ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

दास लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
दास लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 17 सितंबर 2019

परिवर्तन



      मैं मेरी से प्रति मंगलवार मिलती थी, जब मैं “द हाउस” जाया करती थी; जो ऐसा स्थान था जहाँ पूर्व कैदियों की समाज से फिर से जुड़ने में सहायता की जाती थी। मेरा जीवन मेरी के जीवन से भिन्न दिखाई देता था। वह हाल ही में जेल से निकल कर आई थी, नशे की लत से जूझ रही थी, अपने बेटे से अलग थी। आप कह सकते हैं कि वह समाज से बाहर होने का जीवन जी रही थी।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भी हम मेरी के समान एक व्यक्ति, उनेसिमुस, को पाते हैं जिसने संभवतः अपने मसीही स्वामी, फिलेमोन, की कुछ हानि की थी और जेल में डाला गया था। जेल में उसकी मुलाक़ात पौलुस से हुई और उनेसिमुस भी मसीही विश्वासी हो गया (पद 10)। यद्यपि उनेसुमुस में अब मसीही विश्वास में आने के पश्चात परिवर्तन आ गया था, किन्तु वह अभी भी दास था। पौलुस ने उसे उसके स्वामी फिलेमोन के पास वापस भेजा, और साथ में एक पत्र भी भेजा, जिसमें पौलुस ने फिलेमोन से निवेदन किया कि वह उनेसिमुस के साथ “अब से दास के समान नहीं, वरन दास से भी उत्तम, अर्थात भाई के समान रहे” (फिलेमोन 1:16)।

      अब फिलेमोन को एक चुनाव करना था; वह उनेसिमुस से दास के समान बर्ताव करता रह सकता था, या मसीह में विश्वासी भाई के समान उसका स्वागत कर सकता था। मेरे सामने भी मेरी को लेकर ऐसा ही चुनाव था; मैं मेरी को एक पूर्व कैदी और नशे की लत से जूझती हुई एक स्त्री के रूप में देख सकती थी, या फिर एक ऐसी स्त्री के रूप में जिसके जीवन में मसीह यीशु की सामर्थ्य से परिवर्तन आया था। मेरी, प्रभु यीशु में विश्वास के द्वारा, अब मेरी विश्वासी बहन थी, और हम दोनों को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ था कि मसीही विश्वास के अपने जीवनों में एक-दूसरे के तथा प्रभु के साथ चल सकें।

      बहुत सरल होता है कि सामाजिक और आर्थिक स्तर, वर्ग, या साँस्कृतिक भिन्नताओं के द्वारा परस्पर एक-दूसरे से पृथक होकर रहें। परन्तु प्रभु यीशु मसीह का सुसमाचार इन पृथक करने वाली दीवारों को ढा देता है, हमारे जीवनों और संबंधों में सदा के लिए परिवर्तन ले आता है। - कैरेन वुल्फ

प्रभु यीशु का सुसमाचार जीवनों में परिवर्तन लाता है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: फिलेमोन 1:8-16
Philemon 1:8 इसलिये यद्यपि मुझे मसीह में बड़ा हियाव तो है, कि जो बात ठीक है, उस की आज्ञा तुझे दूं।
Philemon 1:9 तौभी मुझ बूढ़े पौलुस को जो अब मसीह यीशु के लिये कैदी हूं, यह और भी भला जान पड़ा कि प्रेम से बिनती करूं।
Philemon 1:10 मैं अपने बच्‍चे उनेसिमुस के लिये जो मुझ से मेरी कैद में जन्मा है तुझ से बिनती करता हूं।
Philemon 1:11 वह तो पहिले तेरे कुछ काम का न था, पर अब तेरे और मेरे दोनों के बड़े काम का है।
Philemon 1:12 उसी को अर्थात जो मेरे हृदय का टुकड़ा है, मैं ने उसे तेरे पास लौटा दिया है।
Philemon 1:13 उसे मैं अपने ही पास रखना चाहता था कि तेरी ओर से इस कैद में जो सुसमाचार के कारण है, मेरी सेवा करे।
Philemon 1:14 पर मैं ने तेरी इच्छा बिना कुछ भी करना न चाहा कि तेरी यह कृपा दबाव से नहीं पर आनन्द से हो।
Philemon 1:15 क्योंकि क्या जाने वह तुझ से कुछ दिन तक के लिये इसी कारण अलग हुआ कि सदैव तेरे निकट रहे।
Philemon 1:16 परन्तु अब से दास के समान नहीं, वरन दास से भी उत्तम, अर्थात भाई के समान रहे जो शरीर में भी और विशेष कर प्रभु में भी मेरा प्रिय हो।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 27-29
  • 2 कुरिन्थियों 10



गुरुवार, 4 जुलाई 2019

स्वतंत्र



      न्यू ज़ीलैंड के एक समाचार कैमरामैन, ओलाफ विग ने अगुवा होकर तेरह दिन तक बन्धक रखे जाने और फिर स्वतंत्र होने पर चहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान के साथ कहा, “मैं आज उतना अधिक जीवित अनुभव कर रहा हूँ जितना अपने सारे जीवन भर कभी नहीं किया।”

      यह समझाने में कठिन होता है, किन्तु स्वतंत्र होते समय जो अत्याधिक हर्ष होता है वह स्वतंत्र होकर जीवित रहने में नहीं होता है।

      हम जो प्रतिदिन स्वतंत्रता का अनुभव करते हैं, हमारे लिए ओलाफ  का आनन्द करना एक अच्छा स्मरण करवाना था कि हम कितने आशीषित हैं। यही बात आत्मिक जीवन के लिए भी ऐसे ही लागू होती है। हम में से जो लंबे समय से मसीही विश्वासी रहे हैं, बहुधा भूल जाते हैं कि पाप का दासत्व कैसा अनुभव होता है। हम इसके प्रति लापरवाह और कृतघ्न भी हो सकते हैं। परन्तु फिर परमेश्वर हमें स्मरण करवाने को एक नए विश्वासी के रूप में किसी को भेजता है, और उसके जीवन की उल्लासपूर्ण गवाही कि परमेश्वर ने कैसे उसके जीवन में कार्य किया है, हमें याद दिलाती है कि जब हम “पाप और मृत्यु की व्यवस्था से स्वतंत्र” (रोमियों 8:2) होते हैं तो कैसे आनन्द के हकदार होते हैं।

      यदि स्वतंत्रता आपके लिए उबाऊ हो गई है, या आप उन बातों पर ध्यान केंद्रित करते रहते हैं जिन्हें आप कर नहीं पा रहे हैं, तो इस बात पर ध्यान कीजिए: न केवल आप अब पाप के दास नहीं हैं, परन्तु आप पवित्र होने तथा प्रभु यीशु के साथ अनन्त जीवन का आनन्द लेने के लिए स्वतंत्र किए गए हैं! (6:22)।

      मसीह में विश्वास के द्वारा पापों से मिली स्वतंत्रता का आनन्द लें, उन बातों के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करें जिन्हें आप उसकी सन्तान होकर करने के लिए अब स्वतंत्र हैं। - जूली एकेरमैन लिंक


मसीह के लिए जीवन जीने से वास्तविक स्वतंत्रता मिलती है।

हे भाइयों, तुम स्‍वतंत्र होने के लिये बुलाए गए हो परन्तु ऐसा न हो, कि यह स्‍वतंत्रता शारीरिक कामों के लिये अवसर बने, वरन प्रेम से एक दूसरे के दास बनो। - गलातियों 5:13

बाइबल पाठ: रोमियों 6:15-23
Romans 6:15 तो क्या हुआ क्या हम इसलिये पाप करें, कि हम व्यवस्था के आधीन नहीं वरन अनुग्रह के आधीन हैं? कदापि नहीं।
Romans 6:16 क्या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों के समान सौंप देते हो, उसी के दास हो: और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्त धामिर्कता है
Romans 6:17 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, कि तुम जो पाप के दास थे तौभी मन से उस उपदेश के मानने वाले हो गए, जिस के सांचे में ढाले गए थे।
Romans 6:18 और पाप से छुड़ाए जा कर धर्म के दास हो गए।
Romans 6:19 मैं तुम्हारी शारीरिक दुर्बलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं, जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास कर के सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्रता के लिये धर्म के दास कर के सौंप दो।
Romans 6:20 जब तुम पाप के दास थे, तो धर्म की ओर से स्वतंत्र थे।
Romans 6:21 सो जिन बातों से अब तुम लज्ज़ित होते हो, उन से उस समय तुम क्या फल पाते थे?
Romans 6:22 क्योंकि उन का अन्त तो मृत्यु है परन्तु अब पाप से स्वतंत्र हो कर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिस से पवित्रता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है।
Romans 6:23 क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्यूब 28-29
  • प्रेरितों 13:1-25



बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

परिवर्तन



      मेरे पुत्र को जब एक रोबोट प्राप्त हुआ, तो उसे उस रोबोट को विभिन्न सरल कार्य करने के लिए प्रोग्राम करने में बड़ा मज़ा आता था। वह उस रोबोट को आगे बढ़ने, रुकने, फिर पीछे लौटने, उसमें रिकॉर्ड की गई आवाजें सुनाने, आदि कार्य करवा सकता था। जैसा मेरा पुत्र उससे करवाता था, रोबोट वैसा ही करता था; उस रोबोट के पास कोई विकल्प नहीं था। वह रोबोट अपने आप न कभी हंस सकता था, न किसी अन्य दिशा में जा सकता था, न कुछ अनियोजित कर सकता था; उसके पास चुनाव करने की कोई क्षमता नहीं थी।

      जब परमेश्वर ने हम मनुष्यों को बनाया, तो हमें रोबोट के समान नहीं बनाया। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में बनाया; अर्थात हम सोच सकते हैं, विचार-विमर्श करके निर्णय ले सकते हैं, हम सही और गलत का चुनाव कर सकते हैं। चाहे हमने परमेश्वर के अनाज्ञाकारी होने को अपनी आदत बना लिया हो, हम वापस परमेश्वर के पास लौट आने का निर्णय ले सकते हैं।

      जब प्राचीन इस्राएलियों ने अपने आप को परमेश्वर के साथ परेशानियों में पाया, तो परमेश्वर ने उनसे अपने भविष्यद्वक्ता यहेजकेल के द्वारा बातें कीं। यहेजकेल ने उनसे परमेश्वर की ओर से कहा, “प्रभु यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल के घराने, मैं तुम में से हर एक मनुष्य का न्याय उसकी चालचलन के अनुसार ही करूंगा। पश्चात्ताप करो और अपने सब अपराधों को छोड़ो, तभी तुम्हारा अधर्म तुम्हारे ठोकर खाने का कारण न होगा। अपने सब अपराधों को जो तुम ने किए हैं, दूर करो; अपना मन और अपनी आत्मा बदल डालो! हे इस्राएल के घराने, तुम क्यों मरो?” (यहेजकेल 18:30-31)।

      ऐसा परिवर्तन, पवित्र-आत्मा की सहायता से लिए गए केवल एक दृढ़ निर्णय के साथ आरंभ हो सकता है (रोमियों 8:13)। इस निर्णय का अर्थ हो सकता है किसी महत्वपूर्ण अवसर पर “नहीं” कहना, कोई बकवाद न करना, किसी लालच में नहीं पड़ना, किसी के प्रति द्वेष या जलन नहीं रखना, इत्यादि। ऐसे निर्णयों में आप अपना भी कोई निर्णय जोड़ सकते हैं।

      यदि आप प्रभु यीशु मसीह के विश्वासी हैं, तो आप पाप के दास बनकर नहीं रह सकते हैं। आप अपने लिए परिवर्तन का निर्णय ले सकते हैं, और परमेश्वर की सहायता से इस परिवर्तन का आरंभ अभी से हो सकता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


नए आरंभ के लिए परमेश्वर से नया हृदय माँगें।

मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा। - यहेजकेल 36:26

बाइबल पाठ: यहेजकेल 18:25-32
Ezekiel 18:25 तौभी तुम लोग कहते हो, कि प्रभु की गति एकसी नहीं। हे इस्राएल के घराने, देख, क्या मेरी गति एकसी नहीं? क्या तुम्हारी ही गति अनुचित नहीं है?
Ezekiel 18:26 जब धर्मी अपने धर्म से फिर कर, टेढ़े काम करने लगे, तो वह उनके कारण मरेगा, अर्थात वह अपने टेढ़े काम ही के कारण मर जाएगा।
Ezekiel 18:27 फिर जब दुष्ट अपने दुष्ट कामों से फिर कर, न्याय और धर्म के काम करने लगे, तो वह अपना प्राण बचाएगा।
Ezekiel 18:28 वह जो सोच विचार कर अपने सब अपराधों से फिरा, इस कारण न मरेगा, जीवित ही रहेगा।
Ezekiel 18:29 तौभी इस्राएल का घराना कहता है कि प्रभु की गति एकसी नहीं। हे इस्राएल के घराने, क्या मेरी गति एकसी नहीं? क्या तुम्हारी ही गति अनुचित नहीं?
Ezekiel 18:30 प्रभु यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल के घराने, मैं तुम में से हर एक मनुष्य का न्याय उसकी चालचलन के अनुसार ही करूंगा। पश्चात्ताप करो और अपने सब अपराधों को छोड़ो, तभी तुम्हारा अधर्म तुम्हारे ठोकर खाने का कारण न होगा।
Ezekiel 18:31 अपने सब अपराधों को जो तुम ने किए हैं, दूर करो; अपना मन और अपनी आत्मा बदल डालो! हे इस्राएल के घराने, तुम क्यों मरो?
Ezekiel 18:32 क्योंकि, प्रभु यहोवा की यह वाणी है, जो मरे, उसके मरने से मैं प्रसन्न नहीं होता, इसलिये पश्चात्ताप करो, तभी तुम जीवित रहोगे।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 3-5
  • 1 तिमुथियुस 4



शुक्रवार, 31 अगस्त 2018

स्वतंत्र


      औलूडा इक्कविआनो (1745-1796) केवल 11 वर्ष का था जब  उसे अगुवा करके दासत्व में बेच दिया गया। उसने दास के रूप में पश्चिमी अफ्रीका से वेस्ट इंडीज़, और उसके बाद अमेरिका के विरजीनिया प्रांत, और फिर इंग्लैण्ड तक की कठोर तथा दुखदायी यात्रा की। 20 वर्ष की आयु में उसने अपनी स्वतंत्रता मोल ले ली, किन्तु उसमें दासत्व में सहे अमानवीय बर्ताव के शारीरिक और मानसिक दाग़ बने रहे। औरों को दासत्व में देखने के कारण वह अपनी स्वतंत्रता का आनन्द  नहीं उठा पा रहा था, इसलिए इक्कविआनो इंग्लैण्ड में दासत्व को समाप्त करवाने के आन्दलोन में सक्रीय हो गया। उसने अपनी आत्मकथा लिखी, जो उस समय में एक दास द्वारा किया जाने वाला अति अनपेक्षित कार्य था। उसने अपनी आत्मकथा में उस निर्मम एवं अमानवीय व्यवहार का विवरण दिया जो उसने सहा था।

      प्रभु यीशु ने सँसार में अवतरित होकर समस्त मानव जाति के लिए, उनके पाप और शैतान के दासत्व से छुड़ाए जाने की जंग लड़ी, और हम सबके लिए, जो इस लड़ाई को लड़ने तथा जीतने में असमर्थ थे, स्वतंत्रता का मार्ग बना कर दे दिया। हम मनुष्यों का दासत्व बाहरी नहीं है; हम अपने पाप और आत्मिक टूटेपन के दास हैं। प्रभु यीशु ने कहा, “यीशु ने उन को उत्तर दिया; मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जो कोई पाप करता है, वह पाप का दास है। सो यदि पुत्र तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा, तो सचमुच तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे” (यूहन्ना 8:34, 36)।

      सँसार में जहाँ भी प्रभु यीशु में मिलने वाली पाप से स्वतंत्रता का यह समाचार अभी तक नहीं पहुँचा है, हमें वहाँ तक इसे पहुँचाना है। हम मसीही विश्वासियों को सँसार के सभी लोगों को बताना है कि हम पाप के दोष, निन्दा, और निराशा से छुड़ाए जा सकते हैं – प्रभु यीशु पर विश्वास लाने, उससे अपने पापों के लिए क्षमा माँगने और अपना जीवन उसे समर्पित करने के द्वारा सँसार का कोई भी जन, वास्तव में स्वतंत्र हो सकता है। - बिल क्राउडर


हमारी स्वतंत्रता की कीमत प्रभु यीशु के लहू द्वारा चुकाई गई।

परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा। सो जब कि हम, अब उसके लोहू के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे? – रोमियों 5:8-9

बाइबल पाठ: यूहन्ना 8:31-37
John 8:31 तब यीशु ने उन यहूदियों से जिन्हों ने उन की प्रतीति की थी, कहा, यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे, तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे।
John 8:32 और सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा।
John 8:33 उन्होंने उसको उत्तर दिया; कि हम तो इब्राहीम के वंश से हैं और कभी किसी के दास नहीं हुए; फिर तू क्योंकर कहता है, कि तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे?
John 8:34 यीशु ने उन को उत्तर दिया; मैं तुम से सच सच कहता हूं कि जो कोई पाप करता है, वह पाप का दास है।
John 8:35 और दास सदा घर में नहीं रहता; पुत्र सदा रहता है।
John 8:36 सो यदि पुत्र तुम्हें स्‍वतंत्र करेगा, तो सचमुच तुम स्‍वतंत्र हो जाओगे।
John 8:37 मैं जानता हूं कि तुम इब्राहीम के वंश से हो; तौभी मेरा वचन तुम्हारे हृदय में जगह नहीं पाता, इसलिये तुम मुझे मार डालना चाहते हो।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 132-134
  • 1 कुरिन्थियों 11:17-34


शनिवार, 12 फ़रवरी 2011

सब बातों द्वारा भलाई

युसुफ के भाईयों ने उस की इमानदारी और खराई के कारण उससे बैर रखा और उसे मार डलने की योजना बनाई, फिर उसे दास होने के लिये बेच दिया, और वह दास बनाकर मिस्त्र ले जाया गया। लेकिन मिस्त्र में युसुफ वहां के शासक फिरौन का विश्वासपात्र बना और फिरौन ने उसे अपने बाद देश के दूसरे शासक होने का पद दिया और युसुफ की सूझ बूझ द्वारा मिस्त्र भयंकर अकाल का सामना कर सका और वहां भोजन सामग्री उपलब्ध रही। उस अकाल के समय यूसुफ के भाई मिस्त्र से भोजन लेने आये, वे यह नहीं जानते थे कि यूसुफ जीवित है और वह ही भोजन सामग्री के वितरण को नियंत्रित करता है। उन्होंने उसे नहीं पहचाना, लेकिन बाद में यूसुफ ने अपने आप को उनपर प्रगट किया और उनसे कहा: "अब तुम लोग मत पछताओ, और तुम ने जो मुझे यहां बेच डाला, इस से उदास मत हो क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हारे प्राणों को बचाने के लिये मुझे आगे से भेज दिया है।" ( उत्पत्ति ४५:५) और बाद में उनहें फिर दिलासा दी: "यद्यपि तुम लोगों ने मेरे लिये बुराई का विचार किया था, परन्तु परमेश्वर ने उसी बात में भलाई का विचार किया, जिस से वह ऐसा करे, जैसा आज के दिन प्रगट है, कि बहुत से लोगों के प्राण बचे हैं।" ( उत्पत्ति ५०:२०)

मैं परमेश्वर का बहुत धन्यवादी और उससे आश्वस्त हूँ कि उसकी सामर्थ और बुद्धिमता के कारण उसके कोई भी उद्देश्य कभी विफल नहीं होते; यहां तक की वह लोगों के षड़यंत्रों और नुकसान की योजनाओं से भी भलाई उत्पन्न कर सकता है। मेरे लिये उसकी यह सामर्थ कि चाहे कोई मेरी कैसी भी बुराई करने का प्रयत्न करे, मेरा परमेश्वर मेरे लिये उसमें से भी मेरे लिये भलाई और अपनी महिमा उत्पन्न कर देगा बहुत उत्साहित, आश्वस्त और प्रोत्साहित करने वाली है।

जब हम परिस्थितियों, चुनौतियों और क्लेशों के कारण निराश हों तो हम परमेश्वर की बुद्धिमता, सामर्थ और सार्वभौमिकता में विश्वास रख कर आनन्दित हो सकते हैं - वह हमारे लिये सब बातों द्वारा हमारी भलाई ही करवा रहा है "और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्‍पन्न करती हैं, अर्थात उन्‍हीं के लिये जो उस की इच्‍छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।" (रोमियों ८:२८) - रिचर्ड डी हॉन


ठोकर खाकर अटक जाना परमेश्वर द्वारा किसी नए और उत्तम मार्ग के खोले जाने का सूचक हो सकता है।

यद्यपि तुम लोगों ने मेरे लिये बुराई का विचार किया था, परन्तु परमेश्वर ने उसी बात में भलाई का विचार किया, जिस से वह ऐसा करे, जैसा आज के दिन प्रगट है, कि बहुत से लोगों के प्राण बचे हैं। - उत्पत्ति ५०:२०


बाइबल पाठ: उत्पत्ति ४५:१-८

तब यूसुफ उन सब के साम्हने, जो उसके आस पास खड़े थे, अपने को और रोक न सका और पुकार के कहा, मेरे आस पास से सब लोगों को बाहर कर दो। भाइयों के साम्हने अपने को प्रगट करने के समय यूसुफ के संग और कोई न रहा।
तब वह चिल्ला चिल्लाकर रोने लगा : और मिस्रियों ने सुना, और फिरौन के घर के लोगों को भी इसका समाचार मिला।
तब यूसुफ अपने भाइयों से कहने लगा, मैं यूसुफ हूं, क्या मेरा पिता अब तब जीवित है? इसका उत्तर उसके भाई न दे सके क्योंकि वे उसके साम्हने घबरा गए थे।
फिर यूसुफ ने अपने भाइयों से कहा, मेरे निकट आओ। यह सुनकर वे निकट गए। फिर उस ने कहा, मैं तुम्हारा भाई यूसुफ हूं, जिसको तुम ने मिस्र आनेहारों के हाथ बेच डाला था।
अब तुम लोग मत पछताओ, और तुम ने जो मुझे यहां बेच डाला, इस से उदास मत हो क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हारे प्राणों को बचाने के लिये मुझे आगे से भेज दिया है।
क्योंकि अब दो वर्ष से इस देश में अकाल है और अब पांच वर्ष और ऐसे ही होंगे, कि उन में न तो हल चलेगा और न अन्न काटा जाएगा।
सो परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे आगे इसी लिये भेजा, कि तुम पृथ्वी पर जीवित रहो, और तुम्हारे प्राणों के बचने से तुम्हारा वंश बढ़े।
इस रीति अब मुझ को यहां पर भेजने वाले तुम नहीं, परमेश्वर ही ठहरा: और उसी ने मुझे फिरौन का पिता सा, और उसके सारे घर का स्वामी, और सारे मिस्र देश का प्रभु ठहरा दिया है।


एक साल में बाइबल:
  • लैव्यवस्था १३
  • मत्ती २६:२६-५०