ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

रविवार, 7 जून 2020

सत्य



     कुछ वर्ष पहले मैं एक ऐसे विवाह समारोह में सम्मिलित हुआ जहाँ विवाह दो भिन्न देशों के लोगों के मध्य था। इस प्रकार का सांस्कृतिक मेल-मिलाप मनोहर हो सकता है, परन्तु इस समारोह में मैंने देखा कि मसीही परम्पराओं के साथ अनेकों देवी-देवताओं की उपासना करने वाले धर्म की विधियों को मिश्रित किया जा रहा है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता सपन्याह ने एकमात्र सच्चे जीवते परमेश्वर में विश्वास के साथ अन्य धर्मों को मिश्रित करने (जिसे ‘syncretism’ या ‘समन्वयता’ कहा जाता है) की स्पष्ट निंदा की। सपन्याह के समय में यहूदा के लोग सच्चे परमेश्वर की आराधना तो करते थे, परन्तु साथ ही मोलेक देवता पर भी भरोसा करते थे (सपन्याह 1:5)। सपन्याह ने उन के द्वारा मूर्तिपूजकों की संस्कृति से समझौता करने, उन के रीति-रिवाज़ अपना लेने का वर्णन किया, और उन्हें सचेत किया कि उन के इस व्यवहार के कारण परमेश्वर यहूदा के लोगों को उन के देश से निर्वासित कर देगा।

     परन्तु फिर भी परमेश्वर ने कभी अपने लोगों से प्रेम करना नहीं छोड़ा। परमेश्वर ने जिस न्याय और दण्ड के विषय उन्हें आगाह किया, वह उन्हें वापस उस की ओर मुड़ने की आवश्यकता के लिए जागरूक करने के लिए था। इस लिए परमेश्वर ने सपन्याह में हो कर अपने लोगों से कहा कि “धर्म को ढूँढो,नम्रता को ढूँढो” (2:3)। फिर प्रभु ने उन्हें कोमल शब्दों में प्रतिज्ञा दी कि भविष्य में वे पुनःस्थापित भी किए जाएंगे: “उसी समय मैं तुम्हें ले जाऊंगा, और उसी समय मैं तुम्हें इकट्ठा करूंगा; और जब मैं तुम्हारे साम्हने तुम्हारे बंधुओं को लौटा लाऊंगा, तब पृथ्वी की सारी जातियों के बीच में तुम्हारी कीर्त्ति और प्रशंसा फैला दूंगा, यहोवा का यही वचन है” (3:20)।

     जिस विवाह समारोह में मैं सम्मिलित हुआ था, वहाँ के प्रत्यक्ष दिखने वाली समन्वयता की निंदा करना तो सरल है। परन्तु वास्तविकता यही है कि हम सभी परमेश्वर के सत्यों में अपनी संस्कृति की मान्यताओं एवं परम्पराओं की मिलावट को करते रहते हैं। हमें आवश्यकता है कि हम पवित्र आत्मा की अगुवाई में अपनी मान्यताओं और धारणाओं की जांच परमेश्वर के वचन के सत्य के साथ करें, और फिर उस के अनुसार सत्य में दृढ़ता किन्तु प्रेम के साथ स्थापित हो कर बने रहें।

     हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता उन का खोजी है जो आत्मा और सच्चाई के साथ उस की आराधना करते हैं (यूहन्ना 4:23-24)। - टिम गुस्ताफसन

परमेश्वर सदा क्षमा करने और पुनःस्थापित करने के लिए तैयार रहता है।

परन्तु वह समय आता है, वरन अब भी है जिस में सच्चे भक्त पिता का भजन आत्मा और सच्चाई से करेंगे, क्योंकि पिता अपने लिये ऐसे ही भजन करने वालों को ढूंढ़ता है। परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसके भजन करने वाले आत्मा और सच्चाई से भजन करें। - यूहन्ना 4:23-24

बाइबल पाठ: सपन्याह 1:1-6; 2:1-3
सपन्याह 1:1 आमोन के पुत्र यहूदा के राजा योशिय्याह के दिनों में, सपन्याह के पास जो हिजकिय्याह के पुत्र अमर्याह का परपोता और गदल्याह का पोता और कूशी का पुत्र था, यहोवा का यह वचन पहुंचा:
सपन्याह 1:2 मैं धरती के ऊपर से सब का अन्त कर दूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
सपन्याह 1:3 मैं मनुष्य और पशु दोनों का अन्त कर दूंगा; मैं आकाश के पक्षियों और समुद्र की मछलियों का, और दुष्टों समेत उनकी रखी हुई ठोकरों के कारण का भी अन्त कर दूंगा; मैं मनुष्य जाति को भी धरती पर से नाश कर डालूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
सपन्याह 1:4 मैं यहूदा पर और यरूशलेम के सब रहने वालों पर हाथ उठाऊंगा, और इस स्थान में बाल के बचे हुओं को और याजकों समेत देवताओं के पुजारियों के नाम को नाश कर दूंगा।
सपन्याह 1:5 जो लोग अपने अपने घर की छत पर आकाश के गण को दण्डवत करते हैं, और जो लोग दण्डवत करते हुए यहोवा की सेवा करने की शपथ खाते हैं; और अपने मोलेक की भी शपथ खाते हैं;
सपन्याह 1:6 और जो यहोवा के पीछे चलने से लौट गए हैं, और जिन्होंने न तो यहोवा को ढूंढ़ा, और न उसकी खोज में लगे, उन को भी मैं सत्यानाश कर डालूंगा।
सपन्याह 2:1 हे निर्लज्ज जाति के लोगो, इकट्ठे हो!
सपन्याह 2:2 इस से पहिले कि दण्ड की आज्ञा पूरी हो और बचाव का दिन भूसी के समान निकले, और यहोवा का भड़कता हुआ क्रोध तुम पर आ पड़े, और यहोवा के क्रोध का दिन तुम पर आए, तुम इकट्ठे हो।
सपन्याह 2:3 हे पृथ्वी के सब नम्र लोगों, हे यहोवा के नियम के मानने वालों, उसको ढूंढ़ते रहो; धर्म से ढूंढ़ो, नम्रता से ढूंढ़ो; सम्भव है तुम यहोवा के क्रोध के दिन में शरण पाओ।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 28-29
  • यूहन्ना 17



शनिवार, 6 जून 2020

साथ-साथ

     

    प्राचीन काल में टूटी हुई शहरपनाह वाले नगर पराजित लोगों को दिखाते थे, जिन्हें खतरों और लज्जा का सामना करना पड़ता था। इसी लिए निर्वासित यहूदियों ने वापस लौट कर पहले यरूशलेम की शहरपनाह को बनाया। उन्होंने यह कैसे किया? साथ-साथ मिलकर, एक दूसरे की सहायता करते हुए कार्य करने के द्वारा, जिसे हम परमेश्वर के वचन बाइबल में नहेम्याह के 3 अध्याय में देखते हैं।

     पहली झलक में, यह 3 अध्याय किस ने उस पुनःनिर्माण के कार्य में क्या किया का एक उबाऊ विवरण प्रतीत होता है। किन्तु ध्यान से देखने पर समझ आता है कि कैसे लोगों से साथ-साथ मिलकर कार्य किया। मंदिर के याजक, शासन अधिकारियों के साथ मिल कर कार्य कर रहे थे। इत्र बनाने वाले सुनारों के साथ मिलकर कार्य कर रहे थे। कुछ ऐसे थे जो निकट के नगरों में रहा करते थे, और सहायता करने के लिए आए थे। अन्य ऐसे भी थे जिन्होंने अपने घरों के निकट के भागों को बनाया। कुछ महिलाओं ने भी योगदान दिया – शल्लूम की पुत्रियों ने पुरुषों के साथ कार्य में सहयोग दिया (3:12); और तकोईयों के समान कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने दो भागों की मरम्मत की (पद 5, 27)।

     इस अध्याय से दो बातें स्पष्ट हो जाती हैं। पहली, सब ने मिलकर एक सामान्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए कार्य किया। दूसरी, उस कार्य का भाग होने के लिए उन सभी की सराहना की गई है, चाहे उन्होंने औरों की तुलना में कितना भी कम या अधिक किया हो।

     आज हम टूटे हुए परिवारों और समाज को देखते हैं। प्रभु यीशु जीवनों के परिवर्तन के द्वारा परमेश्वर के राज्य का निर्माण करने के लिए आए थे। हम अपने आस-पास के लोगों को यह दिखाने और बताने के द्वारा कि वे प्रभु यीशु में एक नया जीवन तथा आशा पा सकते हैं, उन के टूटेपन के सुधार और पुनर्निर्माण में सहायक हो सकते हैं। हम सभी के पास कुछ न कुछ करने का गुण, योग्यता, और क्षमता है। इस लिए हम साथ-साथ मिलकर प्रभु के लिए कार्य करें, और अपने दायित्व का निर्वाह करें, और ऐसे समुदाय बनाएं जहां लोग प्रभु यीशु के प्रेम को अनुभव कर सकें। - कीला ओकोआ

 

आईए, हम साथ-साथ मिलकर परमेश्वर के राज्य का निर्माण करें।

एक से दो अच्छे हैं, क्योंकि उनके परिश्रम का अच्छा फल मिलता है। - सभोपदेशक 4:9

बाइबल पाठ: नहेम्याह 3:1-12

नहेम्याह 3:1 तब एल्याशीब महायाजक ने अपने भाई याजकों समेत कमर बान्धकर भेड़फाटक को बनाया। उन्होंने उसकी प्रतिष्ठा की, और उसके पल्लों को भी लगाया; और हम्मेआ नाम गुम्मट तक वरन हननेल के गुम्मट के पास तक उन्होंने शहरपनाह की प्रतिष्ठा की।

नहेम्याह 3:2 उस से आगे यरीहो के मनुष्यों ने बनाया। और इन से आगे इम्री के पुत्र जक्कूर ने बनाया।

नहेम्याह 3:3 फिर मछलीफाटक को हस्सना के बेटों ने बनाया; उन्होंने उसकी कडिय़ां लगाई, और उसके पल्ले, ताले और बेंड़े लगाए।

नहेम्याह 3:4 और उन से आगे मरेमोत ने जो हक्कोस का पोता और ऊरियाह का पुत्र था, मरम्मत की। और इन से आगे मशुल्लाम ने जो मशेजबेल का पोता, और बरेक्याह का पुत्र था, मरम्मत की। और इस से आगे बाना के पुत्र सादोक ने मरम्मत की।

नहेम्याह 3:5 और इन से आगे तकोइयों ने मरम्मत की; परन्तु उनके रईसों ने अपने प्रभु की सेवा का जूआ अपनी गर्दन पर न लिया।

नहेम्याह 3:6 फिर पुराने फाटक की मरम्मत पासेह के पुत्र योयादा और बसोदयाह के पुत्र मशुल्लाम ने की; उन्होंने उसकी कडिय़ां लगाई, और उसके पल्ले, ताले और बेंड़े लगाए।

नहेम्याह 3:7 और उन से आगे गिबोनी मलत्याह और मेरोनोती यादोन ने और गिबोन और मिस्पा के मनुष्यों ने महानद के पार के अधिपति के सिंहासन की ओर से मरम्मत की।

नहेम्याह 3:8 उन से आगे हर्हयाह के पुत्र उजीएल ने और और सुनारों ने मरम्मत की। और इस से आगे हनन्याह ने, जो गन्धियों के समाज का था, मरम्मत की; और उन्होंने चौड़ी शहरपनाह तक यरूशलेम को दृढ़ किया।

नहेम्याह 3:9 और उन से आगे हूर के पुत्र रपायाह ने, जो यरूशलेम के आधे जिले का हाकिम था, मरम्मत की।

नहेम्याह 3:10 और उन से आगे हरुमप के पुत्र यदायाह ने अपने ही घर के साम्हने मरम्मत की; और इस से आगे हशब्नयाह के पुत्र हत्तूश ने मरम्मत की।

नहेम्याह 3:11 हारीम के पुत्र मल्कियाह और पहत्तोआब के पुत्र हश्शूब ने एक और भाग की, और भट्टों के गुम्मट की मरम्मत की।

नहेम्याह 3:12 इस से आगे यरूशलेम के आधे जिले के हाकिम हल्लोहेश के पुत्र शल्लूम ने अपनी बेटियों समेत मरम्मत की।   

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 इतिहास 25-27
  • यूहन्ना 16


शुक्रवार, 5 जून 2020

ज्योति



     कुछ वर्ष पहले, मेरे साथ यात्रा कर रहे एक साथी ने ध्यान किया कि दूर की चीज़ें देखने के लिए मुझे आँखों पर जोर देना पड़ रहा है, मुझे कठिनाई हो रही है। उसने एक साधारण सा, किन्तु जीवन बदलने वाला कार्य किया; उस ने अपना चश्मा उतारा और मुझे देते हुए कहा, “इसे लगा कर देखो” और जब मैंने उस के चश्मे का प्रयोग किया तो मेरी धुंधली दृष्टि स्पष्ट हो गई। मैं चश्मा बनाने वाले के पास गया, आँखों की जांच करवाई, अपने लिए भी एक चश्मा ले लिए, और मुझे भी फिर से स्पष्ट दिखने लगा।

     परमेश्वर के वचन बाइबल से लिया गया हमारा आज का पाठ, एक अंधे व्यक्ति के बारे में है, जो बिलकुल अन्धकार में जीवन व्यतीत कर रहा था, और उस के अंधेपन ने उसे भिखारी बना दिया था। इस अंधे भिखारी ने भी लोकप्रीय शिक्षक और आश्चर्यकर्म करने वाले यीशु के बारे में सुना था। इसलिए जब एक दिन प्रभु यीशु उसी मार्ग से हो कर निकले जिस के किनारे वह अंधा भिखारी बैठा हुआ था, तो उस के मन में भी आशा जागृत हुई, और उस ने पुकारा, “तब उसने पुकार के कहा, हे यीशु दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर” (लूका 18:38)। वह चाहे शारीरिक रीति से अँधा था, परन्तु उस के पास आत्मिक दृष्टि थी जिस से वह प्रभु यीशु की वास्तविक पहचान को देख सका और उस में विश्वास रख सका, कि वह उस की आवश्यकता को अवश्य पूरी करेगा। लोगों ने उसे चुप रहने के लिए कहा, किन्तु वह और भी जोर से चिल्लाने लगा (39)। परिणाम यह हुआ कि प्रभु यीशु ने उसे अपने पास बुलाया, उसे चंगा किया, और उस का अंधापन जाता रहा। वह बैठ कर भीख मांगने वाले से, उठ कर परमेश्वर की बड़ाई और स्तुति करने वाला बन गया (43), क्योंकि वह अब देख सकता था।

     जब आपके जीवन में अंधकार होता है, कुछ मार्ग सूझ नहीं पड़ता है, तो आप किस की ओर मुड़ते हैं? आप किसे पुकारते हैं? शारीरिक आँखों के चश्मे देखने में सहायता तो करते हैं, परन्तु परमेश्वर के पुत्र प्रभु यीशु का करुणापूर्ण स्पर्श ही आत्मिक अन्धकार से अनंत ज्योति में ले कर आता है। - आर्थर जैकसन

परमेश्वर पिता उस से मांगने वालों को आत्मिक ज्योति देने से प्रसन्न होता है।

कि तू उन की आंखे खोले, कि वे अंधकार से ज्योति की ओर, और शैतान के अधिकार से परमेश्वर की ओर फिरें; कि पापों की क्षमा, और उन लोगों के साथ जो मुझ[यीशु] पर विश्वास करने से पवित्र किए गए हैं, मीरास पाएं। - प्रेरितों 26:18

बाइबल पाठ: लूका 18:35-43
लूका 18:35 जब वह यरीहो के निकट पहुंचा, तो एक अन्‍धा सड़क के किनारे बैठा हुआ भीख मांग रहा था।
लूका 18:36 और वह भीड़ के चलने की आहट सुनकर पूछने लगा, यह क्या हो रहा है?
लूका 18:37 उन्होंने उसको बताया, कि यीशु नासरी जा रहा है।
लूका 18:38 तब उसने पुकार के कहा, हे यीशु दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर।
लूका 18:39 जो आगे जाते थे, वे उसे डांटने लगे कि चुप रहे: परन्तु वह और भी चिल्लाने लगा, कि हे दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर।
लूका 18:40 तब यीशु ने खड़े हो कर आज्ञा दी कि उसे मेरे पास लाओ, और जब वह निकट आया, तो उसने उस से यह पूछा।
लूका 18:41 तू क्या चाहता है, कि मैं तेरे लिये करूं? उसने कहा; हे प्रभु यह कि मैं देखने लगूं।
लूका 18:42 यीशु ने उस से कहा; देखने लग, तेरे विश्वास ने तुझे अच्छा कर दिया है।
लूका 18:43 और वह तुरन्त देखने लगा; और परमेश्वर की बड़ाई करता हुआ उसके पीछे हो लिया, और सब लोगों ने देख कर परमेश्वर की स्‍तुति की।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 23-24
  • यूहन्ना 15



गुरुवार, 4 जून 2020

देख



     पहली बार जब मैं इस्तांबुल में स्थित यूनानी साम्राज्य के समय में बने अत्याधिक सुन्दर चोरा चर्च को देखने गई, तो मैं उसकी छत पर बने भीति-चित्रों और पच्चीकारी में से कुछ बाइबल की कहानियों को पहचान सकी। परन्तु फिर भी बहुत कुछ था जिसे मैं पहचान या समझ नहीं सकी। लेकिन जब मैं दूसरी बार गई तो मेरे साथ एक गाइड भी था। उस गाइड ने मुझे उन सब बातों और संकेतों को दिखाया जिन पर मैं पहली बार ध्यान नहीं देने पाई थी, और उन सब की सहायता से अब सब कुछ समझ में आ रहा था। उदाहरण के लिए, पहला गलियारा लूका रचित सुसमाचार के अनुसार व्यक्त यीशु के जीवन को दर्शाता था।

     कभी-कभी जब हम परमेश्वर के वचन बाइबल को पढ़ते हैं, तो हम कुछ साधारण बातों को तो समझने पाते हैं, परन्तु वे परस्पर सामंजस्य की बातें, जो पवित्र शास्त्र के एक भाग को दूसरे से जोड़ती हैं, क्या उन्हें देखने, उपयोग करने और उन के अनुसार बाइबल की बातों को समझने पाते हैं? हमारी सहायता के लिए हमारे पास बाइबल की व्याख्याएँ और अन्य अध्ययन में सहायक सामग्री भी है, परन्तु हमें भी एक गाइड की आवश्यकता होती है जो हमारी सहायता और मार्गदर्शन करे, हमारे आँखों को परमेश्वर के वचन में लिखी बातों को देख पाने के लिए सक्षम करे। हमारा यह सहायक, स्वयं परमेश्वर का पवित्र आत्मा है, जो हमें सब कुछ सिखाता है (यूहन्ना 14:26)। पौलुस ने लिखा कि वह “...आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिला कर सुनाते हैं” (1 कुरिन्थियों 2:13)।

     यह कितनी अद्भुत बात है कि पुस्तक का लेखक स्वयं ही, हमें उस पुस्तक की अद्भुत बातें दिखाता और सिखाता है। न केवल परमेश्वर ने हमें अपना लिखित वचन और प्रकाशन दिया है, परन्तु वह हमें उसे समझाता भी है। इस लिए हम भजनकार के साथ मिल कर कहें, “मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं” (भजन 119:18)। - कीला ओकोआ

पवित्र शास्त्र को समझने के लिए हमें परमेश्वर की सहायता चाहिए होती है।

मुझ से प्रार्थना कर और मैं तेरी सुन कर तुझे बड़ी-बड़ी और कठिन बातें बताऊंगा जिन्हें तू अभी नहीं समझता। - यिर्मयाह 33:3

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:23-31
यूहन्ना 14:23 यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।
यूहन्ना 14:24 जो मुझ से प्रेम नहीं रखता, वह मेरे वचन नहीं मानता, और जो वचन तुम सुनते हो, वह मेरा नहीं वरन पिता का है, जिसने मुझे भेजा।
यूहन्ना 14:25 ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं।
यूहन्ना 14:26 परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।
यूहन्ना 14:27 मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
यूहन्ना 14:28 तुम ने सुना, कि मैं ने तुम से कहा, कि मैं जाता हूं, और तुम्हारे पास फिर आता हूं: यदि तुम मुझ से प्रेम रखते, तो इस बात से आनन्‍दित होते, कि मैं पिता के पास जाता हूं क्योंकि पिता मुझ से बड़ा है।
यूहन्ना 14:29 और मैं ने अब इस के होने से पहिले तुम से कह दिया है, कि जब वह हो जाए, तो तुम प्रतीति करो।
यूहन्ना 14:30 मैं अब से तुम्हारे साथ और बहुत बातें न करूंगा, क्योंकि इस संसार का सरदार आता है, और मुझ में उसका कुछ नहीं।
यूहन्ना 14:31 परन्तु यह इसलिये होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 21-22
  • यूहन्ना 14



बुधवार, 3 जून 2020

समय



     मेरे पिता का देहांत 58 वर्ष की आयु में हुआ था। तब ही से उन की मृत्यु की तिथि पर मैं जीवन में थोड़ा रुक कर अपने पिताजी के बारे में और मेरे जीवन में उन के प्रभाव के बारे कुछ मनन करता हूँ। जब मुझे यह एहसास हुआ कि मैंने उतना समय उन के साथ नहीं बिताया था, जितना उन के बिना बिता लिया है, तो मैं जीवन के संक्षिप्त होने पर भी विचार करने लग गया हूँ।

     मनन करते समय, हम किसी घटना और उस के द्वारा हमारे अन्दर उत्पन्न होने वाली भावनाओं के साथ संघर्ष कर सकते हैं। यद्यपि हम घड़ियों और कैलेन्डरों के द्वारा समय के बीतने का आकलन करते हैं, परन्तु हम समय को स्मरण उस से सम्बंधित घटनाओं के द्वारा करते हैं। जीवन के उन पलों में, जो हम में गहरी भावनाओं को जागृत कर सकते हैं, हम आनंद, हानि, आशीष, दुःख, सफलता, असफलता, आदि सभी का अनुभव कर सकते हैं।

     परमेश्वर का वचन बाइबल हमें, भजन 62 के द्वारा प्रोत्साहित करती है कि “हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोल कर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है” (भजन 62:8)। भरोसे से भरा हुआ यह कथन, भजनकार दाऊद ने आराम के समय में नहीं लिखा था, वरन तब जब वह शत्रुओं से घिरा हुआ था (पद 3-4)। फिर भी वह शांत हो कर परमेश्वर के सम्मुख प्रतीक्षा करता रहा (पद 1, 5)। इस से हमें ध्यान रहता है कि परमेश्वर का हमारे प्रति कभी कम न होने वाले प्रेम हमारे संघर्ष के ऐसे किसी भी समय से, जिसका हम सामना करते हैं, बड़ा है (पद 12)।

     प्रत्येक घटना में हमें यह भरोसा है: हमारा परमेश्वर हमारे साथ खड़ा है, और जीवन के हर पल, हर परिस्थिति में होकर हमें लिए सुरक्षित लिए चलने में वह पूर्णतः सक्षम है। जब भी जीवन के समय हमें अभिभूत करने लगें, उस की आवश्यक एवं पर्याप्त सहायता सही समय पर उपलब्ध हो जाएगी। - बिल क्राउडर

जीवन के हर समय में हमारा प्रभु परमेश्वर हमारे साथ है।

चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में हो कर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है। - भजन 23:4

बाइबल पाठ: भजन 62
भजन संहिता 62:1 सचमुच मैं चुपचाप हो कर परमेरश्वर की ओर मन लगाए हूं; मेरा उद्धार उसी से होता है।
भजन संहिता 62:2 सचमुच वही, मेरी चट्टान और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; मैं बहुत न डिगूंगा।
भजन संहिता 62:3 तुम कब तक एक पुरूष पर धावा करते रहोगे, कि सब मिलकर उसका घात करो? वह तो झुकी हुई भीत वा गिरते हुए बाड़े के समान है।
भजन संहिता 62:4 सचमुच वे उसको, उसके ऊंचे पद से गिराने की सम्मति करते हैं; वे झूठ से प्रसन्न रहते हैं। मुंह से तो वे आशीर्वाद देते पर मन में कोसते हैं।
भजन संहिता 62:5 हे मेरे मन, परमेश्वर के साम्हने चुपचाप रह, क्योंकि मेरी आशा उसी से है।
भजन संहिता 62:6 सचमुच वही मेरी चट्टान, और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; इसलिये मैं न डिगूंगा।
भजन संहिता 62:7 मेरा उद्धार और मेरी महिमा का आधार परमेश्वर है; मेरी दृढ़ चट्टान, और मेरा शरणस्थान परमेश्वर है।
भजन संहिता 62:8 हे लोगो, हर समय उस पर भरोसा रखो; उस से अपने अपने मन की बातें खोल कर कहो; परमेश्वर हमारा शरणस्थान है।
भजन संहिता 62:9 सचमुच नीच लोग तो अस्थाई, और बड़े लोग मिथ्या ही हैं; तौल में वे हलके निकलते हैं; वे सब के सब सांस से भी हलके हैं।
भजन संहिता 62:10 अन्धेर करने पर भरोसा मत रखो, और लूट पाट करने पर मत फूलो; चाहे धन सम्पति बढ़े, तौभी उस पर मन न लगाना।
भजन संहिता 62:11 परमेश्वर ने एक बार कहा है; और दो बार मैं ने यह सुना है: कि सामर्थ्य परमेश्वर का है।
भजन संहिता 62:12 और हे प्रभु, करूणा भी तेरी है। क्योंकि तू एक एक जन को उसके काम के अनुसार फल देता है।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 19-20
  • यूहन्ना 13:21-38



मंगलवार, 2 जून 2020

परिपक्व



     मेरी पत्नी ने हाल ही में मुझे एक पिल्ला भेंट में दिया, जिसका नाम हम ने मैक्स रखा। एक दिन मैक्स मेरे साथ था जब मैं अपने कमरे में बैठा अपना काम कर रहा था; काम पर ध्यान लगाने के बीच में मुझे कागज़ फटने की आवाज़ आई। मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो एक पुस्तक खुली हुई थी, जिस का एक फटा हुआ पृष्ठ मैक्स के मुँह में था। हमारे पशु चिकित्सक के अनुसार  इस समय मैक्स अपने “चबाने वाले समय” से हो कर निकल रहा है, जब उस के दूध के दांत गिर रहे हैं और उन के स्थान पर पक्के दांत निकल रहे हैं। इसलिए अपने मसूड़ों की खुजली मिटाने के लिए, मैक्स को जो भी चबाने योग्य मिलता है, वह उसे चबाने लगता था। हमें मैक्स पर बहुत ध्यान देना पड़ता है कि कहीं वह कुछ ऐसा न चबाने लग जाए जिस से उसे कुछ हानि हो, और उस के चबाने के लिए उसे कुछ स्वस्थ वस्तुएं देनी होती हैं, जब तक कि वह और परिपक्व हो कर इस आयु से बाहर नहीं आ जाता है।

     मैक्स की चबाने की प्रवृत्ति, और मेरी उस पर इस के लिए ध्यान देते रहने की ज़िम्मेदारी ने मुझे इस बात पर ध्यान करने को विवश किया कि हम अपने मन और मस्तिष्क को “चबाने” या जुगाली करने के लिए क्या सामग्री देते हैं? जब हम पढ़ रहे होते हैं, इंटरनेट पर खोज और देख रहे होते हैं, टीवी पर कोई कार्यक्रम देख रहे होते हैं, तो क्या हम ध्यान करते हैं कि हम अपनी अनंत आत्मा को क्या पोषण दे रहे हैं; उसे आत्मिक परिपक्वता के लिए क्या सामग्री उपलब्ध करवा रहे हैं?

     परमेश्वर का वचन बाइबल हमें प्रोत्साहित करती है, “नये जन्मे हुए बच्‍चों के समान निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ” (1 पतरस 2:2)।  यदि मसीही विश्वासी होने के नाते हमें आत्मिकता में बढ़ना और परिपक्व होना है तो हमें प्रतिदिन अपने आप को परमेश्वर के वचन और उस के सत्य से भरते रहना है। परमेश्वर के वचन की जुगाली करने से ही हम उस में उन्नति कर के परिपक्व हो सकते हैं। - जेम्स बैंक्स

जब मसीह लौट कर आएगा, 
तो वह हमें किन बातों की लालसा करते हुए पाएगा?

धन्य हैं वे जो धर्म के भूखे और प्यासे हैं, क्योंकि वे तृप्त किये जाएंगे। - मत्ती 5:6

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:1-11
1 पतरस 2:1 इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके।
1 पतरस 2:2 नये जन्मे हुए बच्‍चों के समान निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ।
1 पतरस 2:3 यदि तुम ने प्रभु की कृपा का स्‍वाद चख लिया है।
1 पतरस 2:4 उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है।
1 पतरस 2:5 तुम भी आप जीवते पत्थरों के समान आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्र समाज बन कर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों।
1 पतरस 2:6 इस कारण पवित्र शास्त्र में भी आया है, कि देखो, मैं सिय्योन में कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर धरता हूं: और जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह किसी रीति से लज्ज़ित नहीं होगा।
1 पतरस 2:7 सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिस्त्रीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया।
1 पतरस 2:8 और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मान कर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे।
1 पतरस 2:9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की ) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो।
1 पतरस 2:10 तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।।
1 पतरस 2:11 हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जान कर उस सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 17-18
  • यूहन्ना 13:1-20



सोमवार, 1 जून 2020

ठहरो



     मैं अपनी सहेली के साथ समुद्र तट पर सागर के किनारे रेत पर बैठी थी। सूर्यास्त का समय था और समुद्र की लहरें हमारे पांवों के पास तक आ आ कर वापस लौट जा रही थीं, पास तो पहुँचती थीं, किन्तु हमारे पांवों को छू नहीं पाती थीं। मेरी सहेली ने मुस्कुराते हुए कहा, “मुझे सागर पसंद है, वह गतिमान रहता है इसलिए मैं शांत होकर बैठ सकती हूँ।”

     कैसा अद्भुत विचार था! हम में से कितने हैं जो ठहर कर शांत हो जाने के लिए संघर्ष करते रहते हैं। हम करते, करते, करते रहते हैं, चलते, चलते, चलते रहते हैं, इस भय में कि यदि हम ने प्रयास करने छोड़ दिए तो हमारा अस्तित्व ही मिट जाएगा। या ठहर जाने के द्वारा हम अपने आप को उन वास्तविकताओं के समक्ष खड़ा पाएँगे, जिन्हें दूर रखने के लिए हम परिश्रम करते रहते हैं।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 46:8-9 में परमेश्वर अपनी सामर्थ्य प्रदर्शित करता है और कहता है, “आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है। वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है! ” परमेश्वर व्यस्त परमेश्वर है, जो इसलिए कार्यरत रहता है जिस से हमारे अस्त-व्यस्त दिनों की गड़बड़ी में शान्ति ला सके। और फिर वह 10 पद में कहता है, “चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!

     निःसंदेह, इधर-उधर भागते हुए भी परमेश्वर को जाना जा सकता है। परन्तु भजनकार द्वारा इस प्रकार का थका देने वाला परिश्रम करना छोड़ कर परमेश्वर को जानने के लिए उस के साथ समय बिताने के आह्वान में एक अलग ही अभिप्राय है। यह समझना कि हम ठहर सकते हैं, हम शांत हो सकते हैं, क्योंकि परमेश्वर सदा गतिमान रहता है; हमारे लिए, हमारे पक्ष में हो कर कार्य करता रहता है। तभी हम जान पाते हैं कि यह परमेश्वर की सामर्थ्य है जो हमें वास्तव में महत्त्व, सुरक्षा, और शान्ति देती है।

     आज, कुछ समय के लिए, उस की उपस्थिति में ठहर जाएँ। - एलीसा मॉर्गन

जब हम परमेश्वर की प्रेम भरी बाहों में, 
तथा उसकी सिद्ध इच्छा को पूरा करते हुए होते हैं, 
तो हम पूर्ण आराम में होते हैं।

हे यहोवा! महिमा, पराक्रम, शोभा, सामर्थ्य और वैभव, तेरा ही है; क्योंकि आकाश और पृथ्वी में जो कुछ है, वह तेरा ही है; हे यहोवा! राज्य तेरा है, और तू सभों के ऊपर मुख्य और महान ठहरा है। - 1 इतिहास 29:11

बाइबल पाठ: भजन संहिता 46
भजन संहिता 46:1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, संकट में अति सहज से मिलने वाला सहायक।
भजन संहिता 46:2 इस कारण हम को कोई भय नहीं चाहे पृथ्वी उलट जाए, और पहाड़ समुद्र के बीच में डाल दिए जाएं;
भजन संहिता 46:3 चाहे समुद्र गरजे और फेन उठाए, और पहाड़ उसकी बाढ़ से कांप उठें।
भजन संहिता 46:4 एक नदी है जिसकी नहरों से परमेश्वर के नगर में अर्थात परमप्रधान के पवित्र निवास भवन में आनन्द होता है।
भजन संहिता 46:5 परमेश्वर उस नगर के बीच में है, वह कभी टलने का नहीं; पौ फटते ही परमेश्वर उसकी सहायता करता है।
भजन संहिता 46:6 जाति जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य राज्य के लोग डगमगाने लगे; वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई।
भजन संहिता 46:7 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।
भजन संहिता 46:8 आओ, यहोवा के महाकर्म देखो, कि उसने पृथ्वी पर कैसा कैसा उजाड़ किया है।
भजन संहिता 46:9 वह पृथ्वी की छोर तक लड़ाइयों को मिटाता है; वह धनुष को तोड़ता, और भाले को दो टुकड़े कर डालता है, और रथों को आग में झोंक देता है!
भजन संहिता 46:10 चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!
भजन संहिता 46:11 सेनाओं का यहोवा हमारे संग है; याकूब का परमेश्वर हमारा ऊंचा गढ़ है।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 15-16
  • यूहन्ना 12:27-50