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बुधवार, 14 जुलाई 2021

महिमा

 

          जब अपने दसवें जन्मदिन के दिन ज़ेवियर म्कक्युरी ने उसकी आंटी सेलेना के द्वारा भेजे गए चश्मे को पहना, तो वह रो पड़ा। ज़ेवियर जन्म से ही रंगों को नहीं देख पाता था; उसके लिए संसार की हर वस्तु सफ़ेद, काले, या स्लेटी रंग के विभिन्न रंगतों की थी। किन्तु इस नए एन-क्रोमा चश्मे के द्वारा जेवियर ने पहली बार रंगों को देखा। अपने चारों ओर की सुन्दरता को देखने के द्वारा वह उल्लास और उन्माद से भर गया, और उसकी प्रतिक्रिया देखकर उसके परिवार को प्रतीत हुआ मानो उन्होंने कोई चमत्कार देख लिया हो।

          हम परमेश्वर के वचन बाइबल में भी देखते हैं कि परमेश्वर की रंगीन ज्योति की चमक ने प्रेरित यूहन्ना में भी एक प्रबल प्रतिक्रिया जागृत की (प्रकाशितवाक्य 1:17)। पुनर्जीवित हो उठे मसीह की पूर्ण महिमा का सामना करने के बाद, यूहन्ना ने एक झलक देखी,... एक सिंहासन स्वर्ग में धरा है, और उस सिंहासन पर कोई बैठा है। और जो उस पर बैठा है, वह यशब और मानिक सा दिखाई पड़ता है, और उस सिंहासन के चारों ओर मरकत सा एक मेघ-धनुष दिखाई देता है। ... और उस सिंहासन में से बिजलियां और गर्जन निकलते हैं ... ” (प्रकाशितवाक्य 4:2-5)।

          उससे भिन्न समय में, यहेजकेल ने भी ऐसा ही दर्शन देखा था, जिसमें “नीलम का बना हुआ सिंहासन था” और सिंहासन के ऊपर एक मनुष्य समान आकृति थी “और उसकी मानो कमर से ले कर ऊपर की ओर मुझे झलकाया हुआ पीतल सा दिखाई पड़ा, और उसके भीतर और चारों ओर आग सी दिखाई पड़ती थी” (यहेजकेल 1:26-27)। इस अद्भुत मनुष्य समान आकृति के चारों ओर मेघ-धनुष सा रंगीन प्रकाश था (पद 28)।

          एक दिन हम मसीही विश्वासी मसीह से आमने-सामने मिलेंगे। ये दर्शन हमें संकेत देते हैं उस भव्य सुन्दरता और महिमा का, जिसे हम तब देखेंगे। आज जब हम वर्तमान में परमेश्वर की सृष्टि की सुन्दरता को सराहते हैं, तो साथ ही उस आने वाली सुन्दर महिमा की प्रत्याशा भी रखें। - रेमी ओयेडेली

 

प्रभु कितनी अद्भुत और अवर्णनीय है आपकी वह भव्य स्वर्गीय सुन्दरता जहाँ आप हमें लेकर जाएँगे।


परन्तु जैसा लिखा है, कि जो आंख ने नहीं देखी, और कान ने नहीं सुना, और जो बातें मनुष्य के चित्त में नहीं चढ़ीं वे ही हैं, जो परमेश्वर ने अपने प्रेम रखने वालों के लिये तैयार की हैं। - 1 कुरिन्थियों 2:9

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 4:1-6

प्रकाशितवाक्य 4:1 इन बातों के बाद जो मैं ने दृष्टि की, तो क्या देखता हूं कि स्वर्ग में एक द्वार खुला हुआ है; और जिस को मैं ने पहिले तुरही के से शब्द से अपने साथ बातें करते सुना था, वही कहता है, कि यहां ऊपर आ जा: और मैं वे बातें तुझे दिखाऊंगा, जिन का इन बातों के बाद पूरा होना अवश्य है।

प्रकाशितवाक्य 4:2 और तुरन्त मैं आत्मा में आ गया; और क्या देखता हूं, कि एक सिंहासन स्वर्ग में धरा है, और उस सिंहासन पर कोई बैठा है।

प्रकाशितवाक्य 4:3 और जो उस पर बैठा है, वह यशब और मानिक सा दिखाई पड़ता है, और उस सिंहासन के चारों ओर मरकत सा एक मेघ-धनुष दिखाई देता है।

प्रकाशितवाक्य 4:4 और उस सिंहासन के चारों ओर चौबीस सिंहासन है; और इन सिंहासनों पर चौबीस प्राचीन श्वेत वस्त्र पहने हुए बैठें हैं, और उन के सिरों पर सोने के मुकुट हैं।

प्रकाशितवाक्य 4:5 और उस सिंहासन में से बिजलियां और गर्जन निकलते हैं और सिंहासन के सामने आग के सात दीपक जल रहे हैं, ये परमेश्वर की सात आत्माएं हैं।

प्रकाशितवाक्य 4:6 और उस सिंहासन के सामने मानो बिल्लौर के समान कांच का सा समुद्र है, और सिंहासन के बीच में और सिंहासन के चारों ओर चार प्राणी हैं, जिन के आगे पीछे आंखें ही आंखें हैं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 10-12
  • प्रेरितों 19:1-20

शुक्रवार, 30 मई 2014

जयवन्त


   जीन ड्रिस्कॉल एक अनूठी खिलाड़ी है। वह बॉस्टन मैराथन आठ बार जीत चुकी है, चार बार पैराओलंपिक खेलों में भाग ले चुकी है और उनमें पाँच स्वर्ण पदक जीत चुकी है। जीन जन्म से ही रीढ़ की हड्डी और उसमें से होकर जाने वाली तथा शरीर को दिमाग़ से जोड़ने वाली मुख्य नस के ठीक से ना बने होने और इस कारण शरीर के निचले भाग के ठीक से कार्य ना कर पाने वाली स्थिति अर्थात स्पाईना-बाईफ़िडा से ग्रस्त है, और केवल पहिए वाली कुर्सी द्वारा ही चल सकती है और उसी में बैठ कर वह स्पर्धाओं में भाग लेती है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में से जीन ड्रिस्कॉल के मनपसन्द पदों में से एक है दानिय्येल 7:9, जिसके अन्तिम भाग में परमेश्वर और उसके सिंहासन के विषय में लिखा है: "...उसका सिंहासन अग्निमय और उसके पहिये धधकती हुई आग के से देख पड़ते थे।" दानिय्येल को मिले परमेश्वर तथा उसके सिंहासन के दर्शन और अपनी स्थिति में एक सामंजस्य देखते हुए औरों को वह प्रोत्साहन के शब्द कहने पाती है; जीन कहती है: "जब कभी मुझे उन लोगों से बात-चीत करने का अवसर मिलता है जो पहिए वाली कुर्सी पर रहने को मजबूर हैं और इससे हताश हैं तो मैं उन्हें कहती हूँ, ’ना केवल आप परमेश्वर के स्वरूप में बने हैं, वरन आपकी पहिए वाली कुर्सी भी परमेश्वर के सिंहासन के स्वरूप में है!’"

   यह नहीं कि दानिय्येल का दर्शन परमेश्वर को चलने-फिरने में अपंग दिखाता है; वस्तुतः परमेश्वर के सिंहासन का पहिए वाला होने को अनेक बाइबल टीकाकारों ने इस बात का सूचक बताया है कि परमेश्वर सर्वप्रभुतासंपन्न न्यायी है तथा साथ ही गतिशील भी जो मनुष्यों के कार्यों पर प्रभुता भी करता है और उनके साथ साथ अग्रसर भी रहता है और जो उस पर विश्वास रखते हैं उनकी सहायता में लगा रहता है (नीतिवचन 3:25-26; मत्ती 20:29-34; इफिसीयों 1:11)।

   अपनी दशा के बावजूद परमेश्वर में जीन ड्रिस्कॉल के अटूट विश्वास ने ना केवल उसे व्यक्तिगत चुनौतियों पर जयवन्त किया है, वरन परमेश्वर की आशीषों को औरों तक पहुँचाने के योग्य भी किया है। हम भी जीन के समान यह भरोसा रख सकते हैं कि ऊँचे पर विराजमान वह परमपवित्र और सामर्थी परमेश्वर हम से केवल एक प्रार्थना भर की दूरी पर है, और जब भी हम उस पर विश्वास रख कर उसे पुकारेंगे वह हमारी सुनेंगा और उत्तर देगा (भजन 46)। - डेनिस फिशर


जब परमेश्वर आपके पीछे आपका सहारा हो और उसके हाथ आपको दाहिने-बाएं संभाले हुए हों तो सामने से आने वाली हर परिस्थिति का आप निडर होकर सामना कर सकते हैं - वार्ड

फिर मैं ने सिंहासन देखे, और उन पर लोग बैठ गए, और उन को न्याय करने का अधिकार दिया गया; और उन की आत्माओं को भी देखा, जिन के सिर यीशु की गवाही देने और परमेश्वर के वचन के कारण काटे गए थे; और जिन्हों ने न उस पशु की, और न उस की मूरत की पूजा की थी, और न उस की छाप अपने माथे और हाथों पर ली थी; वे जीवित हो कर मसीह के साथ हजार वर्ष तक राज्य करते रहे। - प्रकाशितवाक्य 20:4

बाइबल पाठ: भजन 46
Psalms 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक। 
Psalms 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं; 
Psalms 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।। 
Psalms 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है। 
Psalms 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है। 
Psalms 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। 
Psalms 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
Psalms 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है। 
Psalms 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है! 
Psalms 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! 
Psalms 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 16-18


गुरुवार, 24 फ़रवरी 2011

परमेश्वर पवित्र है

परमेश्वर ऐसा कुछ नहीं कर सकता जो उसके पवित्र चरित्र के अनुकूल न हो। क्योंकि परमेश्वर अपने स्वभाव से पवित्र और सिद्ध है, इसलिये उसके सारे गुण उसकी इस पवित्रता और सिद्धता को दर्शाते हैं। कुछ बातों पर ध्यान कीजिए:

१. पवित्र परमेश्वर होने के नाते वह अपनी धार्मिकता में सिद्ध है। हम उसकी इच्छा के आधीन बेखटके हो सकते हैं क्योंकि इब्राहिम द्वारा उत्पत्ति १८:२५ में उठाये गये प्रश्न "क्या सारी पृथ्वी का न्यायी न्याय न करे?" का एक ही उत्तर संभव हो सकता है - " हाँ "।

२. पवित्र परमेश्वर होने के नाते वह अपने न्याय में सिद्ध है। पौलुस ने कहा "...हम सब के सब परमेश्वर के न्याय सिंहासन के साम्हने खड़े होंगे।" (रोमियों १४:१०); पतरस ने लिखा "क्‍योंकि वह समय आ पहुंचा है, कि पहिले परमेश्वर के लोगों का न्याय किया जाए, और जब कि न्याय का आरम्भ हम ही से होगा तो उन का क्‍या अन्‍त होगा जो परमेश्वर के सुसमाचार को नहीं मानते?" (१ पतरस ४:१७); यूहन्ना, अविश्वासियों के संबंध में कहता है " ...उन में से हर एक के कामों के अनुसार उन का न्याय किया गया।" (प्रकाशितवाक्य २०:१३)।

३. पवित्र परमेश्वर होने के नाते वह अपने सदा सत्य होने में सिद्ध है। इस कारण हम उसके वचन पर सम्पूर्ण विश्वास कर सकते हैं। गिनती २३:१९ में लिखा है " ईश्वर मनुष्य नहीं, कि झूठ बोले, और न वह मनुष्य है, कि अपनी इच्छा बदले। क्या जो कुछ उस ने कहा उसे न करे? क्या वह वचन देकर उस पूरा न करे?"

४. पवित्र परमेश्वर होने के नाते वह अपनी विश्वासयोग्यता में सिद्ध है। यर्मियाह नबी ने लिखा " हम मिट नहीं गए, यह यहोवा की महान करुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है। प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान है।" (विलापगीत ३:२२, २३)

हम अपने धर्मी, न्यायी, सच्चे और विश्वासयोग्य परमेश्वर पर समपूर्ण भरोसा रख सकते हैं क्योंकि वह पवित्र है। - रिचर्ड डी हॉन


परमेश्वर की जो पवित्रता पापी को दोषी सिद्ध करती है, वही धर्मी को सांत्वना भी देती है।

...सेनाओं का यहोवा पवित्र, पवित्र, पवित्र है; सारी पृथ्वी उसके तेज से भरपूर है। - यशायाह ६:३


बाइबल पाठ: भजन ४८

हमारे परमेश्वर के नगर में, और अपने पवित्र पर्वत पर यहोवा महान और अति स्तुति के योग्य है!
सिय्योन पर्वत ऊंचाई में सुन्दर और सारी पृथ्वी के हर्ष का कारण है, राजाधिराज का नगर उत्तरीय सिरे पर है।
उसके महलों में परमेश्वर ऊंचा गढ़ माना गया है।
क्योंकि देखो, राजा लोग इकट्ठे हुए, वे एक संग आगे बढ़ गए।
उन्होंने आप ही देखा और देखते ही विस्मित हुए, वे घबराकर भाग गए।
वहां कंपकंपी ने उनको आ पकड़ा, और जच्चा की सी पीड़ाएं उन्हें होने लगीं।
तू पूर्वी वायु से तर्शीश के जहाजों को तोड़ डालता है।
सेनाओं के यहोवा के नगर में, अपने परमेश्वर के नगर में, जैसा हम ने सुना था, वैसा देखा भी है; परमेश्वर उसको सदा दृढ़ और स्थिर रखेगा।
हे परमेश्वर हम ने तेरे मन्दिर के भीतर तेरी करूणा पर ध्यान किया है।
हे परमेश्वर तेरे नाम के योग्य तेरी स्तुति पृथ्वी की छोर तक होती है। तेरा दहिना हाथ धर्म से भरा है;
तेरे न्याय के कामों के कारण सिय्योन पर्वत आनन्द करे, और यहूदा के नगर की पुत्रियां मगन हों!
सिय्योन के चारों ओर चलो, और उसकी परिक्रमा करो, उसके गुम्मटों को गिन लो,
उसकी शहरपनाह पर दृष्टि लगाओ, उसके महलों को ध्यान से देखो; जिस से कि तुम आने वाली पीढ़ी के लोगों से इस बात का वर्णन कर सको।
क्योंकि वह परमेश्वर सदा सर्वदा हमारा परमेश्वर है, वह मृत्यु तक हमारी अगुवाई करेगा।
एक साल में बाइबल:
  • गिनती ९-११
  • मरकुस ५:१-२०