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शनिवार, 8 फ़रवरी 2014

भला परमेश्वर


   जोएल और लॉरेन ने वॉशिंगटन राज्य से वापस अपने राज्य मिशिगन लौट जाने का निर्णय लिया। जब जाने का दिन आया तो अपने शहर एडमन्ड्स की अन्तिम यादगार के लिए वे अपने मन पसन्द कैफे में गए और वहाँ की कॉफी पी, फिर अपनी पसन्दीदा किताबों की दुकान में जाकर उस शहर के नाम से जुड़े हुए आदर्श वाक्य के दो बड़े स्टिकर खरीदे, और अपनी यात्रा पर निकल पड़े।

   दो सप्ताह और 3000 मील की यात्रा करने के बाद वे मिशिगन राज्य में दाखिल हुए। अपने राज्य में अपनी वापसी की खुशी मनाने और अपनी भूख को मिटाने के लिए उन्होंने किसी रेस्टोरेन्ट का पता पूछा तो मालुम हुआ कि वह कुछ मील पीछे रह गया है और उन्हें उतना वापस लौटना पड़ा। वह एक छोटा किंतु सुन्दर कैफे था, जिसमें एक महिला वेटर्स एम्मा ने उनके लिए प्रबंध किया। एम्मा को यह जानकर बहुत खुशी हुई कि उसके ये दोनों ग्राहक एम्मा के प्रदेश वॉशिंगटन से आए हैं। जब एम्मा ने उन दोनों से उनके शहर का नाम पूछा, और उन्होंने उत्तर दिया ’एडमन्ड्स’ तो एम्मा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एम्मा की खुशी को और बढ़ाने के लिए जोएल ने कार से लाकर उसे ’एडमन्ड्स’ शहर के आदर्श वाक्य वाला वह बड़ा सा स्टिकर भेंट किया। जब एम्मा ने उसके बारे में उन से पूछा तो मालुम हुआ कि जिस दुकान से जोएल और लॉरेन ने वह स्टिकर खरीदा था वह एम्मा की माताजी की दुकान थी। वह स्टिकर माँ के हाथों से निकलकर 3000 मील की यात्रा करने के बाद दो अजनबियों के द्वारा बेटी के हाथों तक पहुँच गया था।

   क्या यह सब महज़ एक संयोग है? या फिर यह उस भले परमेश्वर के कार्यों का एक नमूना है जो अपने बच्चों की खुशी के लिए कार्य करता रहता है। परमेश्वर के वचन बाइबल में नीतिवचन नामक पुस्तक में लिखा है: "मनुष्य का मार्ग यहोवा की ओर से ठहराया जाता है..." (नीतिवचन 20:24)। उस भले परमेश्वर के भलाई के कार्यों के लिए आईए उसके प्रति धन्यवादी हों, उसकी आराधना करें। - एनी सेटास


प्रत्येक भला उपहार परमेश्वर पिता से आता है।

यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है, और उसकी करूणा सदा की है। - भजन 136:1

बाइबल पाठ: भजन 100:1-5
Psalms 100:1 हे सारी पृथ्वी के लोगों यहोवा का जयजयकार करो! 
Psalms 100:2 आनन्द से यहोवा की आराधना करो! जयजयकार के साथ उसके सम्मुख आओ! 
Psalms 100:3 निश्चय जानो, कि यहोवा ही परमेश्वर है। उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं।। 
Psalms 100:4 उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो! 
Psalms 100:5 क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करूणा सदा के लिये, और उसकी सच्चाई पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।

एक साल में बाइबल: 

  • गिनती 11-14


शुक्रवार, 7 फ़रवरी 2014

प्रतिफल


   बहुत से व्यवसायों ने अपने व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए अनेक ’इनामी योजनाएं’ चला रखी हैं जिन के अन्तर्गत उनके वफादार ग्राहक इनाम पाते रह सकते हैं। जब भी आप इन व्यवसायों के उत्पाद या सेवाओं का प्रयोग करते हैं तो आपके लिए कुछ अंक एकत्रित हो जाते हैं और इन अंकों को जमा करके आप आगे चल कर अपने अंकों की संख्या के अनुसार अपने लिए उपलब्ध इनामों में से कोई ले सकते हैं। इस प्रकार के प्रतिफलों से आकर्षित हो कर बहुत से लोग केवल एक कंपनी विशेष के उत्पाद अथवा सेवाएं ही प्रयोग करते हैं।

   परमेश्वर के पास भी ’इनामी योजनाएं’ हैं। प्रभु यीशु ने अनेक बार अपने चेलों से कहा कि वह उन्हें उनकी सेवकाई के लिए प्रतिफल देना चाहता है। जो लोग परमेश्वर प्रभु यीशु पर अपने विश्वास के लिए सताए जाते हैं उनसे प्रभु यीशु कहता है: "आनन्‍दित और मगन होना क्योंकि तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा फल है इसलिये कि उन्होंने उन भविष्यद्वक्ताओं को जो तुम से पहिले थे इसी रीति से सताया था" (मत्ती 5:12)। प्रभु यीशु के समय के धर्म के अगुवों द्वारा सार्वजनिक रूप से, लोगों को दिखाने के लिए किए गए दान, प्रार्थना और उपवास के विप्रीत प्रभु ने अपने चेलों से कहा कि वे यह सब गुप्त में करें क्योंकि, "...तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा" (मत्ती 6:4)। जहाँ तक प्रभु यीशु के प्रति वफादार बने रहने की बात है, तो आज चाहे जो भी कीमत चुकानी पड़े, उसके विश्वासी कभी नुकसान में नहीं रहेंगे - "यीशु ने कहा, मैं तुम से सच कहता हूं, कि ऐसा कोई नहीं, जिसने मेरे और सुसमाचार के लिये घर या भाइयों या बहिनों या माता या पिता या लड़के-बालों या खेतों को छोड़ दिया हो। और अब इस समय सौ गुणा न पाए, घरों और भाइयों और बहिनों और माताओं और लड़के-बालों और खेतों को पर उपद्रव के साथ और परलोक में अनन्त जीवन" (मरकुस 10:29-30)। आज जो कुछ भी हमें प्रभु यीशु के लिए छोड़ना पड़े, उसके प्रतिफल उस सब की तुलना में कहीं अधिक और मूल्यवान होवेंगे।

   लेकिन हम मसीही विश्वासी प्रभु यीशु की सेवकाई इसलिए नहीं करते क्योंकि प्रभु यीशु ने बड़े प्रतिफल हमें देने के लिए रखे हुए हैं। जब प्रभु यीशु ने हमारे पापों के लिए क्रूस पर अपना बलिदान दिया तो हम जिसके योग्य थे उससे कहीं अधिक बढ़कर उसने हमारे लिए किया। इसलिए अब हमारी उसके प्रति वफादारी, उसके प्रति हमारे प्रेम और आदर के कारण है, यह उसके लिए हमारी आराधना है। यह उसकी महानता है कि हमारी इस आराधना और हमारी वफादारी से प्रसन्न होकर, हमें और प्रोत्साहित करने के लिए उसने हमारे लिए प्रतिफल रखे हैं। लेकिन हमें प्रभु यीशु के लिए जीना है, प्रतिफलों के लिए नहीं, जैसे प्रेरित पौलुस ने कहा: "क्योंकि मेरे लिये जीवित रहना मसीह है, और मर जाना लाभ है" (फिलिप्पियों 1:21)। यदि हम अपनी नज़रें सही निशाने पर लगाए रखेंगे, तो जो पाएंगे वह किसी भी इनाम से कहीं बढ़कर होगा। - जो स्टोवैल


इस जीवन में जो कुछ भी प्रभु यीशु के लिए किया जाता है, अनन्त जीवन में उसका प्रतिफल अवश्य मिलेगा।

और जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझ कर कि मनुष्यों के लिये नहीं परन्तु प्रभु के लिये करते हो। क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हें इस के बदले प्रभु से मीरास मिलेगी: तुम प्रभु मसीह की सेवा करते हो। कुलुस्सियों 3:23-24

बाइबल पाठ: मत्ती 6:1-6, 16-18
Matthew 6:1 सावधान रहो! तुम मनुष्यों को दिखाने के लिये अपने धर्म के काम न करो, नहीं तो अपने स्‍वर्गीय पिता से कुछ भी फल न पाओगे। 
Matthew 6:2 इसलिये जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसा कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें, मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना फल पा चुके। 
Matthew 6:3 परन्तु जब तू दान करे, तो जो तेरा दाहिना हाथ करता है, उसे तेरा बांया हाथ न जानने पाए। 
Matthew 6:4 ताकि तेरा दान गुप्‍त रहे; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।
Matthew 6:5 और जब तू प्रार्थना करे, तो कपटियों के समान न हो क्योंकि लोगों को दिखाने के लिये सभाओं में और सड़कों के मोड़ों पर खड़े हो कर प्रार्थना करना उन को अच्छा लगता है; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके। 
Matthew 6:6 परन्तु जब तू प्रार्थना करे, तो अपनी कोठरी में जा; और द्वार बन्‍द कर के अपने पिता से जो गुप्‍त में है प्रार्थना कर; और तब तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा। 
Matthew 6:16 जब तुम उपवास करो, तो कपटियों की नाईं तुम्हारे मुंह पर उदासी न छाई रहे, क्योंकि वे अपना मुंह बनाए रहते हैं, ताकि लोग उन्हें उपवासी जानें; मैं तुम से सच कहता हूं, कि वे अपना प्रतिफल पा चुके। 
Matthew 6:17 परन्तु जब तू उपवास करे तो अपने सिर पर तेल मल और मुंह धो। 
Matthew 6:18 ताकि लोग नहीं परन्तु तेरा पिता जो गुप्‍त में है, तुझे उपवासी जाने; इस दशा में तेरा पिता जो गुप्‍त में देखता है, तुझे प्रतिफल देगा।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 7-10


गुरुवार, 6 फ़रवरी 2014

स्त्रोत


   मुझे दालचीनी का स्वाद बहुत पसन्द है, इसलिए मैं दालचीनी डालकर बनाए गए सभी व्यनजनों को बहुत चाहता हूँ और बड़े आनन्द से खाता हूँ। दालचीनी एक ऐसा मसाला है जो दूसरी वस्तुओं के स्वाद को बेहतर बना देता है। लेकिन इतने वर्षों से दालचीनी डालकर बनाए गए कितने ही व्यनजनों को खाते रहने के बाद भी कभी मैंने यह नहीं सोचा था कि दालचीनी का स्त्रोत कहाँ है। हाल ही में मुझे श्री लंका की अपनी यात्रा के दौरान पता चला कि सारे संसार में उपलब्ध दालचीनी में से 90% श्री लंका से आती है। इतने वर्षों से दालचीनी के स्वाद का आनन्द लेते रहने के बावजूद मैंने कभी यह नहीं सोचा था कि मेरे उस पसन्दीदा स्वाद का स्त्रोत क्या है!

   अफसोस की बात यह है कि मेरी मसीही जीवन की यात्रा में भी मैं कभी कभी यही रवैया लागू कर लेता हूँ। परमेश्वर ने मुझे बहुत अच्छी पत्नि, पाँच बच्चे और ढेरों नाती-पोते दिए हैं, जो सब मेरे लिए अत्याधिक आनन्द का कारण हैं। उनके बीच में आनन्दित रहते हुए मैं कभी कभी अपने इस आनन्द और अपनी आशीषों के स्त्रोत को भूल जाता हूँ जिसके लिए याकूब ने लिखा: "क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है" (याकूब 1:17)।

   यदि हम अपने उस स्वर्गीय परमेश्वर पिता के प्रति, जो समस्त सृष्टि और हमारे जीवन का स्त्रोत है, हर बात के लिए धन्यवादी ना बने रहें तो हम कैसे स्वार्थी और कृत्घन ठहरेंगे। परमेश्वर ने अपनी आशीषें हमारे जीवन में बहुतायत से उंडेली हैं, आईए हम भी अपने हृदय और अपना जीवन धन्यवाद के साथ उसे अर्पित कर दें। - बिल क्राउडर


परमेश्वर के प्रति कृतज्ञ होना परमेश्वर को आदर देना है।

क्योंकि यहोवा परमेश्वर सूर्य और ढाल है; यहोवा अनुग्रह करेगा, और महिमा देगा; और जो लोग खरी चाल चलते हैं; उन से वह कोई अच्छा पदार्थ रख न छोड़ेगा। - भजन 84:11

बाइबल पाठ: याकूब 1:12-18
James 1:12 धन्य है वह मनुष्य, जो परीक्षा में स्थिर रहता है; क्योंकि वह खरा निकल कर जीवन का वह मुकुट पाएगा, जिस की प्रतिज्ञा प्रभु ने अपने प्रेम करने वालों को दी है। 
James 1:13 जब किसी की परीक्षा हो, तो वह यह न कहे, कि मेरी परीक्षा परमेश्वर की ओर से होती है; क्योंकि न तो बुरी बातों से परमेश्वर की परीक्षा हो सकती है, और न वह किसी की परीक्षा आप करता है। 
James 1:14 परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंच कर, और फंस कर परीक्षा में पड़ता है। 
James 1:15 फिर अभिलाषा गर्भवती हो कर पाप को जनती है और पाप जब बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है। 
James 1:16 हे मेरे प्रिय भाइयों, धोखा न खाओ। 
James 1:17 क्योंकि हर एक अच्छा वरदान और हर एक उत्तम दान ऊपर ही से है, और ज्योतियों के पिता की ओर से मिलता है, जिस में न तो कोई परिवर्तन हो सकता है, ओर न अदल बदल के कारण उस पर छाया पड़ती है। 
James 1:18 उसने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उस की सृष्‍टि की हुई वस्‍तुओं में से एक प्रकार के प्रथम फल हों।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 4-6


बुधवार, 5 फ़रवरी 2014

अनुसरण


   ग्रीष्म ऋतु की एक खूबसूरत शाम को, एक सुन्दर स्थान पर, कॉलेज समय के मेरे एक मित्र द्वारा प्रस्तुत होने वाले एक संगीत कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए बहुत से लोग आए। वह दिन मेरे उस मित्र का जन्म दिन भी था, इसलिए कार्यक्रम के संचालक ने उपस्थित लोगों यह संकेत दिया कि वे साधारणतया जन्म दिन पर गाए जाने वाले ’हैप्पी बर्थडे’ गीत को गाकर मेरे उस मित्र को मुबारकबाद दें। एक एक करके लोगों ने जन्म दिन का वह गीत गाना आरंभ कर दिया। सब अपने अपने सुर, लय और ताल में गा रहे थे, आपस में किसी का किसी दूसरे से कोई ताल-मेल नहीं था, और परिणाम था कि जो मुबारकबाद का संगीत होना चाहिए था वह शोर बन गया। मेरा मित्र मंच पर आया और उसने सब को वह गीत गाने का एक और अवसर दिया, परन्तु उसके द्वारा दिए गए लय, ताल और सुर में। अब जो गीत गाया गया वह सिद्ध तो नहीं था, परन्तु पहले से कहीं अच्छा था और संगीत जैसा प्रतीत हो रहा था।

   इस घटना ने मुझे पहली शताब्दी की मसीही मण्डली की एक समस्या की याद दिलाई। कुरिन्थुस की मण्डली के लोग किसी एक अगुवे को लेकर एकमत नहीं थे; कोई पौलुस का अनुसरण कर रहा था तो कोई अपुल्लौस का तो कोई किसी और का। इसका परिणाम था मण्डली में फूट और कलह और उनकी आत्मिक उन्नति बाधित हो गई थी। सब अपना अपना सुर और राग गा रहे थे जिससे संगीत नहीं शोर सुनाई दे रहा था। जब लोग किसी एक अगुवे पर एकमत नहीं होते तो परिणाम यही होता है, इसीलिए पौलुस ने उन्हें चिताया कि वे किसी मनुष्य की ओर नहीं वरन प्रभु यीशु की ओर देखें और उसका अनुसरण करें।

   यदि हमें संसार के लोगों को प्रभु यीशु की ओर आकर्षित करना है तो हमारे जीवनों से संसार को प्रभु यीशु में उद्धार और पापों की क्षमा का संगीत सुनाई देना चाहिए ना कि प्रभु के नाम में किया गया शोर। इसके लिए अनिवार्य है कि हम में से प्रत्येक प्रभु यीशु की ओर अपना ध्यान लगाए और उसी का अनुसरण करे, किसी मनुष्य या मत अथवा दल का नहीं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


मसीह यीशु के साथ स्वर्बद्ध रहने से सारी मण्डली में ताल मेल रहता है।

हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्तु एक ही मन और एक ही मत हो कर मिले रहो। - 1 कुरिन्थियों 1:10

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 3:1-17
1 Corinthians 3:1 हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से; परन्तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं। 
1 Corinthians 3:2 मैं ने तुम्हें दूध पिलाया, अन्न न खिलाया; क्योंकि तुम उसको न खा सकते थे; वरन अब तक भी नहीं खा सकते हो। 
1 Corinthians 3:3 क्योंकि अब तक शारीरिक हो, इसलिये, कि जब तुम में डाह और झगड़ा है, तो क्या तुम शारीरिक नहीं? और मनुष्य की रीति पर नहीं चलते? 
1 Corinthians 3:4 इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्या तुम मनुष्य नहीं? 
1 Corinthians 3:5 अपुल्लोस क्या है? और पौलुस क्या है? केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। 
1 Corinthians 3:6 मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। 
1 Corinthians 3:7 इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है। 
1 Corinthians 3:8 लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं; परन्तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:9 क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। 
1 Corinthians 3:10 परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्री की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रद्दा रखता है; परन्तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है। 
1 Corinthians 3:11 क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता। 
1 Corinthians 3:12 और यदि कोई इस नेव पर सोना या चान्दी या बहुमोल पत्थर या काठ या घास या फूस का रद्दा रखता है। 
1 Corinthians 3:13 तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा; क्योंकि वह दिन उसे बताएगा; इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा: और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है। 
1 Corinthians 3:14 जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:15 और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्तु जलते जलते।
1 Corinthians 3:16 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है? 
1 Corinthians 3:17 यदि कोई परमेश्वर के मन्दिर को नाश करेगा तो परमेश्वर उसे नाश करेगा; क्योंकि परमेश्वर का मन्दिर पवित्र है, और वह तुम हो।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 1-3


मंगलवार, 4 फ़रवरी 2014

वचन और शांति


   लगभग 85 वर्ष पहले हंगरी देश के एक लेखक ने एक लघु-कथा लिखी थी जिसका शीर्षक था ’चेन-लिंक्स’, जिसमें उसने यह विचार दिया था कि संसार में कोई भी दो व्यक्तियों के बीच संबंध की कड़ी में अधिक से अधिक पाँच व्यक्तियों तक की दूरी की कड़ी होती है। यह विचार अब पुनः जागृत किया गया है और इसे अब Six Degrees of Separation अर्थात ’अलगाव के छः स्तर’ कहा जाता है। इस विचार का कोई प्रमाण नहीं है, लेकिन यह हमारा ध्यान इस बात कि ओर खींचती है कि संसार में कुछ ऐसा कार्य कर रहा है जो हमें एक दूसरे के साथ संबंधित करता है, और वह है परमेश्वर की समझ-बूझ और प्रावधान जो उसके वचन में होकर कार्य कर रहे हैं।

   कुछ वर्ष पहले मुझे एक पत्र मिला, जो एक ऐसे व्यक्ति द्वारा लिखा गया था जिसे मैं ना तो जानता था और ना कभी उससे मिला था, और ना ही उससे मेरा कोई संबंध था। उसने मुझे बताया कि मेरे द्वारा मेरे एक मित्र को भेजा गया एक पत्र (जिसे मैंने अपने उस मित्र को उसकी घोर निराशा और परेशानी में प्रोत्साहित करने के लिए लिखा था) उस व्यक्ति तक पहुँच गया था और उस व्यक्ति को उसकी घोर निराशा और परेशानी में उस पत्र से बहुत प्रोत्साहन मिला था। जो पत्र मैंने अपने मित्र को भेजा था, वह उस ने अपने किसी अन्य मित्र को भी दिया, जिसने उसे फिर आगे किसी अन्य मित्र को दे दिया और इस प्रकार एक कड़ी से दूसरी कड़ी जुड़ती चली गई और चलते चलते वह पत्र उस व्यक्ति तक पहुँच गया जिसने मुझे पत्र लिखा था। एक व्यक्ति को दिया गया प्रोत्साहन आगे चलकर ना जाने कितने लोगों के लिए प्रोत्साहन का कारण बन गया।

   यह संभव है कि परमेश्वर की समझ-बूझ में होकर लिखा गया प्रेम का एक छोटा सा सन्देश, परमेश्वर के आत्मा के द्वारा किसी अन्य व्यक्ति के जीवन में अनन्तकालीन प्रभाव ले आए। इसलिए क्या हमें अपने आप को परमेश्वर के वचन से भर नहीं लेना चाहिए और फिर उस वचन को आगे किसी अन्य तक इस प्रार्थना के साथ पहुँचा नहीं देना चाहिए कि परमेश्वर उस वचन को अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रयोग करे (यशायाह 55:11), जिससे वह शांति जो हमने परमेश्वर के वचन से प्राप्त करी है दूसरों को भी प्राप्त हो सके? - डेविड रोपर


जैसे फूल नहीं जानता कि उसकी सुगंध कहाँ क्या प्रभाव ला रही है वैसे ही हम नहीं जानते कि हमारा मसीही प्रेम से भरा व्यवहार कहाँ क्या प्रभाव लाएगा।

क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग कर के, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है। - इब्रानियों 4:12

बाइबल पाठ: यशायाह 55:8-11
Isaiah 55:8 क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है। 
Isaiah 55:9 क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।
Isaiah 55:10 जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोने वाले को बीज और खाने वाले को रोटी मिलती है, 
Isaiah 55:11 उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सफल करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 24-27


सोमवार, 3 फ़रवरी 2014

परमेश्वर का कार्य


   चार्ल्स फिन्नी एक 29 वर्षीय वकील था जब वह अपने उद्धार पाने के विषय में चिंतित हुआ। 10 अक्तूबर, 1821 को वह प्रार्थना करने के लिए अपने घर के निकट के जंगल के एक इलाके में गया। वहाँ पर उसे उद्धार का अद्भुत अनुभव हुआ, जिसके बारे में उसने लिखा, "मुझे प्रतीत हुआ मानो पवित्र आत्मा मेरे शरीर और प्राण के अन्दर समा गया, वह प्रेम की तरल लहरों के समान मुझ पर आ रहा था।" अपने इस अनुभव के अगले दिन उसकी भेंट उसके एक मुव्वकिल से हुई जो उसके पास वकालत के लिए आया था। चार्ल्स फिन्नी ने उस से कहा, "अब मुझे प्रभु यीशु ने अपने लिए वकालत करने के लिए नियुक्त कर लिया है, इसलिए अब मैं तुम्हारे लिए वकालत नहीं कर सकता।" फिन्नी ने अपनी वकालत को छोड़ दिया और मसीही सेवकाई में आ गया, और आगे चलकर परमेश्वर ने उसे बड़े सामर्थी रूप में बहुतेरों को प्रभु यीशु में मिलने वाले उद्धार तथा पापों की क्षमा तक लाने के लिए उपयोग किया।

   इसी प्रकार प्रेरित पौलुस को भी प्रभु यीशु की वकालत के लिए नियुक्त किया गया था; पौलुस ने लिखा, "...मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं...।" (फिलिप्पियों 1:16); यहाँ जिस शब्द का अनुवाद ’उत्तर देने के लिए’ किया गया है वह उन दिनों की मूल भाषा में एक वकील द्वारा अपने मुव्वकिल के बचाव के लिए अदालत में जिरह करने के लिए प्रयोग होता था। प्रभु यीशु में विश्वास द्वारा पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार के प्रचार का यह कार्य केवल पौलुस या फिन्नी ही के लिए नहीं था, वरन यह प्रत्येक मसीही विश्वासी की ज़िम्मेदारी है, जैसा पौलुस एक अन्य स्थान पर लिखा, "सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो" (2 कुरिन्थियों 5:20)।

   कितना बड़ा सौभाग्य है कि परमेश्वर हमें अपने कार्य सौंपता है, दूसरों को पापों की क्षमा और उद्धार के लिए प्रभु यीशु के निकट लाने के लिए उपयोग करता है। क्या आप परमेश्वर के इस कार्य में लगे हैं? - डेनिस फिशर


प्रभु यीशु में उद्धार और पापों की क्षमा का सुसमाचार इतना अच्छा है कि उसे अपने तक सीमित नहीं रखा जा सकता।

और यदि मैं सुसमाचार सुनाऊं, तो मेरा कुछ घमण्‍ड नहीं; क्योंकि यह तो मेरे लिये अवश्य है; और यदि मैं सुसमाचार न सुनाऊं, तो मुझ पर हाय। - 1 कुरिन्थियों 9:16

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:12-18
Philippians 1:12 हे भाइयों, मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि मुझ पर जो बीता है, उस से सुसमाचार ही की बढ़ती हुई है। 
Philippians 1:13 यहां तक कि कैसरी राज्य की सारी पलटन और शेष सब लोगों में यह प्रगट हो गया है कि मैं मसीह के लिये कैद हूं। 
Philippians 1:14 और प्रभु में जो भाई हैं, उन में से बहुधा मेरे कैद होने के कारण, हियाव बान्‍ध कर, परमेश्वर का वचन निधड़क सुनाने का और भी हियाव करते हैं। 
Philippians 1:15 कितने तो डाह और झगड़े के कारण मसीह का प्रचार करते हैं और कितने भली मनसा से। 
Philippians 1:16 कई एक तो यह जान कर कि मैं सुसमाचार के लिये उत्तर देने को ठहराया गया हूं प्रेम से प्रचार करते हैं। 
Philippians 1:17 और कई एक तो सीधाई से नहीं पर विरोध से मसीह की कथा सुनाते हैं, यह समझ कर कि मेरी कैद में मेरे लिये क्‍लेश उत्पन्न करें। 
Philippians 1:18 सो क्या हुआ? केवल यह, कि हर प्रकार से चाहे बहाने से, चाहे सच्चाई से, मसीह की कथा सुनाई जाती है, और मैं इस से आनन्‍दित हूं, और आनन्‍दित रहूंगा भी।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 20-23


रविवार, 2 फ़रवरी 2014

विश्वास में सफलता


   जब इस्त्राएली मिस्त्र के दासत्व से निकलकर कनान देश की ओर जा रहे थे तब परमेश्वर ने इस्त्राएलियों के मध्य में आते समय में अपनी उपस्थिति के एहसास और अपने स्मरण को बनाए रखने के लिए एक वाचा का सन्दूक बनवाया था जो स्वर्ग में परमेश्वर के सिंहासन का प्रतिरूप था। अपनी उस यात्रा में इस्त्राएली उस वाचा के सन्दूक को लिए चलते थे। कनान में बसने के बाद वह वाचा का सन्दूक शीलोह में परमेश्वर की आराधना के तम्बू में रख दिया गया। कई वर्षों के बाद, एक युद्ध में फिलिस्तीनियों से हार जाने के बाद इस्त्राएली सेना के अगुवों ने शीलोह सन्देश भेजा कि परमेश्वर का वह वाचा का सन्दूक युद्ध भूमि पर लाया जाए जिससे परमेश्वर की उपस्थिति के कारण उनको अपने शत्रुओं पर विजय मिल सके।

   जब वह सन्दूक युद्ध स्थल पर इस्त्राएली छावनी में पहुँचा तो हर्ष के कारण इस्त्राएली सेना ने बड़ी ज़ोर से ललकार का शब्द किया जिसे सुन कर उनके शत्रु फिलिस्ती घबराहट में आ गए। उस सन्दूक के कारण अब इस्त्राएली तो साहस और फिलिस्ती डर से भर गए। फिर युद्ध ठना, इस्त्राएली सेना वाचा का सन्दूक लेकर युद्ध भूमि पर पहुँची, लेकिन युद्ध के समय दोनो, इस्त्राएलियों और फिलिस्तियों, की धारणाएं गलत निकलीं - इस बार इस्त्राएली और भी भयानक रीति से पराजित हुए, उनके और भी अधिक सैनिक मारे गए और अब वाचा का सन्दूक फिलिस्तियों के कबज़े में चला गया जिसे लेजाकर उन्होंने अपने देवता के मन्दिर में रख दिया और फलस्वरूप पाया कि उनके देवता की मूर्ति टूट कर नीचे गिर पड़ी और उनके इलाके में महामारी फैल गई।

   हम फिलिस्तियों की गलती तो समझ सकते हैं - वे मूर्ति पूजक थे, सच्चे और जीवते परमेश्वर के विषय में नहीं जानते थे; परन्तु इस्त्राएलियों को तो बेहतर समझ-बूझ रखनी चाहिए थी। उन इस्त्राएलियों ने भी परमेश्वर से मार्गदर्शन लिए बिना, अपनी ही धारणा के अनुसार वाचा के सन्दूक का उपयोग करा। अवश्य ही पहले इस्त्राएल के कनान देश में प्रवेश के समय वाचा के सन्दूक को युद्ध भूमि में लेजाया गया था (यहोशु 6), परन्तु वे यह भूल गए कि ऐसा परमेश्वर के निर्देशों के अनुसार और उसकी योजना के अन्तर्गत किया गया था। उन्हें पहले मिली विजय उनके मध्य सन्दूक की उपस्थिति के कारण नहीं वरन परमेश्वर की आज्ञाकारिता के कारण थी।

   यह घटना आज हमें भी एक महत्वपूर्ण शिक्षा देती है - हमारे पास चाहे कोई भी संसाधन उपलब्ध क्यों ना हों, यदि उनका उपयोग परमेश्वर की योजना के अन्तर्गत और उसकी आज्ञा के अनुसार नहीं होगा तो परिणाम बुरा ही होगा। इसलिए हम मसीही विश्वासियों को परमेश्वर के वचन बाइबल का अध्ययन करने तथा प्रार्थना करने में समय बिताना चाहिए जिससे हम परमेश्वर की इच्छा और आज्ञा जान सकें और फिर परमेश्वर की इच्छा और आज्ञाकारिता में ही अपने कार्यों को करें, क्योंकि परमेश्वर की अगुवाई पर रखे गए विश्वास में ही सफलता है। - डेव ब्रैनन


हम तो अधूरा ही जानते हैं, परमेश्वर सब कुछ और संपूर्ण जानता है।

मैं यहोवा के विषय कहूंगा, कि वह मेरा शरणस्थान और गढ़ है; वह मेरा परमेश्वर है, मैं उस पर भरोसा रखूंगा। - भजन 91:2

बाइबल पाठ: 1 शमूएल 4:1-11
1 Samuel 4:1 और शमूएल का वचन सारे इस्राएल के पास पहुंचा। और इस्राएली पलिश्तियों से युद्ध करने को निकले; और उन्होंने तो एबेनेजेर के आस-पास छावनी डाली, और पलिश्तियों ने अपेक में छावनी डाली। 
1 Samuel 4:2 तब पलिश्तियों ने इस्राएल के विरुद्ध पांति बान्धी, और जब घमासान युद्ध होने लगा तब इस्राएली पलिश्तियों से हार गए, और उन्होंने कोई चार हजार इस्राएली सेना के पुरूषों को मैदान ही में मार डाला। 
1 Samuel 4:3 और जब वे लोग छावनी में लौट आए, तब इस्राएल के वृद्ध लोग कहने लगे, कि यहोवा ने आज हमें पलिश्तियों से क्यों हरवा दिया है? आओ, हम यहोवा की वाचा का सन्दूक शीलो से मांग ले आएं, कि वह हमारे बीच में आकर हमें शत्रुओं के हाथ से बचाए।
1 Samuel 4:4 तब उन लोगों ने शीलो में भेज कर वहां से करूबों के ऊपर विराजने वाले सेनाओं के यहोवा की वाचा का सन्दूक मंगा लिया; और परमेश्वर की वाचा के सन्दूक के साथ एली के दोनों पुत्र, होप्नी और पिनहास भी वहां थे। 
1 Samuel 4:5 जब यहोवा की वाचा का सन्दूक छावनी में पहुंचा, तब सारे इस्राएली इतने बल से ललकार उठे, कि भूमि गूंज उठी। 
1 Samuel 4:6 इस ललकार का शब्द सुनकर पलिश्तियों ने पूछा, इब्रियों की छावनी में ऐसी बड़ी ललकार का क्या कारण है? तब उन्होंने जान लिया, कि यहोवा का सन्दूक छावनी में आया है। 
1 Samuel 4:7 तब पलिश्ती डरकर कहने लगे, उस छावनी में परमेश्वर आ गया है। फिर उन्होंने कहा, हाय! हम पर ऐसी बात पहिले नहीं हुई थी। 
1 Samuel 4:8 हाय! ऐसे महाप्रतापी देवताओं के हाथ से हम को कौन बचाएगा? ये तो वे ही देवता हैं जिन्होंने मिस्रियों पर जंगल में सब प्रकार की विपत्तियां डाली थीं। 
1 Samuel 4:9 हे पलिश्तियों, तुम हियाव बान्धो, और पुरूषार्थ जगाओ, कहीं ऐसा न हो कि जैसे इब्री तुम्हारे आधीन हो गए वैसे तुम भी उनके आधीन हो जाओ; पुरूषार्थ कर के संग्राम करो। 
1 Samuel 4:10 तब पलिश्ती लड़ाई के मैदान में टूट पड़े, और इस्राएली हार कर अपने अपने डेरे को भागने लगे; और ऐसा अत्यन्त संहार हुआ, कि तीस हजार इस्राएली पैदल खेत आए। 
1 Samuel 4:11 और परमेश्वर का सन्दूक छीन लिया गया; और एली के दोनों पुत्र, होप्नी और पीनहास, भी मारे गए।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 17-19