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बुधवार, 22 अगस्त 2012

विश्वासयोग्य


   लेखक सी. एस. ल्युइस द्वारा एक काल्पनिक मायावी देश ’नारनिया’ पर आधारित लिखे गए बच्चों के उपन्यास मसीही विश्वास के सत्य को चित्रित करते हैं। इस श्रंखला में ’प्रिंस कैस्पियन’ कहानी है एक अत्याचारी और क्रूर राजा की जिसने नारनिया की गद्दी हथिया ली। राजा के भतीजे छोटे राजकुमार कैस्पियन ने नारनिया के एक महान सम्राट के बारे में सुना है जो बुराई की सामर्थ को तोड़ने के लिए मरकर फिर से जी उठा। क्रूर राजा इस महान सम्राट की बातों को काल्पनिक कहानी कहकर उसकी उपेक्षा करता है, किंतु राजकुमार कैस्पियन उसकी सत्यता को जता देता है।

   इस कहानी में लेखक ल्युइस का उद्देश्य था यह दिखाना कि कैसे प्रभु यीशु को लोग प्राचीन किंवदन्ति कहकर उपेक्षा करते हैं, किंतु वह सत्य है। बाइबल संबंधी आधुनिक पुरतत्व-विशेषज्ञों की खोजों ने ऐतिहासिक प्रमाणों द्वारा यह प्रमाणित कर दिया है कि प्रभु यीशु का आलौकिक जीवन कोई कल्पना नहीं वरन ऐतिहासिक सत्य है। ब्रिटिश म्युज़ियम के भूतपूर्व निर्देशक सर फ्रेडरिक केन्यन भी परमेश्वर के वचन बाइबल की विश्वासयोग्यता के संबंध में यही विश्वास रखते थे; उन्होंने लिखा, "नए नियम कि पुस्तकों की वास्तविकता और खराई अब प्रमाणित मानी जा सकती है।"

   प्रेरितों ने भी प्रभु यीशु के जीवन के बारे में यही कहा था; प्रेरित पतरस ने लिखा, "क्‍योंकि जब हम ने तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ का, और आगमन का समाचार दिया था तो वह चतुराई से गढ़ी हुई कहानियों का अनुकरण नहीं किया था वरन हम ने आप ही उसके प्रताप को देखा था" (२ पतरस १:१६)। प्रेरित युहन्ना ने भी लिखा, "उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा और हाथों से छूआ" (१ युहन्ना १:१)।

   इसमें किसी सन्देह या अविश्वास की गुंजाइश नहीं है कि प्रभु यीशु के जीवन, मरण और पुनरुत्थान का वृतांत एक सच्ची और प्रमाणित घटना है और वही पापों से क्षमा देने वाला उद्धारकर्ता परमेश्वर है। - डेनिस फिशर


इस परिवर्तनशील संसार में आप परमेश्वर के अपरिवर्तनीय वचन बाइबल पर भरोसा रख सकते हैं।

यह जीवन प्रगट हुआ, और हम ने उसे देखा, और उस की गवाही देते हैं, और तुम्हें उस अनन्‍त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ। - १ युहन्ना १:२

बाइबल पाठ: २ पतरस १:१२-१९; १ युहन्ना १:१-७
2Pe 1:12   इसलिये यद्यपि तुम ये बातें जानते हो, और जो सत्य वचन तुम्हें मिला है, उस में बने रहते हो, तौभी मैं तुम्हें इन बातों की सुधि दिलाने को सर्वदा तैयार रहूंगा। 
2Pe 1:13   और मैं यह अपने लिये उचित समझता हूं, कि जब तक मैं इस डेरे में हूं, तब तक तुम्हें सुधि दिला कर उभारता रहूं। 
2Pe 1:14  क्‍योंकि यह जानता हूं, कि मसीह के वचन के अनुसार मेरे डेरे के गिराए जाने का समय शीघ्र आने वाला है। 
2Pe 1:15  इसलिये मैं ऐसा यत्‍न करूंगा, कि मेरे कूच करने के बाद तुम इन सब बातों को सर्वदा स्मरण कर सको। 
2Pe 1:16  क्‍योंकि जब हम ने तुम्हें अपने प्रभु यीशु मसीह की सामर्थ का, और आगमन का समाचार दिया था तो वह चतुराई से गढ़ी हुई कहानियों का अनुकरण नहीं किया था वरन हम ने आप ही उसके प्रताप को देखा था। 
2Pe 1:17   कि उस ने परमेश्वर पिता से आदर, और महिमा पाई जब उस प्रतापमय महिमा में से यह वाणी आई कि यह मेरा प्रिय पुत्र है जिस से मैं प्रसन्न हूं। 
2Pe 1:18  और जब हम उसके साथ पवित्र पहाड़ पर थे, तो स्‍वर्ग से यही वाणी आते सुना। 
2Pe 1:19  और हमारे पास जो भविष्यद्वक्ताओं का वचन है, वह इस घटना से दृढ़ ठहरा है और तुम यह अच्‍छा करते हो, कि जो यह समझ कर उस पर ध्यान करते हो, कि वह एक दीया है, जो अन्‍धियारे स्थान में उस समय तक प्रकाश देता रहता है जब तक कि पौ न फटे, और भोर का तारा तुम्हारे हृदयों में न चमक उठे। 

1Jn 1:1  उस जीवन के वचन के विषय में जो आदि से था, जिसे हम ने सुना, और जिसे अपनी आंखों से देखा, वरन जिसे हम ने ध्यान से देखा, और हाथों से छूआ। 
1Jn 1:2 (यह जीवन प्रगट हुआ, और हम ने उसे देखा, और उस की गवाही देते हैं, और तुम्हें उस अनन्‍त जीवन का समाचार देते हैं, जो पिता के साथ था, और हम पर प्रगट हुआ)। 
1Jn 1:3  जो कुछ हम ने देखा और सुना है उसका समाचार तुम्हें भी देते हैं, इसलिये कि तुम भी हमारे साथ सहभागी हो, और हमारी यह सहभागिता पिता के साथ, और उसके पुत्र यीशु मसीह के साथ है। 
1Jn 1:4 और ये बातें हम इसलिये लिखते हैं, कि हमारा आनन्‍द पूरा हो जाए।। 
1Jn 1:5 जो समाचार हम ने उस से सुना, और तुम्हें सुनाते हैं, वह यह है कि परमेश्वर ज्योति हैं: और उस में कुछ भी अन्‍धकार नहीं। 
1Jn 1:6 यदि हम कहें, कि उसके साथ हमारी सहभागिता है, और फिर अन्‍धकार में चलें, तो हम झूठे हैं: और सत्य पर नहीं चलते। 
1Jn 1:7  पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं; और उसके पुत्र यीशु मसीह का लोहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन ११०-११२ 
  • १ कुरिन्थियों ५

मंगलवार, 21 अगस्त 2012

वायदे


   जब कोई लंबी सांस भर कर दुखी आवाज़ में कहता है, ’वायदे-वायदे’ तो अधिकांशतः यह किसी के द्वारा उससे किया गया वायदा पूरा ना करने के कारण होता है। यह जितना अधिक गंभीर या जितनी अधिक बार होता है, उतनी ही गहरी आह उस टूटे वायदे के लिए भरी जाती है।

   क्या आपको कभी ऐसा लगा कि परमेश्वर ने अपने वायदे पूरे नहीं किए? यह एक विचार बनकर आरंभ होता है और धीरे धीरे बढ़कर प्रवृत्ति का रूप ले लेता है। परमेश्वर के वचन बाइबल का महान नायक ईब्राहिम, जिसे बाइबल में ’विश्वासियों का पिता’ और जिसके परमेश्वर मे दृढ़ विश्वास को उसकी धार्मिकता माना गया, भी इससे अछूता नहीं था।

   परमेश्वर ने इब्राहिम से वायदा किया, "और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊंगा, और तुझे आशीष दूंगा, और तेरा नाम बड़ा करूंगा, और तू आशीष का मूल होगा" (उत्पत्ति १२:२), और इसके २५ वर्ष के बाद उसका उत्तराधिकारी पुत्र इसहाक पैदा हुआ (उत्पत्ति २१:५)। इस २५ वर्ष के समय में इब्राहिम ने सन्तान ना होने के लिए अपनी निराशा व्यक्त करी और परमेश्वर से प्रश्न किया (उत्पत्ति १५:२); अपनी पत्नि सारा के कहने पर सारा की दासी के द्वारा एक पुत्र भी पाया (उत्पत्ति १६:१५)।

   इन सभी उतार-चढ़ावों में परमेश्वर अपने वायदे के बारे में इब्राहिम को स्मरण दिलाता रहा और उससे कहता रहा कि वह परमेश्वर के साथ विश्वासयोग्यता से चलता रहे, अपने विश्वास को डगमगाने ना दे (उत्पत्ति १७:२)।

   जब कभी हम बाइबल में दिए गए परमेश्वर के किसी वायदे पर विश्वास करके उसे अपने जीवन में मांग लेते हैं, चाहे वह मन की शांति के लिए हो, साहस के लिए हो, अथवा हमारी किसी आवश्यक्ता की पूर्ति के लिए हो, तब हम अपने आप को परमेश्वर के हाथों में और उसके समयानुसार वायदे की पूर्ति के लिए समर्पित कर देते हैं। परमेश्वर के समय की प्रतीक्षा करते हुए हमें प्रतीत हो सकता है कि वह हमें भूल गया है, किंतु वह अपनी प्रतिज्ञाओं में विश्वासयोग्य और कभी ना भूलने वाला परमेश्वर है। अपने समय और अपने तरीके से वह अपना वायदा अवश्य पूरा करेगा, और जिस रीति से पूरा करेगा वह हमारे लिए सर्वोत्तम और सबसे अधिक लाभकारी होगी।

   वायदे का निश्चय हमारे मनों में और पूर्ति का समय परमेश्वर के हाथों में रहता है। - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर का प्रत्येक वायदा उसके ज्ञान, सामर्थ और प्रेम पर आधारित रहता है।

सो सारा को इब्राहीम से गर्भवती हो कर उसके बुढ़ापे में उसी नियुक्त समय पर जो परमेश्वर ने उस से ठहराया था एक पुत्र उत्पन्न हुआ। - उत्पत्ति २१:२

बाइबल पाठ: उत्पत्ति १२:१-४; २१:१-७
Gen 12:1  यहोवा ने अब्राम से कहा, अपने देश, और अपनी जन्मभूमि, और अपने पिता के घर को छोड़कर उस देश में चला जा जो मैं तुझे दिखाऊंगा। 
Gen 12:2  और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊंगा, और तुझे आशीष दूंगा, और तेरा नाम बड़ा करूंगा, और तू आशीष का मूल होगा। 
Gen 12:3  और जो तुझे आशीर्वाद दें, उन्हें मैं आशीष दूंगा, और जो तुझे कोसे, उसे मैं शाप दूंगा; और भूमण्डल के सारे कुल तेरे द्वारा आशीष पाएंगे। 
Gen 12:4  यहोवा के इस वचन के अनुसार अब्राम चला; और लूत भी उसके संग चला; और जब अब्राम हारान देश से निकला उस समय वह पचहत्तर वर्ष का था। 
Gen 21:1  सो यहोवा ने जैसा कहा था वैसा ही सारा की सुधि लेके उसके साथ अपने वचन के अनुसार किया। 
Gen 21:2  सो सारा को इब्राहीम से गर्भवती होकर उसके बुढ़ापे में उसी नियुक्त समय पर जो परमेश्वर ने उस से ठहराया था एक पुत्र उत्पन्न हुआ। 
Gen 21:3  और इब्राहीम ने अपने पुत्र का नाम जो सारा से उत्पन्न हुआ या इसहाक रखा। 
Gen 21:4  और जब उसका पुत्र इसहाक आठ दिन का हुआ, तब उस ने परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार उसका खतना किया। 
Gen 21:5  और जब इब्राहीम का पुत्र इसहाक उत्पन्न हुआ तब वह एक सौ वर्ष का था। 
Gen 21:6  और सारा ने कहा, परमेश्वर ने मुझे प्रफुल्लित कर दिया है; इसलिये सब सुनने वाले भी मेरे साथ प्रफुल्लित होंगे। 
Gen 21:7  फिर उस ने यह भी कहा, कि क्या कोई कभी इब्राहीम से कह सकता था, कि सारा लड़कों को दूध पिलाएगी? पर देखो, मुझ से उसके बुढ़ापे में एक पुत्र उत्पन्न हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १०७-१०९ 
  • १ कुरिन्थियों ४

सोमवार, 20 अगस्त 2012

परिपक्व


   एक दिन एक दुकान पर जन्मदिन की बधाई सन्देश के कार्ड देखते समय मुझे एक कार्ड दिखाई दिया जिसपर लिखा था, "बचपन सब के लिए एक ही बार आता है किंतु कुछ लोगों के लिए बचपना सारी उम्र बना रहता है।" इस कार्ड का सन्देश मुझे बड़ा रोचक लगा; बचपन की बातों में बने रहने और कभी बड़े ना होने में कुछ आकर्षक लगता है। लेकिन हम सभी जानते हैं कि सदा अपरिपक्व रहना भी ठीक नहीं है, और उम्र के साथ यदि परिपक्वता ना हो तो यह चिंता का विषय बन जाता है।

   मसीही विश्वासियों को भी अपने विश्वास में परिपक्व होना अनिवार्य है। पापों के पश्चाताप और क्षमा तथा नए जन्म के बाद जब हम प्रभु यीशु के अनुयायी बनते हैं तो अत्मिक बचपने से परिपक्वता और प्रौढ़ होना भी हम में दिखना चाहिए। परमेश्वर का वचन हम विश्वासियों को चुनौती देता है कि प्रभु की समानता में बढ़ने और परिपक्व होने में प्रयत्नशील रहें।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में समस्याओं से भरी कुरिन्थुस की मण्डली को प्रेरित पौलुस ने लिखा कि उनकी समस्याओं की जड़ उनकी आत्मिक अपरिपक्वता में है: "हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से; परन्‍तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं" (१ कुरिन्थियों ३:१)।

   हम कैसे आत्मिक बचपन से मसीही परिपक्वता में आ सकते हैं? प्रेरित पतरस ने लिखा, "पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ" (२ पतरस ३:१८)। यह बढ़ना परमेश्वर के वचन पर मनन करने और प्रार्थना करने में समय बिताने के द्वारा होता है (भजन ११९:९७-१०४; प्रेरितों १:१४)।

   समस्याओं से भरी कुरिन्थुस की उस अपरिपक्व मण्डली के समान, क्या हमारे जीवनों की समस्याओं का कारण हमारी आत्मिक अपरिपक्वता तो नहीं? कहीं यह हमारे अपरिपक्वता से परिपक्वता की ओर बढ़ने का समय तो नहीं? - बिल क्राउडर


जब विश्वास को सींचा जाता है तो आत्मिक वृद्धि होती है।

हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से; परन्‍तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं। - १ कुरिन्थियों ३:१

बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों ३:१-१७
1Co 3:1  हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से; परन्‍तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं। 
1Co 3:2  में ने तुम्हें दूध पिलाया, अन्न न खिलाया; क्‍योंकि तुम उस को न खा सकते थे; वरन अब तक भी नहीं खा सकते हो। 
1Co 3:3  क्‍योंकि अब तक शारीरिक हो, इसलिये, कि जब तुम में डाह और झगड़ा है, तो क्‍या तुम शारीरिक नहीं और मनुष्य की रीति पर नहीं चलते? 
1Co 3:4  इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्‍या तुम मनुष्य नहीं? 
1Co 3:5  अपुल्लोस क्‍या है? और पौलुस क्‍या? केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। 
1Co 3:6  मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्‍तु परमेश्वर ने बढ़ाया। 
1Co 3:7  इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्‍तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है। 
1Co 3:8  लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं; परन्‍तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा। 
1Co 3:9  क्‍योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। 
1Co 3:10  परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्त्री की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रद्दा रखता है; परन्‍तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है। 
1Co 3:11  क्‍योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता। 
1Co 3:12  और यदि कोई इस नेव पर सोना या चान्‍दी या बहुमोल पत्थर या काठ या घास या फूस का रद्दा रखता है। 
1Co 3:13  तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा, क्‍योंकि वह दिन उसे बताएगा; इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा: और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है? 
1Co 3:14   जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा। 
1Co 3:15  और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्‍तु जलते जलते।
1Co 3:16  क्‍या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्‍दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है? 
1Co 3:17  यदि कोई परमेश्वर के मन्‍दिर को नाश करेगा तो परमेश्वर उसे नाश करेगा; क्‍योंकि परमेश्वर का मन्‍दिर पवित्र है, और वह तुम हो।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १०५-१०६ 
  • १ कुरिन्थियों ३


मंगलवार, 19 जुलाई 2011

परमेश्वर के अन्तिम वचन

बाइबल में मलाकी भविष्यद्वक्ता की पुस्तक पुराने नियम की अन्तिम पुस्तक है और पुराने नियम के अन्तर्गत इसमें लिखित वचन परमेश्वर के इस्त्राएल को दिए अन्तिम वचन हैं। इसके बाद परमेश्वर ४०० साल तब तक खामोश रहा जब तक प्रभु यीशु के आगमन के समय प्रभु के मार्ग बनाने वाले कि लिए न कहा गया: "जंगल में एक पुकारने वाले का शब्‍द हो रहा है, कि प्रभु का मार्ग तैयार करो, उस की सड़कें सीधी करो" (मत्ती ३:३)। मलाकी की पुस्तक में केवल चार अध्याय ही हैं और चौथे अध्याय में केवल ६ पद हैं। इन अन्तिम पदों को पढ़ने से ऐसा प्रतीत होता है कि छठा पद जैसे क्रोध में कहा गया हो, लेकिन वास्तव में यह परमेश्वर के हृदय से निकली प्रेम की चेतावनी है जिसमें वह ’ऐसा न हो’ कह कर अनाज्ञाकारिता के एक स्वाभाविक गंभीर प्रतिफल को टालने का प्रयास कर रहा है।

महान बाइबल शिक्षक और ज्ञाता जी. कैम्पबेल मॉर्गन ने इन पदों की व्याख्या में बताया कि मलाकी के समय से ले कर मसीह यीशु के आगमन तक जब यहूदी धर्मोपदेशक इस खंड को सभा में पढ़ते थे तो वे चौथे पद के बाद छठा पद पढ़ते और फिर पलटकर पाँचवे पद पर आते जिसमें लिखा है, "देखो, यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहिले, मैं तुम्हारे पास एलिय्याह नबी को भेजूंगा" (मलाकी ४:५)। अर्थात वे पुराने नियम की अन्तिम पुस्तक के अन्तिम वचन भविष्य की आशा को रखते थे जो इस बात का सूचक था कि छटे पद को वे परमेश्वर द्वारा क्रोध में कहे गए नहीं मानते थे वरन उसके प्रेम की पुकार के रूप में लेते थे; उन्हें परमेश्वर से भविष्य की आशा थी।

नए नियम में भी परमेश्वर के अन्तिम वचन विश्वासियों को भविष्य की आशा बंधाने वाले ही हैं: "जो इन बातों की गवाही देता है, वह यह कहता है, हां शीघ्र आने वाला हूं। आमीन। हे प्रभु यीशु आ। प्रभु यीशु का अनुग्रह पवित्र लोगों के साथ रहे। आमीन" (प्रकाशितवाक्य २२:२०, २१)।

परमेश्वर की प्रजा इस्त्राएल और परमेश्वर के विश्वासियों की मण्डली, दोनो ही से कहे गए परमेश्वर के अन्तिम वचन भविष्य की आशा और शांति के हैं। परमेश्वर के हमारे प्रति प्रेम के कारण उसकी दी गई चेतावानियाँ और हमारे प्रति उसका सहनशील, विलंब से कोप करने वाला स्वभाव तथा उसकी क्षमाशीलता के अनुग्रह, यह सब हमें प्रेरित करते हैं कि उस भविष्य की महिमामयी आशा पर अपनी नज़रें टिकाए हुए हम उसकी निकटता एवं आज्ञाकारिता में अपने जीवनों को बिताएं। - डेनिस डी हॉन


मसीही विश्वासी का भविष्य परमेश्वर के वायदों के समान दृढ़ और रौशन है।

...ऐसा न हो कि मैं आकर पृथ्वी को सत्यानाश करूं। - मलाकी ४:६


बाइबल पाठ: मलाकी ४:१-६

Mal 4:1 क्योंकि देखो, वह धधकते भट्ठे का सा दिन आता है, जब सब अभिमानी और सब दुराचारी लोग अनाज की खूंटी बन जाएंगे और उस आने वाले दिन में वे ऐसे भस्म हो जाएंगे कि उनका पता तक न रहेगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
Mal 4:2 परन्तु तुम्हारे लिये जो मेरे नाम का भय मानते हो, धर्म का सूर्य उदय होगा, और उसकी किरणों के द्वारा तुम चंगे हो जाओगे और तुम निकल कर पाले हुए बछड़ों की नाई कूदोगे और फांदोगे।
Mal 4:3 तब तुम दुष्टों को लताड़ डालोगे, अर्थात मेरे उस ठहराए हुए दिन में वे तुम्हारे पांवों के नीचे की राख बन जाएंगे, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
Mal 4:4 मेरे दास मूसा की व्यवस्था अर्थात जो जो विधि और नियम मैं ने सारे इस्रएलियों के लिये उसको होरेब में दिए थे, उनको स्मरण रखो।
Mal 4:5 देखो, यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहिले, मैं तुम्हारे पास एलिय्याह नबी को भेजूंगा।
Mal 4:6 और वह माता पिता के मन को उनके पुत्रों की ओर, और पुत्रों के मन को उनके माता-पिता की ओर फेरेगा; ऐसा न हो कि मैं आकर पृथ्वी को सत्यानाश करूं।

एक साल में बाइबल:
  • भजन २३-२५
  • प्रेरितों २१:१८-४०