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बुधवार, 1 जनवरी 2020

आरंभ



      सभी पाठकों को नव-वर्ष की शुभ कामनाएं।

      दिसंबर के अंत में जब क्रिसमस से संबंधित उत्सव मनाने की सभी प्रक्रियाएं समाप्त हो जाती हैं, तो मेरे विचार आने वाले वर्ष की और जाते हैं। जब मेरे बच्चे स्कूल गए हुए होते हैं, और हमारी दिनचर्या की कार्यवाही कुछ धीमी चल रही होते है, मैं मनन करती हूँ कि पिछला वर्ष मुझे कहाँ तक लेकर आया और नए वर्ष से मुझे क्या आशा है कि वह मुझे कहाँ ले जाएगा। यह मनन कभी-कभी दुःख और खेद से भर देता है, उन गलतियों के कारण जो मैंने की हैं। किन्तु नए वर्ष का नया आरंभ मुझे नई आशा और अपेक्षा से भर देता है। मुझे लगता है कि, पिछला वर्ष चाहे जैसा भी रहा हो, अब मेरे पास एक नया आरंभ करने का अवसर है।

      नए आरंभ की मेरी आशा उन बंधुए इस्राएलियों की आशा के सामने बहुत छोटी होगी जो उन्होंने वापस अपने देश लौट जाने की अनुमति मिलने के समाचार से मिली। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि फारस के राजा कुस्रू ने उन्हें बाबुल में सत्तर वर्ष की बंधुवाई पूरी होने के बाद वापस यहूदा लौट जाने की स्वतंत्रता प्रदान कर दी। उससे पहले का एक राजा नबूकदनेस्सर उन्हें बंधुआ बना कर ले आया था। परन्तु प्रभु परमेश्वर ने कुस्रू को प्रेरित किया कि वह इस्राएलियों को वापस उनके घर को भेजे जिससे वे यरूशलेम में परमेश्वर के मंदिर का पुनःनिर्माण कर सकें (एज्रा 1:2-3)। कुस्रू ने मंदिर से लूट कर लाए गए खज़ाने को भी उन्हें लौटा दिया। परमेश्वर द्वारा उनके लिए नियुक्त देश में, परमेश्वर के चुने हुए लोग होने का उनका जीवन, उनके पाप के कारण उनपर आई बाबुल में लम्बी बंधुवाई के समय के समाप्ति के बाद फिर से आरंभ होने जा रहा था।

      हम मसीही विश्वासियों के लिए आशा और आनन्द का महान कारण है; हमारे जीवनों में पीछे कुछ भी रहा हो, जब हम अपने पापों को मान लेते हैं, तो परमेश्वर हमें क्षमा करके हमें एक नया आरंभ प्रदान करता है। - कर्स्टन होल्मबर्ग

परमेश्वर का अनुग्रह हमें एक नया आरंभ प्रदान करता है।

यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। - 1 यूहन्ना 1:9

बाइबल पाठ: एजरा 1:1-11
Ezra 1:1 फारस के राजा कुस्रू के पहिले वर्ष में यहोवा ने फारस के राजा कुस्रू का मन उभारा कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था वह पूरा हो जाए, इसलिये उसने अपने समस्त राज्य में यह प्रचार करवाया और लिखवा भी दिया:
Ezra 1:2 कि फारस का राजा कुस्रू यों कहता है: कि स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा ने पृथ्वी भर का राज्य मुझे दिया है, और उसने मुझे आज्ञा दी, कि यहूदा के यरूशलेम में मेरा एक भवन बनवा।
Ezra 1:3 उसकी समस्त प्रजा के लोगों में से तुम्हारे मध्य जो कोई हो, उसका परमेश्वर उसके साथ रहे, और वह यहूदा के यरूशलेम को जा कर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का भवन बनाए - जो यरूशलेम में है वही परमेश्वर है।
Ezra 1:4 और जो कोई किसी स्थान में रह गया हो, जहां वह रहता हो, उस स्थान के मनुष्य चान्दी, सोना, धन और पशु दे कर उसकी सहायता करें और इस से अधिक परमेश्वर के यरूशलेम के भवन के लिये अपनी अपनी इच्छा से भी भेंट चढ़ाएं।
Ezra 1:5 तब यहूदा और बिन्यामीन के जितने पितरों के घरानों के मुख्य पुरूषों और याजकों और लेवियों का मन परमेश्वर ने उभारा था कि जा कर यरूशलेम में यहोवा के भवन को बनाएं, वे सब उठ खड़े हुए;
Ezra 1:6 और उनके आसपास सब रहने वालों ने चान्दी के पात्र, सोना, धन, पशु और अनमोल वस्तुएं देकर, उनकी सहायता की; यह उन सब से अधिक था, जो लोगों ने अपनी अपनी इच्छा से दिया।
Ezra 1:7 फिर यहोवा ने भवन के जो पात्र नबूकदनेस्सर ने यरूशलेम से निकाल कर अपने देवता के भवन में रखे थे,
Ezra 1:8 उन को कुस्रू राजा ने, मिथूदात खजांची से निकलवा कर, यहूदियों के शेशबस्सर नाम प्रधान को गिन कर सौंप दिया।
Ezra 1:9 उनकी गिनती यह थी, अर्थात सोने के तीस और चान्दी के एक हजार परात और उनतीस छुरी,
Ezra 1:10 सोने के तीस और मघ्यम प्रकार के चान्दी के चार सौ दस कटोरे तथा और प्रकार के पात्र एक हजार।
Ezra 1:11 सोने चान्दी के पात्र सब मिल कर पांच हजार चार सौ थे। इन सभों को शेशबस्सर उस समय ले आया जब बन्धुए बाबुल से यरूशलेम को आए।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 1-3
  • मत्ती 1



मंगलवार, 5 फ़रवरी 2019

धन्यवादी



      मैंने आज मैदान में एक फूल को खिले हुए देखा, एक अकेला छोटा सा बैंगनी फूल, कवि थॉमस ग्रे की अद्भुत पंक्ति के अनुसार, “अपनी मनोहरता को रेगिस्तान में व्यर्थ करते हुए।” मैं निश्चित हूँ कि मुझ से पहले किसी ने भी इस फूल को नहीं देखा होगा, और संभवतः कोई और देखेगा भी नहीं। मैं सोचने लगा, इस एकांत स्थान में, ऐसी भव्य सुन्दरता भला क्यों?

      प्रकृति कभी व्यर्थ नहीं जाती है। प्रतिदिन प्रकृति अपने रचनाकार की सच्चाई, भलाई, और सुंदरता को प्रदर्शित करती है, जैसे परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार ने व्यक्त किया है: “आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है” (भजन 19:1)। प्रतिदिन प्रकृति परमेश्वर की महिमा का नया बखान करती है। क्या मैं प्रकृति की उस गवाही में परमेश्वर की वह महिमा देखने पाता हूँ, या मैं उसकी गवाही को एक सरसरी नज़र के साथ नज़रंदाज़ कर देता हूँ?

      समस्त प्रकृति अपनी रचना करने वाले की सुन्दरता को दिखाती है। ऐसे में हमारा प्रत्युत्तर आराधना, प्रशंसा, और धन्यवाद हो सकता है – सूरजमुखी के फूल की चमक के लिए, सूर्योदय की भव्यता के लिए, और किसी भी वृक्ष या अन्य किसी के भी स्वरूप के लिए।

      लेखक सी. एस. ल्यूइस ने अपने एक मित्र के साथ गर्मी के एक दिन टहलने जाने के बारे में लिखा। उसने अपने मित्र से पूछा कि परमेश्वर के प्रति एक धन्यवादी हृदय कैसे विक्सित किया जाए। उनका मित्र पास बह रहे एक नाले पर गया, वहाँ एक छोटे से झरने से पानी लेकर अपने चहरे और हाथों पर डाला, और कहा, “क्यों न इससे ही आरंभ करो?” ल्यूइस ने कहा कि उस पल में उन्होंने एक महान सिद्धान्त सीखा: “जहाँ और जैसे भी हैं, वहीं और उसी के लिए परमेश्वर का धन्यवादी बनें।”

      एक छोटा सा झरना, पेड़ों में बहती हवा की मधुर ध्वनि, एक छोटा पक्षी, आपके आस-पास की कोई भी बात – क्यों न परमेश्वर के प्रति धन्यवादी होने की यात्रा का आरंभ इन्हीं से किया जाए! – डेविड रोपर


समस्त सुन्दरता की पृष्ठभूमी में परमेश्वर ही है। - स्टीव डिविट

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी। - फिलिप्पियों 4:6-7

बाइबल पाठ: भजन 136:1-9
Psalms 136:1 यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है, और उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:2 जो ईश्वरों का परमेश्वर है, उसका धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:3 जो प्रभुओं का प्रभु है, उसका धन्यवाद करो, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:4 उसको छोड़कर कोई बड़े बड़े अशचर्यकर्म नहीं करता, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:5 उसने अपनी बुद्धि से आकाश बनाया, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:6 उसने पृथ्वी को जल के ऊपर फैलाया है, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:7 उसने बड़ी बड़ी ज्योतियों बनाईं, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:8 दिन पर प्रभुता करने के लिये सूर्य को बनाया, उसकी करूणा सदा की है।
Psalms 136:9 और रात पर प्रभुता करने के लिये चन्द्रमा और तारागण को बनाया, उसकी करूणा सदा की है।
                                                                                                                                                        
एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 36-38
  • मत्ती 23:1-22



बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

परिवर्तन



      मेरे पुत्र को जब एक रोबोट प्राप्त हुआ, तो उसे उस रोबोट को विभिन्न सरल कार्य करने के लिए प्रोग्राम करने में बड़ा मज़ा आता था। वह उस रोबोट को आगे बढ़ने, रुकने, फिर पीछे लौटने, उसमें रिकॉर्ड की गई आवाजें सुनाने, आदि कार्य करवा सकता था। जैसा मेरा पुत्र उससे करवाता था, रोबोट वैसा ही करता था; उस रोबोट के पास कोई विकल्प नहीं था। वह रोबोट अपने आप न कभी हंस सकता था, न किसी अन्य दिशा में जा सकता था, न कुछ अनियोजित कर सकता था; उसके पास चुनाव करने की कोई क्षमता नहीं थी।

      जब परमेश्वर ने हम मनुष्यों को बनाया, तो हमें रोबोट के समान नहीं बनाया। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि परमेश्वर ने मनुष्य को अपने स्वरूप में बनाया; अर्थात हम सोच सकते हैं, विचार-विमर्श करके निर्णय ले सकते हैं, हम सही और गलत का चुनाव कर सकते हैं। चाहे हमने परमेश्वर के अनाज्ञाकारी होने को अपनी आदत बना लिया हो, हम वापस परमेश्वर के पास लौट आने का निर्णय ले सकते हैं।

      जब प्राचीन इस्राएलियों ने अपने आप को परमेश्वर के साथ परेशानियों में पाया, तो परमेश्वर ने उनसे अपने भविष्यद्वक्ता यहेजकेल के द्वारा बातें कीं। यहेजकेल ने उनसे परमेश्वर की ओर से कहा, “प्रभु यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल के घराने, मैं तुम में से हर एक मनुष्य का न्याय उसकी चालचलन के अनुसार ही करूंगा। पश्चात्ताप करो और अपने सब अपराधों को छोड़ो, तभी तुम्हारा अधर्म तुम्हारे ठोकर खाने का कारण न होगा। अपने सब अपराधों को जो तुम ने किए हैं, दूर करो; अपना मन और अपनी आत्मा बदल डालो! हे इस्राएल के घराने, तुम क्यों मरो?” (यहेजकेल 18:30-31)।

      ऐसा परिवर्तन, पवित्र-आत्मा की सहायता से लिए गए केवल एक दृढ़ निर्णय के साथ आरंभ हो सकता है (रोमियों 8:13)। इस निर्णय का अर्थ हो सकता है किसी महत्वपूर्ण अवसर पर “नहीं” कहना, कोई बकवाद न करना, किसी लालच में नहीं पड़ना, किसी के प्रति द्वेष या जलन नहीं रखना, इत्यादि। ऐसे निर्णयों में आप अपना भी कोई निर्णय जोड़ सकते हैं।

      यदि आप प्रभु यीशु मसीह के विश्वासी हैं, तो आप पाप के दास बनकर नहीं रह सकते हैं। आप अपने लिए परिवर्तन का निर्णय ले सकते हैं, और परमेश्वर की सहायता से इस परिवर्तन का आरंभ अभी से हो सकता है। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


नए आरंभ के लिए परमेश्वर से नया हृदय माँगें।

मैं तुम को नया मन दूंगा, और तुम्हारे भीतर नई आत्मा उत्पन्न करूंगा; और तुम्हारी देह में से पत्थर का हृदय निकाल कर तुम को मांस का हृदय दूंगा। - यहेजकेल 36:26

बाइबल पाठ: यहेजकेल 18:25-32
Ezekiel 18:25 तौभी तुम लोग कहते हो, कि प्रभु की गति एकसी नहीं। हे इस्राएल के घराने, देख, क्या मेरी गति एकसी नहीं? क्या तुम्हारी ही गति अनुचित नहीं है?
Ezekiel 18:26 जब धर्मी अपने धर्म से फिर कर, टेढ़े काम करने लगे, तो वह उनके कारण मरेगा, अर्थात वह अपने टेढ़े काम ही के कारण मर जाएगा।
Ezekiel 18:27 फिर जब दुष्ट अपने दुष्ट कामों से फिर कर, न्याय और धर्म के काम करने लगे, तो वह अपना प्राण बचाएगा।
Ezekiel 18:28 वह जो सोच विचार कर अपने सब अपराधों से फिरा, इस कारण न मरेगा, जीवित ही रहेगा।
Ezekiel 18:29 तौभी इस्राएल का घराना कहता है कि प्रभु की गति एकसी नहीं। हे इस्राएल के घराने, क्या मेरी गति एकसी नहीं? क्या तुम्हारी ही गति अनुचित नहीं?
Ezekiel 18:30 प्रभु यहोवा की यह वाणी है, हे इस्राएल के घराने, मैं तुम में से हर एक मनुष्य का न्याय उसकी चालचलन के अनुसार ही करूंगा। पश्चात्ताप करो और अपने सब अपराधों को छोड़ो, तभी तुम्हारा अधर्म तुम्हारे ठोकर खाने का कारण न होगा।
Ezekiel 18:31 अपने सब अपराधों को जो तुम ने किए हैं, दूर करो; अपना मन और अपनी आत्मा बदल डालो! हे इस्राएल के घराने, तुम क्यों मरो?
Ezekiel 18:32 क्योंकि, प्रभु यहोवा की यह वाणी है, जो मरे, उसके मरने से मैं प्रसन्न नहीं होता, इसलिये पश्चात्ताप करो, तभी तुम जीवित रहोगे।


एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 3-5
  • 1 तिमुथियुस 4



बुधवार, 1 अगस्त 2018

सर्वोत्तम



      आपके जीवन के सर्वोत्तम दिन आपके पीछे छूट चुके हैं या आगे आने वाले हैं? इस प्रश्न का हमारा उत्तर, और जीवन के प्रति हमारा दृष्टिकोण, दोनों ही समय के साथ बदल सकते हैं। जब हम बचपन में होते हैं, तो हम सामने की ओर देखते हैं, उम्र में और बढ़ना चाहते हैं। एक बार जब हम उम्र में बढ़ जाते हैं, तो फिर अतीत की ओर देखने लगते हैं, फिर से बचपन और जवानी की लालसा करने लगते हैं। परन्तु जब हम परमेश्वर के साथ चलते हैं तो हमारी आयु चाहे जो भी हो, हमारे लिए सर्वोत्तम अभी आना शेष रहता है।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि अपने जीवन के लंबे काल के दौरान मूसा ने परमेश्वर द्वारा किए गए अनेकों अद्भुत कार्यों को देखा, और उनमें से कई कार्य ऐसे थे जो तब घटित हुए जब वह जवान नहीं रहा था। मूसा 80 वर्ष का था जब उसने फिरौन का सामना किया और परमेश्वर का अपने लोगों को दासत्व से आश्चर्यकर्मों के द्वारा छुड़ाना देखा (निर्गमन 3-13)। मूसा ने लाल सागर को विभाजित होते हुए, मन्ना को स्वर्ग से गिरते हुए भी देखा, और परमेश्वर से “आमने-सामने” बातें भी कीं (14:21; 16:4; 33:11)।

      अपने जीवन पर्यन्त, मूसा इस आशा के साथ जिया, कि अब आगे परमेश्वर क्या करेगा (इब्रानियों 11:24-27)। अपने जीवन के अंतिम वर्ष में वह 120  वर्ष का था, और तब भी उसने समझ लिया कि परमेश्वर के साथ उसके जीवन का यह आरंभ ही है, और वह परमेश्वर की महानता और प्रेम का अन्त कभी नहीं देखेगा।

      हमारी आयु चाहे जो भी हो, “अनादि परमेश्वर तेरा गृहधाम है, और नीचे सनातन भुजाएं हैं...” (व्यवस्थाविवरण 33:27) जो प्रतिदिन हमें उठाए हुए उसके आनन्द में, उस सर्वोत्तम की ओर लिए चलती हैं। - जेम्स बैंक्स


जब हम परमेश्वर के साथ चलते हैं, तो सर्वोत्तम आना शेष रहता है।

परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 34:1-12
Deuteronomy 34:1 फिर मूसा मोआब के अराबा से निबो पहाड़ पर, जो पिसगा की एक चोटी और यरीहो के साम्हने है, चढ़ गया; और यहोवा ने उसको दान तक का गिलाद नाम सारा देश,
Deuteronomy 34:2 और नप्ताली का सारा देश, और एप्रैम और मनश्शे का देश, और पच्छिम के समुद्र तक का यहूदा का सारा देश,
Deuteronomy 34:3 और दक्खिन देश, और सोअर तक की यरीहो नाम खजूर वाले नगर की तराई, यह सब दिखाया।
Deuteronomy 34:4 तब यहोवा ने उस से कहा, जिस देश के विषय में मैंने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब से शपथ खाकर कहा था, कि मैं इसे तेरे वंश को दूंगा वह यही है। मैं ने इस को तुझे साक्षात दिखला दिया है, परन्तु तू पार हो कर वहां जाने न पाएगा।
Deuteronomy 34:5 तब यहोवा के कहने के अनुसार उसका दास मूसा वहीं मोआब देश में मर गया,
Deuteronomy 34:6 और उसने उसे मोआब के देश में बेतपोर के साम्हने एक तराई में मिट्टी दी; और आज के दिन तक कोई नहीं जानता कि उसकी कब्र कहां है।
Deuteronomy 34:7 मूसा अपनी मृत्यु के समय एक सौ बीस वर्ष का था; परन्तु न तो उसकी आंखें धुंधली पड़ीं, और न उसका पौरूष घटा था।
Deuteronomy 34:8 और इस्राएली मोआब के अराबा में मूसा के लिये तीस दिन तक रोते रहे; तब मूसा के लिये रोने और विलाप करने के दिन पूरे हुए।
Deuteronomy 34:9 और नून का पुत्र यहोशू बुद्धिमानी की आत्मा से परिपूर्ण था, क्योंकि मूसा ने अपने हाथ उस पर रखे थे; और इस्राएली उस आज्ञा के अनुसार जो यहोवा ने मूसा को दी थी उसकी मानते रहे।
Deuteronomy 34:10 और मूसा के तुल्य इस्राएल में ऐसा कोई नबी नहीं उठा, जिस से यहोवा ने आमने-सामने बातें कीं,
Deuteronomy 34:11 और उसको यहोवा ने फिरौन और उसके सब कर्मचारियों के सामने, और उसके सारे देश में, सब चिन्ह और चमत्कार करने को भेजा था,
Deuteronomy 34:12 और उसने सारे इस्राएलियों की दृष्टि में बलवन्त हाथ और बड़े भय के काम कर दिखाए।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 57-59
  • रोमियों 4



शुक्रवार, 11 मई 2018

नया आरंभ



   मेरे बचपन की मनपसंद पुस्तकों में से एक थी Anne of Green Gables, जिसकी लेखिका थीं लूसी मौड मौन्टगोमरी। उस पुस्तक के एक रोचक भाग में, किशोर ऐनी, केक बनाते समय, गलती से वैनीला के स्थान पर त्वचा के दवाई डाल देती है। बाद में इस गलती के लिए वह अपनी कठोर संरक्षिका के क्रोधपूर्ण हाव-भाव को देखकर बड़ी आशा के साथ उन से कहती है, “कितना अच्छा है कि कल का दिन एक नया दिन होगा, जिसमें अभी तक कोई भी गलती नहीं है।”

   मुझे यह विचार बहुत अच्छा लगा: कल का दिन एक नया दिन है, जब हम सब एक नई शुरूआत कर सकते हैं। गलती हम सब से होती है; परन्तु यह परमेश्वर का अनुग्रह और क्षमा ही है जो हमें प्रत्येक नई भोर का आरंभ एक साफ़ स्लेट के साथ करवाता है। हम जैसे ही पश्चाताप करते हैं, वह हमारे पापों को स्मरण न करने का निर्णय ले लेता है (यिर्मयाह 31:34; इब्रानियों 8:12)।

   हम में से कुछ ने अपने जीवनों में गलत चुनाव किए हैं, परन्तु परमेश्वर की नज़रों में हमारी गलतियाँ, हमारे अतीत के शब्द और कार्य, हमारे भविष्य को परिभाषित नहीं करते हैं। एक नए आरंभ का अवसर सदैव रहता है। हम जब भी प्रभु परमेश्वर से क्षमायाचना करते हैं, तो उसके तथा औरों के साथ अपने संबंधों को पुनःस्थापित करने के लिए हम अपना पहला कदम उठाते हैं, क्योंकि, “यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है” (1 यूहन्ना 1:9)।

   परमेश्वर की करुणा और विश्वासयोग्यता प्रति प्रातः नई होती है (विलापगीत 3:23); इसीलिए हम प्रत्येक नए दिन का नया आरंभ करने पाते हैं। - सिंडी हैस कैस्पर


प्रत्येक नया दिन हमें परमेश्वर की स्तुति और आराधना 
करने के नए अवसर प्रदान करता है।

हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है। - विलापगीत 3:23

बाइबल पाठ: भजन 86:5-15
Psalms 86:5 क्योंकि हे प्रभु, तू भला और क्षमा करने वाला है, और जितने तुझे पुकारते हैं उन सभों के लिये तू अति करूणामय है।
Psalms 86:6 हे यहोवा मेरी प्रार्थना की ओर कान लगा, और मेरे गिड़गिड़ाने को ध्यान से सुन।
Psalms 86:7 संकट के दिन मैं तुझ को पुकारूंगा, क्योंकि तू मेरी सुन लेगा।
Psalms 86:8 हे प्रभु देवताओं में से कोई भी तेरे तुल्य नहीं, और न किसी के काम तेरे कामों के बराबर हैं।
Psalms 86:9 हे प्रभु जितनी जातियों को तू ने बनाया है, सब आकर तेरे साम्हने दण्डवत करेंगी, और तेरे नाम की महिमा करेंगी।
Psalms 86:10 क्योंकि तू महान और आश्चर्य कर्म करने वाला है, केवल तू ही परमेश्वर है।
Psalms 86:11 हे यहोवा अपना मार्ग मुझे दिखा, तब मैं तेरे सत्य मार्ग पर चलूंगा, मुझ को एक चित्त कर कि मैं तेरे नाम का भय मानूं।
Psalms 86:12 हे प्रभु हे मेरे परमेश्वर मैं अपने सम्पूर्ण मन से तेरा धन्यवाद करूंगा, और तेरे नाम की महिमा सदा करता रहूंगा।
Psalms 86:13 क्योंकि तेरी करूणा मेरे ऊपर बड़ी है; और तू ने मुझ को अधोलोक की तह में जाने से बचा लिया है।
Psalms 86:14 हे परमेश्वर अभिमानी लोग तो मेरे विरुद्ध उठे हैं, और बलात्कारियों का समाज मेरे प्राण का खोजी हुआ है, और वे तेरा कुछ विचार नहीं रखते।
Psalms 86:15 परन्तु प्रभु तू दयालु और अनुग्रहकारी ईश्वर है, तू विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।
                                                 

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 13-14
  • यूहन्ना 2



रविवार, 1 अप्रैल 2018

नया आरंभ



   ईस्टर की गाथा में एक बात है जो मेरे अन्दर कौतूहल उत्पन्न करती है: प्रभु यीशु ने अपनी पुनरुथित देह पर क्रूस के निशान क्यों रखे? यह संभव है कि पुनरुत्थान के समय वे जैसी भी देह चाहते वैसी उन्हें मिल जाती, परन्तु फिर भी उन्होंने एक ऐसी देह को चाहा जिसमें क्रूस के निशान थे, ऐसे निशान जिन्हें देखा और छुआ जा सकता है। ऐसा क्यों?

   मेरा मानना है कि ईस्टर की कहानी अधूरी होगी यदि प्रभु यीशु के हाथों, पावों और पंजर में वे निशान न हों (यूहन्ना 20:27)। हम मनुष्य अपने लिए सीधे और चमकते हुए दाँत, झुर्री रहित त्वचा, और देह का सुडौल आदर्श आकार चाहते हैं। हम एक अस्वाभाविक स्थिति, एक सिद्ध देह, की कल्पना करते हैं। परन्तु प्रभु यीशु के लिए मानव तवचा और शरीर में सीमित होकर रहना एक अस्वाभाविक स्थिति थी। उसकी देह के वे निशान इस बात का सदा काल के लिए स्मारक हैं कि हमारे उद्धार के लिए उन्होंने क्या कुछ सहन किया।

   स्वर्ग के परिप्रेक्ष्य से वे निशान सृष्टि के इतिहास की सबसे वीभत्स घटना को दिखाते हैं; चाहे आज वह घटना स्मरण करने की एक बात ही क्यों न बन गई हो। प्रभु यीशु मसीह के मृतकों में से पुनरुत्थान के कारण आज प्रभु के प्रत्येक अनुयायी के लिए यह आश्वासन है कि हमारा प्रत्येक आँसू, हमारा प्रत्येक संघर्ष, हमारा प्रत्येक कष्ट, मित्रों, परिवार जनों और अन्य लोगों से संबंधित हमारी प्रत्येक हृदय-वेदना, एक दिन प्रभु यीशु की देह के उन निशानों के समान हो जाएँगे। निशान कभी जाते नहीं हैं, परन्तु वे दुखते भी नहीं हैं।

   फिर एक ऐसा दिन भी आएगा जब हमारे पास एक नई देह, एक नया आकाश और पृथ्वी होंगे, जहाँ फिर कोई पीड़ा नहीं होगी (प्रकाशितवाक्य 21:4)। हमारे लिए अनन्त काल के लिए नया आरंभ होगा। - फिलिप येन्सी


मसीह यीशु का पुनरुत्थान हमारे भी पुनरुत्थान होने की निश्चितता है।

और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। - प्रकाशितवाक्य 21:4

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:12-24
1 Corinthians 15:12 सो जब कि मसीह का यह प्रचार किया जाता है, कि वह मरे हुओं में से जी उठा, तो तुम में से कितने क्योंकर कहते हैं, कि मरे हुओं का पुनरुत्थान है ही नहीं?
1 Corinthians 15:13 यदि मरे हुओं का पुनरुत्थान ही नहीं, तो मसीह भी नहीं जी उठा।
1 Corinthians 15:14 और यदि मसीह भी नहीं जी उठा, तो हमारा प्रचार करना भी व्यर्थ है; और तुम्हारा विश्वास भी व्यर्थ है।
1 Corinthians 15:15 वरन हम परमेश्वर के झूठे गवाह ठहरे; क्योंकि हम ने परमेश्वर के विषय में यह गवाही दी कि उसने मसीह को जिला दिया यद्यपि नहीं जिलाया, यदि मरे हुए नहीं जी उठते।
1 Corinthians 15:16 और यदि मुर्दे नहीं जी उठते, तो मसीह भी नहीं जी उठा।
1 Corinthians 15:17 और यदि मसीह नहीं जी उठा, तो तुम्हारा विश्वास व्यर्थ है; और तुम अब तक अपने पापों में फंसे हो।
1 Corinthians 15:18 वरन जो मसीह मे सो गए हैं, वे भी नाश हुए।
1 Corinthians 15:19 यदि हम केवल इसी जीवन में मसीह से आशा रखते हैं तो हम सब मनुष्यों से अधिक अभागे हैं।
1 Corinthians 15:20 परन्तु सचमुच मसीह मुर्दों में से जी उठा है, और जो सो गए हैं, उन में पहिला फल हुआ।
1 Corinthians 15:21 क्योंकि जब मनुष्य के द्वारा मृत्यु आई; तो मनुष्य ही के द्वारा मरे हुओं का पुनरुत्थान भी आया।
1 Corinthians 15:22 और जैसे आदम में सब मरते हैं, वैसा ही मसीह में सब जिलाए जाएंगे।
1 Corinthians 15:23 परन्तु हर एक अपनी अपनी बारी से; पहिला फल मसीह; फिर मसीह के आने पर उसके लोग।
1 Corinthians 15:24 इस के बाद अन्‍त होगा; उस समय वह सारी प्रधानता और सारा अधिकार और सामर्थ्य का अन्‍त कर के राज्य को परमेश्वर पिता के हाथ में सौंप देगा।


एक साल में बाइबल: 
  • न्यायियों 13-15
  • लूका 6:27-49



मंगलवार, 6 जून 2017

आगे


   फ्रांस में नौरमंडी के तट पर जून 6, 1944 को तीन अमरीकी सैनिकों ने जब अपने आप को बम फटने से बने गढ़हे में पड़ा पाया, तो उन्हें एहसास हुआ कि लहरें उन्हें बहा कर गलत स्थान पर ले आई हैं। उस गढ़हे में उन तीनों ने तात्कालिक निर्णय लिया, "हम युध्द यहीं से आरंभ करेंगे।" प्रारंभ करने के उस कठिन स्थान से उन्हें अब आगे बढ़ना था।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि शाऊल (प्रेरित पौलुस का पहला नाम) ने दमिशक के मार्ग पर प्रभु यीशु के साथ हुई मुलाकात के बाद अपने आप को एक कठिन परिस्थिति में पाया (प्रेरितों 9:1-20)। अब अचानक ही उसे अपना पिछला जीवन और जीवन की दिशा एक भूल लग रही थी और संभवतः व्यर्थ भी। अब जहाँ वह था वहाँ से आगे बढ़ना न केवल कठिन था, वरन आगे बढ़ना उसे बहुत कठिन तथा कष्टप्रद परिश्रम लग रहा था, जहाँ उसे उन परिवारों का भी सामना करना पड़ सकता था जिन्हें उसने उजाड़ा था। परन्तु फिर भी उसने प्रभु की आज्ञा को नहीं टाला और वहीं गया जहाँ प्रभु चाहता था कि वह जाए (प्रेरितों 9:6)।

   बहुधा हम अपने आप को ऐसे स्थान या परिस्थिति में पा सकते हैं जहाँ होने के संबंध में हमने कभी सोचा भी नहीं था और न ही चाहा था। हो सकता है हम कर्ज़ में दबे जा रहे हों, या किन्ही सीमाओं से बाधित हो रहे हों, या पाप और उसके दुषपरिणामों के दबाव में पड़े हों। आज मसीह यीशु हमें चाहे बन्दीगृह में पाए या किसी महल में; चाहे वह हमें टूटा और कर्ज़ में दबा पाए या हमारी अपनी किसी स्वार्थी अभिलाषा में पड़ा हुआ पाए; परमेश्वर का वचन हमें सिखाता है कि हम पौलुस की सलाह को मानें, और जो बीत गया उसे पीछे छोड़ कर मसीह यीशु की ओर आगे बढ़ें (फिलिप्पियों 3:13-14)।

   हमारे मसीह यीशु की ओर, मसीह यीशु के साथ आगे बढ़ने के लिए, हमारा अतीत कोई बाधा नहीं है; यह मसीह यीशु का आश्वासन है। - रैंडी किलगोर


मसीह यीशु के साथ नया आरंभ करने के लिए कभी कोई विलंब नहीं है।

हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: प्रेरितों 9:1-9, 17-22
Acts 9:1 और शाऊल जो अब तक प्रभु के चेलों को धमकाने और घात करने की धुन में था, महायाजक के पास गया। 
Acts 9:2 और उस से दमिश्क की अराधनालयों के नाम पर इस अभिप्राय की चिट्ठियां मांगी, कि क्या पुरूष, क्या स्त्री, जिन्हें वह इस पंथ पर पाए उन्हें बान्‍ध कर यरूशलेम में ले आए। 
Acts 9:3 परन्तु चलते चलते जब वह दमिश्क के निकट पहुंचा, तो एकाएक आकाश से उसके चारों ओर ज्योति चमकी। 
Acts 9:4 और वह भूमि पर गिर पड़ा, और यह शब्द सुना, कि हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है? 
Acts 9:5 उसने पूछा; हे प्रभु, तू कौन है? उसने कहा; मैं यीशु हूं; जिसे तू सताता है। 
Acts 9:6 परन्तु अब उठ कर नगर में जा, और जो कुछ करना है, वह तुझ से कहा जाएगा। 
Acts 9:7 जो मनुष्य उसके साथ थे, वे चुपचाप रह गए; क्योंकि शब्द तो सुनते थे, परन्तु किसी को दखते न थे। 
Acts 9:8 तब शाऊल भूमि पर से उठा, परन्तु जब आंखे खोलीं तो उसे कुछ दिखाई न दिया और वे उसका हाथ पकड़के दमिश्क में ले गए। 
Acts 9:9 और वह तीन दिन तक न देख सका, और न खाया और न पीया।

Acts 9:17 तब हनन्याह उठ कर उस घर में गया, और उस पर अपना हाथ रखकर कहा, हे भाई शाऊल, प्रभु, अर्थात यीशु, जो उस रास्‍ते में, जिस से तू आया तुझे दिखाई दिया था, उसी ने मुझे भेजा है, कि तू फिर दृष्टि पाए और पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो जाए। 
Acts 9:18 और तुरन्त उस की आंखों से छिलके से गिरे, और वह देखने लगा और उठ कर बपतिस्मा लिया; फिर भोजन कर के बल पाया।
Acts 9:19 और वह कई दिन उन चेलों के साथ रहा जो दमिश्क में थे। 
Acts 9:20 और वह तुरन्त आराधनालयों में यीशु का प्रचार करने लगा, कि वह परमेश्वर का पुत्र है। 
Acts 9:21 और सब सुनने वाले चकित हो कर कहने लगे; क्या यह वही व्यक्ति नहीं है जो यरूशलेम में उन्हें जो इस नाम को लेते थे नाश करता था, और यहां भी इसी लिये आया था, कि उन्हें बान्‍ध कर महायाजकों के पास ले आए? 
Acts 9:22 परन्तु शाऊल और भी सामर्थी होता गया, और इस बात का प्रमाण दे देकर कि मसीह यही है, दमिश्क के रहने वाले यहूदियों का मुंह बन्‍द करता रहा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 25-27
  • यूहन्ना 16


बुधवार, 30 नवंबर 2016

"जैसा है"


   यदि बिक्री के लिए रखे गए घर के साथ कहा जाता है "जैसा है" तो इसका तात्पर्य है कि विक्रेता उस घर की मरम्मात करवा पाने में या तो असमर्थ है या फिर उस पर कोई खर्च करना नहीं चाहता है। उस घर के लिए आवश्यक जो भी मरम्मत की आवश्यकता होगी वह खरीदने वाला सौदा पूरा और पक्का हो जाने के पश्चात अपने आप और अपनी ज़िम्मेदारी पर करवाएगा। किसी अचल संपत्ति पर "जैसा है" की सूचना के लगे होने का तात्पर्य है, "खरीद्दार सतर्क रहे; मकान पर काफी खर्चा करने की संभावना है।"

   कितना विलक्षण है कि जब प्रभु यीशु ने समस्त संसार के सभी मनुष्यों के लिए अपने प्राणों का बलिदान किया, तो उन्होंने हमारी पापमय दशा और उसके कारण हम में आने वाली विकृतियों के बावजूद हमारे लिए सर्वोच्च कीमत चुकाई। परमेश्वर के वचन बाइबल की अन्तिम पुस्तक, प्रकाशितवाक्य के पाँचवें अध्याय में स्वर्ग के एक दृश्य को दिखाया गया है जहाँ "न स्वर्ग में, न पृथ्वी पर, न पृथ्वी के नीचे कोई उस पुस्‍तक को खोलने या उस पर दृष्टि डालने के योग्य निकला। और मैं फूट फूटकर रोने लगा, क्योंकि उस पुस्‍तक के खोलने, या उस पर दृष्टि करने के योग्य कोई न मिला। तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझे से कहा, मत रो; देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्‍तक को खोलने और उसकी सातों मुहरें तोड़ने के लिये जयवन्‍त हुआ है" (प्रकाशितवाक्य 5:3-5)। वह मेमना बनकर आता है और एक नए गीत में स्तुति का विषय बन जाता है: "और वे यह नया गीत गाने लगे, कि तू इस पुस्‍तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है; क्योंकि तू ने वध हो कर अपने लोहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है। और उन्हें हमारे परमेश्वर के लिये एक राज्य और याजक बनाया; और वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं" (प्रकाशितवाक्य 5:9-10)।

   प्रभु यीशु मसीह ने हमारे उद्धार और हमारे परमेश्वर से मेल-मिलाप के लिए स्वेच्छा से अपने लहू द्वारा हमारी कीमत चुका दी है; उसने हमारी "जैसे हैं" दशा में, हमारी त्रुटियों, अपूर्णताओं, और अनिवार्य सुधार-संवार आवश्यकता होने की स्थिति के बावजूद हमारे लिए अपनी जान से कीमत चुका दी है। अब साधारण विश्वास के द्वारा स्वेच्छा से हम उसके स्वामित्व को, उसके द्वारा किए जाने वाले हमारे सुधार-संवार को स्वीकार कर सकते हैं, अपने आप को परमेश्वर की महिमा के लिए प्रयोग होने वाले पात्र बना सकते हैं।

   कैसी अद्भुत बात है कि परमेश्वर ने हमारे बारे में सब कुछ भली-भांति जानने के बावजूद भी, हमारी "जैसे हैं" दशा में भी, हम से प्रेम किया और हमें संवारने के लिए अपने पुत्र की कीमत पर हमें अपने पास बुला लिया। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर हमें अन्दर-बाहर भली-भांति जानता है; 
उसके लिए कोई भी सुधारे-संवारे जाने की सीमा से बाहर नहीं है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 5:1-12
Revelation 5:1 और जो सिंहासन पर बैठा था, मैं ने उसके दाहिने हाथ में एक पुस्‍तक देखी, जो भीतर और बाहर लिखी हुई भी, और वह सात मुहर लगा कर बन्‍द की गई थी। 
Revelation 5:2 फिर मैं ने एक बलवन्‍त स्वर्गदूत को देखा जो ऊंचे शब्द से यह प्रचार करता था कि इस पुस्‍तक के खोलने और उस की मुहरें तोड़ने के योग्य कौन है? 
Revelation 5:3 और न स्वर्ग में, न पृथ्वी पर, न पृथ्वी के नीचे कोई उस पुस्‍तक को खोलने या उस पर दृष्टि डालने के योग्य निकला। 
Revelation 5:4 और मैं फूट फूटकर रोने लगा, क्योंकि उस पुस्‍तक के खोलने, या उस पर दृष्टि करने के योग्य कोई न मिला। 
Revelation 5:5 तब उन प्राचीनों में से एक ने मुझे से कहा, मत रो; देख, यहूदा के गोत्र का वह सिंह, जो दाऊद का मूल है, उस पुस्‍तक को खोलने और उसकी सातों मुहरें तोड़ने के लिये जयवन्‍त हुआ है। 
Revelation 5:6 और मैं ने उस सिंहासन और चारों प्राणियों और उन प्राचीनों के बीच में, मानों एक वध किया हुआ मेम्ना खड़ा देखा: उसके सात सींग और सात आंखे थीं; ये परमेश्वर की सातों आत्माएं हैं, जो सारी पृथ्वी पर भेजी गई हैं। 
Revelation 5:7 उसने आ कर उसके दाहिने हाथ से जो सिंहासन पर बैठा था, वह पुस्‍तक ले ली, 
Revelation 5:8 और जब उसने पुस्‍तक ले ली, तो वे चारों प्राणी और चौबीसों प्राचीन उस मेम्ने के साम्हने गिर पड़े; और हर एक के हाथ में वीणा और धूप से भरे हुए सोने के कटोरे थे, ये तो पवित्र लोगों की प्रार्थनाएं हैं। 
Revelation 5:9 और वे यह नया गीत गाने लगे, कि तू इस पुस्‍तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है; क्योंकि तू ने वध हो कर अपने लोहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है। 
Revelation 5:10 और उन्हें हमारे परमेश्वर के लिये एक राज्य और याजक बनाया; और वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं। 
Revelation 5:11 और जब मैं ने देखा, तो उस सिंहासन और उन प्राणियों और उन प्राचीनों के चारों ओर बहुत से स्‍वर्गदूतों का शब्द सुना, जिन की गिनती लाखों और करोड़ों की थी। 
Revelation 5:12 और वे ऊंचे शब्द से कहते थे, कि वध किया हुआ मेम्ना ही सामर्थ, और धन, और ज्ञान, और शक्ति, और आदर, और महिमा, और धन्यवाद के योग्य है।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 37-39
  • 2 पतरस 2


मंगलवार, 29 नवंबर 2016

अन्त


   परमेश्वर के वचन बाइबल के कथानक का अन्त वहीं पर होता है जहाँ से वह आरंभ हुआ था। उस अन्त में परमेश्वर और मनुष्य के बीच का टूटा हुआ रिश्ता अन्ततः ठीक होकर पुनःस्थापित हो जाता है, और उत्पत्ति 3 में आया श्राप मिट जाता है। आरंभ के अदन की वाटिका के दृश्य से ली गई छवियों के समान, अन्तिम पुस्तक प्रकाशितवाक्य में एक नदी और जीवन के वृक्ष का चित्रण है (प्रकाशितवाक्य 22:1-2); लेकिन यहाँ वाटिका के स्थान पर एक बड़ा शहर है जो परमेश्वर के आराधकों से भरा हुआ है, और जहाँ मृत्यु या किसी भी प्रकार की उदासी वहाँ के दृश्य पर कभी कोई अन्धकार नहीं लाने पाएंगे। जब हम मसीही विश्वासी उस नए आकाश और नई पृथ्वी में अपनी आँखें खोलेंगे वह इस कथानक का सुखद अन्त होगा।

   स्वर्ग कोई वैकलपिक विश्वास या बाद में जोड़ा गया विचार नहीं है; वह समस्त सृष्टि की अन्तिम दोषमुक्ति है। बाइबल कभी मानव त्रासदी और निराशाओं को छोटा या महत्वहीन करके नहीं आंकती; बाइबल के समान कष्टप्रद होने तक खरी और सच्ची पुस्तक और कोई नहीं है। लेकिन इन सब के वास्तविक होने के अंगीकार के साथ बाइबल इनके बारे में एक शब्द और जोड़ देती है: अस्थायी। जो हम अब अनुभव कर रहे हैं वह सदा नहीं रहेगा (2 कुरिन्थियों 4:17-18); सृष्टि के सुखद पुनःनिर्माण का समय भी आएगा।

   जो मसीही विश्वासी अपने आप को किसी दुःख या टूटे हुए घर-परिवारों, या आर्थिक तंगी, या किसी भय में फंसा हुआ अनुभव करते हैं, हम सब के लिए, हमारे प्रभु परमेश्वर की ओर से स्वर्ग में स्वास्थ्य, आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण अनन्त भविष्य का वायदा है। बाइबल का आरंभ उत्पत्ति की पुस्तक में एक मुक्तिदाता के वायदे (उत्पत्ति 3:15) के साथ होता है, और अन्त भी उसी मुक्तिदाता के वायदे - अनन्त सुखद भविष्य के साथ होता है (प्रकाशितवाक्य 21:1-7), जब अन्त एक नया आरंभ होगा। - फिलिप यैन्सी


स्वर्ग के लाभ पृथ्वी की हानियों की पूर्ति से कहीं अधिक बढ़कर होंगे।

क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है। और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं। - 2 कुरिन्थियों 4:17-18

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 21:1-7
Revelation 21:1 फिर मैं ने नये आकाश और नयी पृथ्वी को देखा, क्योंकि पहिला आकाश और पहिली पृथ्वी जाती रही थी, और समुद्र भी न रहा। 
Revelation 21:2 फिर मैं ने पवित्र नगर नये यरूशलेम को स्वर्ग पर से परमेश्वर के पास से उतरते देखा, और वह उस दुल्हिन के समान थी, जो अपने पति के लिये सिंगार किए हो। 
Revelation 21:3 फिर मैं ने सिंहासन में से किसी को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि देख, परमेश्वर का डेरा मनुष्यों के बीच में है; वह उन के साथ डेरा करेगा, और वे उसके लोग होंगे, और परमेश्वर आप उन के साथ रहेगा; और उन का परमेश्वर होगा। 
Revelation 21:4 और वह उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा; और इस के बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी; पहिली बातें जाती रहीं। 
Revelation 21:5 और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं। 
Revelation 21:6 फिर उसने मुझ से कहा, ये बातें पूरी हो गई हैं, मैं अलफा और ओमिगा, आदि और अन्‍त हूं: मैं प्यासे को जीवन के जल के सोते में से सेंतमेंत पिलाऊंगा। 
Revelation 21:7 जो जय पाए, वही इन वस्‍तुओं का वारिस होगा; और मैं उसका परमेश्वर होऊंगा, और वह मेरा पुत्र होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजेकल 35-36
  • 2 पतरस 1


मंगलवार, 12 अप्रैल 2016

नया आरंभ


   नया आरंभ संभव है! इसके बारे में एक नवयुवक ब्रेयन से पूछिए। ब्रेयन 12 वर्ष का था जब वह घर से भाग गया और 3 वर्ष तक आवारागर्दी और अपराध में लिप्त गिरोह के साथ रहा, उनके जैसे कार्य करता रहा, नशीले पदार्थों के सेवन करने में लिप्त रहा। फिर वह उस गिरोह से निकल कर वापस घर तो आ गया, लेकिन उसके लिए जीवन को वापस पटरी पर लाना कठिन हो रहा था क्योंकि नशीले पदार्थ बेचने के जुर्म में वह स्कूल से निकाला जा चुका था। ब्रेयन ने एक नए स्कूल में दाखिला लिया, जहाँ उसके एक अध्यापक ने उसे प्रेरित और उत्साहित किया कि वह अपने पुराने जीवन को दोहराने की बजाए उसके बारे में लिखना आरंभ करे। ब्रेयन ने यह चुनौती स्वीकार करी और आज वह उस नए आरंभ के आनन्द का अनुभव कर रहा है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भी परमेश्वर ने अपने नबी यशायाह द्वारा निर्वासित यहूदियों को एक नए आरंभ के बारे में विचार करने को कहा। परमेश्वर ने उन से कहा, "अब बीती हुई घटनाओं का स्मरण मत करो, न प्राचीनकाल की बातों पर मन लगाओ" (यशायाह 43:18)। परमेश्वर ने उन्हें बीती बातों, उनकी अनाज्ञाकारिता के दण्ड, यहाँ तक कि उन्हें मिस्त्र की गुलामी से निकाल कर लाने के लिए जो सामर्थी कार्य परमेश्वर ने किए थे, उन सब पर थम कर रह जाने से मना किया। इस सब कि बजाए परमेश्वर ने उन्हें परमेश्वर की सहायता द्वारा बाबुल की गुलामी से निकल कर फिर से वापस अपने देश लौट कर बसने पर ध्यान केंद्रित करने और विचार-मग्न रहने को कहा।

   यही बात आज हमारे लिए भी लागू है; हम कितनी ही निराशा और कुँठाओं से होकर क्यों ना निकले हों, हमारे मन चाहे कितने भी भारी क्यों ना हों, आज परमेश्वर हमें हमारी इन सब बीती बातों से निकाल कर एक नया आरंभ दे सकता है। जब हम अपने जीवन पश्चाताप के साथ परमेश्वर को समर्पित करके प्रभु यीशु मसीह में होकर उससे अपना नाता जोड़ लेते हैं, उसके आज्ञाकारी हो जाते हैं, वह हमारा हाथ पकड़कर अपने साथ लिए चलता है, हमारे लिए मार्ग बनाता है और अनन्त शांति, आशा तथा आशीष का जीवन प्रदान करता है। - मार्विन विलियम्स


परमेश्वर भीतर से बाहर तक एक पूर्ण्त्या नया आरंभ देता है।

सो यदि कोई मसीह में है तो वह नई सृष्‍टि है: पुरानी बातें बीत गई हैं; देखो, वे सब नई हो गईं। - 2 कुरिन्थियों 5:17

बाइबल पाठ: यशायाह 43:14-21
Isaiah 43:14 तुम्हारा छुड़ाने वाला और इस्राएल का पवित्र यहोवा यों कहता है, तुम्हारे निमित्त मैं ने बाबुल को भेजा है, और उसके सब रहने वालों को भगोड़ों की दशा में और कसदियों को भी उन्हीं के जहाजों पर चढ़ाकर ले आऊंगा जिन के विषय वे बड़ा बोल बोलते हैं। 
Isaiah 43:15 मैं यहोवा तुम्हारा पवित्र, इस्राएल का सृजनहार, तुम्हारा राजा हूं। 
Isaiah 43:16 यहोवा जो समुद्र में मार्ग और प्रचण्ड धारा में पथ बनाता है, 
Isaiah 43:17 जो रथों और घोड़ों को और शूरवीरों समेत सेना को निकाल लाता है, (वे तो एक संग वहीं रह गए और फिर नहीं उठ सकते, वे बुझ गए, वे सन की बत्ती की नाईं बुझ गए हैं।) वह यों कहता है, 
Isaiah 43:18 अब बीती हुई घटनाओं का स्मरण मत करो, न प्राचीनकाल की बातों पर मन लगाओ। 
Isaiah 43:19 देखो, मैं एक नई बात करता हूं; वह अभी प्रगट होगी, क्या तुम उस से अनजान रहोगे? मैं जंगल में एक मार्ग बनाऊंगा और निर्जल देश में नदियां बहाऊंगा। 
Isaiah 43:20 गीदड़ और शुतर्मुर्ग आदि जंगली जन्तु मेरी महिमा करेंगे; क्योंकि मैं अपनी चुनी हुई प्रजा के पीने के लिये जंगल में जल और निर्जल देश में नदियां बहाऊंगा। 
Isaiah 43:21 इस प्रजा को मैं ने अपने लिये बनाया है कि वे मेरा गुणानुवाद करें।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमूएल 19-21
  • लूका 11:29-54


रविवार, 1 नवंबर 2015

प्रेम


   मैंने एक दुकान में पटिया लिखा एक वाक्य देखा, "मन की जाँच इससे नहीं है कि आप दूसरों से कितना प्रेम करते हैं, वरन इससे है कि लोग आपसे कितना प्रेम करते हैं" और इस कथन का उद्धरण किया गया था बच्चों की एक प्रसिद्ध और लोकप्रीय कथा Wizard of Oz से। निःसन्देह Wizard of Oz एक अच्छी कहानी है, लेकिन आत्मिक बातों के लिए कहानियाँ भरोसेमन्द और सदा सत्य कहने वाला स्त्रोत नहीं होतीं। आत्मिक बातों का सदा सत्य बताने वाला और भरोसेमन्द स्त्रोत है परमेश्वर का वचन बाइबल।

   परमेश्वर ने अपने वचन बाइबल में कहा, "...सब आज्ञाओं में से यह मुख्य है; हे इस्राएल सुन; प्रभु हमारा परमेश्वर एक ही प्रभु है। और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। और दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं" (मरकुस 12:29-31)। बाइबल हमें ना केवल परमेश्वर से प्रेम करना सिखाती है, वरन मनुष्यों से भी प्रेम करने को कहती है, उन से भी जो हमारे विरोधी और बैरी हैं (मत्ती 5:43-48) जिससे कि हम अपने परमेश्वर पिता के गुण प्रकट करें। ना केवल हमें सब मनुष्यों से प्रेम रखना है परन्तु साथ ही प्रत्युत्तर में कुछ पाने की आशा रखने की बजाए यदि प्रत्युत्तर में बैर भी मिले तो उसमें भी परमेश्वर के धन्यवादी होना, आनन्दित होना है, "धन्य हो तुम, जब मनुष्य मेरे कारण तुम्हारी निन्दा करें, और सताएं और झूठ बोल बोलकर तुम्हरो विरोध में सब प्रकार की बुरी बात कहें। आनन्‍दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था" (मत्ती 5:11-12)।

   जब बात प्रेम की आती है तो समझने के लिए जो अति आवश्यक बात है वह है कि प्रेम का स्त्रोत परमेश्वर है (1 यूहन्ना 4:7-8); जैसे मूसा ने इस्त्राएलियों से कहा कि परमेश्वर उनसे प्रेम करने से प्रसन्न होता है (व्यवस्थाविवरण 10:15) इसीलिए उन्हें भी अन्य लोगों से प्रेम करना है, परदेशियों से भी (पद 19)। परमेश्वर चाहता है कि जो उसके प्रेम के पात्र हैं वे उसके प्रेम को दूसरों तक पहुँचाने का माध्यम भी बनें।

   हम प्रेम इसलिए कर सकते हैं क्योंकि परमेश्वर ने हम से प्रेम किया और हमें प्रेम करना सिखाया है (1 यूहन्ना 4:19)। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्योंकि परमेश्वर प्रेम है। - 1 यूहन्ना 4:8

हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उसने हम से प्रेम किया। - 1 यूहन्ना 4:19

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 10:12-22
Deuteronomy 10:12 और अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उस से प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे, 
Deuteronomy 10:13 और यहोवा की जो जो आज्ञा और विधि मैं आज तुझे सुनाता हूं उन को ग्रहण करे, जिस से तेरा भला हो? 
Deuteronomy 10:14 सुन, स्वर्ग और सब से ऊंचा स्वर्ग भी, और पृथ्वी और उस में जो कुछ है, वह सब तेरे परमेश्वर यहोवा ही का है; 
Deuteronomy 10:15 तौभी यहोवा ने तेरे पूर्वजों से स्नेह और प्रेम रखा, और उनके बाद तुम लोगों को जो उनकी सन्तान हो सर्व देशों के लोगों के मध्य में से चुन लिया, जैसा कि आज के दिन प्रगट है। 
Deuteronomy 10:16 इसलिये अपने अपने हृदय का खतना करो, और आगे को हठीले न रहो। 
Deuteronomy 10:17 क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा वही ईश्वरों का परमेश्वर और प्रभुओं का प्रभु है, वह महान्‌ पराक्रमी और भय योग्य ईश्वर है, जो किसी का पक्ष नहीं करता और न घूस लेता है। 
Deuteronomy 10:18 वह अनाथों और विधवा का न्याय चुकाता, और परदेशियों से ऐसा प्रेम करता है कि उन्हें भोजन और वस्त्र देता है। 
Deuteronomy 10:19 इसलिये तुम भी परदेशियों से प्रेम भाव रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे। 
Deuteronomy 10:20 अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानना; उसी की सेवा करना और उसी से लिपटे रहना, और उसी के नाम की शपथ खाना। 
Deuteronomy 10:21 वही तुम्हारी स्तुति के योग्य है; और वही तेरा परमेश्वर है, जिसने तेरे साथ वे बड़े महत्व के और भयानक काम किए हैं, जिन्हें तू ने अपनी आंखों से देखा है। 
Deuteronomy 10:22 तेरे पुरखा जब मिस्र में गए तब सत्तर ही मनुष्य थे; परन्तु अब तेरे परमेश्वर यहोवा ने तेरी गिनती आकाश के तारों के समान बहुत कर दिया है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 24-26
  • तीतुस 2


रविवार, 18 अक्टूबर 2015

समाप्त?


   इस संसार की हर चीज़ का आखिरकर अन्त हो ही जाता है, जो कई बार निराशाजनक हो सकता है। ऐसा एहसास तब होता है जब हम कोई बहुत अच्छी पुस्तक पढ़ रहे हों, और नहीं चाहते कि वह कभी समाप्त हो, परन्तु उसका अन्त आता ही है; या फिर कोई बहुत अच्छा चलचित्र देख रहे हों और मन करता रहे कि कुछ और, थोड़ा सा और किंतु फिर भी वह स्माप्त हो ही जाता है। हर चीज़ का, चाहे वह अच्छी हो या बुरी, अन्त अनिवार्य है। हमारे जीवन का भी अन्त अवश्यंभावी है, चाहे वह अनेपक्षित और अनायास ही हो। किसी प्रीय जन की अर्थी के पास खड़े होने पर मन के दुखद खालीपन के एहसास से हम अनभिज्ञ नहीं हैं, बार बार मन में चाह उठती है कि काश ऐसा अभी नहीं हुआ होता, थोड़ा समय और मिल जाता।

   लेकिन हम मसीही विश्वासियों के पास वह आशा है जो संसार में किसी और के पास कदापि नहीं है, प्रभु यीशु में मिलने वाला अनन्त जीवन और प्रभु में सोए हुए अपने प्रीय जनों के साथ पुनः अनन्तकाल तक रहने की आशा! प्रभु यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान ने हम मनुष्यों के लिए इस अभूतपूर्व आशा को जन्म दिया है। प्रभु यीशु में सांसारिक जीवन का अन्त, स्वर्ग में अनन्तकाल के सुखों का आरंभ है। क्योंकि हमारे शरीर अनन्तकाल तक रहने वाली सच्चाई नहीं हैं, इसीलिए प्रेरित पौलुस ने इस संदर्भ में कुरिन्थुस के विश्वासियों को लिखा "देखो, मैं तुम से भेद की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोएंगे, परन्तु सब बदल जाएंगे" (1 कुरिन्थियों 15:51) और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रभु यीशु के जयवंत कार्य के कारण हम निसंकोच कह सकते हैं कि "हे मृत्यु तेरी जय कहां रही?" (1 कुरिन्थियों 15:55)

   इसलिए इस जीवन की समाप्ति को लेकर अपने हृदयों को व्याकुल ना होने दें। शारीरिक विछोह दुखदायी तो होता है लेकिन हमें परमेश्वर के द्वारा प्रभु यीशु में अनन्त विजय का मार्ग उपलब्ध कराया गया है। अब जो मसीह यीशु में हैं उनके लिए "समाप्त" अनन्तकाल के समारोह का आरंभ है। क्या आप इस समारोह में सम्मिलित होंगे? - जो स्टोवैल


मसीह यीशु में सांसारिक अन्त स्वर्गीय आरंभ है।

और यदि मैं जा कर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूं, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहां ले जाऊंगा, कि जहां मैं रहूं वहां तुम भी रहो। - यूहन्ना 14:3 

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 15:50-58
1 Corinthians 15:50 हे भाइयों, मैं यह कहता हूं कि मांस और लोहू परमेश्वर के राज्य के अधिकारी नहीं हो सकते, और न विनाश अविनाशी का अधिकारी हो सकता है। 
1 Corinthians 15:51 देखे, मैं तुम से भेद की बात कहता हूं: कि हम सब तो नहीं सोएंगे, परन्तु सब बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:52 और यह क्षण भर में, पलक मारते ही पिछली तुरही फूंकते ही होगा: क्योंकि तुरही फूंकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा में उठाए जांएगे, और हम बदल जाएंगे। 
1 Corinthians 15:53 क्योंकि अवश्य है, कि यह नाशमान देह अविनाश को पहिन ले, और यह मरनहार देह अमरता को पहिन ले। 
1 Corinthians 15:54 और जब यह नाशमान अविनाश को पहिन लेगा, और यह मरनहार अमरता को पहिन लेगा, तक वह वचन जो लिखा है, पूरा हो जाएगा, कि जय ने मृत्यु को निगल लिया। 
1 Corinthians 15:55 हे मृत्यु तेरी जय कहां रही? 
1 Corinthians 15:56 हे मृत्यु तेरा डंक कहां रहा? मृत्यु का डंक पाप है; और पाप का बल व्यवस्था है। 
1 Corinthians 15:57 परन्तु परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा हमें जयवन्‍त करता है। 
1 Corinthians 15:58 सो हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ, क्योंकि यह जानते हो, कि तुम्हारा परिश्रम प्रभु में व्यर्थ नहीं है।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 53-55
  • 2 थिस्सलुनीकियों 1


बुधवार, 9 सितंबर 2015

मार्गदर्शक


   लन्डन के वेस्टमिनिस्टर में स्थित तथा आम तौर से बिगबैन के नाम से विख्यात विशाल घड़ी के घण्टों के शानदार स्वरों से बहुत से लोग परिचित हैं। हम में से कितनों के घरों में ऐसी घड़ियाँ होंगी जो प्रत्येक घण्टे पर उन्ही स्वरों को बजाती हैं। यह माना जाता है कि बिगबैन के वे स्वर संगीतकार जॉर्ज फ्रेड्रिक हैन्डल द्वारा परमेश्वर की स्तुति के लिए लिखे गए संकीर्तन Messaih में से लिए गए हैं। बिगबैन घड़ी से जुड़ी एक अन्य विशेषता है उसके अन्दर के कमरे में खुदे हुए समय की विशेषता के सूचक ये शब्द:
इस पूरे घण्टे भर,
प्रभु मेरा मार्गदर्शक रह;
क्योंकि आपकी सामर्थ से संभाला गया,
कोई पग कभी फिसल नहीं सकता।
ये शब्द हमारे जीवनों के लिए परमेश्वर के मार्गदर्शन की निरन्तर आवश्यकता का एक अच्छा अनुस्मारक हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक प्रमुख पात्र राजा दाऊद ने इस बात को पहिचाना कि उसे जीवन की चुनौतियों का सामना करने में निरन्तर परमेश्वर के मार्गदर्शन की आवश्यकता है। दाऊद ने भजन 25 में लिखा, "मुझे अपने सत्य पर चला और शिक्षा दे, क्योंकि तू मेरा उद्धार करने वाला परमेश्वर है; मैं दिन भर तेरी ही बाट जोहता रहता हूं" (भजन 25:5)। दाऊद परमेश्वर से निरन्तर सीखते रहने वाला उसका अनुयायी था, और हर बात में उसकी ओर देखता रहता था। उसके मन की यही इच्छा रहती थी कि वह पूरे भरोसे के साथ सदा परमेश्वर पर निर्भर बना रहे।

   प्रभु परमेश्वर के प्रति ऐसी ही भावना हमारी भी होनी चाहिए। हम अपने दिन का आरंभ तो दिन के लिए परमेश्वर की सहायता माँगकर करते हैं, लेकिन दिन के कार्य आरंभ होने के साथ ही हमारा ध्यान परमेश्वर से हटकर अन्य बातों पर लग जाता है, और फिर हम परमेश्वर के मार्गदर्शन के अनुसार नहीं वरन अपनी या किसी अन्य मनुष्य की समझ के अनुसार निर्णय लेने और कार्य करने लग जाते हैं।

   प्रभु हमारी विनती है आप हमारी सहायता करें जिससे हम सदैव इस बात में बने रहें कि, "प्रभु मेरा मार्गदर्शक रह"। - डेनिस फिशर


प्रातः के आरंभ से लेकर रात्रि के अन्त तक मसीह यीशु को अपने विचारों में प्रथम एवं अन्तिम बनाए रखें।

यहोवा मेरा बल और भजन का विषय है, और वही मेरा उद्धार भी ठहरा है; मेरा ईश्वर वही है, मैं उसी की स्तुति करूंगा, (मैं उसके लिये निवासस्थान बनाऊंगा ), मेरे पूर्वजों का परमेश्वर वही है, मैं उसको सराहूंगा। - निर्गमन 15:2

बाइबल पाठ: भजन 25:1-11
Psalms 25:1 हे यहोवा मैं अपने मन को तेरी ओर उठाता हूं। 
Psalms 25:2 हे मेरे परमेश्वर, मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है, मुझे लज्जित होने न दे; मेरे शत्रु मुझ पर जयजयकार करने न पाएं। 
Psalms 25:3 वरन जितने तेरी बाट जोहते हैं उन में से कोई लज्जित न होगा; परन्तु जो अकारण विश्वासघाती हैं वे ही लज्जित होंगे।
Psalms 25:4 हे यहोवा अपने मार्ग मुझ को दिखला; अपना पथ मुझे बता दे। 
Psalms 25:5 मुझे अपने सत्य पर चला और शिक्षा दे, क्योंकि तू मेरा उद्धार करने वाला परमेश्वर है; मैं दिन भर तेरी ही बाट जोहता रहता हूं। 
Psalms 25:6 हे यहोवा अपनी दया और करूणा के कामों को स्मरण कर; क्योंकि वे तो अनन्तकाल से होते आए हैं। 
Psalms 25:7 हे यहोवा अपनी भलाई के कारण मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न कर; अपनी करूणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।
Psalms 25:8 यहोवा भला और सीधा है; इसलिये वह पापियों को अपना मार्ग दिखलाएगा। 
Psalms 25:9 वह नम्र लोगों को न्याय की शिक्षा देगा, हां वह नम्र लोगों को अपना मार्ग दिखलाएगा। 
Psalms 25:10 जो यहोवा की वाचा और चितौनियों को मानते हैं, उनके लिये उसके सब मार्ग करूणा और सच्चाई हैं।
Psalms 25:11 हे यहोवा अपने नाम के निमित्त मेरे अधर्म को जो बहुत हैं क्षमा कर।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 6-7
  • 2 कुरिन्थियों 2


शुक्रवार, 22 अगस्त 2014

उद्गम और अन्त


   वैज्ञानिक सदियों से "सब कुछ के सिद्धांत" की खोज में लगे हैं जिससे सृष्टि तथा उसकी प्रत्येक वस्तु के आरंभ एवं रचना के बारे में जाना जा सके। एक भौतिक शास्त्री, ब्रायन ग्रीन को लगता है कि उन्होंने वह आधारभूत सिद्धांत पा लिया है; उन्होंने इस बात को लेकर एक पुस्तक लिखी है "The Elegant Universe: Superstrings, Hidden Dimensions, and the Quest for the Ultimate Theory"। ग्रीन द्वारा प्रतिपादित "लड़ी सिद्धांत" एक जटिल परिकल्पना है जो यह प्रस्तावित करती है कि अपने सबसे सूक्षम स्तर पर प्रत्येक वस्तु कंप्यामान लड़ीयों या धागों के मिश्रण से बनी है। उन्होंने अपने इस सिद्धांत के लिए कहा है: "एक ऐसा सैद्धांतिक ढाँचा जिसमें संसार की मूल रचना की प्रत्येक बात को समझा पाने की क्षमता है"।

   अनेक अन्य वैज्ञानिकों, जैसे न्यूटन, आईंस्टाईन, हौकिंग्स आदि ने भी अपने जीवन का एक बड़ा भाग यह समझने में लगा दिया है कि यह सृष्टि कार्य कैसे करती है - और इसके लिए उन्होंने अनेक विलक्षण सिद्धांत प्रतिपादित किए हैं। लेकिन वास्तविकता यही है कि अभी तक कोई भी सिद्धांत इस गुथी को पूर्णतयः सुल्झा नहीं पाया है, सभी में कोई ना कोई कमी है, और सभी किसी ना किसी बात पर आकर विफल हो जाते हैं। किसी भी सिद्धांत के पूर्णतयः सफल होने के लिए अनिवार्य है कि वह सृष्टिकर्ता परमेश्वर से आरंभ हो तथा उसी पर अंत भी हो।

   परमेश्वर का वचन बाइबल प्रभु यीशु के संदर्भ में बताती है: "क्योंकि उसी में सारी वस्‍तुओं की सृष्‍टि हुई, स्वर्ग की हो अथवा पृथ्वी की, देखी या अनदेखी, क्या सिंहासन, क्या प्रभुतांए, क्या प्रधानताएं, क्या अधिकार, सारी वस्तुएं उसी के द्वारा और उसी के लिये सृजी गई हैं" (कुलुस्सियों 1:16)। बाइबल के यूहन्ना रचित सुसमाचार के आरंभिक पद हमें बताते हैं कि प्रभु यीशु में होकर ही इस सृष्टि की रचना हुई और उसके बिना किसी चीज़ का कोई अस्तित्व नहीं है।

   इसीलिए जब हम इस संसार और उसकी चीज़ों पर विचार करते हैं तो यशायाह भविष्यद्वक्ता के साथ कह सकते हैं: "...सेनाओं का यहोवा पवित्र, पवित्र, पवित्र है; सारी पृथ्वी उसके तेज से भरपूर है" (यशायाह 6:3)। परमेश्वर, जो सारी सृष्टि की प्रत्येक वस्तु का उद्गम और अन्त है, के पवित्र नाम की महिमा युगानुयुग होती रहे! - डेव एग्नर


समस्त सृष्टि परमेश्वर की ओर संकेत कर रही है।

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-13
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था। 
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था। 
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई। 
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी। 
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया। 
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था। 
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं। 
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था। 
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी। 
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना। 
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया। 
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं। 
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 13-16