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बुधवार, 17 अगस्त 2016

गायन


   पृथ्वी से 200 किलोमीटर की ऊँचाई से, कैनाडा के अन्तरिक्ष यात्री और अन्तराष्ट्रीय अन्तरिक्ष केन्द्र के कमांडर क्रिस हैडफील्ड पृथ्वी पर स्थित एक स्टूडियो में एकत्रित छात्रों के साथ एक समूह के साथ गीत गाने में सम्मिलित हुए। उन लोगों ने एक साथ हैडफील्ड और एड रॉबर्टसन द्वारा मिलकर लिखा गया गीत, "Is Somebody Singing" गाया। उस गीत की एक पंक्ति: "You can't make out borders from up here" (आप यहाँ से कोई भी सीमा रेखाएं नहीं देख सकते हैं) ने मेरा ध्यान खींचा। हम मनुष्य अपने आप को एक दूसरे से पृथक रखने के लिए अपने मध्य में अनेकों प्रकार की सीमा रेखाएं खींच लेते हैं - जैसे कि राष्ट्र, नसल, विचारधारा इत्यादि की सीमाएं; लेकिन इस गीत ने मुझे स्मरण करवाया कि परमेश्वर हमारे बीच में ऐसे कोई विभाजन नहीं देखता है। परमेश्वर के लिए एक ही बात महत्वपूर्ण है, कि हम उससे और आपस में एक दूसरे से सच्चा प्रेम रखें: "और तू प्रभु अपने परमेश्वर से अपने सारे मन से और अपने सारे प्राण से, और अपनी सारी बुद्धि से, और अपनी सारी शक्ति से प्रेम रखना। और दूसरी यह है, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रखना: इस से बड़ी और कोई आज्ञा नहीं" (मरकुस 12:30-31)।

   एक प्रेमी पिता होने के नाते परमेश्वर चाहता है कि उसका परिवार एक जुट होकर साथ रहे। यदि हम एक-दूसरे के साथ मेल-मिलाप और सहयोग के साथ नहीं रहेंगे तो जो परमेश्वर हम से चाहता है, उस कार्य को पूरा कभी नहीं कर सकेंगे। अपने क्रूस पर चढ़ाए जाने से पूर्व-रात्रि में प्रभु यीशु ने गहरी संवेदना के साथ परमेश्वर से प्रार्थना करी कि परमेश्वर उनके अनुयायियों को एक होकर रहने वाला बनाए: "जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूं, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिये कि जगत प्रतीति करे, कि तू ही ने मुझे भेजा" (यूहन्ना 17:21)।

   एक साथ मिलकर गीत गाना इसी एकता को दिखाता है। समूह-गायन के समय सभी गाने वाले उस गीत के बोल, स्वर, ताल, लय, संगीत आदि में एक होते हैं; सभी एक-दूसरे का साथ निभाते, एक-दूसरे की सहायता करते, एक-दुसरे को उभारते हुए मिलकर गाते हैं, तभी अच्छा गायन प्रस्तुत होने पाता है।

   परमेश्वर की स्तुति और आराधना का गायन भी हमें ना केवल परमेश्वर के गुणों को संसार के सामने प्रगट करने का माध्यम प्रदान करता है, वरन हमारे मसीह यीशु में होकर एक होने को संसार के सामने दिखाने का अवसर भी देता है। सामूहिक आराधना और स्तुति गायन के सदुपयोग द्वारा परमेश्वर की महिमा संसार पर अवश्य प्रगट करें। - जूली ऐकैरमैन लिंक


परमेश्वर की आराधना और स्तुति करने का चलन कभी पुराना नहीं पड़ेगा।

अर्थात सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो। और मेल के बन्ध में आत्मा की एकता रखने का यत्‍न करो। - इफिसियों 4:2-3

बाइबल पाठ: यूहन्ना 17:11-26
John 17:11 मैं आगे को जगत में न रहूंगा, परन्तु ये जगत में रहेंगे, और मैं तेरे पास आता हूं; हे पवित्र पिता, अपने उस नाम से जो तू ने मुझे दिया है, उन की रक्षा कर, कि वे हमारी नाईं एक हों। 
John 17:12 जब मैं उन के साथ था, तो मैं ने तेरे उस नाम से, जो तू ने मुझे दिया है, उन की रक्षा की, मैं ने उन की चौकसी की और विनाश के पुत्र को छोड़ उन में से काई नाश न हुआ, इसलिये कि पवित्र शास्त्र की बात पूरी हो। 
John 17:13 परन्तु अब मैं तेरे पास आता हूं, और ये बातें जगत में कहता हूं, कि वे मेरा आनन्द अपने में पूरा पाएं।
John 17:14 मैं ने तेरा वचन उन्हें पहुंचा दिया है, और संसार ने उन से बैर किया, क्योंकि जैसा मैं संसार का नहीं, वैसे ही वे भी संसार के नहीं। 
John 17:15 मैं यह बिनती नहीं करता, कि तू उन्हें जगत से उठा ले, परन्तु यह कि तू उन्हें उस दुष्‍ट से बचाए रख। 
John 17:16 जैसे मैं संसार का नहीं, वैसे ही वे भी संसार के नहीं। 
John 17:17 सत्य के द्वारा उन्हें पवित्र कर: तेरा वचन सत्य है। 
John 17:18 जैसे तू ने जगत में मुझे भेजा, वैसे ही मैं ने भी उन्हें जगत में भेजा। 
John 17:19 और उन के लिये मैं अपने आप को पवित्र करता हूं ताकि वे भी सत्य के द्वारा पवित्र किए जाएं। 
John 17:20 मैं केवल इन्‍हीं के लिये बिनती नहीं करता, परन्तु उन के लिये भी जो इन के वचन के द्वारा मुझ पर विश्वास करेंगे, कि वे सब एक हों। 
John 17:21 जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूं, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिये कि जगत प्रतीति करे, कि तू ही ने मुझे भेजा। 
John 17:22 और वह महिमा जो तू ने मुझे दी, मैं ने उन्हें दी है कि वे वैसे ही एक हों जैसे की हम एक हैं। 
John 17:23 मैं उन में और तू मुझ में कि वे सिद्ध हो कर एक हो जाएं, और जगत जाने कि तू ही ने मुझे भेजा, और जैसा तू ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही उन से प्रेम रखा। 
John 17:24 हे पिता, मैं चाहता हूं कि जिन्हें तू ने मुझे दिया है, जहां मैं हूं, वहां वे भी मेरे साथ हों कि वे मेरी उस महिमा को देखें जो तू ने मुझे दी है, क्योंकि तू ने जगत की उत्‍पत्ति से पहिले मुझ से प्रेम रखा। 
John 17:25 हे धामिर्क पिता, संसार ने मुझे नहीं जाना, परन्तु मैं ने तुझे जाना और इन्‍होंने भी जाना कि तू ही ने मुझे भेजा। 
John 17:26 और मैं ने तेरा नाम उन को बताया और बताता रहूंगा कि जो प्रेम तुझ को मुझ से था, वह उन में रहे और मैं उन में रहूं।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 97-99
  • रोमियों 16


रविवार, 14 सितंबर 2014

परिवार


   हमारे परिवार में एक आनन्द दायक परंपरा है; जब हम सब घर पर होते हैं और हम में से कोई पुकारता है, "पारिवारिक आलिंगन" तो हम सब एक ही स्थान पर एक साथ जमा हो जाते हैं, सामान्यतः यह हमारे रसोई घर में होता है; मैं बच्चों को अपने से चिपका लेती हूँ और मेरे पति हम सबको आलिंगन में भर लेते हैं। पारिवारिक प्रेम और निकटता का आनन्द लेने का यह हमारा तरीका है।

   यद्यपि हम कभी कभी इस सामूहिक आलिंगन का आनन्द लेते रहते हैं, परन्तु इस एकमनता के भाव को बनाए रखना इतना सरल भी नहीं है क्योंकि हम सब अलग अलग व्यक्तित्व वाले अलग अलग व्यक्ति हैं और हम सब की भिन्न आवश्यकताएं, योग्यताएं और दृष्टिकोण हैं। यही बात परमेश्वर पिता के परिवार अर्थात मसीही विश्वासियों की मण्डली में भी सत्य है। इस मसीही परिवार में भी सभी का अपना अपना व्यक्तित्व है, इसलिए सब एक दूसरे से भिन्न हैं; तो भी प्रेरित पौलुस हमें कहते हैं कि, "और मेल के बन्ध में आत्मा की एकता रखने का यत्‍न करो" (इफिसियों 4:3)। अन्य मसीही विश्वासियों के साथ तालमेल तथा एकमनता बना कर रहना बहुत आवश्यक है क्योंकि यह प्रभु यीशु की हमारे साथ तथा परमेश्वर पिता के साथ की एकमनता का सूचक है: "जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूं, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिये कि जगत प्रतीति करे, कि तू ही ने मुझे भेजा" (यूहन्ना 17:21)।

   जब परमेश्वर के परिवार में परस्पर समस्याएं हों तो परमेश्वर का वचन बाइबल हमें बताती है कि "सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धर कर प्रेम से एक दूसरे की सह लो" (इफिसियों 4:2)। यही विधि है मसीही विश्वासियों के परिवार में पारिवारिक सहभागिता और एकता का आनन्द लेने की। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


हम मसीही विश्वासियों के हृदय मसीह के प्रेम द्वार परस्पर जुड़े हुए हैं।

और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्‍ध है बान्‍ध लो। - कुलुस्सियों 3:14

बाइबल पाठ: इफिसियों 4:1-16
Ephesians 4:1 सो मैं जो प्रभु में बन्‍धुआ हूं तुम से बिनती करता हूं, कि जिस बुलाहट से तुम बुलाए गए थे, उसके योग्य चाल चलो। 
Ephesians 4:2 अर्थात सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो। 
Ephesians 4:3 और मेल के बन्ध में आत्मा की एकता रखने का यत्‍न करो। 
Ephesians 4:4 एक ही देह है, और एक ही आत्मा; जैसे तुम्हें जो बुलाए गए थे अपने बुलाए जाने से एक ही आशा है। 
Ephesians 4:5 एक ही प्रभु है, एक ही विश्वास, एक ही बपतिस्मा। 
Ephesians 4:6 और सब का एक ही परमेश्वर और पिता है, जो सब के ऊपर और सब के मध्य में, और सब में है।
Ephesians 4:7 पर हम में से हर एक को मसीह के दान के परिमाण से अनुग्रह मिला है। 
Ephesians 4:8 इसलिये वह कहता है, कि वह ऊंचे पर चढ़ा, और बन्‍धुवाई को बान्‍ध ले गया, और मनुष्यों को दान दिए। 
Ephesians 4:9 (उसके चढ़ने से, और क्या पाया जाता है केवल यह, कि वह पृथ्वी की निचली जगहों में उतरा भी था। 
Ephesians 4:10 और जो उतर गया यह वही है जो सारे आकाश से ऊपर चढ़ भी गया, कि सब कुछ परिपूर्ण करे)। 
Ephesians 4:11 और उसने कितनों को भविष्यद्वक्ता नियुक्त कर के, और कितनों को सुसमाचार सुनाने वाले नियुक्त कर के, और कितनों को रखवाले और उपदेशक नियुक्त कर के दे दिया। 
Ephesians 4:12 जिस से पवित्र लोग सिद्ध हों जाएं, और सेवा का काम किया जाए, और मसीह की देह उन्नति पाए। 
Ephesians 4:13 जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्र की पहिचान में एक न हो जाएं, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएं और मसीह के पूरे डील डौल तक न बढ़ जाएं। 
Ephesians 4:14 ताकि हम आगे को बालक न रहें, जो मनुष्यों की ठग-विद्या और चतुराई से उन के भ्रम की युक्तियों की, और उपदेश की, हर एक बयार से उछाले, और इधर-उधर घुमाए जाते हों। 
Ephesians 4:15 वरन प्रेम में सच्चाई से चलते हुए, सब बातों में उस में जो सिर है, अर्थात मसीह में बढ़ते जाएं। 
Ephesians 4:16 जिस से सारी देह हर एक जोड़ की सहायता से एक साथ मिलकर, और एक साथ गठकर उस प्रभाव के अनुसार जो हर एक भाग के परिमाण से उस में होता है, अपने आप को बढ़ाती है, कि वह प्रेम में उन्नति करती जाए।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 34-36


बुधवार, 5 फ़रवरी 2014

अनुसरण


   ग्रीष्म ऋतु की एक खूबसूरत शाम को, एक सुन्दर स्थान पर, कॉलेज समय के मेरे एक मित्र द्वारा प्रस्तुत होने वाले एक संगीत कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए बहुत से लोग आए। वह दिन मेरे उस मित्र का जन्म दिन भी था, इसलिए कार्यक्रम के संचालक ने उपस्थित लोगों यह संकेत दिया कि वे साधारणतया जन्म दिन पर गाए जाने वाले ’हैप्पी बर्थडे’ गीत को गाकर मेरे उस मित्र को मुबारकबाद दें। एक एक करके लोगों ने जन्म दिन का वह गीत गाना आरंभ कर दिया। सब अपने अपने सुर, लय और ताल में गा रहे थे, आपस में किसी का किसी दूसरे से कोई ताल-मेल नहीं था, और परिणाम था कि जो मुबारकबाद का संगीत होना चाहिए था वह शोर बन गया। मेरा मित्र मंच पर आया और उसने सब को वह गीत गाने का एक और अवसर दिया, परन्तु उसके द्वारा दिए गए लय, ताल और सुर में। अब जो गीत गाया गया वह सिद्ध तो नहीं था, परन्तु पहले से कहीं अच्छा था और संगीत जैसा प्रतीत हो रहा था।

   इस घटना ने मुझे पहली शताब्दी की मसीही मण्डली की एक समस्या की याद दिलाई। कुरिन्थुस की मण्डली के लोग किसी एक अगुवे को लेकर एकमत नहीं थे; कोई पौलुस का अनुसरण कर रहा था तो कोई अपुल्लौस का तो कोई किसी और का। इसका परिणाम था मण्डली में फूट और कलह और उनकी आत्मिक उन्नति बाधित हो गई थी। सब अपना अपना सुर और राग गा रहे थे जिससे संगीत नहीं शोर सुनाई दे रहा था। जब लोग किसी एक अगुवे पर एकमत नहीं होते तो परिणाम यही होता है, इसीलिए पौलुस ने उन्हें चिताया कि वे किसी मनुष्य की ओर नहीं वरन प्रभु यीशु की ओर देखें और उसका अनुसरण करें।

   यदि हमें संसार के लोगों को प्रभु यीशु की ओर आकर्षित करना है तो हमारे जीवनों से संसार को प्रभु यीशु में उद्धार और पापों की क्षमा का संगीत सुनाई देना चाहिए ना कि प्रभु के नाम में किया गया शोर। इसके लिए अनिवार्य है कि हम में से प्रत्येक प्रभु यीशु की ओर अपना ध्यान लगाए और उसी का अनुसरण करे, किसी मनुष्य या मत अथवा दल का नहीं। - जूली ऐकैरमैन लिंक


मसीह यीशु के साथ स्वर्बद्ध रहने से सारी मण्डली में ताल मेल रहता है।

हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्तु एक ही मन और एक ही मत हो कर मिले रहो। - 1 कुरिन्थियों 1:10

बाइबल पाठ: 1 कुरिन्थियों 3:1-17
1 Corinthians 3:1 हे भाइयों, मैं तुम से इस रीति से बातें न कर सका, जैसे आत्मिक लोगों से; परन्तु जैसे शारीरिक लोगों से, और उन से जो मसीह में बालक हैं। 
1 Corinthians 3:2 मैं ने तुम्हें दूध पिलाया, अन्न न खिलाया; क्योंकि तुम उसको न खा सकते थे; वरन अब तक भी नहीं खा सकते हो। 
1 Corinthians 3:3 क्योंकि अब तक शारीरिक हो, इसलिये, कि जब तुम में डाह और झगड़ा है, तो क्या तुम शारीरिक नहीं? और मनुष्य की रीति पर नहीं चलते? 
1 Corinthians 3:4 इसलिये कि जब एक कहता है, कि मैं पौलुस का हूं, और दूसरा कि मैं अपुल्लोस का हूं, तो क्या तुम मनुष्य नहीं? 
1 Corinthians 3:5 अपुल्लोस क्या है? और पौलुस क्या है? केवल सेवक, जिन के द्वारा तुम ने विश्वास किया, जैसा हर एक को प्रभु ने दिया। 
1 Corinthians 3:6 मैं ने लगाया, अपुल्लोस ने सींचा, परन्तु परमेश्वर ने बढ़ाया। 
1 Corinthians 3:7 इसलिये न तो लगाने वाला कुछ है, और न सींचने वाला, परन्तु परमेश्वर जो बढ़ाने वाला है। 
1 Corinthians 3:8 लगाने वाला और सींचने वाला दानों एक हैं; परन्तु हर एक व्यक्ति अपने ही परिश्रम के अनुसार अपनी ही मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:9 क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। 
1 Corinthians 3:10 परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझे दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिस्री की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रद्दा रखता है; परन्तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रद्दा रखता है। 
1 Corinthians 3:11 क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता। 
1 Corinthians 3:12 और यदि कोई इस नेव पर सोना या चान्दी या बहुमोल पत्थर या काठ या घास या फूस का रद्दा रखता है। 
1 Corinthians 3:13 तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा; क्योंकि वह दिन उसे बताएगा; इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा: और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है। 
1 Corinthians 3:14 जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा। 
1 Corinthians 3:15 और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्तु जलते जलते।
1 Corinthians 3:16 क्या तुम नहीं जानते, कि तुम परमेश्वर का मन्दिर हो, और परमेश्वर का आत्मा तुम में वास करता है? 
1 Corinthians 3:17 यदि कोई परमेश्वर के मन्दिर को नाश करेगा तो परमेश्वर उसे नाश करेगा; क्योंकि परमेश्वर का मन्दिर पवित्र है, और वह तुम हो।

एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 1-3


रविवार, 29 सितंबर 2013

दीवार

   रोमी सम्राट हेड्रियन एक दीवार बनवाने के लिए जाने जाते हैं, जो उनके नाम से ही जानी जाती है। सन 117 में सत्ता में आए रोमी सम्राट हेड्रियन की इस उपलब्धि के उत्तरी इंग्लैंड में स्थित खंडहर देखते समय मुझे आभास हुआ कि ’हैड्रीयन की दीवार’ संभवतः उस सम्राट की सबसे प्रसिद्ध उपलब्धी थी। 80 मील लंबी इस दीवार पर 18,000 रोमी सैनिक तैनात रहते थे; उस दीवार और उन सैनिकों का उद्देश्य था उत्तरी इंग्लैंड के बर्बर निवासियों को दक्षिणी इलाकों में हमले करने के लिए प्रवेश करने से रोकना।

   सम्राट हेड्रियन ने भौतिक दीवार खड़ी करवाई लोगों को अलग-अलग और बाहर रखने के लिए, इसकी तुलना में राजाओं के राजा प्रभु यीशु ने एक आत्मिक दीवार गिराई जिससे मनुष्यों की पहुँच और मेल परमेश्वर तथा एक-दूसरे के साथ हो सके।

   जब आरंभिक मसीही मण्डली में यहूदी और गैर-यहूदी मूल से आए विश्वासियों के बीच धार्मिक आस्थाओं को लेकर तना-तनी होने लगी, तो प्रेरित पौलुस ने उन्हें स्मरण दिलाया कि प्रभु यीशु मसीह में विश्वास लाने के द्वारा वे सब एक साथ परमेश्वर के एक ही परिवार के सदस्य हो गए हैं: "क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया। और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे। क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है" (इफिसियों 2:14-15, 18)।

   मसीही विश्वास का एक अनुपम और अति सुन्दर पहलु है मसीह यीशु के अनुयायियों की परमेश्वर की दृष्टि में एकसमानता - किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं, कहीं कोई ऊँच-नीच नहीं; परमेश्वर सबसे समान प्रेम करता है और सबको समान दृष्टि से ही देखता है तथा सबके साथ समान व्यवहार करता है और यही एकता तथा समानता वह इस पृथ्वी पर हम मसीही विश्वासियों में आपस में भी देखना चाहता है। क्रूस पर अपनी मृत्यु के द्वारा प्रभु यीशु ने लोगों को एक दूसरे से और परमेश्वर से अलग करने वाली हर बाधा को दूर कर दिया है और सबको सच्चे प्रेम तथा सच्ची मित्रता के बन्धन में एक साथ अपने साथ कर लिया है जिससे हम सब एक दूसरे के साथ भी इसी बन्धन में बन्धे हुए रहें और संसार के सामने मसीही प्रेम का उदाहरण प्रस्तुत करें। - डेविड मैक्कैसलैंड


मसीही एकता का उद्गम मसीह का क्रूस है।

और उसके क्रूस पर बहे हुए लोहू के द्वारा मेल मिलाप कर के, सब वस्‍तुओं का उसी के द्वारा से अपने साथ मेल कर ले चाहे वे पृथ्वी पर की हों, चाहे स्वर्ग में की। - कुलुस्सियों 1:20

बाइबल पाठ: इफिसियों 2:11-22
Ephesians 2:11 इस कारण स्मरण करो, कि तुम जो शारीरिक रीति से अन्यजाति हो, (और जो लोग शरीर में हाथ के किए हुए खतने से खतना वाले कहलाते हैं, वे तुम को खतना रहित कहते हैं)।
Ephesians 2:12 तुम लोग उस समय मसीह से अलग और इस्‍त्राएल की प्रजा के पद से अलग किए हुए, और प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वर रहित थे।
Ephesians 2:13 पर अब तो मसीह यीशु में तुम जो पहिले दूर थे, मसीह के लोहू के द्वारा निकट हो गए हो।
Ephesians 2:14 क्योंकि वही हमारा मेल है, जिसने दोनों को एक कर लिया: और अलग करने वाली दीवार को जो बीच में थी, ढा दिया।
Ephesians 2:15 और अपने शरीर में बैर अर्थात वह व्यवस्था जिस की आज्ञाएं विधियों की रीति पर थीं, मिटा दिया, कि दोनों से अपने में एक नया मनुष्य उत्पन्न कर के मेल करा दे।
Ephesians 2:16 और क्रूस पर बैर को नाश कर के इस के द्वारा दानों को एक देह बनाकर परमेश्वर से मिलाए।
Ephesians 2:17 और उसने आकर तुम्हें जो दूर थे, और उन्हें जो निकट थे, दानों को मेल-मिलाप का सुसमाचार सुनाया।
Ephesians 2:18 क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है।
Ephesians 2:19 इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्र लोगों के संगी स्‍वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए।
Ephesians 2:20 और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिसके कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो।
Ephesians 2:21 जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्र मन्दिर बनती जाती है।
Ephesians 2:22 जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवास स्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 7-8 
  • इफिसियों 2


सोमवार, 12 मार्च 2012

सामूहिक लक्ष्य

   अमेरिका में उल्लू की एक जाति Spotted Owl लुप्त होती जा रही है। पहले सोचा जा रहा था कि ऐसा पुराने पेड़ों के काटे जाने के कारण है, क्योंकि उनके खोखलों में उल्लु अपना घोंसला बनाते हैं। किंतु नए शोध से जो बात सामने आई वह बिलकुल भिन्न है। इन उल्लुओं के लुप्त होने का कारण उनकी ही एक और जाति कि उपस्थिति है। पिछले १५ वर्षों से उल्लु की एक और जाति Barred Owl तेज़ी से पश्चिम की ओर बढ़ रही है, उसी इलाके में जहाँ Spotted Owl पहले से ही रहते आए हैं। ये नए आगंतुक Barred Owl, वो ही भोजन लेते हैं जो वहाँ पहले ही से रहने वाले Spotted Owl लेते हैं; क्योंकि ये नए आगंतुक स्वभाव में पुराने बसने वाले उल्लुओं से अधिक आक्रमणकारी हैं और अपने आप को परिस्थितियों के अनुसार ढालने में अधिक सक्षम हैं, इसलिए वे पुरानों से अधिक भोजन पा लेते हैं और इस कारण पुराने रहने वाले Spotted Owl भोजन के आभाव में घटते जा रहे हैं। उल्लुओं की यह परस्पर सपर्धा चाहे एक के लिए लाभकारी हो किंतु दूसरे के लिए विनाशकारी होती जा रही है, और अन्ततः कुल मिलाकर नुकसान उल्लु जाति का ही हो रहा है।

   इसी प्रकार से, मसीही विश्वासियों में भी, उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती चर्च के बाहर के लोगों से नहीं वरन अन्य विश्वासियों ही से आती है, जब वे आपसी तालमेल में कार्य करने की बजाए एक दूसरे से स्पर्धा करने लगते हैं, एक दुसरे के कार्य क्षेत्र में दखलांदाज़ी करने लगते हैं।

   ऐसा ही कुछ कुरिन्थुस की कलीसिया में भी हो रहा था। प्रेरित पौलुस ने उन्हें इस विभाजन और मतभेद की आत्मा में होकर कार्य करने के बारे में लिखा और चिताया, जो उस मण्डली की एकता और बढोतरी को प्रभावित कर रही थी। उसने उन्हें समझाया कि आवश्यक्ता है कि सब लोग आवश्यक बातों पर ध्यान लगा कर उनके पालन में एक होकर रहें ना कि अनावश्यक बातों पर ध्यान और समय बरबाद करके अकारण आपसी विवाद और मतभेदों में पड़ें।

   कुरिन्थुस के लोगों ने विभिन्न मसीही अगुवों के नाम पर अपने आप को बाँट लिया था। कोई अपने आप को पौलुस का अनुयायी कहता था तो कोई अपौलुस का तो कोई अन्य अपने आप को पतरस का अनुयायी कहता था, कोई कोई मसीह का अनुयायी होने की भी बात कर लेता था। ऐसा कर के वे अपने मनपसन्द अगुवे को अपने उद्धारकर्ता मसीह यीशु से भी प्रमुख स्थान देने लगे थे और मसीह में एक होकर मसीह के लिए कार्य करने की बजाए, अपने अगुवों के नाम पर गुटबाज़ी करके अपनी प्राथमिकताएं मसीह के कार्य से हटाने लगे थे।

   पौलुस ने उन्हें समझाया कि वह एक अनिवार्य कार्य जो प्रत्येक मसीही विश्वासी के लिए है, सुसमाचार का प्रचार है। यही हमारा सामूहिक उद्देश्य है, इसी के लिए हम सब मसीही विश्वासी हैं और इसी से मसीही मण्डली की बढ़ोतरी है। आपसी विभाजन से इस कार्य में बाधा आएगी, सुसमाचार प्रचार रुक जाएगा और मसीही विश्वासियों की बढ़ोतरी भी रुक जाएगी।

   प्रभु यीशु में साधारण विश्वास और पापों से पश्चाताप द्वारा सेंतमेंत मिलने उद्धार का प्रचार ही प्रत्येक मसीही विशवासी का निर्धारित लक्ष्य है। इस सामूहिक लक्ष्य की प्राप्ति में किसी व्यक्तिगत बात या अहं को आड़े ना आने दें; अन्यथा एक के बढ़ने और दूसरे के घटने से भी अन्ततः नुकसान मसीही विश्वासियों ही का होगा। - मार्विन विलियम्स


संगठित विश्वासी मण्डली ही सक्षम और सामर्थी मण्डली भी है।

हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्‍तु एक ही मन और एक ही मत होकर मिले रहो। - १ कुरिन्थियों १:१०


बाइबल पाठ: १ कुरिन्थियों १:९-१८
1Co 1:9 परमेश्वर सच्‍चा है, जिस ने तुम को अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाया है।
1Co 1:10 हे भाइयो, मैं तुम से यीशु मसीह जो हमारा प्रभु है उसके नाम के द्वारा बिनती करता हूं, कि तुम सब एक ही बात कहो; और तुम में फूट न हो, परन्‍तु एक ही मन और एक ही मत होकर मिले रहो।
1Co 1:11 क्‍योंकि हे मेरे भाइयों, खलोए के घराने के लोगों ने मुझे तुम्हारे विषय में बताया है, कि तुम में झगड़े हो रहे हैं।
1Co 1:12  मेरा कहना यह है, कि तुम में से कोई तो अपने आप को पौलुस का, कोई अपुल्लोस का, कोई कैफा का, कोई मसीह का कहता है।
1Co 1:13 क्‍या मसीह बंट गया? क्‍या पौलुस तुम्हारे लिये क्रूस पर चढ़ाया गया या तुम्हें पौलुस के नाम पर बपतिस्मा मिला?
1Co 1:14 मैं परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं, कि क्रिस्‍पुस और गयुस को छोड़, मैं ने तुम में से किसी को भी बपतिस्मा नहीं दिया।
1Co 1:15  कहीं ऐसा न हो, कि कोई कहे, कि तुम्हें मेरे नाम पर बपतिस्मा मिला।
1Co 1:16 और मैं ने स्‍तिफनास के घराने को भी बपतिस्मा दिया; इन को छोड़, मैं नहीं जानता कि मैं ने और किसी को बपतिस्मा दिया।
1Co 1:17 क्‍योंकि मसीह ने मुझे बपतिस्मा देने को नहीं, वरन सुसमाचार सुनाने को भेजा है, और यह भी शब्‍दों के ज्ञान के अनुसार नहीं, ऐसा न हो कि मसीह का क्रूस व्यर्थ ठहरे।
1Co 1:18  क्‍योंकि क्रूस की कथा नाश होने वालों के निकट मूर्खता है, परन्‍तु हम उद्धार पाने वालों के निकट परमेश्वर की सामर्थ है।


एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण १७-१९ 
  • मरकुस १३:१-२०