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सोमवार, 24 अगस्त 2020

देखना


          मैं एक महिला के अंतिम संस्कार में मंच पर से प्रार्थना करने वालों के साथ खड़ी थी, मेरी दृष्टि एक पीतल की पट्टिका पर गई, जिसपर परमेश्वर के वचन बाइबल में से यूहन्ना 12:21 के कुछ शब्द लिखे थे: “श्रीमान, हम यीशु से भेंट करना चाहते हैं।” मैंने सोचा यह कितना उपयुक्त है; हम जिस महिला के जीवन को आँसुओं और मुस्कानों के साथ स्मरण कर रहे थे उसमें हमने प्रभु यीशु को किस प्रकार से देखा था? उसे अपने जीवन में चुनौतियों और निराशाओं से जूझना पड़ा था, परन्तु उसने कभी मसीह यीशु में अपने विश्वास को नहीं छोड़ा। और क्योंकि परमेश्वर का आत्मा उसमें निवास करता था, इसलिए हम उसमें यीशु को देखने पाए।


          बाइबल में यूहन्ना रचित सुसमाचार में लिखा है कि यीशु के अंतिम दिनों में, उनके यरूशलेम में प्रवेश करने के  पश्चात (यूहन्ना 12:12-16) कुछ यूनानियों ने प्रभु के एक शिष्य फिलिप्पुस के पास आकर उससे कहा, “श्रीमान, हम यीशु से भेंट करना चाहते हैं” (पद 21)। हो सकता है कि उनमें प्रभु यीशु द्वारा किए गए आश्चर्यकर्मों और चंगाइयों को लेकर उत्सुकता रही हो; परन्तु क्योंकि वे यहूदी नहीं थे, इसलिए उन्हें मंदिर की भीतरी आँगन में प्रवेश करने की अनुमति नहीं थी। जब उनका यह निवेदन प्रभु यीशु को बताया गया, तो प्रभु ने कहा कि उसके महिमान्वित होने का समय आ गया था (पद 23)। इससे उसका अभिप्राय था कि वह बहुतों के पापों के लिए बलिदान होने जा रहा था। वह न केवल यहूदियों वरन गैर-यहूदियों (पद 20 के यूनानी) तक भी पहुँचने के अपने उद्देश्य को पूरा करेगा और अब वे सभी प्रभु यीशु को देखने पाएँगे।


          प्रभु यीशु ने अपनी मृत्यु, पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण के पश्चात, अपने कहे के अनुसार (यूहन्ना 14:16-17) विश्वासियों में निवास करने के लिए पवित्र आत्मा को भेजा। इस प्रकार से जब हम यीशु से प्रेम करते हैं और उसकी सेवा करते हैं, तो हम उसे अपने जीवनों में सक्रिय देखते हैं; और अद्भुत बात है कि और लोग भी प्रभु यीशु को देखने पाते हैं! – एमी बाउचर पाई

 

हम प्रभु यीशु को उसके अनुयायियों के जीवनों में देखने पाते हैं।


जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो। - फिलिप्पियों 2:5


बाइबल पाठ: यूहन्ना 12:20-26

यूहन्ना 12:20 जो लोग उस पर्व में भजन करने आए थे उन में से कई यूनानी थे।

यूहन्ना 12:21 उन्होंने गलील के बैतसैदा के रहने वाले फिलिप्पुस के पास आकर उस से बिनती की, कि श्रीमान‍ हम यीशु से भेंट करना चाहते हैं।

यूहन्ना 12:22 फिलिप्पुस ने आकर अन्द्रियास से कहा; तब अन्द्रियास और फिलिप्पुस ने यीशु से कहा।

यूहन्ना 12:23 इस पर यीशु ने उन से कहा, वह समय आ गया है, कि मनुष्य के पुत्र कि महिमा हो।

यूहन्ना 12:24 मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जब तक गेहूं का दाना भूमि में पड़कर मर नहीं जाता, वह अकेला रहता है परन्तु जब मर जाता है, तो बहुत फल लाता है।

यूहन्ना 12:25 जो अपने प्राण को प्रिय जानता है, वह उसे खो देता है; और जो इस जगत में अपने प्राण को अप्रिय जानता है; वह अनन्त जीवन के लिये उस की रक्षा करेगा।

यूहन्ना 12:26 यदि कोई मेरी सेवा करे, तो मेरे पीछे हो ले; और जहां मैं हूं वहां मेरा सेवक भी होगा; यदि कोई मेरी सेवा करे, तो पिता उसका आदर करेगा।

 

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 116-118
  • 1 कुरिन्थियों 7:1-19

गुरुवार, 4 जून 2020

देख



     पहली बार जब मैं इस्तांबुल में स्थित यूनानी साम्राज्य के समय में बने अत्याधिक सुन्दर चोरा चर्च को देखने गई, तो मैं उसकी छत पर बने भीति-चित्रों और पच्चीकारी में से कुछ बाइबल की कहानियों को पहचान सकी। परन्तु फिर भी बहुत कुछ था जिसे मैं पहचान या समझ नहीं सकी। लेकिन जब मैं दूसरी बार गई तो मेरे साथ एक गाइड भी था। उस गाइड ने मुझे उन सब बातों और संकेतों को दिखाया जिन पर मैं पहली बार ध्यान नहीं देने पाई थी, और उन सब की सहायता से अब सब कुछ समझ में आ रहा था। उदाहरण के लिए, पहला गलियारा लूका रचित सुसमाचार के अनुसार व्यक्त यीशु के जीवन को दर्शाता था।

     कभी-कभी जब हम परमेश्वर के वचन बाइबल को पढ़ते हैं, तो हम कुछ साधारण बातों को तो समझने पाते हैं, परन्तु वे परस्पर सामंजस्य की बातें, जो पवित्र शास्त्र के एक भाग को दूसरे से जोड़ती हैं, क्या उन्हें देखने, उपयोग करने और उन के अनुसार बाइबल की बातों को समझने पाते हैं? हमारी सहायता के लिए हमारे पास बाइबल की व्याख्याएँ और अन्य अध्ययन में सहायक सामग्री भी है, परन्तु हमें भी एक गाइड की आवश्यकता होती है जो हमारी सहायता और मार्गदर्शन करे, हमारे आँखों को परमेश्वर के वचन में लिखी बातों को देख पाने के लिए सक्षम करे। हमारा यह सहायक, स्वयं परमेश्वर का पवित्र आत्मा है, जो हमें सब कुछ सिखाता है (यूहन्ना 14:26)। पौलुस ने लिखा कि वह “...आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिला कर सुनाते हैं” (1 कुरिन्थियों 2:13)।

     यह कितनी अद्भुत बात है कि पुस्तक का लेखक स्वयं ही, हमें उस पुस्तक की अद्भुत बातें दिखाता और सिखाता है। न केवल परमेश्वर ने हमें अपना लिखित वचन और प्रकाशन दिया है, परन्तु वह हमें उसे समझाता भी है। इस लिए हम भजनकार के साथ मिल कर कहें, “मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं” (भजन 119:18)। - कीला ओकोआ

पवित्र शास्त्र को समझने के लिए हमें परमेश्वर की सहायता चाहिए होती है।

मुझ से प्रार्थना कर और मैं तेरी सुन कर तुझे बड़ी-बड़ी और कठिन बातें बताऊंगा जिन्हें तू अभी नहीं समझता। - यिर्मयाह 33:3

बाइबल पाठ: यूहन्ना 14:23-31
यूहन्ना 14:23 यीशु ने उसको उत्तर दिया, यदि कोई मुझ से प्रेम रखे, तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।
यूहन्ना 14:24 जो मुझ से प्रेम नहीं रखता, वह मेरे वचन नहीं मानता, और जो वचन तुम सुनते हो, वह मेरा नहीं वरन पिता का है, जिसने मुझे भेजा।
यूहन्ना 14:25 ये बातें मैं ने तुम्हारे साथ रहते हुए तुम से कहीं।
यूहन्ना 14:26 परन्तु सहायक अर्थात पवित्र आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।
यूहन्ना 14:27 मैं तुम्हें शान्‍ति दिए जाता हूं, अपनी शान्‍ति तुम्हें देता हूं; जैसे संसार देता है, मैं तुम्हें नहीं देता: तुम्हारा मन न घबराए और न डरे।
यूहन्ना 14:28 तुम ने सुना, कि मैं ने तुम से कहा, कि मैं जाता हूं, और तुम्हारे पास फिर आता हूं: यदि तुम मुझ से प्रेम रखते, तो इस बात से आनन्‍दित होते, कि मैं पिता के पास जाता हूं क्योंकि पिता मुझ से बड़ा है।
यूहन्ना 14:29 और मैं ने अब इस के होने से पहिले तुम से कह दिया है, कि जब वह हो जाए, तो तुम प्रतीति करो।
यूहन्ना 14:30 मैं अब से तुम्हारे साथ और बहुत बातें न करूंगा, क्योंकि इस संसार का सरदार आता है, और मुझ में उसका कुछ नहीं।
यूहन्ना 14:31 परन्तु यह इसलिये होता है कि संसार जाने कि मैं पिता से प्रेम रखता हूं, और जिस तरह पिता ने मुझे आज्ञा दी, मैं वैसे ही करता हूं: उठो, यहां से चलें।   

एक साल में बाइबल: 
  • 2 इतिहास 21-22
  • यूहन्ना 14