को प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा मिलने वाले उद्धार तथा पापों की क्षमा का सुसमाचार सुनाएं, उन्हें परमेश्वर के साथ सही संबंध में बहाल होने के तरीके के बारे में बताएं। - एल्बर्ट ली


प्रत्येक व्यक्ति परमेश्वर के स्नेह की अद्वितीय अभिव्यक्ति है।

फिर परमेश्वर ने कहा, हम मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार अपनी समानता में बनाएं; और वे समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और घरेलू पशुओं, और सारी पृथ्वी पर, और सब रेंगने वाले जन्तुओं पर जो पृथ्वी पर रेंगते हैं, अधिकार रखें। तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की। - उत्पत्ति 1:26-27

बाइबल पाठ: भजन 139:1-16
Psalms 139:1 हे यहोवा, तू ने मुझे जांच कर जान लिया है।
Psalms 139:2 तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है। 
Psalms 139:3 मेरे चलने और लेटने की तू भली भांति छानबीन करता है, और मेरी पूरी चालचलन का भेद जानता है। 
Psalms 139:4 हे यहोवा, मेरे मुंह में ऐसी कोई बात नहीं जिसे तू पूरी रीति से न जानता हो। 
Psalms 139:5 तू ने मुझे आगे पीछे घेर रखा है, और अपना हाथ मुझ पर रखे रहता है। 
Psalms 139:6 यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।
Psalms 139:7 मैं तेरे आत्मा से भाग कर किधर जाऊं? वा तेरे साम्हने से किधर भागूं? 
Psalms 139:8 यदि मैं आकाश पर चढूं, तो तू वहां है! यदि मैं अपना बिछौना अधोलोक में बिछाऊं तो वहां भी तू है! 
Psalms 139:9 यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़ कर समुद्र के पार जा बसूं, 
Psalms 139:10 तो वहां भी तू अपने हाथ से मेरी अगुवाई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा। 
Psalms 139:11 यदि मैं कहूं कि अन्धकार में तो मैं छिप जाऊंगा, और मेरे चारों ओर का उजियाला रात का अन्धेरा हो जाएगा, 
Psalms 139:12 तौभी अन्धकार तुझ से न छिपाएगा, रात तो दिन के तुल्य प्रकाश देगी; क्योंकि तेरे लिये अन्धियारा और उजियाला दोनों एक समान हैं।
Psalms 139:13 मेरे मन का स्वामी तो तू है; तू ने मुझे माता के गर्भ में रचा। 
Psalms 139:14 मैं तेरा धन्यवाद करूंगा, इसलिये कि मैं भयानक और अद्भुत रीति से रचा गया हूं। तेरे काम तो आश्चर्य के हैं, और मैं इसे भली भांति जानता हूं। 
Psalms 139:15 जब मैं गुप्त में बनाया जाता, और पृथ्वी के नीचे स्थानों में रचा जाता था, तब मेरी हडि्डयां तुझ से छिपी न थीं। 
Psalms 139:16 तेरी आंखों ने मेरे बेडौल तत्व को देखा; और मेरे सब अंग जो दिन दिन बनते जाते थे वे रचे जाने से पहिले तेरी पुस्तक में लिखे हुए थे।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 67-69


रविवार, 29 सितंबर 2013

दीवार

   रोमी सम्राट हेड्रियन एक दीवार बनवाने के लिए जाने जाते हैं, जो उनके नाम से ही जानी जाती है। सन 117 में सत्ता में आए रोमी सम्राट हेड्रियन की इस उपलब्धि के उत्तरी इंग्लैंड में स्थित खंडहर देखते समय मुझे आभास हुआ कि ’हैड्रीयन की दीवार’ संभवतः उस सम्राट की सबसे प्रसिद्ध उपलब्धी थी। 80 मील लंबी इस दीवार पर 18,000 रोमी सैनिक तैनात रहते थे; उस दीवार और उन सैनिकों का उद्देश्य था उत्तरी इंग्लैंड के बर्बर निवासियों को दक्षिणी इलाकों में हमले करने के लिए प्रवेश करने से रोकना।

   सम्राट हेड्रियन ने भौतिक दीवार खड़ी करवाई लोगों को अलग-अलग और बाहर रखने के लिए, इसकी तुलना में राजाओं के राजा प्रभु यीशु ने एक आत्मिक दीवार गिराई जिससे मनुष्यों की पहुँच और मेल परमेश्वर तथा एक-दूसरे के साथ हो सके।

   जब आरंभिक मसीही मण्डली में यहूदी और गैर-यहूदी मूल से आए विश्वासियों के बीच धार्मिक आस्थाओं को लेकर तना-तनी होने लगी, तो प्रेरित पौलुस ने उन्हें स्मरण दिलाया कि प्रभु यीशु मसीह में विश्वास लाने के द्वारा वे सब एक साथ परमेश्वर के एक ही परिवार के सदस्य हो गए हैं: "क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है" (इफिसियों 2:14-15, 18)।

   मसीही विश्वास का एक अनुपम और अति सुन्दर पहलु है मसीह यीशु के अनुयायियों की परमेश्वर की दृष्टि में एकसमानता - किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं, कहीं कोई ऊँच-नीच नहीं; परमेश्वर सबसे समान प्रेम करता है और सबको समान दृष्टि से ही देखता है तथा सबके साथ समान व्यवहार करता है और यही एकता तथा समानता वह इस पृथ्वी पर हम मसीही विश्वासियों में आपस में भी देखना चाहता है। क्रूस पर अपनी मृत्यु के द्वारा प्रभु यीशु ने लोगों को एक दूसरे से और परमेश्वर से अलग करने वाली हर बाधा को दूर कर दिया है और सबको सच्चे प्रेम तथा सच्ची मित्रता के बन्धन में एक साथ अपने साथ कर लिया है जिससे हम सब एक दूसरे के साथ भी इसी बन्धन में बन्धे हुए रहें और संसार के सामने मसीही प्रेम का उदाहरण प्रस्तुत करें। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीही एकता का उद्गम मसीह का क्रूस है।

और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं का उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की। - कुलुस्सियों 1:20

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:11-22
Ephesians 2:11 इस कारण स्मरण करो, कि तुम जो शारीरिक रीति से अन्यजाति हो, (और जो लोग शरीर में हाथ के किए हुए खतने से खतना वाले कहलाते हैं, वे तुम को खतना रहित कहते हैं)।
Ephesians 2:12 तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्‍त्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वर रहित थे।
Ephesians 2:13 पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो।
Ephesians 2:14 क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया।
Ephesians 2:15 और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे।
Ephesians 2:16 और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए।
Ephesians 2:17 और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया।
Ephesians 2:18 क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है।
Ephesians 2:19 इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्र लोगों के संगी स्‍वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए।
Ephesians 2:20 और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो।
Ephesians 2:21 जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्र मन्दिर बनती जाती है।
Ephesians 2:22 जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवास स्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 7-8 
  • इफिसियों 2