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गुरुवार, 7 मई 2020

रचना



     लाइगौन स्टीवेंस को पर्वतारोहण अच्छा लगता था, और वह अपने भाई, निक, के साथ पर्वतारोहण के लिए जाया करती थी। वे दोनों अनुभवी पर्वतारोही थे, और उन्होंने उत्तरी अमेरिका के सबसे ऊंचे शिखर पर भी विजय प्राप्त की थी। फिर एक दिन, जनवरी 2008 में, वे कोलराडो के एक पहाड़ पर हिमस्खलन का शिकार हो गए, जिसमें निक तो चोटिल हुआ, किन्तु बीस वर्षीय लाइगौन की मृत्यु हो गई। बाद में निक को अपनी बहन के एक झोले में उसके द्वारा लिखी जाने वाली दैनिक डायरी मिली, और उसे पढ़कर निक को बहुत सान्तवना मिली। वह डायरी परमेश्वर के प्रति प्रार्थनाओं, धन्यवाद, स्तुति, और मनन से भरी हुई थी, जैसा कि उसके एक लेख से प्रगट होता है: “मैं एक कलाकृति हूँ, जिस पर परमेश्वर के हस्ताक्षर हैं। परन्तु उसका काम अभी पूरा नहीं हुआ है; वास्तव में यह तो आरंभ ही है...। मुझ पर परमेश्वर की उँगलियों के निशान हैं। कभी भी मेरे समान कोई दूसरा मनुष्य नहीं होगा...। इस जीवन में मेरे द्वारा किए जाने के लिए कुछ तय किया गया है, और उस कार्य को कोई अन्य नहीं कर सकता है।”

     यद्यपि लाइगौन अब इस संसार में शारीरिक रूप में विद्यमान नहीं है, परन्तु उसकी डायरी और उसके जीवन आज भी उन्हें प्रोत्साहित करते और चुनौती देते हैं, जिन्हें वह पीछे छोड़ गई है।

     क्योंकि हम परमेश्वर के स्वरूप में रचे गए हैं (उत्पत्ति 1:27), इसलिए प्रत्येक मनुष्य परमेश्वर द्वारा हस्ताक्षरित एक कलाकृति है, जैसे कि परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इफिसुस की मसीही मण्डली के लोगों को लिखा: “क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया” (इफिसियों 2:10)।

       हम सभी परमेश्वर की अद्भुत और अद्वितीय रचना हैं, जिन्हें परमेश्वर अपने समय, अपनी विधि के अनुसार, औरों की सहायता करने के लिए उपयोग करता रहता है। - डेनिस फिशर

प्रत्येक व्यक्ति परमेश्वर की अनुपम कारीगरी की अद्वितीय अभिव्यक्ति है।

तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की। - उत्पत्ति 1:27

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:1-10
इफिसियों 2:1 और उसने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।
इफिसियों 2:2 जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न मानने वालों में कार्य करता है।
इफिसियों 2:3 इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्‍वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
इफिसियों 2:4 परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उसने हम से प्रेम किया।
इफिसियों 2:5 जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
इफिसियों 2:6 और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्‍वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।
इफिसियों 2:7 कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
इफिसियों 2:8 क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।
इफिसियों 2:9 और न कर्मों के कारण, ऐसा न हो कि कोई घमण्‍ड करे।
इफिसियों 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजाओं 1-3
  • लूका 24:1-35



शनिवार, 31 अगस्त 2019

सुन्दरता



      ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी समुद्र-तट के निकट लॉर्ड होवे द्वीप साफ़ पानी में स्थित तथा साफ़ सफ़ेद रेत का एक छोटा सा टापू है। कुछ वर्ष पहले जब मैं वहाँ गया था तो मैं उसकी सुन्दरता देखकर चकित और मुग्ध हो गया। यहाँ आप समुद्र के पानी में बड़े कछुओं और विभिन्न प्रकार की अति सुन्दर मछलियों के साथ तैर सकते थे। वहाँ मैंने मूंगे की चट्टानों में कई प्रकार की रंगीन सुन्दर मछलियों को भी देखा जो मेरे हाथों को छूना चाह रही थीं। ऐसी विलक्षण सुंदरता से अभिभूत होकर मैं परमेश्वर की स्तुति और आराधना किए बिना नहीं रह सका।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम प्रेरित पौलुस द्वारा कही गई एक बात के द्वारा मेरी इस प्रतिक्रिया के कारण को समझ सकते हैं। पौलुस ने रोम के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें बताया कि सृष्टि अपने सृष्टिकर्ता को प्रकट करती है (रोमियों 1:20)। लॉर्ड होवे द्वीप के अद्भुत सुन्दर नज़ारे मुझे परमेश्वर की सामर्थ्य एवँ सुन्दरता का दर्शन करवा रहे थे।

      जब यहेजकेल नबी ने परमेश्वर का दर्शन पाया तो उसे नीलम से बने और चमकते हुए सिंहासन पर एक प्रकाशमान स्वरूप दिखाई दिया (यहेजकेल 1:25-28)। प्रेरित यूहन्ना ने भी इसी से मिलता-जुलता कुछ देखा: परमेश्वर कीमती रत्नों के समान ज्योतिर्मय स्वरूप में चमक रहा था, और उसके चारों ओर मरकत का सा एक मेघ-धनुष था (प्रकाशितवाक्य 4:2-3)। परमेश्वर जब अपने आप को प्रगट करता है, तो वह न केवल भला और सामर्थी पाया जाता है परन्तु बहुत सुन्दर भी। सृष्टि उसकी सुन्दरता को वैसे ही प्रतिबिंबित करती है जैसे कलाकृति अपने कलाकार को करती है।

      कितने दुःख की बात है कि प्रायः लोग परमेश्वर के स्थान पर उसकी रची हुई प्रकृति की उपासना करने लगते हैं (रोमियों 1:25)। इसके विपरीत होना यह चाहिए कि पृथ्वी और उसके प्राणियों की अद्भुत सुन्दरता द्वारा हम उनके रचियता और उन्हें संभालने वाले सृष्टिकर्ता परमेश्वर को पहचानें कि उससे सुन्दर और सामर्थी और कोई, और कुछ भी नहीं है। - शेरिडन वोएसे


सृष्टि की सुन्दरता, सृष्टिकर्ता की सुन्दरता को प्रतिबिंबित करती है।

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1

बाइबल पाठ: रोमियों 1:18-25
Romans 1:18 परमेश्वर का क्रोध तो उन लोगों की सब अभक्ति और अधर्म पर स्वर्ग से प्रगट होता है, जो सत्य को अधर्म से दबाए रखते हैं।
Romans 1:19 इसलिये कि परमेश्वर के विषय का ज्ञान उन के मनों में प्रगट है, क्योंकि परमेश्वर ने उन पर प्रगट किया है।
Romans 1:20 क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं।
Romans 1:21 इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्होंने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया।
Romans 1:22 वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए।
Romans 1:23 और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगने वाले जन्तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला।
Romans 1:24 इस कारण परमेश्वर ने उन्हें उन के मन के अभिलाषाओं के अुनसार अशुद्धता के लिये छोड़ दिया, कि वे आपस में अपने शरीरों का अनादर करें।
Romans 1:25 क्योंकि उन्होंने परमेश्वर की सच्चाई को बदलकर झूठ बना डाला, और सृष्टि की उपासना और सेवा की, न कि उस सृजनहार की जो सदा धन्य है। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34



गुरुवार, 28 जून 2018

अतीत



      क्रिस बेकर एक गोदने (टैट्टू) बनाने वाले कलाकार हैं जो पीड़ा और दासत्व की निशानियों को कलाकृतियों में रूपांतरित करते हैं। उनके ग्राहकों में से अनेकों लोग पहले अपराधिक गिरोहों के सदस्य और मानव व्यापार के शिकार हुए जन हैं। इन लोगों के शरीरों पर पहचान के लिए चिन्ह, नाम, या कोड गोद दिए जाते थे; क्रिस अब उन पुराने गोदनों पर नए चित्र गोद कर, सुन्दर कलाकृतियां बनाते हैं।

      जो कार्य क्रिस बेकर त्वचा के साथ करते हैं, वही कार्य प्रभु यीशु मसीह मनुश्यों की आत्माओं तथा जीवन के साथ करते हैं – जीवन पर आए पाप और बुराई के दागों को हटा कर हमें अपने स्वरूप में रूपांतरित कर देते हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल बताती है कि “सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं” (2 कुरिन्थियों 5:17)। प्रभु यीशु के पास आने से पहले हम अपनी ही इच्छाओं के अनुसार चलते हैं, वे इच्छाएं हमें चाहे जहाँ ले जाएँ, और यह हमारी जीवन शैली से झलकता है। जब हम पापों से पश्चाताप करके अपना जीवन प्रभु यीशु को समर्पित करते हैं, तो हमारे पुराने जीवन की लालसाएं और बुराईयां हमारे जीवनों से हटने लगती हैं, और हम नए स्वरूप में परिवर्तित होने लगते हैं; “और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया...”(2 कुरिन्थियों 5:18)।

      परन्तु इस नए स्वरूप में भी जीवन सदा ही सहज नहीं होता है। पुरानी आदतों से हटने में समय लग सकता है, और जो विचार हमारी पुरानी जीवन शैली का आधार थे, उनके साथ संघर्ष करने पड़ सकते हैं। परन्तु परमेश्वर का आत्मा हम में कार्य करता रहता है, हमें संभाले रहता है, भीतरी सामर्थ्य और प्रभु यीशु के प्रेम की समझ प्रदान करता है। हम अंश अंश करके प्रभु की समानता में बदलते जाते हैं, अतीत को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ते जाते हैं। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


भविष्य का आनन्द लेने के लिए, 
अपने अतीत के लिए प्रभु परमेश्वर की क्षमा को स्वीकार कर लें।

...तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 5:12-21
2 Corinthians 5:12 हम फिर भी अपनी बड़ाई तुम्हारे साम्हने नहीं करते वरन हम अपने विषय में तुम्हें घमण्‍ड करने का अवसर देते हैं, कि तुम उन्हें उत्तर दे सको, जो मन पर नहीं, वरन दिखवटी बातों पर घमण्‍ड करते हैं।
2 Corinthians 5:13 यदि हम बेसुध हैं, तो परमेश्वर के लिये; और यदि चैतन्य हैं, तो तुम्हारे लिये हैं।
2 Corinthians 5:14 क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए।
2 Corinthians 5:15 और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा।
2 Corinthians 5:16 सो अब से हम किसी को शरीर के अनुसार न समझेंगे, और यदि हम ने मसीह को भी शरीर के अनुसार जाना था, तौभी अब से उसको ऐसा नहीं जानेंगे।
2 Corinthians 5:17 सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं।
2 Corinthians 5:18 और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं, जिसने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल-मिलाप कर लिया, और मेल-मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है।
2 Corinthians 5:19 अर्थात परमेश्वर ने मसीह में हो कर अपने साथ संसार का मेल मिलाप कर लिया, और उन के अपराधों का दोष उन पर नहीं लगाया और उसने मेल मिलाप का वचन हमें सौंप दिया है।
2 Corinthians 5:20 सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो।
2 Corinthians 5:21 जो पाप से अज्ञात था, उसी को उसने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में हो कर परमेश्वर की धामिर्कता बन जाएं।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 11-13
  • प्रेरितों 9:1-21



शनिवार, 19 अगस्त 2017

कला


   बारहवीं शताब्दी के चीनी कलाकार ली-टैंग ने लोगों, पक्षियों और मवेशियों को लेकर प्राकृतिक दृश्य बनाए। क्योंकि वे रेशम पर बारीक रेखाओं से रेखा-चित्र बनाने में प्रवीण थे इसलिए उन्हें प्राकृतिक दृश्यों की चीनी कला का उस्ताद माना जाता है। सदियों से संसार भर के विभिन्न कलाकारों ने परमेश्वर की सृष्टि में प्रदर्शित उसकी कलाकृतियों का चित्रण किया है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार लिखता है: "आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है" (भजन 19:1)। बाइबल हमें यह भी बताती है कि हम मनुष्यों के अन्दर कला की यह रचनात्मक प्रवृत्ति हमारे परमेश्वर के स्वरूप में सृजे जाने के कारण है (उत्पत्ति 1:27)।

   परमेश्वर ने अपने कार्यों के लिए अनेकों लोगों को चुना और उनमें काठ, सोना, चांदी, पीतल, और रतनों से कलाकृतियाँ बनाने की प्रवीणता दी जिससे कि वे उसके अराधनास्थल के लिए वस्तुओं को बना सकें (निर्गमन 31:1-11)। आत्मिक सच्चाईयों को दर्शाने वाली ये कलाकृतियाँ, परमेश्वर की अराधना के लिए पुरोहितों और लोगों को प्रोत्साहित करती थीं, उनका मार्गदर्शन और सहायता करती थीं।

   विभिन्न प्रकार की कला और कलाकृतियों के द्वारा हम सृष्टिकर्ता एवं मुक्तिदाता प्रभु परमेश्वर का गुणानुवाद करते हैं, उसकी सृष्टि की भवयता एवं महानता को प्रतिबिंबित करते हैं, और परमेश्वर का आदर तथा महिमा करते हैं। - डेनिस फिशर


हमें परमेश्वर की महिमा के लिए सृजा गया है।

तब परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप के अनुसार उत्पन्न किया, अपने ही स्वरूप के अनुसार परमेश्वर ने उसको उत्पन्न किया, नर और नारी कर के उसने मनुष्यों की सृष्टि की। - उत्पत्ति 1:27

बाइबल पाठ: निर्गमन 31:1-11
Exodus 31:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 
Exodus 31:2 सुन, मैं ऊरी के पुत्र बसलेल को, जो हूर का पोता और यहूदा के गोत्र का है, नाम ले कर बुलाता हूं।
Exodus 31:3 और मैं उसको परमेश्वर की आत्मा से जो बुद्धि, प्रवीणता, ज्ञान, और सब प्रकार के कार्यों की समझ देनेवाली आत्मा है परिपूर्ण करता हूं, 
Exodus 31:4 जिस से वह कारीगरी के कार्य बुद्धि से निकाल निकाल कर सब भांति की बनावट में, अर्थात सोने, चांदी, और पीतल में, 
Exodus 31:5 और जड़ने के लिये मणि काटने में, और लकड़ी के खोदने में काम करे। 
Exodus 31:6 और सुन, मैं दान के गोत्र वाले अहीसामाक के पुत्र ओहोलीआब को उसके संग कर देता हूं; वरन जितने बुद्धिमान है उन सभों के हृदय में मैं बुद्धि देता हूं, जिस से जितनी वस्तुओं की आज्ञा मैं ने तुझे दी है उन सभों को वे बनाएं; 
Exodus 31:7 अर्थात मिलापवाला तम्बू, और साक्षीपत्र का सन्दूक, और उस पर का प्रायश्चित्तवाला ढकना, और तम्बू का सारा सामान, 
Exodus 31:8 और सामान सहित मेज़, और सारे सामान समेत चोखे सोने की दीवट, और धूपवेदी, 
Exodus 31:9 और सारे सामान सहित होमवेदी, और पाए समेत हौदी, 
Exodus 31:10 और काढ़े हुए वस्त्र, और हारून याजक के याजक वाले काम के पवित्र वस्त्र, और उसके पुत्रों के वस्त्र, 
Exodus 31:11 और अभिषेक का तेल, और पवित्र स्थान के लिये सुगन्धित धूप, इन सभों को वे उन सब आज्ञाओं के अनुसार बनाएं जो मैं ने तुझे दी हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 103-104
  • 1 कुरिन्थियों 2


शनिवार, 12 नवंबर 2016

कलाकृति


   बेलफास्ट, उत्तरी आयरलैंड में जो 11 एकड़ के खाली मैदान से आरंभ हुआ था, उसका अन्त ब्रिटेन के सबसे बड़े भूमिचित्र के रूप में हुआ। कलाकार जॉर्ज रॉड्रिगुएज़-गेराडा द्वारा बनाई गई "विश" नामक यह कलाकृति लकड़ी की 30,000 खूँटियों, 2000 टन मिट्टी, 2000 टन रेत और अनेकों अन्य सामग्री जैसे कि घास, पत्थर और रस्सी आदि से बनी है।

   इसके बनने के आरंभ में केवल कलाकार ही जानता था कि उसकी कलाकृति का अन्तिम स्वरूप क्या होगा। जॉर्ज ने मज़दूरों और स्वयंसेवकों को इस कार्य के लिए भरती किया, अपने साथ लिया; और वे उसके निर्देशों के अनुसार सामग्री को ढोने और एक से दूसरे स्थान पर पहुँचाने में लगे रहे। यह सब कार्य करते समय उन्हें ज़रा भी आभास नहीं था कि कुछ विस्मित कर देने वाला तैयार होकर प्रगट होने वाला है; लेकिन ऐसा ही हुआ। धरती पर से वह चित्र कुछ विशेष प्रतीत नहीं होता है; लेकिन ऊपर आकाश से देखने वाले एक छोटी लड़की का मुस्कुराता हुए चेहरे का एक विशाल चित्र देखने पाते हैं।

   परमेश्वर इस संसार में, हम मसीही विश्वासियों को साथ लेकर इससे भी कुछ विलक्षण और महान कर रहा है। जैसा प्रेरित पौलुस ने कुरिन्थुस के मसीही विशवासियों को लिखा, हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं (1 कुरिन्थियों 3:9) जिनमें होकर वह इस कार्य को साकार कर रहा है। परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर अपने लोगों को स्मरण कराता है कि वही है जो  "...पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहने वाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल की नाईं फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है" (यशायाह 40:22)।

   आज चाहे हम परमेश्वर द्वारा बनाई जा रही इस कलाकृति का अन्तिम स्वरूप नहीं देख अथवा समझ पाते हैं, लेकिन फिर भी हम उसके कार्य में उसके निर्देशानुसार लगे रहते हैं, इस विश्वास के साथ कि हम एक अद्भुत कलाकृति का भाग हैं - ना केवल उसके बनाने में वरन उस कलाकृति में भी। अन्ततः वह एक ऐसी कलाकृति होगी जो बनेगी तो पृथ्वी पर, परन्तु देखी जाएगी स्वर्ग से। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर हमें अपनी महान कलाकृति को बनाने में प्रयुक्त कर रहा है।

क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। - 1 कुरिन्थियों 3:9 

बाइबल पाठ: यशायाह 40:21-31
Isaiah 40:21 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? क्या तुम को आरम्भ ही से नहीं बताया गया? क्या तुम ने पृथ्वी की नेव पड़ने के समय ही से विचार नहीं किया? 
Isaiah 40:22 यह वह है जो पृथ्वी के घेरे के ऊपर आकाशमण्डल पर विराजमान है; और पृथ्वी के रहने वाले टिड्डी के तुल्य है; जो आकाश को मलमल की नाईं फैलाता और ऐसा तान देता है जैसा रहने के लिये तम्बू ताना जाता है; 
Isaiah 40:23 जो बड़े बड़े हाकिमों को तुच्छ कर देता है, और पृथ्वी के अधिकारियों को शून्य के समान कर देता है।
Isaiah 40:24 वे रोपे ही जाते, वे बोए ही जाते, उनके ठूंठ भूमि में जड़ ही पकड़ पाते कि वह उन पर पवन बहाता और वे सूख जाते, और आंधी उन्हें भूसे की नाईं उड़ा ले जाती है।
Isaiah 40:25 सो तुम मुझे किस के समान बताओगे कि मैं उसके तुल्य ठहरूं? उस पवित्र का यही वचन है। 
Isaiah 40:26 अपनी आंखें ऊपर उठा कर देखो, किस ने इन को सिरजा? वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले ले कर बुलाता है? वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में से कोई बिना आए नहीं रहता।
Isaiah 40:27 हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा से छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता? 
Isaiah 40:28 क्या तुम नहीं जानते? क्या तुम ने नहीं सुना? यहोवा जो सनातन परमेश्वर और पृथ्वी भर का सिरजनहार है, वह न थकता, न श्रमित होता है, उसकी बुद्धि अगम है। 
Isaiah 40:29 वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है। 
Isaiah 40:30 तरूण तो थकते और श्रमित हो जाते हैं, और जवान ठोकर खाकर गिरते हैं; 
Isaiah 40:31 परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों की नाईं उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 51-52
  • इब्रानियों 9


मंगलवार, 1 नवंबर 2016

कलाकृति


   प्रत्येक पतझड़ ऋतु में हमारा शहर तीन सप्ताह के लिए एक कला-दीर्घा बन जाता है। संसार भर से लगभग 2000 कलाकार आकर अपनी कला की प्रदर्शनी संग्रहालयों, होटलों, पार्क, सड़क के किनारे, चर्च और नदियों में भी लगाते हैं। मुझे सबसे अधिक पसन्द आने वाली कलाकृतियों में से एक हैं पच्चिकारी विधि से बनी कलाकृतियाँ, जिसके लिए कलाकार छोटे-छोटे टुकड़ों को एकत्रित करके उनसे कलाकृति बनाते हैं। सन 2011 की ईनाम जीतने वाली कलाकृति थी 9 x 13 आकार की रंगीन काँच के टुकड़ों से बनी मिया टैवोनैट्टी का प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़े होने का चित्र। उस कलाकृति का निरीक्षण करते हुए मैंने उस कलाकार को कलाकृति बनाने की कहानी सुनाते हुए सुना कि कैसे उन काँच के टुकड़ों को सही आकार देने और उसके स्थान के लिए तैयार करते हुए उसने आप को कितनी बार काँच से घायल कर लिया था।

   उस हृदयविदारक घटना के खूबसरत चित्रिकरण को निहारते हुए मुझे वहाँ प्रभु यीशु के क्रूस पर चढ़ाए जाने के दृश्य से भी बढ़ कर कुछ नज़र आया - मैंने वहाँ प्रभु यीशु की देह, अर्थात उसके विश्वासियों की मण्डली को बनाया गया देखा। काँच के प्रत्येक टुकड़े में मैंने एक मसीही विश्वासी को देखा, जिसे मसीह यीशु ने उसके सही स्थान के लिए तराशकर तैयार किया था, जो अपने स्थान पर देह को पूर्ण कर रहा था, स्वयं सुन्दर दिख रहा था और देह को सुन्दर बना रहा था; और सभी टुकड़े एक साथ मिलकर एक संपूर्ण देह बना रहे थे (इफिसियों 2:16, 21)। कलाकृति बनाने के लिए कलाकार के प्रयासों की कहानी में मैंने प्रभु यीशु के घायल होने और अपना रक्त बहाने को देखा जिससे काँच के टुकड़ों में आपसी तालमेल और एक जुटता आ सके। उस पूर्ण कलाकृति में मैंने उस प्रेम को देखा जिसके अन्तर्गत दुःख और तकलीफ उठाकर, बलिदान देकर के यह कार्य पूर्ण किया जा सका।

   हम मसीही विश्वासी परमेश्वर के द्वारा मसीह यीशु में होकर बनाई गई कलाकृति के अंश हैं जो हमारे उद्धारकर्ता प्रभु परमेश्वर की महानता को दिखाती है; उसकी जो हमारे टूटे हुए और चुभने तथा आहत करने वाले जीवनों को लेकर अपनी समानता में ढालता है, हमारे द्वारा एक सुन्दर तथा उपयोगी निर्माण करता है। - जूली ऐकैरमैन लिंक


प्रभु यीशु मसीह ने अपनी मण्डली को सुन्दर और बहुमूलय बनाने के लिए अपना सब कुछ दे दिया।

क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। - रोमियों 8:29

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:10-22
Ephesians 2:10 क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया।
Ephesians 2:11 इस कारण स्मरण करो, कि तुम जो शारीरिक रीति से अन्यजाति हो, (और जो लोग शरीर में हाथ के किए हुए खतने से खतना वाले कहलाते हैं, वे तुम को खतना रहित कहते हैं)। 
Ephesians 2:12 तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्‍त्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वर रहित थे। 
Ephesians 2:13 पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो। 
Ephesians 2:14 क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। 
Ephesians 2:15 और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। 
Ephesians 2:16 और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दोनों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए। 
Ephesians 2:17 और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दोनों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया। 
Ephesians 2:18 क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है। 
Ephesians 2:19 इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्र लोगों के संगी स्‍वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए। 
Ephesians 2:20 और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। 
Ephesians 2:21 जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्र मन्दिर बनती जाती है। 
Ephesians 2:22 जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवास स्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 24-26
  • तीतुस 2


गुरुवार, 23 जून 2016

सुधार और संरक्षण


   सदियों से समय या अन्य किसी कारण से जीर्ण होकर खराब हो गई कलाकृतियों को ठीक करने और उन्हें सुरक्षित रखने के अनेक प्रयास होत आए हैं। इनमें से कई प्रयास अपने उद्देश्य में सफल हुए और उन महान कलाकारों की मूल कृतियों को कुशलता से संरक्षित किया जा सके, लेकिन कुछ प्रयास असफल भी हुए जिसके कारण प्रतिभाशाली कलाकारों की कलाकृतियाँ और भी खराब हो गईं; इन खराब हुई कलाकृतियों में कुछ यूनानी मूर्तियाँ और दा-विन्ची के दो चित्र भी हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, प्रेरित पौलुस द्वारा कुलुस्से के मसीही विश्वासियों को लिखे पत्र में पौलुस ने एक ऐसे सुधार और संरक्षण के कार्य के बारे में बताया है जो संसार द्वारा होने वाले किसी भी सुधार और संरक्षण से संभव नहीं है; यह सुधार और संरक्षण है परमेश्वर के लोगों का। पौलुस ने लिखा: "...क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है" (कुलुस्सियों 3:9-10)। यह किसी मृत कलाकार की सांसारिक कलाकृति के सुधार और संरक्षण का कार्य नहीं है; यह आत्मिक सुधार और संरक्षण का कार्य है जो जीवते और सच्चे परमेश्वर द्वारा किया जाता है; उस परमेश्वर द्वारा जिसने हमें सृजा है, जिसने अपने पुत्र और जगत के उद्धारकर्ता प्रभु यीशु में होकर अनुग्रह से हमें नया जीवन सेंत-मेंत उपहार के रूप में प्रदान किया है। उसकी क्षमा हमारे जीवनों में नए रंग भर देती है और उसका अनुग्रह हमारे जीवनों के लिए उसके उद्देश्यों की रूपरेखा को स्पष्ट और निखरा हुआ कर देता है।

   हमारे जीवन का चित्रपटल हमारे प्रभु के कुशल हाथों में सुरक्षित है; उस प्रभु के जो यह बखूबी जानता है कि उसने हमें किस लिए रचा है, और वह हम से क्या चाहता है। अपने पापों के कारण हम चाहे कितने भी दूषित और बिगड़े हुए क्यों ना हों, जब भी हम पश्चाताप और समर्पण के साथ उसके पास आते हैं, उससे मिलने वाले सुधार और संरक्षण के कारण हमारे उज्जवल भविष्य के लिए आशा सदा बनी रहती है। परमेश्वर वह सर्वोत्त्म और सबसे महान कलाकार है जो स्वयं अपनी कलाकृति का सुधार और संरक्षण करने के लिए उपलब्ध और तत्पर रहता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रभु यीशु मसीह हर किसी के जीवन का सुधार और संरक्षण कर सकने का विशेषज्ञ है।

परन्तु वह जानता है, कि मैं कैसी चाल चला हूँ; और जब वह मुझे ता लेगा तब मैं सोने के समान निकलूंगा। - अय्यूब 23:10

बाइबल पाठ: कुलुस्सियों 3:5-17
Colossians 3:5 इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्‍कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। 
Colossians 3:6 इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न मानने वालों पर पड़ता है। 
Colossians 3:7 और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्‍हीं के अनुसार चलते थे। 
Colossians 3:8 पर अब तुम भी इन सब को अर्थात क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्‍दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो। 
Colossians 3:9 एक दूसरे से झूठ मत बोलो क्योंकि तुम ने पुराने मनुष्यत्‍व को उसके कामों समेत उतार डाला है। 
Colossians 3:10 और नए मनुष्यत्‍व को पहिन लिया है जो अपने सृजनहार के स्‍वरूप के अनुसार ज्ञान प्राप्त करने के लिये नया बनता जाता है। 
Colossians 3:11 उस में न तो यूनानी रहा, न यहूदी, न खतना, न खतनारिहत, न जंगली, न स्‍कूती, न दास और न स्‍वतंत्र: केवल मसीह सब कुछ और सब में है।
Colossians 3:12 इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्र और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। 
Colossians 3:13 और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो। 
Colossians 3:14 और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो। 
Colossians 3:15 और मसीह की शान्‍ति जिस के लिये तुम एक देह हो कर बुलाए भी गए हो, तुम्हारे हृदय में राज्य करे, और तुम धन्यवादी बने रहो। 
Colossians 3:16 मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्‍तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ। 
Colossians 3:17 और वचन से या काम से जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो।

एक साल में बाइबल: 
  • एस्तेर 9-10
  • प्रेरितों 7:1-21


शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2016

कलाकृति


   मूर्तिकारों के लिए एक शब्द प्रयुक्त होता है "वृहतदृष्टि", जिसका तात्पर्य है कि वह कलाकार एक बेडौल से पत्थर में उस पत्थर का वह अन्तिम और पूर्ण सुन्दर तथा आकर्षक रूप देख सकता है जो उसके अपना कार्य कर लेने से निकलकर आएगा।

   गुटज़ोन बोर्गल्म (1867-1941) एक ऐसे मूर्तिकार हैं जिन्होंने अनेक जानी-पहिचानी कलाकृतियों को बनाया है। उनकी कलाकृतियों में सबसे विख्यात और जानी-पहिचानी है अमेरिका के दक्षिणी डकोटा प्रांत में स्थित रश्मोर पहाड़ पर बना माउन्ट रश्मोर राष्ट्रीय स्मारक, जहाँ उन्होंने पहाड़ को तराशकर चार प्रसिद्ध अमेरीकी राष्ट्रपतियों के विशालाकार चेहरे बनाए। जब गटज़ोन बोर्गल्म के घर की देखभाल और संचाल करने वाली कर्मचारी महिला ने पहली बार उनकी इस विशाल और अद्भुत कलाकृति को देखा तो वह भौंचकी रह गई और तेज़ चलती सांस के साथ उसने बोर्गल्म से पूछा, "मिस्टर बोर्गल्म, आपको कैसे पता चला कि इस चट्टान के अन्दर राष्ट्रपति लिंकन हैं?"

   वृहतदृष्टि रखना हमारे सर्वज्ञानी परमेश्वर के लिए भी उपयुक्त शब्द है क्योंकि हम जो कुछ हैं, और जो कुछ हो सकते हैं, हमारे बारे में परमेश्वर सब कुछ जानता है। वह जानता है कि जब वह हम में अपना कार्य पूरा कर चुकेगा तो हमारा स्वरूप कैसा होगा; जब सब कुछ हो चुकने के बाद अन्ततः हम उसके सामने खड़े होंगे तो कैसे होंगे - हमारे प्रभु यीशु की समानता और स्वरूप में, पवित्र और निषकलंक (2 कुरिन्थियों 3:18)। जिस परमेश्वर ने हम में यह कार्य करना आरंभ किया है, वह उसे प्रभु यीशु के आगमन के दिन तक पूरा भी करेगा: "और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिसने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा" (फिलिप्पियों 1:6)।

  परमेश्वर का कार्य कभी रुकता नहीं है; उसमें हमें सिद्ध बनाने की ऐसी लालसा है कि उसके द्वारा हमारे सिद्ध किए जाने में कुछ भी या कोई भी अवरोध नहीं बन सकता। जो उसने हम में आरंभ किया है वह उसे पूरा भी करेगा। इस कार्य में हमारा योगदान बस इतना ही है कि हम अपने आप को उसके हाथों में तराशे जाने और हमारी व्यर्थ बातों के छांटे जाने के लिए समर्पित कर दें और उसे अपना कार्य कर लेने दें। फिर जो कलाकृति निकलकर आएगी, हम स्वयं उसे देखकर भौंचके रह जाएंगे। - डेविड रोपर


परमेश्वर हम में कार्य करता है जिससे हमें वह बना सके जो वह हमारे लिए चाहता है।

...तो प्रभु के द्वारा जो आत्मा है, हम उसी तेजस्‍वी रूप में अंश अंश कर के बदलते जाते हैं। - 2 कुरिन्थियों 3:18 

बाइबल पाठ: रोमियों 8:28-30
Romans 8:28 और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। 
Romans 8:29 क्योंकि जिन्हें उसने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे। 
Romans 8:30 फिर जिन्हें उसने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 13
  • मत्ती 26:26-50


गुरुवार, 21 नवंबर 2013

दक्ष कारीगर


   मैंने हाल ही में एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म देखी जिसमें स्टेन्वे प्यानो बनाए जाने की प्रक्रिया को दिखाया गया है। उस चित्र में उस अति-उत्तम साज़ के बनाए जाने में उठाए गए अतिसावधानीपूर्ण हर कदम को दिखाया गया है, पेड़ के काटे जाने से लेकर प्यानो के तैयार होकर दुकान में आने तक। हर कदम पर कुशल कारीगर बारीकी से जाँचते हुए हर कार्य को पूरा करते हैं। एक प्यानो के बनने में एक वर्ष का समय लगता है, और इस साल भर लंबी प्रक्रिया के बाद जब निपुण संगीतज्ञ उसे बजाते हैं तो उनका यही निषकर्ष होता है कि संगीत की जो मधुर ध्वनि एक स्टेन्वे प्यानो से आती है वह अन्य किसी साधारण रीति से बने प्यानो से कभी नहीं आती। जंगल में उग रहे एक पेड़ से इतना उत्तम संगीत निकल सकेगा, और वह इतना मूल्यवान होने पाएगा, यह कलपना करना भी कठिन है; किंतु जंगली पेड़ से एक उत्कृष्ट उत्पाद बनने, तथा उसकी उत्तमता और प्रसिद्धी होने का राज़ है उसके निर्माण के हर कदम पर दक्ष कारीगरों का कार्य।

   जब परमेश्वर ने इस्त्राएल के लोगों को आराधना के लिए एक स्थान बनाने को कहा तो उसमें प्रयोग होने वाले सामान के बनाने के लिए भी परमेश्वर ने एक उत्तम कारीगर के कार्य को महत्व दिया। परमेश्वर ने मूसा को आराधना के स्थान का सारा नमूना दिखाते और समझाते हुए कहा कि उसने बसलेल को इस कार्य के करने के लिए चुना है और इस कार्य के लिए आवश्यक सारा कौशल और कला उसके अन्दर डाल दी है, अपने आत्मा से उसे भर दिया है (निर्गमन 31:3-5)।

   आज परमेश्वर प्रत्येक मसीही विश्वासी के हृदय में निवास करता है, लेकिन उसकी कारीगरी के कार्य का अन्त नहीं हुआ है। आज प्रत्येक मसीही विश्वासी उसके हाथ की कलाकृति है (इफिसियों 2:10) और हर विश्वासी को संवारने तराशने वाला कुशल कारीगर परमेश्वर पवित्र आत्मा है। वह हमारे हर एक दोष और खामी को तराश कर निकालता रहता है और हमारे चरित्र को प्रभु यीशु की समानता में ढालता रहता है (रोमियों 8:28-29)। जैसे जैसे हम उसकी कारीगरी के आधीन अपने आप को समर्पित करते जाते हैं हम पाते हैं कि एक निपुण कारीगर के समान वह हमें उत्तमता में और उन्नत करता जाता है; अन्ततः हम द्खेंगे कि उस दक्ष कारीगर की कुशल कारीगरी ही हमारे उत्कृष्ट जीवन का राज़ है।

   अपने जीवनों को उस महान और सर्वोत्तम कारीगर परमेश्वर प्रभु यीशु के हाथ में समर्पित कर दीजिए। अपनी किसी क्षमता अथवा कौशल पर नहीं वरन उसकी दक्ष कारीगरी पर भरोसा रखिए और उसे अपना कार्य स्वतंत्रता पूर्वक कर लेने दीजिए; वह आपके स्वरूप को ऐसा संवार देगा जैसा कि आपने कभी कलपना भी नहीं करी होगी। - डेनिस फिशर


पिता परमेश्वर ने हमें अपने पुत्र की समानता में लाने के लिए हमें अपना पवित्र आत्मा दिया है।

क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया। - इफिसियों 2:10

बाइबल पाठ: निर्गमन 31:1-5
Exodus 31:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा, 
Exodus 31:2 सुन, मैं ऊरी के पुत्र बसलेल को, जो हूर का पोता और यहूदा के गोत्र का है, नाम ले कर बुलाता हूं। 
Exodus 31:3 और मैं उसको परमेश्वर की आत्मा से जो बुद्धि, प्रवीणता, ज्ञान, और सब प्रकार के कार्यों की समझ देनेवाली आत्मा है परिपूर्ण करता हूं, 
Exodus 31:4 जिस से वह कारीगरी के कार्य बुद्धि से निकाल निकाल कर सब भांति की बनावट में, अर्थात सोने, चांदी, और पीतल में, 
Exodus 31:5 और जड़ने के लिये मणि काटने में, और लकड़ी के खोदने में काम करे।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 16-17 
  • याकूब 3


शनिवार, 12 मार्च 2011

आत्मत्याग की कला

धार्मिक कलाकृतियों में पेलिकन नामक समुद्री तट पर पाए जाने वाले पक्षी को आत्मत्याग का प्रतीक माना जाता है। इस किंवदंती के प्रचलित होने का कारण है उनका सफेद रंग और उनकी बड़ी सी चोंच के सिरे का गहरे लाल रंग का होना। कहते हैं कि जब मादा पेलिकन अपने बच्चों के लिये भोजन नहीं जुटा पाती तो अपने सीने में अपनी चोंच मारकर अपने बच्चों का अपने लहू से पोषण करती है, इसीलिये उसकी चोंच लाल रंग की होती है। आरंभिक चर्च के लोगों ने इस बात में प्रभु यीशु मसीह द्वारा हमारे लिये किये गए कार्य का सुन्दर प्रतिरूप देखा और यह भी कि सच्चे मसीही विश्वासियों को कैसी गवाही रखनी चाहिये तथा पेलिकन को धार्मिक कलाकृतियों में आत्मत्याग का चित्रण करने के लिये ले लिया।

पेलिकन की यह किंवदंती न केवल प्रभु यीशु मसीह के व्यवहार को दर्शाती है, वरन हम जो उसके खून खरीदे सन्तान हैं, हमारे स्वरूप को भी दर्शाती है। पेलिकन के बच्चों की तरह, पाप में गिरी मनुष्य जाति भी, किसी भी कीमत पर, अपने लोभ और इच्छा की पूर्ति चाहती है। प्रभु यीशु मसीह ने अपने बलिदान के लहू द्वारा ऐसों को अपना लिया।

अब मसीही विश्वास में आ जाने के बाद हमारा व्यवहार भी स्वार्थी नहीं वरन आत्मत्याग का होना चाहिये। मसीह द्वारा हमारे नए किये जाने के बाद हमें भी मसीह के समान आत्मत्याग की कला का अभ्यास करते रहना चाहिये। - मार्ट डी हॉन


प्रेम से प्रेरित किये गए आत्मत्याग के समान परमेश्वर को और कुछ सन्तुष्ट नहीं कर सकता।

परन्‍तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रीय जानूं, वरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है। - प्रेरितों २०:२४


बाइबल पाठ: प्रेरितों के काम २०:१७-२७

और उस ने मीलेतुस से इफिसुस में कहला भेजा, और कलीसिया के प्राचीनों को बुलवाया।
जब वे उस के पास आए, तो उन से कहा, तुम जानते हो, कि पहिले ही दिन से जब मैं आसिया में पहुंचा, मैं हर समय तुम्हारे साथ किस प्रकार रहा।
अर्थात बड़ी दीनता से, और आंसू बहा बहाकर, और उन परीक्षाओं में जो यहूदियों के षडयन्‍त्र के कारण मुझ पर आ पड़ीं, मैं प्रभु की सेवा करता ही रहा।
और जो जो बातें तुम्हारे लाभ की थीं, उन को बताने और लोगों के साम्हने और घर घर सिखाने से कभी न झिझका।
वरन यहूदियों और यूनानियों के साम्हने गवाही देता रहा, कि परमेश्वर की ओर मन फिराना, और हमारे प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास करना चाहिए।
और अब देखो, मैं आत्मा में बन्‍धा हुआ यरूशलेम को जाता हूं, और नहीं जानता, कि वहां मुझ पर क्‍या क्‍या बीतेगा
केवल यह कि पवित्र आत्मा हर नगर में गवाही दे देकर मुझ से कहता है, कि बन्‍धन और क्‍लेश तेरे लिये तैयार हैं।
परन्‍तु मैं अपने प्राण को कुछ नहीं समझता: कि उसे प्रीय जानूं, वरन यह कि मैं अपनी दौड़ को, और उस सेवाकाई को पूरी करूं, जो मैं ने परमेश्वर के अनुग्रह के सुसमाचार पर गवाही देने के लिये प्रभु यीशु से पाई है।
और अब देखो, मैं जानता हूं, कि तुम सब जिन से मैं परमेश्वर के राज्य का प्रचार करता फिरा, मेरा मुंह फिर न देखोगे।
इसलिये मैं आज के दिन तुम से गवाही देकर कहता हूं, कि मैं सब के लोहू से निर्दोष हूं।
क्‍योंकि मैं परमेश्वर की सारी मनसा को तुम्हें पूरी रीति से बनाने से न झिझका।

एक साल में बाइबल:
  • व्यवस्थाविवरण १७-१९
  • मरकुस १३:१-२०