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सोमवार, 10 सितंबर 2012

खोए हुए


   अपने कॉलेज के दिनों में मैं कोलैराडो के रॉकी माउन्टेन राष्ट्रीय उद्यान में मार्गदर्शक का कार्य करता था और युवकों के दलों को पहाड़ी मार्गों पर घूमाने के लिए ले कर जाया करता था। एक बार मेरे दल का एक लड़का, जो छोटा और सुस्त था, शेष दल से पीछे रह गया और किसी जगह एक गलत मोड़ लेकर भटक गया। जब हम वापस अपने शिविर पर पहुँचे तो उसका कोई अता-पता नहीं था। मैं घबराया हुआ उसे ढ़ूंढ़ने के लिए निकल पड़ा। अन्धेरा होने से कुछ देर पहले मैंने उसे एक छोटी सी झील के किनारे बिलकुल अकेला और खोया हुआ बैठा पाया। आनन्द के मारे मैंने ज़ोर से उसका आलिंगन किया और उसे उठा कर अपने कंधे पर बैठा लिया, और ऐसे उठाए हुए ही शिविर में उसके अन्य साथियों के पास लेकर आ गया।

   एक स्कॉटिश कहानीकार जौर्ज मैकडॉनल्ड द्वारा लिखी एक कहानी में एक जवान महिला का उल्लेख है जिसे जंगल में एक खोया हुआ और अकेला छोटा बालक मिलता है। महिला उस बालक को गोदी में उठाकर उसके घर उसके पिता के पास लेकर आती है और पिता को उसे सौंपते हुए उस महिला को एक ऐसी समझ मिलती है जो फिर जीवन भर उसे कभी नहीं छोड़ती: "अब वह मनुष्य के पुत्र (प्रभु यीशु का एक उपनाम) के मन को समझ सकी जो पाप और संसार में खोए हुए लोगों को ढ़ूंढ़ने और उन्हें वापस परमेश्वर पिता के पास ले जाने के लिए आया था।"

   मैं चाहता हूँ कि आप भी मनुष्य के पुत्र, प्रभु यीशु, के हृदय को समझने पाएं जो कि संसार के हर एक पाप में पड़े और संसार में खोए हुए को वापस परमेश्वर के पिता के पास ले जाने के लिए आया। प्रभु यीशु ने कहा: "क्‍योंकि मनुष्य का पुत्र खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने आया है" (लूका १९:१०)। आप चाहे कहीं भी क्यों ना खो गए हों, चाहे कितनी भी दूर क्यों ना भटक गए हों, वह आपको ढ़ूंढ़ने और बचा कर लौटा लाने के लिए आया है। उसकी सहायता आपकी बस एक पुकार भर की दूरी पर ही है। सच्चे मन से उसे पुकारिए और अनन्त जीवन के भागी हो जाइए।- डेविड रोपर


उद्धार का मार्ग पाने के लिए आपको बस मान लेना है कि आप पाप में भटक गए हैं।

...मेरे साथ आनन्‍द करो, क्‍योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है। - लूका १५:६

बाइबल पाठ: लूका १५:१-१०
Luk 15:1  सब चुंगी लेने वाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें। 
Luk 15:2  और फरीसी और शास्त्री कुडकुडाकर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।
Luk 15:3 तब उस ने उन से यह दृष्‍टान्‍त कहा। 
Luk 15:4  तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे? 
Luk 15:5 और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्‍द से उसे कांधे पर उठा लेता है। 
Luk 15:6 और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों इकट्ठे करके कहता है, मेरे साथ आनन्‍द करो, क्‍योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है। 
Luk 15:7 मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्‍वर्ग में इतना ही आनन्‍द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्‍हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
Luk 15:8  या कौन ऐसी स्त्री होगी, जिस के पास दस सिक्के हों, और उन में से एक खो जाए तो वह दीया बारकर और घर झाड़ बुहारकर जब तक मिल न जाए, जी लगाकर खोजती न रहे 
Luk 15:9 और जब मिल जाता है, तो वह अपने सखियों और पड़ोसिनियों को इकट्ठी करके कहती है, कि मेरे साथ आनन्‍द करो, क्‍योंकि मेरा खोया हुआ सिक्का मिल गया है। 
Luk 15:10 मैं तुम से कहता हूं, कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्‍वर्गदूतों के साम्हने आनन्‍द होता है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन ८-९ 
  • २ कुरिन्थियों ३

रविवार, 9 सितंबर 2012

प्रेम की आज्ञा


   सिंगापुर में कुछ बूढ़े माँ-बाप पनए जीवन-यापन के लिए परोपकारी संस्थाओं और सरकारी विभागों से सहायता मांगने और उनपर निर्भर रहने को मजबूर हैं क्योंकि उन की व्यस्क सन्तान उनके प्रति अपनी ज़िम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं है। यह रवैया बढ़ता ही जा रहा है और इस संबंध में एक सरकारी अधिकारी ने कहा, "हम प्रेम करना कानून बाध्य तो कर नहीं सकते!"

   किंतु परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेम करना परमेश्वर की आज्ञा है। यही बात मूसा ने इस्त्राएली समाज से कही: "क्योंकि मैं आज तुझे आज्ञा देता हूं, कि अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करना, और उसके मार्गों पर चलना, और उसकी आज्ञाओं, विधियों, और नियमों को मानना, जिस से तू जीवित रहे, और बढ़ता जाए, और तेरा परमेश्वर यहोवा उस देश में जिसका अधिकारी होने को तू जा रहा है, तुझे आशीष दे" (व्यवस्थाविवरण ३०:१६)। प्रभु यीशु ने भी कहा कि "सब आज्ञाओं में से यह मुख्य है; हे इस्राएल सुन, प्रभु हमारा परमेश्वर एक ही प्रभु है। और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना" (मरकुस १२:२९-३०)।

   भला परमेश्वर प्रेम करने की आज्ञा क्योंकर दे सकता है? प्रेम तो एक भावना है, उसे आज्ञा कैसे बनाया जा सकता है? परमेश्वर ने स्वयं पहले होकर हमसे हमारी पाप की दशा में ही प्रेम किया और प्रदर्शित किया; कलवरी के क्रूस पर अपने महान प्रेम में होकर दिया गया उसका महान बलिदान ही उसे यह अधिकार देता है कि अब वह हमें भी प्रेम प्रदर्शित करने की आज्ञा दे सके। प्रेरित युहन्ना ने अपनी पत्री में लिखा: "हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे लिए अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्र यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उस ने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें" (१ युहन्ना ३:१६, २३)।

   आज आपके पास परमेश्वर की प्रेम करने की आज्ञा को निभाने के लिए क्या क्या अवसर हैं? अपने माता-पिता का आदर करना और उनकी देखरेख करना? किसी बीमार साथी या मित्र की सेवा करना? किसी ऐसे से जिसे प्रेम करना कठिन है, प्रेम और अनुग्रह के दो शब्द कहना?

   प्रभु यीशु से प्रार्थना करें, "प्रभु क्योंकि आपने अपने महान प्रेम में होकर हमारे लिए अपने प्राण दिये, हमारी सहायता करें कि हम भी दुसरों के प्रति प्रेम दिखा सकें।" - सी. पी. हिया


जो प्रेम हम एक-दुसरे के प्रति प्रदर्शित करते हैं, वह परमेश्वर के प्रति हमारे प्रेम को दिखाता है।

और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्र यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उस ने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें। - १ युहन्ना ३:२३

बाइबल पाठ: १ युहन्ना ३:१६-२४
1Jn 3:16  हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे लिए अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए।
1Jn 3:17 पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देख कर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्‍योंकर बना रह सकता है?
1Jn 3:18  हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।
1Jn 3:19  इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उस विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे।
1Jn 3:20 क्‍योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है।
1Jn 3:21  हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है।
1Jn 3:22 और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है, क्‍योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं और जो उसे भाता है वही करते हैं।
1Jn 3:23  और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्र यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उस ने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें।
1Jn 3:24 और जो उस की आज्ञाओं को मानता है, वह इस में, और यह उस में बना रहता है: और इसी से, अर्थात उस आत्मा से जो उस ने हमें दिया है, हम जानते हैं, कि वह हम में बना रहता है।


एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन ६-७ 
  • २ कुरिन्थियों २

शनिवार, 8 सितंबर 2012

शब्द


   नवंबर २००८ में अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय में भाषा और शब्दों के अभद्र प्रयोग की वैधानिक सीमाओं पर एक बहस हुई। एक पक्ष ने एक राष्ट्रीय प्रसारण करने वाली कंपनी का उदाहरण दिया जिसने अपने एक राष्ट्रीय प्रसारण में, दो कार्यक्रम प्रस्तुतकर्ताओं को सामान्य रूप से समाज में प्रयोग करे जाने वाली दो अश्लील शब्दों का प्रयोग करने दिया। इस प्रसारण कंपनी का तर्क था कि ऐसे शब्द जो बात के प्रवाह में प्रयुक्त हों और बिना किसी कामुक या कामोत्तेजक भावना से प्रयोग करे जाएं, उनके प्रयोग के लिए आपत्ति करना उचित नहीं है। दूसरे पक्ष का कहना था कि अपने बच्चों को ऐसी भाषा से बचा कर रखना हमारा कर्तव्य है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, इफसुस की मण्डली को लिखी अपनी पत्री में प्रेरित पौलुस ने इस संबंध में कुछ निर्देष दिए। पौलुस के लिए अभद्र भाषा और अश्लील शब्दों का प्रयोग और उनकी सीमाएं किसी बहस का मुद्दा नहीं थे। पौलुस ने उन विश्वासियों से दो टूक कहा कि प्रभु यीशु मसीह में मिले उद्धार और आशीषों के प्रति अपने कर्तव्य स्वरूप उन्हें अपनी भाषा के प्रयोग पर ध्यान देना और नियंत्रण रखना ही है (इफसियों ४:२९)।

   पौलुस नहीं चाहता था कि कि वे लोग उद्धार से पूर्व के अपने पुरानी जीवन शैली में बने रहें; वह जीवन शैली जिसमें अभद्र भाषा, अश्लील शब्दों का प्रयोग, निन्दा, द्वेषपूर्ण भाषा, दूसरों को बदनाम करना, दूसरों को नुकसान पहुँचाने वाली भाषा या आपस में फूट पैदा करने वाली बात-चीत इत्यादि सामन्य रूप से पाए जाते थे। ऐसी भाषा के स्थान पर पौलुस चाहता था कि अब मसीह यीशु से उद्धार पाने और परमेश्वर की सन्तान बन जाने के बाद विश्वासियों की भाषा ऐसी हो जो दूसरों तक अनुग्रह पहुँचाए, उन्हें प्रोत्साहित करे और सुनने वालों की उन्नति का कारण बने।

   प्रभु यीशु के अनुयायी होने के कारण हमें यह ध्यान रखना है कि जो शब्द हमारे मुँह से प्रवाहित होते हैं वे सुनने वालों के लिए जीवनदायक धारा के समान हों। जो भी हमारे शब्दों को सुने वह किसी प्रकार की कटुता नहीं वरन केवल मधुरता ही अनुभव करे। - मार्विन विलियम्स


हमारे शब्द परमेश्वर के वचन द्वारा प्रेरित होने चाहिएं।

कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो। - इफीसियों ४:२९

बाइबल पाठ: इफीसियों ४:२४-३२
Eph 4:24  और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है।
Eph 4:25  इस कारण झूठ बोलना छोड़कर हर एक अपने पड़ोसी से सच बोले, क्‍योंकि हम आपस में एक दूसरे के अंग हैं। 
Eph 4:26  क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्‍त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे। 
Eph 4:27  और न शैतान को अवसर दो। 
Eph 4:28  चोरी करने वाला फिर चोरी न करे; वरन भले काम करने में अपने हाथों से परिश्रम करे; इसलिये कि जिसे प्रयोजन हो, उसे देने को उसके पास कुछ हो। 
Eph 4:29 कोई गन्‍दी बात तुम्हारे मुंह से न निकले, पर आवश्यकता के अनुसार वही जो उन्नति के लिये उत्तम हो, ताकि उस से सुनने वालों पर अनुग्रह हो। 
Eph 4:30  और परमेश्वर के पवित्र आत्मा को शोकित मत करो, जिस से तुम पर छुटकारे के दिन के लिये छाप दी गई है। 
Eph 4:31 सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्‍दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। 
Eph 4:32  और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन ३-५ 
  • २ कुरिन्थियों १

शुक्रवार, 7 सितंबर 2012

निर्देषों का पालन


   लड़कपन का मेरा एक प्रीय शौक था वायुयानों के खिलौने वाले नमूने बनाना। नए वायुयान खिलौने का डिब्बा खोलते ही उसमें सबसे ऊपर उसे बनाने के छपे हुए निर्देष रखे होते थे। लेकिन मुझे नहीं लगता था कि मुझे उनका अध्ययन करने और उनका पालन करने की आवश्यक्ता है, क्योंकि अपने मन में मैं सोच चुका होता था कि उसे कैसे बनाना है। किंतु उसके कुछ भागों को जोड़ लेने के बाद मुझे ज्ञात होता था कि मैं उसे ठीक से बनाने का कोई महत्वपूर्ण क्रम चूक गया हूँ, जिसे सुधारना या तो अब संभव नहीं होगा, या सुधारने के प्रयास में कुछ नुकसान होने की संभावना है।

   यह मान लेना कि हमें अपने जीवनों में किसी और के निर्देषों की आवश्यक्ता नहीं है बहुत आसान है; गलती का एहसास तब ही होता है जब निर्देषों की अवहेलना के नुकसान सामने आने आरंभ होते हैं। इसीलिए प्रभु यीशु ने अपने चेलों से कहा कि एक स्थिर, सुरक्षित और कामयाब जीवन के निर्माण के लिए उसके निर्देषों का पालन करने वाला ही बुद्धिमान है (मत्ती ७:२४-२९)। यह कहने से कुछ देर पहले ही वह उन्हें दूसरा गाल दिखाने, साथ निभाने के लिए अतिरिक्त मील जाने, दुशमनों को भी क्षमा करने और सांसारिक संपत्ति गरीबों में दान करके स्वर्ग में संपत्ति अर्जित करने के बारे में उन्हें सिखा चुका था (मत्ती ५:३९-४४)। लेकिन निर्देष सुन लेना ही तो काफी नहीं होता, मुख्य बात तो उनका पालन करना होती है। इसीलिए अपने सन्देश के अन्त में प्रभु यीशु ने चेलों से कहा: "इसलिये जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्‍हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य की नाईं ठहरेगा जिस ने अपना घर चटान पर बनाया" (मत्ती ७:२४)।

   जो जीवन के इन निर्देषों का पालन नहीं करते हैं, वे प्रभु यीशु के शब्दों में मूर्ख हैं (पद २६)। संसार के लिए दुशमनों को क्षमा करना और संपत्ति बेचकर गरीबों में दान कर देना जीवन बनाने के लिए मूर्खतापूर्ण बातें हो सकती हैं, लेकिन सृष्टि के सृजनहार और पालनहार प्रभु यीशु की बात मानें; इसी में बुद्धिमता है। - जो स्टोवैल


चट्टान सा स्थिर जीवन बनाने के लिए प्रभु यीशु के निर्देषों का पालन करें।

इसलिये जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्‍हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य की नाईं ठहरेगा जिस ने अपना घर चटान पर बनाया। - मत्ती ७:२४

बाइबल पाठ: मत्ती ७:२४-२९
Mat 7:24  इसलिये जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्‍हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य की नाईं ठहरेगा जिस ने अपना घर चटान पर बनाया। 
Mat 7:25  और मेंह बरसा और बाढ़ें आईं, और आन्‍धियां चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं, परन्‍तु वह नहीं गिरा, क्‍योंकि उस की नेव चटान पर डाली गई थी। 
Mat 7:26  परन्‍तु जो कोई मेरी ये बातें सुनता है और उन पर नहीं चलता वह उस निर्बुद्धि मनुष्य की नाईं ठहरेगा जिस ने अपना घर बालू पर बनाया। 
Mat 7:27  और मेंह बरसा, और बाढ़ें आईं, और आन्‍धियां चलीं, और उस घर पर टक्करें लगीं और वह गिरकर सत्यानाश हो गया।
Mat 7:28   जब यीशु ये बातें कह चुका, तो ऐसा हुआ कि भीड़ उस के उपदेश से चकित हुई। 
Mat 7:29  क्‍योंकि वह उन से शास्‍त्रियों के समान नहीं परन्‍तु अधिकारी की नाईं उन्‍हें उपदेश देता था।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन १-२ 
  • १ कुरिन्थियों १६

गुरुवार, 6 सितंबर 2012

परमेश्वर के हाथ


   अपने १०१वें जन्मदिन पर जैक बोर्डन प्रातः ५ बजे उठे, अच्छा भरपेट नाश्ता किया और ६:३० बजे अपने दफतर काम करने के लिए पहुँच गए। जब उनसे उनकी लंबी उम्र का राज़ पूछ गया तो इस उम्र में भी कार्यरत इस पेशेवर वकील ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया - "ना मरना"।

   लेकिन बात इससे कुछ और भी आगे है - एक पत्रकार से साक्षात्कार में श्रीमान बोर्डन, जो परमेश्वर में विश्वास करने वाले मसीही विश्वासी हैं और जिन्होंने ११ वर्ष की आयु में अपने विश्वास के अंगीकार के लिए बपतिस्मा लिया था, ने कहा: "मैं यह दृढ़तापूर्वक मानता हूँ कि परमेश्वर का हाथ हर बात में होता है। कुछ कारण है कि वह मुझे जीवित रखे हुए है। जब तक मैं जीवित हूँ, मैं वही करने का प्रयास करता हूँ जो वह चाहता है।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल के एक नायक पुरोहित एज़्रा ने भी परमेश्वर के भले हाथ को अपने ऊपर अनुभव किया, जब उसे एक दल का नेतृत्व करके उन्हें यरुशलेम लेकर जाना था ताकि वहां उस नगर और मन्दिर का पुनःनिर्माण कर रहे पूर्व बन्धुओं को आत्मिक नेतृत्व प्रदान कर सके (एज़्रा ७:९-१०)। एज़्रा ने, हर कदम पर परमेश्वर की उनके साथ बनी हुई उपस्थिति से सामर्थ पाई: "और मुझ पर राजा और उसके मंत्रियों और राजा के सब बड़े हाकिमों को दयालु किया। मेरे परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो मुझ पर हुई, इसके अनुसार मैं ने हियाव बान्धा, और इस्राएल में से मुख्य पुरुषों को इकट्ठा किया, कि वे मेरे संग चलें" (एज़्रा ७:२८)।

   जब हम अपने जीवनों में कार्यरत परमेश्वर के हाथ को देखने लगते हैं तो हमारे हृदय की गहराईयों से उसके लिए धन्यवाद उमड़ने लगता है, और साथ ही उसके लिए कार्यकारी रहने की लालसा भी। डेविड मैक्कैसलैंड


यदि आप पहचानेंगे के परमेश्वर का हाथ सब बातों में है, तो आप सब बातें परमेश्वर के हाथों में डालने से नहीं हिचकिचाएंगे।

पहिले महीने के पहिले दिन को वह बाबेल से चल दिया, और उसके परमेश्वर की कृपादृष्टि उस पर रही, इस कारण पांचवें महीने के पहिले दिन वह यरूशलेम को पहुंचा। - एज़्रा ७:९

बाइबल पाठ: एज़्रा ७:६-१०;२७-२८
Ezr 7:6  यही एज्रा मूसा की व्यवस्था के विष्य जिसे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने दी थी, निपुण शास्त्री था। और उसके परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो उस पर रही, इसके कारण राजा ने उसका मुंह मांगा वर दे दिया। 
Ezr 7:7  और कितने इस्राएली, और याजक लेवीय, गवैये, और द्वारपाल और नतीन के कुछ लोग अर्तझत्र राजा के सातवें वर्ष में यरूशलेम को ले गए। 
Ezr 7:8  और वह राजा के सातवें वर्ष के पांचवें महीने में यरूशलेम को पहुंचा। 
Ezr 7:9  पहिले महीने के पहिले दिन को वह बाबेल से चल दिया, और उसके परमेश्वर की कृपादृष्टि उस पर रही, इस कारएा पांचवें महीने के पहिले दिन वह यरूशलेम को पहुंचा। 
Ezr 7:10  क्योंकि एज्रा ने यहोवा की व्यवस्था का अर्थ बूझ लेने, और उसके अनुसार चलने, और इस्राएल में विधि और नियम सिखाने के लिये अपना मन लगाया था। 
Ezr 7:27  धन्य है हमारे पितरों का परमेश्वर यहोवा, जिस ने ऐसी मनसा राजा के मन में उत्पन्न की है, कि यहोवा के यरूशलेम के भवन को संवारे, 
Ezr 7:28  और मुझ पर राजा और उसके मंत्रियों और राजा के सब बड़े हाकिमों को दयालु किया। मेरे परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो मुझ पर हुई, इसके अनुसार मैं ने हियाव बान्धा, और इस्राएल में से मुख्य पुरुषों को इकट्ठा किया, कि वे मेरे संग चलें।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १४८-१५० 
  • १ कुरिन्थियों १५:२९-५८

बुधवार, 5 सितंबर 2012

सदा उपस्थित


   रेडियो इंजीनीयर RBC सेवकाई के एक कार्यक्रम के, अंतरिक्ष में स्थित उपग्रह के द्वारा, प्रसारण की तैयारियों में लगे हुए थे। उन्होंने सब काम ठीक से पूरे कर लिए, उपग्रह से संपर्क भी जोड़ लिया, परन्तु जैसे ही प्रसारण को उपग्रह तक पहुँचाना आरंभ करने का समय आया, उपग्रह से संपर्क टूट गया। इंजीनियर बहुत परेशान हुए, संपर्क फिर से स्थापित करने की बहुत कोशिश करी किंतु सब नाकाम रहा। फिर उन्हें एक सन्देश पहुँचा - उपग्रह अब अपनी कक्षा में नहीं रहा है, अचानक ही वह उपग्रह अंतरिक्ष से गिर पड़ा और नष्ट हो गया।

   कभी कभी प्रार्थना करते समय हमें भी ऐसा लग सकता है कि वह परमेश्वर जिससे हम संपर्क बनाए और प्रार्थना करना चाह रहे हैं, अचानक ही कहीं ग़ायब हो गया है, उससे हमारा संपर्क हो ही नहीं पा रहा है। किंतु परमेश्वर का वचन बाइबल हमें आश्वस्त करती है कि परमेश्वर ’अंतरिक्ष से गिर नहीं पड़ा’; वह वहीं है और हमारे लिए हमेशा उपलब्ध है, हमारी देखभाल करता है, हमारी प्रार्थनाएं सुनता है और उनका उत्तर भी देता है।

   दाऊद ने अपनी एक निराशा की स्थिति में लिखा, "सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर मैं दोहाई दूंगा और कराहता रहूंगा। और वह मेरा शब्द सुन लेगा" (भजन ५५:१७)। हम चाहे जब भी अपने परमेश्वर पिता को पुकारें, वह अपने बच्चों की पुकार सदा सुनता है। जब दाऊद ने पुकारा, परमेश्वर ने उसकी पुकार सुनी, इसीलिए दाऊद ने आगे लिखा, "अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्भालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा" (भजन ५५:२२)। दाऊद द्वारा अपने अनुभव से लिखा गया यह आश्वासन बहुत उत्साहवर्धक है।

   चाहे परमेश्वर हमारे कहे के अनुसार और इच्छित समय में उत्तर ना दे, किंतु वह जो करेगा और जब करेगा वही हमारे लिए सर्वोत्तम होगा। हमारे लिए यही बहुत है कि वह सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर हमारे लिए सदा उपस्थित और कार्यकारी रहता है। - बिल क्राउडर


परमेश्वर अपने बच्चों की प्रार्थनाएं सुनने के लिए सदा उपलब्ध रहता है।

सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर मैं दोहाई दूंगा और कराहता रहूंगा। और वह मेरा शब्द सुन लेगा। - भजन ५५:१७

बाइबल पाठ: भजन ५५:१६-२३
Psa 55:16  परन्तु मैं तो परमेश्वर को पुकारूंगा; और यहोवा मुझे बचा लेगा। 
Psa 55:17  सांझ को, भोर को, दोपहर को, तीनों पहर मैं दोहाई दूंगा और कराहता रहूंगा। और वह मेरा शब्द सुन लेगा। 
Psa 55:18  जो लड़ाई मेरे विरूद्ध मची थी उस से उस ने मुझे कुशल के साथ बचा लिया है। उन्होंने तो बहुतों को संग लेकर मेरा साम्हना किया था। 
Psa 55:19  ईश्वर जो आदि से विराजमान है यह सुनकर उनको उत्तर देगा। ये वे हैं जिन में कोई परिवर्तन नहीं और उन में परमेश्वर का भय है ही नहीं।
Psa 55:20  उस ने अपने मेल रखने वालों पर भी हाथ छोड़ा है, उस ने अपनी वाचा को तोड़ दिया है। 
Psa 55:21  उसके मुंह की बातें तो मक्खन सी चिकनी थी परन्तु उसके मन में लड़ाई की बातें थीं; उसके वचन तेल से अधिक नरम तो थे परन्तु नंगी तलवारें थीं।
Psa 55:22  अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्भालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा।
Psa 55:23  परन्तु हे परमेश्वर, तू उन लोगों को विनाश के गड़हे में गिरा देगा; हत्यारे और छली मनुष्य अपनी आधी आयु तक भी जीवित न रहेंगे। परन्तु मैं तुझ पर भरोसा रखे रहूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १४६-१४७ 
  • १ कुरिन्थियों १५:१-२८

मंगलवार, 4 सितंबर 2012

सौंदर्य प्रसाधन


   क्या आपने बोटॉक्स इन्जैक्शन लिए हैं? बहुत से लोग ये इन्जैक्शन लेते हैं; कुछ तो इलाज के लिए परन्तु अधिकांशतः फिर से जवान दिखने के लिए इस इन्जैक्शन को लगवाते हैं। इन पुनः जवान दिखने की लालसा रखने वालों के लिए सुन्दर और स्वस्थ दिखाई देना इतना महत्वपूर्ण होता है कि वे इस स्वरूप निखारने की पद्धति के अन्तर्गत बार बार अपने चेहेरे पर सुई लगवाने के लिए तैयार रहते हैं जिससे उनके चेहरे की झुर्रियां कुछ समय के लिए जाती रहें। जब झुर्रियां फिर से दिखाई देने लगती हैं तो इस दवाई की सूई उन्हें फिर से चेहरे के उन झुर्रियों वाले भाग में लगवानी पड़ती है।

   बोटॉक्स इन्जैक्शन का प्रयोग काफी महंगा है, और उसके कुछ संभावित दुषपरिणाम भी होते हैं जिनसे चेहरा बहुत बिगड़ भी सकता है, किंतु इन सुन्दर प्रतीत होने की चाह रखने वालों के लिए यह कोई चिंता की बात नहीं है। कुछ समय के लिए ही सही किंतु फिर से जवानी का सा स्वरूप दिखाने की इच्छा रखने वाले ये लोग हर कीमत पर और जोखिम उठाकर भी इसका उपयोग करने से नहीं हिचकिचाते।

   बाहरी सौन्दर्य की चाह रखना बुरा नहीं है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है भीतरी सौन्दर्य - हम अन्दर से कैसे हैं? अपने भीतरी स्वरूप को, अपने चरित्र को संवारने के लिए हम क्या कीमत देने, उसके लिए क्या कुछ दांव पर लगाने, और किस सीमा तक जाने को तैयार हैं?

   क्या हम अपनी आत्मा को संवारने के लिए प्रेम, नम्रता, दया, सहनशीलता, भलाई, स्वार्थहीन सहायता आदि की "सूई" लगवाने को तैयार हैं जिससे हमारे भीतरी मनुष्यत्व का सौन्दर्य निखर उठे (इफिसीयों ४:२-३)? क्या हम बार बार इस आत्मिक चिकित्सा के लिए परमेश्वर के पास आने, उसके सामने अपनी कमियों, खामियों और पापों को मानने तथा उसके द्वारा निर्धारित नुसखे को अपनाने को तैयार हैं?

   भला बनने के इच्छुक हैं? परमेश्वर के वचन बाइबल से चरित्र निर्माण और उत्थान के पद ले लीजिए और परमेश्वर के पवित्र आत्मा की सहायता से उन पदों में वर्णित ईश्वरीय गुणों को अपने जीवनों में भर लीजिए, उन पर चलना आरंभ कर दीजिए। परिणाम केवल भला ही होगा, और साथ ही इस ’इलाज’ का ना तो कोई जोखिम है और ना कोई दुषपरिणाम; जो भी परिणाम है वह केवल भला ही है। आत्मा के सौन्दर्य को संवारने और निखारने के लिए इससे बेहतर और कारगर सौन्दर्य प्रसाधन कहीं नहीं मिलेगा। - डेव ब्रैनन


संसार में ईश्वरीय चरित्र से उत्तम कोई दूसरा सौन्दर्य प्रसाधन नहीं है।

और नये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है। - इफिसीयों ४:२४

बाइबल पाठ: इफिसीयों ४:१७-२४
Eph 4:17  इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो। 
Eph 4:18 क्‍योंकि उनकी बुद्धि अन्‍धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं। 
Eph 4:19 और वे सुन्न होकर, लुचपन में लग गए हैं, कि सब प्रकार के गन्‍दे काम लालसा से किया करें। 
Eph 4:20  पर तुम ने मसीह की ऐसी शिक्षा नहीं पाई। 
Eph 4:21  वरन तुम ने सचमुच उसी की सुनी, और जैसा यीशु मे सत्य है, उसी में सिखाए भी गए। 
Eph 4:22 कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्‍व को जो भरमाने वाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्‍ट होता जाता है, उतार डालो। 
Eph 4:23 और अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ। 
Eph 4:24 और न्ये मनुष्यत्‍व को पहिन लो, जो परमेश्वर के अनुसार सत्य की धामिर्कता, और पवित्रता में सृजा गया है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन १४३-१४५ 
  • १ कुरिन्थियों १४:२१-४०